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Saturday, 12 October 2019

16:09

जन हित एकता संगठन की मासिक बैठक संपन्न बैठक का एजेंडा रहा भ्रष्टाचार और प्रदूषण मुक्त भारत





बाराबंकी। 12 अक्टूबर भ्रष्टाचार एवं प्रदूषण मुक्त कराने हेतु जनहित एकता संगठन मासिक बैठक शहर के मोहल्ला जसवन्त नगर में दिनेश सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुयी।
उक्त बैठक में ब्लाक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, तहसील अध्यक्ष व उपाध्यक्षों ने समस्याओं को रखा। बैठक को सम्बोधित करते हुए श्री सिंह ने कहा सरकारी दफ्तरों में व्याप्त भ्रष्टाचार को मुक्त कराने व अन्य जनसमस्याओं के मुद्दांे को शासन प्रशासन को अवगत कराया। तहसील हैदरगढ़ क्षेत्र के ग्राम ककरहा में पुराने टायरों से तारकोल बनाने की फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित की जा रही है। उक्त के सम्बन्ध में क्षेत्रवासियों ने उच्चाधिकारियों को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया क्षेत्रीय अधिकारियों की मिलीभगत से फैक्ट्री चल रही है व सम्पूर्ण उ0प्र0 व जनपद बाराबंकी के ब्लाक स्तरीय गांव कस्बों में परियोजना निदेशक की मिलीभगत से ग्राम पंचायत अधिकारियों व पंचायत मित्रों तथा ग्राम प्रधानों द्वारा प्रधानमंत्री आवास व स्वच्छ भारत मिशन शौचालय पात्र व्यक्तियों के स्थान पर अपात्र व्यक्तियों से सुविधा शुल्क लेकर आवंटन किये है। भ्रष्ट अधिकारियों के काले कारनामों की जांच करवाकर अपात्र व्यक्तियों से रिकवरी कराकर पात्र व्यक्तियों को आवंटन कराया जाये। वर्ष 2001 जनवरी से अब तक की सम्पूर्ण उ0प्र0 व बाराबंकी में ब्लाक स्तरीय गांव कस्बों में कराये गये विकास कार्यां की जांच करायी जाये तथा चारागाह, खलिहान, सरकारी भूमि तालाबों पर भू-माफियों द्वारा किये गये अवैध कब्जों को मुक्त कराया जाय। संगठन के संस्थापक/अध्यक्ष अकबर शाह ने केन्द्र सरकार व प्रदेश सरकार को अवगत कराया उ0प्र0 से बिहार तक नदियों/समुद्र के किनारे रह रहे बाढ़ पीड़ितों को ऊँचे स्थान पर बसाया जाये जिससे हमेशा स्थाई सस्याओं का समाधान हो सके। स्वास्थ्य विभाग व शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम लगायी जाय तथा मुख्यमंत्री पोर्टल पर जनता द्वारा की जा रही शिकायतों का क्षेत्रीय अधिकारी फर्जी निस्तारण कर देते है व अधिकारियों से जनता द्वारा मांगी गयी जनसूचना समय से देने में हीला हवाली करते है यदि देते है तो गलत देते है। शहर के मोहल्ला ककरिया/बनवा में अवैध संचालित कचरा से बिजली उत्पादन फैक्ट्र की गाड़ियां प्रस्तावित मार्ग से न ले जाकर आबादी के अन्दर से कचरा ले जाती है रास्ते भर गिरता जाता है उक्त रास्ते में मन्दिर/मस्जिद आदि धार्मिक स्थान है आने जाने वालों को असुविधा होती है तत्काल रोक लगायी जाये। बाढ़ खण्ड द्वारा जमुरिया नदी की सफाई मंे लाखों खर्च किये गये घोटालों की जांच करायी जाये तथा नदी के दोनों ओर ग्रीन बेल्ट को मुक्त कराकर पेड़ पौधे लगाये जाय। अन्त में शाह ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि जनपद में धारा 144 लागू होने के कारण आन्दोलन निरस्त कर अगले माह में करने का ऐलान किया। तथा बाराबंकी सुरक्षित जैदपुर विधानसभा उपचुनाव में प्रत्याशी किसी भी दल के हो संगठन के कार्यकर्ताओं ने निर्णय लिया है कि जो लोग जिले के बाहर से आकर चुनाव लड़ रहे है उनको वोट न देने की अपील की। 
इस अवसर पर लक्षमी नारायण यादव, सुहेल भाई, रवीन्द्र कुमार वर्मा, अमर नाथ, राजेश यादव, रामआधार चौहान, राम सिंह चौहान, जवाला प्रसाद, कृष्ण कुमार वर्मा, बीपी सिंह, अब्दुल कादिर, मोहम्मद इलियास, मोहम्मद रईस, रमेश प्रजापति आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


लक्ष्मी नारायन यादव

Wednesday, 9 October 2019

22:59

करंट की चपेट में आने से हुई मौत

बाराबंकी ।रामसनेहीघाट 10अकटूबर2019। तहसील रामसनेहीघाट क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा अशरफ पुर निवासी मनोज गौतम पुत्र माता प्रसाद गौतम उम्र लगभग 35 वर्ष ने आज सुबह माइक का हरण पेड़ पर चढ़कर खोल रहे थे ऊपर से 11000 की लाइन निकली हुई थी जिसमें पेड़ की टहनी छू जाने से उक्त पेड़ में पूरी तरह से करंट फैल गया। और  मनोज कुमार  करंट कि चापेट मे आगये।तथा अचेत हो गये। ऐसी स्थिति में लोगों ने तुरंत उपचार के लिए उन्हें सीएचसी मवई जनपद अयोध्या में भर्ती कराया ।जहाँ पर डॉक्टर ने उनका चेकअप व ट्रीटमेंट किया ।तो ज्ञात हुआ कि वह मृतक हो चुकेहैं। जिसके लिए स्थानीय अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा अधिकारीडाकटर रबिकांत ने तुरंत थाना अध्यक्ष मवई को इसकी सूचना दिया। जिस पर वहां से स्थानीय उपनिर्रीक्षक अनूप कुमार सिंह मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेते हुए पीएम के लिए लिखा पढ़ी करके भेज दियाहै।

Friday, 30 August 2019

00:50

टिकैत नगर में खेत की रखवाली कर रहे किसान पर आवारा सांड का हमला किसान की मौत

टिकैत नगर - बाराबंकी आवारा जानवरों ( सांड़ो) के कारण आऐ दिन घटित होती है गंभीर घटनाएं। जिस के कारण आज एक गरीब किसान की आवारा सांड़ के हमले के कारण जान चली गई। यह घटना आज सुबह की लगभग चार पांच बजे की है जब ननकू कोरी पुत्र स्व बाबादीन  निवासी भवनियापुर मजरे बनगांवा अपने खेत की रखवाली के लिए अपने खेत जा रहा था तभी उसे आवारा सांड के द्वारा हमला कर मरणासन्न कर दिया घटना की जानकारी होने पर ग्रामीणों के द्वारा तत्काल टिकैत नगर सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया किंतु डाक्टरों के द्वारा पीडित का प्राथमिक उपचार के बाद बाराबंकी रेफर किया गया जैसे ही परिजनों के द्वारा अस्पताल से बाहर आते समय ही पीडित की मौत हो जाती हैं जिस पर ग्रामीणो द्वारा शव को सडक पर रखकर कर बी डी ओ दरियाबाद व प्रशासन के विरूद्ध नारे बाजी सुरू कर देते है जिस पर इस घटना को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस के अधिकारियों के द्वारा अपने उच्च अधिकारियों को घटना की तत्काल सूचना देकर मामले की गंभीरता से अवगत कराया जिसके उपरांत राम सनेही घाट C O और  उप जिला अधिकारी के द्वारा घटना स्थल पर पहुंच कर पीडित परिवार को हर संभव मदद  का आश्वासन देने के पश्चात शव को मुख्य मार्ग से हटवाया गया तब जाके  मुख्य मार्ग का आवागमन सुरू हो सका। उत्तर प्रदेश राज्य मे आयें दिन ऐसी घटनाओं से न जाने कितने निर्दोष लोगों की जान जा चुकी है किंतु राज्य सरकार के सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को इस समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए ताकि नागरिकों को सुरक्षित माहौल मिल सके और आवारा जानवरों के लिए उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सके ताकि ऐसी घटनाओं से जन हानी न हो। जिले में व नगर पंचायत व गांव में जगह-जगह आवारा जानवरों के कारण नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हो रहा है जिस कारण आवारा सांड़ो के लड़ने व हमले से कई निर्दोष नागरिको की जान जा चुकी है।ऐसी स्थिति में राज्य सरकार को व संबधित क्षेत्र के प्रशासनिक अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की जरुरत है जिससे आम जनमानस मे सरकारों के प्रति विश्वास कायम रहे।
चमन कौशल (पत्रकार)
(RTI ACTIVIST)
(Lic ADVISAR)

Tuesday, 20 August 2019

19:42

देश में बढ़ती विस्फोटक जनसंख्या वृद्धि पर विशेष लेख

साथियों,यह कहना सही है कि संतान ईश्वर की देन होती है और बिना उसकी इच्छा के संतान नहीं पैदा होती है।जिसके संतान नहीं होती है उसका मुंह देखना पाप समझा जाता है। इसके बावजूद यह भी सही है कि संतान उत्पत्ति में ईश्वर के साथ-साथ  माता-पिता का भी महत्वपूर्ण योगदान एवं भूमिका होती है क्योंकि अगर माता-पिता न चाहे तो भगवान के चाहने पर भी संतान की उत्पत्ति नहीं हो सकती है। यह भी सही है कि कुल खानदान अथवा ड्यौढ़ी को आगे भी कायम रखने के लिए वंश अथवा संतान की जरूरत होती है।यही नहीं वृद्धावस्था में सेवा करने और मरने के बाद अंतिम संस्कार करने के लिए भी संतान जरूरी होती है। लेकिन ड्यौढ़ी चलाने के लिए वंश वृद्धि की भी एक सीमा होती है। हर चीज की एक सीमा होती है और जब वह सीमा टूट जाती है तो उसके परिणाम भयंकर होने लगते हैं क्योंकि अति किसी भी चीज की अच्छी नहीं होती है। संतान जब मतलब से ज्यादा हो जाती हैं तो कृष्ण भगवान के पुत्र जैसे बनकर अनियंत्रित हो जाते हैं और उन्हें समाप्त करना जरूरी हो जाता है। संतान अधिक होने पर वह कौरव बन जाते हैं जिन के विनाश के लिए भगवान को महाभारत की रचना ही नहीं बल्कि खुद मनुष्य रूप में लीला करनी पड़ती है।आज से चार दशक पहले आज की आधी भी आबादी देश की नही थी और तब कहा जाता था कि -" होते हैं घर में अच्छे दो या तीन बच्चे"।वैसे जितनी कम संतान होती हैं उतना कम बंटवारा पिता की सम्पत्ति अथवा मकान आदि में होता है।एक एक बीघा जमीन हैं और एक संतान है तो वह लम्बे समय तक खंडित नहीं होती है और यथावत बनी रहती है।संतान उत्पत्ति के समय पिता को आने वाली संतान के भविष्य का भी ध्यान रखना जरूरी होता है।पहले लोग घर के बाहर पिता के साथ सोते रहते थे और मौका निकाल कर आँख बचाकर अपनी पत्नी के पास जाते थे लेकिन इधर रहन सहन में जब
व्यापक बदवाल हो गया है।अब शादी के बाद से ही ससुराल से मिला बेड पहले से निश्चित कमरे में रिजर्व होने लगा है और सभी अपने अपने कमरे में रहने लगे हैं।अधिकांश लोग प्यार मोहब्बत करने के नाम पर नशे के अधीन होने लगे है जो संतान वृद्धि में सहायक बन रहा है।सरकार परिवार नियोजन के नाम दशकों पहले से कम संतान सुखी परिवार का नारा देते हुए नसबंदी एवं गर्भनिरोधक दवाओं का वितरण करा रही है और करोड़ों अरबों रूपये सालाना खर्च कर विभिन्न माध्यमों से लोगों को समझाया जा रहा है।इसके बावजूद हमारे देश के कुछ लोग आँख मूंदकर परिवार वृद्धि करने में रात दिन संलग्न हैं। कुछ लोगों ने जैसे अपने जीवन का मुख्य लक्ष्य ही बच्चा पैदा करने का बना लिया है और वह रातदिन गिनती बढ़ते रहते हैं।देश में रोजाना जितने लोगों की मृत्यु होती है उससे काफी ज्यादा पैदा हो जाते हैं।हमारे देश के तमाम लोगों के तथाकथित प्यार के चलते आज हमारी  जनसंख्या डेढ़ करोड़ के करीब पहुंचने वाली है। दुनिया में हम चीन के बाद दूसरे नम्बर की आबादी वाले देश बन गये हैं और अनुमान लगाया जा रहा है कि अगर संतान वृद्धि इसी रफ्तार से होती रही तो हमारा देश कुछ ही समय में जनसंख्या के मामले में दुनिया के सिरमौर हो जायेगा।बढती आबादी का परिणाम है कि आज देश में रोटी रोजी एवं मकान की समस्या बढ़ने लगी है और नदी तालाब सुरक्षित सरकारी भूमि पर लोगों को अपना आशियाना बनाना पड़ रहा है।जो आज से पांच दशक पहले सौ बीघे का जमींदार था आज उसके वंशज के पास दस पांच बीघा रह गयी है और जो परिवार नियोजित कर ले गये है उनके परिवार के लोग आज भी दो चार हेक्टेयर के जमीदार हैं।अत्यधिक संतान पैदा करने का मतलब अपने कुल के भविष्य एवं अपनी मान मर्यादा को अपने आप समाप्त करने जैसा होता है।स्थिति इतनी भयावह हो गयी कि हमारे देश के मुखिया प्रधानमंत्री मोदी जी को आजादी के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से इस ज्वलंत समस्या का जिक्र करके चिंता व्यक्त करते हुये इस पर विशेष ध्यान देने की बात कहनी पड़ी।सरकार को जो कार्य दशकों पहले करना चाहिए वह दशकों के बाद करने पर विचार किया जा रहा है जो देश के भविष्य के लिए जरूरी है।जनसंख्या विस्फोट होने से देश को बचाना सरकार का दायित्व होता है क्योंकि जनसंख्या वृद्धि से देश में रोजी रोटी मकान की समस्या पैदा होती है।जनसंख्या नियन्त्रण के लिये विशेष कानून बनाने की जरूरत है क्योंकि समझाने का समय समाप्त हो गया है।धन्यवाद।। सुप्रभात/वंदेमातरम/गुडमार्निंग/नमस्कार/अदाब/शुभकामनाएं।।ऊँ भुर्भुवः स्वः------/ऊँ नमः शिवाय।।।

भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी।