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Thursday, 2 January 2020

06:54

क्या आप जानते हैं सीडीएस के पद की क्यों पड़ी देश को इसकी जरूरत


*जानिए, क्या होंगे CDS के काम?,*
*क्यों पड़ी देश को जरूरत-के सी शर्मा*

जनरल बिपिन रावत देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) होंगे। सीडीएस थल, जल और वायु, तीनों सेनाओं की तरफ से रक्षा मंत्री के सलाहकार होंगे।

देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) की घोषणा हो गई है। जनरल बिपिन रावत इस पद को संभालेंगे। सीडीएस थल, जल और वायु, तीनों सेनाओं की तरफ से रक्षा मंत्री के सलाहकार होंगे। उनके सामने देश की तीनों सेनाओं में साझी सोच विकसित करने और उन्हें एकीकृत तरीके से ऑपरेशनों को अंजाम देने में सक्षम बनाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। सीडीएस भारतीय सेनाओं में स्वदेशी साजो-सामान का उपयोग बढ़ाने का भी दायित्व होगा। सीडीएस के और क्या काम होंगे और सरकार को इसकी जरूरत क्यों पड़ी, यहां जानिए...

1. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 24 दिसंबर को सीडीएस पोस्ट और इसके चार्टर व ड्यूटीज को मंजूरी दे दी थी। पीएम मोदी ने 15 अगस्त के अपने भाषण में सबसे पहले इसका जिक्र किया था।

2. बिपिन रावत के लिए रक्षा मंत्रालय ने सेना नियमों, 1954 में कार्यकाल और सेवा के नियमों में संशोधन किया है। अब सीडीएस या ट्राई-सर्विसेज प्रमुख 65 साल की आयु तक सेवा दे सकेंगे। पहले तीन सेवाओं के प्रमुख 62 साल की आयु तक या तीन साल तक सेवा दे सकते थे।   बिपिन रावत फिलहाल 61 साल के हैं।

क्यों पड़ी जरूरत?
3. करगिल युद्ध के दौरान सामने आई खामियों से सीख लेकर इसका फैसला लिया गया। ऐसा तीनों सेनाओं के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए किया गया है। केवल चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ का पद सृजित करने का लक्ष्य नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सांस्थानिक सुधारों का लक्ष्य है।

1999 के करगिल युद्ध के मद्देनजर देश की सुरक्षा प्रणाली में खामियों की समीक्षा के लिए बनाई गई समिति ने रक्षा मंत्री के एकीकृत सैन्य सलाहकार के रूप में सीडीएस की नियुक्ति का सुझाव दिया था।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की भूमिका और दायित्व क्या होंगे?
4. सीडीएस रक्षा मंत्री के लिए प्रधान सैन्य सलाहकार की भूमिका निभाएंगे। तीनों सेनाओं के प्रमुख भी अपनी-अपनी सेनाओं से संबंधित सलाह रक्षा मंत्री को पहले की तरह ही देते रहेंगे। सीडीएस के पास तीनों सैन्य प्रमुखों समेत कोई मिलिट्री कमांड नहीं होगा। सीडीएस तीनों सैनाओं के विभिन्न संगठनों का प्रशासक होगा। सीडीएस संबंधित अथॉरिटीज को तीनों सेनाओं की जानकारियां उपलब्ध कराएगा। वह डिफेंस ऐक्विजीशन काउंसिल और डिफेंस प्लानिंग काउंसिल के सदस्य होगा।

5. पहला सीडीएस अपना कार्यभार संभालने के तीन वर्षों के अंदर तीनों सेनाओं के अंदर ऑपरेशन, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसपोर्ट, ट्रेनिंग, सपॉर्ट सर्विस, कम्यूनिकेशन, रिपेयर्स, मेंटनेंस आदि में साझापन लाएगा। मिलिट्री इन्फ्रास्ट्रक्चर का समुचित उपयोग सुनिश्चित करेगा और इसे रैशनलाइज करेगा। स्वदेशी औजारों की हिस्सेदारी बढ़ाएगा। इंटिग्रेटेड कपैबिलिटी डिवेलपमेंट प्लान को सुनिश्चित करने के क्रम में पंचवर्षीय डिफेंस कैपिटल ऐक्विजिशन प्लान और दो वर्षीय रोल ऑन ऐनुअल ऐक्विजिशन प्लान का लागू करेगा।

6. अनुमानित बजट के मुताबिक सेनाओं के अंदर कैपिटल ऐक्विजीशन के प्रस्तावों की प्राथमिकता तय करना। सक्षम अथॉरिटी के विचार के लिए सैन्य मामलों पर स्ट्रैटिजी पेपर्स तैयार करेगा। सैन्य बलों की मारक क्षमता बढ़ाने के लिए तीनों सेनाओं के कामकाज में सुधार लाना। सीडीएस औपनेविशक विरासत में मिले कुछ प्रक्रियाओं की पहचान कर उसे दूर करेगा। रैंक और फाइल में विश्वास और भरोसा पैदा करेगा।

7. चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स के प्रमुख होंगे। यह विभाग चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) को अपनी भूमिका/कार्यों को पूर्ण करने में सक्षम बनाएगा इस विभाग में हर स्तर पर नौकरशाह और सैन्य अधिकारी, दोनों होंगे। विभाग सैन्य साजो-सामान की खरीद, सैन्य बलों के प्रशिक्षण और नियुक्तियों में तीनों सेनाओं की जरूरतों के मद्देनजर फैसले लेगा।

8. यह ऑपरेशनों में साझापन लाकर संसाधनों के समुचित इस्तेमाल के लिए मिलिट्री कमांड्स की रीस्ट्रक्चरिंग करेगा। इसके लिए जॉइंट/थिएटर कमांड्स स्थापित भी स्थापित किए जाएंगे। विभाग स्वदेशी हथियारों एवं अन्य सैन्य साजो-सामानों का इस्तेमाल को बढ़वा देगा।

9. सीडीएस की एक दूसरी भूमिका भी होगी। वो चीफ ऑफ स्टाफ कमिटी के स्थाई अध्यक्ष होंगे। इस भूमिका में उन्हें इंटिग्रेटेड डिफेंस स्टाफ से मदद मिलेगी।

चुनाव की प्रक्रिया क्या
10. सरकार ने पहले ही बताया था कि कोई फोर स्टार जनरल सीडीएस के पद पर होगा। यह आर्मी, नेवी या एयरफोर्स किसी से भी हो सकता है। सीडीएस के पद से हटने के बाद उसे किसी भी सरकारी सेवा में जाने का अधिकार नहीं होगा। वह सीडीएस का पद छोड़ने के पांच साल बाद ही कोई प्राइवेट सर्विस जॉइन कर सकता है। इसके लिए उसे सरकार से पूर्वानुमति लेनी होगी।
06:43

युवक मंगल दल के संयोजक राजकुमार यादव ने हजारों जरूरतमंदों को बांटे कंबल



युवक मंगल दल के संरक्षक वरिष्ठ समाजसेवी व जिलापंचायत सदस्य राजकुमार यादव ने सुकृत स्थित बैजू बाबा आश्रम में एक हजार जरूरतमन्दों को कम्बल वितरण कर उनको भोजन कराया।श्री यादव ने कहा कि विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी कैलेंडर वर्ष के सुरुआत में गरीबो असहायों व बुजुर्गों की सेवा के क्रम में आज कम्बल वितरण व भण्डारे का आयोजन किया गया।उन्होंने कहा कि जरूरतमन्दों, असहाय व गरीबो की सेवा कर मानव जीवन को सार्थक करने का प्रयास किया जा रहा है और कहा कि आगे भी इस तरह के कार्यक्रमो का आयोजन किया जाएगा।युवक मंगल दल के जिलाध्यक्ष सौरभ कांत पति तिवारी व जिलाउपाध्यक्ष रजनीश कुमार पाण्डेय ने कहा कि निश्च्य ही हमारे संरक्षक राजकुमार जी के द्वारा लगातार सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जाता है।गरीब कन्याओं की शादी हो या गर्मी के महीनों में चालीस गांवों को निशुल्क पानी पिलाना हो सभी कार्यों में संरक्षक जी का अमूल्य योगदान रहता है।सामाजिक कार्यकर्ता रामभुवन यादव एंव जिलामहामंत्री नागेन्द्र मोदनवाल ने कहा कि जल पुरुष व पानी वाले बाबा के नाम से विख्यात राजकुमार जी द्वारा आज जो इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया निश्च्य ही अत्यन्त सराहनीय है,गरीब असहाय वृद्ध,विकलांग व विधवाओं को कम्बल वितरण व भोजन कराकर आज जो सेवा की गई निश्च्य ही ये बधाई के पात्र है।संचालन रामकेश पनिका ने किया।उक्त अवसर पर रिंकू सिंह,मनोज कुमार दीक्षित,राहुल सिंह साजन,रोहित चौहान,अशोक यादव,रमेश यादव,महावीर यादव,राजेश,संदीप,चंदन,अमित सोनकर,जगदीश भारती, राजू,सोनू पाल, विनय कुमार,आदि लोग उपस्थित रहे।

Wednesday, 25 December 2019

00:45

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका के सी शर्मा की कलम से




जो देश सही दिशा में अपने युवाओं का उपयोग करते हैं, वे अधिक विकसित होते हैं।
 युवाओं के मन की ऊर्जा और चमक एक राष्ट्र के लिए मशाल-वाहक के रूप में कार्य करती हैं।
इसके विपरीत, जो देश  युवा को जीवन के हर विभाग में पीछे कर देते है वे विफल होते है।
 यह भारत के पिछड़ेपन के कारणों में से एक है।
विकसित देश अपनी कीमत से पूरी तरह वाकिफ हैं।

वे अपने युवाओं को एक परिसंपत्ति के रूप में मानते हैं। सबसे महत्वपूर्ण, जो देश अपने युवाओं की जरूरतों को पूरा करते हैं और उन्हें शिक्षा, रोजगार, मनोरंजक गतिविधियां आदि उपलब्ध कराते हैं।
ऐसे स्वस्थ और प्रतिस्पर्धी वातावरण के माध्यम से ही युवाओं को देश का नेतृत्व करने के लिए तैयार करना चाहिए। यदि युवा सही दिशा में नहीं है और राष्ट्र के भविष्य के बारे में उदासीन है तो यह राष्ट्र के लिए एक बोझ बन जाएगा।

युवा जाति, रंग, भाषा और लिंग के आधार पर भेदभाव, गरीबी, बेरोजगारी, असमानता और आदमी के द्वारा मनुष्य के शोषण से मुक्त विश्व चाहते हैं।

हमारी आबादी का एक प्रमुख हिस्सा गठित करने के बावजूद हमारे युवा हर क्षेत्र में पीछे हैं। उनके पास देश की प्रगति में खेलने की प्रमुख भूमिका है लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण वे आज के समाज में कई नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
उन्हें पहचान के संकट, आत्मविश्वास, कम आत्मसंमान की कमी, निराशा, नैतिक मुद्दों और भविष्य के विषय में अस्पष्टता की भावना से पीड़ित किया जाता है।
 वे हिंसा और ड्रग्स द्वारा चिह्नित संस्कृति में फंस गए है।

यदि इन युवकों को अपनी प्रतिभा का व्यायाम करने का अवसर नहीं दिया जाए तो यह मानव संसाधन का बड़ा अपव्यय होगा।
नस्लवाद दुनिया भर में चल रहा एक अहम मुद्दा है। धर्म एक और मुद्दा है। हम सब एक है और हमें इन छोटे मतभेदों के कारण एक दूसरे से दूर नहीं होना चाहिए। अपराध और हिंसा को रोकने की जरूरत है।

दुनिया की लगभग २५ प्रतिशत आबादी युवा है।
इस तरह जनसंख्या का एक बड़ा भाग राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हालांकि, यह महत्वपूर्ण है कि युवाओं के विचारों और राय की स्वतंत्रता का व्यायाम हो।
 उन्हें अपने विचारों को साझा करने और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के लिए सही मंच मिलना चाहिए।

तीन प्रमुख तत्व हैं, जो एक राष्ट्र की प्रगति की दिशा में योगदान देते हैं।
 *ये हैं- शिक्षा, रोजगार और सशक्तिकरण*!

एक राष्ट्र एक स्थिर गति से विकसित होता है, जब देश के युवा शिक्षित होते हैं और उनकी शिक्षा को सही उपयोग में रखा जाता है। हमारे देश में अधिकांश युवक अशिक्षित हैं।
 अतः, अशिक्षा हमारे राष्ट्र की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है।
हमारे देश की निरक्षर आबादी हमारे राष्ट्र की प्रगति में बाधा डालती है।
हमारे देश की सरकार को उन्हें सही शिक्षा प्रदान करने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे।
राष्ट्र के बेरोजगार युवकों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी बहुत जरूरी है। रोजगार के अवसरों का अभाव सामाजिक अशांति को जन्म दे सकता है

Wednesday, 11 December 2019

06:58

देश में बढ़ती बलात्कार की घटनाएं दुखद -के सी शर्मा



  आज हमारे देश और समाज में रेप की घटनाएं दिनों दिन बढ़ती जा रही है।सरकार ने रेप केस में दोषी पाये जाने वाले लोगों के लिए कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रावधान भी बनाया है।लेकिन फिर भी ये घटनाएं रुकने का नाम ही नही ले रहीं है।दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।एक आंकड़े के अनुसार 96 फीसदी बलात्कार घर की चारदीवारी के भीतर होते हैं। कानून कभी इसमें दखल नहीं दे पाता। इसे कानून से नियंत्रित भी नहीं किया जा सकता।जीवन की भौतिकता, रहन-सहन, नैतिक मूल्यों की अनदेखी, इस समस्या की जड़ है।

 अचानक अपराधों का गढ़ बन चुके उत्तर प्रदेश के उन्नाव में महिला अपराध चरम पर हैं।

पूरे प्रदेश में अपराधी खुलेआम पुलिस और कानून को चुनौती दे रहे हैं।
इनका इतना दुस्साहस कि कि उन्नाव में पीड़िता को मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाया, तैयार नहीं होने पर लाठी डंडों से पीट मिट्टी का तेल डालकर जिंदा जला दिया।कभी कोई सामान्य आदमी इतना दु‌ष्कर्मी नहीं हो सकता, मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति ही यह नीच कर्म कर सकता है।दुर्भाग्य से इस साल जनवरी से नवंबर तक सिर्फ उन्नाव जिले में 86 रेप की घटनाएं हो चुकी हैं। महिलाओं के साथ छेड़छाड़ के 185 मामले सामने आए हैं।

       देश में लड़कियों और महिलाओं पर हो रहा अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहा है।हैदराबाद में कुछ दिन पहले एक पशु डॉक्टर का गैंगरेप कर उसे जिंदा जला दिया गया।
तब से देश भर में अनेक घटनाएं सामने आ रही है।ताजा मामला मेरठ के एक मदरसे का है। यहां पढ़ाने वाले एक शिक्षक ने ही बच्ची से रेप किया और बाद में मौके से फरार हो गया।
 बच्ची की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया।

बीते कुछ दिनों में यूपी में बच्चियों के साथ रेप की यह कोई पहली घटना नहीं है।
दर्ज मामलों की बात करें तो केवल उन्नाव एक जिले में बीते दस दिनों में बच्चियों से दरिंदगी की यह 10वीं वारदता है तो सहज ही अंदाज लगाया जासकता है कि पूरे सूबे की हालत कितनी बुरी हो गयी है।
 इस तरह का पहला मामला 30 मई को  सूबे के टप्पल,अलीगढ़ में सामने आया था।

जहां ढाई साल की बच्ची से रेप के बाद उसे मार दिया गया, इसके बाद चार जून को मेरठ में नौ साल की बच्ची से पहले रेप और बाद में उसकी हत्या कर दी गई,
पांच जून को बाराबंकी में एक पड़ोसी आठ साल की बच्ची से रेप किया,
 वहीं सात जून को बरेली में एक आठ साल की बच्ची रेप की घटना सामने आई,
इसी तरह आठ जून को वाराणसी में दस साल की बच्ची से रेप की शिकायत दर्ज कराई गई, इसी तरह आठ जून को हमीरपुर में 11 साल के बच्ची से रेप के बाद उसकी हत्या कर दी गई, आठ जून को ही जालौन में सात साल की बच्ची से रेप की घटना हुई।

यूपी में हो रही एक के बाद एक घटनाओं ने राज्य में कानून व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है।

कानून व्यवस्था के मामले में सरकार अपने सिस्टम से जानकारी एकत्र करती है।
 लेकिन वह प्रर्याप्त नहीं होता क्योंकि सत्तर प्रतिशत मामले पंजीकृत ही नहीं होते हैं।

 सरकार के पास विधायक, सांसद व पार्टी कार्यकर्त्ताओं का भी अपना तंत्र होता है जो वर्तमान में लगभग ध्वस्त सा हो गया है।

 सरकार को शिर्फ सरकारी मुलाजिमों पर ही निर्भर है। जिनसे सही व निष्पक्ष जानकारी की कल्पना नहीं की जा सकती। उत्तर प्रदेश जैसे विशाल राज्य में पूर्णकालिक गृहमंत्री की जरूरत है।

कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली से नाराज़ निवेशकों की नाराज़गी प्रदेश सरकार के सपनों को पलीता लगा सकतें हैं।

Monday, 9 December 2019

07:35

प्याज की आग से सुलगता देश के सी शर्मा की कलम से



*प्याज की आग-के सी शर्मा*

 इस देश की जनता का एक बड़ा वर्ग अपने पसंदीदा हीरो की फिल्मों का 200 से 500 करोड़ का मुनाफा करवा सकती है।

 लेकिन प्राकृतिक आपदा और कम उत्पादन के कारण प्याज़ को 80 से 100 रु में खरीद नहीं सकती।

 जबकि मल्टीप्लेक्स में 200 रु में एक छोटे पैकेट में मिलने वाले पॉपकॉर्न बड़ी आसानी से खरीद लेंगे।

 वहां स्टेट्स के सवाल जो रहता है, ओमेटे-झोमेटो से महंगे पिज़्ज़ा बर्गर खाने वाले  TV न्यूज़ चैंनलों में ऐसे ही लोग विरोध कर रहे है  गले में प्याज़ की माला पहनें हुए है लेकिन वो प्याज़ की माला किसी उस झोपड़ी वाले गरीब को नहीं दे सकते जो वास्तव में प्याज नहीं खरीद सकता।

 अजब-गजब है अभी सभी मोबाइल नेटवर्किंग कम्पनियों ने 40 से 50 प्रतिशत भाव बढ़ाये लेकिन मज़ाल है किसी ने मोबाइल गले में डालकर विरोध दर्ज करवाया हो आखिर क्या है माज़रा सिर्फ प्याज़ के बड़े भाव का।

 वैसे देशवासियों को इतना करना चाहिए कि अब इस प्याज का प्रयोग कुछ दिनों के लिए बंद करते ताकि जो जमाखोर प्याज का स्टॉक बनाकर बैठे हैं उनका नुकसान हो और आगे से वापस इस तरह की समस्या न तैयार हो।

 हर बार प्याज को लेकर बवाल होता है और जनता को बेवकूफ बनाया जाता है...मीडिया वालों को अच्छी TRP मिल जाती है और इन्हीं बातों से प्याज की रेट भी बेचने वाले बढ़कर बेचते हैं क्योंकि उनको बहाना मिल जाता है।

 जनता समझदार बने और इन सभी को मजा चखाए सारा मसला सदा के लिए खत्म हो जाएगा...प्याज खाना कोई अत्यंत आवश्यक नहीं...केवल २ काम कीजिए :-

१- ऐसी कमी के समय (जब जमाखोर प्याज दबाकर बैठ जाते हैं और रेट बढाते हैं ) तजा प्याज खरीदें ताकि किसानों का सामान बीके और जमाखोरों का प्याज सड़े (इससे थोड़ा असर तो पड़ेगा )।

२- यदि प्याज महँगा है तो थोड़े दिन प्याज खाना बंद कर दीजिए (ये टेक्निक हर सामान पर आजमाई जा सकती है ) जब मांग कम होगी तो अपने आप प्याज की रेट नीचे आएगी।

 १०० की एक बात ये है कि प्याज कभी कम नहीं होता ये जमाखोर दबाकर बैठ जाते हैं ताकि महंगे दामों में बेच सकें और मोटा मुनाफा कमा सकें...इसलिए इन्हें सबक सिखाना जरूरी है।

Wednesday, 4 December 2019

19:56

शैक्षणिक अमले में प्रशासनिक स्थानांतरण के तहत किए गए स्थानांतरण पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक


15 नवंबर २०१९ को स्थानांतरण में प्रतिबंध को शिथिल किया गाय जिसके तहत अनाप सनाप झुंड के झुंड बिना , परिपत्र दिनांक 22-6-19  जिक्र करते हुए प्राथमिक शिक्षक ,माध्यमिक शिक्षक,सहायक शिक्षक,उच्च श्रेणी शिक्षक,का स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया,जिसमे कई शिक्षकों के अधिवक्ता राजेश दुबे के मार्फ़त हाईकोर्ट जबलपुर में रिट याचिका दायर कर स्थानांतरण स्टे की माग करी,जिसमे सबके अलग अलग आधार पर याचिका दायर कि है जिनमे श्रीमती मीना राय सहायक शिक्षक पाठक वार्ड बिना जिला सागर,जिनमे इस आधार पर स्टे जारी किया गया की छात्र शिक्षक अनुपात से अतिषेश कोई नहीं है,तथा विधवा को स्थानांतरण में छूट है ,स्टे जारी हुआ,
 *हिंदी शिक्षक को सामाजिक विज्ञान बनाकर किया गया स्थनतारण पर भी रोक लगाई*
सिंगरौली जिला से दयाराम अहिरवार को हिंदी शिक्षक है जिनका स्थानांतरण सामाजिक विज्ञान विषय मानकर बालियारी वैदन जिला सिंगरौली से धिलरी ब्लाक चितरंगी १०० किलोमीटर कर दिया गया,किडनी बीमारी बीएलओ,और अजाक्स कर्मचारी संघ का सचिव के आधार पर हाईकोर्ट ने स्टे जारी कर दिया,।
 *पति - पत्नी आधार पर मिला स्टे*
प्राथमिक शिक्षक  ओरछा श्रीमती संगीता तिवारी जिनका स्थानांतरण ओरछा से सिमरा भटा पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी किया गया जिसमें पति अनुराग तिवारी भी माध्यमिक शिक्षक पदस्थ है तथा ४५%विकलांग भी है,और छात्र शिक्षक अनुपात से कोई अतीसेश नहीं , जिस आधार पर हाईकोर्ट में स्टे जारी किया।
 *नौ माह में चार ट्रांसफर पर स्टे*
छिंदवाड़ा ब्लाक बिछुआ के साहनबड़ी में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक श्रीराम आतुरकर का स्थानांतरण पिछला ट्रांसफर दिनांक १९-९-१९ को निरस्त कर सहनबड़ी से कोडिया ब्लाक बिछुआ कर दिया गया जिसमे सतत रूप से किया गया स्थनातारण का आधार दूरी१७० किलोमीटर ,के आधार पर स्टे जारी किया गया,
कोर्ट में मान की शासन के परिपत्र में १५-११-१९ से २३ -११-१९ तक सिर्फ उनका ही स्थानांतरण किया जा सकता है जिनका कोर्ट से कोई आदेश हो,गंभीर शिकायत,अटिशेश ,पदोन्नति,प्रतिनियुक्ति का मामला हो,इस तरह से किया गया स्थनात्रं में हाईकोर्ट हस्तछेप कर सकती है,।
सभी याचिकाकर्ता शिक्षकों की तरफ से अधिवक्ता *राजेश दुबे* (9424841649-9406737647) ने पैरवी की,।
09:00

कड़वे बोल मेरी कलम से पूनम चतुर्वेदी


                                       *पूनम चतुर्वेदी*


 देश मे हर दिन हर पल एक न एक वारदात होते ही जा रही है जो रूकने का नाम ही नही ले रही है ऐसा लग रहा मानो कानून नाम की कोई चीज ही नही है समझ नही आता कि दरिंदो का क्यूँ इतना मनोबल बढ रहा बहूत सारे कारण है जिसमे एक कारण जो मूझे समझ आता है वो ये भी है कि जब किसी बच्ची के साथ ये घिनौना काम होता है तो सबसे पहले वो पूलिस के पास जाती है,पर पूलिस वहा क्या करती है ,पूलिस पूछती है,कितने लोग थे,उनका नाम क्या था कैसे कपडे पहने थे गोरे थे की काले थे,अमीर थे की गरीब थे,कितने एज के थे ,और फिर शूरू होता है एक खतरनाक पोस्ट मार्टम,,पहले कहा छूवे पैरो पर जाधो पर स्तन पर या पूरे शरीर को सबसे पहले किसने किया दूसरे नः पर कौन था,जब वो कर रहे थे तो तूम चिललाई क्यू नही,तूम उस समय कहा जा रही थी अकेले क्यू थी,और क्या क्या हूवा फिर रेप करने के बाद तूमने क्या किया और वो लोग क्या किये धमकी दिये या छोड दिये,,,,,,,,इतने सवालो की बौछार उस मासूम पर होती है की वो जो बताना चाहे वो भी भूल जाती है,उसके बाद पूलिस अपना काम कर रही है कह कर मामले से अपना पल्ला झाड लेती है,और अगर वो अमीर जादे हूवे तो क्या कहने ,फिर तो सोचना पडेगा की एफ आई आर करे की नही ,और वो मासूम चूपचाप घर मे आकर दूबक जाती है एसे समाज और देश मे हम जी रहे जहा आजादी के नाम पर सिर्फ नारे लगते है आजादी है कहा,अगर होती तो आज नजारा कूछ और होता ये लडकी है ये लडका है इसको दूसरे के घर जाना है और इसे तो हमारा वंश बढाना है अरे जब बेटिया जलेगी तो खाक वंश बढाओगे, एक किडा भी पैदा न कर सकोगे पता है मेरी बाते बहूत कडवी है ,और हो भी क्यू न,मै भी एक बहन बेटी बहू पत्नि हू दर्द तो होगा मेरे घर मे लडकिया है,पर उनका क्या,जब कभी दहेज,कभी रेप,कभी एसिड कभी आग से जलती है,क्या कसूर है उनका बेटी होना एक श्राप हो गया है पैदा होते ही मायका फेक देता है ससूराल जाती है तो सास फेक देती है तो जाये कहा अरे दूष्टो एक बार तो सोचो कमिनो किसी औरत के पेट सी जन्मा है वजूद न रहेगा मर्दो का ,,,,अब इस देश का दुर्भाग्य है जो एक कानून नही बना सकते अरे राम मंदिर बना कर क्या कर लोगो जब देश मे सीता  ही सुरक्षित नही है।

Tuesday, 3 December 2019

10:59

देश में बढ़ती बलात्कार की घटनाओं पर राष्ट्रीय संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ में कड़ी निंदा कर उठाई न्याय की मांग



के सी शर्मा*
 तेलांगना राज्य के हैदराबाद में पशु चिकित्सक  के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने की वीभत्स घटना पर आल इंडिया यूनाइटेड वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन ने कड़ी निंदा की है, साथ ही (AIUWJU)के राष्ट्रीय कार्यकरी अध्यक्ष के सी शर्मा  ने इस प्रकरण पर गहरा दुख जताया है।
उन्होंने कहा कि हैदराबाद में डॉ.  की निर्मम हत्या के बारे में सुनकर मुझे बेहद पीड़ा हैं तथा गुस्सा और स्तब्ध हूं।

श्री शर्मा कहा कि  मेरा दिल उस पीड़ित परिवार और ऐसी लाखों लड़कियों के साथ है। व शासन एवं प्रशासन पर खफा होते हुए उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के मामलों को समय पर न्याय नहीं देकर हमने अपने समाज को कितना अमानवीय और असुरक्षित बना दिया है जोकि वाकई में घोर निंदा का विषय है।

  *राष्ट्रीय अध्यक्ष  रमेन्द्र पांडेय ने भी घटना की*

दैनिक आलोक के सम्पादक एवं यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेन्द्र पांडेय ने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए बोला हैं कि ऐसा कृत्य करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि लोगों को एहसास हो कि गलत काम का अंजाम क्या होता है।
 आगे उन्होंने सरकार एवं प्रशासन से मांग की कि मृतक को न्याय मिलना चाहिए व उसके परिवार को भरपूर सहयोग एवं सुरक्षा भी अनिवार्य रूप से मुहैया कराया जाए।

बताते चलें कि तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के शादनगर कस्बे में अज्ञात व्यक्तियों ने पशु चिकित्सक प्रियंका रेड्डी की कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद जलाकर हत्या कर दी।
डॉक्टर का जला हुआ शव गुरुवार को हैदराबाद-बेंगलुरू राजमार्ग पर शादनगर कस्बे के निकट चतनपल्ली पुल पर पाया गया।
  रेड्डी अपने घर से कोल्लूरू गांव में एक पशु चिकित्सालय में अपने ड्यूटी के लिए निकली थी।

साथ ही मध्य प्रदेश प्रदेश के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेश चन्द्र पांडेय ने कहा है कि केंद्र सासन को चिट्ठी लिखकर न्याय की मांग करेंगे एवं पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन करेंगे।
10:50

देश में बढ़ती बलात्कार की घटनाएं निंदनीय -के सी शर्मा



-के सी शर्मा!*

भारत में वैसे तो महिलाओं को देवी का दर्जा दिया गया है लेकिन वहीं देश में उन्‍हीं देवी समान महिलाओं के साथ बलात्‍कार जैसी घिनौनी घटनाएं हो रही हैं।
क्‍या आपने कभी सोचा है कि भारत जैसे संस्‍कारी देश में बलात्‍कार की प्रथा कहां से आई या इसे कौन लेकर आया ? भारत में बलात्कार कैसे आया ?

प्राचीन भारत के रामायण, महाभारत आदि लगभग सभी हिंदू ग्रंथों के उल्‍लेखों में अनेकों लडाईयां लड़ी गईं और जीती गईं लेकिन विजेता सेना ने कभी किसी स्‍त्री पर बुरी नज़र या बलात्‍कार जैसा प्रयास नहीं किया।

महाभारत में पांडवों की जीत हुई और लाखों सैनिक मारे गए। इस समय पांडव सैनिकों ने किसी भी कौरव सेना की विधवा स्‍त्री को हाथ नहीं लगाया।

220 से 175 ईसापूर्व में यूनान के शासक डेमेट्रियस प्रथम ने भारत पर आक्रमण किया। उसके समयकाल में भी बलात्‍कार का जिक्र नहीं मिलता है।

इसके बाद यूक्रेटीदस ने भारत पर राज किया और तक्षशिला को अपनी राजधानी बनाया। यहां भी बलात्‍कार का कोई जिक्र नहीं है।

मीनेंडर ने सिंधु के पास पंजाब और स्‍वात घाटी से लेकर मथुरा तक राज किया लेकिन उसके शासनकाल में भी कभी कोई बलात्‍कार नहीं हुआ।

सिकंदर के भारत पर आक्रमण करने पर लाखों सैनिक मारे गए लेकिन यूनानियों की सेनाओं ने किसी भी भारतीय महिला पर बुरी नज़र नहीं डाली।

इसके बाद शकों ने भारत पर आक्रमण किया। 130 ईस्‍वी से 188 ईस्‍वी तक उन्‍होंने शासन किया लेकिन इनके राज्‍य में भी बलात्‍कार का कोई उल्‍लेख नहीं है।

तिब्‍बत के सुइशि कबीले की लड़ाकू प्रजाति कुषाणों ने भी भारत के कुछ हिस्‍सों पर शासन किया लेकिन इनके इतिहास में भी स्त्रियों के साथ बलात्‍कार की कोई घटना नहीं है।

इसके बाद भारत पर हूणों ने आक्रमण किया और यहां पर राज किया। ये क्रूर तो थे परंतु बलात्‍कारी होने का कलंक इन पर भी नहीं लगा।

अब बात करते हैं मध्‍यकालीन भारत की जहां से इस्‍लामिक आक्रमण शुरु हुआ और यहीं से भारत में बलात्‍कार का प्रचलन शुरु हुआ।

सन् 711 ईस्‍वी में मुहम्‍मद बिन कासिम ने सिंध पर हमला करके राजा दाहिर को हराने के बाद उसकी दोनों बेटियों को यौन दासियों के रूप  में खलीफा को तोहफा भेज दिया।
 तब शायद भारत की स्त्रियों पर पहली बार बलात्‍कार जैसे कुकर्म से सामना हुआ था जिसमें हारे हुए राजा की बेटियों और साधारण भारतीय स्‍त्रियों का जीती हुई आक्रांता सेना द्वारा बुरी तरह से बलात्‍कार और अपहरण किया गया था।

इसके बाद 1001 में गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने के बाद उसकी सेना ने हज़ारों औरतों का बलात्‍कार किया।

बस यहीं से शुरु हुआ भारत में बलात्‍कार का प्रचलन। महिलाओं पर अत्‍याचार और बलात्‍कार का इतना घिनौना स्‍वरूप तो 17वीं शताब्‍दी के प्रारंभ से लेकर 1947 तक अंग्रेजों की ईस्‍ट इंडिया कंपनी के शासनकाल में भी नहीं दिखा।
 अंग्रेजों ने भी भारत को बहुत लूटा लेकिन कभी उनकी गिनती बलात्‍कारियों में नहीं हुई।

इतिहासकारों की मानें तो भारत में स्‍त्रियों पर अत्‍याचार और बलात्‍कार की घटना ईस्‍लामिक आक्रमण और शासनकाल के बाद हुई। आज भारत में महिलाओं की दशा बहुत खराब है और इसका कारण इस्‍लाम के शासक हैं।

Monday, 2 December 2019

18:42

रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पीरियोडिकल्स बिल 2019 के तहत समाचार वेबसाइट को भी RNI में रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य


सरकार का रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पीरियोडिकल्स बिल 2019 का ड्राफ्ट नई दिल्ली केंद्र सरकार प्रकाशन उद्योग के पंजीकरण से संबंधित अंग्रेजों के जमाने में करीब डेढ़ सौ साल पहले बने कानून के स्थान पर नया कानून लाने की तैयारी में
 है । उम्मीद है जल्द ही इसे असली जमा पहना दिया जाएगा
 इसके लिए प्रारूप ( ड्राफ्ट ) विधेयक का प्रस्ताव किया गया है । सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पीरियोडिकल्स बिल 2019 का ड्राफ्ट तैयार किया है । यह प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स एक्ट 1867 का स्थान लेगा ।जारी बिल के ड्राफ्ट पर लोगों से सुझाव मांगे गए हैं । बिल में प्रकाशन उद्योग के पंजीकरण के लिए नया प्रावधान किया गया है । नए विधेयक में वेबसाइट के लिए भी रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर ऑफ इंडिया में रजिस्ट्रेशन कराने का प्रावधान है । इससे डिजिटल मीडिया पर सरकार लगाम लगा सकेगी और फेक खबरों से राहत मिलेगी । नए कानून में प्रकाशकों के खिलाफ कड़े प्रावधानों और जिला मजिस्ट्रेट के सामने प्रकाशक - मुद्रक की घोषणा की अनिवार्यता को खत्म करने का प्रस्ताव है । इस ड्राफ्ट बिल पर नागरिकों से सुझाव मांगे गए हैं । नए विधेयक से केंद्र और राज्य सरकारें समाचार - पत्रों में सरकारी विज्ञापन जारी करने , समाचार - पत्रों की मान्यता और अन्य सुविधाओं के लिए नियम बना सकेंगी ।

Saturday, 30 November 2019

15:10

लंबी दूरी तक मार करने वाली देश की पहली रिवाल्वर लांच




(.32 बोर श्रेणी में) सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली निशंक रिवाल्वर शुक्रवार को निर्माणी सभागार में आयोजित एक समारोह में लांच की गई....

कानपुर में बनी लंबी दूरी तक मार करने वाली रिवाल्वर 'निशंक', खूबियां जानकर हैरान रह जाएंगे आप

कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में अत्याधुनिक रिवाल्वर का निर्माण किया गया है। ये अब तक सबसे ज्यादा दूरी तक मार करने वाली रिवाल्वर है। यही नहीं इसके लिये बनाया गया होल्स्टर भी फिंगर प्रिंट एक्सेस वाला है।



कानपुर। अगर आप रिवाल्वर रखने का शौक रखते हैं या आप नई रिवाल्वर लेने वाले हैं तो कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री ने .32 बोर की नई रिवॉल्वर लॉन्च की है। जो देखने में बेहद शानदार है और सबसे खास बात ये देश की पहली सबसे दूर तक फायर करने वाली रिवाल्वर है। फील्ड गन फैक्ट्री में ने इसे और सुरक्षित बनाने के लिये काफी काम किया है। साथ ही रिवाल्वर को सुरक्षित करने के लिए फील्ड गन फैक्ट्री ने एक होल्स्टर भी लांच किया है जो सिर्फ लाइसेंस धारक की फिंगरप्रिंट से ही खुलेगा।
            कानपुर की फील्ड गन फैक्ट्री में रखी इस नई-नवेली रिवॉल्वर की खेप को जिस किसी ने देखा वो देखता ही रह गया और रिवाल्वर की खूबियां देख रोमांचित हो उठा। और हो भी क्यों ना, ये अत्याधुनिक हथियारों की रेंज में से एक है। इसका नाम है 'निशंक'।

.32 बोर की इस अत्याधुनिक 'निशंक' रिवॉल्वर की मारक क्षमता की बात करें तो ये पूरे देश में फायर रेंज के मामले में अव्वल है। अभी तक जितनी भी रिवॉल्वर मार्केट में थी, उनकी मारक क्षमता अधिकतम 20 मीटर तक थी। वहीं निशंक 50 मीटर तक अपने लक्ष्य को भेद सकेगा। यही नहीं निशंक रिवॉल्वर बेहद हल्की है। इसका भार महज 750 ग्राम है जबकि इसका ट्रिगर पुल आउट भी काफी आसान है। यानी महिलाएं भी अपनी सुरक्षा के लिए इसका बखूबी इस्तेमाल कर सकेंगी।

*फिंगर प्रिंट से एक्सेस होने वाला होल्स्टर*
आज निशंक रिवॉल्वर की लॉन्चिंग के साथ साथ इस रिवॉल्वर की हिफाजत के लिए एक अत्याधुनिक कवर भी लॉन्च किया है। इस कवर का होल्स्टर है और ये पूरी तरह से फिंगर एक्सेस है। लाइसेंस धारक के अलावा जिन 4 लोगों के फिंगर प्रिंट एक्सेज होगा सिर्फ वही इस गन का इस्तेमाल कर सकेगा।
        फील्ड गन फैक्ट्री कानपुर की ये दोनों खोज बदलते दौर में किसी नायाब कीर्तिमान से कम नहीं हैं। इनके मार्केट में आने के बाद जहां सिक्योरिटी और मजबूत होगी, तो वहीं लोगों में खासकर महिलाओं में सेफ्टी का भी एहसास होगा। अगर दाम की बात की जाए तो निशंक की कीमत 94 हजार होगी तो होल्स्टर की कीमत लगभग 10 हजार होगी।

Wednesday, 27 November 2019

12:40

अब जाम छलकाना हुआ महंगा



भोपाल।  आर्थिक संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार ने तमाम प्रयासों के बाद खजाने भरने के लिए अब नया रास्ता खोज निकाला है। इसके लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने देसी और विदेशी शराब की एमआरपी (अधिकतम ब्रिकी कीमत) में पांच प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है। जिसका नोटिफिकेशन नए आबकारी आयुक्त राजेश बहुगुणा ने पदभार संभालते ही जारी कर दिया है।

शराब कारोबारियों को वेट बढ़ने के बाद से हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए शराब को महंगा करने का फैसला किया गया है। 20 सितंबर को राज्य सरकार ने पेट्रोल, डीज़ल और शराब पर पांच फीसदी की दर से वैट बढ़ाया था। जिससे शराब कारोबिरयों को जारी किए गए टेंडरों की लागत भी बढ़ गई थी। अब इसकी भरपाई के लिए सरकार ने एमआरपी पर पांच फीसदी का इजाफा करने का फैसला किया है, यह आदेश 22 सितंबर से लागू माना जाएगा।

*आर्थिक संकट से जूझ रही कमलनाथ सरकार को सिर्फ खजाना भरने से मतलब*

दरअसल, इस बार मानसून में प्रदेश में करीब 6 हज़ार करोड़ का नुकसान हुआ है। इसकी भरपाई के लिए भी कमलनाथ सरकार को मोदी सरकार से खास मदद नहीं मिली है। मानसून में हुई आर्थिक हानि को पूरा करने के लिए सरकार ने सितंबर में पांच फीसदी वैट बढ़ाया था। लेकिन इससे भी बात नहीं बनी, सरकार को अन्य संसाधनों की जरूरत है जिससे वित्तीय हालात ठीक किए जा सकें। वहीं  वैट बढ़ाए जाने से शराब कारोबारियों को भी काफी नुकसान हो रहा था। क्योंकि इस वृद्धि की राशि उनसे ही वसूली जानी है।

*प्रमुख सचिव से की थी मांग*

सरकार के इस फैसले को लेकर शराब कारोबारियों ने प्रमुख सचिव मनु श्रीवास्तव से वैट में हुई वृध्दि से राहत देने की मांग भी की थी। इसके बाद अब एमआरपी पर पांच प्रतिशत बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।श्रीवास्तव ने बताया कि वैट में जो वृद्धि की गई थी, उसी अनुपात में एमआरपी में बढ़ोतरी की गई है। इससे शराब कारोबारियों ने जिस दर पर टेंडर लिया था, उसकी लागत बढ़ गई। एमआरपी बढ़ने से शराब की कीमत पांच प्रतिशत तक बढ़ जाएगी और जो आय होगी, उससे कारोबारियों के ऊपर आए अतिरिक्त वित्तीय भार की पूर्ति हो सकेगी।

*बार-पब लाइसेंसियो की समय सीमा बढ़ाने को लेकर मांग*

मिनी मुंबई कहे जाने वाले इंदौर में पब और बार की भरमार है आबकारी को मोटा राजस्व भी यहाँ से प्राप्त होता है।अब समस्या यह है कि जिन व्यवसायियों ने बार और पब के लाइसेंस ले रखे है उन्हें शासन की तरफ से बार-पब बंद करने की समय सीमा के कारण घाटा उठाना पड़ रहा है,तत्कालीन कलेक्टर पी नरहरि द्वारा बार-पब बंद करने का समय रात्री 12 बजे तय किया गया था, जिसे वर्तमान में सामान्य स्तिथियो में भी लागू किया जा रहा है।इसके पीछे प्रशासन का तर्क है कि इससे अपराध बढ़ते है,ज्ञात होवे के मुम्बई,पुणे और भी अन्य बढ़े शहरों में बार पब की समय सीमा रात्री 1.30 बजे तक है,और आश्चर्य की बात यह है कि वहाँ का क्राइम रेट यहाँ से कम है।

आगामी आबकारी नीति में इस संशोधन की जरूरत है की जिन लाइसेंसधरियो को आपने शराब बेचने की अनुमति दी है, उनके हितो का भी ध्यान रखा जाए। वर्ना जिस तरह से पूरे प्रदेश में ओवर रेट में शराब की बिक्री विभाग के संरक्षण में बढ़ रही है उस ही तरह भ्रष्टाचार को और भी बढ़ावा मिलेगा और जो राशि सरकार के खजाने में जानी चाहिए वो भ्रष्ठ अधिकारी के खाते में जाती रहेगी।

Tuesday, 26 November 2019

16:16

संविधान दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को भाजपा ने जन जन तक पहुंचाया




26 नवंबर 2019 को, भारतीय जनता पार्टी  के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अमित शाह जी के निर्देशानुसार प्रत्येक जिला केंद्र पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री जी के संबोधन, लाइव प्रसारण को भाजपा कार्यकर्ता सामूहिक रूप से  सुनकर जन जन तक पहुंचाने  का कार्यक्रम, भारतीय जनता पार्टी भोपाल जिला अध्यक्ष विकास वीरानी जी के नेतृत्व में प्रातः 11:00 बजे भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित किया गया ।
 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर संसद भवन के सेंट्रल हॉल में आयोजित संयुक्त बैठक  को संबोधित करते हुए कहा कि  26 नवंबर 1949 को  संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को स्वीकृत (गठन) किया गया था । हमारा संविधान हमारे लिए सबसे बड़ा  पवित्र ग्रंथ है  ऐसा ग्रंथ जिसमें हमारे जीवन, समाज, परंपराओं  और मान्यताओं  का  समावेश है  और नई चुनौतियों का समाधान भी है,  हमारे संविधान की मजबूती के कारण ही हम एक भारत श्रेष्ठ भारत की तरफ आगे बढ़े हैं, हमारा संविधान, हम भारत के लोगों से शुरू होता है  भारत के लोग ही इसकी ताकत है, प्रेरणा है  और  उसके उद्देश्य है।
     विकास वीरानी जी के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए उपस्थित पदाधिकारी, कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया ।

कार्यक्रम में विधायक कृष्णा गौर जी, पूर्व सांसद आलोक संजर जी, पूर्व मंत्री जालम सिंह जी, नगर निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान जी, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष लता एलकर जी तथा भगवानदास सबनानी जी, पंकज जोशी जी, विकास बोन्द्रिया जी, सरिता देशपांडे जी, सीमा सिंह जी, वंदना सुधीर जाचक जी, राजेंद्र गुप्ता जी, सुनील यादव जी, सुनील पांडे जी, बालिस्ता रावत जी, सत्येंद्र सिंह सत्तू जी, सुमित रघुवंशी जी, मुकुल लोखंडे जी, प्रमोद शर्मा जी, पूर्णिमा द्वारिका प्रसाद उपाध्याय जी, योगेश परमार जी, संजय वर्मा जी एवं जनप्रतिनिधि, प्रदेश, जिला, मंडल, वार्ड के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

Tuesday, 12 November 2019

18:13

नानक नाम जहाज है चढ़े सो उतरे पार


सिखों के पहले धर्मगुरु और सिख धर्म के संस्थापक *श्री गुरुनानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व* मंगलवार को धूम धाम से सिंगरौली जिले के मोरवा में मनाया गया। सिंगरौली गुरुद्वारा में गुरुनानक देव जी के 550वें प्रकाश उत्सव को लेकर 29 अक्टूबर से ही विभिन्न आयोजन शुरू हो गए थे। जिसमें मोरवा में प्रभात फेरी निकाली जाती रही, वहीं 10 नवंबर को अखंड पाठ आरम्भ कर बच्चों द्वारा नानकदेव जी की जीवनी पर कीर्तन प्रतियोगिता कराई गई एवं सोमवार शाम सिंगरौली गुरुद्वारा परिसर में कथा एवं कीर्तन कार्यक्रम आयोजित भी किया गया जिसमें सिंगरोली के समस्त संगत उपस्थित रही। मंगलवार को अखंड साहब के पाठ की समाप्ति उपरांत *रागी जत्थे द्वारा गुरुबानी कीर्तन* किया गया। केंद्रीय रूप से सिंगरौली में मनाए जा रहे गुरुनानक जी के प्रकाश पर्व पर *जयंत, बैढन, अमलोरी, बिना, शक्तिनगर, ककरी, रेनुसागर* आदि जगहों से हज़ारों की संख्या में साध संगत पहुंची रही। इस दौरान *जितेंद्र सिंह खालसा अमृतसरी तथा जमशेदपुर से पधारे कथावाचक भाई हरविंदर सिंह* द्वारा गुरुनानक जी की जीवनी और सिद्धान्तों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की समाप्ति पर अरदास कर प्रसाद वितरण किया गया। तत्पश्चात गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा सभी को गुरु का अटूट लंगर खिलाया किया।
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर *जुडिशल मैजिस्ट्रेट बबीता बोरा, मोरवा निरीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह, बरगवां निरीक्षक मनीष त्रिपाठी, नवानगर निरीक्षक यू पी सिंह* के अलावा हिंडालको महान परियोजना से मानव संसाधन प्रमुख *विश्वनाथ मुखर्जी एवं सीएसआर प्रमुख यशवंत सिंह* मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

Sunday, 10 November 2019

17:02

देश भर में धूम धाम से मनाया गया बारावफात का त्योहार निकला जुलूस



स्थानीय कस्बे में स्थित  जामा मस्जिद से आज सुबह लगभग  8:00 बजे अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर सुहेल खान के नेतृत्व में बारहवफात का जुलूस निकाला गया।जुलूस में लोग नारे तकबीर अल्लाह हू अकबर व नात शरीफ पढ़ते हुए धीरे-धीरे रांची रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर बढ़ा।जुलूस थाने के पास स्टेशन रोड जाने वाले रास्ते के पास से पुनः जुलूस बूटबेढवा ग्राम पंचायत भवन के पास की पीसीसी गली से होते हुए अपर बाजार, सब्जी मंडी,  रामलीला ग्राउंड, बैंक रोड, मां काली रोड होते हुए पुनः मुडीसेमर ग्राम पंचायत रोड से बंधु नगर मोहल्ला होते हुए कोन मोड़ तिराहे के पास से गुजरते हुए मस्जिद में पहुंचा।मस्जिद में जुलूस में भाग लिए हुए आवाम को संबोधित करते हुए मौलाना रुस्तम ने कहा कि आज के दिन मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहे वसल्लम की पैदाइश का दिन है।इन्हीं के पैदाइश की खुशी में जलसे व जुलूस मुनक्के किए जाते हैं।अल्लाह के जात के बाद सबसे बड़ा मर्तबा रसूले पाक को है।इस दौरान सरफराज अहमद, सुहेल अहमद, शकील अहमद, अली अकबर, रफीक अहमद, मोहम्मद शाहरुख, मोहम्मद रुस्तम अली, मोहम्मद असलम, मुमताज अहमद, आरिफीन अंसारी, शमीम अहमद, रहीमुद्दीन अंसारी, मंसूर अहमद, जुबेर अहमद, खुर्शीद अहमद, तुफैल खान, मुजीब अहमद खान, इम्तियाज अहमद खान सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।

Friday, 8 November 2019

18:16

बभनी में स्कूल संचालक ने किया नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म



वभनी।सोनभद्र जनपद सोनभद्र बभनी:थाना क्षेत्र में,प्राइवेट विद्यालय खोलकर चलाने वाले अध्यापक ने किया नाबालिक बच्ची के साथ दुष्कर्म विद्यालय की छुट्टी होने के बाद जब बच्ची घर नहीं काफी देर तक पहुंची तो घर का परिजनों ने परेशान होने लगे कुछ ही देर बाद  बच्ची जब घर पर आकर अपने माता-पिता से अध्यापक की बात सुनाई तो आसपास में चर्चा का विषय जोरों पर होने लगी गरीब मां बाप ने अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थाना बभनी,अपनी शिकायत को दर्ज कराई और थाना इंस्पेक्टर ने जांच पड़ताल के बाद कानूनी कार्रवाई करने में कोई कसर नहीं छोड़ी/और प्राईवेट विद्यालय के अध्यापक के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया/मु0अ0सं0 142/19 धारा 376(3) IPC,धारा 5(च)/६ पाक्सो एक्ट , व धारा3(2)5 sc/st act बनाम संतोष कुमार जायसवाल पुत्र भगौती निवासी ग्राम चौना थाना बभनी जनपद सोनभद्र के पंजीकृत किया गया है" बभनी थाना प्रभारी ने उन  गरीब मां-बाप के विश्वास दिलाया कि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार करके  सलाखों के पीछे भेजने का विश्वास दिलाया।

Monday, 4 November 2019

09:42

जाने कैसे मोदी और शाह ने मिलकर बदला है गर्म लोहे का आकार




लोग समझ रहे हैं कि 370 का प्रभाव सिर्फ भारत पर पङेगा मगर सच ये है कि इसका प्रभाव पूरे south Asia की कूटनीति पर पङेगा। इससे सबसे ज्यादा पाक और चीन प्रभावित होंगे और हो भी रहे हैं।
 90% लोग शायद नहीं जानते कि चीन आज किन समस्याओं से घिरा है। मेरी नज़र में South Asia का सबसे अशांत इलाका आज चीन ही है मगर दौलत की चमक में उसकी अंदरूनी घबराहट या तो छुप जाती है या आम आदमी देख नहीं पा रहा है मगर सच ये है कि शी जिंग पिंग की ऊँगली थाम कर चीन एक ऐसे रास्ते पर चल निकला है जिसका बर्बाद होना लगभग तय है।मोदीजी के बिछाये जाल में चीन ऐसा फँसा है कि उसकी चाँय चू भी ढंग से नहीं निकल पा रही है।

*जाने क्या है मोदी की रणनीति-!*

1- जिंगपिंग ने अपने व्यापार को बढ़ाने के लिये CPEC की नींव लगभग 7-8 साल पहले ये सोचकर डाली कि Gulf countries में U.S. को तगङो चुनौती देकर उसका दबदबा खत्म या कम कर देगा।
 उस कमाई के चंद टुकङे वो पाक को भी डालता रहेगा। धीरे धीरे जैसे उसने हाँगकाँग और आसपास के छोटे छोटे देशों को निगला उसी तरह वो पाक को भी आसानी से निगल लेगा।
 अब बचते हैं भूटान, नेपाल जैसे देश जिन्हें मसलना उसके लिये मामूली बात है।
भारत में यू भी गद्दारों और फट्टुओं  की सरकार का ही दबदबा रहता है अतः जितना हो सकेगा उसका भी हिस्सा दबा लेंगे जैसे कभी  नेहरू ने कैलाश मानसरोवर का हिस्सा चीन को दे दिया था।
खान्ग्रेस के शासन काल में चीन अरूणाचल पर अपना कब्जा बताता रहता था और  खान्ग्रेस वहाँ कभी सङक तक नहीं बना पाई थी जबकि भारतीय शेर ने चीन की सीमा से मात्र 10 किलोमीटर दूर एयरपोर्ट बनवा दिया और चीन देखता रह गया।

असल में पासा तब पलट गया जब 2014 में मोदीजी की सरकार आ गयी।
 चीन ने भूटान पर जब नज़र गढ़ाई तो बङे भाई की भूमिका में भारत आगे आ गया और डोकलाम में बिना एक भी गोली चलाये चीन की सारी हेकङी निकाल दी।
  आपको याद होगा कि पप्पू चोरी चोरी चुपके चुपके पिंकी और आनंद शर्मा के साथ चीनी राजदूत से मिलने गये थे। पहले तो झूठ बोले, मगर जब फोटो सामने आये तो बोले हम तो डोकलाम पर स्थिति पता लगाने गये थे। जैसे मोदीजी के पास जाते तो वो दरवाजे पर से ही भगा देते।

घर में जब अम्मीजान को उल्टियाँ हो रहो हों और कुछ खट्टा खाने का भी मन हो रहा हो तो सपूत पहला संपर्क अपने पिताश्री से करता है और कपूत पङोसी से, जो पप्पू और पिंकी ने चीन से करके अपने Character का certificate स्वयं दे दिया।
 उसके बाद राफेल का खेल चला ताकि जनता पप्पू n पिंकी की बातों में आ जाये और 2004 वाली गल्ती दोहरा दे ताकि चीन को फिर खुला मैदान मिल जाये भारत की ज़मीन हङपने का मगर इस बार भारत की जनता ने बाल बराबर भी गल्ती नहीं की।
 पप्पू और पिंकी के साथ चीन के सारे षङयंत्रों पर पानी फेर दिया।

2- पाक की चटनी रोटी 90% इमदाद (भीख) के दम पर हो चलती है। P.M. बनने के कुछ समय बाद मोदीजी ने पहले तो बराक ओबामा को शीशे में उतारा और इमदाद में कटौतियाँ करवाते चले गये। यू भी ओसामा के मारे जाने के बाद U.S. को भिखारियों (पाक) की जरूरत भी नहीं रह गयो थी अतः उसने धीरे धीरे हाथ खींचना शुरू कर दिया।
 फिर मोदीजी ने Gulf countries का रूख किये और ईरान, कुवैत, सउदो अरब आदि को शीशे में उतारा और पाक के आतंकवाद के सारे कच्चे चिट्ठे खोलना शुरू कर दिये।
 यू भी जनवरी 19 में ईरान पर जब एक आतंकी गुट ने हमला कर ईरान के कुछ सैनिकों की हत्या की और ईरानी जाँच में पाकिस्तानी लिंक सामने आया तो ईरान वैसे ही पाक से खार खा गया था।
बची हुई कसर मोदीजी ने पाक के कुकर्म सामने रखकर जलती आग में शुद्ध घी के कनस्तर उङेल कर पूरी कर दी, तो आग ऐसी भङकी कि OPEC के सारे देशों ने पाक को दूध में से मक्खी की तरह निकाल दिया।

 इस तरह बङी चतुराई से मोदीजी ने भूखा नंगा पाक या नाग चीन के गले में डाल दिया। चीन ने पहले तो इसे अपने लिये Golden chance समझा और पाक को खूब पैसा दे देकर पाक पर अपनी पकङ मजबूत करना शुरू कर दी और सैंकङों करोङ खिला दिये मगर बाद में चीन को ऐहसास हुआ कि वो पाक में नहीं बल्कि किसी black hole में घुस गया है जिसका कोई छोर ही नज़र नहीं आ रहा।
तब चीन ने back gear डाला और भारत से बिगङे रिश्ते सुधारने की कोशिश की।
सुना है कि अगले महीने मोदीजी चीन जा ही रहे हैं।

3- 370 हटने से पाक तो सकते में आ ही गया क्योंकि वो जिस कश्मीर को हथियाने के लिये  (हुर्रियत, मेहबूबा, अब्दुल्लाह और खान्ग्रेस) को साध रहा था।
मोदीजी ने 370 हटाकर उनके होस ही उड़ा दिये ।
मगर पाक के दिल में दहशत हमारे प्यारे मोटाभाईजी ने संसद में ये कहकर भर दी कि "जब मैं जम्मू कश्मीर कहता हू तो POK और अक्साई चीन भी उसमें शामिल हो जाता है"। तब से पाकी हुक्मरानों के साथ सेना के होश फाक्ता हैं कि हम तो मोदी को ही खतरनाक समझते थे मगर ये मोटाभाई तो उनसे भी ज्यादा खतरनाक हैं।
 पाक को उम्मीद U.S. व खाङी देशों से थी। जबरन अपनी बेइज्जती कराते कराते और मैट्रो में ठोकर खाते खाते जनाब बापजी (ट्रंप) की ड्योढ़ी पर तो पहुच गये मगर ये क्या हुआ.... बापजी ने तो सबके सामने ये कहकर इमरान का पोपट ही बना दिया कि "मोदीजी ने मुझसे पिछले महीने कश्मीर पर मध्यस्थता करने को कहा था"। इमरान खुशी के मारे उछलते कूदते पाकिस्तान तो पहुच गये मगर मोटाभाई जी ने ऐसा ऐटम बम गिराया कि पूरा पाक अभी तक सदमे में गा रहा है कि~

"दिल के अरमा आँसुओं में बह गये, हम सपोलों (हुर्रियत, मेहबूबा, अब्दुल्लाह आदि) को खिला खिला के बर्बाद हो गये"।

उधर फारूक, उसका चौसा आम, मेहबूबा, हुर्रियत आदि जेलों में गुनगुना रहे हैं कि~

"चुपके चुपके आँसू बहाना याद है, हम को अब तक दामादगिरी का वो ज़माना याद हैं"।

चीन की हवा इसलिये ज्यादा Tight है क्योंकि CPEC का पहला द्वार अक्साई चीन से होता हुआ वाया POK और बलोचिस्तान से जाता है।
 बलोच नेता सालों से आजाद होने के लिये उत्पात मचाये हैं। अब उन्हें मोदीजी का भी साथ मिल गया है तो उनके हौंसले बुलंद हैं।

4- चीन ने करीब छः लाख करोङ का Investment CPEC पर कर रखा है, फिर भी अभी तक वो चालू नहीं हुआ है। मतलब कमाई नहीं चवन्नी की भी और दाँव पर लगे हैं घर के बर्तन तक।
इधर मोदीजी और मोटाभाई ने ऐसा बखेङा खङा कर दिया है कि चीन की समझ नहीं आ रहा कि पहले अपना घर (अक्साई चीन) बचाऊँ या  (पाक) का।

उधर शिंजियाँग प्रांत में चीन की दमनकारी नीतियों के कारण लावा अलग उबल रहा है। आपको जानकर हैरानी होगी कि करीब 10 लाख के आसपास कट्टरपंथी मुल्ले भेङ बकरियों से भी बद्तर हालत में शिंजियाँग की जेलों में ठुसे पङे हैं।
 अगर वो फट पङे तो एक और नई मुसीबत खङी है।
दूसरी तरफ हाँगकाँग चीन की दमनकारी नीतियों के कारण पिछले 11 हफ्तों से उबल रहा है।
हाँगकाँग में हो रहे विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहे।
 इधर ट्रँप ने भी दबे शब्दों में जिंगपिंग को धमका दिया है कि अगर हाँगकाँग में 89 जैसा खेल खेलने की कोशिश की गयी तो व्यापार पर बहुत बुरा असर पङेगा।

चीन ने उत्तर कोरिया का तानाशाह "किम जोंग उन" अलग पाल रखा है जिससे आमदनी नहीं है एक रूपये की उल्टा खिलाना अलग पङ रहा है क्योंकि वो चीन के इशारे पर आए दिन मिसाइल और परमाणु बमों का परीक्षण करता रहता था।
आज उसके कब्जे में चीनी हथियारों का ज़खीरा है।
चीन ने जरा भी आँख दिखाई और किम जोंग उन का दिमाग घूमा। यू भी वो सनकी soldier के नाम से पूरे विश्व में कुख्यात है। आम आदमी जरा खुद ये सोचे कि जिस उ. कोरिया पर सालों से भारो आर्थिक प्रतिबंध हैं, जिसकी जनता भूखों मर रही है उसके पास इतना पैसा और तकनोक आ कहाँ से रही है कि वो आए दिन परमाणु परीक्षण करता रहता है??
 मतलब साफ है कि चीन किम जोंग उन के कंधे पर बंदूक रखकर हथियारों का जखीरा इकट्ठा कर रहा है ताकि विश्व की सबसे बङी महाशक्ति बन सके।

5- भूखा नंगा पाक गले में पङा कहता है बापजी (ट्रंप) ने तो टुकङे डालने बंद कर दिये हैं। खाङी देशों से भी इमदाद कम हो गयी है। मोदी बार्डर पर सब कुछ भेज रहे हैं मगर 200% की ड्यूटी लगाकर अतः 30-40 रूपये किलो बिकने वाला टमाटर पाक में आकर 300-350 रूपये किलो बिक रहा है, जनता भयंकर गालियाँ दे रही है। कभी पाकी न्यूज चैनलों को देखिये कैसी कैसी गंदो गालियाँ मिल रही हैं इमरान को अतः चचा (चीन) अब तुम खिलाओ हमको, वर्ना CPEC भूल जाओ।
चचाजानो (चीन) मजबूरी में कभी मसूद अज़हर को बचाते हैं, कभी Back door से पाक को खुश करने के लिये UNO में रूस, फ्रांस, जर्मनी के हाथों अपनी पतलून उतरवाते हैं और खाना भी खिलाते हैं वर्ना भुक्खङों का क्या भरोसा, ये किसी भी दिन अब्दुल या मोहम्मद से कहेंगे...छू.... और वो चीनी दूतावास या कैंप में जाकर फट जायेगा और चीनियों की सारी चाँय चू निकल जायेगी।

पाक अब CPEC के द्वारा चीन को करेगा जमकर "ब्लैक मेल"। चीन पाक में सख्ती दिखा नहीं सकता वर्ना पाकी सेना आतंकियों के माध्यम से CPEC को इतना नुकसान पहुचायेंगे, जिसकी भरपाई चीन कभी नहीं कर पायेगा।
चप्पे चप्पे पर चीन अपनी फौज खङी कर नहीं सकता।
 अतः पाक को पालने के अलावा और कोई रास्ता चीन के पास मुझे तो नज़र नहीं आता।

6- U.S. भी चीन के CPEC से परेशान है क्योंकि चीन का माल खाङी देशों में खपना शुरू हो गया तो U.S. की वर्षों से जमी जमाई धाक खतरे में पङ जायेगी या खाक में मिल जायेगी।
 सभी जानते हैं कि चीन और पाक की नाक में नकेल भारत ही डाल सकता है।
 अतः वो सब पर्दे के पीछे से भारत का पूरा Support कर रहे हैं। तभी आप देखिये 370 हटाने के बाद पाक U.N. तक चला गया मगर सभी ने ये कहकर पल्ला झाङ दिया कि ये भारत का आन्तरिक मामला है। पाक के चक्कर में या जिंगपिंग के over confidence के चक्कर में कहें या फिर CPEC के चक्कर में अंबानी रेंक का बंदा (जिंगपिंग)  (पाक) को ऊँगली पकङाकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेइज्जत हो रहा है
और कुछ लोग कह रहे थे कि मोदी कर क्या रहे है विदेश घूमते रहते हैं।
 अरे भाई ये विदेश घूमने का ही परिणाम है कि इतना बङा निर्णय लेने के बाद भी विश्व समुदाय भारत के साथ खङा है।

7- तिब्बत का आन्दोलन वर्षों से चल ही रहा है।
 हाँगकाँग में तेजी से बिगङते हालात पर अगर चीन सैन्य कार्यवाही करता है तो विश्व समुदाय की एक बङी लाॅबी चीन की हालत खराब कर देगी जिसमें U.S., भारत, फ्राँस, रूस, जापान.... आदि कुछ देश सबसे आगे होंगे क्योंकि चीन ने अपनी बहुत दबंगई दिखाई है। अगर चीन सैन्य कार्यवाही नहीं करता तो ये आन्दोलन कुछ ही दिनों या हफ्तों में विकराल रूप लेगा, इसमें कोई शक नहीं है।

एक तरफ पाक, दूसरी तरफ हाँगकाँग, तीसरी तरफ शिंजियाँग, चौथी तरफ तिब्बत, पाँचवी तरफ चीन विरोधी लाॅबी और छटवी तरफ छा रही वैश्विक आर्थिक मंदी।
 हर तरफ से चीन अब घिर गया है। ये आज की कङवी सच्चाई है। अब सोचिये कि इस लेख की शुरूआत में मैंने जो कहा कि "South Asia का सबसे अशांत इलाका चीन ही है" तो क्या गलत है??

8- U.S. पिछले 2-3 सालों से अफगानिस्तान से निकलने के लिये बुरी तरह छटपटा रहा है मगर उसे एक भरोसेमंद साथो की तलाश है।
 पाक पर U.S. बाल बराबर भरोसा नहीं करेगा। ईरान से जबरदस्त पंगा चल रहा है। अब ऐसे में उम्मीद की किरण भारत पर ही आकर टिकती है क्योंकि भारत को आतंकवाद से निबटने का जबरदस्त अनुभव है, कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व भारत के पास मोदीजो के रूप में है।
 इसी की U.S को सख्त जरूरत भी है ताकि वो अपने 15 हजार सैनिक अफगानिस्तान से निकाल सके।

चीन पाक के हालात खराब हैं, जो मैं प्रामाणिकता के साथ साबित भी कर चुका हू।
 मतलब साफ है कि लोहा गरम है और इसी गरम लोहे पर मोदीजी व शाह की जोङी ने करारी चोट मारी है।

Saturday, 2 November 2019

18:30

आस्था के महापर्व छठ की दिखी रौनक व्रती महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को दीया पहला अर्घ्य




के  सी शर्मा*

पहिले पहिल हम कईनी, छठी मईया व्रत तोहार, करिहा क्षमा छठी मईया, भूल-चूक गलती हमार...
देश की उर्जाधनी उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के सिंगरौली परिक्षेत्र के उर्जान्चल में शनिवार  दोपहर से ही इस प्रकार के पारंपरिक छठ गीत रास्तों से लेकर घाटों तक गूंजते रहे।

 अवसर था सूर्य की उपासना के महापर्व छठ का।
 शनिवार को छठ पूजा के तीसरे दिन पूरे देश भर में धूमधाम से व्रती लोगों ने नदियों एवं घाटों में उतर कर डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य दिया।
उर्जान्चल में भी इसकी खासी रौनक दिखी। उर्जान्चल दो प्रदेशो के 2दो जिले में स्थित उर्जान्चल के चप्पे चप्पे पर बने छठ घाटो पर भारी भीड़ उमड़ी।

ज्ञात हो कि सिंगरौली परिक्षेत्र का उर्जान्चल वृहदऔद्योगिकरण के चलते देश की ऊर्जा की राजधानी के रूप में जाना जाता है।150 की मी की परिधि में फैले उद्योगों की इस नगरी में देश के कोने कोने के ही नही अपितु विदेशों के लाखों नागरिक निवासरत है। आज उर्जान्चल के नदी, छठ घाटो पर लाखों की भीड़ उमड़ी।इसके साथ ही तमाम घाटो पर  मनमोहक भक्तिमय भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमो के आयोजन भी किये गए है, जो रात भर चलेंगे।

 एन टी पी सी ,एनसीएल,हिन्डाल्को,
रिलायंस,एस्सार,जे पी सीमेंट, लैंको,अल्ट्राटेक सीमेंट, कनोरिया, उ प्र राज्य विद्युत परिषद, रेनुसागर, महान अल्युमिनियम बरगवां, सोनभद्र,सिंगरौली जिला मुख्यालय, तहसील मुख्यालयों,
आदि की कालोनीयो में बने
 छठ पर्व पर डूबते हुए सूर्य को अर्ध्य देकर अपने पुत्र की दीर्घायु और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की।
 इस अवसर को देखने के लिए भी जगह जगह हज़ारों की संख्या में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का हुजूम छट घाटों पर उमड़ा दिखा।
 कल खरना का प्रसाद चढ़ा और उसे खाकर व्रती महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू किया था।
इसी क्रम में आज तीसरे दिन महिलाओं ने छठ घाट पहुंचकर डूबते हुए सूरज को पहला अर्घ्य दिया एवं कल सुबह उगते हुए सूरज को अर्ध्य देकर व्रती महिलायें अपना व्रत समाप्त करेंगी।
शनिवार को मुहल्लों से लेकर घाटों तक छठ पूजा के पारंपरिक व कर्णप्रिय गीत गूंज रहे।

*व्यवस्था में डटे रहे पुलिस कर्मी*

लोकप्रिय त्यौहार छठ पूजा में उमड़ने वाली भीड़ के मद्देनजर उर्जान्चल के  छठ घाटो पर स्थानीय पुलिस यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए डटी रही।
इसके अलावा छठ घाटों पर भी पुलिस द्वारा व्यवस्था दुरुस्त रखने हेतु खास इंतजाम किए गए थे।
दोनो जिले के पुलिस अधिकारी  सभी छठ घाटों  का दौरा कर स्थिति का जायजा लेते दिखे। व्रती लोगों को घाटों तक सुगम रास्तों से पहुंचाने के लिए जगह-जगह बैरिगेटिंग की गई थी। वही किसी प्रकार के दुर्घटना से बचने के लिए छठ घाट पर गोताखोर तैनात थे।
13:30

कांग्रेस पार्टी ने 5 करोड़ लोगों को जोड़ने के लिए बनाया स्पेशल मोबाइल ऐप




देश भर में पांच करोड़ लोगों को अपने साथ जोड़ने के लक्ष्य के साथ सदस्यता अभियान शुरू करने वाली कांग्रेस ने इसके लिए एक विशेष ऐप तैयार किया है जिसके तहत वह अपने नए सदस्यों का विस्तृत डेटाबेस तैयार करेगी. यह डेटाबेस नए सदस्यों के वर्ग और पेशे के आधार पर तैयार किया जाएगा. सदस्यता अभियान से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, पार्टी की ओर से तैयार कराए गए इस ऐप का नाम ''ऑफीशियल आईएनसी मेम्बरशिप'' है जिसकी शुरुआत आगामी चार नवम्बर को हो सकती है. इस ऐप को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मंजूरी भी मिल गयी है.

यह ऐप तैयार करने वाली टीम के एक पदाधिकारी ने कहा, ''कांग्रेस भाजपा की तरह मिस्ड कॉल के जरिये नहीं, बल्कि इस ऐप के माध्यम से वास्तविक सदस्य बनाना चाहती है.'' इस ऐप के जरिये सदस्यता अभियान की शुरुआत सबसे पहले छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और गोवा में होगी. फिर देश के दूसरे राज्यों में इसका विस्तार किया जाएगा. इस ऐप के माध्यम से कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले व्यक्ति का पहले फोन नम्बर डाला जाएगा और फिर उसकी तस्वीर ली जाएगी. बाद में वर्ग और पेशे के विकल्पों में से संबंधित विकल्प को भरने के बाद उसके सदस्यता फॉर्म को सबमिट कर दिया जाएगा.

ऐप में 'सामान्य, ओबीसी, एससी, एसटी, अल्पसंख्यक और अन्य' के तहत नए सदस्यों को अपने वर्ग का उल्लेख करना होगा. कांग्रेस के एक नेता ने कहा, ''पार्टी अपने सदस्यों का एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करना चाहती है. इसलिए इस ऐप के जरिये सदस्यों के वर्ग और पेशे की भी जानकारी ली जाएगी.''

पार्टी कार्यकर्ता डोर टू डोर संपर्क कर इस ऐप के माध्यम से लोगों को पार्टी से जोड़ेंगे. कांग्रेस के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल की निगरानी में पार्टी व्यापक सदस्यता अभियान चला रही है, जिसके तहत नए पांच करोड़ सदस्यों को पार्टी से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. इस अभियान में फर्जी सदस्यता से बचने के लिए ही डिजिटल प्रणाली का सहारा लिया जा रहा है. वेणुगोपाल ने हाल ही में पार्टी नेताओं को महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड को छोड़कर सभी राज्यों में सदस्यता के लिए डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने के लिए कहा है.

इन तीनों राज्यों में चुनाव के मद्देनजर वेणुगोपाल ने यहां फिलहाल सदस्यता अभियान नहीं चलाने को कहा था. पिछले दिनों महाराष्ट्र और हरियाणा में विधानसभा चुनाव हुए. झारखंड में 30 नवंबर से 20 दिसंबर के बीच पांच चरणों मे चुनाव होना है. कांग्रेस ने इससे पहले सदस्यता अभियान लोकसभा चुनाव से पहले चलाया गया था. मौजूदा समय में कांग्रेस के करीब तीन करोड़ सदस्य हैं.
07:37

इसे कहते हैं पुलिसिंग ऐसे पुलिस वालों को सलाम



के सी शर्मा
पुलिस का एक चेहरा ऐसा भी है ! पुलिस कप्तान श्री अभिजीत रंजन,, जी,, द्वारा एक संदेश दिया गया है कि आप पुलिस के साथ-साथ एक मानव हो,, जिसकी उदारता आपको अपने थाने में,, या आपके थाना क्षेत्र के अंतर्गत,, सभी जनता के बीच में होनी चाहिए,, इसी उदारता के साथ आप समाज में,, एक अच्छी पुलिसिंग कर सकते हो,,, जिसका जीता जागता उदाहरण नवा नगर थाने की पुलिस द्वारा की गई,, हीरावती,,,

सिंगरौली-मध्यप्रदेश
यू तो पुलिस के कारनामे आप ने देख और सुन रखा होगा पर सिंगरौली जिले में बीती रात कुछ ऐसा हुआ जिसे की आम जनता ने देखने के बाद सिंगरौली पुलिस की जमकर तारीफ करते नही थक रहे हैं ।

आखिर क्या हुआ ऐसा की लोगो की चर्चा में है सिंगरौली पुलिस ।
मामला मध्यप्रदेश की उर्जाधानी सिंगरौली का है जहाँ पर कल रात नवानगर थाना क्षेत्र में 85 साल का अपाहिज वृद्ध सड़क किनारे 2 दिनों से पड़ा था , मुख्य बाजार नवानगर मैं आते जाते लोगों के बीच 2 दिनों से पड़े इस अपाहिज बुजुर्ग कराह रहा था ,गंभीर रूप से बीमार बीमार पड़े इस बुजुर्ग को स्थानीय लोगों ने से बचने के लिए गर्म कपड़े व भोजन दिए ।बुजुर्ग अपाहिज व्यक्ति की ट्राईसाइकिल खराब हो जाने के कारण वह आपने गंतब्य की तरफ नहीं जा पाया जिससे लगातार दो दिनों तक इस ठंड में सड़क के किनारे पड़ा रहा बुजुर्ग की हालत खराब थी तथा वह बीमार था ।इस घटना को देखकर स्थानीय कुछ युवा ने नवानगर थाना के सिपाहियों से संपर्क किया जिसके बाद नवानगर थाना क्षेत्र के पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुंचे जहां पर 3 हेड कांस्टेबल साथ में दो आरक्षक और साथ ही एएसआई दलबल के साथ मौके पर पहुंचे तथा लाचार अपाहिज व्यक्ति को जिला अस्पताल भिजवाया ।जहाँ ASI दीपेंद्र सिंह व उनकी टीम ने जिला अस्पताल में बुजुर्ग को इलाज के लिए भर्ती कराया ।

आखिरकार कौन है यह अपाहिज व्यक्ति
प्राप्त जानकारी के अनुसार 85 साल का अपाहिज व्यक्ति की पहचान जगदीश प्रसाद तिवारी के रूप में हुई जोकि मूलतह चुरहट जिले के निवासी हैं ।करीब 15-20 सालों से सिंगरौली में रहकर जीवन यापन कर रहे थे । स्थानी कमला कंपनी में बतौर सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी में थे अपाहिज होने के कारण नौकरी से हाथ धोना पड़ा ।
नवानगर थाना की तरफ से ऐ एस आई दीपेंद्र सिंह साथ ही हेड कांस्टेबल उत्तम सिंह जगदीश प्रजापति अजीत व कुलदीप शर्मा ने प्रमुख भूमिका निभाते हुए बीमार व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने का काम किया ।पुलिस के इस मानवीय चेहरे को देखकर नवानगर क्षेत्र में लोगों ने जमकर नवानगर पुलिस की हौसला अफजाई की।