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Thursday, 17 June 2021

09:15

हल्दीघाटी युद्ध दिवस पर हिंदी विश्‍वविद्यालय में राष्‍ट्रीय संगोष्‍ठी शुक्रवार को

वर्धा, 17 जून 2021: महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा ने हल्दीघाटी युद्ध दिवस के उपलक्ष्य में 18 जून 2021 को ‘भगवदगीता और महाराणा प्रताप राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकार के सन्दर्भ में’ विषय पर तरंगाधारित राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया है। कार्यक्रम का उदघाटन शुक्रवार को पूर्वाह्न 11.00 बजे होगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल करेंगे। विषय प्रवर्तन  भारतीय चरित्र निर्माण संस्था के संस्थापक अध्यक्ष रामकृष्ण गोस्वामी करेंगे। उदघाटन कार्यक्रम में गुजरात राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रवि आर. त्रिपाठी, राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति गोपाल कृष्ण व्यास, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक बी. नाग रमेश, आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डा. राजेंद्र पेंसिया, राजस्थान स्टेट डिजास्टर रेस्पांस फोर्स के कमांडेंट पंकज चौधरी वक्‍तव्‍य देंगे। कार्यक्रम का संयोजन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृपाशंकर चौबे करेंगे तथा प्रति कुलपति प्रो. चंद्रकांत रागीट धन्यवाद ज्ञापन करेंगे। सत्र का संचालन दर्शन व संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डॉ. जयंत उपाध्याय करेंगे।
दूसरा सत्र अपराह्न 3.00 बजे से प्रारंभ होगा जिसमें गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. एस. दुबे, पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. तिवारी, जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अशोक ऐमा, केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एच. वेंकटेश्वरलु, त्रिपुरा केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गंगाप्रसाद परसईन, साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीरजा ए. गुप्ता, महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी के कुलपति प्रो. संजीव कुमार शर्मा, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी, जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एस.एस. सांरगदेवोत, कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के कुलपति प्रो. बलदेव भाई शर्मा, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के कुलपति प्रो. के. जी. सुरेश, भक्त फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, सोनीपत की कुलपति प्रो. सुषमा यादव, भक्त कवि नरसिंह मेहता विश्वविद्यालय, जूनागढ़ के कुलपति प्रो. चेतन त्रिवेदी और नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राममोहन पाठक अपना वक्‍तव्‍य देंगे। सत्र की अध्‍यक्षता हिंदी विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल करेंगे। सत्र का धन्‍यवाद ज्ञापन प्रति कुलपति प्रो. हनुमान प्रसाद शुक्‍ल करेंगे। सत्र का संचालन स्त्री अध्ययन विभाग की अध्यक्ष डॉ. सुप्रिया पाठक करेंगी। कार्यक्रम का आरंभ संस्कृत विभाग के अतिथि अध्यापक डा. वागीशराज शुक्ल के मंगलाचरण से होगा। दोनों सत्रों के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के फेसबुक, यू-ट्यूब चैनल और ट्विटर पर किया जाएगा।

Wednesday, 17 February 2021

17:26

महाराष्ट्र में सभा समारोह आंदोलन और उत्सव बंद

 deepak tiwari 
मुंबई.महाराष्ट्र में कोरोना पर लगाम के लिए सीएम उद्धव ठाकरे ने अब आंदोलन, रैलियों और सभाओं पर रोक लगा दी। विवाह समारोहों में अतिथियों की संख्या सीमा का पालन करने के आदेश भी कलेक्टरों और पुलिस प्रमुखों को दिया गया है। जिन इलाकों में ज्यादा केस सामने आ रहे हैं, उन इलाकों को कंटेनमेंट जोन बनाने की पूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया गया है।
महाराष्ट्र में साप्ताहिक मामलों में 15% की बढ़ोतरी देखी गई है। राज्य में 9 फरवरी से 15 फरवरी तक 24,001 कोरोना के मरीज बढ़े। इसमें सबसे ज्यादा 3,739 पुणे में, 3,709 मुंबई में और 3,011 कोरोना के मरीज नागपुर में बढ़े। 8 फरवरी से 14 फरवरी के दौरान राजगढ़ में 7.46%, सिंधुदुर्ग में 7.15%, बीड़ में 6.21%, रत्नागिरी में 6.09% और भंडारा में 4.69% कोरोना मरीजों की मृत्युदर होने की वजह से स्वास्थ्य विभाग ने इन जिलों पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है।
राज्य में 37 हजार एक्टिव पेशेंट
राज्य में मंगलवार को कोविड-19 के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 20,71,306 हो गई है, जबकि मृतक संख्या बढ़कर 51,591 हो गई। राज्य में पिछले 24 घंटों के दौरान कुल एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 37,125 तक पहुंच गई है। मंगलवार को 2,700 मरीज ठीक होकर अपने घर भी गए।
इन जिलों में मिले ज्यादा कोरोना पॉजिटिव मरीज
पिछले सप्ताह अमरावती में 24.79%, अकोला में 20.94%, नासिक में 16.31%, वर्धा में 15.63% और बुलढाणा जिले में 14.79% कोरोना पॉजिटिव मिले। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महाराष्ट्र में नवंबर में 1,43,262 कोरोना के नए केस मिले। 20 दिसंबर में 1,20,684, जनवरी में 92,177 और एक से 15 फरवरी के दौरान 43,889 कोरोना के नए मामले पाए गए। विदर्भ में एकाएक कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि होने की वजह से 28 फरवरी तक वर्धा जिले में कॉलेजों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। नागपुर में शादी समारोह में अधिक संख्या में बाराती पाए जाने पर दंड वसूली की गई है।
नियमों से किनारा तो लॉकडाउन ही सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा है कि आम जनता के लिए राज्य में महात्मा फुले जन आरोग्य योजना की सहूलियत और मोहलत दो महीने के लिए बढ़ाई जाए। कोरोना के इलाज के लिए जिन क्षेत्रों में अस्पताल बनाए गए हैं उनका स्ट्रक्चरल ऑडिट किया जाए। जो धन कोरोना नियंत्रण के लिए दिए गए हैं, उनका सही इस्तेमाल मार्च के आखिर तक कर लिया जाए। स्थानीय संस्थाओं को सार्वजनिक ठिकानों में सैनिटाइजेशन के लिए प्रेरित किया जाए। इन सब निर्देशों को देने के बाद मीटिंग में आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण बात जो मुख्यमंत्री ने कही वो यह थी कि नियमों का पालन करना है या लॉकडाउन की तरफ जाना है, यह जनता के हाथ में है।
इससे पहले सोमवार को उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने साफ शब्दों में कहा है कि महाराष्ट्र में रोजाना करीब 500-600 कोरोना मरीज पाए जा रहे हैं। जिसकी वजह से जरूरत पड़ने में पश्चिमी देशों की तरह राज्य में फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। मंगलवार को भी मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि अगर लोग मास्क नहीं लगाएंगे तो सरकार को मजबूरी में लॉकडाउन लगाना पड़ेगा।

Saturday, 28 November 2020

01:29

महाराष्ट्र में निकली अनोखी बारात:deepak tiwari

पाटोदा (महाराष्ट्र).तहसील दफ्तर में राशनकार्ड का आवेदन लेकर पहुंचे युवक को ‘आप शादीशुदा नहीं हैं’ कहकर राशनकार्ड देने से मना कर दिया गया। तहसील के कई चक्कर लगाने के बाद भी सफलता नहीं मिली तो उसने ऐसी तरकीब निकाली कि तहसीलदार को राशनकार्ड तुरंत बनाकर देना पड़ा।
घटना बीड जिले के पाटोदा तालुका के धनगरजवड़का की है। यहां अमित घनश्याम आगे नामक युवक ने तहसील कार्यालय में राशनकार्ड के लिए आवेदन किया था। वह उच्च शिक्षित है, लेकिन फिलहाल बेरोजगार है। उसने राशनकार्ड के लिए औपचारिक रूप से आवेदन किया था, लेकिन आवेदन निरस्त कर दिया गया।
अधिकारी बोला- राशनकार्ड बनाकर नहीं दिया जा सकता
वजह पूछने पर संबंधित अधिकारी ने कारण बताया कि वह शादीशुदा नहीं है। बात यहीं खत्म नहीं हुई। तहसील कार्यालय से उसे लिखकर भी दिया कि वह परिवार की व्याख्या में फिट नहीं बैठता। इसलिए उसे राशनकार्ड बनाकर नहीं दिया जा सकता।
अमित ने तर्क दिया कि उच्च शिक्षित होने पर भी उसे नौकरी नहीं मिल रही है। नौकरी ही नहीं है तो लड़की कौन देगा। इस कारण वह लगातार राशनकार्ड की मांग करता रहा। अधिकारी उसे टालते रहे, लेकिन अमित ने हार नहीं मानी। गुरुवार को वह दूल्हा बनकर घोड़ी पर बैठकर बैंड-बाजे के साथ तहसील के दफ्तर पहुंच गया।
तहसीलदार समेत पूरा महकमा बैंड की आवाज सुनकर चौंका
बैंड की आवाज सुनकर तहसीलदार समेत पूरा महकमा चौंक गया। तहसीलदार के सामने आते ही अमित ने मांग रखी- ‘आप मुझे राशनकार्ड दीजिए, अन्यथा कोई सुशील लड़की देखकर मेरी शादी करवा दीजिए। शादी होने पर मेरा परिवार भी होगा और राशनकार्ड भी मिल जाएगा।’
मांग सुनकर तहसीलदार सकते में आ गए। तहसीलदार का संकेत मिलते ही सब कर्मचारी हरकत में आ गए। आनन-फानन में राशनकार्ड बनाया और हाथोहाथ युवक को थमा दिया गया।
राशन के लिए टशन: शेरवानी किराए पर ली, दोस्त बने बाराती
अमित के मुताबिक, सरकारी सिस्टम को झुकाने के लिए उन्हें काफी खर्च करना पड़ा। दूल्हे की शेरवानी किराए पर ली। यही नहीं, घोड़ी और बैंड की भी व्यवस्था करनी पड़ी। गांधीगीरी वाली बारात के लिए दोस्तों को बुलाया। गुरुवार को बारात कई इलाकों से होकर तहसील कार्यालय पहुंची। जब लोगों को पता चला कि यह बारात नहीं, बल्कि आंदोलन था, तो वे भी आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सके।

Saturday, 31 October 2020

00:56

महाराष्ट्र में 30 नवंबर तक बढ़ा लॉकडाउन:deepak tiwari

मुंबई.महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। इसके बावजूद राज्य में लॉकडाउन की सीमा को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में नई गाइडलाइन्स अगले एक से दो दिनों में जारी हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इनमें मंदिर और धार्मिक स्थलों को खोलने और लोकल ट्रेनों में सभी को यात्रा की अनुमति भी संभव है। राज्य में कंटेनमेंट जोन के लिए नियमों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। यह भी माना जा रहा है कि स्कूलों को खोलने पर भी अभी कोई निर्णय नहीं होने वाला है।
गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन को 30 नवंबर तक बढ़ाया जा रहा है। लोकल ट्रेनों को पूरी क्षमता के साथ खोलने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मंजूरी भी मांगी है।
राज्य में 1 लाख 30 हजार एक्टिव केस
महाराष्ट्र कोविड-19 के 130,286 एक्टिव केस के साथ टॉप पर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 6,738 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 16,60,766 हो गई। इसी दौरान राज्य में कोविड-19 से 91 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 43,554 हो गई है।
स्टेशन पर बिना मास्क के घूमने वालों को देना होगा जुर्माना
महाराष्ट्र सरकार ने गवर्नमेंट रेल पुलिस को लोकल ट्रेन में और स्टेशन पर बिना मास्क लगाए, चलने वाले लोगों पर जुर्माना करने का निर्देश दिया है। जीआरपी (GRP) के आयुक्त रवींद्र शेनगांवकर को लिखे पत्र में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक अभय यावलकर ने कहा है कि ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) द्वारा नौ सितंबर या इसके बाद नगर निकाय की तरफ से जारी परिपत्र के मुताबिक जुर्माना किया जाए।
एमसीजीएम वर्तमान में सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क लगाए लोगों पर 200 रुपये का जुर्माना करता है।

Monday, 24 August 2020

09:10

सोनू सूद ने निभाया अपना वादा:deepak tiwari

पुणे के हड़पसर में रहने वाली शांता पवार उर्फ वॉरियर दादी के लिए मार्शल आर्ट और सेल्फ-डिफेंस अकादमी खोलने के वादे को अभिनेता सोनू निगम ने पूरा कर दिया है। रविवार को दादी ने अपनी अकादमी में बच्चों और महिलाओं को ट्रेनिंग दी। जुलाई में 85 वर्षीय दादी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था, जिसमें वे पेट पालने के लिए सड़क पर लाठी-काठी करतब दिखाती नजर आईं थीं। इसी वीडियो को देखकर अभिनेता सोनू सूद ने उनके लिए मार्शल आर्ट अकादमी खोलने का ऐलान किया था, जिसे अब पूरा किया है।
दादी ने सोनू सूद के नाम पर खोली अकादमी
वॉरियर दादी ने सोनू सूद के लिए आभार जताया और उन्हीं के नाम पर मार्शल आर्ट्स स्कूल का नाम रख दिया है। दादी ने सूद को धन्यवाद जताते हुए कहा, ‘‘नमस्कार सोनू सूद बेटे को...मेरा जो अरमान था इस लाठी-काठी के लिए बच्चों को सिखाने का, वो पूरा हो गया है और वो अरमान मेरा सोनू सूद बेटे ने पूरा किया है।.... और उसका नाम मैं रखने वाली हूं सोनू सूद। मैं बहुत ही खुश हूं....नमस्कार करती हूं....।’’
दादी ने अपनी अकादमी में महिलाओं और बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है।
मुझे लगा उन्हें एक प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए: सोनू सूद
इससे पहले अभिनेता सोनू सूद ने कहा था,‘‘जब आप ऐसे टैलेंट को देखते हैं, आप चाहते हैं कि यह दूसरे लोगों तक भी पहुंचे। इस उम्र में वह महिला इतने लोगों को प्रेरित कर सकती है, जिसमें लोग यह कहते सुने जाते हैं कि मेरी तो उम्र हो गई है, मुझे कुछ नहीं करना। मैंने सोचा कि उन्हें एक प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए और इस टैलेंट को आगे बढ़ाने के लिए स्कूल से बेहतर क्या हो सकता है।’’
पुणे के हड़पसर में दादी इसी झोपड़ी में रहती हैं।
मैं चाहता था दादी के नाम पर हो स्कूल: सूद
अकादमी का नाम सोनू सूद रखे जाने पर अभिनेता ने कहा- मैं चाहता था कि स्कूल का नाम उनके (दादी) नाम पर हो, लेकिन उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वह इसे सोनू सूद मार्शल आर्ट्स स्कूल कहेंगी। जब मैंने पहली बार उनको इसका आइडिया दिया तो वो बहुत ही उत्साहित होकर कहने लगीं कि वह हमेशा अपना एक ट्रेनिंग स्कूल खोलना चाहती थीं। इसलिए हम लोग उसका खर्च उठा रहे हैं और दादी अपने स्टूडेंट से मामूली फीस लेकर कमाई कर सकती हैं और अपनी जिंदगी गुजार सकती हैं। वह चाहती थीं कि ओपनिंग के लिए मैं जाऊं। वो मुझे बेटा कहती हैं। मैंने उनसे वीडियो कॉल से संपर्क किया था। मुझे मुंबई में बहुत सारा काम था। और खुलकर कहता हूं कि यह उनका स्कूल है और मैं उनके बड़े दिन पर पहुंचकर उनसे यह अटेंशन नहीं लेना चाहता था।
पुणे के हड़पसर आकर गृह मंत्री अनिल देशमुख ने दादी को आर्थिक मदद दी थी।
गृह मंत्री देशमुख ने साड़ी के साथ दी 1 लाख रु की आर्थिक मदद
शांता पवार का वायरल वीडियो गृह मंत्री अनिल देशमुख तक भी पहुंचा था, जिसके बाद उन्होंने पुणे आकर शांता को एक साड़ी और 1 लाख रुपए की आर्थिक मदद भी दी थी। महिला ने यहां गृह मंत्री अनिल देशमुख को कुछ करतब करके भी दिखाए। इस बारे में गृहमंत्री ने कहा था- इनका सोशल मीडिया में वायरल वीडियो मेरे पास तक पहुंचा था और मेरे मन में इनसे मिलने की इच्छा थी, इसलिए मैं आज इनसे मिलने इनके घर तक आया हूं।
कई लोग कर चुके हैं मदद का ऐलान
शांता बाई पवार सीता-गीता और शेरनी जैसी फिल्मों में नजर आ चुकी हैं। फिलहाल, वे पुणे के एक झोपड़ी में रहकर अपना पेट पाल रही हैं। रातों-रात वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें बॉलीवुड समेत पुणे के पुलिस कमिश्नर से भी खूब सराहना मिली। अभिनेता रितेश देशमुख की टीम ने भी उनकी मदद की। इसके अलावा कई लोग दादी को आर्थिक मदद पहुंचा चुके हैं।

Tuesday, 26 November 2019

16:06

75 घण्टे में फड़नवीस का कार्यकाल खत्म दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा


मुंबई: महाराष्ट्र में जारी घमासान के बीच देवेंद्र फडणवीसने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में फडणवीस ने अपने इस्तीफे की घोषणा की। बता दें कि इससे पहले डिप्टी सीएम अजित पवार इस्तीफा दे चुके हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस को निर्देश दिया था कि वह बुधवार को शाम पांच बजे तक विधानसभा में अपना बहुमत साबित करें। न्यायालय ने कहा कि बहुमत परीक्षण में विलंब होने से ‘खरीद फरोख्त’ की आशंका है। न्यायमूर्ति एन वी रमण, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि विधान सभा चुनाव के नतीजों की घोषणा हुए एक महीना हो गया लेकिन अभी तक अनिश्चितता बनी है।

पीठ ने कहा कि ऐसी स्थिति में खरीद फरोख्त जैसी गैरकानूनी गतिविधयों पर अंकुश लगाने और अनिश्चितता खत्म करके स्थिर सरकार सुनिश्चित करने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना न्यायालय के लिए जरूरी हो गया है। सदन में तत्काल शक्ति परीक्षण ही इसका सबसे प्रभावशाली तरीका है। शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से कहा कि वह अस्थाई अध्यक्ष नियुक्त करें और यह सुनिश्चित करें कि सारे निर्वाचित सदस्य बुधवार को शाम पांच तक शपथ ग्रहण कर लें ताकि सदन में शक्ति परीक्षण हो सके।

न्यायालय ने निर्देश दिया कि शक्ति परीक्षण के लिए गुप्त मतदान नहीं होगा और सदन की सारी प्रक्रिया का सीधा प्रसारण होगा। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि अस्थाई अध्यक्ष की नियुक्ति सिर्फ इसी कार्य के लिए तत्काल की जाएगी। पीठ ने कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में जहां, अगर सदन में शक्ति परीक्षण में विलंब हुआ, खरीद फरोख्त की आशंका है, न्यायालय के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए इसमें हस्तक्षेप करना अनिवार्य हो जाता है। ऐसी स्थिति में तत्काल शक्ति परीक्षण ही संभवत: सबसे प्रभावी तरीका होगा।’’
15:29

महाराष्ट्र की राजनीतिक में बड़ा उलटफेर- अजीत पवार ने दिया इस्तीफा थोड़ी देर में फडणवीस की प्रेस कान्फ्रेंस शिवसेना का होगा मुख्यमंत्री


*नई दिल्ली* महाराष्ट्र में चल रहे सियासी घटनाक्रम ने दोपहर में एक बार फिर रोचक मोड़ ले लिया। बीजेपी की अहम बैठक के बाद एक तरफ तो एनसीपी नेता अजित पवार के इस्तीफे की बात सामने आई तो दूसरी तरफ खुद सीएम फडणवीस की ओर से करीब साढ़े तीन बजे प्रेस वार्ता करने की जानकारी मिली।

बताया जा रहा है कि सीएम देवेंद्र फडणवीस इस प्रेसकॉन्फ्रेंस के बाद ही अपनी इस्तीफा दे सकते हैं। इससे पहले अजित पवार के इस्तीफे की खबर ने पूरे महाराष्ट्र में हड़कंप मचा दिया।

दरअसल एनसीपी लगातार अजित पवार से डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देने की बात कह रही थी। इसी को लेकर उन्होंने सुबह शरद पवार, सुप्रिया सुले और देवेंद्र फडणवीस के साथ-साथ भाई श्रीनिवास से भी बातचीत की थी।

इन मुलाकातों के बात उनके इस्तीफे की खबरें सामने आ गईं। हालांकि उनके बेटे और जयंत पाटिल ने भी इस्तीफा जैसी किसी भी खबर की जानकारी नहीं होने की बात कही।

बहरहाल बहुमत साबित करने में जुटी बीजेपी के अचानक यू टर्न लेने से भी महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल आ गया है। आखिर ऐसी क्या वजह रही कि बीजेपी ने बहुमत साबित करने से पहले ही हार मान ली है।

आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए 30 घंटे का वक्त दिया गया था। इसके बाद से ही बीजेपी अपनी सरकार बचाने की कवायद में जुटी थी, लेकिन दोपहर में अचानक सीमकरण बदले और देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफे की बात सामने आ गई।

Saturday, 23 November 2019

13:27

महाराष्ट्र मे सत्ता संग्राम जारी फडणवीस बने मुख्यमंत्री पवार बोले मेरा समर्थन नहीं


महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार को एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी ने देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। देवेंद्र फडणवीस के साथ शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने भी डिप्टी सीएम पद की शपथ ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फड़णवीस और अजित पवार को महाराष्ट्र के क्रमश: मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर शनिवार को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके भरोसा जताया कि ये दोनों नेता महाराष्ट्र के विकास के लिए काम करेंगे। गृह मंत्री और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम और अजीत पवार को डिप्टी सीएम बनने पर दी बधाई।_
_फडणवीस ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, अमित शाह जी और जेपी नड्डा जी का आभार व्यक्त करता हूं उन्होंने महाराष्ट्र की सेवा करने का मौका दिया। जनता ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने हमारा साथ छोड़कर किसी और जगह गठबंधन करना शुरू कर दिया। जिसके चलते महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हुआ। महाराष्ट्र जैसे राज्य में यह कितने समय लागू रहे यह शोभा भी नहीं देता है। इसके चलते महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत थी खिचड़ी सरकार की नहीं। अंत में मैं राष्ट्रवादी पार्टी के नेता अजित पवार को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने हमारा साथ दिया।_
_उन्होंने कहा कि हमारे साथ कई अन्य लोग भी आएं हैं। हमारा दावा राज्यपाल का पेश किया। राज्यपाल जी ने राष्ट्रपति जी से अनुशंस की कि वह राष्ट्रपति शासन वापस लें। इसके बाद राज्यपाल ने सरकार बनाने का न्यौता दिया। महाराष्ट्र में स्थिर और स्थाई सरकार दे पाएंगे।_
_डिप्टी सीएम अजीत पवार ने कहा कि 24 तारीख को नतीजे आए और किसी की सरकार नहीं बनी। बहुत समस्या थी जिसमें किसानों की समस्या थी। सरकार आती है तो रास्ता निकालने में मदद हो सकती है। इसलिए हम सब ने यह निर्णय लिया।_
_आपको बता दें कि एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने शुक्रवार शाम उद्धव के साथ करीब दो घंटे तक बातचीत के बाद इसका ऐलान किया कि वह मुख्यमंत्री होंगे। पवार ने कहा कि ये साफ है कि नेतृत्व का मुद्दा हमारे सामने नहीं है। कांग्रेस-एनसीपी और शिवसेना तीनों दलों में इस बात को लेकर सहमति है कि उद्धव ठाकरे ही सरकार का नेतृत्व करेंगे। वहीं महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन अहम होने वाला है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को दी बधाई_
उधार उद्धव ठाकरे और पवार ने साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि बीजेपी रात के अंधेरे में सरकार बनाकर देश की जनता को गुमराह कर रही है शरद पवार का कहना है कि सरकार एनसीसी टांडे प्रकार की ही बनेगी अजित पवार के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई होगी

Thursday, 21 November 2019

20:57

महाराष्ट्र में उद्धव बनेंगे मुख्यमंत्री आदित्य को शिक्षा मंत्रालय मिलने के आसार


*नई दिल्ली।* महाराष्ट्र नई सरकार के गठन की घड़ियां नजदीक हैं। गुरुवार को एनसीपी-कांग्रेस की बैठक के बाद अब तो नया फॉर्मूला भी सामने आने लगा है। सूत्रों की मानें तो पूरा मंत्रिमंडल तैयार हो गया है। शिवसेना के आदित्य ठाकरे को शिक्षा मंत्री बनाने पर मुहर लगी है, जबकि अजीत पवार गृह मंत्री बन सकते हैं। इसके अलावा बाला साहेब थोराट, नवाब मलिक, एकनाथ शिंदे, दिवाकर राउते, सुभाष देसाई को भी मंत्री पद दिए जाएंगे।

सीएम बनेंगे उद्धव ठाकरे
शिवसेना के सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक उद्धव ठाकरे इस महागठबंधन की सरकार के मुख्यमंत्री होंगे। इसके अलावा सरकार के कामकाज को लेकर भी एक समिति का गठन किया जाएगा।

आपको बता दें कि इन जानकारियों पर अब तक किसी भी दल से आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि शुक्रवार को महाराष्ट्र में नई सुबह होगी और सरकार बनाने को लेकर बड़ा ऐलान भी कर दिया जाएगा।

4:34 PM - Nov 21, 2019

मुंबई में शिवसेना से एनसीपी और कांग्रेस की अंतिम दौर की बातचीत शुक्रवार 22 नवंबर को होना है। मुमकिन है इस बैठक के बाद कोई बड़ा ऐलान हो जाए।

आपको बता दें कि इससे पहले ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने अपने सभी विधायकों को आधारकार्ड और पांच दिन के कपड़े लेकर बुलाया है। वहीं शुक्रवार को ही शिवसेना के साथ एनसीपी-कांग्रेस की अहम बैठक होना है।

इस बैठक के बाद सरकार बनाए जाने के फॉर्मूले से पर्दा हट जाएगा और साथ ही ये भी खुलासा हो जाएगा कि महाराष्ट्र में राजनीति किस करवट बैठती है।

Tuesday, 12 November 2019

15:48

राष्ट्रपति शासन की दहलीज पर पहुंचा महाराष्ट्र





महाराष्ट्र में सत्ता का संघर्ष अब राष्ट्रपति शासन की तरफ पहुंचता दिखाई दे रहा है. किसी भी दल को बहुमत न मिलने के चलते 24 अक्टूबर के बाद से अब तक राज्य में सरकार गठन नहीं हो पाया है. बीजेपी और शिवसेना दोनों को राज्यपाल सरकार बनाने के लिए बुला चुके हैं और उनके चांस खत्म हो गए हैं. आज एनसीपी की बारी है. इससे  पहले ही मोदी कैबिनेट ने राष्ट्रपति शासन पर फैसला ले लिया है और राष्ट्रपति को सिफारिश भेज दी है. राष्ट्रपति शासन-दी मंजूरी महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश, मोदी कैबिनेट ने दी मंजूरी  बीच शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है.

Friday, 8 November 2019

22:12

महाराष्ट्र में बिगड़े राजनीतिक समीकरण फडणवीस का इस्तीफा



महाराष्ट्र में चल रहे भाजपा और शिवसेना के कोन बनेगा मुख्यमंत्री का खेल आखिरकार पहले मैं पहले मैं करते हुवे खत्म हुवा शिवसेना के 56 इंच के सीने को देखने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फणनवीस ने दिया राज्यपाल को स्तीफा।
फणनवीस ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पिछले 15 दिनों से आज तक शिवसेना ने भाजपा और मोदी जी के खिलाफ लगातार बयान दिये जिसके कारण हम बहुत आहत हुवे है फणनवीस ने कहा कि चाहते तो हम भी जवाब दे सकते थे पर हमने जवाब नही दिया।
वही शिवसेना प्रमुख उद्दव ठाकरे ने कहा कि हमने मोदी जी पर कभी भी व्यक्तिगत आरोप नही लगाये है जो भी बाते हमने सामने रखी हैं उसमें जो भी पहले समझौता हुवा था कि विधानसभा चुनाव में 50-50 का फार्मूला तय हुवा था वही बात हम आज भी कह रहे हैं।

 सूत्रों के अनुसार भाजपा हाईकमान शिवसेना को उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्रालय सहित 14 मंत्रालय भी देने को राजी हो गया था पर बात नही बनी शिवसेना ने अपनी वही बात रखी कि मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही बनेगा जिस पर सहमती नही बनी हालाकि केंद्रीयमंत्री नितिन गड़करी ने भी सुलह की पहल की थी पर बात नही बनी।

रामदास अठावले भी शरद पवार से मिलने पहुंचे शरद पवार ने अठावले से कहा कि हम शिवसेना के साथ सरकार नही बनाएंगे उसके बाद शिवसेना नेता संजय राउत भी शरद पवार से मिलने पहुंचे।

Wednesday, 6 November 2019

10:22

क्लाइमेक्स की ओर महाराष्ट्र का मैच मोहन भागवत फडणवीस ने किया घंटे भर मंथन के सी शर्मा



नागपुर. महाराष्ट्र में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहा है. शिवसेना और बीजेपी अपने-अपने जिद पर अड़े हैं, इसी का नतीजा है कि अभी तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो सका है.कांग्रेस-एनसीपी मौके को भांपने में जुटे हैं और अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं. ऐसे में महाराष्ट्र के सियासी मुकाबले में क्लाइमेक्स बना हुआ है.

मंगलवार देर शाम नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में सीएम देवेंद्र फडणवीस ने संघ प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की. इस दौरान कार्यकारी प्रमुख भैयाजी जोशी व अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे. इससे पहले देवेंद्र फडणवीस ने सरकार पर सस्पेंस के बीच मुंबई में अपने आवास पर बीजेपी कोर कमेटी की आपात बैठक बुलाई थी.

*शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं आया*

भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने कहा, 'हमें अब तक सरकार के गठन पर शिवसेना से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. हम इंतजार कर रहे हैं और हमारे दरवाजे उनके लिए 24 घंटे खुले हैं. हम जल्द से जल्द 'महा-यति' की नई सरकार बनाएंगे.'उन्होंने दोहराया कि निवर्तमान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में शिवसेना और अन्य सहयोगी दलों के साथ भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ही शपथ लेगी. पाटिल मंगलवार की दोपहर भाजपा राज्य कोर कमेटी की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे. यह बैठक फडणवीस की अध्यक्षता में हुई, जिसमें कई मंत्रियों और अन्य शीर्ष नेताओं ने भाग लिया.

बीजेपी-शिवसेना ने एक साथ लड़ा था विधानसभा चुनाव

बता दें कि बीजेपी और शिवसेना ने एक साथ महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव लड़ा था. 24 अक्टूबर को आए नतीजों में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिल सका और बीजेपी 105 सीटों पर सिमट गई, जबकि शिवसेना 56 सीटें जीतने में कामयाब रही. दोनों दलों के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त विधायक हैं, लेकिन दोनों ही दल 50-50 फॉर्मूले को अपने-अपने हिसाब से आगे रख रहे हैं और सत्ता में भागीदारी को लेकर चल रही खींचतान के चलते अब तक सरकार का गठन नहीं हो पाया है.

Monday, 4 November 2019

14:50

शिवसेना को मनाने के लिए भाजपा ने लिया बड़ा फैसला लेकिन क्या खत्म हो सकता है टकराव





महाराष्ट्र में चुनाव नतीजों की घोषणा हुए 10 दिन से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक भाजपा और शिवसेना के बीच सरकार बनाने को लेकर समाधान नहीं निकल सका है। दोनों ही दल मुख्यमंत्री पद को लेकर अड़े हुए हैं।

हालांकि भाजपा दो अहम मंत्रालयों की कुर्बानी देने के लिए तैयार हो गई है। सूत्रों की मानें तो भाजपा इस बात पर गंभीर रूप से चर्चा कर रही है कि शिवसेना के साथ सरकार गठन करने के लिए वह दो अहम मंत्रालय राजस्व और वित्त मंत्रालय को छोड़ दे ।

सूत्रों के अनुसार रविवार को देवेंद्र फडणवीस ने भाजपा की कोर कमेटी की बैठक को बुलाया था, जिसमे यह तय हुआ है कि पार्टी शिवसेना को राजस्व और वित्त मंत्रालय देने का प्रस्ताव दे सकती है। माना जा रहा है कि भाजपा शिवसेना को यह दोनों मंत्रालय इसलिए देना चाहती है ताकि वह मुख्यमंत्री पद की जिद को छोड़ दे। बता दें कि इससे पहले भाजपा ने शिवसेना को 13 और भाजपा को 26 मंत्री पद का प्रस्ताव दिया था, जिसे शिवसेना ने ठुकरा दिया था।

मौजूदा समम में सरकार की बात करें तो राजस्व मंत्रालय चंत्रकांत पाटील और वित्त मंत्रालय सुधीर मुनगंटीवार के पास है। शिवसेना मुख्यमंत्री पद के साथ-साथ गृह, वित्त, राजस्व और नगर विकास जैसे अहम मंत्रालयों का समान बंटवारा चाहती है। फिलहाल गृह और नगर विकास मंत्रालय खुद फडणवीस के पास है।

ऐसे में अगर भाजपा राजस्व और वित्त मंत्रालय को छोड़ती है तो चंत्रकांत पाटील और सुधीर मुनगंटीवार को मंत्रालय छोड़ना पड़ेगा। दरअसल दोनों ही नेताओं को पार्टी का कद्दावर नेता माना जाता है, लिहाजा इन दो अहम मंत्रालयों के जाने से फडणवीस की सरकार पर पकड़ ढीली हो जाएगी, ऐसे में पार्टी उम्मीद कर रही है कि शिवसेना इस प्रस्ताव के बाद मुख्यमंत्री पद को छोड़ सकती है।

Thursday, 31 October 2019

18:05

क्या अब महाराष्ट्र में बन पाएगी शिवसेना सरकार



भाजपा का मानना है कि शिवसेना सरकार बनाने के लिये कांग्रेस और एनसीपी से कभी भी समर्थन नही लेगी इस लिये ही भाजपा ने अपने तेवर दिखाते हुवे बयान में कहा है कि शेर भूख रहना पसंद करता है पर शेर कभी भी घांस नही खाता है मतलब शिव सेना की मजबूरी सिर्फ और सिर्फ भाजपा ही है। लगता है इसी कारण भाजपा ने शिवसेना को चेतावनी के लहजे में कहा है कि शेर कभी घांस नही खाता मतलब कुछ भी हो चाहे भाजपा शिव सेना को मुख्यमंत्री पद नही देगी तो भी शिव सेना मजबूर होकर भाजपा को ही समर्थन देगी।
पर लगता है कि भाजपा भूल गई है कि कर्नाटक में कुमार स्वामी की सरकार कांग्रेस के सपोर्ट से बन सकती है और सपोर्ट से झाड़खंड में मधुकोड़ा की सरकार बन सकती है तथा 1979 में केंद्र में चरणसिंह की सरकार पूर्व प्रधानमंत्री स्व इंदिरागांधी के सपोर्ट से बन सकती हैं।
साथ ही 44 सांसदों वाली चन्द्रशेखर की पार्टी की पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव गांधी के समर्थन से सरकार बन सकती है तो एनसीपी ओर कांग्रेस के समर्थन से 56 विधायको  वाली शिवसेना की सरकार क्यो नही बन सकती है।

वैसे भी शिवसेना का एक लक्ष्य यह भी है कि वो बाला साहिब ठाकरे के उस सपने को साकार करे जो बाला साहिब ठाकरे का सपना था कि ठाकरे परिवार का सदस्य माहाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बने शिवसेना का मानना है यह वही अवसर है जब बाला साहिब ठाकरे के सपनो को साकार किया जा सकता है। इस लिये संभव नही कि महाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बने और भाजपा का मुख्यमंत्री बन सके।

भाजपा और शिवसेना का विवाद सिर्फ सरकार बनाना ही नही है बल्कि शिव सेना जो माहाराष्ट्र की कभी सबसे बड़ी पार्टी हुवा करती थी उसे अब सबसे छोटी पार्टी भी भाजपा ने ही बनाया है शिवसेना का मानना है कि भाजपा के बढ़ रहे जनाधार को रोकने के लिये सरकार बनाना सबसे अच्छा रास्ता है। क्योंकि सरकार में बैठकर ही भाजपा के जनाधार को कम किया जा सकता है और खुद के जनाधार को बढ़ाया जा सकता है वैसे भी जितने भी मतदाता आज भाजपा के साथ है वो कभी शिवसेना के साथ हुवा करते थे इस घाटे को पूरा करने के लिये शिवसेना का भाजपा से राजीनामा करना संभव नही लगता है।

आज शाम 6 बजे शिवसेना राज्यपाल को सरकार बनाने के लिये शिव सेना के विधायको के समर्थन और सहयोगियों के समर्थन की चिट्ठी सौंप सकती है। इसका मतलब साफ है शिवसेना अब कांग्रेस और एनसीपी के सपोर्ट से सरकार बना सकती हैं।

लगता है आदित्य नही उद्धव ठाकरे बन सकते है माहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री क्योकि जिस तरीके से माहाराष्ट्र का राजनीतिक घटनाक्रम बदल रहा है और एकनाथ शिंदे को शिवसेना ने विधायक दल का नेता चुना लिया है इससे साफ नजर आता है कि उद्दव ठाकरे ही माहाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे।

शिवसेना को भी लगता है कि इस बार अगर 50-50 के फार्मूले पर जो कि देश मे पब्लिश हो चुका है से पीछे हटे तो आने वाले समय मे भाजपा का फायदा ज्यादा ओर शिवसेना का नुकसान ज्यादा होगा क्योकि सामना में भी लगातार प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा की खिलाफत शिवसेना करती ही आ रही है और अब अगर शिव सेना फिर भाजपा के सामने झुक गई तो शिवसेना की किरकिरी होना तय है। इस लिये संभव नही कि माहाराष्ट्र में भाजपा की सरकार बने।