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Thursday, 9 September 2021

02:58

किस दिन जन्मे है आप जाने दिन के अनुसार भाग्य और स्वभाव tni

 राम जी पांडे

आपने लोगों की राशि, कुंडली और जन्म तिथि के हिसाब से लोगों के स्वभाव और व्यक्तित्व के बारे में काफी कुछ सुना होगा. लेकिन क्या आपको पता है कि हर दिन की भी अपनी अलग एनर्जी होती है. जो उस दिन पैदा होने वाले बच्चे के व्यक्तित्व और गुणों में भी झलकती है. ज्योतिष के अनुसार आप सप्ताह के जिस दिन में पैदा हुए हैं, उसके हिसाब से भी अपने बारे में काफी कुछ जान सकते हैं. यहां जानिए किस दिन पैदा होने वाले लोगों में क्या खूबियां होती हैं.

सोमवार : सोमवार का दिन चंद्रमा का होता है, इसलिए इस दिन जन्में लोगों का मन चंचल होता है. वो एक चीज पर बहुत लंबे समय तक नहीं टिक सकते. ऐसे लोग खुशमिजाज होते हैं और जहां जाते हैं, खुशियां ही बांटते हैं. इसलिए इन्हें काफी पसंद किया जाता है. हालांकि इन्हें कफ से जुड़ी समस्याएं होने की आशंका रहती है.


मंगलवार : इस दिन जन्में लोगों पर हनुमान बाबा की कृपा होती है. ऐसे लोगों का दिल भी हनुमान जी की तरह उदार होता है और ये जरूरतमंदों की मदद के लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. हालांकि इनका गुस्सा काफी तेज होता है. लेकिन स्वभाव से ये लोग भोले होते हैं. ये​ किसी के प्रति मन में बैर नहीं रखते.

 

बुधवार : बुधवार का दिन गणेश जी का माना जाता है. इस दिन जन्मे लोग बुद्धिमान होने के साथ बातचीत करने में माहिर होते हैं. ये लोग अपने परिवार के प्रति बहुत समर्पित होते हैं और उनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं. इन्हें काफी भाग्यशाली माना जाता है, इसलिए ये किसी भी समस्या में फंसकर आसानी से बाहर निकल ही आते हैं.

 

गुरुवार : गुरुवार को जन्मे लोग बहुत आकर्षक व्यक्तित्व के होते हैं. इनसे मिलकर लोग इंप्रेस हुए बिना रह ही नहीं सकते. ये बातचीत की कला में इतने माहिर होते हैं कि सामने वाले का किसी भी विषय में मुंह बंद रख सकते हैं. दिखने में ये काफी आकर्षक होते हैं. अपनी इन्ही क्वालिटीज की बदौलत ये जल्द ही धनवान भी बन जाते हैं.

शुक्रवार : शुक्रवार को जन्मे लोग स्वभाव से काफी सीधे होते हैं. ये हर ​तरह के वाद विवाद से दूर रहना पसंद करते हैं. हालांकि इनमें ईर्ष्या की भावना कई बार देखने को मिल जाती है. शुक्रवार का दिन चूंकि मां लक्ष्मी का है, इसलिए इन पर माता की विशेष कृपा हो जाती है, इसलिए इन लोगों को हर सुख सुविधा प्राप्त होती है.

शनिवार : शनिवार को जन्मे लोगों पर शनिदेव की कृपा होती है. इन लोगों को बात बात पर गुस्सा आता है. लेकिन इनमें जबरदस्त इच्छा शक्ति होती है. ये लोग जिस काम में लगते हैं, उसमें महारथ हासिल करने के बाद ही दम लेते हैं. इनकी जिंदगी संघर्षमय होती है. लेकिन ये अपनी कड़ी मेहनत से अपने भाग्य को पलट देते हैं और जो चाहते हैं, उसे प्राप्त कर लेते हैं.

रविवार : रविवार का दिन सूर्य का होता है. इस दिन जन्में लोगों पर भी सूर्यदेव का आशीर्वाद होता है. ऐसे लोग खूब यश प्राप्त करते हैं. करियर भी इनका काफी अच्छा रहता है. ये बातचीत काफी सोच समझकर कर करते हैं. इन्हें इस बात की समझ बहुत अच्छे से होती है, कि कहां कैसे पेश आना है.

Saturday, 21 August 2021

11:40

जानें रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त और किस तरह शुरू हुआ यह पर्व


  
भाई और बहन के प्यार के प्रतीक रक्षा बंधन के पर्व को हर साल सावण मास के शुक्ल पक्ष में पूर्णिमा वाले दिन मनाया जाता है। इस बार यह पर्व 22 अगस्त दिन रविवार को मनाय जा रहा है 

राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
हर बार रक्षा बंधन के शुभ मुहूर्त को लेकर लोगों के मन में संशय बना रहता है। प्रमुख रूप से भ्रद्राकाल और राहुकाल में राखी बांधने का शास्त्रों में निषेध बताया गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि

भद्रायां द्वे न कर्त्तव्ये, श्रावणी फाल्गुनी तथा।
श्रावणी नृपतिं हन्ति, ग्रामं दहति पावकी  !!

लेकिन इस बार भद्रा काल राखी से अगले दिन यानी 23 अगस्त, सोमवार को सुबह साढ़े पांच बजे से सवा छह बजे तक रहेगा। इसलिए 22 अगस्त को राखी वाले दिन भद्रा का स्पर्श न होने से कोई संशय मन में नहीं रखना चाहिए। राहुकाल 22 अगस्त को शाम सवा पांच बजे से लगभग सात बजे तक रहेगा। इसलिए इन दोनों समयावधि को छोड़कर पूरा दिन अपनी सुविधानुसार राखी का पर्व मनाया जा सकता है। लेकिन फिर भी बहुत सारे लोग शुभ मुहूर्त के विषय में जानना चाहते हैं। उनकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार पूर्णिमा 21 अगस्त को शाम सात बजे आरंभ होगी और अगले दिन यानी 22 अगस्त की शाम साढ़े पांच बजे तक रहेगी।

ज्योतिष के विद्वानों का मानना है कि इस बार रक्षा बंधन पर घनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में चंद्रमा और गुरु के स्थित रहने के कारण गजकेसरी योग बनता दिखाई दे रहा है। ऐसा योग बहुत वर्षों बाद बन रहा है। इसलिए इन सब शास्त्रीय योगों को ध्यान में रखते हुए राखी का शुभ मुहूर्त प्रात: 9:35 बजे से 11:07 बजे के बीच और उसके बाद 11:57 बजे से 12:50 बजे के बीच अत्यंत ही शुभ माना जाएगा। जो लोग इस अवधि में राखी न बांध पाएं उन्हें भी चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। वे सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक राहुकाल (शाम 5:15 से 6:59) को छोड़कर कभी भी अपनी सुविधानुसार राखी बांध सकते हैं। 

 ज्ञान कर्म योग सेवा संस्थान
 रजिस्टर्ड नोएडा उत्तर प्रदेश

 असहाय ओ की सहायता के लिए सदा अग्रसर रहें

 कथा व्यास 
आचार्य प्राण नाथ मिश्रा
 संपर्क सूत्र 78358 27808     
3839 858 883

Thursday, 22 July 2021

03:36

जर्मन महिला की आध्यात्मिक खोज उसे भारत ले आई tap

सारनाथ प्राचीन भारतीय बौद्ध धर्म के चार पवित्र स्थलों में से एक है। यहीं पर शाक्यमुनि ने सर्वप्रथम अपने धर्म का प्रसार किया था। यहां, क्रिस एक घरेलू होटल चलाती हैं। उनका छोटा ईंट का घर एक बड़े स्तूप के ठीक पीछे, हरे पेड़ों में छिपा है।
क्रिश्चियन टेइक जर्मनी से हैं और उनका परिवार उन्हें क्रिस कहता है। उन्हें बचपन से प्रकृति और यात्रा से लगाव रहा है, और दशकों से वे 55 देशों की यात्रा कर चुकी हैं। 21 साल की उम्र में, क्रिस पहली बार भारत आईं। उस समय वह मूर्तिकला का अध्ययन करने वाली छात्रा थीं। हैरानी की बात है कि इस प्राचीन बौद्ध देश का उनके साथ एक अद्भुत संबंध था।
एक समाजसेवी होने के नाते, क्रिस ने इथियोपिया में महान अकाल के दौरान सात साल तक स्वयंसेवक के रूप में काम किया, स्कूलों और बच्चों के लिए घरों को स्थापित करने में मदद की; फिर स्थानीय समुदायों की सेवा करने के लिए दक्षिण अमेरिका गईं। उन्होंने लोगों की पीड़ा और मौत को करीब से देखा। इन अनुभवों ने उनके दिल को झकझोर दिया। वह यह समझने के लिए उत्सुक थीं कि मानव अस्तित्व का सही अर्थ क्या है और दु:ख का मूल कारण क्या है?
अपनी खोज में भटकते हुए, क्रिस की शंकाओं का समाधान नहीं हुआ। एक बार महिला दिवस के अवसर पर, उन्होंने एक अमेरिकी चीनी महिला को ध्यान अभ्यास में देखा। वह तुरंत उस अभ्यास की ओर आकर्षित हुई और पता चला कि यह फालुन दाफा की प्राचीन साधना थी।
क्रिस ने आध्यात्मिक साधना के सभी प्रकार के अभ्यासों और पद्धतियों को देखा था, और इस बार उनका परिचय फालुन दाफा से हुआ, जिसे उन्होंने परखने का निर्णय लिया। खोजने और परखने की अवधि के बाद, उन्होंने फालुन दाफा का अभ्यास करने का दृढ़ संकल्प लिया। 15 वर्षों के बाद, क्रिस ने कहा: “इस तरह के अभ्यास ने मुझे पूरी तरह से बदल दिया है। पहले मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं था और मुझे बहुत सी बीमारियाँ थीं। इस अभ्यास के बाद, मेरे स्वास्थ्य में बहुत सुधार हुआ है। अपने रोजमर्रा के जीवन में अब मैं किसी भी तरह की समस्या का शांति से सामना करने में सक्षम हूं। ”
फालुन दाफा के अभ्यास के बाद, क्रिस ने बेहतर स्वास्थ्य और शांत मन का अनुभव किया और इसे वे दूसरों के साथ भी साझा करना चाहती थीं। फालुन दाफा का सन्देश लोगों के बीच लाने के लिए उन्होंने पूरे भारत का भ्रमण आरम्भ कर दिया। आज तक, उन्होंने लद्दाख, पूर्वोत्तर भारत, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और दक्षिण भारत की यात्रा करते हुए 60 से अधिक स्कूलों का दौरा किया है।
जब क्रिस ने स्थानीय शिक्षकों और छात्रों को इस अभ्यास का परिचय दिया, तो उन्होंने इस दुखद बात के बारे में भी बताया: “यह शांतिपूर्ण साधना अभ्यास अपने जन्मस्थान - चीन में क्रूर दमन का शिकार है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) नास्तिकता को मानती है और अध्यात्म को दबाती है। 1999 के बाद से, बहुत से निर्दोष फालुन गोंग अभ्यासियों को यातनाएं दी गईं और मार डाला गया। जब मैंने भारतीय शिक्षकों और छात्रों को फालुन दाफा के चमत्कारी प्रभावों से परिचित कराया, तो मैंने उन्हें यह भी बताया कि कैसे सीसीपी इन अच्छे लोगों को सताती है, जबकि दुनिया भर के सभी देशों ने इस आध्यात्मिक साधना पद्धति को मान्यता दी है और इसका स्वागत किया है। ”
क्रिस के चेहरे पर शांति और खुशी झलकती है। उनसे बात करते हुए आप उनकी हार्दिक खुशी और दिल को छू लेने वाली सादगी को महसूस कर सकते हैं। अपने पिछले जीवन और विश्व भ्रमण को याद करते हुए क्रिस अचरज से कहती हैं: "मैंने दुनिया भर की यात्रा की है, मुझे बहुत सा स्नेह और सद्भाव मिला है - लेकिन सबसे अनमोल निधि आत्मा की शांति है... दुनिया की पीड़ा समाप्त नहीं हुई है और मैंने पाया कि सत्य, करुणा और सहनशीलता के साथ जीवन जीना सबसे बड़ी उपलब्धि है। मैं इस अनमोल अभ्यास को सभी के साथ साझा करना चाहती हूँ। यह लोगों के जीवन में आशा का संचार और बेहतर जीवन जीने की उम्मीद देता है। ”

Saturday, 3 July 2021

01:04

क्या आप जानते है मृत्यु के चौदह प्रकार tap news

शंकर झा
राम-रावण युद्ध चल रहा था, तब अंगद ने रावण से कहा- तू तो मरा हुआ है, मरे हुए को मारने से क्या फायदा?
रावण बोला– मैं जीवित हूँ, मरा हुआ कैसे?

अंगद बोले, सिर्फ साँस लेने वालों को जीवित नहीं कहते - साँस तो लुहार का धौंकनी भी लेती है!
तब अंगद ने मृत्यु के 14  प्रकार बताए-

अंगद द्वारा रावण को बताई गई ये बातें सर्वकालिक हैं! यदि किसी व्यक्ति में इन 14 दुर्गुणों में से एक दुर्गुण भी मौजूद है, तो वह मृतक समान माना जाता है!

रामचरितमानस के लंका काण्ड का यह प्रसंग अत्यंत सारगर्भित और शिक्षणीय है :----

कौल कामबस कृपिन विमूढ़ा।
अतिदरिद्र अजसि अतिबूढ़ा।।
सदारोगबस संतत क्रोधी।
विष्णु विमुख श्रुति संत विरोधी।।
तनुपोषक निंदक अघखानी।
जीवत शव सम चौदह प्रानी।।

1. कामवश:---- जो व्यक्ति अत्यंत भोगी हो, कामवासना में लिप्त रहता हो, जो संसार के भोगों में उलझा हुआ हो, वह मृत समान है। जिसके मन की इच्छाएं कभी खत्म नहीं होतीं और जो प्राणी सिर्फ अपनी इच्छाओं के अधीन होकर ही जीता है, वह मृत समान है। वह अध्यात्म का सेवन नहीं करता है, सदैव वासना में लीन रहता है।

2. वाम मार्गी:----जो व्यक्ति पूरी दुनिया से उल्टा चले, जो संसार की हर बात के पीछे नकारात्मकता खोजता हो; नियमों, परंपराओं और लोक व्यवहार के खिलाफ चलता हो, वह वाम मार्गी कहलाता है। ऐसे काम करने वाले लोग मृत समान माने गए हैं।

3. कंजूस:--- अति कंजूस व्यक्ति भी मरा हुआ होता है। जो व्यक्ति धर्म कार्य करने में, आर्थिक रूप से किसी कल्याणकारी कार्य में हिस्सा लेने में हिचकता हो, दान करने से बचता हो, ऐसा आदमी भी मृतक समान ही है।

4. अति दरिद्र:--- गरीबी सबसे बड़ा श्राप है। जो व्यक्ति धन, आत्म-विश्वास, सम्मान और साहस से हीन हो, वह भी मृत ही है। अत्यंत दरिद्र भी मरा हुआ है। गरीब आदमी को दुत्कारना नहीं चाहिए, क्योंकि वह पहले ही मरा हुआ होता है। दरिद्र-नारायण मानकर उनकी मदद करनी चाहिए।

5. विमूढ़:---अत्यंत मूढ़ यानी मूर्ख व्यक्ति भी मरा हुआ ही होता है। जिसके पास बुद्धि-विवेक न हो, जो खुद निर्णय न ले सके, यानि हर काम को समझने या निर्णय लेने में किसी अन्य पर आश्रित हो, ऐसा व्यक्ति भी जीवित होते हुए मृतक समान ही है, मूढ़ अध्यात्म को नहीं समझता।

6. अजसि:---जिस व्यक्ति को संसार में बदनामी मिली हुई है, वह भी मरा हुआ है। जो घर-परिवार, कुटुंब-समाज, नगर-राष्ट्र, किसी भी ईकाई में सम्मान नहीं पाता, वह व्यक्ति भी मृत समान ही होता है।

7. सदा रोगवश:--- जो व्यक्ति निरंतर रोगी रहता है, वह भी मरा हुआ है। स्वस्थ शरीर के अभाव में मन विचलित रहता है। नकारात्मकता हावी हो जाती है। व्यक्ति मृत्यु की कामना में लग जाता है। जीवित होते हुए भी रोगी व्यक्ति जीवन के आनंद से वंचित रह जाता है।

8. अति बूढ़ा:---अत्यंत वृद्ध व्यक्ति भी मृत समान होता है, क्योंकि वह अन्य लोगों पर आश्रित हो जाता है। शरीर और बुद्धि, दोनों अक्षम हो जाते हैं। ऐसे में कई बार वह स्वयं और उसके परिजन ही उसकी मृत्यु की कामना करने लगते हैं, ताकि उसे इन कष्टों से मुक्ति मिल सके।

9. सतत क्रोधी:----24 घंटे क्रोध में रहने वाला व्यक्ति भी मृतक समान ही है। ऐसा व्यक्ति हर छोटी-बड़ी बात पर क्रोध करता है। क्रोध के कारण मन और बुद्धि दोनों ही उसके नियंत्रण से बाहर होते हैं। जिस व्यक्ति का अपने मन और बुद्धि पर नियंत्रण न हो, वह जीवित होकर भी जीवित नहीं माना जाता। पूर्व जन्म के संस्कार लेकर यह जीव क्रोधी होता है। क्रोधी अनेक जीवों का घात करता है और नरकगामी होता है।

10. अघ खानी:--- जो व्यक्ति पाप कर्मों से अर्जित धन से अपना और परिवार का पालन-पोषण करता है, वह व्यक्ति भी मृत समान ही है। उसके साथ रहने वाले लोग भी उसी के समान हो जाते हैं। हमेशा मेहनत और ईमानदारी से कमाई करके ही धन प्राप्त करना चाहिए। पाप की कमाई पाप में ही जाती है और पाप की कमाई से नीच गोत्र, निगोद की प्राप्ति होती है।

11. तनु पोषक:---ऐसा व्यक्ति जो पूरी तरह से आत्म संतुष्टि और खुद के स्वार्थों के लिए ही जीता है, संसार के किसी अन्य प्राणी के लिए उसके मन में कोई संवेदना न हो, ऐसा व्यक्ति भी मृतक समान ही है। जो लोग खाने-पीने में, वाहनों में स्थान के लिए, हर बात में सिर्फ यही सोचते हैं कि सारी चीजें पहले हमें ही मिल जाएं, बाकी किसी अन्य को मिलें न मिलें, वे मृत समान होते हैं। ऐसे लोग समाज और राष्ट्र के लिए अनुपयोगी होते हैं। शरीर को अपना मानकर उसमें रत रहना मूर्खता है, क्योंकि यह शरीर विनाशी है, नष्ट होने वाला है।

12. निंदक:---अकारण निंदा करने वाला व्यक्ति भी मरा हुआ होता है। जिसे दूसरों में सिर्फ कमियाँ ही नजर आती हैं, जो व्यक्ति किसी के अच्छे काम की भी आलोचना करने से नहीं चूकता है, ऐसा व्यक्ति जो किसी के पास भी बैठे, तो सिर्फ किसी न किसी की बुराई ही करे, वह व्यक्ति भी मृत समान होता है। परनिंदा करने से नीच गोत्र का बंध होता है।

13. परमात्म विमुख:---जो व्यक्ति ईश्वर यानि परमात्मा का विरोधी है, वह भी मृत समान है। जो व्यक्ति यह सोच लेता है कि कोई परमतत्व है ही नहीं; हम जो करते हैं, वही होता है, संसार हम ही चला रहे हैं, जो परमशक्ति में आस्था नहीं रखता, ऐसा व्यक्ति भी मृत माना जाता है।

14. श्रुति, संत विरोधी---: जो संत, ग्रंथ, पुराणों का विरोधी है, वह भी मृत समान है। श्रुत और संत, समाज में अनाचार पर नियंत्रण (ब्रेक) का काम करते हैं। अगर गाड़ी में ब्रेक न हो, तो कहीं भी गिरकर एक्सीडेंट हो सकता है। वैसे ही समाज को संतों की जरूरत होती है, वरना समाज में अनाचार पर कोई नियंत्रण नहीं रह जाएगा।

अतः मनुष्य को उपरोक्त चौदह दुर्गुणों से यथासंभव दूर रहकर स्वयं को मृतक समान जीवित रहने से बचाना चाहिए।

Tuesday, 29 June 2021

02:12

घर में रखी हुई इन वस्तुओं से पनपता है ग्रह दोष जाने उनकी ग्रह स्तिथि

कहते हैं दोस्तो कि अब भाई भाई अलग हो गये यानी दो चूल्हे या अधिक ये तो सभी जानते हैं की भाई मंगल का प्रतीक है ओर घर में रसोई में जलाने वाले चूल्हे भी मंगल है जब भी घर में चूल्हे एक से अधिक हो जायें तो समझो आपका मंगल नकारात्म होने लगा है कई लोग शोख से भी दो तीन चूल्हे रखते हैं मंगल ताकत का कारण भी है इसलिये संगठन में शक्ति है कहा गया है रावण के हारने का कारण मंगल ही था राम के जीत का कारण भी मंगल ही था एक का भाई अलग था ओर एक के साथ था ॥ 
पीतल के बर्तन बुजर्गों के समय के पड़े हों ओर उनको उपयोग में नहीं लाया जा राहा तो सूर्य के गुण खराब होंगें चाहे उच्च ही क्यों ना हो 
घर में पुस्तकों का भंडार हो जो काम नहीं आ रही हो या धार्मिक पुस्तकें मूर्तियां जिनकी पूजा ना हो तो आपका बृहस्पति खराब होगा ॥ 
लोग क्या करतें हैं कि खाली आर्टिफिशियल पॉट घर में रखते हैं कुछ लोग मटके भी खाली रखते हैं कुछ औंधे भी रख देते हैं गांव में छत पर नवरात्रि के कलश भी पड़े राहतें हैं ऐसे लोगों का बुध खराब होगा ओर जो लोग छत पर औंधे रखते है उनका तो बुध राहु का संगम सब चीज़ों को खराब करेगा कारण यह कि छत राहु है ओर खाली मटका बुध है ॥ 
कटे फटे कपडे  बिस्तर अस्त व्यस्त तकियों के कवर फटे हों तो शुक्र खराब होगा ॥ 
देर से सोना देर से उठने की आदत चाचा ताऊ से खराब सम्बंध घर में सीलन लोहा लकड़ी का भंडार जो काम ना आये तवे चिमटे अगर पड़े हो ओर काम नहीं आये तो शनि खराब की ओर इशारे करतें हैं ॥ 
जब कबाड़ इकटठा हो जाये कोयला जंग लगा लोहा बारिश में भीगी लकड़ी खोटे सिक्के घर में पड़े हो तो राहु एक्टिव होता जायेगा ओर परेशानी बढती जायेगीं ॥ 
घर में टेबल खुर्शिया पलंग के पाये या चार पाई कोई भी टूटी फूटी अवस्थाओं में हो तो केतु को खराब समझे ॥ 
घर में टोंटियाँ झरने लगे नल खराब हों चंद्र को खराब करेंगे 
ऐसे तो बहुत से लक्षण हैं मगर सूक्ष्म तौर पर बताया है इसलिये ऐसे लक्षण आपको दिखे तो ठीक करवाये ओर उन वस्तुओं को उपयोग में लाये अन्यथा घर से निकाल दें

Friday, 25 June 2021

07:39

क्या नोटों से भी फैलता है कोविड संक्रमण जानिए क्या कहती है रिसर्च


शंकर झा
कोविड वायरस का संक्रमण इतना फैल गया कि लोग किसी भी चीज को छूने से डरने लगे. लेकिन एक चीज की जरूरत सभी को है और जो है नगद पैसा यानी करेंसी. आज कल लोग नोट को भी सैनेटाइज करने लगे हैं. मगर क्या वाकई मे करेंसी से भी कोरोना का संक्रमण फैल सकता है.

कैट के अनुसार, करेंसी कई लोगों के हाथों से होकर गुजरता है. इसकी वजह से कोविड संक्रमण के फैलने का खतरा अधिक है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कई रिसर्च में में साबित हुआ है कि करेंसी के द्वारा भी संक्रमण फैल सकता है. बल्कि नोटों के जरिए कोविड संक्रमण तेजी से फैलता है, क्योंकि नोटों की सतह सूखी होने के कारण किसी भी प्रकार का वायरस या बैक्टीरिया लम्बे समय तक उस पर रह सकता है.


किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी-लखनऊ, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एडवांस रिसर्च के में भी यह साबित हो चुका है कि करेंसी के जरिए संक्रमण फैल सकता है, इसलिए कोरोना काल में सावधानी से ही नोटों को इस्तेमाल करने की जरूरत है।

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर का खतरा लगातार कम हो रहा है. अब रोजाना सामने आने वाले पॉजिटिव मामलों में तो कमी आई ही है, साथ में मौतों की संख्या में भी लगातार गिरावट देखी जा रही है. पिछले सात दिनों में कोरोना से होने वाली मौतों में 45 फीसदी की कमी आई है.

Thursday, 24 June 2021

18:29

सपने में देख लिया कमल का फूल तो समझिए आने वाली है बड़ी खुशी tap

शंकर झा
प्रिय पाठकों दिन हो या रात सोते समय हम सपने तो जरूर ही देखते है, सपने कई तरह के दिखाई देते हैं. आमतौर पर हम करीब 90 फीसदी सपनों को देखने के बाद भूल जाते हैं. बहुत से लोगों को सपनों के बारे में जानने की इच्छा भी होती है। आपको भी होती होगी, जबकि काफी लोग सपना देखने के बाद उन्हें इग्नोर भी कर देते हैं और उनके बारे में ज्यादा बातें नहीं करते हैं. हम सपने में अच्छे दृश्यों के साथ-साथ बुरे दृश्य भी देखते हैं. जहां अच्छे और मनमोहन दृश्य वाले सपने हमें काफी सुकून देते हैं तो वहीं कुछ सपने देखने के बाद हम डर भी जाते हैं. स्वप्न शास्त्र के अनुसार मानें तो सोते समय देखे जाने वाले सपने हमें भविष्य को लेकर बड़े संकेत देते हैं। इनके अलावा ये हमें भविष्य में होने वाली किसी अप्रिय घटनाओं और गतिविधियों के प्रति सतर्क भी करते हैं।

शुभ सपने कभी भी शेयर नहीं करने चाहिए
हम कई तरह के शुभ और अशुभ सपने देखते हैं। स्वप्न शास्त्र के अनुसार शुभ सपना देखने के बाद उसके बारे में किसी अन्य के साथ कभी भी चर्चा नहीं करनी चाहिए। ऐसा कहा जाता है कि शुभ सपनों की चर्चा करने पर उसका प्रभाव कम हो जाता है और हमें पर्याप्त लाभ भी नहीं मिलता। लिहाजा, किसी भी तरह के शुभ सपने देखने के बाद उन्हें किसी से भी शेयर नहीं करना चाहिए और अपने तक ही सीमित रखना चाहिए। ऐसे ही एक शुभ सपने के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, कई लोगों को सपने में तरह-तरह के फूल और पेड़ दिखाई देते हैं. इसी तरह  सपनों में कई बार लोग कमल का फूल भी देखते हैं।
शुभ संकेत होता है, सपने में कमल का फूल देखना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार स्वप्न में कमल का फूल देखना अच्छा माना जाता है। कोई व्यक्ति सपने में कमल का फूल देखता है तो यह उसके लिए एक शुभ संकेत है। सपने में कमल का फूल देखना मतलब धन लाभ की ओर इशारा करता है. इस सपने का मतलब होता है कि जल्द ही आपके जीवन में ढेर सारा पैसा आने वाला है। धन लाभ आपको किसी भी प्रकार से प्राप्त हो सकता है। हम सभी जानते हैं कि कमल का फूल धन की देवी अर्थात् माता लक्ष्मी का आसन है। ऐसे में यदि आप सपने में कमल का फूल देखते हैं तो ये आपको भविष्य में धनलाभ का संकेत देता है।

Sunday, 20 June 2021

05:55

MOBILE सपने में मोबाइल देखने से क्या होता है कुदरत का इशारा

शंकर झा
सपनों की दुनिया बड़ी विचित्र है, आज हम आपके लिए सपने में मोबाइल देखने का मतलब क्या होता है इस बात की जानकारी लेकर आऐ है |
दोस्तों आज टेक्नोलॉजी काफी एडवांस हो चुकी है। मोबाइल तो हर छोटे बड़े उम्र के लोगों तक अपनी पहुंच बना चुका है | कई लोग तो हाथ में एक से ज्यादा मोबाइल लेकर घूमते हैं | मोबाइल हमारा काम आसान कर देता इसीलिए मोबाइल का आज के समय में बड़ा महत्व है | आज हम आपको सपने में मोबाइल देखने का क्या महत्व है इसकी जानकारी देने वाले है | कृपया इसे ध्यान से पढ़ें |
सपने में मोबाइल देखना शुभ या अशुभ :
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में हमारे साथ क्या ह़ो सकता है। लेकिन जिस तरह हर सिक्के के दो पहलू होते हैं ठीक इसी तरह सपने में मोबाइल देखना शुभ और अशुभ दोनों माना जाता है | लेकिन यह इस पर निर्भर करता है कि आपने सपने में मोबाइल किस अवस्था में देखा हैं | इसीलिए आपको सपने में दिखाई दिया हुआ मोबाइल किस अवस्था में देखा है उस पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए |
सपने में मोबाइल देखना : 
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में मोबाइल देखना शुभ संकेत के तरफ इशारा करता है | सपने में मोबाइल देखना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आपके घर खुशियां प्राप्ति होने वाली है | हो सकता है आपको धन लाभ होने वाला है और इसीलिए आपको सपने में मोबाइल दिखाई दिया है |  
सपने में मोबाइल खरीदना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में मोबाइल खरीदना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आपको नई सफलता मिलने वाली है जिसके चलते आपके घर खुशियों का माहौल होगा | सफल होने के साथ आपका कद पहले से ज्यादा बढ़ सकता है और इसीलिए आपको खुश होना चाहिए कि आपको सपने में ऐसा दृश्य दिखाई दिया है |
सपने में मोबाइल बेचना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में मोबाइल बेचना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आपके घर खुशियों की कमी हो सकती है | हो सकता है कि खुशियों में कमी होना आपके किसी भूल से हुई है | इसीलिए आपको इस स्थिति के जवाबदारी लेनी चाहिए और खुशियां वापस से आ जाए इसका तरीका ढूंढना चाहिए |
मोबाइल खराब होना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में मोबाइल खराब होना इस बात का इशारा करता है कि आने वाले समय में आपका अपने नजदीकी मित्र, पारिवारिक सदस्य या जिस क्षेत्र में आप कार्य करते हैं उनके साथ मतभेद होने वाला है | मतभेद के कारण आपको बड़ा नुकसान भी पहुंच सकता है | इसीलिए सपने में मोबाइल खराब होना अशुभ संकेत की ओर इशारा करता है |
मोबाइल रिपेयर करना
दोस्तों सपने में मोबाइल रिपेयर करना यह सूचित करता है कि आप लंबे समय से किसी के साथ खराब हुए रिश्ते को ठीक करने में लगे हैं | यदि आप पूरी निष्ठा से संबंध अच्छा बनाना चाहते हैं तो यकीनन आपके रिश्ते पहले से बेहतर होंगे और आने वाले समय में आपके संबंध नऐ कीर्तिमान हासिल करेंगे | इस तरह सपने में मोबाइल रिपेयर करना संबंध ठीक करने की ओर इशारा करता है |
सपने में मोबाइल चोरी होना
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में मोबाइल चोरी होना यह दर्शाता है कि अचानक से आपके घर कोई परेशानी या बीमारी की एंट्री होने वाली है | हो सकता है आप या आपके घर के किसी सदस्य को रोग ने अपनी चपेट में ले लिया हो | ऐसे समय में आपको अपनी और अपने परिजनों की सेहत पर विशेष तौर पर ध्यान देना चाहिए और जितना हो सके उतना बाहर का खाना बंद करना चाहिए और पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए | इसीलिए सपने में मोबाइल चोरी होना अशुभ संकेत की ओर इशारा करता है |
मोबाइल चोरी करना
दोस्तों यदि आप खुद को किसी और का मोबाइल चोरी करते हुए देखते हैं तो यह अशुभ संकेत की ओर इशारा करता है | यह सपना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आप के खुशियों को नजर लग सकती है | हो सकता है कि कोई व्यक्ति चाहता हो कि आपके घर से खुशियां दूर हो जाए और आपके परिवार मे झगड़े उत्पन्न हो जाए | ऐसे समय में आपको परिवार को एकजुट रखना चाहिए अन्य लोगों पर नजर रखनी चाहिए जो आपके घर का बुरा चाहते हैं | सपने में मोबाइल चोरी करना खुशियों को नजर लगना है इसीलिए यह सपना अशुभ माना जाता है |
सपने में मोबाइल टूटना
दोस्तों यदि आप सपने में मोबाइल को तोड़ते हुए देखते हैं तो यह सपना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आपकी कोई मनोकामना टूट सकती है | वर्षों से की हुई तपस्या असफल होने की संभावना ओर इशारा करता है |  ऐसे समय में आपको अपने मेहनत और बुद्धिमानी पर विश्वास करना चाहिए ऐसे समय में यदि आपनी सूझबूझ से कार्य करेंगे तो आपका अधूरा कार्य अवश्य पूरा होगा, इसी सोच के साथ आपको आगे बढ़ना चाहिए |
सपने में बहुत सारे मोबाइल देखना 
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपने में बहुत सारे मोबाइल देखना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आपको बहुत सारी छोटी छोटी खुशियां मिलने वाली है | अक्सर हमें छोटी छोटी खुशियां बड़ी खुशी से ज्यादा आनंदित करती है | इसीलिए सपने में बहुत सारे मोबाइल देखना शुभ संकेत कि ओर इशारा करता है | यह सपना हमें यह भी सूचित करता है कि आपके घर आनंद का माहौल उत्पन्न होगा जिसके चलते आपके घर के सभी छोटे-बड़े खुशी से झूम उठेंगे |
सपने में मोबाइल कवर देखना 
दोस्तों सपने में मोबाइल कवर देखना यह दर्शाता है कि आप बहुत ध्यान देकर कोई कार्य करते हैं | आपको अपना परिवार बहुत प्यारा है और आप उनके देखभाल का ख्याल रखते हैं | आपको अपने परिवार से बहुत प्रेम है और परिवार के किसी सदस्य को कोई तकलीफ ना हो इस बात का विशेष तौर पर ध्यान रखते हैं | इसीलिए आपको इस बात से खुश होना चाहिए |
कीपैड वाला फोन देखना 
दोस्तों यदि आपने सपने में बटन वाला फोन देखते हैं तो यह सपना ये दर्शाता है कि आपको अपनी बीती हुई जिंदगी याद आ रही है | हो सकता है कि वर्तमान समय में आप अपने पुराने मित्र, अच्छे पल को याद कर रहे हैं और आपको मिक्स फीलिंग आ रही है | सपने में कीपैड वाला फोन देखना बीती पुराने बातों और पलो को याद करते हुए आप अपनी वर्तमान जिंदगी जी रहे हैं इस बात का इशारा है | इसीलिए आपको खुश होना चाहिए कि आपको ऐसा सपना आया है |
सपने में मोबाइल पर बातें करने 
दोस्तों यदि आप सपने में मोबाइल पर बातें करते हुए दिखाई देते हैं तो यह सपना दर्शाता है कि आने वाले समय में आप पर मुश्किल आ सकती है | हो सकता है कि किस बात से आप परेशान हैं परेशानी के कारण आपको मानसिक तनाव भी हो सकता है | परेशानी दूर करने के लिए आप अपने मित्र यहां नजदीकी परिजनों से बातें कर रहे हैं इस बात को सूचीत करता है यह सपना | इसीलिए सपने में मोबाइल पर बातें करना अशुभ संकेत की ओर इशारा करता है |
सपने में टच स्क्रीन वाला मोबाइल देखना
दोस्तों यदि आपको सपने में टच स्क्रीन वाला मोबाइल दिखाई देता है तो यह सपना यह दर्शाता है कि आने वाले समय में आप नए मित्र बनाने वाले हैं | नए दोस्तों के साथ आपकी दोस्ती गहरी होने वाली है और इसीलिए यह सपना नई दोस्ती की शुरुआत का है इस बात की ओर इशारा करता है |

Saturday, 19 June 2021

01:15

जाने 59 प्रकार के सपने का भविष्य फल एक ही लेख में

आज हम बता रहे है 59 प्रकार के सपनों का भविष्य फल जिसे आप नीचे सीरियल वाइज देख सकते है

शंकर झा की कलम से

1. अखरोट देखना – भरपुर भोजन मिले तथा धन वृद्धि हो
2. अनाज देखना -चिंता मिले
3. अनार खाना (मीठा ) – धन मिले
4.अजनबी मिलना – अनिष्ट की पूर्व सूचना
5.अजवैन खाना – स्वस्थ्य लाभ
6.अध्यापक देखना – सफलता मिले
7.अँधेरा देखना – विपत्ति आये
8.अँधा देखना – कार्य में रूकावट आये
9. अप्सरा देखना – धन और मान सम्मान की प्राप्ति
10.अर्थी देखना – धन लाभ हो
11.अमरुद खाना – धन मिले
12.अनानास खाना – पहले परेशानी फिर राहत मिले
13.अदरक खाना – मान सम्मान बढे
14.अनार के पत्ते खाना – शादी शीघ्र हो
15.अमलतास के फूल – पीलिया या कोढ़ का रोग होना
16.अरहर देखना – शुभ सामाचार मिलना
17.अरहर खाना – पेट में दर्द
18.अरबी देखना – सर दर्द या पेट दर्द
19.अलमारी बंद देखना – धन प्राप्ति हो
20.अलमारी खुली देखना – धन हानि हो
21.अंगूर खाना – स्वस्थ्य लाभ
22.अंग रक्षक देखना – चोट लगने का खतरा
23.अपने को आकाश में उड़ते देखना – सफलता प्राप्त हो
24. दूसरौ पर हमला देखना – लम्बी उम्र
25. कटे अंग देखना – स्वास्थ्य लाभ
26.अंग दान करना – उज्जवल भविष्य , पुरस्कार मिलना
27.अंगुली काटना – परिवार में क्लेश
28.अंगूठा चूसना – पारवारिक सम्पति में विवाद
29.अन्त्येष्टि देखना – परिवार में मांगलिक कार्य
30.अस्थि देखना – संकट टलना
31.अंजन देखना – नेत्र रोग
32.अपने आप को अकेला देखना – लम्बी यात्रा
33.अख़बार पढ़ना, खरीदना – वाद विवाद
34.अचार खाना , बनाना – सिर दर्द, पेट दर्द
35.हंसते हुए देखना – दुखद समाचार मिले
36.अध्यक्ष बनना – मान हानि
37.अध्यन करना -असफलता मिले
38.अपहरण देखना – लम्बी उम्र  
39.अभिमान करना – अपमानित होना
40.अध्र्चन्द्र देखना – औरत से सहयोग मिले
41.अमावस्या देखना – दुःख संकट से छुटकारा
42.अगरबत्ती देखना – धार्मिक अनुष्ठान हो
43 जलती अगरबत्ती देखना – दुर्घटना हो
44.अगरबत्ती अर्पित करना – शुभ समाचार मिले 
45.अक्षर पढना – दुखद समाचार मिले
46.जलती अंगीठी देखना – अशुभ होना
47.बुझी अंगीठी देखना – शुभ होना
48.अजीब वस्तु देखना – प्रियजन के आने की सूचना
49.अजगर देखना – शुभ होना
50.अस्त्र देखना – संकट से रक्षा
51.अंगारों पर चलना – शारीरिक कष्ट
52.सम अंक देखना – अशुभ होना
53.विषम अंक देखना – शुभ होना
54.अस्त्र से स्वयं को कटा देखना – शीघ्र कष्ट मिले
55.अपने दांत गिरते देखना – बंधू बांधव को कष्ट हो
56.आंसू देखना – परिवार में मंगल कार्य हो
57.आवाज सुनना – अच्छा समय आने वाला है
58.आंधी देखना – संकट से छुटकारा
59.आंधी में गिरना – सफलता मिलेगी

Friday, 18 June 2021

19:05

सपने में मंदिर देखना देता है यह खास संकेत

रामजी पांडे/सामुद्रिक शास्त्र के अनुसार सभी सपनों का अपना एक अलग और विशेष महत्व है। सपने मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं। एक इष्ट फल को बताने वाले यानी पॉजिटिव चीज़ों को बताने वाले और दूसरे निगेटिव चीज़ों को बताने वाले। इसी तरह से अगर आपको सपने में मंदिर दिखाई देता है तो ये शुभ माना जात है। सपने में मंदिर देखना इस बात का संकेत देता है कि आपका आने वाला भविष्य सुखद होगा।सपने में अगर आप खुद को मंदिर जाते हुए देखते हैं या मंदिर में कुछ दान करते हुए देखते हैं तो यह असल जिंदगी में हो रही आपकी कमी को दर्शाता है। ऐसा सपना यह संकेत देता है व्यक्ति को खुद मंदिर जाकर दान-पुण्य करना चाहिए। साथ ही मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान को धन्यवाद करना चाहिए। 
18:59

सपने में सेब देखने का क्या अर्थ होता है

सपने में सेब देखना ? ( Sapne Me Seb Dekhna )


उत्तर :- स्वप्न ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सपने में सेब देखने का कई मतलब हो सकता है अगर आपने भी सेब का सपना देखा है तो आपको यह जान लेना चाहिए कि सेब का सपना कई तरह का संकेत करता है सेब का सपना आपके लिए कई तरह से शुभ भी हों सकता है और अशुभ भी हो सकता है सपने भी बहुत से प्रकार  के होते है कई सपने हमें दिन में दिखाई देते है तो कई सपने हमें रात में दिखाई देते है सपने में हम लोग बहुत से प्रकार के फल को देखते हैं

18:53

सपने में हरियाली देखने का क्या मतलब होता है

मे सपने हरियाली देखने का मतलब शुभ माना जाता है। मे हाइली देखने का मतलब की मन प्रसन्नता .सपने मे मेई दिखने का मतलब आपको तेज धन की आदत हो सकती है। हम खुश रहें।

2 फल मे सी - सपने में घास देखना

मे सपने घास देखना भी एक शुभ चिन्ह माना जाता है। गलत मे देखने का मतलब आपको भविष्य में फायदा होगा । फिर या नौकरी या व्यापार-धंधे मे फायदा मिल सकता है। हम खुश रहें।

3 सूखे घास देखें - सपने में सुखा घास देखना

मे सपने सुखा घास देखना अशुभ चिन्ह माना जाता है। मे सुखा घास देखना मतलब सपने की आपको किसी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है । आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। खराब होने के बाद भी यह खराब हो जाएगा।

06:04

हिंदी के 50 कठिन शब्द और उनके अर्थ​ tap news india



क्लिस्ट =जटिल = ‘कठिन’।

अट्टालिका = किसी उंच्ची इमारत का ऊपरी कक्ष या हिस्सा।

जिजीविषा =  जीवित रहने की इच्छा।

तारतम्य = किसी घटना या क्रम की आवृत्ति।

अक्षुण्ण = जिसके टुकड़े करना संभव ना हो।

कृतघ्न=उपकार ना मानने वाला।

निर्वाण का अर्थ – मुक्ति, मोक्ष या मृत्यु

निर्माण का अर्थ – बनना

बाग़ का अर्थ – बगीचा

आचार का अर्थ – व्यवहार या आचरण

कंगाल का अर्थ – जिस पर बिल्कुल धन न हो

तरणि का अर्थ – नौका

अनिष्ट का अर्थ – नुक़सान

अवधि का अर्थ – काल

आभास का अर्थ – अनुभूति

दैव का अर्थ – भाग्य

अश्लील = गंदा

अनायास= बिना मेहनत के

अभियान= उद्देश्यपूर्ण यात्रा

अस्थि= हड्डी

अनुचित= बुरा

रिक्त= खाली

विख्यात= मशहूर

शिखर= पहाड़ की चोटी

संशोधन= सुधार

सुरभित = सुगंधित

सिद्ध= प्रमाणित

वसुधा = धरती

वसन= कपड़ा

वरुण = जल के देवता

प्रभाकर= सूर्य

संगणक = कंप्‍यूटर

नश्वारता = नाशवान

यत्किंचित = थोड़ा बहुत

प्रगल्भ =चतुर, हाेशियार

क्षीणवपु - कमजोर

आरूझाई- उलझाना

पाषाण कोर्त्तक= पत्थर की मूर्ति बनाने वाला

निर्निमेष =अपलक देखना

चरायंध = दुर्गंध

सांसोच्छेदन =सांसों को समाप्त करना

श्लाघ्य = प्रशंसनीय

स्वैराचार = स्वेच्छाचार  

सुमुत्सुक = उत्साहित

वात्याचक्र = भंवर

हस्तामलकवत्=हथेली पर रखे आंवले के समान

भक्ष्याभक्ष = खादय, अखादय

विस्थापन=लोगों को अपने घरों एवं जमीनों से हटाना।

गाद = नदियों द्वारा वहन किये जाने वाले मिट्टी, रेत, धूल एवं पत्थर।

स्वैच्छिक संस्था = एक संस्था जो सरकार से स्वतंत्र हो।

Wednesday, 16 June 2021

00:45

हैदराबाद की राजकुमारी नीलोफर हॉलीवुड तक से आए थे ऑफर tap news India deepak tiwari

नई दिल्ली: इतिहास में कई ऐसी राजकुमारियों और रानियों के नाम दर्ज हैं, जिनकी खूबसूरती के किस्से हर जुबां पर छाए रहते हैं. हैदराबाद की राजकुमारी नीलोफर को दुनिया की 10 सबसे खूबसूरत महिलाओं में से एक माना जाता है. हर कोई राजकुमारी नीलोफर की खूबसूरती का दीवाना था.
तुर्की के ओट्टोमन राजसी वंश की आखिरी शहजादी नीलोफर को 'सुंदरता की देवी' माना जाता था. इनका जन्म तुर्की की राजधानी इस्तांबुल के राजसी महल में हुआ था. नीलोफर के जन्म के समय तुर्की का राजपरिवार आखिरी सांसें ले रहा था और उनका साम्राज्य उखड़ने लगा था. महज 2 साल की उम्र में नीलोफर ने अपने पिता को खो दिया था. 7 साल की उम्र में वो अपनी मां के साथ तुर्की छोड़कर फ्रांस शिफ्ट हो गई थीं. फ्रांस में उनकी जिंदगी कठिन और साधारण लोगों की तरह हो गई थी.नीलोफर किस्मत की धनी थीं और दुनिया के सबसे धनी राज परिवार हैदराबाद निजाम की बहू बन गई थीं. हैदराबाद के आखिरी निजाम ने नीलोफर को अपने दूसरे बेटे आजम जेह के साथ शादी के लिए चुन लिया था. साल 1931 में शादी के बाद नीलोफर हैदराबाद आ गई थीं. कहा जाता है कि नीलोफर न सिर्फ सुंदर थीं, बल्कि उनमें गजब का आकर्षण भी था.
नीलोफर राजसी परिवार से संबंध रखने के साथ ही फैशन डीवा भी थीं. उनकी पहनी हुईं साड़ी की तस्वीरें न्यू यॉर्क फैशन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में लगी हुई हैं. नीलोफर की साड़ियों को बनाने का काम फ्रांस की एक बड़ी फैशन फर्म करती थी, लेकिन एक समय ऐसा भी आया था, जब उन्होंने साड़ी छोड़कर पश्चिमी लिबास पहनने शुरू कर दिए थे.

Monday, 14 June 2021

06:33

आयुर्वेद के अनुसार इन चीज़ों को कभी एक साथ नहीं खाना चाहिए-tap news india

Arogya आयुर्वेद के अनुसार कभी भी दो विरुद्ध वस्तुए एक साथ नहीं खानी चाहिए ।विरुद्ध वस्तुओ से अभिप्राय है ऐसी वस्तुएं जिनका गुण – धर्म अलग हो 
ऐसी कुल 103 चीज़े आयुर्वेद में बाताई गई है । जो एक साथ कभी नहीं खानी चाहिए ।उदाहरण के लिये प्याज और दूध कभी एक साथ न खाये। एक दुसरे के जानी दुशमन हैं । इसको खाने से सबसे ज्यादा चमड़ी के रोग आपको होगें दाद, खाज , खुजली, एगसिमा , सोराईसिस, आदि ।

ऐसी ही कटहल (jack fruit )और दूध कभी न खाये । ये भी जानी दुश्मन हैं ।

ऐसे ही खट्टे फ़ल जिनमे सिट्रिक ऐसिड होता है कभी न खायें । एक सिट्रिक ऐसिड तो इंसान का बनाया है एक भगवान का बनाया है । जैसे संतरा। कभी दूध के साथ न खाये ।
आयुर्वेद के अनुसार अगर कोई खट्‌टा फ़ल दूध के साथ खाने वाला है वो एक ही है आंवला। आवला दूध के साथ जरुर खाये।

इसी तरह शहद और घी कभी भी एक साथ न खायें ।
 
आम की दोस्ती दूध से जबरद्स्त हैं लेकिन खट्टे आम की नहीं | इसलिये मैग़ो शेक पी रहे है तो ध्यान रखे आम खट्‌टा ना हो ।

ऐसी ही उरद की दाल और दही एक दुसरे के जानी दुश्‍मन हैं। उरद की दाल पर भारत में जितनी रिसर्च हो चुकी हैं तो ये पता लगा ये दालों की राजा है । हमेशा अकेले ही खाये दही के साथ तो भूल कर भी ना खाये ।

आप इसका अपने शरीर पर परिक्षण करे । एक खाने से पहले अपना b.P चैक करें। फ़िर उरद की दाल और दही खाये । आप पायेगें 22 से 25 % आपका B.P बढ़ा हुआ होगा । अर्थात ये अगर रोज रोज आप उरद की दाल, दही खा रहें है तो 5,6 महीने में हार्ट अटैक आ ही जायेगा। इसका मतलब (दही बड़ा ) कभी नहीं।क्योंके दही बड़ा मे अगर बड़ा उरद की दाल का बना हैं । और आप उसे दही के साथ खा रहें है तो बहुत तकलीफ़ करने वाला है ।हां अगर आपको खाना है तो जरुर खायें लेकिन दही के साथ नहीं चटनी के साथ खायें ।इस लिये अगर घर में विवाह है तो मीनू बनाते समय जरुर ध्यान रखें । उरद की दाल का बड़ा दही के साथ परोस कर दोहरे पाप के भागी न बने। क्योंके आतिथि देवो भव। मेहमान भगवान का रुप हैं। उसे हानिकारक वस्तुएं न खिलाये ।

या वो दही बड़ा मूंग की दाल का बनवाये । उरद की दाल का है तो दही के साथ नहीं चटनी के साथ खाये ।
Vaid Deepak Kumar
Adarsh Ayurvedic Pharmacy
Kankhal Hardwar aapdeepak.hdr@gmail.com
9897902760

Sunday, 14 February 2021

17:35

लद्दाख की बुद्ध प्रतिमाएं और भित्ति चित्र संरक्षित होंगे:tap news India

deepak tiwari
करगिल.बामियान बुद्ध प्रतिमाओं के नष्ट होने के बाद दुनिया में बुद्ध की सबसे ऊंची तीन प्रतिमाएं लद्दाख के करगिल जिले में हैं। इन्हें मैत्रेय बुद्ध के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा लद्दाख में करीब साढ़े पांच सौ ज्यादा स्थानों पर भित्ति चित्र भी हैं, जिनका संरक्षण एएसआई करने जा रहा है।
इन्हें एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित भी किया जाएगा। केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि इन सांस्कृतिक विरासतों की कल्चरल मैपिंग का काम शुरू कर दिया गया है। जल्द ही एएसआई इन्हें अपने अधीन लेकर इनके संरक्षण का काम शुरू करेगी।
किसी को बेदखल नहीं किया जाएगा
पटेल ने बताया कि इनमें से मुलबेक चंबा में जहां मैत्रेय बुद्ध हैं, वह पूजा स्थल भी हैं। वहां रहने वालों में एक हिचकिचाहट है कि एसएसआई के अधीन होने के बाद उन लोगों को वह स्थान खाली करने के लिए कह दिया जाएगा लेकिन मैंने उन्हें इस बात का भरोसा दिया है कि किसी भी ऐतिहासिक विरासत में, जहां पूजा भी होती है, किसी को बेदखल नहीं किया जाएगा। भित्ति चित्रों को भी उन्हीं मूल रंगों से संरक्षित किया जाएगा। उसमें किसी किस्म की छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।
पटेल ने बताया कि लेह से करगिल तक पर्यटन हाइवे विकसित किया जा रहा है, जिसमें लेह से कारगिल तक के रास्ते में पड़ने वाले सभी होटल, होम स्टे, दुर्घटना संभावित क्षेत्र और बर्फ से लदे पहाड़ों के बेहतरीन व्यू प्वाइंट की जानकारी भी मुहैया कराई जाएगी।
इसके अलावा पर्यटकों को मौसम संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। 225 किमी के इस रास्ते में हर 25 किमी पर स्वास्थ्य जरूरतों के लिए ऑक्सीजन पार्लर और टी-स्नैक्स के स्टॉल की सुविधा भी विकसित करने की योजना है। इसके अलावा लेह से 76 किमी दूर सस्पोल गुफाओं में 15वीं सदी की पेंटिंग हैं।
जंस्कार, चेंगथेंग, नुब्रा इलाकों में मिलाकर 400 से अधिक रॉक आर्ट व पेंटिंग की विस्तृत जानकारी भी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि कल्चरल मैपिंग के जरिए इस इलाके में आने वाले और गुजरने वाले पर्यटकों को यह जानकारी भी दी जाएगी कि सांस्कृतिक रूप से यह इलाका कितना समृद्ध है और कहां पर क्या-क्या देखने योग्य है।
करगिल में 3 बुद्ध प्रतिमाएं, इनमें एक चतुर्भुजी
तीन बुद्ध प्रतिमाओं में से एक लेह-करगिल राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर करगिल से करीब 45 किमी दूर मुलबेक गांव में बिल्कुल सड़क किनारे है। यह बुद्ध की चतुर्भुजी प्रतिमा है। दूसरी प्रतिमा कारगिल से 40 किलोमीटर दूर संकू कस्बे के पास खरसे खार गांव में है। तीसरी प्रतिमा बालटिक रोड पर अपाती गांव में है। यह प्रतिमा तीनों में सबसे छोटी है।

Thursday, 3 December 2020

18:02

जाने किस राज्य में कितने जिले tap news india


राज्यों के नाम                  जिले

1.   राजस्थान                33 जिले
2.   महाराष्ट्र.                 36 जिले 
3.   नागालैंड                 12 जिले
4.   मणिपुर।                 16 जिले
5.   पश्चमी बंगाल           23 जिले
6.   तेलंगाना                  33 जिले
7.   आसाम                   33 जिले
8.    त्रिपुरा                    08 जिले
9.  मध्यप्रदेश                 55 जिले
10.  तमिलनाडु              38 जिले
11.  गुजरात                  33 जिले
12.  सिक्किम                04 जिले
13.  आंध्रप्रदेश               13 जिले
14.  उत्तरप्रदेश               75 जिले
15.  पंजाब                    22 जिले
16.  कर्नाटक                 30 जिले
17.  मेघालय                  11 जिले
18.  उत्तराखंड                13 जिले
19.  गोवा                       02 जिले
20.  हरियाणा                 22 जिले
21.  मिजोरम                  11 जिले
22.  अरुणाचल प्रदेश      25 जिले
23.  हिमाचल प्रदेश         12 जिले
24.  केरल                      14 जिले
25.  छत्तीसगढ़                28 जिले
26.  बिहार                      38 जिले
27.  झारखण्ड                 24 जिले
28.  उड़ीसा                     30 जिले

 केन्द्र शासित  प्रदेश 

1.   अंडमान व निकोबार      03 जिले
2.   चंडीगढ़                         01 जिला
3.   दादर व नगर हवेली
       & दमन व द्वीप              03 जिले
4.   लक्षद्वीप                        01 जिला
5.   दिल्ली                           11 जिले
6.   पांडिचेरी                       04 जिले
7.   लद्धाख                         02 जिले 
8.   जम्मू-कश्मीर                 20 जिले

    कुल जिले                       739 जिले


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Wednesday, 2 December 2020

22:34

बिन कमियों के कोई इंसान नही tap news india

किसी व्यक्ति में या किसी वस्तु में थोड़ा सा भी अवगुण देखकर कई व्यक्ति आग−बबूला हो उठते हैं और उसकी उस छोटी सी बुराई को ही बढ़ा-चढ़ाकर कल्पित करते हुए ऐसा मान बैठते हैं मानों यही सबसे खराब हो। अपनी एक बात किसी ने नहीं मानी तो उसे अपना पूरा शत्रु ही समझ बैठते हैं। जीवन में अनेकों सुविधाऐं रहते हुए भी यदि कोई एक असुविधा है तो उन सुविधाओं की प्रसन्नता अनुभव न करते हुए सदा उस अभाव का ही चिंतन करके खिन्न बने रहते हैं। ऐसे लोगों को सदा संताप और क्रोध की आग में ही झुलसते रहना पड़ेगा। इस संसार में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं जिसमें कोई दोष-दुर्गुण नहीं और न ही कोई वस्तु ऐसी है जो सब प्रकार हमारे अनुकूल ही हो। सब व्यक्ति सदा वही आचरण करें जो हमें पसंद है ऐसा हो नहीं सकता। 
सदा मनचाही परिस्थितियाँ किसे मिली हैं? किसी को समझौता करके जो मिला है उस पर सन्तोष करते हुए यथासंभव सुधार करते चलने की नीति अपनानी पड़ी है तभी वह सुखी रह सकता है। जिसने कुछ नहीं, या सब कुछ की माँग की है उसे क्षोभ के अतिरिक्त और कुछ उपलब्ध नहीं हुआ है। अपनी धर्मपत्नी में कई अवगुण भी हो सकते हैं यदि उन अवगुणों पर ही ध्यान रखा जाय तो वह बहुत दुखदायक प्रतीत होगी। किन्तु यदि उसके त्याग, आत्म-समर्पण, वफादारी, सेवा-बुद्धि, उपयोगिता, उदारता एवं निस्वार्थता की कितनी ही विशेषताओं का देर तक चिन्तन करें तो लगेगा कि वह साक्षात् देवी के रूप में हमारे घर अवतरित हुई है। उसी प्रकार पिता−माता के एक कटुवाक्य पर क्षुब्ध हो उठने उपकार, वात्सल्य एवं सहायता की लम्बी शृंखला पर विचार करें तो उत्तेजनावश कह दिया गया एक कटु शब्द बहुत ही तुच्छ प्रतीत होगा। मन को बुराई के बीच अच्छाई ढूँढ़ निकालने की आदत डालकर ही हम अपनी प्रसन्नता को कायम रख सकते हैं।

✍🏻 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

Saturday, 21 November 2020

05:40

जानिए क्यों कपिल देव फिल्म 83 के पक्ष में नहीं थे deepak tiwari

मुंबई। साल 1983 में भारत को पहला विश्व कप दिलाने वाले पूर्व कप्तान कपिल देव (Kapil Dev) शुरुआत में फिल्म ’83’ बनाने के पक्ष में नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पता चला कि दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) और रणवीर सिंह (Ranveer Singh) बड़े पर्दे पर उनके जीवन की कहानी का किरदार निभाएंगे तो वह डर गए थे। फिल्म ’83’ में कपिल देव का किरदार रणवीर सिंह और रोमी का किरदार दीपिका पादुकोण करती दिखेंगी।

एक्ट्रेस और टॉक शो होस्ट नेहा धूपिया के शो ‘नो फिल्टर नेहा’ में कपिल मेहमान बनकर आए थे और इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए, जिनका कि कपिल ने बड़ी सहजता के साथ जवाब दिया। यह पूछे जाने पर कि जब उनकी पत्नी रोमी को इस बारे में पता चला तो उनका क्या कहना था, इस पर कपिल देव ने कहा, ‘मैं थोड़ा डरा हुआ था। मुझे लगा कि वह एक एक्टर है। आप किसी खेल और एथलेटिक्स की नकल कर रहे हैं। क्या उनके पास इतना ही है? लेकिन, जब मैंने उनके साथ समय बिताया, तो मैं हैरान था कि उन्होंने इस पर कितना समय लगाया है। पिछले साल जून और जुलाई में, उन्होंने करीब आठ घंटे क्रिकेट के मैदान पर बिताए थे और मुझे डर लगता था। मैं कहना चाहूंगा कि वह 20 साल का नहीं है और उन्हें चोटिल नहीं होना चाहिए। मुझे उनकी चिंता थी। मुझे लगता है कि जहां कलाकार और अभिनेता एक साथ सामने आते हैं, तो उन्हें पता होता है कि उन्हें क्या करना है और कैसे करना है।’

कपिल ने साथ ही यह भी बताया कि इस फिल्म में अपनी भूमिका निभाने के लिए रणवीर ने कैसे उनके साथ अपनी तैयारी की। उन्होंने कहा, ‘वह सात या आठ दिनों के लिए मेरे साथ थे। इस दौरान उन्होंने मेरे सामने (रिकॉर्ड करने के लिए) कैमरा रखा और मुझसे पूछा कि मैं कैसे बात करता हूं, क्या करता हूं और कैसे खाता हूं। मुझे लगता है कि वे शानदार हैं।’
यह पूछे जाने पर कि क्या रणवीर ने क्लासिक नटराज शॉट किया है, कपिल ने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन्होंने बहुत मेहनत की है। मुझे अब देखना होगा। मैंने तस्वीरों और अन्य चीजों के बारे में बहुत कुछ देखा है। ये कैमरामैन और ये लोग अच्छे हैं। मैं उनसे बहुत दूर था। हमने कहानी का अपना पक्ष दिया और कुछ नहीं।’ कपिल देव ने खुलासा किया है कि वह अभी भी फिल्म ’83’ नहीं बनाना चाहते क्योंकि उनका मानना है कि ‘हम सभी अभी युवा हैं’।
उन्होंने कहा, ‘अपने जीवन के दौरान, वे आप पर एक फिल्म बनाते हैं और आपको पता नहीं होता है कि इस पर कैसे प्रतिक्रिया करें। मुझे लगा कि हम अभी भी काफी युवा हैं और कहते हैं ‘यार, यह क्या हो रहा है, लेकिन जब पूरी टीम ने फैसला किया, तो मैं भी उसी का हिस्सा था। मेरी पहली प्रतिक्रिया थी, ‘क्या हम इंतजार कर सकते हैं? हम बहुत छोटे हैं और हर किसी ने हमें देखा है, चलो इसे नहीं बनाते हैं।’

Friday, 20 November 2020

03:21

रोजाना एक अंडा खाते हैं तो डायबिटीज होने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है-ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों का दावा deepak tiwari

रोजाना एक अंडा खाते हैं तो टाइप-2 डायबिटीज का होने का खतरा 60 फीसदी तक बढ़ जाता है। यह दावा ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में किया है। वैज्ञानिकों ने अंडे और ब्लड शुगर के बीच कनेक्शन ढूंढा है। चीन के 8,545 लोगों पर हुई स्टडी कहती है, डाइट में अंडे की मात्रा बढ़ाते हैं तो ब्लड शुगर का लेवल बढ़ता है।
लम्बे समय से अंडा खाने वालों को खतरा अधिक
रिसर्च करने वाली यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों का दावा है कि अंडा चाहें उबला खाएं या फ्राई करके, यह ब्लड शुगर का लेवल बढ़ाता है। रिसर्च करने वाले वैज्ञानिक डॉ. मिंग ली कहते हैं, डाइट ही ऐसी चीज है जो टाइप डायबिटीज को बढ़ावा देती है लेकिन इसे कंट्रोल करके ब्लड शुगर घटाया भी जा सकता है।
ऐसे हुई रिसर्च
ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, यह स्टडी चीन में की गई। रिसर्च के दौरान पाया गया कि यहां के लोग अनाज और सब्जियों को छोड़कर डाइट में मीट, स्नैक्स और अंडों को अधिक इस्तेमाल करने लगे हैं।
1991 से 2009 के बीच चीन में अंडा खाने वाले लोगों की संख्या दोगुनी हो गई। 1991 से 93 के बीच लोगों की डाइट में अंडे की मात्रा 16 ग्राम थी। 2000 से 2004 के बीच बढ़कर यह 26 ग्राम हो गई। 2009 तक ये 31 ग्राम पहुंच गई।
वैज्ञानिकों ने 1991 से इन 8,545 लोगों के अंडे खाने की आदत को रिकॉर्ड किया। 2009 में इनका ब्लड शुगर टेस्ट कराया गया।
रिसर्च में पाया गया कि जिन्होंने 38 ग्राम अंडा रोजाना खाया उनमें डायबिटीज होने का रिस्क 25 फीसदी तक बढ़ा।
जिन लोगों ने 50 ग्राम या इससे अधिक अंडा खाया उनमें यह खतरा 60 फीसदी तक था।
रिसर्च पर सवाल भी उठे
डॉ. मिंग ली कहते हैं, अंडे और डायबिटीज के बीच का कनेक्शन बहस का विषय रहा है लेकिन हमारी रिसर्च बताती है कि लम्बे समय से अंडा खा रहे हैं तो डायबिटीज का खतरा बढ़ता है। आहार विशेषज्ञों ने इस रिसर्च पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है, रिसर्च के दौरान ऐसे फैक्टर को नजरअंदाज किया गया खराब खानपान से जुड़े हैं।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्प्टन की न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. जुलिएट ग्रे कहती हैं, रिसर्च के नतीजे भ्रम पैदा करने वाले हैं। जो लोग अंडे खाते हैं उनकी डाइट सही नहीं होती। ये फास्ट और फ्राय फूड लेते हैं इसलिए इनमें लिपिड की मात्रा बढ़ी हुई होती है। इसलिए इनका बॉडी मास इंडेक्स ज्यादा होता है।