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Sunday, 13 October 2019

19:12

जाने पाषाण युग से जुड़ा मानव का इतिहास




1. मानव का प्राचीनतम इतिहास किस काल से सम्बनिधत हैं?— पाषाण युग से
2. मानव जाति के विकास के जिस काल का कोई लिखित प्रमाण नहीं मिलता, उसे कहते हैं?— प्रागैतिहासिक काल या प्राक इतिहास काल
3. पूर्व-पाषाण काल के मनुष्य कहाँ रहते थे?— पहाड़ की कंदराओं में
4. पूर्व-पाषाण युग के मानव की जीविका का मुख्य आधार क्या था?— शिकार
5. पूर्व-पाषाण युग के हथियार किस चीज के बने होते थें?— पत्थर, हडडी एवं लकड़ी के
6. मध्य पाषाण युग के मनुष्य के जीविका का मुख्य साधन क्या था?— शिकार व पशुपालन
7. पूर्व-पाषाण काल का प्रथम आविष्कार क्या था?— आग
8. नव पाषाण युग में मानव ने किस पशु को पालतू बनाया था?— कुत्ता को
9. वमषि के आविष्कार को मानव ने किस युग में पूरी तरह अपना लिया था?— नव-पाषाण युग में
10. मनुष्यों में स्थायी निवास की प्रवृत्ति किस युग में आयी थी?— नव-पाषाण युग में
11. नव-पाषाण युग का सर्वप्रथम औजार क्या था?— पत्थर की कुल्हाड़ी
12. पहिए का आविष्कार किस काल में हुआ था?— नव-पाषाण काल में
13. नव-पाषाण युग में मानव अपने मृतकों का अंतिम संस्कार कैसे करते थे?— शव को दफनाकर
14. नव-पाषाण युग में मृत व्यक्तियों को किन-किन चीजों के साथ कब्रों में दफनाया जाता था?— हथियार, मिटटी के बर्तन, खाने पीने की चीजें
15. नव-पाषाण युग में कब्रगाहों में बड़े-बड़े पत्थर लगा दिये जाते थे। उन पत्थरों को क्या कहते हैं?— महा पाषाण
16. मिटटी के बर्तन का प्रयोग सर्वप्रथम किस युग में किया गया था?— नव-पाषाण युग में
17. मनुष्य ने वस्त्र बुनने की कला कब शुरू की थी?— नव-पाषाण काल में
18. आदि मानव ने सबसे पहले क्या सीखा था?— आग जलाना
19. आदि मानव प्राय: किन दो चीजों से डरता था?— मौसम और जंगली जानवरों से
20. आदि मानव की अत्यधिक महत्वपूर्ण खोज कौन-सी थी?— चक्र या पहिया
21. प्राचीन काल के धातुओं का संग्रह कौन-सा विभाग करता हैं?— पुरातत्व विभाग
22. ताम्र-पाषाण युग के मनुष्य का मुख्य पेशा क्या था?— खेती
23. किस काल में मनुष्य ने पत्थर और ताँबे के औजारों का साथ-साथ प्रयोग किया?— ताम्र-पाषाणिक काल
24. ताम्र-पाषाणिक काल में किस धातु को सर्वप्रथम औजारों में प्रयुक्त किया गया था?— तांबा
25. ताम्र-पाषाण युग की स्त्रियाँ किस धातु के आभूषण पहनती थी?— कांसा धातु
26. भारत की प्राचीन भाषाएँ कौन-कौन सी हैं?— 26. पाली और प्रावमत
27. भारत के सबसे प्राचीन नगर कौन थे?— मोहनजोदड़ों
28. मोहनजोदड़ों का क्या अर्थ होता है?— मृतकों का नगर अथवा मुर्दों का टीला
29. मोहनजोदड़ों किस नदी के किनारे स्थित था?— सिन्धु नदी के
30. ‘विशाल स्नानागार’ कहाँ स्थित है?— मोहनजोदड़ों में
31. मोहनजोदड़ों और हड़प्पा की खोज के पूर्व विद्वान भारतीय इतिहास का प्रारम्भ किस महत्वपूर्ण घटना से मानते थे?— आर्यों के आगमन से
32. हड़प्पा नगर की खोज किसने और कब की थी?— 1921 ई० में सर जान मार्शल और राय बहादुर दयाराम सहनी ने
33. सिन्धु घाटी सभ्यता को आजकल किस नाम से पुकारा जाता है?— हड़प्पा संस्कृति
34. भारत की प्रथम सभ्यता कौन है?— सिन्धु घाटी सभ्यता ( हड़प्पा संस्कृति )
35. भारतीय उपमहाद्वीप में प्रथम सभ्यता किस क्षेत्र में विकसित हुई थी?— पशिचमी क्षेत्र में
36. सिन्धुघाटी सभ्यता के निर्माता कौन थे?— द्रविड़
37. सिन्धुघाटी सभ्यता का काल कब से कब तक था?— डॉ. बी. ए. सिमथ के अनुसार, 2500 ई. पूर्व से 1500 ई. पूर्व तक
38. हड़प्पा-संस्कृति कितने वर्ष जीवित रही?— लगभग 1000 वर्ष
39. सिन्धुघाटी सभ्यता को क्या कहा जाता है?— नगरीय सभ्यता
40. सिन्धु घाटी सभ्यता किन नदियों के किनारे विकसित हुई थी?— सिन्धु व उसकी सहायक नदियों के किनारे
41. सिन्धु सभ्यता के अधिकांश नगर कहाँ स्थित थे?— नदियों के किनारे
42. सबसे पहले सिन्धु सभ्यता के दो प्रमुख स्थल कहाँ मिले थे?— पंजाब में हड़प्पा और सिंघ में मोहनजोदड़ों
43. हड़प्पा नगर किस नदी के किनारे स्थित था?— रावी नदी
44. हड़प्पा कहाँ स्थित है?— पाकिस्तान ( साहिवाल )
45. हड़प्पा वासी कहाँ के मूल निवासी थे?— फिनीशिया के
46. मोहनजोदड़ों किस नदी के किनारे स्थित हैं?— सिन्धु नदी
47. सैंधव स्थलों के उत्खननों से प्राप्त मुहरों पर किस पशु का सर्वाधिक उत्कीर्णन हुआ है?— बैल
48. सिन्धु घाटी सभ्यता का प्रधान बंदरगाह कौन था?— लोथल बंदरगाह
49. सिन्धु सभ्यता का विस्तार क्षेत्र कहाँ-कहाँ था?— जम्मू, पंजाब, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बलूचिस्तान ( पाकिस्तान ), सिन्घु ( पाकिस्तान )
50. सिन्धु घाटी सभ्यता में समाज कितने वर्गों में विभाजित था?— चार-विद्वान, योह, व्यवसायी तथा श्रमजीवी
51. सिन्धु घाटी सभ्यता में मनुष्य किस प्रकार का भोजन करते थे?— शाकाहारी तथा मांसाहारी
52. सिन्धुसभ्यता के लोग किस प्रकार के वस्त्र पहनते थे?— ऊनी तथा सूत।
के सी शर्मा
08:18

इस बार के करवा चौथ पर अपनी पत्नी को इस तरह से दें प्यार भरा गिफ्ट



अपने पति की लंबी उम्र एवं सौभाग्य के लिए सुहागिन स्त्रियां करवा चौथ का व्रत रखती है जिससे उनके रिश्तो में प्यार और सौहार्द बढ़ता है इस दिन महिलाएं पूरा दिन बगैर पानी ग्रहण किए व्रत करती हैं और रात को चांद देखने के बाद ही पति के हाथ से पानी पीती हैं इस अवसर पर पति अपनी पत्नी को कुछ खास उपहार देता है जानिए ऐसे चुने अपनी जीवनसंगिनी के लिए उपहार। लेकिन एक बात ध्यान रखने की है कि उन्हें अपने लाए हुए गिफ्ट की जानकारी पहले से ना दें और जब उन्हें अचानक गिफ्ट देंगे तो वह खुशी के मारे फुले नहीं समाआएगी।
करवा चौथ के लिए कुछ ऐसी चीजें भी हैं जो कि उपहार के रूप में पाकर उनका चेहरा चांद की तरह खिल उठेगा अक्सर कर सोना महिलाओं की खूबसूरती से जुड़ी हुई चीज मानी जाती है इसलिए इस दिन आप उन्हें कोई भी गोल्ड की ज्वेलरी दे जिससे आपकी पत्नी आप पर मोहित हो जाएगी इसके अलावा आप अपनी पत्नी को पेंटिंग भी दे सकते हैं क्योंकि यह लग्जरी चीजों में आती है इसलिए करवा चौथ पर आप उन्हें कोई रोमांटिक पेंटिंग  दे बस इस बात का ध्यान जरूर रखें की पेंटिंग के दृश्य बोरिंग ना हो करवा चौथ का व्रत आपकी पत्नी आपके लिए ही तो रखती है इसलिए जब आप उन्हें अपने जीवन में महत्वपूर्ण होने का एहसास कराते हैं तो यह उन्हें सबसे बड़ी खुशी देता है इसलिए अपनी खुशनुमा यादों का कलेक्शन जब आप को लाज के रूप में उन्हें गिफ्ट करेंगे तो उनके चेहरे की वह खुशी आप भी कभी भूल नहीं पाएंगे।
करवा चौथ पर पति को अपनी पत्नी को यह चीजें कभी भी गिफ्ट देनी नहीं चाहिए वैसे बर्थडे एनिवर्सरी या फिर दिवाली पर आप अपनी पत्नी को कुछ भी उपहार में दे दे तो उन्हें पाकर वह खुश हो जाएगी परंतु करवा चौथ पर उन्हें खास गिफ्ट देने चाहिए करवा चौथ का त्यौहार उनकी निजी भावनाओं और उमंगों से जुड़ा त्यौहार होता है ऐसे में यदि आप उन्हें उनकी पसंद या जरूरत के अनुसार किचन का ऐप लाइसेंज उपहार में देंगे तो उन्हें बिल्कुल भी खुशी नहीं होगी बल्कि उन्हें गुस्सा आएगा इस दिन महिलाओं को भले ही सजने सवरने में काफी वक्त लगता हो परंतु आज के दिन उन्हें मेकअप का सामान गिफ्ट में नहीं देना चाहिए क्योंकि ब्रांड एवं प्रोडक्ट की क्वालिटी को लेकर उनकी अपनी पसंद होती है आपका लाया हुआ यह उपहार उन्हें खुशी नहीं प्रदान करेगा अब आप भले ही उन्हें घर सजाना काफी पसंद हो लेकिन लेकिन करवा चौथ के दिन आप उन्हें होम डेकोरेशन से संबंधित चीजे कतई गिफ्ट में ना दें।
अगर उन्हें आप इस दिन कोई भी उपहार ना दे सके तब भी उन्हें अपने जीवन में बीते हुए पलों की याद दिला कर प्यार भरा एहसास दिलाए जिससे आपकी पत्नी आप पर खुश हो जाएगी।

Wednesday, 9 October 2019

20:38

आज के दौर में इंसान का नम्र होने के साथ साथ चतुर होना भी बेहद जरूरी है जाने क्यों



आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आगे निकलने की आपाधापी में लोग एक दूसरे को नीचा दिखाने और छल कपट करने से भी बाज नहीं आते हैं ऐसे दौर में जीना है तो हर समय अपना दिमाग खुला रखना होगा आज के दौर में व्यक्ति का चतुर और खुले दिमाक वाला होना बहुत जरूरी है नहीं तो लोग सिर्फ आपको यूज़ करते रहेंगे और आप यूज़ होते रहेंगे आपकी होशियारी यह सिर्फ आपकी ताकत ही नहीं है आपका व्यक्तित्व इसमें अहम भूमिका निभाता है जीवन में अगर आप कुछ भी करना चाहते हैं तो उसकी चाबी है खुद पर विश्वास करना अगर आप आत्मविश्वास  नहीं है तो ज्यादातर आपके काम रुक रुक कर ही चलेंगे या यूं कहिए चलेंगे ही नहीं इसलिए अपनी काबिलियत पर कभी भी शक नहीं करना चाहिए आप हमेशा अपने से कहे कि मैं हर वह काम कर सकता हूं जो दूसरा कर सकता है यह काम मेरे लिए है इसके अलावा हमेशा आप अच्छी और सफलता से जुड़ी  प्रेरणादायक कहानियों को  इससे जीवन में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिलता रहेगा आज के दौर में अपने अंदर अच्छा व्यक्तित्व बनने के अलावा विकास लाने का एक और सबसे बड़ा कार्य है वह है अपनी दिव्य दृष्टि को खुला रखना दूसरों की बात को ध्यान से सुने और अपने दिमाग के बल पर अपना सुझाव या उत्तर दें अपने फैसलों को खुद के दम पर पूरा करें क्योंकि दूसरों के फैसलों पर चलना या कदम उठाना असफलता का मुख्य कारण होता है इसके अलावा कामयाब होने के लिए आपको अपने शारीरिक भाषा में भी सुधार करना चाहिए व्यक्तिगत विकास के लिए शारीरिक भाषा में सुधार लाना बहुत आवश्यक है इससे आप के विषय में बहुत कुछ पता चलता है चाहे वह आपके खाने का तरीका हो या बात करने का स्टाइल आपका बॉडी लैंग्वेज सब कुछ बयां कर देती है इस लिये  आप में सकारात्मक सोच जागृत करें चाहे आपकी बातें हो या आपके कार्य सभी जगह आपकी सकारात्मक सोच का होना अच्छे व्यक्तित्व के विकास के लिए बहुत जरूरी है जब कभी आपके सामने मुश्किल परिस्थितियां आए तो शांति से काम लेना चाहिए क्योंकि बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो मुश्किल के समय में घबरा जाते हैं इसलिए कभी भी मुश्किल पड़े तो घबराना नही चाहिए बल्कि इमरजेंसी के समय आपका दिमाग बिल्कुल खुला होना चाहिए तभी आप सामने आई हुई मुसीबत का डटकर सामना कर सकेंगे एक बात और आप भले ही कितने भी प्रतिभाशाली हो और बहुत बड़े व्यक्ति हो परंतु अगर आपके जीवन में विनम्रता नहीं है तो आपका व्यक्तित्व कभी अच्छा नहीं हो सकता बड़ा अहंकार करने वाले व्यक्तियों को कोई पसंद नहीं करता समय कैसा भी हो आप हमेशा खुश रहें और मस्त रहें दुनिया की हर चीज में खुशी देखने के प्रयास करें दूसरों के साथ हंसी मस्त रहें और आप हमेशा नए लोगों से जुड़ते रहे ज्यादा से ज्यादा नए लोगों से मिलना और उनसे बातें करना जरूरी है जिससे आप लोगों को अच्छी प्रकार से समझ पाते हैं लोगों की हां में हां मिलाने से बेहतर है कि आप उन्हें सुने सामने वाला आपसे क्या और किस मकसद से कह रहा है उस हिसाब से सोच कर उसको उचित जवाब देना चाहिए नहीं तो सामने वाला आप की सभ्यता का फायदा उठा कर अपना काम निकाल सकता है और आपको ठेंगा दिखा सकता है

Saturday, 5 October 2019

09:54

पेड़ों को बचाने के लिए दी अपनी दो बेटियों की आहुति







अभी कल कौन बनेगा करोड़पति में उस महिला के बारे में सवाल पूछा गया था जिसने पेड़ों को कटने से बचाने के लिए अपनी और अपनी दो बेटियों के साथ प्राणों की आहुति दे दी थी। वर्ष 1731 में खेजड़ी के पेड़ को कटने से बचाने के लिए राजस्थान के जोधपुर में 363 लोगों ने अपने जान की कुर्बानी दे दी थी। सत्ता में बैठे लोगों को इनकी जान लेने में कोई गुरेज नहीं हुआ।
सत्ता की जिद और अहंकार में कोई अंतर नहीं आया है। मुंबई में ऑरे फारेस्ट का नामोनिशान मिटाया जा रहा है। ऑरे फारेस्ट के पेड़ पूरे मुंबई के लोगों के लिए आक्सीजन मुहैया कराते हैं। यहां पर तमाम प्रजातियों का घर है। पक्षियों के घोसले हैं। फूलों पर न जाने कितनी तितलियां मंडराती हैं।  लेकिन, सत्ता में बैठे लोगों को आक्सीजन से ज्यादा जरूरत मेट्रो को खड़ा करने के लिए पार्किंग की है।
 वे पेड़ों को पार्किंग के लिए काटना चाहते हैं।
जबसे से ऑरे फारेस्ट के 27 सौ के लगभग पेड़ों को काटने की खबर आई है। मुंबई के लोग इसका विरोध कर रहे हैं। वे अपनी सांसों को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन, सरकार अपनी गंदी षडयंत्र भरी चालों को चलने में मशगूल है। कल इस संबंध में कुछ निर्णय आया था। इस निर्णय को अभी वेबसाइट पर अपलोड होना था। इसके बाद पंद्रह दिन का नोटिस दिया जाना था। पेड़ों को बचाने में लगे लोग इस बीच सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, कल रात को ही इन पेड़ों को काटने की शुरुआत कर दी गई। सदियों से समझदारी रही है कि रात को पेड़ नहीं काटे जाते। रात को पेड़ों पर पक्षी सो रहे होते हैं।
पेड़ बचाने के लिए वहां पर सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिन पर लाठी चार्ज किए जाने और हिरासत में लिए जाने के भी समाचार हैं। नीचे जो दो तस्वीरें लगाई गई हैं, दोनों सोशल मीडिया से ली गई हैं। इसमें कटे हुए पेड़ों को साफ-साफ देखा जा सकता है। लाखों लोग सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं। वे लाठी खाने को भी तैयार हैं।
आज भी सत्ता उतनी ही जिद्दी और अहंकारी है कि वो लोगों की अपीलों को सुनने के लिए तैयार नहीं है। उसे लोगों की परवाह नहीं है। अब यह कोई रहस्य नहीं रह गया है कि पूरी सत्ता किसके इशारों पर चल रही है। कौन इन सबका फायदा उठा रहा है।
कौन बनेगा करोड़पति से खेलने से कहीं ज्यादा जरूरी है कि उन पेड़ों और पौधों को बचाया जाए जो हमें सांस देते हैं। जब ऑक्सीजन ही नहीं रहेगी तो करोड़पति बनने से भी कोई फायदा नहीं होने वाला।

Friday, 4 October 2019

07:20

संघ और सियासत-सफलता तो हर किसी को दिखती है लेकिन उसके पीछे छिपा संघर्ष किसी को नहीं दिखता -के सी शर्मा








संघ और सियासत


के सी शर्मा

कल दोपहर को एक भाई साहब मिले।
मुझे रोकते हुए बोलते हैं कि आजकल संघ वालों की जमकर चांदी है।हर जगह CM संघ का, PM संघ का, मंत्री संघ के है।
खैर मेने मुस्कुराते हुए सुनकर भी उनकी बात को टाल दिया।
लेकिन सोचने वाली बात है।
हर्ष हमें भी होता है जब एक स्वयंसेवक देश की कोई जिम्मेदारी का निर्वहन करता है।
उसका दायित्व संभालता है।
लेकिन हम सामान्य लोगों का एक सामान्य स्वभाव है कि हम किसी भी व्यक्ति की सफलता देखते हैं और उसके संघर्षों को अनदेखा कर देते हैं। आज सबको मोदी व योगी का युवाओं में क्रेज दिखता है।
लेकिन उनकी तपस्या, उनका त्याग, उनका समर्पण भी देखना चाहिए।

मनोहर पर्रिकर, देवेंद्र फड़नवीस, रघुवरदास, त्रिवेंद्र सिंह रावत, मनोहर खट्टर की सादगी भी देखनी चाहिए।

किस तरह पर्रिकर देश के सबसे ज्यादा शो ऑफ करने वाले VVIP लोगों के पसंदीदा राज्य के मुखिया होकर भी सादगी और गरिमा पूर्ण ढंग से रहते थे।

दूसरी ओर आज हम देखते हैं कुछ छुट भैया नेताओं को अगर वो किसी शहर के पार्षद भी बन जाएं तो 4 पहिया वाहन के बिना नहीं चलते हैं।

यह अंतर है।

इन नामों और हम सामान्य लोगों में।

आप को मोदी की सफलता दिखती है।

लेकिन दूसरा पहलू भी तो देखिए।

आज उनके समकक्ष जो  विरोधी राजनेता हैं युवराज, और दिल्ली के CM जितनी इन दोनों की आयु है,
उससे ज्यादा समय से मोदी इस देश, समाज के लिए काम कर रहे हैं।

जब हमारे बच्चें 12th के बाद किस कॉलेज में प्रवेश लें इस कशमकश में फंसे होते हैं। उस आयु में इन लोगों ने देश और समाज के लिए अपना घर-परिवार छोड़ने का निर्णय ले लिया था।

हम इन जैसे बनना चाहते हैं। लेकिन क्या उनके रास्ते पर चलना चाहते हैं ?

मुझे याद है आज से 4-5 साल पहले अगर आप कुर्ता पहन लें तो आपके दोस्त मजाक उड़ाते थे। क्योकि इसे बूढ़ों का पहनावा कहा जाता था। लेकिन आज युवा इसे गर्व से पहनते हैं।

कल तक आप गले में माला पहनकर स्कूल, कालेज नहीं जा पाते थे। क्योकि आपको बैकवर्ड सोच का कह दिया जाता था* लेकिन आज जब देश के मुखिया "रुद्राक्ष की माला" गले में धारण करते है *तो उनको देखकर लाखों युवा माला पहनते हैं।

मुझे याद है।

अभी कुछ समय पूर्व तक आप अगर युवा है तो गले में गमछा डालने में शरमाते थे।

लेकिन जब देश के प्रधान गले में भगवा गमछा डालते है
तो आज उनका अनुसरण करते हुए करोड़ों युवा भगवा गमछा गले में डालते हैं।

आज आप नजदीकी बाजार चले जाइए।

इस वर्ष भगवा गमछों की भरमार है और आपको एक विशेष बात बताता चलु कि जहाँ सामान्य लोगों की सोचने  समझने की सीमा समाप्त होती है। वहां से एक स्वयंसेवक सोचना प्रारम्भ करता है।

आज आप जो सादा जीवन जीने वाले CM देख रहे हैं न, वह भविष्य की तैयारी है। आप दुनिया में संचार क्रांति देख चुके हैं आप दुनिया में सत्ता परिवर्तन की क्रांति देख चुके हैं, आप योग क्रांति देख चुके हैं।

लेकिन अब "चरित्र क्रांति" आने वाली है और संसार के सभी विशेषज्ञ इसे स्वीकार रहे हैं।

और मुझे और हर भारतीय को उस दिन गर्व होगा, जब योग क्रांति की ही तरह "चरित्र क्रांति" की अगुवाई भी भारत ही करेगा।

कल तक जिस राजनीति को हम कीचड़ समझते थे।

आज वह साफ़ और निर्मल होने जा रही है और यह हमारा सौभाग्य है कि हमारी पीढ़ी उन क्षणों की साक्षी बनेगी।

बात रही संघ कि तो संघ के विषय में भी इतना ही देखा और समझा हूँ "संघ कुछ नहीं करता सिर्फ शाखा लगाता है...और स्वयंसेवक के साथ राष्ट्र निर्माण करता है।

     संघे शक्ति युगे युगे।
     नमस्ते सदा वत्सले मातृभूमि।

          जय हिंद। जय भारत।।
वंदे मातरम। भारत माता की जय।।

Saturday, 28 September 2019

06:36

तालमेल बिठाए अपने बच्चों के साथ



कहते हैं बच्चों का दिमाग और मन  एक सादे कागज की तरह होता है उस पर आप  जैसा लिखेंगे वह वैसे ही बन जाएंगे इसलिए अगर आप यह बात समझ ले कि इस समय आपके बच्चे के मन में क्या चल रहा है तो आपके लिए उसके साथ तालमेल बिठाना काफी आसान हो जाएगा इसलिए आप अपने बच्चों पर निगाह रखें और उनसे तालमेल बिठाने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें।
आप अपने बच्चों को हमेशा अच्छी आदतें ही सिखाएं और उन्हें यह बताएं कि अपने घर में एक दूसरे के साथ कैसे पेश आना है और उन्हें अपनी जिंदगी में किन आदर्शों को अहमियत देनी चाहिए हमें यह बताएं कि उन्हें घर मे सबसे जुड़कर कैसे रहना है और बुराई से कैसे दूरी बनानी है जैसी बातों का ज्ञान ही संस्कार है इसकी बुनियाद एक परिवार ही रखता है ।
इसके अलावा आप अपने बच्चों को अनुशासन में रहना सिखाएं जब आप अनुशासन को लेकर संतुलित नजरिया रखेंगे तो आपके बच्चे को पता चल जाएगा कि वह किस नियम का पालन करेंगे परंतु अनुशासन इतना भी कठोर ना हो कि वह विद्रोह करने लगे इसलिए आप अपने बच्चों को थोड़ी आजादी भी दें उनके लिए घर में आजादी का माहौल पैदा करें और बच्चे को जबरदस्ती किसी बात के लिए नहीं मनाना चाहिए  जब आप सही गलत का भेद समझा कर फैसला उन पर छोड़ देंगे तो वह सही रास्ता ही चुनेंगे उस पर किसी तरह का दबाव डालने से बचें क्योंकि बच्चा जितना ज्यादा अपने आप को दबाव में महसूस करेगा उतना ही ज्यादा गुस्से वाला व्यवहार करेगा।
एक बात और आप अपने बच्चों को कभी दूसरों के सामने ना डांटे याद रखें जब आप अकेले में समझा कर या उस काम से रोकने की वजह बताकर  बच्चे को किसी काम से रोकेंगे तो बच्चे पर उसका गम्भीर असर होगा उसके विपरीत अगर आप अपने बच्चे को सबके सामने डांट देंगे तो उसे लगेगा आप उससे प्यार नही करते है इसलिए आप का बच्चा जिद्दी और विद्रोही बन जाएगा जो उसके लिए आगे चलकर काफी नुकसानदेह साबित होगा।
एक बात और आप अपने बच्चों के लिए खुद एक मिसाल बने आप अपने बच्चे को जो भी सिखाने की उम्मीद करते हैं पहले उसे आप खुद पर अपनाए आप ध्यान रखें यह बच्चे पेरेंट्स के नक्शे कदम पर ही चलते हैं आप उन्हें सफलता के लिए मेहनत करते देखना चाहते हैं तो पहले खुद अपने काम के प्रति समर्पित रहे बच्चों से सच्चाई की चाह रखते हैं तो कभी उनके सामने झूठ ना बोले जहां बच्चों को बुरे कामों के लिए डांटना जरूरी है तो वही आपका बच्चा कुछ अच्छा करें तो उनकी तारीफ भी करनी चाहिए आप यह कभी ना भूले यदि आप ऐसा करेंगे तो बच्चे के मानसिक विकास में इसका फायदा मिलेगा और वह गलत काम करने से बचेगा और अच्छा इनाम पाने के लालच में उत्साहित रहेगा आपसे मिलने वाली छूट में कटौती करके भी उसे सजा दे सकते हैं जैसे टीवी देखने के समय को घटाकर या उसके खेल के समय को घटाने से भी आपको मनचाहा परिणाम मिलेगा और आपके बच्चे के दिमाग में यह बात ढंग से बैठ जाएगी की अगर हम गलती करेंगे तो मां-बाप उनके कामों को रोक सकते हैं इसलिए वह गलती करने से बचेंगे।
आप अपने बच्चों से थोड़ा घरेलू काम भी करवाया करें जिससे आपके बच्चों में जिम्मेदारी का अहसास होगा बच्चों में सुरुवात से  अपना कमरा साफ करना विस्तार एवं कपड़े आदि सही करने के लिए कह सकते हैं या छोटी मोटी जिम्मेदारियों का भार उन पर डालकर आप उन्हें एक बेहतर इंसान बना पाएंगे हो सकता है कि इसकी शुरुआत करने में मुश्किल हो लेकिन धीरे-धीरे वह इसे अपनी आदत में शामिल कर लेंगे और जीवन में व्यवस्थित देखकर आपके गुस्सा करने की संभावना भी कम हो जाएगी इस तरह से कुछ टिप्स और सावधानियां अपना करके आप अपने बच्चों को एक बेहतर जीवन दे सकते हैं ध्यान रहे आपकी जरा सी भी लापरवाही आपके बच्चे का जीवन खराब कर सकती है क्योंकि कहते हैं कि बच्चों का जीवन और उनका दिमाग एक सादे कागज की तरह होता है उस पर आप जैसा और जो कुछ भी लिखेंगे वह वैसे ही बन जाएंगे

Thursday, 26 September 2019

07:06

इन तरीकों को अपना कर बढ़ाये अपने फोन की उम्र





हम लोगों के साथ साथ कभी न कभी ऐसा जरूर होता है जब हमारे फोन की बैटरी ज्यादा देर तक चार्ज नहीं रह पाती जब फोन पुराना हो जाता है सब उसमें इस तरह की समस्याएं आनी शुरू हो जाती है इसलिए आज हम आपको बताते हैं कि किस तरीके से आप अपने फोन की बैटरी की लाइफ बढ़ा सकते हैं और पुरानी फोन से ही बेहतरीन परफारमेंस आ सकते हैं।


ऑटो वाइब्रेशन करें ऑफ


सबसे पहले तो आपको अपने फोन में ऑटो ब्राइटनेस ऑफ करनी चाहिए यदि आपके फोन में ऑटो ब्राइटनेस सेंसर है तो इसका मतलब है कि आपने अपने फोन की डिस्प्ले लाइट इसी सेंसर के हवाले छोड़ रखी है तो उसे तुरंत ही बंद कर दें फोन की ब्राइटनेस को मैनुअली तरीके से सेट करने की आदत डाल लें इससे ऑटो ब्राइटनेस सेंसर का यूज कम होगा और बैटरी भी ज्यादा जलेगी।

वाइब्रेशन को बोले ना


यदि आपका फोन कॉल आने पर टाइप करने या टच करने पर से वाइब्रेट करता है तो इसका मतलब है कि आपकी बैटरी वाइब्रेशन मोटर खा रही है यदि इससे बचना है तो तमाम तरह की बाय ब्रेशन अपने डिवाइस पर बंद कर दे।

डाटा रखें आफ



हालांकि यह कहना आसान है और करना थोड़ा मुश्किल परंतु यह सच है कि फोन की बैटरी ज्यादा तर इंटरनेट सर्फिंग में खर्च होती है स्मार्ट फोन पर ऐप्स उस दौरान भी इंटरनेट एक्सेस करते हैं जिस समय आप फोन यूज नहीं कर रहे होते ऐसे में अगर आप यूज़ के बाद फोन डाटा ऑफ कर दे तो फोन की बैटरी लंबे समय तक चल सकती है।

वाईफाई ब्लूटूथ एनएफसी हमेशा ऑफ रखें



अक्सर कर ज्यादातर लोग यूज़ के बाद भी फोन का ब्लूटूथ एनएफसी या वाईफाई ऑन ही छोड़ देते हैं जिसके बाद फोन समय-समय पर इसे सर्च करता रहता है जिससे फोन की बैटरी बेकार चली जाती है इसलिए उनको हमेशा यूज करने के बाद उसे स्विच ऑफ कर कर रखें इससे आपके फोन की बैटरी काफी बचेगी।

बैटरी सेवर एंटीवायरस को बोले ना बाबा ना।


अगर आपने अपने फोन में बैटरी सेवर जैसे ऐप्स डाल रखे हैं तो उन्हें तुरंत डिलीट कर दें वास्तव में यह एप्स आपके फोन की बैटरी को बचाने की जगह उसे ज्यादा ही खर्च करते हैं आज एंड्रॉयड फोन इतना समझदार है कि आपकी बैटरी को मैनेज कर सकता है ऐसे में किसी एंटीवायरस है या फोन बैटरी बूस्टर ऐप की आपको जरूरत नहीं है इसको इस्तेमाल करने से उल्टा आपका नुकसान ही होता है इससे जितना हो सके उतना दूर रहें।

ऑलवेज ऑन डिस्प्ले रखें


यदि आपके फोन में भी यह फीचर है तो इसे आप पढ़ कर रखना ही बेहतर होता है जो आप कीपैड फोन के बैटरी को बचा कर रखेगा के बंद होने पर बेवजह स्क्रीन का यूज नहीं होगा और बैटरी भी ज्यादा जल्दी खत्म नहीं होगी।


फोन को ना करें फुल चार्ज



 आपके फोन की बैटरी की लाइफ कुछ की चार्जिंग साइकिल पर निर्भर करती है ऐसे में बैटरी पुरानी होने के बाद कभी अपने फोन को 100% चार्ज ना करें अपने फोन की बैटरी को  कम से कम 20% तक और ज्यादा से ज्यादा 80% तक रखें

Monday, 23 September 2019

08:45

जाने क्यों है हमारे जीवन मे परिक्रमा का विशेष महत्व




हम सब ने कभी ना कभी कहीं ना कहीं किसी न किसी देवी देवता की परिक्रमा की होगी लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस परिक्रमा का क्या अर्थ होता है आप को ज्ञात होगा कि सृष्टि के ग्रह सूर्य की परिक्रमा कर रहे हैं और  सूर्य महा सूर्य की परिक्रमा कर रहा है संपूर्ण ब्रह्मांड में चक्र एवं परिक्रमा का बड़ा महत्व है  दुनिया के सभी धर्मों में परिक्रमा का प्रचलन है हिंदू धर्म की ही बदौलत है ब्रह्मांड का प्रत्येक ग्रह नक्षत्र किसी न किसी तारे की परिक्रमा कर रहा है या परिक्रमा ही जीवन का एक सत्य है व्यक्ति का संपूर्ण जीवन ही एक चक्र है इस चक्र को समझने के लिए ही परिक्रमा जैसे प्रत्येक को निर्मित किया गया है भगवान में ही सारी सृष्टि समाई है और उनसे ही सब उत्पन्न हुआ है हम उनकी परिक्रमा करके यह मान सकते हैं कि हमने सारी सृष्टि की परिक्रमा कर ली है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार हमेशा ही मंदिर वहां बनाया जाता है जहां पृथ्वी की चुंबकीय तरंगे घनी होती हैं और इन मंदिरों के गर्भ गृह में देवताओं की मूर्ति उसे चुंबकीय स्थान पर स्थापित की जाती है जहां मूर्ति के नीचे तांबे के पात्र रखे जाते हैं जो चुंबकीय तरंगों को और शोषित करते हैं इस प्रकार जो व्यक्ति रोज मंदिर जाकर इन मूर्ति की घड़ी की दिशा के चलने की दिशा में परिक्रमा करता है वह इस ऊर्जा को अवशोषित कर लेता है यह एक प्रक्रिया है और नियमित परिक्रमा करने से व्यक्ति में सकारात्मक शक्ति का विकास होता है।

Saturday, 21 September 2019

23:10

आपका सोया हुआ नसीब जगा देगी चांदी जाने कैसे



वैसे तो सोना चांदी को लोग पहनना गर्व की बात समझते हैं और यह हमारे जीवन में प्रतिदिन प्रयोग में भी आती है लेकिन धार्मिक दृष्टि से भी चांदी को बहुत ही पवित्र और सात्विक धातु के रूप में देखा गया है कहते हैं कि चांदी की उत्पत्ति भगवान शिव के नेत्रों से हुई थी तभी इसे चंद्रमा का कारक माना जाता है चांदी ज्योतिष में चंद्रमा और शुक्र से संबंध रखती है इसलिए या धातु शरीर के जल तत्व तथा कप धातु को भी नियंत्रित करती है जानिए कैसे आपके शरीर पर असर डालती है चांदी तो आज हम आपको बताते हैं कि शुद्ध चांदी के प्रयोग से मन मजबूत होने के साथ-साथ दिमाग भी तेज होता है क्योंकि चांदी चंद्रमा की परिचायक है शुद्ध चांदी का प्रयोग चंद्रमा को बल देता है और चंद्रमा शुभ प्रभाव देना शुरू कर देता है चांदी का प्रयोग करके शुक्र को बलवान किया जा सकता है सही और शुद्धता में चांदी का प्रयोग करके शरीर में जमा विषैला पदार्थ भी बाहर निकाल सकते हैं और यह हमारी त्वचा को सुंदर और चमकदार बना सकती है चांदी के प्रयोग में हमें कौन-कौन सी सावधानियां रखना चाहिए यह समझना हमें बेहद जरूरी है चांदी जितनी है उतनी अच्छी है चांदी के साथ सोना मिश्रित करके केवल विशेषताओं में ही पहन सकते हैं इसके अलावा चांदी के बर्तनों को हमेशा साफ करते रहें तभी उसका प्रयोग करें जिन लोगों को भावनात्मक समस्याएं ज्यादा हैं उन्हें चांदी के प्रयोग में सावधानी रखनी चाहिए और मीन राशि वालों के लिए चांदी हमेशा उत्तम है मेष सिंह और धनु राशि के लिए चांदी बहुत अनुकूल नहीं है बाकी राशियों के लिए चांदी के परिणाम सामान्य ही रहते हैं शुद्ध चांदी का छल्ला कनिष्ठा अंगुली में धारण करना सर्वोत्तम माना जाता है इसमें अशुभ चंद्रमा शुभ प्रभाव देना शुरू कर देता है और मन का संतुलन बहुत अच्छा हो जाता है मन को कंट्रोल करने के लिए चांदी का प्रयोग जरूर करना चाहिए और कुछ ना कुछ बनवाकर अपने हाथों में धारण करना चाहिए
21:06

अगर मेहनत के बाद भी नहीं मिलती है कामयाबी तो जरूर अपनाएं यह उपाय





अगर आप दिन रात मेहनत करते है और उसके बावजूद भी आपके तरक्की के सभी रास्ते बंद नजर आते हैं तब कहीं न कहीं आपके साथ आपके ग्रह तारे या वास्तु में कोई दिक्कत जरूर आ रही होती है तो आइए आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे टिप्स जिस को अपनाकर आप अपने जीवन में आमूलचूल परिवर्तन कर सकते हैं।
सबसे पहले आप अपने कार्यालय की इमारत के लिए प्लाट या ऑफिस चौकोर ही रक्खे लेकिन अगर आप ने दूसरी तरीका का खरीद लिया है तो आप अब फिलहाल उसे बदल नहीं सकते हैं इसलिए आप अपनी टेबल के नीचे चौकोर आकार का कपड़ा बिछाकर अपना लैपटॉप उस पर रख सकते हैं आपके बैठने का स्थान दक्षिण पश्चिम कोने में होना चाहिए और बैठते समय उत्तर की तरफ आपका मुंह होना चाहिए आप अपने वर्किंग स्टेशन पर साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें अपनी टेबल पर आप कछुए या अपने इष्ट देव की तस्वीर भी रख सकते हैं कभी-कभी एक छोटा सा काम भी आपकी तरक्की के रास्ते खोल देता है अगर आपको पैसा नहीं मिलने पर गुस्सा आता है तो एक छोटा सा कैलेंडर केबल पर रखिए आपको गुस्सा ना आने या कम करने में मदद करेगा क्योंकि सभी लोगो को शांत और इमानदार इंसान ही पसंद होता हैं और किसी भी तरक्की में इन सब गुणों का होना जरूरी होता है पूर्व दिशा में कोई भारी सामान कभी भी नहीं रखना चाहिए रोज सूरज भगवान को जल चढ़ाना चाहिए टेबल पर लाल रंग का प्रयोग ना करें कोशिश कीजिए की  उसपर जरूरी चीज ही रखा जाए जिससे कि आपका ध्यान ना बटे और आपका पूरा फोकस अपने काम पर रहे इसके अलावा आप अपने बैठने के स्थान के पीछे दौडते हुए घोड़े का चित्र भी लगाएं जब आप सो कर उठे हैं तो सबसे पहले फ्रेश होकर आपको ईश्वर का ध्यान करना चाहिए और पूजा पाठ करना चाहिए उसके बाद घर से निकलते समय दरवाजे के बाहर सबसे पहले आपको अपना दाहिना पैर घर के बाहर निकालना चाहिए इसके बाद आप अपने काम पर जाएं तो ईश्वर की कृपा से आपके सभी काम बनते चले जाएंगे
19:10

अपना आसमान अलग बनाएं आप जैसे भी हैं बेहतर है






हमारा पड़ोसी कितना कमाता है कितने स्कूल से रहता है अक्सर लोग दूसरे से अपनी तुलना करके अपने आप में हीन भावना का शिकार हो जाते हैं इसलिए हमें अपनी तुलना किसी से नहीं करनी चाहिए अपना आसमान अलग बनाएं तभी आप सही मायनों में कामयाब इंसान बन सकते हैं दूसरों की कमियां निकालने की बजाय आप अपनी कमियों पर फोकस करेंगे तो आपने लिखा आएगा ही आएगा इसलिए दूसरों से कभी भी अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए और अपने आपको नीचा महसूस नहीं कराना चाहिए तुम अपने आप में जैसे भी हो एक विशेष व्यक्ति हो और दुनिया में सबसे अलग हो।



हमेशा सकारात्मक रहे



जब भी आपको दूसरों से कोई मदद मांगने हो या कोई सलाह लेनी हो या कोई प्रोडक्ट अथवा सर्विस बेचनी हो तो आप उसके बारे में सकारात्मक बातें बताएं अपने प्रोडक्ट की तुलना या कमियों का बयान तक न करें जब तक सामने वाला व्यक्ति आपके सामने प्रशनन्दीप दिखा प्रोडक्ट का उदाहरण न रखें तब तक आप इन चीजों को नजरअंदाज करें लेकिन जब सामने वाला आपके सामने एक पसंदीदा कर देता है तब आप अपने बचाव में अपने आपको से बेहतर साबित कर सकते हैं।


यह मान लें कि आप किसी से कम नहीं है।



कई बार आप खुद ही अपने मन में धारणा बना लेते हैं कि आप दूसरों से कमजोर हैं अगर आपके मन में यह भावना आ गई तो आप दूसरों के सामने जाने या अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने में लगने लगेंगे यह प्रति तरक्की की सबसे बड़ी दुश्मन होती है इसलिए दूसरों से खुद की तुलना ना करें आप जैसे भी हैं सर्वशक्तिमान है।


अपने आपको दूसरों जैसा बनाने की कोशिश ना करें


मान लीजिए आप खाना बनाने में अच्छी तरीके से माहिर हैं और घर के सभी सदस्य आपके हाथ का बनाया खाना खाकर उंगलियां चाटने लगते हैं लेकिन जिन से तुलना करके आप परेशान हो रहे हैं हो सकता है वह अच्छे लेखक हो मगर भोजन अच्छा नहीं बना पाते हैं यह सत्य है इसलिए आप जैसे भी है अपने आप में बेहतर है और वैसे ही रहिए हर व्यक्ति में अपनी एक विशेषता होती है आप में भी है।


आप अपनी उपलब्धियों के बारे में सोचें ना कि कमियों के बारे में


दूसरों ने बहुत कुछ हासिल किया है और आपने कुछ भी नहीं किया है यह सोचना गलत है हर व्यक्ति अपने जीवन में सैकड़ों छोटी बड़ी उपलब्धियां जरूर हासिल करता है आप घर का खर्च ठीक से चला पा रहे हैं आप सेहतमंद है आपके पास छोटा सा मकान यानी सर छुपाने की जगह है आपके बच्चे पढ़ लिख रहे हैं और अच्छे हैं आपको अच्छी नौकरी मिल चुकी है तो आप सारे दूसरे लोगों से कहीं बेहतर हैं यह बात आप अपने दिमाग में बिठा कर रखें।



आप हमेशा शिकायतें रवैया ना रखें


कई बार आप अपने किसी संबंधी या दोस्त से इस बात पर लड़ लेते हैं कि वह आपका साथ नहीं देता है जितनी जल्दी हो सके आप अपने अंदर से यह शिकायती स्वभाव को बदल दे दूसरों की कमियां निकालने के बजाय आप अपनी खुद की कमियों पर ध्यान दें जिससे आप एक बेहतर इंसान बन सकते हैं



अपनी कमियों को दूर करें


जब भी आप दूसरे से खुद को कमजोर या कमतर समझकर उदास होने लगे तो अपने किसी खास दोस्त से बात करें उसे पूरी ईमानदारी के साथ अपनी अच्छाइयां और बुराइयां और कमजोरियां बताने को कहें इससे आप हकीकत में अपनी कमियों को जान सकेंगे क्योंकि आपका प्यारा दोस्त आपके बारे में झूठ नहीं बोलेगा इससे आप अपनी वास्तविकता से परिचित होंगे और दोस्त से हुई इस बातचीत का फायदा उठाते हुए आप अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश करें जो आप कर सकते हैं।

अंजू जैन की रिपोर्ट

Wednesday, 18 September 2019

09:09

आज का दौर सोशल मीडिया से जुड़े रहने का दौर है जाने क्यों







आज के दौर में सोशल मीडिया इंसान के जीवन की एक जरूरत बन गया है और आज के दौर में हर किसी का सोशल मीडिया पर अकाउंट होना बेहद जरूरी माना गया है हालांकि अब युवाओं में ऐसे बहुत ही कम लोग मिलेंगे जिसके सोशल नेटवर्किंग साइट पर पर्सनल अकाउंट ना हो फिर भी यदि आपको लगता है कि यह समय की बर्बादी है तो एक बार फिर से सोचे क्योंकि अब इस दौर में कंपनियां रिक्रूटमेंट के लिए भी इसे इस्तेमाल करने लगी है आप इसे ऐसे ही समझ सकते हैं कि सोशल मीडिया आपके व्यक्तित्व ज्ञान और कौशल का आईना है कई बार कंपनियां अपने बायोडाटा के बाद आपके अकाउंट को भीख डालती हैं इसलिए यह बेहद जरूरी है कि आप वहां बहुत सावधानी से अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं छोटी-छोटी गलतियां आपके पब्लिक अपीयरेंस के लिए हानिकारक हो सकती है आप चाहे तो सोशल मीडिया पर इस राशि सावधानी बरत सकते हैं कुछ लोग इससे इतना डरे हुए हैं कि इस पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराते कई ऐसे भी हैं जो कभी किसी गलती से घबराकर अपना अकाउंट ही बंद कर देते हैं ऐसा कभी न करें यदि आपको इस पर्दा के दौर में बने रहना है तो आपका अकाउंट सोशल मीडिया पर होना बेहद जरूरी है चाहे उसे व्यक्तिगत ना बनाएं परंतु अपने व्यापार और रोजगार के लिए तो आवश्यक है कई बार ऐसा होता है कि जल्दी-जल्दी में या फिर किसी वीडियो या टैक्स को आप देख याली से देख कर लाइक कर जाते हैं बाद में जब कभी आप उसे देखते हैं या पढ़ते हैं तो आपको आश्चर्य होता है कि आपने उसे लाइक कैसे कर दिया इसलिए कुछ भी लाइक या फिर कमेंट करने से पहले गौर से पढ़ें देखें और जान ले ऐसा ना हो कि आपने उसे जल्दी-जल्दी में लाइक कर दिया था रिपोर्ट कर दिया था और बाद में पता चला कि आप उससे सहमत नहीं है हर जगह अकाउंट बनाने की अपेक्षा सिलेक्टिव रहे किसी एक साइड पर अपना अकाउंट बनाएं और उस को नियमित चेक कर दे रही है कहीं ऐसा ना हो कि जब कोई आप से उसके बारे में पूछे तो आप हंस के बोल दे यार इसे तो मैंने बहुत दिनों से चेक ही नहीं किया समय-समय पर आप अपनी प्रोफाइल एवं दीदी को अपडेट करते रहे डीपी बदलते हुए भी सावधानी बरतें उदास एवं ध्यान रखें किआपकी पब्लिक इनफार्मेशन रहे यदि आप लगातार अपने खुशी के पलों को शेयर कर रहे हैं तो इसका मतलब यह है कि आप निश्चित रूप से आप आत्म केंद्रित हैं जरूरी है कि आप अपने समाज के प्रति राजनीतिक साहित्यिक फिल्म संगीत या धर्म के बारे में भी लिखें क्योंकि आपके व्यक्तिगत चीजों में सिर्फ आपके करीबियों के अलावा और किसी चीज में रूचि नहीं होती है इसलिए अगर आप दूसरों को आकर्षित करना चाहते हैं तो सामाजिक राजनीतिक आर्थिक मुद्दों पर लिखना और कमेंट करना बेहद जरूरी है

Sunday, 15 September 2019

21:57

गाड़ी के चालान से बचना है तो ऐसे रखें अपने कागजात



नए व्हीकल एक्ट के तहत ट्रैफिक पुलिस रूल तोड़ने पर जुर्माना राशि काफी बढ़ गई है इसलिए अगर आप गाड़ी से संबंधित सभी कागजात अपने साथ लेकर नहीं चलते हैं तो यह आपके लिए परेशानी का सबब बन सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि आप सभी कागजात साथ में लेकर ही चले क्योंकि इसके अलावा भी कागज रखने के लिए डिजिटल लॉकर की व्यवस्था है एमवाई वाहन एप  में आप अपने कागजात रख सकते हैं यह ऐप ऑल इंडिया आरटीओ व्हीकल रजिस्ट्रेशन नंबर सर्च करने का सरकारी ऐप है जिसमें आप अपनी आरसी और डीएल डीटेल्स सर्च करने के लिए उसे गूगल प्ले स्टोर या एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं यहां पर आपसे ट्रांसपोर्ट से जुड़े कागजात ही रख सकते हैं जब पुलिस या कोई अधिकारी आपसे लाइसेंस या गाड़ी के कागजात मांगता है तो आप उन्हें इस ऐप में दिखा सकते हैं  अपने कागजात को सेव करने के लिए पहले आपको यहां पर रजिस्टर करना होगा  रजिस्टर होने के बाद यूजर सेक्शन में जाकर साइन इन कर ले इस ऐप पर डॉक्यूमेंट सेव करने के लिए आईआरसी सेक्शन पर जाएं और अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालें इसके बाद सर्च बटन पर क्लिक करें और आपसे आपके इंजन  नंबर और चालान के आखिरी के 4 डिजिट पूछे जाएंगे सभी डिटेल्स भरने के बाद वेरीफाई  एंड गेट पर क्लिक करें आपको आपके डिटेल्स दिख जाएगी जिसमें आप अपना ड्राइविंग लाइसेंस सेव करने के लिए  सेक्शन में जाकर अपने लाइसेंस का नंबर और डेट ऑफ बर्थ डाले आपके मैसेज की डिटेल्स निकाल कर उसकी डिटेल कॉपी कर लेगा और इस तरह  मोटे चालान से बच सकेंगे जिसमें आप अगर आपने अभी तक इस डिजिटल लॉकर का इस्तेमाल नहीं किया है तो आइए हम बताते हैं आपको इसको यूज़ करने का सही तरीका।

डिजिलॉकर


यहां पर कोई भी अपना अकाउंट बनाकर अपने जरूरी कागजात रख सकता है और जरूरत पड़ने पर उन्हें यूज भी कर सकता है यहां पर आपको एक अकाउंट बराकर जरूरी कागजात की डिजिटल कॉपी सहेज कर रख सकते हैं जिसे कहीं से भी एक्सेस किया जा सकता है अगर आपने डिजी लॉकर पर रजिस्ट्रेशन किया है और अपनी गाड़ी की आरसी और ड्राइविंग लाइसेंस इसमें रखा है तो आपको इसकी हार्ड कॉपी लेकर चलने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी मतलब यह है कि ट्रैफिक पुलिस आपको आरसी या ड्राइविंग लाइसेंस दिखाने के लिए कहती है तो आप या डिजिटल कॉपी दिखा दीजिए डिजी लॉकर में रजिस्ट्रेशन करने के लिए आपका पास आधार नंबर होना जरूरी है इस सुविधा को शुरू करने के लिए इसकी ऑफिशियल साइट https://digitallocker. gov.in पर आपको अपना अकाउंट बनाना पड़ेगा।

कैसे बनाएं अपना अकाउंट और करे साइन अप।


डिजी लॉकर में अपने कागजात को रखने के लिए साइन अप करना होगा साइन अप करने के लिए आधार नंबर और उसमें जुड़े हुए मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ेगी जिसमें वन टाइम पासवर्ड ओटीपी के जरिए आप डिजिटल आकर को ओपन कर सकते हैं लेकिन इसके बाद आपको ओटीपी की जरूरत नहीं होगी आप अपना खुद का पासवर्ड बना सकते हैं सबसे पहले अपने एंड्राइड या आईफोन पर एप्प डाउनलोड करे डाउनलोड कर ले इंस्टालेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको साइन अप का ऑप्शन मिलेगा अगर आपने पहले से अकाउंट बना लिया है तो साइन इन या लॉगइन कर सकते हैं अगर पहली बार आप का उपयोग कर रहे हैं तो साइनअप पर क्लिक करें अगर आप आधार नंबर के साथ साइन-इन करते हैं तो फिंगरप्रिंट ओटीपी का ऑप्शन आएगा साइन अप के बाद आपके मोबाइल पर वेरिफिकेशन के लिए एक ओटीपी आएगा ओटीपी डालकर वेरिफिकेशन इसके बाद में यूजर नेम और पासवर्ड डालकर एप्प को एक्सेस कर सकते हैं डिजी लॉकर में जिन दस्तावेजों को अपलोड करने जा रहे हैं उसके डाक्यूमेंट्स टाइप को देख ले यहां पर आपको कई सारे विकल्प दिखाई देंगे जैसे एसएससी सर्टिफिकेट पैन कार्ड वोटर कार्ड आदि यहां पर आप कुछ खास फॉर्मेट में भी फाइल को अपलोड कर पाएंगे जैसे जेपीजी ,पीडीएफ ,पीएनजी बीएमपी, आदि साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि फाइल का साइज 1 एमबी से ज्यादा ना हो डिजी लॉकर की खासियत यह है कि आप हार्ड कॉपी लेकर चलने के समस्या से बच जाएंगे यहां पर ड्राइविंग लाइसेंस रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट वोटर आईडी कार्ड इनकम टैक्स रिटर्न प्रॉपर्टी टैक्स की रसीद स्कूल कॉलेज की मार्कशीट स्कूल कॉलेज के सर्टिफिकेट मकान जमीन की रजिस्ट्री के कागजात आकर में रख सकते हैं और जरूरत पड़ने पर इनका यूज भी कर सकते हैं।
 रिपोर्टर-रामजी पांडे

Wednesday, 11 September 2019

20:55

बच्चों के स्वभाव से भी सीखें जिंदगी के हुनर


 बच्चे मन के सच्चे सारे जग के आंख के तारे यह बोल नन्हे फूल है जो भगवान को लगते प्यारे यह पंक्तियां कभी बच्चों पर बेहद सटीक बैठती थी सदियों बाद भी आज भी या पंक्तियां बच्चों पर सटीक ही बैठती है बच्चे स्वभाव से बेहद मासूम और कोमल होते हैं भले ही हम अक्सर कहते हैं कि बच्चों को अपने बड़ों से सीखना चाहिए लेकिन देखा जाए तो हम बड़े भी बच्चों से काफी कुछ सीख सकते हैं और उनसे सीखी हुई बातें जीवन में कहीं न कहीं हमारे भी काम आ सकती हैं।

बच्चों से सीखे निडरता से जीना 


यदि आप बच्चों के इस गुण को सीख कर अपने स्वभाव में शामिल कर ले तो यकीनन आप अपने कैरियर में एक लंबा रास्ता तय कर सकते हैं बच्चे स्वभाव से निडर होते हैं और हर दिन जीवन में आने वाले चैलेंज का खुलकर सामना करते हैं फिर चाहे वह चुनौती स्कूल में हो या खेल के मैदान में यदि हम भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ में निडर हो जाते हैं तो हम जोखिम उठा सकते हैं नई चीजों को आसानी से सीख कर आगे बढ़ सकते हैं इसी तरीके से।

बच्चों से सीखे कुछ भी नया सीखने की ललक


बच्चों में हमेशा एक सीखने की ललक रहती है और उनमें यह क्षमता अद्भुत तरीके की होती है वह हमेशा ही कुछ न कुछ नया सीखने तथा उसके साथ एक्सपेरिमेंट करने के लिए उत्सुक बने रहते हैं जीवन में सफलता प्राप्त करने का मूलमंत्र यही है कि जब आप नई चीजों को सीखने के लिए तैयार रहते हैं तब आप ग्रोथ करते हैं सीखने में आपसे कई गलतियां भी होती हैं परंतु गलतियों से ही आप बेहतर इंसान बनकर सामने आते हैं वहीं जब आप सीखना बंद कर देते हैं तो फिर इससे आपका ग्रुप भी रुक जाता है।

बच्चों से सीखे ईमानदारी


वैसे तो ईमानदारी हम लोगों के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है लेकिन हम जीवन की आपाधापी में शायद उतने ईमानदार नहीं रह पाते हैं लेकिन सीधे और खुले विचारों वाले बच्चे कभी भी किसी के बारे में भी अपनी राय और विचार व्यक्त करने में खुद को पीछे नहीं रखते हैं आपने कभी नोटिस किया होगा कि आपके बच्चे जब कभी गलती करते हैं तो उसी इमानदारी से कबूल भी कर लेते हैं यह बड़ों में नजर नहीं आता है कारपोरेट दुनिया में लोग कामा और जीवन की भागदौड़ में इस कदर फस जाते हैं कि एक दूसरे को झूठी बातों में खुश रखने की कोशिश करते हैं और सच्चे विचारों को छुपाते हैं जीवन की भागदौड़ में हम अक्सर अपने अंदर के मासूम बच्चे को पीछे छोड़ देते हैं परंतु हमें अपने जीवन में इस गुण को कभी नहीं होना चाहिए क्योंकि जीवन में जो कामयाबी इमानदारी से मिलती है वह हमेशा स्थाई रहती है

Tuesday, 10 September 2019

13:25

गांव में मशरूम की खेती बनती जा रही है फायदे का सौदा


यह कहानी उस शख्स की है जिसने रोजगार के लिए इधर-उधर भटकने की बजाय अपने गांव अपनी माटी में समृद्धि भविष्य का निवेश किया सोनल हिमाचल प्रदेश के शमलेच गांव मैं उसने सफलता की कहानी कुछ इस तरह से गढ़ी की लोग उसके नाम और काम की मिसाल देने लगे उसने ₹5000 से शुरू किया मशरूम कारोबार आज 5 करोड़ रुपए सालाना टर्नओवर  है शमलेच गांव  के लिए यह किसी उपलब्धि से कम नहीं है सोलन शहर से 4 किलोमीटर दूर स्थित गांव के विकास बनाल देशभर में मशरूम ग्रोअर्स के नाम से जाने जाते हैं विकास बताते हैं कि 1990 में एम काम तक की पढ़ाई के बाद माता-पिता ने सरकारी नौकरी करने को कहा और कई निजी कंपनियों ने सम्पर्क भी किया लेकिन मैंने इनकार कर दिया मेंने मशरूम उत्पादन का मन बनाया  अपने पास जमा ₹5000 रुपए इस कारोबार में लगा दिए और मशरूम के 200 बैग से ₹15000 कमाए इसके बाद हौसला बढ़ गया और पिता से ₹100000 लेकर कारोबार बढ़ाने का मन बनाया उस समय एक किलोग्राम मशरूम मात्र ₹20 में बिका करता था अपनी साइकिल पर सोलन शहर में उसे बेचने जाता आज 30 वर्ष बाद मेरे प्लांट में 1000 किलोग्राम मशरूम उत्पादन होता है 500000 बैग का कारोबार होता है अनेक लोगों को रोजगार मिला है और 5 करोड़ के आसपास का सालाना टर्नओवर  है विकास ने बताया कि तेजी से बढ़ते चलन के बीच अब मशरूम की मांग पूरी नहीं हो पा रही है सोलन में बड़ी मशीनरी नहीं लग सकती इसलिए पंजाब के मोहाली में 5 एकड़ जमीन पर प्लांट का विस्तार किया है इसके लिए फुल ऑटोमेटिक प्लांट बनाया जा रहा है यहां से अन्य देशों के लिए भी उत्पादन होगा स्वर्ण स्थित यूनिट में मांग बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोगों को रोजगार दिया जाता रहा है कई लोगों को मशरूम उत्पादन का परीक्षण भी दिया गया है कई लोग यहां से कंपोस्ट ले जाते हैं इस समय करीब 100 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया हुआ है विकास ने मशरूम उत्पादन में ख्याति प्राप्त की तो भारत सरकार ने उन्हें एडवाइजरी बोर्ड में भी शामिल कर लिया है।

Sunday, 1 September 2019

03:25

पहले आप मन की दुर्बलता पर विजय पाएं तभी आप जीवन संघर्ष में विजयी हो पाएंगे

किताबें जानकारी देने का माध्यम ही नहीं होती बल्कि वह आपकी सच्ची दोस्त और बेहतर अध्यापक भी होती हैं अच्छी किताबें बाहर की चुनौतियों से लड़ते हुए अंदर की कमजोरियों से  जीने का सबक देती है और आत्मविश्वास और संघर्ष को सिखाते हुए हमारी मानसिक स्थिति भी मजबूत करती हैं महान कथाकार मुंशी प्रेमचंद्र की ज्यादातर कहानियों में कथा नायक गरीबी और भुखमरी और सामाजिक व्यवस्था में संघर्ष की कहानी छुपी होती है मुंशी प्रेमचंद्र का कहना है कि मन एक डरपोक शत्रु है जो मौका पाने पर पीछे से वार करने की कोशिश करता है इसलिए जीवन संग्राम में सबसे पहले मन की दुर्बलता पर विजय पाएं तभी आप जीवन में भी सभी कामों में विजई हो सकते हैं।
आपको बताते चले की मौजूदा हालात में कई घटनाओं से प्रेरित होकर ऐसी कई किताबें लिखी गई है जिसके नायक और नायिका लक्ष्य में सफल होने से पहले अपने आसपास से और मन की दुर्बलता से लड़ाई लड़नी सीख रहे हैं ओम प्रकाश राय यायावर का उपन्यास आपका रसिया इसकी नायिका का व्याख्या व्यक्तित्व कई मानवीय अंतर्विरोध से भरा पड़ा है मन को शांति रखने को वह चुनौती की तरह लेती है और दोगुनी ऊर्जा के साथ इस काम को आगे बढ़ाती हैं इस तरीके से वह नाही सिर्फ अंतर्विरोध बल्कि समाज की रूढ़ियों के साथ लड़ाई लड़ने में भी सक्षम हो पाती है जिसके लेखक ओमप्रकाश राजभर का कहना है कि इंसान अपनी मंजिल तब तक नहीं पा सकता जब तक वह अंतर्विरोध ऊपर विजय ना पाले समाज विज्ञानी संदीप शर्मा के अनुसार मन के अंदर विचारों की लड़ाइयां लाजमी है जब सकारात्मक विचार हमारी नकारात्मकता पर विजय पा लेते हैं तभी हम बाहरी लड़ाइयां के लिए तैयार हो पाते हैं

Friday, 30 August 2019

00:00

इस तरह जाने कैसा होगा आपके बच्चों का भाग्य

वैसे तो विधि के विधान को और किस्मत के लिए को समझना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन फिर भी ज्योतिष शास्त्र ने इस अबूझ पहेली को थोड़ा आसान बनाने की कोशिश की है आज के दौर में ग्रह नक्षत्रों के सालों को को समझना बेहद जरूरी है मनुष्य पर उनका पड़ने वाला प्रभाव कब खास होता है यह जानना हर एक आम आदमी की एक आम जिज्ञासा होती है और हर कोई यह जाने को जिज्ञासु रहता है यह उनका बच्चा बड़ा होकर क्या बनेगा तो आइए आज हम बताते हैं कि किस तरीके से अपने बच्चे के हाथ की रेखाओं को देखकर आप उनके बारे में थोड़ा बहुत अनुमान लगा सकते हैं बच्चे के जन्म लेते ही मां-बाप के मन में सवाल उत्पन्न होने लगते हैं कि मेरा बच्चा बड़ा होकर क्या बनेगा क्या करेगा इसकी क्या सोच होगी कैसा स्वभाव होगा हालांकि या सब ज्यादातर मां-बाप के और पारिवारिक संस्कारों पर और स्कूल की शिक्षा पर निर्भर होता है लेकिन फिर भी बच्चों के स्वभाव पर उनकी प्रतिभा पर उनके ग्रहों की चाल का असर भी नकारा नहीं जा सकता ज्योतिष विज्ञान मानती है कि ग्रह और नक्षत्रों का प्रभाव बच्चों के जीवन पर जरूर पड़ता है अगर कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति ठीक है तो वह बच्चा बड़ा होकर एक सफल व्यक्तित्व का स्वामी बनता है ।
लेकिन अगर ग्रह नक्षत्रों की स्थिति खराब होती है तो वह जीवन भर किसी न किसी बाधा का सामना करना पड़ता है कई बार देखा गया है कि कोई बच्चा शिक्षा पाना चाहता है लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता ज्योतिष के जानकार बताते हैं कि कई बार ग्रह नक्षत्रों के कारण ऐसा होने लगता है जिसके अनुसार ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति का जीवन उनकी जन्म कुंडली के अनुसार ही चलता है कब अच्छा समय आएगा और कब समस्याओं का सामना करना पड़ेगा यह सब कुंडली को देख कर ही जाना जा सकता है लेकिन असल में कुंडली है क्या जब किसी मनुष्य का जन्म होता है तो उसे वक्त मौजूद ग्रहों और नक्षत्रों के आधार पर उसकी जन्मकुंडली बनाई जाती है जिसमें ग्रह नक्षत्र व्यक्ति के जीवन पर अपनी अपनी तरह से प्रभाव छोड़ते हैं और इसी के अनुसार व्यक्ति के जीवन की दिशा तय होती है हालांकि अपना देश कर्म प्रधान देश है लेकिन मेहनत से किस्मत को बदलते हम सब ने देखा भी है कहते हैं जिंदगी में मेहनत हो  तो ग्रह नक्षत्र भी अपनी चाल बदलते हैं फिर भी ग्रह नक्षत्र की चाल को समझे तो आसानी हो सकती है ऐसा ज्योतिष विज्ञान में जानकार कहते हैं तो इस बाहर हम आपको बताते हैं राशि अनुसार आपके बच्चों का स्वभाव ।
मेष -राशि इस राशि के बच्चों का स्वभाव हमेशा ही बचपन वाला रहता है उसको लोगों से लगाओ कम होता है यह सबसे अलग स्वभाव के होते तथा अपने अधीन लोगों को काम कराना पसंद होता है।
वृषभ -राशि इस राशि के बच्चे संकोची सुरक्षा पसंद और अपने विचार अपने तक ही सीमित रखते हैं यह सामान्यता अधिक शरारती नहीं होते ।
मिथुन- राशि इस राशि के बच्चे बेचैन और उदास होते हैं कहा जाता है कि इस राशि के बच्चों का बचपन दुखद प्रेम हीन तथा लगाओ रहित गुजरता है ।
कर्क- राशि इस राशि के बच्चे अत्यधिक संवेदनशील और मोजी होते हैं यह बच्चे बचपन से ही मां-बाप के लाडले अथवा दादा दादी के प्यारे होते हैं।
सिंह -राशि इस राशि के बच्चे व्यवस्थित उत्साही और आजाद स्वभाव के होते हैं यह अपनी बुद्धिमानी और तेज मिजाजी से सारे काम हल करना चाहते हैं ।
कन्या -राशि इस राशि के बच्चे चिंता ग्रस्त होते हैं उनके आत्मबल को निरंतर ताकत देने की जरूरत पड़ती रहती है इन्हें लगातार कहना पड़ता है कि वे सफल होंगे अन्यथा वह लोग डरपोक हो जाते हैं ।
तुला -इस राशि के बच्चे आकर्षक और गर्मजोशी से भरे होते हैं अपने साथी और बड़ों को समान रूप से आकर्षित करते हैं इनका व्यवहार और शिक्षा दोनों अच्छी होती हैं यह होनहार और बुद्धिमान होते हैं
वृश्चिक -इस राशि के बच्चे एकाकी और चिंता करने वाले होते हैं अपने माता-पिता और भाई बहन को समान रूप अत्यधिक  परेशान करते हैं ।
धनु - इस राशि के बच्चे विचित्र व्यक्तित्व वाले तथा खेलों में रुचि रखते हैं यह जिज्ञासु आकर्षण हाजिर जवाब और पूर्ति ले होते हैं ।
मकर - इस राशि के बच्चे अपने अभिभावकों को खोने के डर से डरे रहते है यह भावना गंभीर रूप से खुशी के रूप से दूर कर देती है ।
कुंभ राशि इस राशि के बच्चे दोस्ताना और खुशमिजाज होते हैं यह इतने पवित्र होते हैं कि अजनबी से भी बात करने लगते हैं यह बच्चे सख्त अनुशासन वाले स्कूल में काफी खुश रहते हैं ।
मीन राशि इस राशि के बच्चे सपनों की दुनिया में खोए रहने वाले होते हैं तथा इन्हें अपना स्कूल में कई बार उनके लिए समस्या बन जाती है जिन्हें फोकस करने के लिए इनका ध्यान कराने की जरूरत होती है।

Sunday, 25 August 2019

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आज बच्चों की तरह करें मस्ती क्योंकि कल हो न हो

आजकल हर कोई अपनी जिंदगी को भरपूर तरीके से जीना चाहता है क्योंकि कल क्या होगा किसी को पता नहीं है पहले लोग अपने परिवार तक ही सीमित रहते थे लेकिन आज वह जमाना चला गया है आप लोग अपनी इकलौती जिंदगी को मस्ती से जीना चाहते हैं खुद को खुश रखना चाहते हैं इसलिए अपने लिए घूमना पसंद करते हैं 1 बच्चे से ज्यादा जोश होता है इनमे क्योंकि यह एक ही उम्र की होते हैं और कोई किसी को नहीं जानता कोई ना कोई यह समझता है कि कोई क्या कहेगा आज की कोई चिंता नहीं रहती और बच्चे अपनी जिंदगी का पूरा इंजॉय करते हैं लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती हमारी जिम्मेदारियां में बढ़ती जाती है और हम एक मस्त मौला से जिम्मेदार व्यक्तित्व के स्वामी बन जाते हैं और उसके बाद फिर शुरू होता है एक अलग सफर जिसमें हमें जिम्मेदारियां उठाते हुए अपने परिवार का पालन पोषण करना होता है लेकिन उसके बाद एक समय ऐसा भी आता है जब हम अपनी जिम्मेदारियों से बिल्कुल फ्री होकर निश्चिंत होकर सोचते हैं कि अब हमें अपने बारे में भी कुछ सोचना चाहिए पूरी उम्र तो हमने जिम्मेदारियों में निभाने में काट दी लेकिन अब उस समय हम अपने लिए भी दे और मस्त रहे इंजॉय करें आज जब हर कोई अपनी जिंदगी अपने मन मुताबिक भरपूर जीना चाहता है तो फिर अपनी जिंदगी जीने से क्यों रोका जाए क्यों ना उन्हें आजादी में जीने का और उसके बाद मरने का एक मौका दिया जाए क्योंकि उम्र होने पर बुजुर्गों को सिर्फ अपना समय काटना ही होता है लेकिन बदलते समय और बदलती सोच के चलते अब यह भी खूब घूम रहे हैं और होना भी चाहिए हमें नए नए लोगों से मिलना चाहिए जिंदादिली के साथ खुशियां बटोर नी चाहिए  और बिल्कुल छोटे छोटे बच्चो की तरह हर पल का इंज्वाय करना चाहिए क्योंकि कल हो ना हो
रामजी पांडे

Friday, 23 August 2019

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किसी को भी पैसा उधार देने से पहले ध्यान रखें यह बातें तो नहीं होगा नुकसान

बुजुर्गों में कहावत थी प्रेम गया पैसा गया और गया व्यवहार दर्शन दुर्लभ हो गए जब से दिया उधार यह आज के दौर के एक कड़वी सच्चाई है जिसमें अगर आपने अपने किसी संबंधी या रिश्तेदार को खास तौर पर अपने दोस्तों को कई परिस्थितियों में कुछ पैसे देने की जरूरत पड़ जाती है तो आपके पैसे फंस ना जाएं इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखकर ही पैसे उधार दे जब आप किसी को अपने पैसे उधार के तौर पर देते हैं तो उससे सबसे पहले यह जरूर जानने की उसकी जरूरत की असली वजह क्या है साथी अगर कोई दूसरा विकल्प हो तो उसको सलाह दी जा सकती है इसलिए ठंडे दिमाग से गौर करके कोशिश करें उन्हें कोई उपाय सुझाव दें और यह सुनिश्चित करने की जो पैसा आप से उधार ले रहा है वह किसी गलत काम में तो यूज़ नहीं करेगा नहीं तो उसकी वजह से आपके रिश्ते में दरार भी पड़ सकती है जिसका नतीजा आने वाले समय में देखा जा सकता है पैसे के मामलों में भावनाओं को एक तरफ रख कर अपने जानने वाले को उधार देने से पहले अपनी सभी शर्तों को बता दें ताकि बाद में वह किसी तरीके की गलतफहमी में ना रहे उससे पैसे देने से पहले पैसे वापसी की बात करें यदि पैसा किस्तों में देने के लिए तैयार है तो उसकी अवधि पहले से ही तय कर ले साथ ही उधार देने के बाद उससे यार नहीं पूछना चाहिए कि वह उधार लिए हुए पैसे का क्या कर रहा है आप अपने पैसे देकर उससे बाद में कोई जानकारी ना लें नहीं तो बार-बार उसके बारे में बात करने से आपस में गलतफहमी और दरार की दीवार पड़ सकती है अगर उधार की रकम बड़ी है तो बेहतर है कि कोई भी हो उससे जरूरी दस्तावेजों पर साइन करवा ले और किसी भी व्यक्ति को उधार उसकी और अपनी क्षमता के अनुसार ही देना चाहिए बाद में पैसे मांगते वक्त कभी भी ताऊ में नहीं आए सुखी आप अपने किसी करीबी को ही पैसे उधार दे रहे हैं इसलिए उससे वापसी की समय सीमा भी तय कर लें और उसे ऐसा समझाएं कि आप निर्णय नहीं है बल्कि उसे ही पैसे वापस करने में आसानी होगी ताकि उसे कल किसी भी शर्मिंदगी का सामना ना करना पड़े एक बात और अपने सगे संबंधी को पैसा देकर ब्याज कभी भी नहीं लेना चाहिए हो सकता है कि वह अपने जरूरत के लिए आपको ब्याज देने की बात मान ले परंतु इसके साथ संबंध खराब हो सकते हैं याद रखें कि उसने यह लोन किसी बैंक से नहीं मांगा है बल्कि अपने जानने वाले से मांगा है एक बात और यह बात ठीक है कि आप अपने करीबी के काम आ रहे हैं लेकिन यह भी ध्यान रखें कि वह व्यक्ति उधार लेने की आपसे आदत ना बना ले नहीं तो वह आप पर निर्भर हो जाएगा और आपके पैसों की कदर नहीं करेगा क्योंकि उसे लगेगा कि जरूरत पड़ने पर आप उसको पैसे दे देंगे और जब दोबारा आप उसको पैसे नहीं देंगे तब वह आपसे नाराज हो जाएगा इसलिए रिश्तो में खटास ना आए इसलिए एक बार में ही उसे प्यार से समझा दे और बोल दे कि भाई मेरी भी मजबूरी है हम आपको बार-बार पैसे नहीं दे सकते किसी भी रिश्तेदार को कभी भी अकेले में पैसे उधार देने नहीं चाहिए चाहे उधार लेने वाला आपका भाई बहन ही क्यों ना हो पता करें कि आप उधार किसी मित्र या सगे संबंधी के मौजूदगी में ही दें लेकिन ध्यान दें ऐसे लोगों के सामने ही दें जिस पर यकीन हो कि यह बातें वह बाहर लिख नहीं करेगा इस तरीके से आप लोगों की मदद भी कर पाएंगे और अपना नुकसान भी नहीं होगा
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अपने बच्चों को अनुशासन में रहना सिखाएं लेकिन डराएं नहीं क्योंकि

आज के दौर में कुछ माता पिता अपने बच्चों को अपने कंट्रोल में रखने के लिए उनके दिल में डर भर देते हैं जबकि उन्हें यह मालूम ही नहीं होता कि बच्चों के दिल में भरा जाने वाला यही डर आगे चलकर आपके बच्चों का भविष्य चौपट कर सकता है और उस दर से आपके बच्चे का निकलना मुश्किल हो सकता है इसलिए अपने बच्चों से डिसिप्लिन और तरीके से बात करें जिससे वह आपकी बात को समझेंगे और मानेंगे भी आपको बताते चलें कि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिन्हें संभालना थोड़ा मुश्किल होता है खासतौर पर हाय पर एक्टिव बच्चे जो किसी की भी बात जल्दी नहीं सुनते परंतु उसका यह अर्थ कतई नहीं है कि आप उनके मन में बेवजह का डर भर दे जरा ने से पहले यह सोच ले कि आप अपने बच्चे को खुद ही धरना सिखा रहे हैं जबकि आपको उन्हें तो निडर बनाना चाहिए क्योंकि वह अपने जीवन में आने वाली कठिनाइयों का सामना आसानी से कर सकें अपने बच्चों को कभी भी भूत प्रेत शेर पुलिस आदि का एग्जांपल नहीं देना चाहिए क्योंकि इस तरीके के डर के आपके बच्चे पर आने वाले समय में दुष्परिणाम भी देखे जा सकते हैं डर के कारण आपके बच्चे के मन में असुरक्षा की भावना घर कर जाती है जोश के व्यक्तित्व के विकास में बाधक होती है ऐसे बच्चे ज्यादातर बड़े होकर भी डरे सहमे से रहते हैं ऐसे बच्चों में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है और वह डर के कारण स्कूल की एक्टिविटी में भी हिस्सा लेने से कतराते हैं जिसका सीधा असर उनके व्यक्तित्व पर पड़ता है बच्चों के मन में कई गलत धारणाएं भी बैठ जाती है जिसका उनकी सोच पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है इसलिए ध्यान रखें कि अपने बच्चे को अपनी बात प्यार से समझा करें मनवाए डर एक बाहरी दबाव है इसलिए आप अपने बच्चे को चाहे कितना भी डर आए अगर उनकी काम करने की इच्छा नहीं होगी तब वह नहीं करेंगे इसलिए डराने से ज्यादा जरूरी है कि आप अपने बच्चों को अनुशासित रहना सिखाएं जिससे वह जिंदगी में एक कामयाब इंसान बन सके