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Thursday, 26 August 2021

03:19

FY21 में 31820 करोड़ 5 साल बाद मुनाफे में वापसी


आज केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्री श्रीमती। निर्मला सीतारमण ने आज मुंबई में अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) के प्रदर्शन की समीक्षा की। समीक्षा में कहा गया है कि 2014 में मौजूदा स्थिति की प्रतिक्रिया के रूप में मान्यता, संकल्प, पुनर्पूंजीकरण और सुधार की सरकार की 4R रणनीति ने 2020-21 में लाभप्रदता, पूंजी पर्याप्तता, एनपीए में कमी, जांच के विभिन्न मानकों पर पीएसबी में नाटकीय सुधार किया था। धोखाधड़ी की घटना और बाजार से धन जुटाना।


पीएसबी के प्रबंध निदेशकों के साथ बातचीत के हिस्से के रूप में, वित्त मंत्री ने ग्राहक सेवा, एमएसएमई और कम सेवा वाले क्षेत्रों का समर्थन करने के लिए ऋण वृद्धि, साथ ही बुनियादी ढांचे, पीएलआई योजना और निर्यात के लिए राष्ट्रीय पहल के लिए ऋण पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। श्रीमती सीतारमण ने सह-ऋण देने की आवश्यकता पर विशेष रूप से बल दियाविशेष रूप से एमएसएमई और खुदरा क्षेत्र के लिए किफायती ऋण की पहुंच बढ़ाने के लिए काम करना। साथ ही, पुनर्प्राप्ति और प्रौद्योगिकी में विशेष रूप से डिजिटल ऋण और नवाचार में निरंतर प्रयासों की आवश्यकता थी। वित्तीय समावेशन की ओर बढ़ने से पर्याप्त लाभ हुआ है, लेकिन इन प्रयासों को विशेष रूप से प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के संदर्भ में जारी रखने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया कि सभी सरकारी घोषणाएं सड़क पर अंतिम पुरुष और महिला को लाभान्वित करें।

श्रीमती सीतारमण ने बैंकों को निर्यात प्रोत्साहन एजेंसियों के साथ-साथ उद्योग और वाणिज्य निकायों के साथ बातचीत करने का निर्देश दिया ताकि निर्यातकों की आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके। बैंकों को निर्देश दिया गया था कि वे फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्टर्स ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के साथ नियमित रूप से बातचीत करें ताकि निर्यातकों को विभिन्न बैंकरों के बीच आवागमन न करना पड़े।

वित्त मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि वर्तमान बदलते समय के साथ, उद्योगों के पास अब बैंकिंग क्षेत्र के बाहर से भी धन जुटाने का विकल्प है। बैंक स्वयं विभिन्न माध्यमों से धन जुटा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां जरूरत है वहां क्रेडिट को लक्षित करने के लिए इन नए पहलुओं का अध्ययन करने की जरूरत है। श्रीमती सीतारमण ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि बैंक एक विशेष क्षेत्र के उद्योगों को एक निर्यातक बनने में सक्षम बनाने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं और इस तरह एक जिला एक उत्पाद योजना की सहायता करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


श्रीमती सीतारमण ने कहा कि जैसा कि प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुझाव दिया है, बैंकों को उत्तर-पूर्व के जैविक फल क्षेत्र की मांगों को पूरा करने की आवश्यकता है।

विशेष रूप से देश के उत्तर-पूर्व क्षेत्र के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों की रसद और निर्यात जरूरतों को व्यक्तिगत रूप से देखने की जरूरत है। वित्त मंत्री ने कहा कि कासा जमा पूर्वी राज्यों में जमा हो रहा है और बैंकों को उस क्षेत्र में अधिक से अधिक ऋण विस्तार की सुविधा प्रदान करनी चाहिए।

कुल मिलाकर श्रीमती सीतारमण ने बैंकों से कहा कि वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर काम करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कर्ज जरूरतमंदों तक पहुंचे। क्रेडिट आउटरीच के बारे में, वित्त मंत्री ने कहा कि अक्टूबर 2019 और मार्च 2021 के बीच, बैंकों ने एक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया था और 4.94 लाख करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए थे, और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को इस वर्ष भी इसी तरह की कवायद करने का आह्वान किया था ।


PSB का बेहतर प्रदर्शन अप्रैल-जून तिमाही 2021 में भी जारी रहा है। इस तिमाही में कुल लाभ 14,012 करोड़ रुपये रहा है और परिचालन लाभ, शुल्क आय के साथ-साथ ट्रेजरी आय में भी मजबूत वृद्धि देखी गई है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का यह प्रदर्शन COVID-19 महामारी के कारण व्यापक प्रसार अवरोधों के बावजूद है। पीएसबी में बाजारों का विश्वास रुपये से अधिक के साथ मजबूत हुआ है। इस साल के पहले पांच महीनों में इक्विटी के रूप में 7,800 करोड़ रुपये जुटाए जा रहे हैं। पिछले साल भर में 10,543 करोड़ । समामेलन हुआ है और अधिक दक्षता, अधिक व्यावसायिकता, कम लागत और मजबूत पूंजी बफर के रूप में लाभ मिल रहे हैं। 

पीएसबी में, ग्राहक सेवा में सुधार और पीएसबी की पहुंच डिजिटल बैंकिंग, डिजिटल उधार, सुविधा संपन्न मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग, अधिक ग्राहक-अनुकूल सुविधाओं और क्षेत्रीय भाषा ग्राहक-इंटरफ़ेस को अपनाने से सक्षम हुई है । डिजिटल चैनलों के माध्यम से डिजिटल खुदरा ऋण अनुरोध की शुरुआत को बड़े पीएसबी में सक्षम किया गया है, जिसमें ऋण अनुरोधों से खुदरा संवितरण वित्त वर्ष 2020-21 में शुरू किया गया है, जिसकी राशि रु। 40,819 करोड़ । ग्राहक-आवश्यकता-संचालित, विश्लेषण-आधारित क्रेडिट ऑफ़र को प्रोत्साहन दिया गया है, जिसके परिणामस्वरूप रु. FY2020-21 में सात बड़े PSB द्वारा 49,777 करोड़ ताजा खुदरा ऋण संवितरण । नतीजतन, पीएसबी के लगभग 72% वित्तीय लेनदेन अब डिजिटल चैनलों के माध्यम से किए जाते हैं, डिजिटल चैनलों पर सक्रिय ग्राहकों की संख्या वित्त वर्ष 2019-20 में 3.4 करोड़ से दोगुनी होकर वित्त वर्ष 2020-21 में 7.6 करोड़ हो गई है।

महामारी के दौरान, PSB, निजी बैंकों और NBFC ने अकेले आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना (ECLGS) के माध्यम से 1.16 करोड़ से अधिक उधारकर्ताओं का समर्थन किया । ECLGS की सफलता के कारण सरकार ने ECLGS को बढ़ाकर रु। 28 जून, 2021 को की गई घोषणाओं के हिस्से के रूप में 4.5 लाख करोड़। साथ ही, एमएफआई के लिए गारंटी योजना और स्वास्थ्य क्षेत्र में पूंजीगत व्यय (सीएपीईएक्स) जैसी अन्य पहलें की गई हैं। उदाहरण के लिए, एमएफआई योजना पहले ही लगभग रु। निर्यात में हमारे नए चैंपियन के रूप में संभावित मध्यम आकार और छोटी कंपनियों की पहचान करने के लिए पिछले हफ्ते ही 1,000 करोड़ रुपये की “उभरते सितारे योजना” शुरू की गई थी।

PSBs की समीक्षा में, वित्त मंत्री ने FY2021-22 के लिए एन्हांस्ड एक्सेस एंड सर्विस एक्सीलेंस (EASE) 4.0 सुधार एजेंडा भी लॉन्च किया और EASE 3.0 (FY2020-21) के लिए वार्षिक रिपोर्ट जारी की।

Saturday, 24 July 2021

06:51

मुंबई के फैशन मॉडल्स क्यों कर रहे अध्यात्म की तरफ रुख tap news

मुंबई फिल्म और फैशन जगत की मायानगरी है। देश भर के युवाओं को मॉडलिंग और फैशन की दुनिया बहुत आकर्षित करती है। ग्लैमर और चकाचोंध भरी इस दुनिया में कई युवा अपना संतुलन नहीं रख पाते और भटक जाते हैं, जबकि कुछ सकारात्मक समाधान खोजते हैं। 
मुंबई मॉडलिंग जगत में धाक जमाने के बाद न्यूयोर्क मे रह रहीं सुपर मॉडल पूजा मोर कहती हैं कि मॉडलिंग का पेशा शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। इस पेशे में सफल होने के लिए जहाँ एक तरफ अनुशासन, मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होती है वहीं दूसरी तरफ कड़ी प्रतिस्पर्धा, तनाव और अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है। आइये हम मुंबई के मॉडलिंग और फैशन जगत से जुड़े कुछ युवाओं से जानते हैं कैसे फालुन दाफा ध्यान अभ्यास उन्हें मानसिक सयंम और स्वास्थ्य में मदद कर रहा है। 
पूजा मोर केल्विन क्लाईन, गिवेंची, रोबेर्टो कावाली, लुइ वित्तों जैसे लक्ज़री ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग कर चुकी हैं और पिछले चार वर्षों से फालुन दाफा का अभ्यास रही हैं. उनका कहना है, “मैं सुबह का समय फालुन दाफा अभ्यास के लिए रखती हूँ। यह वह समय है जब मैं स्वयं से जुड़ पाती हूँ – अपने अंदर झांक पाती हूँ।“ 
पूजा बताती हैं कैसे फालुन दाफा ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया और उनके प्रेरणा का स्रोत बना। “पहले कोई काम ठीक से न होने पर मैं दूसरों की गलती निकालती थी और उन पर दोष डालती थी। किन्तु अब मैं अपनी गलती स्वीकार कर पाती हूँ और सोचती हूँ कि अगली बार और बेहतर कैसे करूँ।“
फालुन दाफा मन और शरीर का एक प्राचीन साधना अभ्यास है जो सत्य-करुणा-सहनशीलता के सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें पांच सौम्य और प्रभावी व्यायामों का भी समावेश है जो व्यक्ति के शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं।
मिस्टर इंडिया फाइनलिस्ट रह चुके अधिराज चक्रबर्ती मुंबई के एक प्रतिष्ठित मॉडल और उभरते हुए फैशन फोटोग्राफर हैं। अधिराज पहले बहुत गुस्सेबाज थे और बात बात में आपा खो बैठते थे। अधिराज बताते हैं, “फालुन दाफा के अभ्यास से मुझे अपने अन्दर और बाहर दोनो में ही बहुत बदलाव महसूस हुए। कोलकाता से मुंबई आने के बाद मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता था। लेकिन अब मैं एनेर्जेटिक महसूस करता हूँ और रोजमर्रा की परिस्थितियों में संयम रख पाता हूँ।” 
फालुन दाफा का अभ्यास दुनियाभर में 114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन दाफा की जन्म भूमि है, वहां जुलाई 1999 से इसका दमन किया जा रहा है। चीन में हो रहे दमन के बारे में अधिराज कहते हैं, “यह बिलकुल अविश्वसनीय है कि इतने शांतिमय अभ्यास को भी चीन में क्रूर दमन का सामना करना पड़ रहा है। चीन को इस अभ्यास पर गर्व होना चाहिए कि कैसे यह दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है।” 
ऊटी में पली बढ़ी मोनिका थॉमस मुंबई की एक उभरती हुई युवा मॉडल हैं जो वोग, एल, हार्पर बाज़ार जैसी टॉप फैशन पत्रिकाओं के कवर की शोभा बढ़ा चुकी हैं. पिछले डेढ़ वर्ष से फालुन दाफा का अभ्यास कर रही मोनिका बताती हैं कि यह अभ्यास आरम्भ करते ही उन्हें मन और शरीर में सुखद बदलाव महसूस हुए। “फालुन दाफा से मैंने सीखा कि अपना काम करते हुए कैसे स्वयं में लगातार सुधार लाया जाये जो मुझे पहले नहीं मालूम था। अब मैं अपने विचारों और अपने आस-पास की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से सम्भाल पाती हूँ।” 
मुंबई की एक मॉडलिंग एजेंसी में मैनेजर, नेहा शाह, कहती हैं, “फालुन दाफा का अभ्यास कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है, जो मेरी भागदोड़ वाली दिनचर्या के अनुकूल है। फालुन दाफा से न केवल मेरे स्वास्थ्य में सुधार आया है बल्कि मुझे अपने अन्दर देख पाने और अपनी कमियों को परखने की योग्यता मिली है, जिससे मैं किसी भी परिस्थिति में वस्तुओं को एक बड़े दायरे में देख पाती हूँ और शांत रह पाती हूँ।”    
फैशन जगत से जुड़े ये मॉडल्स अपने भागदोड़ और प्रतिस्पर्धा भरे जीवन में अध्यात्म की राह अपना कर सफलता के पायदान चढ़ रहे हैं। नि:संदेह आज की युवा पीढ़ी के लिए ये रोल मॉडल्स हैं। यदि आप भी फालुन दाफा सीखने के लिए इच्छुक हैं तो इसकी अधिक जानकारी www.falundafa.org या www.falundafaindia.org पर पा सकते हैं। फालुन दाफा पूरी तरह नि:शुल्क सिखाया जाता है।

Sunday, 4 July 2021

02:55

मॉडल-फ़ोटोग्राफ़र अधिराज के लॉकडाउन के दौरान कुछ प्रेरणादायक अनुभव


एक खाली दिमाग शैतान का घर होता है - याद है यह मशहूर कहावत जो हमें स्कूल के दिनों में सुनने को मिलती थी। मेरे पिता की एक आदत थी, वे मुझे स्कूल के समय से ही बड़ी कहावते सुनाया करते थे। उस वक्त मुझे इन कहावतों के अर्थ शायद ही समझ आते थे ...वह मेरे पिता की रूचि होगी, यह सोचकर मैं उन कहावतो को टाल देता था ! लेकिन अब मुझे एहसास होता है ... वे जो बातें मुझे बताया करते थे, वे सारी बातें अक्सर मेरे मन को छू जाती हैं ... उनके कितने गहरे तात्पर्य थे।  

वर्तमान समय में जब पूर्ण लॉकडाउन चल रहा है, तो अधिकांश चीजें सामान्य रूप से काम नहीं कर रही हैं। इन अनपेक्षित दिनों की शुरूवात से सोशल मीडिया, रोज़ के समाचार और वीडियो देखने के बजाय मैं अपना समय कुछ सकारात्मक लेखन पढ़ने में लगा रहा हूँ।  हालाँकि, दुनिया में क्या हो रहा है, इसके बारे में जागरूक होना ज़रूरी है, लेकिन उस हद तक नहीं की हम झूठी खबरों, नकारात्मक विचारों और आलोचनाओं को सुनने में समय गवां दें।  

अक्सर जब हम नकारात्मकता की चपेट में होते हैं तो हममें से बहुत लोग करुणामय होना भूल जाते हैं। मैं, सत्य, करुणा और सहनशीलता का पालन करता हूँ ... जो फालुन दाफा के मूल सिद्धांत हैं। यह मन और शरीर के लिए एक प्राचीन साधना अभ्यास है । इस खाली समय ने वास्तव में मुझे ध्यान अभ्यास के पांच व्यायामों को नियमित रूप से करने में मदद की है ... मैंने अभ्यास की अवधि बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है जो मेरे मन को शांत और संयमित रहने में मदद करता है। इसके अलावा यह अभ्यास प्रतिरोधक शक्ति को मज़बूत बनाने में मदद करता है, इसलिए सहज ही मैं काफी ऊर्जावान और सक्रिय महसूस करता हूँ, भले ही मैं पूरे समय घर पर हूँ । 

एक रचनात्मक व्यक्ति और एक स्वयं-सीखे फोटोग्राफर होने के नाते, मुझे लगातार स्वयं को विकसित करने की आवश्यकता होती हैं। इसलिए, अपने ज्ञान को ऑनलाइन बढाने के लिए नियमित रूप से अलग-अलग समय निर्धारित करते हुए, अपने संपादन और रीटचिंग कौशल को और बेहतर बनाने का भी लगातार प्रयास करता हूँ। 

अंत में, मैं इस पूरे परिदृष्य से यह समझता हूँ की हमारे आसपास जो कुछ भी होता है उसके पीछे कुछ बड़े कारण हैं, हमें अपने विचारों और कार्यों के बारे में चिंतन करने का प्रयास करना चाहिए। यह क्षण हमें दिया गया है और हमारे पास यह विकल्प है कि हम अपने निष्क्रिय मन में बुराई को पलने दे या ...

“हम गर्व से चलें करके सर ऊँचा, मीलों दूर मृगतृष्णा से आगे, उन सूखी झाड़ियों के कांटो के पार, तपते नीरस रेगिस्तान की झुलसाने वाली गर्मी में ... जबकि, पड़ाव अधिक दूर नहीं है, जहाँ ताड़ वृक्ष और सुखमयी जल है भरपूर ... आओ लौटें सब उस अनंत नखलिस्तान को।“ 

- अधिराज चक्रवर्ती 

[मिस्टर इंडिया फाइनलिस्ट रह चुके अधिराज चक्रबर्ती मुंबई के एक प्रतिष्ठित मॉडल और उभरते हुए फैशन फोटोग्राफर हैं। वह फालुन दाफा का अभ्यास करते हैं जो मन और शरीर की एक प्राचीन साधना पद्धति है। यदि आप भी इस अभ्यास को सीखने के इच्छुक हैं तो www.learnfalungong.in पर इसके नि:शुल्क वेबिनार के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। फालुन दाफा के बारे में अधिक अधिक जानकारी आप www.falaundafaindia.org पर पा सकते हैं।]

Tuesday, 22 June 2021

08:20

क्या आध्यात्मिक शक्ति हरा पायेगी कोरोना को?

आज पूरा भारत कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है। आये दिन किसी मित्र या परिजन के कोरोना ग्रस्त होने की खबरें विचलित कर देती हैं। सरकार इस महामारी से बचने के उपाय कर रही है, लेकिन फिर भी लोग असहाय महसूस कर रहे हैं। ऐसी अवस्था में जब कुछ लोग डिप्रेस हो रहे हैं, तो कुछ सकारात्मक सोच रखते हुए अध्यात्म की ओर रुख कर रहे हैं। 
क्या अध्यात्म के पास कोरोना महामारी से निपटने का उपाय है? अध्यात्म में यह माना जाता है कि महामारियां तभी आती हैं जब लोगों के नैतिक मूल्यों में भारी गिरावट आ जाती है और समाज भ्रष्ट हो जाता है। महामारियां और विपदाएं प्रकृति का मानवजाति को चेताने और सामंजस्य लाने का तरीका हो सकता है। माना जाता है कि मनुष्य के नैतिक गुण में सुधार आने से वह प्राकृतिक विपदाओं से प्रभावमुक्त रह सकता है। 
इसी सन्दर्भ में हम आपका परिचय फालुन दाफा (या फालुन गोंग) से कराना चाहेंगे जो मन और शरीर का एक उच्च स्तरीय साधना अभ्यास है। फालुन दाफा में पांच सौम्य और प्रभावी व्यायाम सिखाये जाते हैं, किन्तु बल मन की साधना या नैतिक गुण साधना पर दिया जाता है। ये व्यायाम व्यक्ति की शक्ति नाड़ियों को खोलने, शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं। मन और शरीर का एक परिपूर्ण अभ्यास होने के कारण इस अभ्यास से लोगों को कम समय में ही आश्चर्यजनक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।
फालुन दाफा विश्व की मूलभूत प्रकृति: सत्य – करुणा – सहनशीलता के नियमों पर आधारित है, जिस कारण इसके अभ्यासी प्रकृति और विश्व के साथ सामंजस्य रख पाते हैं और रोगों तथा विपदाओं से प्रभावमुक्त रह पाते हैं। अनुभव विवरणों के अनुसार वे कोरोनाग्रस्त लोग जो अभ्यासी भी नहीं थे, वे भी इस वाक्य - “फालुन दाफा अच्छा है, सत्य–करुणा–सहनशीलता अच्छा है” का मन में लगातार उच्चारण कर इस गंभीर रोग से उबर पाए। यह चमत्कार जैसा लगता है, लेकिन इन लोगों के स्वस्थ होने का मुख्य कारण उनका विश्व की मूलभूत प्रकृति के साथ आत्मसात होना है। आधुनिक विज्ञान को अवश्य ही इस विषय पर शोध करनी चाहिए।             
पुस्तक “Life and Hope Renewed - The Healing Power of Falun Dafa” में  फालुन दाफा अभ्यास द्वारा अनेक लोगों के गंभीर और जानलेवा बीमारियों से उबरने के अनुभव संकलित हैं। यह पुस्तक http://en.minghui.org/html/articles/2005/4/3/59184.html से डाउनलोड की जा सकती है।
आज दुनिया भर में 90 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोग फालुन दाफा का अभ्यास कर रहे हैं। हमारे देश में भी हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, कोलकाता, हैदराबाद, नागपुर, पुणे आदि शहरों में फालुन दाफा का अभ्यास कर रहे हैं। यदि अधिक से अधिक लोग सत्य – करुणा – सहनशीलता के नियमों को अपनाएंगे तो सहज ही समाज का नैतिक गुण स्तर बढ़ेगा और प्राकृतिक रूप से विपदाएँ कम होंगी। कोरोना काल में चूंकि बाहरी गतिविधियाँ सीमित हैं, इसलिए इसे ऑनलाइन भी सिखाया जा रहा है। 
यदि आप भी इस अभ्यास को सीखने के इच्छुक हैं तो www.learnfalungong.in पर इसके नि:शुल्क वेबिनार के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। फालुन दाफा के बारे में अधिक अधिक जानकारी आप www.falaundafaindia.org पर पा सकते हैं।

Friday, 18 June 2021

05:45

इस कठिन समय में विश्व को सत्य और करुणा की आवश्यकता है - मोनिका टॉमस tni

मुंबई/जनकल्याण मेरे बचपन की शुरुआती यादें सादगी और स्वतंत्रता के बारे में थीं, ठीक मेरे जन्म-स्थान, कुन्नूर की तरह जहां मैं बड़ी हुई थी। मुझे लगता था जैसे लोगों का चरित्र नगर का ही एक प्रतिबिंब था ... सरल, सच्चा और दयालु। पीछे मुड़कर देखने पर, मुझे लगता है जैसे मेरा मन आज भी उन पहाड़ों की विशालता में भटक़ रहा हो। मैं हमेशा सोचती थी कि जीवन और अस्तित्व कहाँ से आया है! जैसे-जैसे समय बीतता गया, मैं अपनी पढ़ाई और फिर नौकरी के लिए एक बड़े शहर में चली गयी; मेरे पहले के निर्मल जीवन की तुलना में वहां जीवन बिलकुल विपरीत था। उन नए तरीकों से अनुकूल होने की कोशिश करते हुए, मैं उस शांत माहौल को खोज रही थी जो कभी मेरे पास था। लेकिन उस शांत अनुभव की तलाश सरल नहीं थी, क्योंकि लगभग हर चीज जो मुझे मिली वह सतही और दिखावटी थी। 
2017 के दौरान, मेरा परिचय फालुन दाफा से हुआ (जिसे फालुन गोंग भी कहा जाता है, जो सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों पर आधरित मन और शरीर का साधना अभ्यास है)। कुछ ही हफ्तों में मैं इसके व्यायाम और ध्यान को नियमित रूप से करने लगी, जिससे मुझे ऊर्जावान, बेहद जागरूक और खुद को कई तरीकों से जुड़ा हुआ महसूस होने लगा। मेरे मित्र के सुझाव पर, जिसने मुझे अभ्यास के बारे में बताया था, मैंने फालुन दाफा के संस्थापक श्री ली होंगज़ी द्वारा लिखित पुस्तक ज़ुआन फालुन को पढ़ना शुरू किया। पुस्तक में मुझे उन प्रश्नों के उत्तर मिले जो मैं हमेशा से खोज रही थी। मैंने सत्य, करुणा और सहनशीलता के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाया और मुझे बहुत से सकारात्मक बदलाव महसूस हुए। मैं समझ गयी कि मौलिक रूप से बदलाव लाने के लिए अपने मन और शरीर का उत्थान करना आवश्यक है।
न्यूयॉर्क की अपनी एक यात्रा के दौरान, मैं चीन की एक लड़की से मिली, हमने थोड़ी बात की और मैंने उसे बताया कि कैसे फालुन गोंग का अभ्यास करने के बाद मैं एक बदले हुए व्यक्ति की तरह महसूस करती हूं। यह सुनने के बाद वह कुछ आशंकित लगी और उसने मुझे बताया कि यह अच्छा नहीं है और इसका अभ्यास नहीं करना चाहिए। यह सुन कर मुझे एक धक्का सा लगा, क्योंकि दुनिया भर के लाखों अन्य लोगों की तरह मुझे भी इस अभ्यास से बहुत लाभ हुआ था। मुझे तब एहसास हुआ कि चीन में फालुन गोंग पर हो रहे अत्याचार के बारे में मुझे बहुत कम जानकारी है।
जानकारी की तलाश में, मैंने पाया कि चीनी कम्युनिस्ट शासन ने जुलाई 1999 से इस अभ्यास को खत्म करने के लिए एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया था। फालुन गोंग की बढ़ती लोकप्रियता और स्वतंत्रता को कम्युनिस्ट शासन ने एक चुनौती समझा और इसे दबाने के लिए क्रूर दमन आरम्भ कर दिया जो आज तक जारी है। लाखों फालुन गोंग अभ्यासियों को बंदी बना लिया गया, लेबर कैंप में भेजा गया, उनकी जमीन-जायदाद जब्त कर ली गयी। अभ्यासियों को शारीरिक और मानसिक यातनाएं दी जाती हैं और अभ्यास को छोड़ने के लिए ब्रेनवाश किया जाता है। डॉक्यूमेंट्री “ह्यूमन हार्वेस्ट” देखने के बाद, मुझे जो सबसे भयावह लगा, वह था कि चीनी शासन, सरकारी अस्पतालों की मिलीभगत से, फालुन गोंग अभ्यासियों के अवैध मानवीय अंग प्रत्यारोपण के अपराध में संग्लित है। इस अमानवीय कृत्य में हजारों फालुन गोंग अभ्यासियों की हत्या की जा चुकी है और बड़े पैमाने पर अवैध धन कमाया जा रहा है।  
आज चीन में, फालुन गोंग एक ऐसा विषय है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करना चाहता। जिस चीनी लड़की से मैं मिली थी, उसी तरह कई लोग अब भी कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा फैलाए गए झूठे प्रचार और मनगढ़ंत जानकारियों पर विश्वास करते हैं, वे या तो डर जाते हैं या फालुन गोंग के विषय में कुछ सुनना नहीं चाहते। 
वास्तविकता जानने की कोशिश में, मुझे सच्चाई का पता चला। मुझे मानवाधिकारों के दुरुपयोग के इस मुद्दे पर तथ्यों को स्पष्ट करना और जागरूकता बढ़ाना उचित लगता है, क्योंकि इससे अमानवीय दमन को समाप्त करने में मदद मिलेगी । इस प्रकार लोग सूचित निर्णय ले सकते हैं और झूठे प्रचार से गुमराह नहीं होंगे।
कम्युनिस्ट चीन में प्रचलित परिस्थितियाँ किसी भी आस्था रखने वाले व्यक्ति के लिए बहुत विषम हैं, विशेष रूप से मेरे लिए जो अपने पहाड़ी नगर की अद्भुत यादें संजो कर रखे है, जहां लोग अभी भी शांति और सादगी का जीवन जीते हैं क्योंकि वे आस्था के मूल अधिकार का उपयोग करने के लिए स्वतंत्र हैं! इसके विपरीत मुझे फालुन गोंग के अद्भुत अभ्यास के माध्यम से अपनी खोज के उत्तर मिले। कठिन समय के बीच मुझे सबसे बड़ा उपहार मिला ... और मेरे अनुभवों के माध्यम से मुझे एहसास हुआ, सच्चाई कभी नहीं बदल सकती ... भले ही आपका परिवेश बदल जाए! इस कठिन समय में विश्व को सत्य और करुणा की आवश्यकता है।
(मोनिका टॉमस तमिलनाडु के पहाड़ी नगर कुन्नूर से हैं। उन्होंने मुंबई से अपने मॉडलिंग करियर की शुरुआत की। वर्तमान में, वे न्यूयॉर्क में एक अंतरराष्ट्रीय मॉडलिंग एजेंसी के लिए काम कर रही हैं और एक सफल फैशन मॉडल हैं)

Thursday, 17 June 2021

09:40

फालुन दाफा की ओर आकर्षित हो रहे मुंबई के फैशन मॉडल्स t

मुंबई फिल्म और फैशन जगत की मायानगरी है। देश भर के युवाओं को मॉडलिंग और फैशन की दुनिया बहुत आकर्षित करती है। ग्लैमर और चकाचोंध भरी इस दुनिया में कई युवा अपना संतुलन नहीं रख पाते और भटक जाते हैं, जबकि कुछ सकारात्मक समाधान खोजते हैं। 
मुंबई मॉडलिंग जगत में धाक जमाने के बाद न्यूयोर्क मे रह रहीं सुपर मॉडल पूजा मोर कहती हैं कि मॉडलिंग का पेशा शारीरिक और मानसिक रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। इस पेशे में सफल होने के लिए जहाँ एक तरफ अनुशासन, मेहनत और धैर्य की आवश्यकता होती है वहीं दूसरी तरफ कड़ी प्रतिस्पर्धा, तनाव और अकेलेपन से भी जूझना पड़ता है। आइये हम मुंबई के मॉडलिंग और फैशन जगत से जुड़े कुछ युवाओं से जानते हैं कैसे फालुन दाफा ध्यान अभ्यास उन्हें मानसिक सयंम और स्वास्थ्य में मदद कर रहा है। 
पूजा मोर केल्विन क्लाईन, गिवेंची, रोबेर्टो कावाली, लुइ वित्तों जैसे लक्ज़री ब्रांड्स के लिए मॉडलिंग कर चुकी हैं और पिछले चार वर्षों से फालुन दाफा का अभ्यास रही हैं. उनका कहना है, “मैं सुबह का समय फालुन दाफा अभ्यास के लिए रखती हूँ। यह वह समय है जब मैं स्वयं से जुड़ पाती हूँ – अपने अंदर झांक पाती हूँ।“ 
पूजा बताती हैं कैसे फालुन दाफा ने उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया और उनके प्रेरणा का स्रोत बना। “पहले कोई काम ठीक से न होने पर मैं दूसरों की गलती निकालती थी और उन पर दोष डालती थी। किन्तु अब मैं अपनी गलती स्वीकार कर पाती हूँ और सोचती हूँ कि अगली बार और बेहतर कैसे करूँ।“
फालुन दाफा मन और शरीर का एक प्राचीन साधना अभ्यास है जो सत्य-करुणा-सहनशीलता के सिद्धांतों पर आधारित है। इसमें पांच सौम्य और प्रभावी व्यायामों का भी समावेश है जो व्यक्ति के शरीर को शुद्ध करने, तनाव से राहत और आंतरिक शांति प्रदान करने में सहायता करते हैं।
मिस्टर इंडिया फाइनलिस्ट रह चुके अधिराज चक्रबर्ती मुंबई के एक प्रतिष्ठित मॉडल और उभरते हुए फैशन फोटोग्राफर हैं। अधिराज पहले बहुत गुस्सेबाज थे और बात बात में आपा खो बैठते थे। अधिराज बताते हैं, “फालुन दाफा के अभ्यास से मुझे अपने अन्दर और बाहर दोनो में ही बहुत बदलाव महसूस हुए। कोलकाता से मुंबई आने के बाद मेरा स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता था। लेकिन अब मैं एनेर्जेटिक महसूस करता हूँ और रोजमर्रा की परिस्थितियों में संयम रख पाता हूँ।” 
फालुन दाफा का अभ्यास दुनियाभर में 114 से अधिक देशों में 10 करोड़ से अधिक लोगों द्वारा किया जा रहा है। लेकिन दुःख की बात यह है कि चीन, जो फालुन दाफा की जन्म भूमि है, वहां जुलाई 1999 से इसका दमन किया जा रहा है। चीन में हो रहे दमन के बारे में अधिराज कहते हैं, “यह बिलकुल अविश्वसनीय है कि इतने शांतिमय अभ्यास को भी चीन में क्रूर दमन का सामना करना पड़ रहा है। चीन को इस अभ्यास पर गर्व होना चाहिए कि कैसे यह दुनिया भर में करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव ला रहा है।” 
ऊटी में पली बढ़ी मोनिका थॉमस मुंबई की एक उभरती हुई युवा मॉडल हैं जो वोग, एल, हार्पर बाज़ार जैसी टॉप फैशन पत्रिकाओं के कवर की शोभा बढ़ा चुकी हैं. पिछले डेढ़ वर्ष से फालुन दाफा का अभ्यास कर रही मोनिका बताती हैं कि यह अभ्यास आरम्भ करते ही उन्हें मन और शरीर में सुखद बदलाव महसूस हुए। “फालुन दाफा से मैंने सीखा कि अपना काम करते हुए कैसे स्वयं में लगातार सुधार लाया जाये जो मुझे पहले नहीं मालूम था। अब मैं अपने विचारों और अपने आस-पास की परिस्थितियों को बेहतर तरीके से सम्भाल पाती हूँ।” 
मुंबई की एक मॉडलिंग एजेंसी में मैनेजर, नेहा शाह, कहती हैं, “फालुन दाफा का अभ्यास कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है, जो मेरी भागदोड़ वाली दिनचर्या के अनुकूल है। फालुन दाफा से न केवल मेरे स्वास्थ्य में सुधार आया है बल्कि मुझे अपने अन्दर देख पाने और अपनी कमियों को परखने की योग्यता मिली है, जिससे मैं किसी भी परिस्थिति में वस्तुओं को एक बड़े दायरे में देख पाती हूँ और शांत रह पाती हूँ।”    
फैशन जगत से जुड़े ये मॉडल्स अपने भागदोड़ और प्रतिस्पर्धा भरे जीवन में अध्यात्म की राह अपना कर सफलता के पायदान चढ़ रहे हैं। नि:संदेह आज की युवा पीढ़ी के लिए ये रोल मॉडल्स हैं। यदि आप भी फालुन दाफा सीखने के लिए इच्छुक हैं तो इसकी अधिक जानकारी www.falundafa.org या www.falundafaindia.org पर पा सकते हैं। फालुन दाफा पूरी तरह नि:शुल्क सिखाया जाता है।

Monday, 23 November 2020

20:01

महाराष्ट्र के स्कूलों में बजी घंटी:deepak tiwari

पुणे.महाराष्‍ट्र में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर की आशंकाओं के बीच सोमवार से कुछ ग्रामीण इलाकों में आज से 9 से 12वीं तक के स्कूल खोल दिए गए हैं। यह वे इलाके हैं जहां कोरोना के इक्का-दुक्का केस ही है। हालांकि, स्कूल खोलने से पहले जिला प्रशासन ने यहां संक्रमण से निपटने के लिए कड़े निर्देश दिए हैं।
ऑड और इवन में छात्रों को बुलाया गया
तकरीबन 8 महीने बाद पुणे के ग्रामीण इलाकों में आज से भले ही स्कूल खुल गए हैं, लेकिन यहां पढ़ाने के नियम में बड़ा बदलाव नजर आ रहा है। उरुली कंचन गांव में महात्मा गांधी जूनियर कॉलेज में सिर्फ 50% छात्रों को ही बुलाया गया है। यहां लड़कों को एक दिन और लड़कियों को दूसरे दिन बुलाया गया है। वहीं कई स्कूलों में ऑड और इवन रोल नंबर के हिसाब से छात्रों को बुलाया गया है। लगभग सभी स्कूलों में 11वीं और 12वीं कक्षा में सबसे ज्यादा स्ट्रेंथ नजर आ रही है। बता दें कि राज्य सरकार ने स्कूलों में सिर्फ 50 प्रतिशत की स्ट्रेंथ को बुलाने का आदेश दिया है।
स्कूल में आने वाले सभी स्टूडेंट्स और टीचर्स की स्क्रीनिंग अनिवार्य की गई है।
स्कूल में आने वाले सभी स्टूडेंट्स और टीचर्स की स्क्रीनिंग अनिवार्य की गई है।
कोरोना जांच में 17 टीचिंग स्टाफ हुए कोरोना पॉजिटिव
पुणे के ग्रामीण इलाके में आने वाले स्कूलों के 5, 671 टीचर्स की कोरोना जांच हुई थी। जिसमें से 17 शिक्षक या शिक्षण स्टाफ कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। जिसके बाद पुणे जिला परिषद ने उनके क्षेत्र में आने वाले सभी अध्यापकों की कोरोना जांच को अनिवार्य कर दिया गया है।
हर दिन स्कूल को सैनिटाइज करने का दिया गया आदेश
जिन स्कूलों को खोलने का फैसला किया गया है, वहां शिक्षकों की कोविड-19 को जांच की गई है। जो शिक्षक जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं, उन्‍हें पूरी तरह ठीक होने के बाद ही स्‍कूल ज्वाइन करने को कहा गया है। इस संबंध में जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि स्‍कूल खोलने का फैसला स्‍थानीय परिस्थितियों के आधार पर लिया जाए। इसके अलावा स्कूल को शुरू होने से पहले सैनिटाइज करने का आदेश दिया गया है।
नागपुर ग्रामीण 26 नवंबर से खुलेंगे स्कूल। 
दिसंबर के पहले सप्ताह में खुलेंगे कुछ और स्कूल
महाराष्‍ट्र में जिला परिषद स्‍कूल और आश्रम शालाओं को दिसंबर के पहले सप्ताह में खोला जा सकता है। महाराष्‍ट्र में 1,234 आश्रम शालाओं में 4.76 लाख से अधिक स्टूडेंट्स पंजीकृत हैं। महाराष्‍ट्र में स्‍कूल शिक्षा विभाग ने सीनियर कक्षाओं के लिए स्‍कूल 23 दिसंबर से खोले जाने की अनुमति दी थी, लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुंबई, ठाणे और पुणे जिलों ने फिलहाल शहरी क्षेत्रों में स्‍कूल नहीं खोलने का फैसला लिया है।
02:37

Drugs Case: भारती और हर्ष लिंबाचिया की जमानत याचिका पर सुनवाई टलीdeepak tiwari

मुंबई। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हुईं भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया की जमानत याचिका पर आज एनडीपीएस कोर्ट में सुनवाई होनी थी, लेकिन सरकारी वकील अतुल सरपांडे सेशन कोर्ट के दो अलग-अलग सुनवाई में व्यस्त हैं, जिसकी वजह से वो एनसीबी का पक्ष नहीं रख पाएंगे। हालांकि एनसीबी के अधिकारी सुनवाई को लेकर कोर्ट से मंगलवार को भारती और हर्ष की याचिका पर सुनवाई करने की अपील करेंगे।
अगर एनडीपीएस कोर्ट ने एनसीबी की बात पर विचार करते हुए मंगलवार को सुनवाई करने का फैसला सुनाएगा, तो हर्ष और भारती को एक और रात जेल में बितानी पड़ेगी। यानी भारती और हर्ष की जमानत याचिका पर मंगलवार(24 नवंबर) को होगी। इससे पहले, रविवार को दोनों कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

 
अतुल सरपांडे ने पर बताया कि आज वो सेशंस कोर्ट में दो अलग मामलों की सुनवाई में व्यस्त हैं इसलिए भारती सिंह और हर्ष लिंबचिया जमानत मामले की सुनवाई में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, एनसीबी अपना पक्ष आज एनडीपीएस कोर्ट में रखेगी और सुनवाई के लिए कल यानी मंगलवार का समय मांगेगी।

 
भारती सिंह को बायकुला जेल लाया गया जहां वो चार दिसंबर तक रहेंगी। वहीं उनके पति हर्ष लिंबचिया को तलोजा जेल में रहेंगे। न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के शीघ्र बाद दोनों ने वकील अयाज खान के जरिए जमानत याचिकाएं दायर की थी, जिस पर आज सुनवाई होनी थी। इस दौरान एनसीबी के वकील अतुल सरपांडे ने मीडिया को पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया।
भारती और हर्ष के साथ दो ड्रग पेडलर्स को भी कोर्ट में पेश किया गया था। इन ड्रग पेडलर्स को पुलिस कस्टडी में रखने का फैसला सुनाया गया है। बता दें कि शनिवार को एनसीबी ने भारती सिंह के दफ्तर और घर पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में 86.5 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। इसके बाद दोनों को पूछताछ के लिए एनसीबी के दफ्तर बुलाया गया। दोनों को अलग-अलग कमरों में बैठाकर पूछताछ की गई। साढ़े तीन घंटे की पूछताछ के बाद भारती को गिरफ्तार कर लिया गया।
02:34

22 करोड़ सालाना कमाने वाली भारती सिंह के पर्सनल स्टाफ से भी पूछताछ करेगी NCB deepak tiwari

 November 23, 2020   22 करोड़ सालाना कमाने वाली भारती सिंह के पर्सनल स्टाफ से भी पूछताछ करेगी NCB कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिम्बाचिया को ड्रग्स मामले में 4 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दोनों को कल अरेस्ट किया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, NCB भारती के पर्सनल स्टाफ से भी पूछताछ करेगी। जल्द ही स्टाफ को समन भेजा जाएगा।

भारती सिंह को शनिवार को कुछ घंटों की पूछताछ के बाद NCB ने अरेस्ट कर लिया था। उनके पति हर्ष को 18 घंटे पूछताछ के बाद अरेस्ट किया गया। दोनों ने गांजा लेने की बात कुबूली थी। हर्ष पर ड्रग्स फाइनेंसिंग के भी आरोप हैं।

पिंक विला की खबर के मुताबिक NCB के जोनल अफसर समीर वानखेड़े ने बताया कि भारती के स्टाफ से भी कुछ लोग हैं, जिनको पूछताछ के लिए और जांच के लिए बुलाया जा सकता है। किसी और सेलेब्रिटी को भी इस मामले में पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है? इस सवाल पर समीर ने कहा कि हम प्रोफेशनल एजेंसी हैं और किसी भी बात को खारिज नहीं किया जा सकता है।

22 करोड़ हो गई है भारती की सालाना कमाई
बात अगर भारती की कमाई की करें तो वे टीवी की सबसे ज्यादा अर्निंग करने वालीं कॉमेडियन हैं। जो हर एपिसोड के लिए 5-6 लाख फीस लेती हैं। ड्रग केस में नाम आने से पहले वे इंडियाज बेस्ट डांसर शो को पति हर्ष के साथ होस्ट कर रहीं थीं। वे कपिल के शो में भी नजर आती हैं। 2018 की फोर्ब्स इंडिया लिस्ट में वे 74वीं रैंक पर थीं। और उनकी सालाना कमाई 13 करोड़ थी। खबरों के मुताबिक अब उनकी सालाना कमाई बढ़कर 22 करोड़ हो गई है।

3 महीने से बॉलीवुड और ड्रग्स की जांच कर रही NCB
पिछले तीन महीने से NCB बॉलीवुड और ड्रग्स केस की जांच कर रही है। ये जांच सुशांत सिंह मौत मामले में रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक के ड्रग्स कनेक्शन से शुरू हुई थी। अब तक दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, अर्जुन रामपाल, फिरोज नाडियावाला से पूछताछ हो चुकी है। दो दर्जन से ज्यदा लोगों को अरेस्ट किया जा चुका है।

आज की ताज़ा ख़बरें
भारती सिंह और उनके पति हर्ष को शनिवार को अरेस्ट किया गया था। इनके घर और दफ्तर पर NCB ने रेड मांगी थी। दोनों ने गांजा लेने की बात कुबूल की है।

Sunday, 22 November 2020

08:07

deepak tiwari भारती और पति हर्ष को NDPS कोर्ट ने 4 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा जमानत पर सुनवाई कल

मुंबई.ड्रग्स केस में गिरफ्तार कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति हर्ष लिंबाचिया को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज (NDPS) कोर्ट ने 4 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। भारती को कल्याण जेल में और हर्ष को तलोजा जेल में रखा जाएगा। दोनों की जमानत अर्जी पर सोमवार को सुनवाई होगी। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दोनों को कोर्ट में पेश किया था।
NCB ने भारती की ज्यूडिशियल कस्टडी और हर्ष की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने दोनों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया। इस मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार 2 ड्रग पैडलर्स को कोर्ट ने 25 नवंबर तक NCB की रिमांड पर दे दिया।
हर्ष के खिलाफ ड्रग्स फाइनेंस-ट्रांसपोर्टेशन की धाराएं
NCB ने 18 घंटे पूछताछ के बाद रविवार सुबह हर्ष को गिरफ्तार किया था। उन पर नारकोटिक्स एक्ट-1986 की धारा 27A लगाई गई है। यानी ड्रग्स के फाइनेंस और ट्रांस्पोर्टेशन की धाराएं लगाई गई हैं। इससे पहले भारती को शनिवार को साढ़े तीन घंटे पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। भारती की रात NCB की वुमन सेल में गुजरी। शनिवार को NCB की रेड में भारती के घर और ऑफिस से 86.5 ग्राम गांजा मिला था। उन्होंने पति हर्ष के साथ गांजा लेने की बात कबूली थी।
सूत्रों के मुताबिक NCB ने भारती और हर्ष को एक ड्रग पैडलर के सामने बैठाकर भी सवाल किए, जिसके बाद दोनों ने गांजा लेने की बात कबूली। ड्रग पैडलर ने शुक्रवार को पूछताछ में भारती और हर्ष का नाम लिया था। इसके बाद शनिवार को इनके अंधेरी, लोखंडवाला और वर्सोवा के घरों और ऑफिस में रेड की गई थी। भारती के घर के स्टाफ से भी पूछताछ की गई थी।
6 महीने की जेल हो सकती है
NCB के एक अधिकारी ने बताया कि भारती सिंह के घर से बरामद गांजे की मात्रा कानून के तहत कम है। एक किलो तक गांजे को लो क्वांटिटी माना जाता है। ऐसे मामलों में 6 महीने तक की जेल या 10,000 रुपए का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
कौन हैं भारती सिंह?
भारती सिंह स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्ट्रेस हैं। वे द कपिल शर्मा शो में नजर आती हैं। भारती ने 2017 में राइटर हर्ष लिंबाचिया से शादी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन लाफ्टर चैलेंज से की थी। इसके बाद उन्होंने कई कॉमेडी शो में काम किया किया, जिनमें कॉमेडी सर्कस, कॉमेडी सर्कस महासंग्राम, कॉमेडी सर्कस का जादू, कहानी कॉमेडी सर्कस की और कॉमेडी नाइट्स बचाओ जैसे शो शामिल हैं।
अर्जुन रामपाल समेत कई सेलेब्रिटीज से पूछताछ हो चुकी
बॉलीवुड में ड्रग्स से जुड़े मामले में 20 नवंबर को अर्जुन रामपाल NCB के ऑफिस पहुंचे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ हुई। अर्जुन से पहले उनकी लिव इन पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से दो दिन पूछताछ की गई थी। रामपाल के दोस्त पॉल बार्टेल की भी गिरफ्तारी हुई थी, वह 25 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में है। इनके अलावा NCB ने एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती को भी गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे जमानत पर हैं। दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ हो चुकी है।

Saturday, 21 November 2020

05:51

कॉमेडियन भारती सिंह हुई गिरफ्तार जाने क्यों :deepak tiwari

मुंबई.मशहूर कॉमेडियन भारती सिंह को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में भारती और उनके पति हर्ष ने गांजा लेने की बात कुबूल कर ली है। भारती के पति से अभी पूछताछ की जा रही है। भारती के प्रोडक्शन ऑफिस और घर से 86.5 ग्राम गांजा भी बरामद किया गया है।
एक ड्रग पैडलर से पूछताछ में इन दोनों का नाम सामने आया था। इसके बाद अंधेरी, लोखंडवाला और वर्सोवा स्थित घरों में रेड की गई । NCB ने यहां से नशीला पदार्थ भी बरामद किया है।
इससे पहले, ड्रग्स केस में 20 नवंबर को अर्जुन रामपाल NCB के ऑफिस पहुंचे, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ हुई। अर्जुन से पहले उनकी लिव इन पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स से दो दिन पूछताछ की गई थी। रामपाल के दोस्त पॉल बार्टेल की भी गिरफ्तारी हुई थी, वह 25 नवंबर तक ज्यूडिशियल कस्टडी में है।
कॉमेडियन भारती का सफर:कभी बेहद गरीबी में बीता था भारती का बचपन, भरपेट खाना तक नहीं होता था नसीब, अब सालाना कमाती हैं 10 करोड़ रुपए
कौन हैं भारती सिंह?
भारती सिंह एक स्टैंडअप कॉमेडियन और एक्ट्रेस हैं। वे 'द कपिल शर्मा शो' में नजर आती हैं। भारती ने 2017 में राइटर हर्ष लिंबचिया से शादी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडियन लाफ्टर चैलेंज से की थी। इसके बाद उन्होंने कई कॉमेडी शो में काम किया किया, जिनमें कॉमेडी सर्कस, कॉमेडी सर्कस महासंग्राम, कॉमेडी सर्कस का जादू, कहानी कॉमेडी सर्कस की और कॉमेडी नाइट्स बचाओ जैसे शो शामिल हैं।
05:39

ईडी की जांच में खुलासा सुशांत को किया गया था करोड़ों का पेमेंट deepak tiwari


मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत केस में एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच तेज हो गई है। इस मामले में ईडी के हाथ सुशांत को किए गए करोड़ों रुपये की पेमेंट को लेकर एक सुराग लगा है। सूत्रों के मुताबिक सुशांत को उनकी एक फिल्म के लिए संदिग्ध पेमेंट किया गया था। ये रकम 17 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
सूत्रों ने बताया है क‍ि इस पेमेंट को लेकर जांच चल रही है। 17 करोड़ का यह पेमेंट 2017 में सुशांत की फिल्म ‘राब्ता’ के लिए किया गया था। ईडी फिल्म के प्रोड्यूसर दिनेश विजान से पिछले महीने इस बारे में पूछताछ कर चुकी है। दिनेश को पेमेंट संबंधी कुछ कागजात जमा करने को कहा गया था। हालांकि वे हंगरी में शूट हुए फिल्म के ओवरसीज शूट बजट की ड‍िटेल जमा नहीं कर पाए थे।

ओवरसीज शूटिंग के लिए फिल्म निर्माताओं को पेमेंट के तौर पर कुछ रकम दी जाती है और यह संबंध‍ित देश में शूट‍िंग पर खर्च किए गए कुल बजट का लगभग 20 प्रतिशत हो सकता है। इसे ओवरसीज पेमेंट पर्क्स कहा जाता है। एजेंसी को शक है कि प्रोड्यूसर्स विदेशी सरकारों को खासकर यूरोप‍ियन देशों की सरकार को ज्यादा खर्च का ब्यौरा दिखाती है ताकि अध‍िक से अध‍िक पेमेंट का लाभ उठाया जा सके और इन पैसों को फिल्म के अभ‍िनेता-अभ‍िनेत्र‍ियों की पेमेंट भगुतान के लिए इस्तेमाल कर सकें। एजेंसी को संदेह है कि इन पैसों को संबंध‍ित देश के हवाला चैनल्स के माध्यम से भारत में भेजा जाता है।

बॉलीवुड प्रोड्यूसर्स द्वारा किए जाने वाले पैसों की इस लेन-देन के बारे में इंड‍िया टूडे ने 14 अक्टूबर को सबसे पहले जानकारी दी थी। दिनेश विजान द्वारा कागजात जमा नहीं कर पाने के बाद उनके घर में छापेमारी की गई थी। छापेमारी में ईडी को प्रोड्यूसर के घर से बजट संबंध‍ित कागजात मिले थे जो कि उन्होंने बुडापेस्ट में ऑथोर‍िटीज के यहां जमा किए थे। कागजातों के मुताबिक फिल्म का बजट 50 करोड़ था, जिसमें से 17 करोड़ रुपए सुशांत को दिए गए थे।
गौरतलब है कि सुशांत की मौत के बाद उनके पिता ने रिया चक्रवर्ती के ख‍िलाफ सुशांत के अकाउंट से 15 करोड़ रुपए गायब करने के आरोप लगाए थे। इस आरोप के आधार पर ईडी ने दोबारा मनी लॉन्ड्र‍िंग को लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है। 2016 में सुशांत और रिया एक दूसरे को नहीं जानते थे। दोनों 2018 में रिलेशनश‍िप में आए थे। अब 17 करोड़ रुपए की मिसिंग पेमेंट को लेकर प्रोड्यूसर दिनेश विजान सवालों के घेरे में हैं। सुशांत की पेमेंट को लेकर एजेंसी के सवालों पर दिनेश जवाब नहीं दे पा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दिनेश अभी दुबई में हैं। जब एजेंसी ने उन्हें समन भेजा तब उन्होंने कोव‍िड-19 होने की बात कही और अपना मेड‍िकल सर्ट‍िफ‍िकेट दिखाया। दिनेश विजान के अलावा, ईडी ने पिछले दिनों सुशांत की बिजनेस मैनेजर श्रुति मोदी से और सुशांत का अकाउंट संभाल रहे उदय सिंह गौरी से पूछताछ की थी। फिलहाल, मनी लॉन्ड्र‍िंग को लेकर ईडी की अब तक की जांच में रिया चक्रवर्ती के ख‍िलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं

Friday, 20 November 2020

08:22

सलमान के स्टाफ को कोरोना:deepak tiwari

मुंबई.अभिनेता सलमान खान की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। एक दिन पहले उनके ड्राइवर और दो कुक में कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद उन्हें बॉम्बे सिटी हॉस्पिटल में एडमिट करवाया गया था। इसके बाद माना जा रहा है कि अभिनेता बिग बॉस के 'वीकेंड का वार' में नजर आएंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सलमान के परिवार के अन्य सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
सलमान के एक करीबी सूत्र के मुताबिक, उनके स्टाफ मेंबर में मामूली लक्षण है, लेकिन डॉक्टर्स की सलाह के बाद उन्हें बॉम्बे सिटी हॉस्पिटल में शिफ्ट करवा दिया गया था। उनके इलाज का पूरा खर्च सलमान खान दे रहे हैं। वे किसी भी ड्राइवर या कुक के सीधे संपर्क में नहीं थे। उनमें पिछले 7 दिनों के दौरान कोई भी लक्षण नहीं दिखे हैं, इसलिए नियम के अनुसार वे बिग बॉस शो की शूटिंग में शामिल होंगे।' बता दें कि बिग बॉस की शूटिंग इन दिनों मुंबई के फिल्मसिटी स्टूडियो में चल रही है।
ड्राइवर के किसी सेट पर संक्रमित होने की चर्चा
बताया जा रहा है कि सलमान के ड्राइवर में सबसे पहले लक्षण दिखे थे, जिसके बाद एक्टर ने अपने पूरे स्टाफ का टेस्ट करवाया जिसमें दो और लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। यह भी चर्चा है कि सलमान का ड्राइवर किसी सेट पर पॉजिटिव हुआ है। ऐसे में अब सेट पर मौजूद लोगों का भी टेस्ट कराया गया है।
सलमान आमतौर पर ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठते हैं
अभिनेता लॉकडाउन के बाद से अपने पनवेल वाले फार्महाउस में थे और कोई भी शूटिंग नहीं कर रहे थे। यहीं से वे बिग बॉस की शूटिंग में जाते थे। सेट पर भी वे सोशल डिस्टेंसिंग के नियम समझाते नजर आए थे। सलमान को आमतौर पर ड्राइवर के ठीक बगल वाली सीट पर बैठा देखा जाता है।
रद्द हो सकती है घर पर होने वाली पार्टी
यह भी चर्चा है कि कोविड के खतरे को देखते हुए आने वाले समय में सलीम खान और सलमा खान की शादी की सालगिरह के अवसर पर होने वाला सेलिब्रेशन पार्टी भी रद्द हो सकती है। सलमान खान ने कुछ ही समय पहले पिछले साल से रुकी हुई अपनी फिल्म 'राधे- योर मोस्ट वांटेड भाई' की शूटिंग खत्म की है। इस फिल्म में सलमान के साथ अभिनेत्री दिशा पाटनी मुख्य भूमिका निभाती नजर आएंगी।
शेरा ने खबर को बताया गलत
सलमान खान के बॉडीगार्ड शेरा ने उनके आइसोलेशन में होने की खबरों का खंडन किया था। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शेरा ने कहा था, ‘भाई तो फिल्‍म सिटी में बिग बॉस-14 शूट कर रहे हैं। वे आइसोलेशन में नहीं हैं। बहुत जल्द वे फिल्‍म सिटी में ही आयुष शर्मा की फिल्‍म की शूटिंग भी शुरू करेंगे। भाई का ड्राइवर अशोक बिल्कुल फिट और फाइन है। किसी ड्राइवर को कुछ नहीं हुआ है।’
02:11

मुंबई हमले के मास्टरमाइंड को जेल: deepak tiwari

इस्लामाबाद.पाकिस्तान की एक एंटी टेररिज्म कोर्ट ने आतंकी संगठन जमात-उद-दावा के मुखिया हाफिज सईद को अवैध फंडिंग मामले में 10 साल कैद की सजा सुनाई है। पाकिस्तानी मीडिया ने गुरुवार को यह जानकारी दी। हाफिज सईद को पिछले साल 17 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। हाफिज मुंबई में हुए आतंकी हमले का मुख्य आरोपी है। इसमें 166 लोगों की मौत हुई थी।
सईद के साथ दो और आरोपियों प्रो. जफर इकबाल, और याह्या मुजाहिद को दो मामलों में पांच-पांच साल और दूसरे मामले में छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। उन पर 1,10,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सभी की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली गई है।
हाफिज सईद के खिलाफ 41 केस दर्ज
इससे पहले फरवरी में भी हाफिज को लाहौर की एक अदालत ने टेरर फंडिंग के दो मामलों में दोषी करार दिया था। तब कोर्ट ने उसे 5 साल कैद की सजा सुनाई थी। सईद के खिलाफ आतंकी फंडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध कब्जे के 41 मामले दर्ज हैं।
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है। 11 सितंबर, 2001 में अमेरिका के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने इस संगठन को विदेशी आतंकी संगठन की लिस्ट में शामिल किया था। 2002 में पाकिस्तान की सरकार ने भी लश्कर पर पाबंदी लगा दी थी। उसके बाद हाफिज सईद ने नया संगठन जमात-उद-दावा बनाया था।
पाकिस्तान करता रहा है पैंतरेबाजी
कुछ महीने पहले ही पाकिस्तान ने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा के पांच बड़े आतंकियों के बैंक अकाउंट फिर से शुरू कर दिए गए हैं। इनमें हाफिज सईद भी शामिल था। पाकिस्तानी मीडिया ने तब दावा किया था कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की सेक्शन कमेटी की मंजूरी के बाद अकाउंट शुरू किए गए हैं।

Saturday, 31 October 2020

21:10

मुंबई में बड़ी दुर्घटना टली जाने क्या :deepak tiwari

मुंबई.शहर के दहिसर के कंधारपाड़ा इलाके में एक कोविड-19 आईसीयू सेंटर में हादसा हो गया। यहां एक मरीज का इलाज करते वक्त उसके बगल में लगी मशीन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। हालांकि, नर्सों की सतर्कता के चलते आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें वार्ड में अचानक आग लगते हुए नजर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए दहिसर कंधारपाड़ा में 100 बेड का एक हॉस्पिटल बनाया गया है। केंद्र में एक मरीज के लिए एक एचएफएनसी (हाई फ्लो नोजल कैनुला) संयंत्र गुरुवार दोपहर 2 बजे स्थापित किया गया। इसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
नर्स की सतर्कता से बची कइयों की जान
आग लगते ही मरीज के पास मौजूद नर्स अनुपमा तिवारी ने तेजी दिखाते हुए बिस्तर से मशीन को हटा दिया। प्लांट को बिजली की आपूर्ति काट दी गई। आसपास की अन्य नर्सों, चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि, वार्ड ब्वॉय जतिन और अन्य कर्मचारी पास के आग बुझाने वाले यंत्र को ले आए और जलते हुए मेडिकल प्लांट को एक पल में बुझा दिया। परिश्रम के साथ आग को बुझाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
नर्सों और डॉक्टर्स की आदित्य ठाकरे ने की तारीफ
इन नर्सों, डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की राज्य के पर्यावरण, पर्यटन मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिला के पालक मंत्री आदित्य ठाकरे, मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर, महानगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल समेत अन्य लोगों ने तारीफ की है।
05:14

शादी के बंधन में बंधीं अभिनेत्री काजल अग्रवाल deepak tiwari

मुंबई। सिंघम फिल्म से सभी का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस काजल अग्रवाल शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड गौतम किचलू संग शादी मुंबई के होटल में शादी रचाई। कोरोना की वजह से उनकी शादी में बहुत कम लोग शामिल हुए. केवल घरवालों की मौजूदगी में ये शादी हुई।

काजल और गौतम की वरमाला की फोटो सामने आ गई है। दोनों की इस ड्रीम वेडिंग की लंबे समय से चर्चा थी. अब दोनों ने अपनी नई जर्नी शुरू कर दी है।
दुल्हन के जोड़े में काजल बेहद सुंदर लग रही हैं। उन्होंने शादी के लिए रेड कलर के लहंगे को चुना. माथा पट्टी, कमरबंद और हैवी नेकलेस उनके लुक को कंप्लीट कर रहे हैं।
वहीं गौतम की बात की जाए तो वो व्हाइट कलर की शेरवानी में नजर आए। दोनों की वरमाला का रंग भी व्हाइट है. दोनों साथ में मेड फॉर इच अदर लग रहे हैं।
उनके वेडिंग वेन्यू की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल है। वेडिंग वेन्यू की सजावट भी सफेद फूलों से की गई है। सब कुछ बहुत क्लासी लुक दे रहा है।
बता दें कि काजल की शादी से पहले संगीत सेरेमनी हुई। काजल के संगीत, मेहंदी रस्म की तस्वीरें फैंस के बीच खूब पसंद की गई थीं। काजल की शादी के बाद उनकी वेडिंग फोटो वायरल हो गई है।
काजल के पति गौतम किचलू की बात करें तो वो एक एंटरप्रेन्योर और डिस्सर्न लिव‍िंग डिलजाइन शॉप के फाउंडर और एक इंटीर‍ियर डिजाइनर हैं। हाउस डिजाइन के अलावा गौतम किचलू की कंपनी फर्नीचर, डेकोर आइटम्स, पेंट‍िंग्स और अन्य हाउसहोल्ड सामान सेल करती है

Friday, 30 October 2020

03:31

79 साल की उम्र में शुरू किया चाय मसाले का बिजनेस deepak tiwari

79 साल की हैं कोकिला पारेख। मुंबई के सांताक्रूज वेस्ट में रहती हैं। सालों से घर आए मेहमानों को अपनी स्पेशल मसाला चाय पिलाती रही हैं। जो चाय पीता था, वही पूछता था कि आखिर इसमें डाला क्या है। लॉकडाउन में बेटा, बहू घर पर ही थे तो प्लान किया कि क्यों न मां के हाथों का टेस्ट पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाए।
इस तरह घर से ही शुरू हो गया चाय मसाला बेचने का बिजनेस। महीनेभर के अंदर ही दिनभर में 700 से 800 ऑर्डर मिलने लगे। पढ़ें कोकिला पारेख की सक्सेस की कहानी...
रिलेटिव, फ्रेंड्स को फ्री में देती थीं
कोकिला बताती हैं कि मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूं, शादी के बाद मुंबई में बस गई। गुजराती फैमिली में चाय में मसाला डाला ही जाता है। हमारे घर तो पीढ़ियों से चाय मसाला बनते आ रहा है। मुंबई आने के बाद मैं यहां भी मसाला बनाया करती थी। हम बहुत से रिलेटिव, फैमिली फ्रेंड्स को यूं ही मसाला दिया भी करते थे। कुछ लोग तो खास तौर पर मसाला लेने ही आते थे।
कोकिला पारेख सालों से चाय मसाला बनाती आ रही हैं, लेकिन पहले उन्होंने कभी इसे कमर्शियल तौर पर लॉन्च करने का नहीं सोचा था।
कोकिला पारेख सालों से चाय मसाला बनाती आ रही हैं, लेकिन पहले उन्होंने कभी इसे कमर्शियल तौर पर लॉन्च करने का नहीं सोचा था।
वो कहती हैं- लॉकडाउन में बेटे तुषार का काम घर से ही चल रहा था। एक दिन बातों-बातों में ही ये बात निकली कि क्यों न इस चाय मसाले को कमर्शियल किया जाए। बेटे और बहू प्रीति ने पैकेजिंग, डिजाइनिंग और वेंडर तक मसाला पहुंचाने की जिम्मेदारी ली। मुझे सिर्फ अच्छा मसाला तैयार करवाना था। हमने सोचा कोशिश करने में क्या बुराई है।
वॉट्सऐप ग्रुप पर पोस्ट किया
हमने सितंबर में ये सब प्लान किया और अक्टूबर के पहले वीक में ज्यादा क्वांटिटी में मसाला तैयार किया। बहू और बेटे ने वॉट्सऐप ग्रुप में मसाले के बारे में पोस्ट किया। जो लोग पहले से ले जाते रहे हैं, उन्हें भी बताया कि हमने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया है, आप चाहें तो ऑर्डर कर सकते हैं।
पोस्ट करते ही हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। सितंबर के आखिर तक हर रोज 250 ऑर्डर तक पहुंच चुके थे। न कहीं प्रमोशन किया, न विज्ञापन दिया। बस वॉट्सऐप ग्रुप और फैमिली फ्रेंड्स तक मैसेज फॉरवर्ड किया था।
वो बताती हैं, "माउथ पब्लिसिटी से ही मुंबई के साथ ही गुड़गांव, दिल्ली, अहमदाबाद से भी ऑर्डर मिलने लगे। जब ऑर्डर बढ़े तो एक हेल्पर रख लिया, लेकिन मसाले की मिक्सिंग का काम अब भी मैं ही करती हूं। प्रोडक्शन का पूरा काम बहु ने अपने हाथों में ले लिया और बेटा ऑर्डर से जुड़े काम देखने लगा। अब दिन के 700 से 800 ऑर्डर मिल रहे हैं। हम कुरियर के जरिए सीधे घर तक मसाला पहुंचा रहे हैं। इस मसाले से टेस्ट तो बढ़ता ही है, साथ ही यह इम्यूनिटी और डाइजेशन को भी इम्प्रूव करता है।"
पैकेजिंग और लोगो पर काम किया
बहू प्रीति बताती हैं- मां को जब हमने बोला कि मसाला कमर्शियल लॉन्च करना है तो वो बहुत खुश हो गईं। वो इस बात से खुश थीं कि उनका मसाला देशभर में जाएगा। कमर्शियल लॉन्चिंग के पहले हमने पैकेजिंग और लोगो पर काफी काम किया। पैकिंग के लिए एयरटाइट पैकेट चुना, ताकि मसाला खराब न हो और महक न जाए।
उन्होंने बताया- शुरुआत में रेग्युलर मिक्सर ग्राइंडर ही इस्तेमाल कर रहे थे, जब प्रोडक्शन बढ़ा तो कमर्शियल मिक्सिंग यूनिट खरीद ली। हमने केटी चाय मसाला के नाम से अपनी कंपनी रजिस्टर्ड करवा ली है। अभी काम घर से ही चल रहा है, लेकिन जल्द ही एक छोटी कमर्शियल यूनिट शुरू करेंगे, जहां से पूरा काम होगा। डिस्ट्रीब्यूटरशिप के जरिए काम कर रहे हैं। बिना किसी पब्लिसिटी के श्रीनगर से लेकर अंडमान तक के ऑर्डर आ रहे हैं।

Wednesday, 28 October 2020

20:14

deepak tiwari प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्टिंग के लिए देने होंगे सिर्फ 980 रु घर बुलाकर 1800 रु. में करवा सकेंगे टेस्ट

मुंबई.महाराष्ट्र में प्राइवेट लेब में अब कोरोना टेस्ट कराने के लिए 980 रु. देने होंगे। प्राइवेट लैब ने आरटी-पीसीआर टेस्ट की फीस 1200 रुपए से कम करके 980 रुपए कर दी गई है।फीस कम होने से सरकारी लैब पर दबाव कम होगा और ज्यादा से ज्यादा लोग टेस्ट करवा सकेंगे। इसी के साथ महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां कोरोना टेस्टिंग की फीस इतनी कम है। महाराष्ट्र में अब तक 16 लाख 40 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं।
सरकार ने कोरोना जांच को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। जिनके लिए दाम इस प्रकार हैं 980 रुपए, 1400 रुपए और 1800 रुपए। प्राइवेट लैब में जाकर कोरोना की जांच करवाने वाले को 980 रुपए देने होंगे, जबकि किसी को भी कोविड सेंटर या हॉस्पिटल या फिर क्वारैंटाइन सेंटर में जांच करवाने पर आपको 1400 रुपए चुकाने होंगे। वहीं अगर मरीज के घर जाकर कोरोना टेस्टिंग के लिए सैंपल लिया जाएगा तब आपको 1800 रुपए चुकाने होंगे।
10 लाख जनसंख्या पर हो रहे हैं 70 हजार टेस्ट
स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि राज्य में कोरोना पर नियंत्रण के लिए टेस्टिंग पर जोर दिया जा रहा है। टोपे ने कहा की जनसामान्य को केंद्र में रखकर राज्य सरकार ने बार-बार कोरोना की जांच की दर कम कर मरीजों को राहत दी है।
प्रति 10 लाख जनसंख्या के पीछे 70 हजार टेस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इसे और बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कि कोरोना महामारी पर अधिकाधिक नियंत्रण पाया जा सके। टोपे ने कहा कि राज्य में सुधारित दर के अनुसार मरीजों से पैसे लिए जाएं। इसके लिए जिलाधिकारी, महानगरपालिका आयुक्त को सचेत किया गया है।
पिछले 24 घंटों मिले सिर्फ 3,645 मरीज
महाराष्ट्र से राहत की खबर सामने आयी है, बीते 24 घंटों में यहां कोरोना के नए मामलों में काफी कमी दर्ज की गई है। सोमवार को राज्‍य में कोरोना संक्रमण के 3,645 नए मामले सामने आए जिसके बाद राज्‍य में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 16,48,665 तक पहुंच चुका है। सोमवार को 84 संक्रमितों की मौत दर्ज की गई है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग के अनुसार राज्‍य में अब तक इस महामारी के कारण 43,344 की मौत हो चुकी हैं जबकि 1,34,137 मरीज सक्रिय बताये गए हैं। 14,70,660 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

Thursday, 15 October 2020

08:45

tap news :नहीं रहीं गांधी की कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया लम्बी बीमारी के बाद 91 साल की उम्र में निधन

 कॉस्ट्यूम डिजाइनर:देश के लिए पहला ऑस्कर जीतने वाली कॉस्ट्यूम डिजाइनर भानु अथैया का 91 साल की उम्र में निधन हो गया मिली जानकारी के अनुसार
1983 में डायरेक्टर रिचर्ड एटनबरो की फिल्म 'गांधी' के लिए ऑस्कर में बेस्ट कॉस्ट्यूम डिजाइनर अवार्ड जीतने वाली भानु अथैया का गुरुवार को निधन हो गया। वे 91 साल की थीं। भानु ने कॉस्टयूम डिजाइनर के तौर पर 100 से ज्यादा बॉलीवुड फिल्मों में काम किया था। भानु का अंतिम संस्कार साउथ मुंबई के चंदनवाड़ी श्मशान घाट में हुआ।
8 साल पहले हुआ था ट्यूमर
भानु की बेटी ने बताया कि उन्होंने गुरुवार सुबह आखिरी सांस ली। 8 साल पहले उन्हें ब्रेन ट्यूमर डाइग्नोस हुआ था। पिछले 3 साल से वे बिस्तर पर ही थीं। भानु के शरीर का एक हिस्सा पैरालाइज हो गया था। भानु का जन्म कोल्हापुर में हुआ था और उन्हें कॅरियर का पहला काम गुरु दत्त के साथ 1956 में सीआईडी फिल्म के जरिए मिला था। जबकि आखिरी बार आमिर की फिल्म लगान और शाहरुख की फिल्म स्वदेस के लिए कॉस्ट्यूम डिजाइन किए थे।
05:38

Tap News : बॉलीवुड एक्टर विवेक ओबेरॉय के घर पर हुई छापेमारी, जानिए क्या है कारण deepak tiwari

मुंबई : बॉलीवुड मशहूर एक्टर और सुरेश ओबरॉय के पुत्र विवेक ओबरॉय के घर बेंगलुरु पुलिस ने छापेमारी की बताया गया है की 2 इंस्पेक्टर ने करीब दोपहर 1 बजे छापेमारी की शुरुआत की है। बता दे की बेंगलुरु पुलिस सर्च वारंट लेकर विवेक के जुहू स्थित घर पहुंची है। 

ये रहा कारण...

बताया जा रहा है की बेंगलुरु पुलिस  विवेक ओबरॉय के साले आदित्य अलवा के मामले में पहुंची है। एक पुलिस अफसर ने कहा है है की- "आदित्य अलवा फरार है और विवेक उनके रिस्तेदार है  और हमें जानकारी मिली है की आदित्य विवेक ओबरॉय के घर में छुपे है, जिस वजह से हम कोर्ट  सर्च वारंट लेकर उनके घर हमारी क्राइम ब्रांच की टीम बेंगलुरु से मुंबई आयी है।