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Thursday, 29 August 2019

00:54

धूर्तता का फल एक ना एक दिन मिलता ही है आज नहीं तो कल सही एक कहानी

एक कहानी के अनुसार एक बगुला तालाब के किनारे एक टांग पर खड़े होकर जोर जोर से चिल्ला रहा था और दुखी हो रहा था उसको दुखी और रोते हुए देख कर एक केकड़ा उसके पास आकर बोला भाई तुम इतना क्यों चिल्ला रहे हो क्या तुम्हें खाने के लिए कोई मछली नहीं मिली है या कोई और बात है बगुला बोला मैं अपनी जिंदगी से हार कर आत्महत्या करने जा रहा हूं लेकिन अभी मुझे एक पंडित जी मिले और उन्होंने बताया कि पृथ्वी पर बहुत भीषण सूखा पड़ने वाला है ।
यह सुनते ही मैंने अपने सभी दोस्तों को सूचना दे दी है और वे पास के एक बड़े तालाब पर चले गए हैं उस तालाब में इतना ज्यादा पानी है कि आने वाले 50000 वर्षों तक हम आराम से जिंदा रह सकेंगे लेकिन जब मैंने इस तालाब के दोस्तों से यह बात कही तो वह कोई मेरी बात मानने को तैयार नहीं हुए बस मैं यही सोच कर रो रहा हूं कि भलाई का जमाना नहीं है मैं जिसके लिए भलाई करना चाह रहा हूं वही लोग मुझे गलत समझ रहे हैं मैं जबकि यह सोच कर तो रहा हूं कि अगर तालाब सूख गया तो मेरे सारे दोस्त मर जाएंगे बगुले की बात सुनकर केकड़ा तालाब के सभी जीवो को यह संदेश देने लगा तालाब के सभी जीव बगुले के पास इकट्ठा हो गए मछली बोली लेकिन हम उस तालाब तक जाएंगे कैसे बगुला बोला मैं वैसे भी ज्यादा दिन जीना नहीं चाह रहा हूं मुझे पुण्य कमाने का एक मौका दो।
मैं एक एक करके सभी को अपनी गर्दन पर बिठाकर उस तालाब में छोड़ कर आ जाऊंगा सभी बगुले की बात मान गए बगुले ने पहली मछली को अपनी गर्दन पर बिठाया और उड़ा फिर मछली को एक चट्टान पर गिरा कर मार दिया गया 1 दिन केकड़े ने कहा बगुले अब तक मुझे तुमने बड़े तालाब में नहीं पहुंचाया बगुले ने सोचा आज स्वाद बदल कर देखता हूं तो क्यों ना इस बार केकड़े को ही खाया जाए इसलिए वह केकड़े को अपनी पीठ पर बिठाकर उड़ चला और उस चट्टान पर फेंकने ही वाला था कि केकड़े ने मछलियों के अवशेष देख लिए केकड़ा उस बगुले की चाल को समझ गया और उसने हवा में बदले के गले पर शिकंजा कस दिया बगुला भूल गया था कि उसके गर्दन के कड़े के हाथों में थी इस तरीके से एक धूर्त और चालाक बगुले का अंत हो गया यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें मतलब से ज्यादा चालाकी नहीं दिखानी चाहिए और दुष्टता करके किसी का नुकसान नहीं करना चाहिए नहीं तो ऊपर वाला हमें एक ना एक दिन सजा जरूर देता है यह सत्य है।

Wednesday, 21 August 2019

22:32

क्या आप जानते है कि वकीलों को ज्यादा बोलने का ज्यादा पैसा क्यों मिलता है

पिकासो (Picasso) स्पेन में जन्मे एक अति प्रसिद्ध चित्रकार थे। उनकी पेंटिंग्स दुनिया भर में करोड़ों और अरबों रुपयों में बिका करती थीं एक दिन रास्ते से गुजरते समय एक महिला की नजर पिकासो पर पड़ी और संयोग से उस महिला ने उन्हें पहचान लिया। वह दौड़ी हुई उनके पास आयी और बोली, 'सर, मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूँ। आपकी पेंटिंग्स मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं। क्या आप मेरे लिए भी एक पेंटिंग बनायेंगे
पिकासो हँसते हुए बोले, 'मैं यहाँ खाली हाथ हूँ। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मैं फिर कभी आपके लिए एक पेंटिंग बना दूंगा लेकिन उस महिला ने भी जिद पकड़ ली, 'मुझे अभी एक पेंटिंग बना दीजिये, बाद में पता नहीं मैं आपसे मिल पाऊँगी या नहीं।पिकासो ने जेब से एक छोटा सा कागज निकाला और अपने पेन से उसपर कुछ बनाने लगे। करीब 10 मिनट के अंदर पिकासो ने पेंटिंग बनायीं और कहा, 'यह लो, यह मिलियन डॉलर की पेंटिंग है।महिला को बड़ा अजीब लगा कि पिकासो ने बस 10 मिनट में जल्दी से एक काम चलाऊ पेंटिंग बना दी है और बोल रहे हैं कि मिलियन डॉलर की पेंटिग है। उसने वह पेंटिंग ली और बिना कुछ बोले अपने घर आ गयी।

उसे लगा पिकासो उसको पागल बना रहा है। वह बाजार गयी और उस पेंटिंग की कीमत पता की। उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि वह पेंटिंग वास्तव में मिलियन डॉलर की थी वह भागी-भागी एक बार फिर पिकासो के पास आयी और बोली, 'सर आपने बिलकुल सही कहा था। यह तो मिलियन डॉलर की ही पेंटिंग है।पिकासो ने हँसते हुए कहा,'मैंने तो आपसे पहले ही कहा था।वह महिला बोली, 'सर, आप मुझे अपनी स्टूडेंट बना लीजिये और मुझे भी पेंटिंग बनानी सिखा दीजिये। जैसे आपने 10 मिनट में मिलियन डॉलर की पेंटिंग बना दी, वैसे ही मैं भी 10 मिनट में न सही, 10 घंटे में ही अच्छी पेंटिंग बना सकूँ मुझे ऐसा बना दीजिये। पिकासो ने हँसते हुए कहा, _'यह पेंटिंग, जो मैंने 10 मिनट में बनायी है इसे सीखने में मुझे 30 साल का समय लगा है मैंने अपने जीवन के 30 साल सीखने में दिए हैं तुम भी दो, सीख जाओगी वह महिला अवाक् और निःशब्द होकर पिकासो को देखती रह गयी

एक  वकील को 40 मिनट के आर्ग्युमेनट  की जो फिस  दी जाती है वो इस कहानी को बयां करती है। एक वकील  के एक वाक्य के पीछे उसकी सालों की मेहनत होती है ।समाज समझता है कि बस बोलना ही तो होता है वकील  को मुफ्त की फीस मिलती है ये मत भूलिए कि आज विश्व मे जितने भी सम्मानित पदों पर लोग आसीन हैं, उनमें से अधिकांश किसी न किसी कोर्ट मे वकालत करने  की वजह से ही पहुँचे हैंऔर हाँ, अगर आप भी वकिलं  फिस  को मुफ़्त की ही समझते हैं तो एक बार 40 मिनट का प्रभावशाली और अर्थपूर्ण  क्रास हियरिंग करके  दिखा दीजिए, आपको अपनी क्षमता का एहसास हो जाएगा।