Tap news india

Hindi news ,today news,local news in india

Breaking news

गूगल सर्च इंजन

Showing posts with label बिहार. Show all posts
Showing posts with label बिहार. Show all posts

Saturday, 16 November 2019

22:43

पटना में संपूर्ण क्रांति मंच की बैठक संपन्न




आज़ पटना स्थित बिहार विधालय परीक्षा समिति , सिन्हा लाईब्रेरी रोड के रेस्टोरेंट में लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र एवं संपूर्ण क्रांति मंच की एक बैठक प्रो.रमाकांत पांडेय , जेपी सेनानी एवं पूर्व विधायक की अध्यक्षता में हुई जिसमें केन्द्र के राष्ट्रीय महासचिव अभय सिन्हा ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के महान नायकों यथा वीर कुंवर सिंह , देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद , लोकनायक जयप्रकाश नारायण , विहार निर्माता एवं प्रसिद्ध शिक्षाविद डॉ सचिदानंद सिन्हा एवं श्री मजरूहल हक इत्यादि महापुरुषों के जीवन दर्शन ,विचारों , आदर्शों को अक्षुण्ण रखने के लिए तथा उन्हें नयी पीढ़ी के बीच में प्रचारित, प्रसारित करने के लिए बिहार की राजधानी पटना में एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन शोध संस्थान की स्थापना होनी चाहिए , जहां समय समय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जाना चाहिए , इसके लिए बिहार और केन्द्र सरकार को संस्थाआें के द्वारा मांग करने का निर्णय लिया गया है ।
2. आगामी 3 दिसंबर के पूर्व हरेक संस्थाआें से यह अनुरोध किया जाएगा कि देशरत्न डॉ राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस 3 दिसंबर को बिहार सरकार एवं केन्द्र सरकार  को " मेधा दिवस " मनाने हेतु मांग पत्र का ज्ञापन सौंपा जाए और अपने अपने क्षेत्र में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाए , ताकि सरकार मेधा दिवस घोषित करने हेतु बाध्य हो जाए । इस आशय का प्रस्ताव ज्यादा से ज्यादे संस्थाओं को भेजी जाएगी एसा सबकी सहमति से निर्णय लिया गया ।
3. आगामी 8 अप्रैल 2020 को बिहार की राजधानी पटना में लोकनायक जयप्रकाश अंतरराष्ट्रीय अध्ययन विकास केन्द्र एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से वृहत स्तर पर " जेपी आन्दोलन दिवस " का आयोजन करने का भी निर्णय लिया गया ।

Monday, 21 October 2019

07:03

घटिया सामग्री का किया गया प्रो अब अंधेरे में कई वार्ड

 अमित चौरसिया बिहार*
 दीपावली आने वाली है। दीपावली के मौके पर हर कोई अपने घर व प्रतिष्ठान को लाइटो से चमकाने में लगे है। वहीं इस्लामपुर नगर पंचायत के कई क्षेत्रों में स्ट्रीट लाईट बिगड़ने के कारण रात्रि में अंधेरा पसरा पड़ रह रहा है। हर कोई चाहता है कि उसके घर-आंगन व गली में रोशनी डेरा डाले कोई अंधेरे को पास भटकने भी नहीं देना चाहता है। लेकिन नगर इस्लामपुर पंचायत के कई वार्डों के लोग अंधेरे के बीच जीने को मज़बूर हैं। नगर पंचायत के वार्ड 11 मुहल्ले में अंधेरा ने अपना डेरा इस कदर डाला है की शाम ढ़लते हीं अंधेरा कायम हो जाता है। जिससे इस मुहल्ले के लोगों को हमेशा परेशानियां होती है। मुहल्ले में तो स्ट्रीट लाइटें तो लगायी गईं हैं, लेकिन वो सिर्फ़ और सिर्फ़ दिखाबा के लिए है सभी लाईटों का हालत जर्जर है और इसे देखने वाला कोई नहीं है। अब स्थिति ऐसी हो गयी है कि इस मुहल्ले की गलियों में रात के समय में आने-जाने में भय प्रतीत होता है। अंधेरे के कारण कुछ भी दिखाई नहीं देता है। रात का समय है यो लाज़मी है कि इन गलियों में कुत्तों का भी जमावड़ा काफी रहता है। जिसके कारण लोग डरे व सहमे हुए आते-जाते हैं। साथ ही इस मुहल्ले की गली से रात के अंधेरे के कारण अप्रिय घटना होने का डर बना रहता है। शहर में बिजली के खंभों पर लगी एलईडी लाइट शोभा की वस्तु बनकर रह गई है। अधिकांश लाइट या तो बंद पड़ी है या फिर उससे कम रौशनी निकल रही है। कहीं स्वीच खराब है, तो कहीं कनेक्शन का तार टूटा व लटका हुआ है। नगर पंचायत के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को बंद पड़े हुए स्ट्रीट लाइट की वजह से आम लोगों को जवाब देते नहीं बन रहा है। नगर पंचायत द्वारा वार्डों को जगमग करने का सपना पूरा नहीं हो सका है। अब इसके पीछे भी कई तर्क हैं वार्ड वासियों का कहना है कि नगर पंचायत के कर्मियों द्वारा लूट खसोट की गई और सस्ते दामों के एलईडी की खरीदारी कर इन्हें वार्डों में लगाया गया है। दूसरी तरफ हकीकत यह भी है कि एलईडी लगाने में भी वार्ड पार्षदों ने अपनी मनमानी भी जमकर की है। पार्षदों के मन मुताबिक चिह्नित जगहों पर इन लाइटों को लगाया गया जिसके कारण भी वार्ड के लोगों में पार्षदों के प्रति आक्रोश है। वास्तविकता भी यही है कि लगने के कुछ महीने बाद ही आधा से ज्यादा खराब हो गए।

Monday, 7 October 2019

07:15

बेड पर भी सियासत बिहार के अभिमान का अपमान है







के सी शर्मा
देश ही नहीं विदेशों तक में चर्चित रहे बिहारी माटी की शान महान गणितज्ञ वशिष्ठ नारायण सिंह के साथ बिहार सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है ।यह वही वशिष्ट बाबु है जिन्होंने आइंस्टाइन के सिद्धांत को चुनौती दी जिन्होंने नासा को आज से 50 साल पहले ज्ञान से चौंका दिया था  वही वशिष्ठ बाबू गंभीर रूप से बीमार होने के बाद विगत 3 दिनों से पीएमसीएच में इलाजरत है।डॉ गणेश प्रसाद और उनकी टीम के द्वारा उनके स्वास्थ्य पर पल-पल नजर रखी जा रही है शनिवार की सुबह उनके रक्त नमूनों की जांच की गई वह अन्य चिकित्सीय जांच की गई. विगत 40 वर्षों से अपना मानसिक संतुलन खो देने के बाद भी जिंदा लाश की तरह है।
 हालांकि विगत 5 वर्षों से उनके हालात में काफी सुधार हुआ है. अपने परिजनों को पहचानते हैं लिखना पढ़ना आज भी चालू रहता है हरदम के हाथ में पेंसिल लिखने की डायरी रहती है।

 परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है फिर भी उनके भाई अयोध्या सिंह और भतीजे मुकेश कुमार सिंह दिन रात उनकी सेवा में लगे रहते हैं।
बीमार होने के बाद उन्हें पीएमसीएच में एडमिट कराया गया है शुक्रवार की देर रात बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उन्हें देखने आने वाले थे अंतिम समय में उनका कार्यक्रम स्थगित हो गया आज रविवार की देर शाम मुख्यमंत्री के
चार प्रतिनिधि वशिष्ट बाबू को देखने पीएमसीएच आए थे।
उनके जाते ही पीएमसीएच प्रशासन ने वशिष्ट बाबु के परिजनों को अल्टीमेटम जारी कर दिया है कि किसी भी परिस्थिति में कल 12:00 बजे के बाद इन्हें पीएमसीएच में नहीं रखा जा सकता है।
 अब वे ठीक हो चुके हैं जबकि स्थिति यह है कि इतने कमजोर हैं कि खुद से उठ बैठ नहीं पा रहे हैं परिजन डरे हुए हैं कि कोई अनहोनी ना हो जाए यह बार-बार चिकित्सकों से शासन प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं एक-दो दिन और उन्हें हॉस्पिटल में ही रहने दिया जाए।
 वशिष्ट बाबु किसी जाति के किसी धर्म के किसी प्रदेश के विरासत भर नही उन पर पूरा देश गर्व करता है।
 आज मन व्यवस्था से काफी खिन्न है खासकर बिहार के जनप्रिय लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी से ।
तमाम आलोचनाओं के बावजूद हम सभी आपको एक गंभीर शासक समझते हैं इस विकट परिस्थिति में आप से ही आस है बिहार के इस बुझते दीपक को बचा लीजिए, आप राजा हैं हम प्रजा हमारी आप से गुहार है।

 वशिष्ट बाबु वोट बैंक नहीं है पर हमारी बिहारी प्रतिभा के प्रखर स्वर है।
बिहार की माटी  सदियों तक इस सपूत को जन्म देने के कारण खुद को गौरवान्वित महसूस करती रहेगी ऐसे सपूत का अपमान बिहार के प्रतिभा का अपमान है बिहार की कोख का अपमान है बिहार के उस विरासत का अपमान है जिसने ऐसे सपूतों को अपने कण कण से अवतरित किया है।

 लाचार बीमार वशिष्ट बाबु के पीएमसीएच में रहने से ना पीएमसीएच के मान सम्मान पर कोई आच आएगा न शासन प्रशासन को कोई अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ेगा हम सभी अपने खून के कतरे कतरे से आपके इस कर्ज को उतारेंगे  बचा लीजिए बिहार के मान सम्मान और अभिमान को।

Sunday, 25 August 2019

11:53

व्यक्ति एक नौकरी 3 और वह भी सरकारी

 बिहार सरकार में एक इंजीनियर 30 साल तक सरकार के 2 विभागों में तीन जगह नौकरी करता रहा और किसी को कानों कान भनक तक नहीं लगी लेकिन जब बिहार में लागू हुए नए फाइनेंसियल मैनेजमेंट सिस्टम सीएफएमएस ने इस गड़बड़ी को पकड़ा तो अधिकारियों और कर्मचारियों के होश फाख्ता हो गए दरअसल एक आदमी दो विभागों में तीन जगह पर नौकरी कैसे कर सकता है यह आश्चर्य का विषय था लेकिन गड़बड़ी पाए जाने पर इंजीनियर सुरेश राम के खिलाफ केस दर्ज किया गया फिलहाल सुरेश अभी तक फरार है मिली जानकारी के अनुसार यह मामला तब प्रकाश में आया जब
सीएफएमएस प्रणाली के तहत वेतन की प्रक्रिया की जांच की जा रही थी इसमें सुरेश नाम के तीन व्यक्ति नौकरी करते हुए सामने आए जिसमें से दो जल संसाधन में और एक भवन निर्माण विभाग में तैनात था लेकिन अधिकारियों के सब होश फाख्ता हो गए जब उस व्यक्ति के तीनों जगह नौकरी करने के एक ही प्रमाण मिले जैसे कि तीनों का नाम एक ही था जन्मतिथि पिता का नाम शरीर का पहचान चिन्ह स्थाई पता आदि सूचनाओं में भी समानता पाई गई तब अधिकारियों ने इस पर गहनता से छानबीन शुरू की और यह मामला खुलकर सामने आया उसके बाद जब तीनों पते को 22 जुलाई को पटना मुख्यालय के शैक्षणिक प्रमाण पत्र पैन कार्ड बायोडाटा से जन्म से संबंधित प्रमाण पत्र शिक्षा से संबंधित प्रमाण पत्र आधार कार्ड आदि अभिलेखों की जांच के लिए बुलाया गया तो भवन निर्माण विभाग किशनगंज में कार्यरत सुरेश राम कार्यालय कक्ष में उपस्थित हुआ उसके पास केवल आधार कार्ड एवं पैन कार्ड उपलब्ध था जब उससे पूछा गया कि आप को शैक्षणिक प्रमाण पत्र एवं नियुक्त सेवा संबंधी अभिलेखों की जांच हेतु विभाग में चलना है तो उसने कहा कि वह कुछ देर में उपस्थित हो रहा है उसके बाद वह फरार हो गया अधिकारियों ने काफी देर तक फोन पर संपर्क किया लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला और उसका मोबाइल बंद आ रहा है और वह अपने कार्यालय में भी उपस्थित नहीं है बल्कि वह कहीं भूमिगत हो गया है पता चला है कि सुरेश सबसे पहले 20 फरवरी 1988 को भवन निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के पद पर नियुक्त हुआ था उसने उसके अगले ही जल संसाधन विभाग में नौकरी का शुरू कर दी उसी वर्षों से जल संसाधन विभाग में से और नौकरी का ऑफर मिला तो उसने भीम में नौकरी ज्वाइन कर ली इसके बाद वह लगातार 30 सालों से तीनों स्थानों पर नौकरी का और वेतन बता रहा है