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Wednesday, 3 March 2021

17:09

रायपुर पहुंचा सचिन का सबसे बड़ा फैन टीम इंडिया के हर मैच में झंडा लहराता पहुंच जाता है बिहार का सुधीर

दीपक तिवारी 
रायपुर. रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के साथ छत्तीसगढ़ में क्रिकेट का रोमांच छाने लगा है। ज्यादातर टीमें और खिलाड़ी रायपुर पहुंच गए हैं। इस बीच भारतीय क्रिकेट टीम और सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा फैन सुधीर चौधरी भी उन्हें चीयर करने रायपुर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से सचिन के संन्यास के बाद सुधीर टीम इंडिया के अलावा हर उस टीम के समर्थन में झंड़े लहराते हैं, जिसकी ओर से सचिन तेंदुलकर खेल रहे हों।
सुधीर चौधरी एक मार्च को ही रायपुर पहुंच गए थे। आज हाथ में देश का बड़ा झंडा और शंख लिए सुधीर शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे। वहां उन्होंने शंख बजाकर अभ्यास के लिए पहुंच रहे खिलाड़ियों का स्वागत किया। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। वे पिछले कई साल से शरीर पर सचिन तेंदुलकर का नाम पेंटकर हाथ में झंडा लेकर भारतीय क्रिकेट टीम के हर मैच में मौजूद रहते हैं। चाहे वह मैच देश में हो या किसी विदेशी जमीन पर। सचिन तेंदुलकर के भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहने के बाद सुधीर अपने शरीर पर 'मिस यू सचिन' पेंट कर मैदान में मौजूद रहते हैं। सचिन तेंदुलकर और दूसरे खिलाड़ी इस फैन की मदद करते हैं। सुधीर ने बताया, वे इस सीरीज में इंडिया लिजेंड्स के सभी मैचों में मौजूद रहेंगे। वे रोड सेफ्टी वर्ल्ड सीरीज के पिछले मैचों में भी मौजूद थे।
पांच से 21 मार्च तक होना है टूर्नामेंट
सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों में जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए नवा रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 5 से 21 मार्च तक टूर्नामेंट का आयोजन किया जा रहा है। पांच मार्च को सीरीज का पहला मुकाबला इंडिया लीजेंड्स और बांग्लादेश लीजेंड्स के बीच खेला जाएगा। 17 मार्च को टूर्नामेंट का पहला सेमीफाइनल और 19 मार्च को दूसरा सेमीफाइनल होगा। सीरीज का फाइनल मुकाबला 21 मार्च को खेला जाना है। इस टूर्नामेंट में छह देशों इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, बांग्लादेश और मेजबान भारत की टीमें भाग लेंगी।
इधर होटल में खिलाड़ियों की मस्ती
इधर टूर्नामेंट के लिए पहुंचे खिलाड़ियों की मस्ती जारी है। इंडिया लिजेंड्स के कप्तान सचिन तेंदुलकर और युवराज सिंह होटल में मस्ती करते नजर आए। वहीं इंग्लैंड के दिग्गज केविन पिटरसन होटल में नारियल जूस पीते दिखे। वहीं इंडिया लिजेंड्स के इरफान पठान के साथ इंग्लैंड के दिग्गज स्पिनर मोंटी पनेसर की तस्वीरें आई हैं।
इंडिया लिजेंड्स ने नेट पर बहाया पसीना
इंडिया लिजेंड्स के खिलाड़ियाें ने शाम को नेट पर अभ्यास कर पसीना बहाया। सचिन, युवराज और युसुफ पठान बल्लेबाजी करते नजर आए। पांच मार्च को इंडिया लिजेंड्स को बांग्लादेश लिजेंड्स के साथ अपना पहला मैच खेलना है।

Monday, 1 March 2021

19:07

काश अव्यवस्था दूर करने का कोई इंजेक्शन होता

tap news India deepak tiwari 
रायपुर. रायपुर में सोमवार को आम लोगों के कोविड वैक्सीनेशन में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। सेंटर्स भी भीड़ और अफरा-तफरी का आलम देखकर यही लगा कि काश सरकारी सिस्टम को सुधारने की भी कोई वैक्सीन होती। रायपुर के दो सरकारी और एक प्राइवेट अस्पताल में बने कोविड वैक्सीन सेंटर की ग्राउंड रिपोर्ट में पता चला कि सभी जगह आम आदमी परेशान हो रहा था। कोविड वैक्सीन सेंटर पर ही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ती नजर आई। हर कोई अपनी बारी का इंतजार करते हुए उकता रहा था। सुबह 9 बजे से ही टीकाकरण शुरू होना था। मगर दोपहर 12 बजे तक कोई यह बता पाने की स्थिति में नहीं था कि वैक्सीनेशन कब शुरू होगा।
मेडिकल कॉलेज का हाल
कॉलेज कैंपस की बिल्डिंग में एक हॉल कोरोना वैक्सीनेशल के लिए तय किया गया है। यहां सुबह 9 बजे से लोगों का आना शुरू हो गया था। करीब 30 मिनट तक लोगों के नाम पते नोट होते रहे। जब बारी टीकाकरण की आई तो ऑनलाइन सिस्टम ठप हो गया। ड्यूटी पर तैनात स्वास्थ्यकर्मियों ने बताया कि जब तक ऑनलाइन सिस्टम मे एंट्री नहीं होगी टीका नहीं लगा सकते। इसके बाद डेढ़ घंटे तक लोग इस खामी के दूर होने का इंतजार करते रहे। रायपुर के फाफाडीह इलाके रहने वाले प्रफुल्ल टांक ने बताया कि मैं अपनी 74 साल की बूढ़ी मां को लेकर आया हूं। वो कितनी देर तक इंतजार करेंगी।
टांक ने कहा कि यहां कोई स्पष्ट जानकारी ही नहीं दी जा रही। जो लोग पहले आए हैं उन्हें कोई नंबर जारी करना चाहिए था कि नंबर आने पर वो टीका लगवा सकें तो वो भी यहां नहीं हो रहा है। गंगा यादव ने बताया कि हमारी पर्चियां इधर-उधर कर दी है, काफी देर से हम इंतजार ही कर रहे हैं। टीका लगवाने आए बुजुर्ग सुखदास पात्रे ने बताया कि रजिस्ट्रेशन को लेकर कोई कुछ नहीं बता रहा भीड़ इतनी है कि पीछे बैठकर इंतजार कर रहा हूं। करीब दो से ढाई घंटे की इसी अव्यवस्था के बाद मेडिकल कॉलेज की टीम ने लोगों नंबर जारी किए। फिर नाम पुकारकर सभी को अलग से बैठाया गया और एक-एक कर टीका लगाना शुरू किया।
मैं घर जा रहा हूं घुटनों में दर्द है कितना इंतजार करूं
जिला अस्पताल में आए 79 साल के एसएल जोशी ने कहा कि मैं सुबह 8.30 बजे से आया हूं। ढाई घंटे बीत गए मैंने कुछ नहीं खाया। यहां कमरे के अंदर इतनी भीड़ है कि खड़े रहना मुश्किल हो रहा है। अब मैं घर जा रहा हूं। सभी लोग कमरे में भीड़ लगा कर खड़े हैं। सीनियर सिटीजन के लिए टीकाकरण कर रहे हैं तो कोई प्राथमिकता तो देनी चाहिए न। मगर यहां तो हमें कोई पूछ ही नहीं रहा। सुबह जब हम यहां पर आए तो यहां अस्पताल में सभी एक दूसरे पर टालते रहे, किसी ने कह दिया यहां जाओ किसी ने कहा वहां जाओ। हम भटकते रहे। मेरे घुटनों में दर्द है। मेरी स्थिति अब ये नहीं कि तीन घंटे यहां रहूं फिर इंजेक्शन लगे तो आधे घंट दूसरे कमरे में बैठा रहूं। इसलिए मैं तंगआकर घर जा रहा हूं। मेरी आज की पर्ची अगर कल काम आए तो ठीक नहीं तो फिर आउंगा अब क्या कर सकता हूं।
प्राइवेट सेंटर में भी कहना पड़ा - कल आना
रायपुर के शंकर नगर स्थित प्राइवेट हॉस्पीटल आरोग्य में भी कोविड टीकाकरण केंद्र बनाया गया है। यहां पर 250 रुपए देकर 45 से 59 उम्र के दूसरी बीमारियों से जूझ रहे आम लोग और 60 साल के बुजुर्ग टीका लगवा सकते हैं। इस सेंटर पर भी सुबह से ही लोग आ चुके थे। करीब 3 घंटे बाद अस्पताल के मैनेजमेंट ने लोगों से कह दिया कि इस वक्त ऑनलाइन सिस्टम में दिक्कत की वजह से वो टीकाकरण नहीं कर सकते। यहां आ चुके बुजुर्गों को अस्पताल ने एक नंबर जारी किया। और कहा कि वो फोन पर सूचित करेंगे तब लोग अस्पताल आकर टीका लगवा सकते हैं। इसके बाद लोगों को यहां से भी लौटना पड़ा। हालांकि भी भीड़ कम होने और बैठने का इंतजाम होने की वजह से यहां बुजुर्गों को परेशानी कम हुई।
सभी जगह दिक्कत हुई है
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने कबूला कि हां लगभग सभी जगहों पर टीकाकरण में परेशानी आ रही है। सिस्टम ऑनलाइन होने के कारण हमें उसी प्रक्रिया को फॉलो करना है। कुछ जगहों से सर्वर के स्लो होने की जानकारी मिली है। सभी जगह जैसे-तैसे स्थिति को सुधारने पर हम काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सभी जिलों में टीकाकरण किया जा रहा है। 1 मार्च से उन्होंने बताया कि इस चरण में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों (मेडिकल कॉलेज, जिला चिकित्सालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, सिविल अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर और उप स्वास्थ्य केन्द्र) एवं पी.एम.जे.ए.वाय, सी.जी.एच.एस. इम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में कोविड-19 से बचाव के लिए टीके लगाए जाएंगे। निजी अस्पतालों में 250 रुपए देने होंगे। सरकारी केंद्र में टीकाकरण मुफ्त में होगा।
19:05

छत्तीसगढ़ पुलिस में शामिल हो रहे किन्नरों की कहानी:tap news India deepak

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रायपुर. रायपुर की रहने वाली विद्या राजपूत किन्नर समुदाय के अधिकारियों के लिए पिछले कई सालों से काम कर रहीं हैं। सोमवार की दोपहर जब पुलिस भर्ती के नतीजे आए तो लिस्ट में अपने साथियों का नाम देखकर हैरानी भी हुई और खुशी थी। खाकी तक पहुंचने के मुश्किल सफर तृतीय लिंग समूह का कोई भी शख्स भूल नहीं सकता। यह पहली बार है जब इस तरह की सरकारी नौकरी में समाज का तिरस्कार झेल रहे वर्ग को मौका दिया गया। एक आम सी जिंदगी चाहत लिए किन्नरों को समाज की रेस से बाहर होना पड़ता है। ये पुलिस भर्ती की रेस में दौड़े, और ऐसा दौड़े की अब इनकी कामयाबी हर वर्ग के लिए प्रेरणा बन चुकी है । पिछली जिंदगी में इन्होंने जो झेला उसके बाद फिर से खड़ा होना और कुछ हासिल करना मायने रखता है। पढ़िए पहली बार छत्तीसगढ़ पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे ऐसे ही तृतीय लिंग समुदाय के इन लोगों की कहानी, उन्हीं के शब्दों में।
बचपन तो मजाक बनाए जाने और गालियों में बीता, अब मौका सम्मान का है
शबूरी ने बताया कि खाकी पुलिस का गौरवशाली यूनिफॉर्म तो है कि उससे भी कहीं ज्यादा ये मेरे लिए सम्मान की खाकी है। इस वर्दी की सभी इज्जत करते हैं। बचपन में मैं लड़कों से अलग थी। सभी मेरा मजाक बनाते थे, गालियां देते थे। तब मैंने देखा था कि सभी पुलिस से डरते हैं, सम्मान करते हैं। तभी सोच लिया था कि बड़ी होकर पुलिस में जाउंगी। जब साल 2017 में ये पता चला कि हमें भी पुलिस भर्ती में मौका मिल सकता है तो तैयारी में लग गए। मैदान में जाना और फिजिकल ट्रेनिंग की तैयारी करना बेहद मुश्किल रहा । मगर अब जब सलेक्शन हुआ है तो बेहद खुशी है। अब तक हम सम्मान के लिए तरसते थे, इस पुलिस युनिफॉर्म हमें वो सम्मान दिलाएगी।
घरों में किया झाड़ू-पोछे का काम, लड़कों की छेड़खानी भी झेली
रायपुर की शिवन्या का भी पुलिस कॉन्सटेबल के तौर पर सलेक्शन हुआ है। शिवन्या ने बताया कि वो अपनी मां के साथ रहती हैं। पैसों की तंगी की वजह से मां के साथ घरों में झाड़ू-पोछा लगाने का काम भी किया। जब लड़कियों की तरह रहने लगी तो मालिकों ने काम से निकालने का दबाव बनाया। वो काम हाल ही छोड़ना पड़ा। कॉलेज में पढ़ाई के लिए पहुंची तो टायलेट जाते वक्त लड़के छेड़ते थे। जब लंट टाइम होता था तो टॉयलेट नहीं जाती थी क्योंकि सभी स्टूडेंट बाहर ही होते थे और मजाक बनाते थे। क्लास शुरू होने पर टॉयलेट जाने से टीचर डांटते थे। कभी लोग मामू तो कभी किन्नर कहकर चिढ़ाते थे। एक बार कॉलेज के लड़कों ने टॉयलेट में बंद कर दिया था। इस तरह की छेड़छाड़ झेलकर पढ़ाई जारी रखी। मुझे देखकर लड़कियां भी मुंह बनाती थीं, आपस में फुसफुसाया करती थीं, मगर मैने भी कुछ बनने कोशिश जारी रखी और कामयाबी मिली।
सोचा क्यों न सुसाइड ही कर लूं मगर फिर हालातों से लड़ना सीखा
रायपुर की दीप्शा भी जल्द ही पुलिस युनीफॉर्म में दिखेंगी। लाखे नगर में रहने वाली दिप्शा ने बताया कि बचपन में जब लोग मुझे लड़कियों की तरह कपड़े पहनने या सजने पर चिढ़ाते थे तो बुरा लगता था। मैं सोचती थी कि भगवान ने मुझे क्यों नॉर्मल जिंदगी नहीं थी। इस वजह से मैंने सुसाइड करने की भी कोशिश की थी। मैंने जहर पी लिया था। मगर मुझे डॉक्टरों ने नया जीवन दिया। किन्नरों के अधिकारों के लिए काम करने वाली विद्या जी के संपर्क में आने के बाद मैंने हालातों से लड़ना सीखा। मैंने समझा कि मुझे खुद को स्वीकारते हुए आगे बढ़ना होगा। हमारे मुहल्ले के एक लड़के ने मुझसे छेड़छाड़ की थी, मैने विरोध किया तो उसने चाकू से हमला कर दिया था। समाज का यह रूप देखकर मैंने खुद को संभाला मेरे घर वाले भी कहते थे कि कुछ बनकर दिखाओ खुद को साबित करो। इसी से मैंने खुद को मोटीवेट किया और अब पुलिस सर्विस में मेरा सलेक्शन हुआ है।
घर वालों ने निकाला, भीख मांगकर रोटी का बंदोबस्त करना पड़ा था
नैना रायपुर के संतोषी नगर में रहती थीं। 4 साल पहले इसे घर वालों ने घर से निकाल दिया था। वजह थी इसके व्यवहार में आने वाला बदलाव। सभी इसे लड़कों की तरह रहने के लिए दबाव बनाते थे। मगर नैना अपने अंदर मौजूद औरत को महसूस कर सकती थी। वो लड़कियों की तरह ही रहना चाहती थी।इसी बात पर घर वालों से झगड़ा हुआ। घर वालो ने इसे स्वीकार नहीं किया और यह कहते हुए घर से निकाल दिया कि जाकर नाचो-गाओ और किन्नरों के बीच ही रहो। मगर नैना को यह सब पसंद नहीं था। उसने बताया कि पंडरी के कपड़ा मार्केट में उसने काम किया। लॉकडाउन में नौकरी चली गई, हाइवे पर ट्रक वालों से भीख मांगकर दो वक्त की रोटी का इंतजाम किया और इसी हाल में पुलिस भर्ती की तैयारी की। प्रैक्टिस की बदौलत अब सलेक्शन भी हो गया है। जल्द ही नैना रायपुर के किसी चौराहे पर या भीड़ में कानून व्यवस्था संभालती दिखेंगी।

Saturday, 20 February 2021

15:41

रोड सेफ्टी टूर्नामेंट:रायपुर के स्टेडियम में सचिन जैसे प्लेयर्स की परफॉर्मेंस देख पाएंगे दर्शक

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रायपुर.रायपुर के क्रिकेट स्टेडियम में सचिन की बैटिंग देखने का मौका लोगों को मिलेगा। 2 मार्च से शुरू हो रहे रोड सेफ्टी टूर्नामेंट में आम लोगों को एंट्री मिलेगी। आईपीएल में दर्शकों की एंट्री बैन थी। लोगों को इस बात का इंतजार था कि क्या रायपुर में हो रहे इंटरनेशनल टूर्नामेंट में लोगों को मैदान पर आने का मिलेगा या नहीं। रोड सेफ्टी वर्ल्ड टूर्नामेंट की आयोजक संस्था क्रिकेटर सुनील गावस्कर की कंपनी प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप के अफसरों ने कहा है कि लोगों को एंट्री मिलेगी। बॉक्स, प्लेटिनम, गोल्ड और सिल्वर कैटेगरी में टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचे जाएंगे। इनकी कीमतों अब तक तय नहीं हैं।
अफसर भी पहुंचे
रायपुर के कलेक्टर डॉ एस भारती दासन, परिवहन आयुक्त कमलप्रीत सिंह, आईजी दीपांशु काबरा, आईजी इंटेलिजेंस डॉ. आनंद छाबड़ा, एसएसपी अजय यादव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ गौरव कुमार सिंह, खेल विभाग की संचालक खेल श्वेता सिन्हा जैसे अफसर गुरुवार को क्रिकेट स्टेडियम पहुंचे।
अफसरों ने यहां स्टेडियम में किए जा रहे सुधार तथा व्यवस्था संबंधित कार्यों का जायजा लेकर, काम जल्द पूरा करने को कहा। अधिकारियों ने खिलाड़ियों के ड्रेसिंग रूम, वीआईपी लांज, मीडिया कक्ष तथा दर्शकों के एंट्री एवं एग्जिट होने उनके सीटिंग अरेंजमेंट, प्रवेश व्यवस्था, पार्किंग सहित कई विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था, यातायात की व्यवस्था, साफ-सफाई, फूड जोन, आपातकालीन चिकित्सा, फायर ब्रिगेड, पार्किंग अरेंजमेंट पर बात-चीत की।
24 फरवरी से आएंगे खिलाड़ी
प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप, मुंबई के पदाधिकारियों ने बताया कि टूर्नामेंट 2 मार्च की शाम शुरू हो जाएगी। 24-25 फरवरी से खिलाड़ियों का आना शुरू हो जायेगा। खिलाड़ियों एवं अंपायर के लिए नवा रायपुर के मेफेयर होटल एवं लेक रिसॉर्ट में ठहरने की व्यवस्था की गई है। कलेक्टर डॉ एस भारतीदासन ने मेफेयर होटल एवं लेक रिसॉर्ट को अन्य बाहरी व्यक्तियों के लिए 22 फरवरी से 22 मार्च तक के लिए ’बायो बबल जोन’ घोषित किया है। यहां नागरिकों का आना -जाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ये हैं टीमें और सितारे जो आएंगे रायपुर
इस टूर्नामेंट में सचिन तेंदुलकर के साथ वीरेंद्र सहवाग, ब्रायन लारा, तिलकरत्ने दिलशान और जोंटी रोड्स जैसे दिग्गज खिलाड़ी आपस में भिडेंगे। 2 से 21 मार्च तक होने वाले टूर्नामेंट में भारत, साउथ अफ्रीका, वेस्ट इंडीज, श्रीलंका, इंग्लैंड और बांग्लादेश की टीमें हिस्सा लेंगी। इन सभी देशों के लैजेंड्स खिलाड़ी अपनी टीम का हिस्सा होंगे। आयोजकों ने बताया कि देश में क्रिकेट सबसे अधिक लोकप्रियता वाला खेल है और यहां क्रिकेटरों को रोल मॉडल के तौर पर देखा जाता है और ऐसे में इस लीग का मतलब सड़कों पर अपने व्यवहार के प्रति लोगों की मानसिकता में बदलाव लाने की है।

Tuesday, 16 February 2021

16:30

फास्टैग पर शुरू हुई सख्ती जाने क्यों

दीपक तिवारी
रायपुर.राष्ट्रीय राजमार्गों के टोल नाकों पर फास्टैग की सख्ती शुरू हो चुकी है। नागपुर हाइवे पर स्थित कुम्हारी टोल नाका रायपुर का प्रवेश द्वार भी है। भिलाई और रायपुर के बीच इस टोल नाके से हर रोज औसतन 30 से 32 हजार गाड़ियां गुजरती हैं। आधी रात के बाद से यहां करीब 30 प्रतिशत यानी 9 से 10 हजार गाड़ियों को फास्टैग नहीें होने की वजह से दोगुना टोल टैक्स चुकाना पड़ा है।
राजनांदगांव के आभाष अग्रवाल दो दिन पहले रायपुर आये थे। वापस जाते समय उन्हें टोल नाके पर रोक दिया गया। उनकी कार पर फास्टैग नहीं था। उन्हें उसके लिए दोगुना यानी 20 रुपए टैक्स देना पड़ा। कार को टोल लेन से बाहर निकालने के बाद आभाष फास्टैग बनवाने पहुंच गये। 
टोल संचालित करने वाली कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 6 लेन के इस टोल नाके से प्रतिदिन 30 हजार से अधिक वाहनों की आवाजाही है। आधी रात के बाद से यहां बिना फास्टैग वाले वाहनों से दोगुने टोल टैक्स की वसूली हो रही है। अभी तक कोई विवाद सामने नहीं आया है। अभी तक देखने में यह आया है कि करीब 70 प्रतिशत गाड़ियों पर फास्टैग लग गया है। इसके बाद भी कुम्हारी टोल नाके पर दोनों तरफ जाम की स्थिति बनी हुई है।
कंपनी के अधिकारियों ने बताया, कई ट्रकों पर लगे फास्टैग लगे हैं, लेकिन स्कैन करने पर पता चल रहा है कि उसमें बैलेंस नहीं है, जिससे टोल टैक्स का भुगतान हो सके। अब वे लाइन में खड़ा होकर ही अपने मालिक अथवा मैनेजर को फोन लगा रहे हैं। वहां से उनका फास्टैग रिचार्ज हो रहा है। उसके बाद वे आगे बढ़ रहे हैं। इस प्रक्रिया में कम से कम 10 मिनट लग रहे हैं। ऐसे में उनके पीछे की गाड़ियाें को बिना वजह रुकना पड़ रहा है और जाम की स्थिति बन रही है।
फ्री फास्टैग नहीं, कंपनियों ने लगाए कैनोपी
अभी टोल नाके पर फ्री फास्टैग नहीं मिल रहा है। टोल नाके के कुम्हारी साइड में विभिन्न कंपनियों ने अपनी कैनोपी लगा रखी है। इसके जरिए फास्टैग बनवाया जा रहा है अथवा उसे रीचार्ज किया जा रहा है। पेटीएम फास्टैग के एक्जीक्यूटिव एम. अजय राव ने बताया, वे लोग कई दिनों से यहां फास्टैग लगा रहे हैं। कल पूरी रात उनकी टीम यहां मौजूद रही है। आज सुबह आठ बजे से वे वहां पर हैं। पहले उन लोगों को लेन में जाकर लोगों से बातचीत कर फास्टैग लगवाने के लिए लाना पड़ता था। आज लोग खुद ही उनके पास आकर फास्टैग लगवा रहे हैं। सुबह आठ बजे से 12 बजे तक के 4 घंटों में 50 से 60 फास्टैग बन चुके हैं।
फास्टैग के बाद भी दोगुना टैक्स लगा
ट्रक चालक राजेंद्र ने बताया, वे 12 चक्का ट्रक लेकर आये हैं। उनके ट्रक पर पहले से फास्टैग लगा हुआ है। नाके पर स्कैन हुआ तो पता चला कि वह काम नहीं कर रहा है। उन्हें दो नाकों पर दोगुना टैक्स देना पड़ा है। यहां उन्होंने गाड़ी को पीछे खड़ा कर इस समस्या को सुलझाकर ही आगे बढ़ने का फैसला किया है। एक और ट्रक चालक सरताज सिंह ने बताया, उनके पास फास्टैग होने के बावजूद पिछले टोल नाके पर दोगुना टोल टैक्स देना पड़ा। वहां बताया जा रहा था, वह स्कैन नहीं हो पा रहा है। यहां आने पर वे आसानी से लेन पार कर गये।

Thursday, 22 October 2020

18:00

प्याज की कालाबाजारी रोकने के लिए कलेक्टर करेंगे निगरानी TAP NEWS INDIA

deepak tiwari 
रायपुर.प्याज की बढ़ रही कीमतों को लेकर छत्तीसगढ़ सरकार सख्त हो गई है। कालाबाजारी रोकने के लिए गुरुवार को सभी जिलों के कलेक्टर को मॉनिटरिंग के निर्देश दे दिए गए। थोक विक्रेता को स्टॉक और दाम की भी जानकारी दुकान के बाहर लगानी होगी। वहीं, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसके लिए केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि केंद्र के कृषि कानून से अभी अन्य वस्तुओं के भी दाम बढ़ेंगे।
नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि पिछले एक माह में प्याज के खुदरा बाजार मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। ये राज्य स्तरीय प्राइस मॉनिटरिंग सेल में जिलों से आवश्यक वस्तुओं के बाजार भाव के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है। ऐसे में सभी जिलों के कलेक्टर प्याज की उपलब्धता, खुदरा बाजार मूल्य की निगरानी और पर्यवेक्षण के लिए कार्रवाई करें।
जिला स्तर पर प्याज की खपत और आवक की रोज हो समीक्षा
विभाग ने कहा कि प्याज के थोक और खुदरा व्यापारियों की बैठक लेकर जिले में प्याज की उपलब्धता और मांग का आकलन किया जाए। इसी के अनुसार, आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही आने वाले प्याज और उसकी खपत की भी रोज समीक्षा हो। कलेक्टरों से यह भी कहा गया है कि जिले में उपलब्ध प्याज के थोक और खुदरा बाजार भाव का प्रचार-प्रसार किया जाए।
स्टॉक लिमिट खत्म होने से करना पड़ेगा परेशानी का सामना
दूसरी ओर मुख्यमंत्री भूपेश ने प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर कहा कि इसकी तरह अन्य वस्तुओं के दाम भी बढ़ेंगे। उन्होंने कहा, केंद्र के नए कानून से राज्य अब कुछ नहीं कर पाएंगे। स्टाक लिमिट खत्म करने से इस परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इसी कारण केंद्र के इस कानून का विरोध कांग्रेस कर रही है। इस कानून से किसान के साथ आमलोग भी प्रभावित होंगे।

Wednesday, 23 September 2020

11:58

जाने क्यों 50 से ज्यादा बाइक पर निकले पुलिस जवान tni

 deepak tiwari
रायपुर/रायपुर पुलिस के जवान और अधिकारी बुलेट पर सवार होकर गश्त पर निकले। बुधवार को शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से होते हुए पुलिस की टीम गुजरी। पुलिस ने बाइक पर लगे माइक से लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील की। लोगों से कहा गया कि वो घरों से बाहर ना निकलें, घर पर ही रहें और कोरोना महामारी से सुरक्षित रहें। यह बाइक गश्त जय स्तंभ चौक से शुरू हुई इसके बाद शारदा चौक, मौदहापारा, रेलवे स्टेशन, गुढ़ियारी, पंडरी, सिविल लाइंस, रायपुरा जैसे शहर के लगभग सभी बड़े रिहायशी इलाकों से गुजरी।
कलेक्टर बोले
फोटो रायपुर के कलेक्टर एस भारती दासन की है, अपने संदेश में कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन कोई स्थाई हल नहीं है लोगों को जागरुक होना पड़ेगा।
फोटो रायपुर के कलेक्टर एस भारती दासन की है, अपने संदेश में कलेक्टर ने कहा कि लॉकडाउन कोई स्थाई हल नहीं है लोगों को जागरुक होना पड़ेगा।
रायपुर के कलेक्टर एस भारती दासन ने शहर के लोगों से लॉकडाउन के नियमों का पालन करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि लॉकडाउन की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी लोग सेल्फ डिसिप्लिन का पालन करें, कम से कम घर से निकलें। जब बाहर जाएं तो मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ धोने जैसे नियमों का पालन करें। अगर आप बाहर जाते हैं, इन नियमों का पालन अगर नहीं किया और संक्रमित हो गए तो बड़ी मुश्किल होगी, हो सकता है कि आपकी इम्यूनिटी अच्छी हो, मगर आपके घर पर बच्चे, बुजुर्ग मां-बाप संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। ऐसे में हंसते खेलते परिवार को आपकी लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ सकती है।