एकदिन मिश्रा जी की दोस्ती फेसबुक पर सुंदर महिला से हो गई


एक मिश्रा जी थे उसकी दोस्ती सुंदर महिला से फेसबुक पर हो गयी।
गुड मॉर्निंग, nice pic , wow, से आगे कुछ बातें इनबॉक्स में भी होने लगी।

मिश्रा जी खुश रहने लगे। रोज़ इधर उधर से फेसबुकिया फूल भेज देते।

एक दिन उनके मन की हो गयी।
इनबॉक्स में नंबर मांग लिया महिला ने।
अब क्या था। व्हाट्सअप शुरू।
जनाब रोमांटिक मैसेज भेजने लगे।

अरे फेसबुक पर लड़की आपकी पोस्ट लाइक भर कर ले तो आप स्वयं को शाहरुख खान के अवतार समझने लगते हो। और अगर फ्रेंड रिक्वेस्ट आ जाये तो कहना ही क्या।

खैर, एक दिन महिला ने फ़ोन लगा लिया।
जल्दी आ जाओ। "मेरे पति बाहर गए हैं"।
जनाब बिजली की स्पीड से पहुंच गए।
बात शुरू होती, तो अचानक होश आया।
"तुम्हारे पति आ गए तो"

"नहीं आएंगे, और आ जाएं तो तुम कालीन साफ करने लगना, थोड़ी देर में चले जायेंगे। वरना टेबल , पंखे साफ करते रहना"

ये बात चल ही रही थी, की डोर बेल बज गई। पतिदेव आ गए।

जनाब घबरा कर अपना रुमाल निकाल कर टेबल साफ करने लगे।
महिला ने झाड़ू , फटका, डस्टर , वाइपर ला कर पटक दिया।

"लो साफ करो"

पति ने "पूछा कौन है ये।"

पत्नी बोली।
सफाई के लिए हाउसकीपिंग कम्पनी ने भेजा है।

सफाई चलती रही। एक कप मे *पुराने कप में* सफाई वाले को चाय भी मिली।

पंखे, खिड़कियों, कालीनों आदि की सफाई के बाद थके हारे जनाब बोले।
"जाऊं मैडम".
क्योंकि पतिदेव तो खिसकने का नाम ही नहीं ले रहे थे।

मैडम बोली।
ओके।

हस्बैंड ने कहा , "पैसे कितने देना है"

पत्नी बोली मुस्कुराते हुए बोली 
इनकी कंपनी में एडवांस जमा कर दिया था।


 दीवाली की सफाई के लिये, लोग क्या क्या हथकंडे अपनाते हैं यार। 
मिश्रा जी ने अब फेसबुक से दूरी बना ली है।