डॉ. सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर 150 से अधिक एकलव्य स्कूलों के निर्माण का गवाह है, जिनमें से 39 मेघालय में हैं


नई दिल्ली केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने आज कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले आठ वर्षों में पूर्वोत्तर से आतंक का ठप्पा मिटाकर, उसे विकास का आदर्श बना दिया है। इसी तरह मेघालय को भी भ्रष्टाचार से मुक्त करके उसे प्रगतिशील राज्य में बदल दिया है।

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शिलांग में मीडिया से बातचीत करते हुये डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि शिलांग पहले पुराने असम की राजधानी हुआ करता था, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने दिसंबर 2022 में शिलांग, मेघालय में 2450 करोड़ रुपये की लागत की अनेक परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया है, जब वे शिलांग के राज्य सभागार में उत्तर-पूर्व परिषद की बैठक में सम्मिलित हुये थे तथा उसके स्वर्ण जयंती समारोह में भाग लिया था।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि पहले पूर्वोत्तर को आबंटित धनराशि मैदानी स्तर तक नहीं पहुंचती है, लेकिन मई 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से धनराशि अब गांवों में वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच रही है और उसका इस्तेमाल विकास के लिये हो रहा है।

डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर को हमेशा प्राथमिकता देते रहे हैं और पिछले नौ वर्षों में उन्होंने 50 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है। केंद्रीय मंत्रियों ने भी 425 से अधिक बार पूर्वोत्तर का दौरा किया है।

पूर्वोत्तर में अधोसंरचना के विकास का उल्लेख करते हुये डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि तेज गति से चलने वाले काम ने शिलांग सहित पूर्वोत्तर की सभी राजधानियों को रेल सेवा से जोड़ दिया है तथा श्री मोदी के मार्गदर्शन और देखरेख में साप्ताहिक उड़ानों की संख्या, जो 2014 से पहले 900 से थी, वह अब बढ़कर 1900 हो गई है।

उड़ान योजना के तहत मेघालय में 16 मार्गों पर उड़ानें संचालित की जा रही हैं तथा मेघालय के लोगों को सस्ती दरों पर हवाई सेवा उपलब्ध हो रही है। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इसी तरह कृषि उड़ान योजना के जरिये यहां पैदा होने वाले फल और सब्जियां आसानी से देश-विदेश के अन्य बाजारों तक पहुंच रही हैं।