उत्तर-पूर्व के छात्रों के लिए एनईसी छात्रवृत्ति

भारत सरकार उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के माध्यम से उत्तर पूर्वी क्षेत्र के छात्रों को उच्च और व्यावसायिक शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करती है। ये छात्रवृत्तियां प्रतिभा के आधार पर उपलब्ध हैं। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए योग्यता परीक्षाओं में उम्मीदवारों द्वारा प्राप्त अंकों के आधार पर सत्यापित आवेदनों में से प्रतिभा सूची तैयार की जाती है। विभिन्न स्तरों पर संबंधित विषयों/पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की वर्तमान दर इस प्रकार है:

पढाई का स्तर

नए और नवीनीकरण मामलों (विद्यमान छात्रों) के लिए छात्रवृत्ति राशि

स्नातक

रु. 22,000/- प्रति वर्ष

स्नातकोत्तर

रु. 25,000/- प्रति वर्ष

एम.फिल/पीएच.डी

रु. 30,000/- प्रति वर्ष

डिप्लोमा

रु. 20,000/- प्रति वर्ष

 

छात्रवृत्ति का संवितरण वर्ष 2021-22 से डीबीटी पोर्टल के माध्यम से किया जा रहा है और संवितरण की नई प्रणाली में परिवर्तित होने के कारण विलंब की घटनाएं हुई हैं जिसे अब सुव्यवस्थित कर दिया गया है और प्रणाली का संचालन सुचारू रूप से हो रहा है।

2020-21 से 2022-23 की अवधि के दौरान कुल 27,726 आवेदन प्राप्त हुएजिनमें से कुल 4756 मामलों का चयन किया गया है। 2020-21 से 2022-23 की अवधि के दौरान विभिन्न श्रेणियों में चयनित उम्मीदवारों की संख्या का राज्य-वार विवरण नीचे दी गई तालिका में दिया गया है:

क्र.सं.

राज्य

पाठ्यक्रमानुसार चयनित अभ्यर्थियों की संख्या

स्नातक

स्नातकोत्तर

एम.फिल/पीएच.डी

डिप्लोमा

कुल

1

अरुणाचल प्रदेश

103

47

3

11

164

2

असम

1206

397

54

218

1875

3

मणिपुर

644

238

37

69

988

4

मेघालय

133

114

4

14

265

5

मिजोरम

61

36

1

2

100

6

नगालैंड

50

40

2

1

93

7

सिक्किम

81

91

0

5

177

8

त्रिपुरा

722

238

4

130

1094

 

कुल

3000

1201

105

450

4756

 

यह जानकारी उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री श्री बी.एल.वर्मा ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।