प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) 15 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत में से 7.5 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा


 नई दिल्ली प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने विगत 27 मार्च 2024 को नई दिल्ली में जिला उधम सिंह नगर,  उत्तराखंड के सितारगंज में एसआईआईडीसीयूएल औद्योगिक क्षेत्र के एल्डेको में "स्वदेशी प्रौद्योगिकी का उपयोग करके लीथियम बैटरी और ई-अपशिष्ट के पुनर्चक्रण हेतु एक वाणिज्यिक संयंत्र स्थापित करने" के लिए मेसर्स रेमाइन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक समझौता किया है। इस  समझौते के माध्यम से टीडीबी ने 15 करोड़ रुपये की कुल परियोजना लागत में से 7.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता देने का आश्वासन दिया है, जो सतत विकास और पर्यावरणीय प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

इस वित्तपोषित परियोजना में इलेक्ट्रॉनिक्स प्रौद्योगिकी के लिए सेंटर फॉर मैटेरियल्स फॉर इलेक्ट्रॉनिक्स टेक्नोलॉजी (सीएमईटी), हैदराबाद द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक का लाभ उठाते हुए, लीथियम-आयन बैटरी और ई-अपशिष्ट के पुनर्चक्रण के लिए एक वाणिज्यिक संयंत्र की स्थापना शामिल है। राष्ट्रीय महत्व के मामले के रूप में मान्यता प्राप्त लीथियम आयन बैटरियों का कुशल पुनर्चक्रण देश के भीतर सेल विनिर्माण के लिए मध्यवर्ती (इन्टरमीडिएट) कच्चे माल  के एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में कार्य करता है।