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Wednesday, 30 November 2022

03:33

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाया गया


नई दिल्ली राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, नई दिल्ली (दिल्ली चिड़ियाघर) ने आज अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाया। इस मौके पर राष्ट्रीय प्राणी उद्यान ने जू वॉक और बिग कैट्स एवं जगुआर पर एक्सपर्ट से बातचीत जैसी कई गतिविधियां आयोजित कीं। इसमें लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण के महत्व को समझने के लिए जिज्ञासा जगाने एवं प्रोत्साहित करने को विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र, वन्यजीव संरक्षण पर पुस्तकें और स्मारिका प्रदान की गई।

 

(अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस के अवसर पर दिल्ली चिड़ियाघर में लिटिल स्टार पब्लिक स्कूल के विद्यार्थी)

 

अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस के बारे में:

जगुआर के लिए बढ़ते खतरों और उसके अस्तित्व को सुनिश्चित करने वाले संरक्षण के महत्वपूर्ण प्रयासों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाने की शुरुआत हुई। हर साल यह 29 नवंबर को मनाया जाता है। जैव विविधता संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रजाति, सतत विकास और मध्य एवं दक्षिण अमेरिका की सदियों पुरानी सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक के रूप में अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस मनाया जाता है। यह अमेरिका का सबसे बड़ा वाइल्ड कैट है।

 

(जंगल में जगुआर)

 

संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के व्यापक प्रयासों के तहत जगुआर कॉरिडोर और उनके आवासों के संरक्षण की जरूरत पर ध्यान आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय साझीदारों के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय जगुआर दिवस संबंधित देशों की सामूहिक आवाज का प्रतिनिधित्व करता है। जगुआर (पैंथेरा ओंका) को अक्सर तेंदुआ समझ लिया जाता है लेकिन उनके शरीर पर बने धब्बों के कारण आसानी से अंतर किया जा सकता है। वैसे, कई कैट्स पानी से दूर रहते हैं लेकिन जगुआर अच्छे से तैर सकते हैं। ये पनामा नहर में भी तैरने के लिए जाने जाते हैं।

03:26

पर्यटन मंत्रालय ने सतत पर्यटन स्थलों के विकास के संबंध में क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया

नई दिल्ली

मुख्य बातें:

  • इस कार्यशाला में मध्य और पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों यानी मध्य प्रदेशछत्तीसगढ़महाराष्ट्रगुजरातदमन एवं दीव और गोवा के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और पर्यटन उद्योग के हितधारकों की व्यापक भागीदारी हुई।
  • इस कार्यशाला में पर्यटन मंत्रालय के ट्रैवल फॉर लाइफ अभियान को भी पेश किया गया

सतत और स्थायी पर्यटन स्थलों को विकसित करने और देश में टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु आईआईटीटीएम, यूएनईपी और आरटीएसओआई के सहयोग से पर्यटन मंत्रालय ने 29 नवंबर, 2022 को खजुराहो में भरोसेमंद और जिम्मेदार पर्यटन स्थलों के विकास के संबंध में पहली क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला में मध्य और पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों यानी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, दमन एवं दीव और गोवा के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और पर्यटन उद्योग के हितधारकों की व्यापक भागीदारी हुई।

पर्यटन मंत्रालय में निदेशक श्री प्रशांत रंजन ने इस कार्यशाला में मुख्य भाषण दिया। उन्होंने सतत और स्थायी पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में पर्यटन में निरंतरता और केन्द्र, राज्य एवं उद्योग जगत के बीच सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने पर्यावरणीय स्थिरता के संबंध में प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के बारे में भी बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे पर्यटन को लाइफ मिशन के साथ जोड़ा जा सकता है। उन्होंने इस कार्यशाला में पर्यटन मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए ट्रैवल फॉर लाइफ अभियान को पेश किया।

पर्यटन मंत्रालय में सहायक महानिदेशक श्री उत्तंक जोशी ने देश में पर्यटन से जुड़े बुनियादी ढांचे को तैयार करने से संबंधित पर्यटन मंत्रालय की प्रमुख केन्द्र प्रायोजित योजना ‘स्वदेश दर्शन 1.0’ की सफलता की कहानियों को साझा किया। उन्होंने स्वदेश दर्शन 2.0 की रूपरेखा पेश की और यह भी बताया कि यह योजना कैसे पर्यटन से जुड़े गंतव्यों के विकास में स्थिरता को एकीकृत करती है।

श्री अनिरुद्ध चाओजी, जोकि एक प्रतिष्ठित इको-टूरिज्म व्यवसायी और आरटीएसओआई के प्रतिनिधि हैं, ने प्रतिभागियों के साथ पर्यटकों को संवेदनशील बनाने और जिम्मेदार यात्रा की मांग सृजित करने के बारे में विचार-विमर्श किया।

सुश्री मनीषा चौधरी ने जलवायु परिवर्तन कॉप 26 में नवंबर 2021 में शुरू की गई वैश्विक पर्यटन प्लास्टिक पहल और पर्यटन में जलवायु कार्रवाई पर ग्लासगो घोषणा जैसे कुछ ऐतिहासिक प्रयासों को साझा किया। उन्होंने हितधारकों को इस तरह की पहल में शामिल होने और सतत विकास के लिए राष्ट्रीय और वैश्विक प्रतिबद्धताओं के अनुरूप जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण एवं जैव विविधता की हानि जैसे इस धरती के तिहरे संकट को दूर करने हेतु लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रोत्साहित किया।

मध्य और पश्चिमी क्षेत्र के विभिन्न राज्यों के पर्यटन विभागों के प्रतिनिधियों ने भी टिकाऊ पर्यटन से संबंधित उनकी उत्कृष्ट कार्य प्रणालियों पर ध्यान आकर्षित करते हुए प्रस्तुतियां दी।

टिकाऊ पर्यटन से संबंधित केन्द्रीय नोडल एजेंसी, भारतीय पर्यटन और यात्रा प्रबंधन संस्थान ने प्रतिभागियों को भारत के लिए सतत पर्यटन मानदंड (एसटीसीआई) की मुख्य विशेषताओं के बारे में जानकारी दी। प्रतिभागियों ने जिम्मेदारी से यात्रा करने के लिए खुद को प्रतिबद्ध करने के लिए ट्रैवल फॉर लाइफ प्रतिज्ञा भी ली।

जमीनी स्तर के उद्योग के हितधारकों ने मूर्त सकारात्मक प्रभाव पैदा करने के लिए मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों के विभिन्न इलाकों में टिकाऊ पर्यटन को लागू करने के अपने नवीन तरीके भी प्रस्तुत किए।

इस कार्यशाला ने पर्यटन में स्थायित्व संबंधी लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में पर्यटन मंत्रालय, विभिन्न राज्य सरकारों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों और उद्योग जगत के हितधारकों के बीच जुड़ाव को मजबूत किया।

03:23

किसी भी योजना के केंद्र में किसानों का हित सर्वोपरि होना चाहिए- श्री नरेन्द्र सिंह तोमर


नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने बागवानी क्लस्टर विकास कार्यक्रम (सीडीपी) तैयार किया है, जिसके समुचित क्रियान्वयन के लिए कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य मंत्री श्री कैलाश चौधरी ने वर्चुअल भाग लिया। बैठक में श्री तोमर ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि देश में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देना व किसानों को उपज के वाजिब दाम दिलाते हुए उनकी आय बढ़ाना सरकार का मुख्य उद्देश्य है, इसलिए किसी भी कार्यक्रम/योजना के केंद्र में किसानों का हित सर्वोपरि होना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि देश में बागवानी के समग्र विकास पर कलस्‍टर विकास कार्यक्रम के कार्यान्वयन की मदद से ध्यान केंद्रित किया जाएगा व इस बात पर जोर दिया जाएगा कि किसान इस कार्यक्रम से लाभान्वित हों। उन्होंने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, मणिपुर, मिजोरम, झारखंड, उत्तराखंड आदि राज्यों को भी उनकी केंद्रित/मुख्य फसल के साथ चिन्हित किए गए 55 कलस्‍टरों की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। श्री तोमर ने कहा कि पहचान किए गए समूहों के भीतर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) से जुड़े संस्थानों के पास उपलब्ध भूमि का उपयोग इस कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को फसल विविधीकरण तथा उपज बिक्री के लिए बाजार से लिंक करने तथा क्षमतावर्धन पर भी जोर दिया।

राज्य मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि कार्यक्रम के तहत छोटे व सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाने, खेतों में लागू की जाने वाली गतिविधियों का पता लगाने, निगरानी उद्देश्य के लिए बुनियादी ढांचे की जियो टैगिंग आदि की जरूरत है।

बैठक में बताया गया कि क्लस्टर विकास कार्यक्रम में बागवानी उत्पादों की कुशल और समय पर निकासी तथा परिवहन के लिए मल्टीमॉडल परिवहन के उपयोग के साथ अंतिम-मील संपर्कता का निर्माण करके समग्र बागवानी पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने की एक बड़ी क्षमता है। सीडीपी अर्थव्यवस्था में सहायक होने के साथ ही क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड भी बनाएगा ताकि उन्हें राष्ट्रीय व वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में शामिल किया जा सकें, जिससे किसानों को अधिक पारिश्रमिक मिल सके। सीडीपी से लगभग 10 लाख किसानों और मूल्य श्रृंखला के संबंधित हितधारकों को लाभ होगा। सीडीपी का लक्ष्य लक्षित फसलों के निर्यातों में लगभग 20% का सुधार करना तथा क्लस्टर फसलों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए क्लस्टर-विशिष्ट ब्रांड बनाना है। सीडीपी के माध्यम से बागवानी क्षेत्र में काफी निवेश भी आ सकेगा।

बैठक के दौरान क्लस्टरवार 12 ब्रोशर, जिनमें केंद्रीय कृषि मंत्री श्री तोमर द्वारा शुभारंभ की गई प्रासंगिक सरकारी योजनाओं/कार्यक्रमों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के अवसरों का विवरण शामिल है और जिनमें केंद्रित फसल, संभावित मूल्य संवर्धन, निर्यात गंतव्यों के बारे में संक्षिप्त जानकारी शामिल है, का विमोचन किया गया।

केंद्रीय कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा, संयुक्त सचिव श्री प्रिय रंजन, बागवानी आयुक्त श्री प्रभात कुमार सहित कृषि मंत्रालय और राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) के अधिकारी भी बैठक में उपस्थित थे।

Friday, 25 November 2022

23:35

एनसीसी का 74वां स्थापना दिवस; रक्षा मंत्री ने राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर बलिदानी शूरवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की


नई दिल्ली विश्व का सबसे बड़ा वर्दीधारी युवा संगठन नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) की स्थापना 1848 में हुई थी। संगठन 27 नवंबर, 2022 को अपना 74वां स्थापना दिवस मनायेगा। इसी क्रम में रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने ने आज 26 नवंबर, 2022 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पूरे एनसीसी समुदाय की तरफ से बलिदानी शूरवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर रक्षा सचिव ने कहा कि गत कुछ वर्षों से एनसीसी का अपरिमित विकास हुआ है। वर्दीधारी युवा राष्ट्र निर्माण से जुड़ी हर गतिविधि में योगदान देने के लिये कंधा से कंधा मिलाकर जुट जाते हैं। एनसीसी स्थापना दिवस सभी राज्यों की राजधानियों में मनाया जा रहा है, जहां कैडेट मार्च-पास्ट, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक विकास कार्यक्रमो में हिस्सा ले रहे हैं।

पुनीत सागर अभियान जैसे किसी एकल संगठन द्वारा चलाये जाने वाले सबसे बड़े स्वच्छता अभियान की तरह राष्ट्रव्यापी गतिविधि से लेकर एक भारत श्रेष्ठ भारत कैम्प, स्वच्छ भारत अभियान, हर घर तिरंगा और एक्स योगदान (कोविड राहत अभियान) तक में एनसीसी कैडटों ने हर जगह अपनी अमिट छाप छोड़ी है। हाल ही में एक लाख से अधिक कैडटों को संगठन से जोड़ने के बाद एनसीसी का विस्तार देश के तटीय और सीमावर्ती इलाकों तक हो गया है। इसके कारण इन इलाकों के युवा सशस्त्र बलों में शामिल होकर राष्ट्र निर्माण के लिये प्रेरित हो रहे हैं।

एनसीसी चार दशकों से अंतर्राष्ट्रीय रिश्तों को बढ़ाने का मंच रहा है। इस दौरान एनसीसी ने अपने कैडटों को 25 से अधिक देशों में युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों के तहत शांति व एकता का दूत बनाकर भेजा। एनसीसी ने कई वर्षों तक इस कार्यक्रम के तहत 30 से अधिक देशों के कैडटों की मेजबानी की।

एनसीसी की बहुआयामी गतिविधियों और विविधतापूर्ण पाठ्यक्रम में युवाओं को आत्म-विकास के अनोखी अवसर मिलते हैं। कई कैडटों ने खेल व रोमांच के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करके राष्ट्र और संगठन को गौरान्वित किया है।

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Tuesday, 22 November 2022

07:21

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कंबोडिया में अमेरिकी रक्षा मंत्री श्री लॉयड ऑस्टिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की


नई दिल्ली रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने आज कंबोडिया के सिएम रीप में अमेरिकी रक्षा मंत्री श्री लॉयड ऑस्टिन के साथ द्विपक्षीय बैठक की। श्री राजनाथ सिंह और श्री लॉयड ऑस्टिन 9वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक (एडीएमएम) प्लस बैठक में भाग लेने के लिए कंबोडिया में हैं। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे से मुलाकात की और बढ़ते द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर संतोष व्यक्त किया। रक्षा मंत्री के साथ रक्षा सचिव श्री गिरिधर अरमाने और रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

दोनों रक्षा मंत्रियों ने एक मजबूत भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए पारस्परिक हित के मुद्दों की विस्तृत बातचीत की। श्री राजनाथ सिंह ने सैन्य उड्डयन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर प्रौद्योगिकी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में क्षमता निर्माण के लिए दोनों देशों के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता पर बल दिया।

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रक्षा मंत्री भारत एवं अमेरिका के बीच अधिक रक्षा-औद्योगिक सहयोग हेतु एक रोडमैप बनाने के लिए तत्पर हैं। उन्होंने विमान रख-रखाव, मरम्मत एवं ओवरहाल (एमआरओ) और जहाज निर्माण, मरम्मत व रिफिट में भारत की बढ़ती विशेषज्ञता पर प्रकाश डाला तथा ऐसे विशिष्ट क्षेत्रों का सुझाव दिया जहां अमेरिकी रक्षा कंपनियां भारत में भारतीय भागीदारों के साथ प्रौद्योगिकी सहयोग व विनिर्माण अवसरों की तलाश कर सकती हैं। सचिव ऑस्टिन ने सुझावों का स्वागत किया और रक्षा मंत्री को इस संबंध में सहयोग का आश्वासन दिया।

दोनों नेताओं ने नेविगेशन, ओवरफ्लाइट एवं बाधारहित व्यापार की स्वतंत्रता के साथ एक समावेशी और नियम-आधारित इंडो पैसिफिक के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने समुद्री डोमेन जागरूकता सहित दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग को मजबूत करने के लिए की जा सकने वाली पहलों पर भी चर्चा की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर अपने विचार भी साझा किए।

07:19

यह हमारे वैज्ञानिक अभ्यासों के विश्वसनीय साक्ष्य के लिए इन्हें सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली के साथ एकीकृत करने के लिए अनुसंधान परिणामों के अनुप्रयोगों में सहायक बनेगा : वैद्य राजेश कोटेचा


नई दिल्ली आयुष मंत्रालय ने औपचारिक रूप से वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के एनआईसीएम हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट में तीन वर्ष की अवधि के लिए आयुर्वेद शैक्षणिक (एकेडमिक चेयर) की स्थापना की घोषणा की है। अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), नई दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख (कौमारभृत्य विभाग) डॉ. राजगोपाला एस. को पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय, ऑस्ट्रेलिया में आयुर्वेदिक विज्ञान अकादमिक पीठ के पद के लिए चुना गया है।

आयुष मंत्रालय में सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने पश्चिमी सिडनी विश्वविद्यालय (वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी) के कुलपति एवं अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर और अन्य के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। श्री प्रमोद कुमार पाठक, विशेष सचिव, डॉ. मनोज नेसारी, सलाहकार (आयुर्वेद), प्रो. तनुजा नेसारी, निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए), डॉ. विद्यार्थी निदेशक आयुष मंत्रालय (एमओए), डॉ. राजगोपाला एस और आयुष मंत्रालय के अन्य अधिकारियों के साथ विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (ओशिनिया) सुश्री पारमिता त्रिपाठी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि यह एक अच्छा कदम है और मुझे विशवास है कि यह पीठ ऑस्ट्रेलिया में अकादमिक और सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने में हमारे सहयोग को मजबूत करेगी। यह हमारे वैज्ञानिक अभ्यासों के विश्वसनीय साक्ष्य के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल वितरण प्रणाली के साथ इसे एकीकृत करने के लिए अनुसंधान परिणामों के अनुप्रयोगों में भी सहायक होगाI

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वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी के कुलपति (वाइस चांसलर) और अध्यक्ष (प्रेसिडेंट) प्रोफेसर बार्नी ग्लोवर ने स्वीकार किया कि यह सहयोग पश्चिमी चिकित्सा और आयुर्वेदिक विज्ञान को एक साथ लाने में मदद करेगा।

यह अकादमिक पीठ (चेयर) आयुर्वेद में शैक्षणिक (अकादमिक) और सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों का संचालन करेगा, जिसमें वानस्पतिक औषधियों एवं योग के साथ ही अकादमिक मानकों तथा लघु अवधि / मध्यम अवधि के पाठ्यक्रम और शैक्षिक दिशानिर्देश भी शामिल हैं। यह मजबूत ऑस्ट्रेलियाई नियामक ढांचे के भीतर, आयुर्वेद से संबंधित शिक्षण, अनुसंधान और नीति विकास में उत्कृष्टता को प्रदर्शित करने और उसे बढ़ावा देने में अकादमिक नेतृत्व प्रदान करेगा तथा पारंपरिक स्वास्थ्य देखभाल में साक्ष्य आधारित आयुर्वेद औषधियों के अनुप्रयोगों  तथा एकीकरण को बढ़ावा देने के लिए रणनीति विकसित करेगा।

आयुष मंत्रालय ने भारत की मृदु शक्ति (सॉफ्ट पावर) के रूप में आयुर्वेद और योग को बढ़ावा देने तथा उसे स्थापित करने के लिए ठोस प्रयास किए हैं। इसे सुविधाजनक बनाने के लिए 16 देशों के साथ आयुष पीठ के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। आयुष मंत्रालय ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग (आईसी योजना) को बढ़ावा देने के लिए एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना भी विकसित की है जो कि आयुष चिकित्सा पद्धति के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने और मजबूत करने के लिए, विदेशों में आयुष प्रणालियों के अंतर्राष्ट्रीय प्रचार, विकास और मान्यता को सुविधाजनक बनाने तथा विशेषज्ञों के आदान-प्रदान हेतु अंतर्राष्ट्रीय समर्थन के लिए है।

 

07:17

पलोमा’ से ‘पैसिफिक्शन’ तक: पुर्तगाली फिल्म निर्माण की बारीकियों का उत्सव


नई दिल्ली गर्मी के मौसम के एक गर्म दिन में पालोमा ने अपनी सबसे प्यारी कल्पना को साकार करने का फैसला लिया: अपने प्रेमी ज़े के साथ चर्च में एक पारंपरिक शादी। वह पपीते के बागान में एक किसान के रूप में कड़ी मेहनत करती है और एक समर्पित माँ है। लंबे समय से संजो कर रखे गए इस सपने को पूरा करने के लिए वह पैसे बचा रही है। लेकिन, स्थानीय पादरी ने उसकी शादी करवाने से इंकार कर दिया और इस प्रकार उसकी कल्पना को वास्तविकता का सामना करना पड़ता है। इस ट्रांसजेंडर महिला को दुर्व्यवहार, धोखा, कट्टरता और अन्याय का दुःख सहना पड़ता है, फिर भी उसका विश्वास और संकल्प विचलित नहीं होता है। पुर्तगाल की समृद्ध भूमि से पालोमा फिल्म का आगमन 53वें आईएफएफआई में हुआ है, और यह आईसीएफटी-यूनेस्को गांधी पदक श्रेणी में प्रतिस्पर्धा कर रही है।

 

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मार्सेलो गोम्स द्वारा निर्देशित फिल्म पलोमा (2022) की तस्वीर

 

53वें आईएफएफआई में प्रतिनिधि, पुर्तगाली मूल की अन्य फिल्मों का भी आनंद उठा सकते हैं, जिनमें मार्को मार्टिन्स द्वारा निर्देशित ग्रेट यारमाउथ (2022) और अल्बर्ट सेरा द्वारा निर्देशित पैसिफिक्शन (2022) शामिल हैं।

पुर्तगाली सिनेमा का इतिहास 1896 से शुरू होता है और कई प्रसिद्ध टोटेमिक नाम इस सिनेमा से जुड़े रहे हैं। सभी फिल्म-प्रेमी पुर्तगाली सिनेमा को पसंद करते हैं। लुमिएरे बंधुओं के इतिहास रचने के छह महीने बाद, 18 जून, 1896 को, पुर्तगाल के लिस्बन सिनेमा में रियल कोलिसेउ दा रुआ दा पाल्मा nº 288 में पुर्तगाली सिनेमा का जन्म हुआ। पहली बोलती पुर्तगाली फिल्म, “ए सीवेरा” 1931 में बनाई गई थी। शीघ्र ही पुर्तगाली सिनेमा अपने स्वर्ण युग में प्रवेश कर गया, जो 1933 में “ए कैनको डी लिस्बोआ” के साथ शुरू हुआ और अगले 20 वर्षों तक ओ पैटियो दास कैंटिगास (1942) और ए मेनिना दा रेडियो (1944) जैसी फिल्मों के साथ जारी रहा। पुर्तगाली सिनेमा की गतिशीलता ऐसी थी कि मैनोएल डी ओलिवेरा की पहली फिल्म, अनिकी-बोबो (1942) में एक प्रकार के यथार्थवादी सौंदर्यबोध का चित्रण था, जो प्रसिद्ध इतालवी नवयथार्थवाद सिनेमा से एक साल पहले ही आ चुकी थी।

53वें आईएफएफआई में पुर्तगाली फिल्म निर्माण की इस सम्मानित विरासत की एक झलक देखें और पालोमा, यारमाउथ और पैसिफिक्शन के माध्यम से पुर्तगाल द्वारा चित्रित कई कहानियों का अनुभव प्राप्त करें।

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फिल्म ग्रेट यारमाउथ: प्रोविजनल फिगर्स की तस्वीर

 फिल्म पैसिफिक्शन की तस्वीर

 

आईएफएफआई के बारे में

वर्ष 1952 में शुरू किया गया भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) एशिया के सबसे प्रमुख फिल्म महोत्सवों में से एक है। भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजन का मुख्‍य उद्देश्‍य फिल्मों, उनमें बताई गई कहानियों और उन्‍हें बनाने वाली हस्तियों को सराहना है। इस तरह से हमारा उद्देश्‍य फिल्मों की प्रबुद्ध सराहना और प्रबल लगाव को प्रोत्‍साहित करना एवं दूर-दूर तक प्रचार-प्रसार करना; लोगों के बीच आपसी लगाव, समझ और भाईचारे के सेतु बनाना; और उन्हें व्यक्तिगत एवं सामूहिक उत्कृष्टता के नए शिखर पर पहुंचने के लिए प्रेरित करना है। यह महोत्सव हर साल सूचना और प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एंटरटेनमेंट सोसायटी ऑफ गोवा, गोवा सरकार, मेजबान राज्य के सहयोग से आयोजित किया जाता है। आईएफएफआई के सभी प्रासंगिक अपडेट इस महोत्सव की वेबसाइट www.iffigoa.org पर, पीआईबी की वेबसाइट pib.gov.in पर; ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर आईएफएफआई के सोशल मीडिया अकाउंट पर; और पीआईबी गोवा के सोशल मीडिया हैंडल पर भी देखे जा सकते हैं। देखते रहिए, आइए हम सभी सिनेमाई उत्सव का लुत्‍फ निरंतर उठाते रहें… और इसकी खुशियां भी सभी के साथ बांटते रहें।

07:14

मैं चाहता हूं कि हर कोई खुदीराम के बारे में जाने, फिल्म में स्वतंत्रता संग्राम के बारे में कुछ कम ज्ञात तथ्य भी दर्शाए गए हैं: निर्देशक विद्या सागर राजू

रामजी पांडेय

नई दिल्ली युवा, प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे कम उम्र के शहीदों में से एक खुदीराम बोस पर तेलुगू में बनी एक बायोपिक आज 53वें इफ्फी के इंडियन पैनोरमा खंड के तहत प्रदर्शित की गई।

निर्देशक विद्या सागर राजू ने जब तीसरी बार फिल्‍म निर्देशक की भूमिका निभाने का मन बनाया, तो उन्‍होंने इस बायोपिक को बनाने का फैसला किया। इसका कारण बताते हुए उन्‍होंने कहा, "मैं चाहता हूं कि हर कोई खुदीराम के बारे में जाने।"

इफ्फी के दौरान एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए निर्देशक विद्या सागर राजू ने कहा कि इस फिल्‍म की पटकथा तैयार करने से पहले उन्हें गहन शोध करना पड़ा। उन्‍होंने कहा कि खुदीराम का जीवन और काल स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण घटनाओं और व्यक्तित्वों, जैसे बंगाल का विभाजन और रवींद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद, सिस्टर निवेदिता, बरेंद्रनाथ घोष और अन्य के साथ जुड़ा हुआ था। फिल्म में स्वतंत्रता संग्राम के बारे में कुछ कम ज्ञात तथ्य भी दिखाए गए हैं, जैसे खुदीराम का केस छह वकीलों ने लड़ा था। उस समय के जाने-माने वकील नरेंद्र कुमार बसु ने खुदीराम का केस लड़ा था, हालांकि वे इसे जीत नहीं पाए थे। इसमें दिखाया गया है कि भारत का पहला झंडा सिस्टर निवेदिता ने डिजाइन किया था और फिल्म में इसका बहुत ही महत्वपूर्ण प्लॉट है। इसमें 1906 में घटित एक अन्‍य महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना को भी प्रदर्शित किया गया, जब देश में पहली ध्वनि रिकॉर्डिंग की गई थी, जिसमें रवींद्रनाथ टैगोर ने वंदे गाया था।

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विद्या सागर राजू ने कहा, “जब हमारी टीम ने खुदीराम का इतिहास पढ़ा, तो हमने पाया कि दिखाने के लिए बहुत कुछ था। "पटकथा हमें बंगाल में विभाजन की भयावहता तक ले जाती है, जिसमें अनेक ऐतिहासिक पात्र शामिल हैं। मैंने उनके जीवन पर आधारित फिल्‍म को थोड़ा विस्‍तृत बनाने की कोशिश की”।

निर्देशक ने फिल्म को बढि़या बनाने का श्रेय फिल्‍म के अभिनेता, अभिने‍त्री और टीम के अन्‍य सदस्‍यों को दिया। उन्होंने कहा, इसमें काम करने वाले वरिष्ठ तकनीशियन जानते थे कि पटकथा को कैसे जीवंत किया जाए। "वे फिल्म के पीछे से काम करते हैं, लेकिन मेरे लिए वे सर्वप्रथम हैं"।

नवोदित अभिनेता राकेश जगरलामुदी, जिन्होंने खुदीराम बोस की भूमिका निभाई है, ने अपनी पहली फिल्म में एक स्वतंत्रता सेनानी की भूमिका निभाने में सक्षम होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक चरित्र के वास्तविक जीवन का किरदार निभाना उनके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने कहा, लेकिन, टीम के सहयोग ने इसे आसानी से करने में मदद की। राकेश ने कहा, विवेक ओबेरॉय, अतुल कुलकर्णी, नसीर और अन्य वरिष्ठ अभिनेताओं के साथ काम करना एक नवोदित अभिनेता के लिए सीखने का एक समृद्ध अनुभव था।

विद्या सागर राजू ने कहा, फाइन-ट्यूनिंग, निपुणता, सूक्ष्‍म विवरण, संस्कृति और पात्रों को अपनाना फिल्म निर्माण के महत्वपूर्ण तत्व हैं। क्षेत्रीय फिल्मों के बारे में उन्होंने कहा, "दुनिया भर में सभी भावनाएं समान हैं इसलिए क्षेत्रीय फिल्में भी अंतरराष्ट्रीय दर्शकों को आकर्षित करती हैं।"निर्देशक ने कहा कि जब देश 'आजादी का अमृत महोत्सव’ मना रहा है, तो हमने अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों पर एक फिल्म बनाने के बारे में सोचा। फिर हमने खुदीराम बोस पर फिल्म बनाने की अपनी यात्रा शुरू की

यह फिल्म सात भारतीय भाषाओं में रिलीज होगी। खुदीराम बोस पर फिल्म बनाने वाली टीम ने कहा कि वह संसद के आगामी शीतकालीन सत्र के दौरान इस फिल्म के हिंदी संस्करण को प्रदर्शित करने की योजना बना रही है। 


Monday, 21 November 2022

06:56

एनसीआरएफ हमें ज्ञान और कौशल के व्‍यावहारिक‍ पहलुओं को पहचानने का अवसर प्रदान करेगा - श्री धर्मेंद्र प्रधान

रामजी पांडेय

नई दिल्ली केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज आईआईटी दिल्ली में नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क (एनसीआरएफ) मसौदे पर आयोजित हितधारकों के परामर्श में भाग लिया। एनसीवीईटी इंडिया के अध्यक्ष डॉ. एन.एस. कलसी, आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर रंगन बनर्जी, भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय में अपर सचिव श्री. राकेश रंजन, शिक्षाविद और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री प्रधान ने कहा कि नई शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 ज्ञान, कौशल और रोजगार के बीच की बाधाओं को दूर करने के लिए क्रेडिट ढांचे के सार्वभौमिकरण, शिक्षा और कौशल के बीच निर्बाध गतिशीलता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रकार की शिक्षा के बारे में एक क्रेडिट संचय और हस्तांतरण प्रणाली स्थापित करने की परिकल्‍पना करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि जनसांख्यिकीय लाभांश का लाभ उठाने के लिए हमें सभी के लिए समान स्‍तर पर सभी को समान बराबर अवसर प्रदान करने होंगे। यह लक्ष्‍य सभी प्रकार के परम्‍परागत, गैर परम्‍परागत और अनुभवात्मक ज्ञान भंडारों की पहचान, मूल्‍यांकन और औपचारिकरण द्वारा प्राप्त किया जा सकता है।श्री प्रधान ने कहा कि एनसीआरएफ हमें ज्ञान और कौशल के व्‍यावहारिक मूल्‍यों को पहचानने का भी अवसर प्रदान करेगा। यह आजीवन शिक्षण और कौशल की नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि एनसीआरएफ प्रति व्यक्ति उत्पादकता को बढ़ावा देगा, सभी को सशक्त करेगा और भारत को शताब्दी का नेतृत्व करने के लिए मजबूत नींव प्रदान करेगा।श्री प्रधान ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्रीय ऋण ढांचा शिक्षा की आर्थिक परिवर्तनशीलता को बढ़ाने, देश की आबादी के एक बड़े हिस्से को औपचारिक शिक्षा और कौशल के दायरे में लाने, जीईआर लक्ष्यों को हासि‍ल करने तथा 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में भारत की गति को तेज करने के बारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगा।

06:52

15 दिनों में विकसित किए जाने वाले ढांचे के लिए अनुरूपता मूल्यांकन योजना

रामजी पांडेय

नई दिल्ली उपभोक्ता कार्य विभाग ने ई-कॉमर्स में फर्जी और भ्रामक समीक्षाओं से उपभोक्ता हितों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए तैयार रूपरेखा का आज शुभारंभ किया। उपभोक्ता कार्य विभाग के सचिव श्री रोहित कुमार सिंह ने अपने विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ भारतीय मानक (आईएस) 19000:2022 'ऑनलाइन उपभोक्ता समीक्षाएं - उनके संग्रह, मॉडरेशन तथा प्रकाशन के लिए सिद्धांत एवं आवश्यकताओं की रूपरेखा का शुभारंभ किया। ये मानक हर उस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर लागू होंगे, जहां पर भी उपभोक्ता समीक्षाएं प्रकाशित की जाती हैं। मानक शुरू में सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा अनुपालन के लिए स्वैच्छिक होंगे। इस पहल का पूर्ण आकलन करने के लिए बीआईएस 15 दिनों के भीतर मानक के लिए एक अनुरूपता मूल्यांकन योजना भी तैयार करेगा।ये मानक समीक्षा लेखक और समीक्षा प्रशासक के लिए विशिष्ट उत्तरदायित्व निर्धारित करते हैं। सभी तरह के समीक्षा लेखकों के लिए, इसमें नियम एवं शर्तों की स्वीकृति की पुष्टि करना, संपर्क जानकारी प्रदान करना और समीक्षा व्यवस्थापक के लिए व्यक्तिगत जानकारी तथा कर्मचारियों के प्रशिक्षण की सुरक्षा शामिल है।

किसी संस्था द्वारा मानकों के उल्लंघन को एक अनुचित व्यापार व्यवहार या उपभोक्ता अधिकारों का हनन माना जा सकता है और एक उपभोक्ता ऐसी शिकायतों को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन, उपभोक्ता फोरम या फिर सीसीपीए को प्रस्तुत कर सकता है।

मानक संगठन की जिम्मेदारियों के लिए कई चीज़ें प्रदान करता है, जिनमें अभ्यास का एक कोड विकसित करना और नियमों एवं शर्तों जैसी पहुंच देना आदि शामिल हैं, हालांकि मानदंड तथा सामग्री सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक शर्तों में वित्तीय जानकारी आवश्यक नहीं है।

मानक ईमेल पते के माध्यम से 'समीक्षा लेखक का सत्यापन', टेलीफोन कॉल या एसएमएस द्वारा पहचान, एक लिंक पर क्लिक करके पंजीकरण की पुष्टि, कैप्चा सिस्टम आदि का उपयोग करके समीक्षा लेखक की प्रामाणिकता की जांच करने के तरीकों के लिए भी प्रदान करता है।

मॉडरेशन के संबंध में, मानक स्वचालित और मैन्युअल मॉडरेशन दोनों के लिए प्रदान किये जाते हैं और समीक्षा सामग्री का विश्लेषण करने के लिए जांच के अवसर प्रदान करता है। प्रकाशन के संबंध में, मानक में प्रकाशन प्रक्रिया के समय तथा प्रकाशन प्रक्रिया के बाद समीक्षा प्रशासक के विचार शामिल किये जाते हैं। इसके लिए समीक्षा की सटीकता, डिफ़ॉल्ट प्रदर्शन और रेटिंग के वेटेज को प्रकाशन प्रक्रिया में परिभाषित किया गया है।


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मानक से ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र में सभी हितधारकों यानी उपभोक्ताओं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, विक्रेताओं आदि को लाभ होने की उम्मीद है। यह उपभोक्ताओं के बीच ऑनलाइन सामान खरीदने के लिए विश्वास पैदा करने में मदद करेगा और उन्हें बेहतर खरीद निर्णय लेने में मदद करेगा।

कोविड-19 महामारी की वजह से इसके बाद के समय में देश भर में ई-कॉमर्स लेनदेन में लगातार वृद्धि हुई है। ऑनलाइन पोस्ट की गई समीक्षाएं कोई भी सामान खरीदने हेतु निर्णय लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उपभोक्ता उन उपयोगकर्ताओं की राय एवं अनुभव के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पोस्ट की गई समीक्षाओं पर अत्यधिक भरोसा करते हैं, जिन्होंने पहले से ही कोई सामान या सेवा को खरीदा हुआ है। यह देखते हुए कि ई-कॉमर्स में उत्पाद को भौतिक रूप से देखने या उसकी जांच करने के अवसर के बिना एक वर्चुअल खरीदारी का अनुभव शामिल है, इसलिए काफी हद तक यह आवश्यक है कि समीक्षा वास्तविक व प्रामाणिक हो।
 उपभोक्ता कार्य विभाग ने ई-कॉमर्स में फर्जी एवं भ्रामक समीक्षाओं के प्रभाव और उपभोक्ता हित के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए 10 जून, 2022 को ई-कॉमर्स में फर्जी व भ्रामक समीक्षाओं की परख करने के उद्देश्य से एक रूपरेखा विकसित करने के लिए समिति का गठन किया था। इस समिति में ई-कॉमर्स कंपनियों, उद्योग संघों, उपभोक्ता संगठनों और कानून अध्यक्षों सहित विभिन्न हितधारक शामिल थे।

06:49

केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने दक्षिण एशिया के सबसे बड़े सिनेमा बाजार- फिल्म बाजार- का उद्घाटन किया

रामजी पांडेय

नई दिल्ली केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने ' फिल्म बाजार ' के उद्घाटन के अवसर पर सभा को संदेश देते हुए कहा कि भारत दुनिया की फिल्म बनाने वाले सबसे बड़े देशों में से एक है और भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ( इफ्फी) एशिया का सबसे बड़ा फिल्म फेस्टिवल है। इसलिए फिल्म-निर्माता भारत के फिल्म पंजीकरण के साथ जुड़ाव और सहयोग करने के लिए यहां आते हैं ; इससे फिल्म बाजार की शुरुआत करने के लिए इफ्फी एक उपयुक्त मंच बन गया।       केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने आज गोवा में फिल्म बाजार के उद्घाटन समारोह के लिए संदेश भेजा

भारत को फिल्म उद्योग का एक बड़ा बाजार बनाने के बारे में अपना दृष्टिकोण साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि इफ्फी में फिल्मों के लिए सह-निर्माता और सहयोगी संभावनाओं के पर्याप्त अवसर होंगे। उन्होंने कहा , " हमारा लक्ष्य एक बड़ा बाजार है जहां फिल्में बनाई जाती हैं और आकार में पर्याप्त होती हैं।"

श्री ठाकुर ने इस वर्ष के प्रभाव में बदलाव लाया और नई शुरुआत करने के लिए एनएफडीसी , सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और संचालन समिति के प्रयासों की भी जांच की। उन्होंने इफ्फी को और ज्यादा बड़ा व बेहतर बनाने के लिए सुझाव एवं विचार के लिए आमंत्रित किया।

 

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केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने आज गोवा में फिल्म बाजार का उद्घाटन किया

केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज गोवा में फिल्म बाजार का उद्घाटन किया। यह दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा फिल्म बाजार है। इसे 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) के अवसर पर आयोजित किया गया। यह दक्षिण एशियाई और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समुदायों के बीच विश्वसनीय वित्तीय लक्ष्य को बढ़ावा देता है। इस कार्यक्रम में सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन , मंत्रालय के पूर्व सचिव चंद्रा सहित राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम (NFDC) और फिल्म उद्योग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

06:45

जाने-माने निर्माता आधुनिक सिनेमा के निर्माण के लिए अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन कर रहे हैं

रामजी पांडेय

नई दिल्ली केन्‍द्रीय सूचना और प्रसारण तथा युवा कार्य और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज 21 नवम्ब‍र, 2022 को गोवा में आईएफएफआई 2022 में प्रौद्योगिकी और फिल्म कला/सिनेमा और सौंदर्य का अनुभव कराने से सम्बद्ध विभिन्न घटकों को प्रदर्शित करने वाली फिल्म प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री ने विभिन्न स्टालों का दौरा किया और आईएफएफआई में पहली इस अनूठी प्रदर्शनी में प्रदर्शित अत्याधुनिक उपकरणों और प्रौद्योगिकियों का अवलोकन किया।  

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/FTE-2NTRM.jpgगोवा में आज फिल्म प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर के दौरे की झलकियां

53वें इफ्फी में आयोजित फिल्म प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी फिल्म कला/सिनेमा और सौंदर्यबोध से संबंधित प्रौद्योगिकी और विभिन्न तत्वों को प्रदर्शित कर रही है। इस प्रदर्शनी में आ रहे फिल्म प्रेमियों को फिल्म कला और सौंदर्यबोध के संदर्भ में प्रौद्योगिकी के अंतर्संबंधों की जानकारी दी जा रही है और यह भी दर्शाया जा रहा है कि कैसे ये तत्व एक साथ आकर दर्शकों के अनुभव को समृद्ध करते हैं।

निदेशक एफटीआईआई संदीप शहारे ने कहा, “महोत्सव के अंतर्गत फिल्म प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी के पहले संस्करण ने फिल्म निर्माण की सर्वश्रेष्ठ तकनीक प्रस्‍तुत की है। फिल्म विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए इस क्षेत्र की नवीनतम जानकारी पाकर स्‍वयं को अद्यतन करने और सीखने का यह एक सुनहरा अवसर है"।

यह प्रदर्शनी, कला अकादमी के निकट फुटबॉल ग्राउंड, डीबी रोड, पणजी में आयोजित की गयी है, जो 21-27 नवंबर, 2022 के दौरान सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी।

इस प्रदर्शनी में सोनी, कैनन, जेइस, रेड, लीका, अल्टास, डीजेओ, अपर्चर लाइट्स, हंसा सिने इक्विपमेंट जैसे सिनेमा उपकरणों के अग्रणी निर्माता भाग ले रहे हैं। वे अपने अत्याधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन कर रहे हैं; जिनका उपयोग, उद्योग विशेषज्ञों द्वारा समकालीन सिनेमा निर्माण में किया जा रहा है। प्रदर्शनी में कैमरा, लेंस, लाइट, ग्रिप, कलर ग्रेडिंग सॉफ्टवेयर, एनीमेशन, वीएफएक्स, एआर, वीआर, ऑडियो मॉनिटर, ध्वनिकी, रीयल टाइम डबिंग, टॉक-बैक आदि के निर्माता से लेकर संरक्षण और मरम्मत से जुड़ी कंपनियां भी भाग ले रही हैं। प्रदर्शनी स्टॉल 7000 वर्ग मीटर के क्षेत्र में फैले हुए हैं, लेकिन प्रदर्शनी स्थल पर चर्चा और विभिन्न सत्रों के लिए समर्पित स्थान भी मौजूद हैं।

Monday, 14 November 2022

09:10

सबसे बड़े राष्ट्रव्यापी तटीय रक्षा अभ्यास सी विजिल 22 का तीसरा संस्करण शुरू हुआ


नई दिल्ली पैन-इंडिया' तटीय रक्षा अभ्यास 'सी विजिल -22' का तीसरा संस्करण दिनांक 15-16 नवंबर 2022 को आयोजित किया जाएगा। इस राष्ट्रीय स्तर के तटीय रक्षा अभ्यास की परिकल्पना 2018 में '26/11' के बाद से समुद्री सुरक्षा को पुख़्ता करने के लिए उठाए गए अनेक कदमों की पुष्टि करने के लिए की गई थी। तटीय सुरक्षा के तटीय रक्षा निर्माण ढांचे का एक प्रमुख अंग होने के नाते, 'सी विजिल' की अवधारणा पूरे भारत में तटीय सुरक्षा तंत्र को सक्रिय करना और व्यापक तटीय रक्षा तंत्र का आकलन करना है।

यह अभ्यास पूरे 7516 किलोमीटर के समुद्र तट और भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र में किया जाएगा और इसमें मछली पकड़ने और तटीय समुदायों सहित अन्य समुद्री हितधारकों के साथ सभी तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा। यह अभ्यास भारतीय नौसेना द्वारा तटरक्षक बल और अन्य ऐसे मंत्रालयों के साथ मिल कर समन्वयपूर्वक किया जा रहा है जिनका कार्य समुद्री गतिविधियों से संबंधित है।

अभ्यास का पैमाना और वैचारिक विस्तार भौगोलिक सीमा, शामिल हितधारकों की संख्या, भाग लेने वाली इकाइयों की संख्या और प्राप्त किए जाने वाले उद्देश्यों के दृष्टिकोण से अभूतपूर्व है। यह अभ्यास प्रमुख थिएटर लेवल रेडीनेस ऑपरेशनल एक्सरसाइज (ट्रोपेक्स) की ओर एक बिल्ड अप है, जिसे भारतीय नौसेना हर दो साल में आयोजित करती है। सी विजिल और ट्रोपेक्स एक साथ पूरे स्पेक्ट्रम में समुद्री सुरक्षा चुनौतियों को कवर करेंगे। भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल, सीमा शुल्क और अन्य समुद्री एजेंसियों की संपत्तियां सी विजिल अभ्यास में भाग लेंगी। रक्षा मंत्रालय के अलावा इस अभ्यास के संचालन में गृह मंत्रालय, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, सीमा शुल्क, और केंद्र/राज्य की अन्य एजेंसियों द्वारा भी मदद की जा रही है।

हालांकि तटीय राज्यों में नियमित रूप से छोटे पैमाने पर अभ्यास आयोजित किए जाते हैं जिसमें आसपास के प्रदेशों के बीच संयुक्त अभ्यास शामिल हैं, राष्ट्रीय स्तर पर समुद्री सतर्कता अभ्यास का उद्देश्य एक बड़े उद्देश्य की पूर्ति करना है। यह समुद्री सुरक्षा और तटीय रक्षा के क्षेत्र में हमारी तैयारियों का आकलन करने के लिए शीर्ष स्तर पर अवसर प्रदान करता है। अभ्यास सी विजिल-22 हमारी ताकत और कमजोरियों का वास्तविक मूल्यांकन प्रदान करेगा एवं इस प्रकार समुद्री और राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद करेगा।

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09:08

इंडिया द्वारा सीओपी 27 शर्म अल-शेख में इन आवर लाइफटाइम अभियान की शुरुआत

रामजी पांडे

नई दिल्ली पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के तहत प्राकृतिक इतिहास के राष्ट्रीय संग्रहालय (एनएमएनएच) ने संयुक्त रूप से 18 से 23 वर्ष की आयु के युवाओं को टिकाऊ जीवन शैली के संदेश वाहक बनने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए "इन आवर लाइफटाइम" अभियान शुरू किया है। यह अभियान दुनिया भर के युवाओं को क्लाइमेट एक्शन की पहल करने वाले युवाओं को पहचानने की कल्पना करता है जो कि 'पर्यावरण के लिए जीवन शैली' (LiFE) की अवधारणा के साथ मेल खाता है। इसे सीओपी 27, शर्म अल-शेख में इंडिया पवेलियन में एक साइड इवेंट में लॉन्च किया गया।

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सीओपी 27 में इंडिया पवेलियन में सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “प्रमुख हितधारकों में से एक आज के युवा हैं। युवा पीढ़ी के बीच पर्यावरण के लिए जीवन शैली की समझ विकसित करना, जिम्मेदार खपत पैटर्न को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों की जीवन शैली को प्रभावित करने के लिए उन्हें प्रो-प्लैनेट-पीपल बनाने के लिए आवश्यक है।

अभियान दुनिया भर के युवाओं के विचारों के लिए एक वैश्विक आह्वान देता है जो पर्यावरण के प्रति जागरूक जीवन जीने के लिए इच्छुक हैं। युवाओं को अपने क्लाइमेट एक्शन्स को प्रस्तुत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा जो उनकी क्षमता के भीतर पर्यावरण के लिए जीवन शैली में योगदान करते हैं, जो टिकाऊ और स्केलेबल हैं, और अच्छी प्रथाओं के रूप में काम करते हैं जिन्हें विश्व स्तर पर साझा किया जा सकता है। अभियान के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यहां क्लिक करें।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री भूपेन्द्र यादव ने आगे कहा-

“भारत के कई क्षेत्रों में ऐसे कई उदाहरण हैं जहां हमारे युवाओं ने सदियों पुरानी परंपराओं को आगे बढ़ाने की दृढ़ इच्छा का प्रदर्शन किया है जहां उनकी दैनिक जीवन शैली पर्यावरण का सम्मान, संरक्षण और पोषण करती रही है।

युवा नई आदतों को लोकप्रिय बनाने में माहिर हैं; तकनीकों को अपना रहे हैं और जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में योगदान देने के लिए बेहतर स्थिति में हैं। युवाओं को लो-कार्बन करियर विकल्प अपनाने और ऐसी जीवन शैली को अपने दैनिक जीवन के हिस्से के रूप में अपनाने की आवश्यकता है।

मैं दृढ़ता से महसूस करता हूं कि युवाओं को स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर निर्णय लेने में सक्रिय भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। वे सक्रिय रूप से उन पहलों का समर्थन कर सकते हैं जो दूरगामी कानून के पारित होने की ओर ले जाएंगे।

हमारे लाइफटाइम अभियान में युवाओं को स्थायी जीवन शैली प्रथाओं के अंबेसडर बनने और जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन में नेतृत्व करने वाले नेताओं के रूप में विकसित होने के लिए प्रोत्साहित करने का एक शानदार तरीका है।

अभियान जलवायु परिवर्तन, अडैप्टेशन और मिटिगेशन के बारे में बातचीत में अधिक युवाओं को शामिल करेगा और उन्हें दुनिया के नेताओं के साथ अपनी चिंताओं, मुद्दों और समाधानों को साझा करने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।

यह उन युवाओं की आवाज को तेज करेगा जो तेजी से जलवायु के प्रति जागरूक हैं और युवा जलवायु चैंपियन को पहचान प्रदान करेंगे।

मैं क्लाइमेट एक्शन यात्रा और दुनिया भर के युवाओं द्वारा लाए गए परिवर्तन की कहानियों के बारे में सुनने के लिए उत्सुक हूं, और मुझे आशा है कि वे दुनिया भर में अपने परिवारों, समुदायों और नागरिकों को नेट जीरो की ओर हमारी यात्रा में सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रेरित करेंगे।

Sunday, 13 November 2022

22:56

पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग की टीम चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के माध्यम से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा देने के लिए मुंबई के नजदीक स्थित अंबरनाथ का दौरा करेगी

रामजी पांडेय

नई दिल्ली केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के अधीन पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (डीओपीपीडब्ल्यू) ने केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र को बढ़ावा देने को लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है। इससे पहले नवंबर, 2021 में केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किसी भी एंड्रॉइड मोबाइल फोन के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की बड़ी पहल- चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक को शुरू किया था। अब विभाग डिजिटल मोड के माध्यम से जीवन प्रमाण पत्र को बढ़ावा देने और चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक को लोकप्रिय बनाने के लिए एक विशेष राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू कर रहा है। सभी पंजीकृत पेंशनभोगी संघों, पेंशन संवितरण बैंकों, भारत सरकार के मंत्रालयों व सीजीएचएस वेलनेस सेंटरों को निर्देश दिया गया है कि वे पेंशनभोगियों के 'जीवन जीने की सुगमता' को लेकर विशेष शिविर आयोजित कर जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र/चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक को बढ़ावा दें।

इसी क्रम में विभाग के अधीन केंद्र सरकार की टीम आने वाले बुधवार (16 नवंबर, 2022) को महाराष्ट्र के अंबरनाथ का दौरा करेगी। इस दौरान केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए इस अभियान का आयोजन अंबरनाथ शाखा में किया जाएगा। इसमें सभी पेंशनभोगी डिजिटल माध्यम से अपने जीवन प्रमाणपत्र को जमा करने के लिए इस केंद्र पर जा सकते हैं।

1 अक्टूबर, 2022 तक कुल 29,29,986 डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) जारी किए गए हैं। इसमें से कुल 1,52,172 पेंशनभोगियों ने चेहरा प्रमाणीकरण के जरिए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र का विकल्प चुना है। वहीं, केंद्र सरकार के 11,95,594 पेंशनभोगियों ने डीएलसी को

अपनाया है। इनमें से केंद्र सरकार के 96,099 पेंशनरों ने चेहरा प्रमाणीकरण के जरिए डीएलसी का विकल्प चुना है।

इससे पहले जीवन प्रमाणपत्र को हार्डकॉपी में जमा करना पड़ता था. इसके लिए वृद्धजन पेंशनभोगियों को बैंकों के बाहर घंटों इंतजार करना पड़ता था। अब घर में ही सुविधाजनक रूप से से एक बटन क्लिक करने पर जीवन प्रमाणपत्र जमा करना संभव हो गया है। मोबाइल फोन के माध्यम से चेहरा प्रमाणीकरण के जरिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया में पहली बार आधार संख्या, ओटीपी के लिए मोबाइल नंबर, पीपीओ नंबर और बैंक/डाकघर में खाता संख्या के बारे में विवरण जरूरी है। यह सुविधा राज्य सरकार के कर्मचारियों और राज्य- कोष कार्यालय के रूप में संवितरण प्राधिकरण के लिए भी उपलब्ध है।

इसके लिए विभाग ने सभी पेंशनभोगियों से आधिकारिक यूट्यूब चैनल- DOPPW_INDIA OFFICIAL पर जाने का अनुरोध किया है। यहां चेहरा प्रमाणीकरण तकनीक के माध्यम से जीवन प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाते हुए दो वीडियो अपलोड किए गए हैं। डीओपीपीडब्ल्यू ने सभी पेंशनभोगियों से डिजिटल माध्यम से अपने जीवन प्रमाणपत्र जमा करने के लिए सुविधा केंद्र जाने का अनुरोध किया है।

Friday, 11 November 2022

20:35

लखीमपुर खीरी के नए CMO बने सन्तोष गुप्ता


करुणेश त्रिवेदी
 लखीमपुर खीरी। नशे में पत्रकारों से अभद्रता करने वाला सीएमओ का वीडियो वायरल होने के प्रकरण को शासन ने गंभीरता से लिया है। आज चिकित्सा अनुभाग के सचिव रवींद्र ने उनके ट्रांसफर का आदेश जारी कर दिया। आदेश में उल्लिखित है कि उन्हें डीजी हेल्थ कार्यालय से सम्बद्ध कर दिया गया है। उनसे तत्काल स्वतः कार्यमुक्त होकर लखनऊ जॉइन करने के लिए कहा गया है। आज ही जांच टीम भी आई थी । डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी उक्त वीडियो मंगवाया था व कार्यवाई का आश्वासन दिया था।    तुलसी हॉस्पिटल लखीमपुर में सीएमओ के वाइरल वीडियो को लेकर शासन के निर्देश पर अपर स्वास्थ्य निदेशक डॉ जीएस बाजपेयी ने दो सदस्यों की समिति का गठन कर दिया था। टीम के सदस्य संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ रजत सिंह, सीएमओ सीतापुर डॉ मधु गैरोला आज लखीमपुर आये थे। पत्रकारों, सीएमओ के स्टाफ व सीएमओ डॉ अरुणेंद्र त्रिपाठी से टीम ने विस्तार में बात की। अपर निदेशक ने वीडियो को लेकर प्रसारित खबरों को टीम को सौंपा है। घटनाक्रम के अनुसार सीओ प्रवीण यादव सहित तीन पुलिस कर्मी कार - ट्रैक्टर ट्रॉली दुर्घटना में घायल हो गए थे। उन्हें उपचार के लिए तुलसी अस्पताल लखीमपुर लाया गया था। सीएमओ भी सीओ का हाल चाल लेने पहुंचे थे। पत्रकारों का आरोप है कि बाइट लेने का प्रयास कर रहे पत्रकारों को  नशे में धुत सीएमओ ने अपशब्द कहे। यह वीडीओ भी वाइरल हो गया। बात डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक तक पहुंची। इसके बाद जांच समिति बनी।
डॉ संतोष गुप्ता संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य निदेशालय लखनऊ को सीएमओ खीरी के पद पर तैनात किया गया है।
01:45

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप ग्रुप ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के शुभारंभ की सराहना की; देश भर में 10,45,

रामजी पांडेय

नई दिल्ली स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के कार्यकारी निदेशक डॉ. लुसिका दितिउ और उनकी टीम ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया से मुलाकात की और वैश्विक टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का नेतृत्व करने में "भारत सरकार द्वारा अभूतपूर्व नेतृत्व" की सराहना की। डॉ. दितिउ ने एक मजबूत दृष्टि प्रदान करने के लिए भारत के प्रयासों की भी प्रशंसा की।  इस कार्यक्रम के तहत प्रभावी प्रबंधन और महत्वपूर्ण प्रोग्रामेटिक और नीतिगत हस्तक्षेपों के त्वरित कार्यवाही की जाती है। इसमें नए डॉग्नोस्टिक टेस्ट, सोशल सपोर्ट इनिशियटिव और त्वरित प्रयास से टीबी का एक नया टीका विकसित करना शामिल है। चर्चा में टीबी को खत्म करने के लिए भारत की मजबूत नेतृत्व की भूमिका और भारत की आगामी जी20 प्रेसीडेंसी के माध्यम से विश्व स्तर पर टीबी की बात को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया।

डॉ. मंडाविया स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। उनका यह कार्यकाल 2024 तक है। इस बैठक के दौरान डॉ मंडाविया 25-26 मार्च, 2023 को वाराणसी में स्टॉप टीबी पार्टनरशिप की 36वीं बोर्ड बैठक की मेजबानी करने के लिए सहमत हुए। बोर्ड की बैठक 24 मार्च, 2023 को एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम से पहले होगी, जिसे विश्व स्तर पर विश्व टीबी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

समूह ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के शुभारंभ की भी सराहना की। इस पहल के माध्यम से 40,492 से अधिक दाता देश भर में 10,45,269 से अधिक रोगियों के लिए आगे आए हैं। इसमें टीबी रोगियों के उपचार के अतिरिक्त सोशल सपोर्ट मुहैया करना और टीबी को समाप्त करने के लिए एक समुदाय के नेतृत्व वाले आंदोलन को लाभकारी बनाना शामिल हैं। डॉ. दितिउ ने इस पहल के माध्यम से दस टीबी रोगियों को मदद देने की प्रतिबद्ध भी जताई।

स्टॉप टीबी पार्टनरशिप

'स्टॉप टीबी पार्टनरशिप' एक अंतरराष्ट्रीय संगठन है जो दुनिया भर के स्टेकहोल्डर्स को एक साथ एक मंच पर लाने के लिए काम कर रहा है, जिसका मिशन टीबी की चपेट में आने वाले हर व्यक्ति की सेवा करना है और यह सुनिश्चित करना है कि उच्च गुणवत्ता वाले निदान, उपचार और देखभाल उन सभी के लिए उपलब्ध है जिन्हें इसकी आवश्यकता है। इसकी स्थापना 2001 में हुई थी और इसके सचिवालय की मेजबानी स्विट्जरलैंड के जिनेवा में यूनाइटेड नेशंस ऑफिस फॉर प्रोजेक्ट सर्विसेज (यूएनओपीएस) द्वारा की जाती है।

अंतरराष्ट्रीय और तकनीकी संगठनों, सरकारी कार्यक्रमों, अनुसंधान और वित्त पोषण एजेंसियों, फाउंडेशनों, गैर सरकारी संगठनों, नागरिक समाज, सामुदायिक समूहों और निजी क्षेत्र सहित अपने 1700 से अधिक भागीदारों के माध्यम से, यह टीबी को खत्म करने के लिए चिकित्सा, सामाजिक और वित्तीय पहलुओं में विशेषज्ञता रखता है। 'स्टॉप टीबी पार्टनरशिप' कार्यक्रम एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी बोर्ड द्वारा संचालित होता है। वर्तमान में, माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री 2024 तक तीन साल के कार्यकाल के लिए स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के बोर्ड का नेतृत्व कर रहे हैं और टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का समर्थन करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

01:43

आधार’ संबंधी दस्तावेजों को अपडेट करने के बारे में

रामजी पांडेय


नई दिल्ली पिछले दशक के दौरान ‘आधार’ नंबर भारत के निवासियों की विशिष्‍ट पहचान के एक प्रमाण पत्र के रूप में उभर कर सामने आया है। लोगों द्वारा ‘आधार’ नंबर का उपयोग कई सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। 

जिन निवासियों को 10 साल पहले उनका ‘आधार’ नंबर जारी किया गया था, और जिन्‍होंने उसके बाद इन वर्षों में इसे कभी भी अपडेट नहीं किया है, इस तरह के आधार नंबर धारकों को अपने-अपने दस्तावेजो को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।

गुरुवार को कुछ खबरों में यह गलत जानकारी दी गई कि इसे अनिवार्य कर दिया गया है। सभी देशवासियों को इन खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट को नजरअंदाज करने के बारे में सूचित किया जाता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पहले एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह रेखांकित किया था कि वह देश के निवासियों से अपने-अपने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए आग्रह कर रहा है और उन्‍हें प्रोत्साहित कर रहा है। हाल ही में जारी राजपत्र अधिसूचना में यह भी स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि देश के निवासी हर 10 साल के पूरा होने पर ‘ऐसा कर सकते हैं’।  

‘आधार’ संबंधी दस्तावेजों को निरंतर अपडेट या अद्यतन रखने से लोगों को जीवन यापन में आसानी होती है, सेवाओं को बेहतर ढंग से मुहैया कराना संभव हो पाता है, और इसके साथ ही सटीक प्रमाणीकरण को संभव करने में मदद मिलती है। यूआईडीएआई ने हमेशा देश के निवासियों को अपने-अपने दस्तावेजों को अपडेट करने के लिए प्रोत्साहित किया है, और यह राजपत्र अधिसूचना उसी दिशा में एक और अहम कदम है।

01:39

भारत और बेलारूस ने विशेष रूप से केन्द्रित क्षेत्रों में भारत के विभिन्न राज्यों और बेलारूस के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई

रामजी पांडेय

नई दिल्ली व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-बेलारूस अंतर-सरकारी आयोग के 11वें सत्र का 10 नवंबर, 2022 को नई दिल्ली में आयोजन किया गया। वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्री सोम प्रकाश ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और बेलारूस के विदेश मंत्री श्री व्लादिमीर मेकी ने बेलारूस के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।

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अंतर सरकारी आयोग ने 2020 में आयोग के दसवें सत्र के बाद हुए द्विपक्षीय सहयोग के परिणामों की समीक्षा की। कुछ परियोजनाओं के संबंध में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए, आयोग ने ठोस परिणामों को अंतिम रूप देने के लिए व्यापार और निवेश क्षेत्र से संबंधित मंत्रालयों और विभागों को प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने का भी निर्देश दिया।

आर्थिक मोर्चे पर, ध्यान के सभी क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार के साथ पर्याप्त प्रगति हुई है। भारत और बेलारूस ने फार्मास्यूटिकल्स, वित्तीय सेवाओं, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, भारी उद्योग, संस्कृति, पर्यटन और शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर जोर देते हुए अपने सहयोग को और व्यापक बनाने की अपनी प्रबल इच्छा दोहराई।

दोनों मंत्रियों ने अपने-अपने व्यापारिक समुदायों को पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों में एक-दूसरे के साथ जुड़ने का निर्देश दिया।

दोनों पक्षों ने भारत के विभिन्न राज्यों और बेलारूस के क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान के क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर भी सहमति जताई।

भारत और बेलारूस 1991 से रणनीतिक साझेदार हैं। दोनों देश कई क्षेत्रों में सहयोग करते हैं। यह यात्रा मौजूदा संबंधों की समीक्षा करने और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के माध्यमों और साधनों का पता लगाने का भी एक अवसर सिद्ध हुई।

01:36

श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी की 102वीं जयंती मनाई गई

रामजी पांडेय

नई दिल्ली दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी की 102वीं जन्म-जयंती मनाई।

श्रम और रोजगार मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने दत्तोपंत ठेंगड़ी की 102वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने श्रमिकों की शिक्षा के क्षेत्र में श्री ठेंगड़ी के योगदान और सार्वजनिक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की उनकी परिकल्पना को रेखांकित किया। श्री यादव ने डिजिटल साक्षरता पर एक शैक्षणिक विडियो भी जारी किया, जिसे बोर्ड ने तैयार किया है। इसमें बोर्ड के प्रशिक्षण विषयों को जानने के लिये एक क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिसे आसानी से प्रयोग किया जा सकता है। श्री यादव ने कार्यक्रम के दौरान ईएसआईसी के मातृत्व लाभ दावेदारी पोर्टल का भी शुभारंभ किया।

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इस अवसर पर श्री यादव ने बोर्ड को सुझाव दिया कि वह कृत्रिम बौद्धिकता जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों पर शैक्षिक सामग्री विकसित करे, जिससे श्रमिकों की कुशलता बढ़ाने में सहायता हो। उन्होंनें विभिन्न मंत्रालयों (ग्रामीण विकास, एमएसएमई, कौशल विकास) की समेकित योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो असंगठित क्षेत्र के मजदूरों तक लाभों के अंतरण, क्षमता वृद्धि और उनके लिये अवसरों के सृजन से जुड़ी हैं।कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राज्यमंत्री श्री रामेश्वर तेली ने श्रमिकों के विकास में श्री ठेंगड़ी के योगदान का उल्लेख किया और बोर्ड को सुझाव दिया कि वह हर श्रमिक को डिजिटल रूप से साक्षर बनाने के लिये अपनी गतिविधियों को विस्तार दे।

बोर्ड के अध्यक्ष श्री विरजेश उपाध्याय ने श्रमिकों में आदर्शवादी रवैया पैदा करने के महत्त्व को रेखांकित किया, जो श्री दत्तोपंत ठेंगड़ी के दर्शन का प्रमुख सिद्धांत है। उन्होंने कहा कि बोर्ड के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लक्ष्य जागरूक और अनुशासित श्रमबल का निर्माण करना है। बोर्ड चाहता है कि संगठित, असंगठित और ग्रामीण सेक्टर के श्रमिकों में इच्छित व्यावहारिक बदलाव हो सकें।

श्रम और रोजगार मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुश्री नंदिता गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया और बोर्ड के महानिदेशक श्री राहुल भगत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड के विषय में

दत्तोपंत ठेंगड़ी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड, केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्तशासी संस्था है। यह सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है। वर्ष 1958 में शुरू हुई श्रमिक शिक्षा योजना हमारे राष्ट्रीय विकास में अति महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। योजना का उद्देश्य है देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में श्रमिकों की सक्रिय भागीदारी के लिये उन्हें जागरूक बनाना। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये राष्ट्रीय, क्षेत्रीय और इकाई स्तर पर औपचारिक व अनौपचारिक सेक्टरों के श्रमिकों के लिये बोर्ड विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाता है। यह गतिविधि देशभर में फैले 50 क्षेत्रीय और 09 उप-क्षेत्रीय निदेशालयों तथा मुम्बई स्थित भारतीय श्रमिक शिक्षा संस्थान जैसे प्रमुख प्रशिक्षण संस्थानों के जरिये चलाई जाती है।

01:33

प्रौद्योगिकी बड़े खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रह सकती – प्रौद्योगिकी के सर्वोत्कृष्ट उपयोग के लिये सूक्ष्म, लघु और मध्यम उपक्रमों तथा स्टार्ट-अप को वित्त तक पहुंचने में सक्षम बनाने की जरूरतः पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन सचिव

रामजी पांडेय

नई दिल्ली विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने कॉप-27 में भारतीय मंडप में “टेक्नोलॉजी नीड्स असेसमेंट फॉर सस्टेनेबल लाइफ” विषय पर पैनल चर्चा की मेजबानी की। इसका उद्देश्य था भविष्य में वैश्विक नागरिकों की सुख-सुविधा के लिये प्रौद्योगिकीय जरूरतों की पहचान करना। चर्चा में हिस्सा लेते हुये पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव सुश्री लीना नंदन ने कहा कि आज भारत और विश्व को जिस चीज की जरूरत है, वह है प्रौद्योगिकी। जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उन तक सीमित नहीं है, जो उत्सर्जन करते हैं। उन्होंने कहा कि अब इस बात को बड़े पैमाने पर माना और समझा जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता; वह हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है।सुश्री लीना नंदन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण तमाम आपदा आधारित घटनाओं के रूप में तबाही आई है। आज की चुनौतियों को देखते हुये हमारी जीवन-शैली को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा इस बात पर केंद्रित होनी चाहिये कि हम क्या पाना चाहते हैं और उसे कैसे पा सकते है; इसके बीच का जो अंतराल है, उसे कैसे भरा जाये। सुश्री नंदन ने कहा कि विज्ञान तो हमारे पास है, लेकिन अपने कामकाज में विज्ञान और ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करना है, इस पर गौर करना होगा। सड़क निर्माण में प्रौद्योगिकी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत में विशाल विविधता है, इसलिये एक ही तरह की चीज सबके लिये फिट हो जायेगी, यह विचार गलत है। प्रौद्योगिकी मूल्यांकन भिन्न-भिन्न राज्यों के लिये भिन्न-भिन्न होता है। राज्यों के भू-भाग के अनुसार उनका समाधान निकलता है। सुश्री नंदन ने चक्रिय अर्थव्यवस्था, ‘री-ड्यूस, री-यूज, री-साइकिल, री-स्टोर और री-फर्बिश’ के बारे में भी बात की। इन सभी ‘आर’ को ‘टी’ यानी प्रौद्योगिकी की जरूरत है। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से आग्रह किया कि वह राज्य सरकारों को संलग्न करके अभिनव समाधान निकाले।

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सुश्री लीना नंदन ने कहा कि छोटे-छोटे केंद्र बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी केवल इसलिये बड़े खिलाड़ियों के हाथों तक सीमित नहीं रह सकती, क्योंकि उनकी पहुंच वित्त तक है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों तथा स्टार्ट-अप को प्रौद्योगिकी का आदर्श इस्तेमाल करने के लिये वित्त तक पहुंच मिलनी चाहिये।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव ने अपने वक्तव्य के अंत में कहा, “हमें बड़ी तस्वीर में अपनी तरफ से थोड़ा-बहुत रंग भरना होगा, तभी एक देश के रूप में हम कह पायेंगे कि हमने जलवायु परिवर्तन का मुकाबला करने के लिये निर्णायक कदम उठाये हैं।”

Thursday, 10 November 2022

07:38

पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा ‘विशेष अभियान 2.0’ का सफलतापूर्वक आयोजन

रामजी पांडेय

  •  नई दिल्ली स्वच्छता अभियान 165 स्थलों पर चलाया गया, जिसमें फील्ड और बाहरी कार्यालय भी शामिल
  • समीक्षा के लिए चिन्हित किए गए कुल 21,072 फाइलों में से 16,834 फाइलों का निपटारा
  • चिन्हित किए गए 84 लोक शिकायतों और अपीलों में से 82 लोक शिकायतों और अपीलों का निवारण
  • एएचडी विभाग और संबद्ध कार्यालयों द्वारा 100 से ज्यादा ट्वीट      

पशुपालन और डेयरी विभाग ने 02 से 31 अक्टूबर 2022 तक ‘विशेष अभियान 2.0’ का आयोजन सफलतापूर्वक किया। विशेष अभियान के भाग के रूप में 165 अभियान स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सार्वजनिक इंटरफेस वाले फील्ड और बाहरी कार्यालय भी शामिल हैं। सांसद संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ और लोक शिकायतों जैसी विभिन्न श्रेणियों के लंबित मामलों का भी कुशलतापूर्वक निपटारा किया गया।

‘विशेष अभियान 2.0’ के अंतर्गत मंत्रालय और इससे संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में समीक्षा के लिए कुल 21,072 फाइलों की पहचान की गई, जिनमें से 21,072 फाइलों की समीक्षा की गई है और 16,834 फाइलों का निपटारा किया गया।

विशेष अभियान 2.0 के प्रारंभिक चरण में निवारण के लिए कुल 84 लोक शिकायतों और अपीलों की पहचान की गई, जिनमें से 82 लोक शिकायतों और अपीलों का निवारण प्रभावी रूप से किया गया।

पशुपालन और डेयरी विभाग और इससे संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा 100 से ज्यादा ट्वीट किए गए।

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केंद्रीय हिमित वीर्य उत्पादन और प्रशिक्षण संस्थान, हेसरघट्टाबेंगलुरु, उत्तरी कर्नाटक में विशेष अभियान 2.0  के पहले और बाद के चित्र

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सीएचआरएस कार्यालयओंगोलआंध्र प्रदेश में विशेष अभियान 2.0 के पहले और बाद के चित्रकेंद्रीय मवेशी प्रजनन फार्म, सुनाबेड़ा, ओडिशा में विशेष अभियान 2.0 के पहले और बाद के चित्र

सीसीबीएफ-सुनाबेड़ाओडिशासीपीडीओ-एनआर चंडीगढ़आरएफएस-हिसार, हरियाणासीसीएसएनआईएएच, बागपत में विशेष अभियान 2.0 के पहले और बाद के कुछ चित्र

06:50

पशुपालन और डेयरी विभाग द्वारा ‘विशेष अभियान 2.0 का सफलतापूर्वक आयोजन किया


नई दिल्ली पशुपालन और डेयरी विभाग ने 02 से 31 अक्टूबर 2022 तक ‘विशेष अभियान 2.0’ का आयोजन सफलतापूर्वक किया। विशेष अभियान के भाग के रूप में 165 अभियान स्थलों पर स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें सार्वजनिक इंटरफेस वाले फील्ड और बाहरी कार्यालय भी शामिल हैं। सांसद संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ और लोक शिकायतों जैसी विभिन्न श्रेणियों के लंबित मामलों का भी कुशलतापूर्वक निपटारा किया गया।

‘विशेष अभियान 2.0’ के अंतर्गत मंत्रालय और इससे संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों में समीक्षा के लिए कुल 21,072 फाइलों की पहचान की गई, जिनमें से 21,072 फाइलों की समीक्षा की गई है और 16,834 फाइलों का निपटारा किया गया।

विशेष अभियान 2.0 के प्रारंभिक चरण में निवारण के लिए कुल 84 लोक शिकायतों और अपीलों की पहचान की गई, जिनमें से 82 लोक शिकायतों और अपीलों का निवारण प्रभावी रूप से किया गया।

पशुपालन और डेयरी विभाग और इससे संबद्ध/अधीनस्थ कार्यालयों द्वारा 100 से ज्यादा ट्वीट किए गए।

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केंद्रीय हिमित वीर्य उत्पादन और प्रशिक्षण संस्थान, हेसरघट्टाबेंगलुरु, उत्तरी कर्नाटक में विशेष अभियान 2.0  के पहले और बाद के चित्र

Tuesday, 8 November 2022

18:25

दिल्ली NCR में भूकंप के तेज झटकों से हिली दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार की देर रात भूकंप (Earthquake) के तेज झटके लगे। दो बार में तेज झटके लगने से कई कॉलोनियों व मोहल्लो में लोग घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके देर रात 1.58 बजे महसूस किए गए। कुछ रुककर दो बार झटके लगने से नींद में सोए लोग भी जाग गए और घरों से बाहर निकल आए। वहीं भूकंप का केंद्र रहे नेपाल में तीन लोगों की मौत हो गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक डोटी जिले में एक घर गिरने से इन लोगों की मौत हुई है।

बुरी तरह घबराए लोगों में से कुछ ने अपने घरों और दीवारों को चेक करना शुरू कर दिया। कुछ देर में भूकंप की सूचना एक-दूसरे को बताने और इसे कनफर्म करने के लिए लोगों के फोन घनघनाते रहे। जानकारों के मुताबिक भूकंप की तीव्रता 6.3 से अधिक थी। दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के आसपास के जिलों में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए।
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक इसका केंद्र नेपाल के मणिपुर में जमीन से 10 किलोमीटर नीचे था। बता दें कि उत्तर भारत में महज पांच घंटे के भीतर दूसरी बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। इससे पहले मंगलवार रात आठ बजकर 52 मिनट पर लखनऊ समेत यूपी के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। उसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.9 मापी गई थी। वहीं ेनेपाल में यह मंगलवार को रात 2 बजे यह तीसरा भूकंप का झटका रहा।
बता दें कि भूकंप के झटके यूपी के लखनऊ, मुरादाबाद, मेरठ बरेली आदि शहरों में भी महसूस किए गए। वहीं एनसीआर के फरीदाबाद, गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा में भी झटके महसूस हुए। इस दौरान कई जगह से लोगों के बेड तक हिलने की खबर आई। हालांकि राहत की बात यह है कि इन जगहों से किसी तरह की दुर्घटना की खबर नहीं आई।

Monday, 7 November 2022

21:02

प्रदेश की जनता करेगी निकाय चुनाव में परिवर्तन :-पंकज अवाना

कानपुर:  आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के निर्देशानुसार पूरे उत्तर प्रदेश गंदगी हटाओ -झाड़ू चलाओ पदयात्रा अभियान चल रहा है इस अभियान को गति प्रदान करने के लिए  यूथ विंग के प्रदेश अध्यक्ष पंकज अवाना कानपुर नगर आये और कानपुर नगर के वार्ड 73 एवं वार्ड 96 के संभावित उम्मीदवारों के समर्थन में पद-यात्राएं की और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि झाड़ू के माध्यम से कानपुर नगर से गंदगी साफ करनी है और नगर निगम में आम आदमी की सरकार बनानी है  इसके बाद पंकज अवाना ने पार्टी  के कृष्णा नगर  कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश की जनता नगर निगम चुनावो में परिवर्तन चाहती है  पंकज अवाना ने बताया कि आम आदमी पार्टी ने जाति-धर्म की राजनीति न कर  हमेशा मुद्दों की बात की है ।                     

         प्रदेश प्रवक्ता संजीव निगम ने बताया कि पार्टी इसी माह 26 तारीख को अपनी स्थापना के 10 वर्ष पूरे करेगी और इतने कम समय मे ही दो राज्यों में पार्टी की सरकार है और गुजरात जैसे बड़े राज्य में अन्य पार्टीयो को चुनौती दे रही है। प्रान्त सचिव व कानपुर जिला प्रभारी एडवोकेट अनुज शुक्ला, जिलाध्यक्ष उमेश यादव व जिला महासचिव के पी त्रिपाठी, जिला प्रवक्ता मदन लाल भाटिया ने भी संबोधित किया।अवाना ने आगे कहा कि AAP यूथ विंग के कार्यकर्ताओ की हर बूथ पर 10 यूथ की मजबूत टीम बनेगी l    नगर आगमन पर AAP यूथ विंग प्रदेश अध्यक्ष  पंकज अवाना ने शहीद मेजर अविनाश सिंह भदौरिया की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनके चरणो में नमन किया।                          

     प्रदेश उपाध्यक्ष योगेश दीक्षित ने कहा कि निकाय चुनाव में AAP यूथ विंग की संगठनात्मक शक्ति पूरी तकत के साथ पूरे प्रदेश भर में हर बूथ को जिताएगी l यूथ विंग के जिला अध्यक्ष आबिद अली गाजी ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ प्रदेश अध्यक्ष  पंकज अवाना का जोरदार स्वागत किया गया ।यूथ विंग महासचिव असलम अंसारी,
यूथ विंग प्रदेश सचिव मुकेश झा,रवि  प्रताप समेत सैकड़ों साथियों ने स्वागत किया। कृष्णा प्रजापति, सैंकी शर्मा, आनंद कुमार ,चिराग प्रधान,प्रदेश सचिव सोम नाथ पाल,दीप चंद्र, अश्वनी, हरीश , नरेंद्र ,ललित बाल्मीकि, रत्नेश, उपेंद्र, जीतू फेरवानी, संदीप शुक्ला,संजय झा,नरेंद्र प्रताप सिंह,प्रशांत त्रिपाठी,प्रशांत शुक्ला समेत बहुत सारे साथी मौजूद रहे।
00:29

राज्य मंत्री कौशल, नवाचार तथा उद्यमिता में सहभागिता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के अधिकारियों, छात्रों एवं अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करेंगे


रामजी पांडेय

नई दिल्ली बकेंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर कल से जम्मू और कश्मीर के दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे। वे वहां राज्य सरकार के अधिकारियों, छात्रों तथा अन्य हितधारकों के साथ कौशल, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्रों में सहभागिता बढ़ाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे।

श्री राजीव चंद्रशेखर जम्मू-कश्मीर में सरकारी योजनाओं जैसे मुमकिन, तेजस्वनी, उज्जवला, आप की जमीन और आप की निगरानी आदि विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से भी मुलाकात करेंगे। वे रामबन में कई योजनाओं के लाभार्थियों के वितरण समारोह में भी हिस्सा लेंगे। राज्य मंत्री मोटर चालित ट्राइसाइकिल/स्कूटी/दिव्यांग लाभार्थियों को विशेष रूप से आवश्यक उपकरण वितरित करेंगे।

श्री राजीव चंद्रशेखर चंद्रकोट में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज जायेंगे। वे छात्रों एवं कर्मचारी सदस्यों के साथ बातचीत करेंगे और उनके उत्पादों को प्रदर्शित करने वाले स्टालों का दौरा करेंगे। केंद्रीय मंत्री विभिन्न कंपनियों में कुशल युवाओं की नियुक्ति के लिए एक रोजगार मेले का शुभारंभ करेंगे। इसके बाद उनका वर्चुअल माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं (अमृत सरोवर/जल जीवन मिशन) की आधारशिला रखने का भी कार्यक्रम है।

श्री राजीव चंद्रशेखर जिला विकास परिषद (जिला परिषद) के अध्यक्ष और रामबन के जिला आयुक्त के साथ बैठक करेंगे।

इसके बाद, श्री चंद्रशेखर पटनीटाप के लिए रवाना होंगे, जहां पर वे पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के अलावा होटल व्यवसायियों, युवाओं और पर्यटन क्लबों के सदस्यों के साथ बातचीत करेंगे। केंद्रीय मंत्री वहां पर स्वच्छता अभियान की भी शुरुआत करेंगे।

श्री राजीव चंद्रशेखर जम्मू में कौशल विकास एवं उद्यमिता के क्षेत्रीय निदेशालय (आरडीएसडीई) तथा राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थानों (डब्ल्यू) के प्रशिक्षुओं व अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। केंद्रीय मंत्री उनके साथ जिलों में उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखते हुए और स्थानीय लोगों की आकांक्षाओं तथा उनके कौशल विकास पर चर्चा करेंगे।

00:26

आने वाले दिनों में दिल्ली में सामान्य वायु गुणवत्ता में सुधार की संभावना


रामजी पांडेय

नई दिल्ली ग्रेडेड रिस्पॉन्स ऐक्शन प्लान (ग्रैप) के चौथे चरण को लागू करने के कुछ दिनों के बाद ही दिल्ली-एनसीआर में सामान्य वायु गुणवत्ता में काफी सुधार देखा गया। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) की उप-समिति ने ग्रैप के तहत कार्रवाई करने के लिये आज एक बैठक बुलाई। बैठक में हालात का जायजा लिया गया तथा तीन नवंबर, 2022 को पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रैप के चौथे चरण के तहत की गई कड़ी कार्रवाई पर विचार किया गया।

दिल्ली-एनसीआर में सामान्य वायु गुणवत्ता मानकों की समग्र समीक्षा करते हुये, आयोग ने देखा कि आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा किये जाने वाले अनुमान में आने वाले दिनों के दौरान दिल्ली-एनसीआर की सामान्य वायु गुणवत्ता में भारी गिरावट का कोई संकेत नहीं है। लिहाजा, प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है तथा पूरे दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप के चौथे चरण को फौरन प्रभाव से वापस लिया जा सकता है। ग्रैप उप-समिति ने तीन नवंबर, 2022 की अपनी पिछली बैठक में पूरे एनसीआर में ग्रैप का चौथा चरण लागू कर दिया था तथा यह फैसला किया था कि छह नवंबर, 2022 को इसके प्रभाव की समीक्षा की जायेगी।

अपनी पूर्व की बैठक में ग्रैप उप-समिति ने पांच अक्टूबर, 19 अक्टूबर, 29 अक्टूबर और तीन नवंबर, 2022 को क्रमशः पहले, दूसरे, तीसरे और चौथे चरण को क्रियान्वित किया था। आज की बैठक में उप-समिति ने क्षेत्र में वायु गुणवत्ता की स्थिति की, आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा जारी मौसमी अनुमान तथा दिल्ली के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) की समीक्षा की। साथ ही निम्नलिखित पर गौर कियाः

  1. ग्रैप एक आपात प्रत्युत्तर कार्य-योजना है, जो एनसीआर में विपरीत वायु गुणवत्ता की स्थिति को और गिरने से  रोकती है।

 

  1. दिल्ली की एक्यूआई को ‘सीवियर+’ श्रेणी (एक्यूआई >450) होने पर एक्यूआई अनुमानों के आधार पर तीन नवंबर, 2022 को ग्रैप के चौथे चरण को लागू कर दिया गया था। अनुमान में यह भी संकेत था कि पांच-छह नवंबर, 2022 के आसपास काफी सुधार आयेगा। इसलिये ग्रैप के चौथे चरण को लागू करते हुये उप-समिति ने फैसला किया था कि छह नवंबर, 2022 को हालात का जायजा लिया जायेगा।
  2. छह नवंबर, 2022 को दिल्ली का औसत एक्यूआई 339 (‘वेरी पूअर’ श्रेणी) दर्ज किया गया था, जो सुधार सम्बंधी आईएमडी/आईआईटीएम के अनुमान से मेल खाता था।
  3. इस समय दिल्ली का एक्यूआई 340 के आसपास है, जो ग्रैप के चौथे चरण (दिल्ली एक्यूआई > 450) के लागू किये जाने की स्थिति से लगभग 110 एक्यूआई प्वॉन्ट नीचे है। इसके अलावा चौथे चरण तक जितने भी चरण हैं, उन सबके मद्देनजर रोकथाम/निवारण/नियंत्रण सम्बंधी कार्रवाइयां की जा रही हैं। इस आधार पर एक्यूआई में सतत सुधार की संभावना पैदा हो गई है। आईएमडी/आईआईटीएम के अनुमान में भी आगे तेज गिरावट आने के संकेत नहीं हैं।
  4. ग्रैप का चौथा चरण प्रतिबंधों का बहुत कड़ा स्वरूप होता है तथा उसका प्रभाव हितधारकों की बड़ी संख्या और आम जन पर पड़ता है। ग्रैप के चौथे चरण से अधिक कड़ा कोई उपाय नहीं है, जिसे वायु गुणवत्ता स्थिति में सुधार लाने के लिये किया जाता है।

उपरोक्त विचार के तहत, ग्रैप की उप-समिति ने फैसला किया कि ग्रैप के चौथे चरण को लागू करने का जो आदेश तीन नवंबर, 2022 को जारी किया गया था, उसे फौरन प्रभाव से वापस ले लिया जाये। इसके अतिरिक्त ग्रैप के पहले, दूसरे और तीसरे चरण को कायम रखा जायेगा तथा पूरे एनसीआर में सभी सम्बंधित एजेंसियां हालात पर निगाह रखेंगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सकते कि एक्यूआई स्तर फिसलकर ‘सीवियर/सीवियर +’ श्रेणी में न पहुंच जाये।

उप-समिति वायु गुणवत्ता की स्थिति पर पैनी नजर बनाये रहेगी और वह समय-समय पर दर्ज वायु गुणवत्ता की स्थिति के आधार पर उचित निर्णय लेगी। साथ ही आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा इस मामले में किये गये अनुमानों पर भी गौर करेगी।

इसके अलावा आयोग ने एक बार फिर एनसीआर के लोगों से अपील की है कि वे ग्रैप के क्रियान्वयन में सहयोग करें तथा ग्रैप के अंतर्गत जारी नागरिक चार्टर में उल्लिखित बातों का पालन करें।

  • आवागमन के लिये स्वच्छ साधन का इस्तेमाल – काम पर जाने के लिये वाहन साझा करें या सार्वजनिक यातायात का प्रयोग करें या पैदल चलें या साइकिल का उपयोग करें।
  • जो लोग घर से काम कर सकते हैं, वे घर से ही काम करें।
  • गर्माहट के लिये कोयले या लकड़ी का इस्तेमाल न करें।
  • मकान मालिक सेक्योरिटी स्टाफ को बिजली से चलने वाले हीटर (ठंड के मौसम में) में उपलब्ध करें, ताकि खुले में अलाव न जलाना पड़े।
  • एक बार बाहर निकलने में ही अनेक काम पूरे करें। जहां संभव हो, वहां पैदल ही जायें।

ग्रैप और एनसीआर के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और डीपीसीसी के तहत कार्यान्वयन की जिम्मेदार विभिन्न एजेंसियों को सलाह दी जाती है कि वे एनसीआर में ग्रैप के पहले, दूसरे और तीसरे चरण को कड़ाई से लागू करें।

ग्रैप का संशोधित कार्यक्रम आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है और उसे caqm.nic.in के जरिये देखा जा सकता है।


00:22

प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध तमिल लेखक थिरु अजहा वल्लियप्पा को उनकी जन्मशती पर श्रद्धांजलि दी


रामजी पांडेय

नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध तमिल लेखक थिरु अजहा वल्लियप्पा को उनकी जन्मशती पर श्रद्धांजलि दी है।

एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा;

"मैं थिरु अज़हा वल्लियप्पा को उनकी जन्मशती पर श्रद्धांजलि देता हूं। उन्हें, न केवल उत्कृष्ट लेखन और कविता के लिए, बल्कि बच्चों के बीच इतिहास, संस्कृति और साहित्य को लोकप्रिय बनाने के उनके प्रयासों के लिए भी याद किया जाता है। उनके प्रयास आज के युग में भी लोगों को प्रेरित करते हैं।"

00:20

जी20 की अध्यक्षता के दौरान, भारत देशभर में विभिन्न स्थानों पर 32 विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 200 बैठकें आयोजित करेगा



रामजी पांडेय 

नई दिल्ली प्रधानमंत्री 8 नवंबर 2022 को शाम साढ़े चार बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत की जी20 की अध्यक्षता के लोगो, थीम और वेबसाइट का अनावरण करेंगे।

प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण से निर्देशित, भारत की विदेश नीति वैश्विक मंच पर नेतृत्व की भूमिका निभाने की दृष्टि से उभर रही है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारत 1 दिसंबर, 2022 से जी20 की अध्यक्षता ग्रहण करेगा। जी20 की अध्यक्षता भारत को अंतरराष्ट्रीय महत्व के महत्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक एजेंडे में योगदान करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगी। हमारी जी20 की अध्यक्षता के ये लोगो, थीम और वेबसाइट भारत के संदेश और दुनिया के प्रति उसकी व्यापक प्राथमिकताओं को प्रतिबिंबित करेंगे।

जी20 अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग का एक प्रमुख मंच है, जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85 प्रतिशत, वैश्विक व्यापार का 75 प्रतिशत से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। जी20 की अध्यक्षता के दौरान, भारत देशभर में विभिन्न स्थानों पर 32 विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित लगभग 200 बैठकें आयोजित करेगा। अगले साल होने वाला जी20 शिखर सम्मेलन, भारत द्वारा आयोजित किया जाने वाला शीर्ष स्तर के अंतररष्ट्रीय सम्मेलनों में से एक होगा।   

00:15

राज्‍य मंत्री ने यूएई के कृत्रिम आसूचना राज्‍य मंत्री श्री उमर सुल्तान अल ओलामा से मुलाकात की, डीप टेक, इलेक्ट्रॉनिक्स/सेमीकॉन में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की


रामजी पांडेय

 नई दिल्ली केन्‍द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि भारत आज विश्‍व के लिए विकास का एक प्रकाश स्तंभ है, जो एक जीवंत नेतृत्व और साहसिक सुधारों से संभव हुआ है, जिसने शीर्ष स्‍तर पर एक निष्‍क्रिय लोकतंत्र होने की भारत की पहले की धारणा को बदल दिया है।

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राज्‍य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर दुबई में प्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए

संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में शनिवार को विश्व सद्भावना कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए श्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा, “भारत अब एक बदलाव के मोड़ पर है। हम आज जहां हैं, वहां से अमृत काल के आने वाले 25 वर्षों में भारत केवल आगे ही बढ़ सकता है और यह उसकी विकास यात्रा का स्वाभाविक अगला पड़ाव होगा।’’

इस बात की पुष्टि करते हुए कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व, व्यापक सुधारों और डिजिटल इंडिया, स्किल्स इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया आदि जैसे सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की सफलता ने भारत के पहले के एक निष्क्रिय लोकतंत्र होने की धारणा को बदल दिया है, श्री चंद्रशेखर ने कहा कि भारत आज एक ऐसे देश का ‘‘जीवित और गतिशील उदाहरण’’ है जो न केवल बहुलवादी, धर्मनिरपेक्ष और विविधतापूर्ण है बल्कि आर्थिक विकास, नवोन्‍मेषण, विकास और समृद्धि का भी प्रतीक है।राज्‍य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने दुबई में एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 20 वर्षों के नेतृत्व के प्रभाव के बारे में दो पुस्तकों मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ और हार्टफेल्ट: द लिगेसी ऑफ फेथ’ का विमोचन किया

इस कार्यक्रम में, जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी मौजूद थे, श्री चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के 20 वर्षों के नेतृत्व के प्रभाव के बारे में दो पुस्तकों ‘मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ और ‘हार्टफेल्ट: द लिगेसी ऑफ फेथ’ का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईडी फाउंडेशन द्वारा किया गया था।राज्‍य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर दुबई में यूएई के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसडिजिटल इकोनॉमी और रिमोट वर्क एप्‍लीकेशन राज्‍य मंत्री श्री उमर सुल्तान अल ओलामा के साथ

दुबई की एक दिवसीय यात्रा पर आए मंत्री ने इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात के कृत्रिम आसूचना, डिजिटल अर्थव्यवस्था और रिमोर्ट वर्क एप्‍लीकेशन के राज्य मंत्री श्री उमर सुल्तान अल ओलामा के साथ मुलाकात की। श्री चंद्रशेखर ने उनके साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के न्यू इंडिया के विजन को साझा किया और दोनों देशों के बीच, विशेष रूप से डीप टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर्स के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की।

श्री चंद्रशेखर ने इंडियन पीपुल्स फोरम (आईपीएफ) यूएई उत्तर प्रदेश परिषद द्वारा आयोजित दीपोत्सव 2022 कार्यक्रम में भाग लेने के लिए यूएई के अजमान का भी दौरा किया। वहां प्रवासी सदस्यों को अपने संबोधन में, श्री राजीव चंद्रशेखर ने 2026 तक एक ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था/ 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए नए भारत को नई महत्वाकांक्षाओं के साथ रूपांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री द्वारा की गई विभिन्न पहलों के बारे में जानकारी दी।

00:09

मुंबई में अहिंसा विश्व भारती का राष्ट्रीय सम्मेलन

रामजी पांडे

 मुंबई केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल ने अहिंसा विश्व भारती के राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह सम्मेलन आज 6 नवंबर 2022 को मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में,केन्द्रीय मंत्री ने विश्वगुरु बनने के भारत के मिशन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, आचार्य डॉ.लोकेश मुनि और अहिंसा विश्व भारती के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि संत और ऋषि किसी व्यक्ति के भीतर ऐसी चिंगारी को प्रज्वलित करते हैं जिससे उसके कार्यों की आभा का बढ़ना संभव हो जाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमें कभी-कभी अपने कर्तव्यों की याद दिलाने की जरूरत होती है और संत यही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को कर्मकांडों की दुनिया में उलझे बिना धर्म को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने की जरूरत है और डॉ. लोकेश जैसे आचार्य इसी आदर्श को साकार करते हैं।

देश के विश्वगुरु बनने के मिशन के बारे में बोलते हुए, केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने हर घर तिरंगा जैसे कार्यक्रमों की अभूतपूर्व सफलता का हवाला दिया जिसमें शायद ही कोई ऐसा घर था जहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया हो। विश्व में व्याप्त घोर निराशा के वातावरण के बीच भारत को आशा जगाने वाला एक स्‍थान बताते हुए, उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय देश की प्रगति का साक्षी है।

केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पंच प्रण में देशवासियों से औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने और अपने पारिवारिक मूल्यों, विरासत एवं आदर्शों का पालन करते हुए अपनी जड़ों की ओर वापस लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पंच प्रण हमारे दैनिक जीवन में भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि समाज का ध्यान रखने की जैन धर्म की शिक्षा देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपना संबोधन समाप्त करते हुए कहा कि अगर भारत के नागरिक यह तय कर लें कि भारत को विश्वगुरु बनाना है, तो दुनिया की कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती।

इस अवसर पर, महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हमारा देश अपने संतों की वजह से जाना जाता है। राज्यपाल ने कहा कि इस देश के निर्माण में ऋषियों ने मौलिक भूमिका निभाई है। राज्यपाल श्री भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि हम राजाओं के योगदान को भले ही भूल जायें,  लेकिन हमें राष्ट्र निर्माण में संतों के योगदान को कभी भी नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने बताया कि कैसे देश ने ऋषियों की शिक्षाओं की वजह से कई विदेशी आक्रमणों को सफलतापूर्वक विफल किया है। राज्यपाल ने यह भी बताया कि कैसे अमेरिकी मीडिया ने स्वामी विवेकानंद के व्यक्तित्व से मंत्रमुग्ध होकर उन्हें एक महान विभूति कहा। राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि जब तक देश संतों की परंपराओं को याद रखेगा तब तक भारत प्रगति करता रहेगा।इस अवसर पर राकेश जी, जैन अंतरराष्ट्रीय व्यापार संगठन और संजय घोड़ावत फाउंडेशन को अहिंसा अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया।

Sunday, 6 November 2022

05:37

गोला उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी अमन गिरी को मिली सफलता सपा की हुई हार BJP ने गोला उपचुनाव में उतारे थे 40 स्टार प्रचारक

करुणेश त्रिवेदी
 लखीमपुर खीरी। 139 गोला विधानसभा में हुए उपचुनाव का परिणाम रविवार को घोषित हुआ जिसमें भाजपा प्रत्याशी अमन गिरी ने भारी मतों से जीत हासिल की।जीत हासिल होते हुए भाजपा कार्यकर्ता व समर्थक खुशी से झूम उठे। जनपद लखीमपुर की आठों विधानसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों ने अपना परचम लहराया था। करीब तीन माह पूर्व  गोला विधायक अरविंद गिरी की मौत से यह सीट रिक्त हो गई थी। सरकार ने 3 नवंबर को उपचुनाव कराया जिसमें मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर मतदान किया । उपचुनाव में कुल 7 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। किंतु सीधी टक्कर भाजपा प्रत्याशी अमन गिरी और सपा प्रत्याशी विनय तिवारी की रही। भाजपा ने पूरी ताकत से 40 स्टार प्रचारकों का खेमा गोला विधानसभा में उतार दिया।30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्य ने भी गोला विधानसभा में आकर जनसभा को संबोधित किया और विकास के वादों का संकल्प लिया।6 नवंबर को उपचुनाव के परिणाम की घोषणा हुई जिसमें भाजपा प्रत्याशी अमन गिरी 124810 वोट पाकर 34298 मतों से जीत हासिल की। वहीं सपा प्रत्याशी विनय तिवारी को 90512 वोट प्राप्त हुए।

Saturday, 5 November 2022

07:34

उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में भारत जल सप्ताह-2022 का समापन


 नई दिल्ली उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में चल रहे 5 दिवसीय भारत जल सप्ताह-2022 का समापन समारोह आज उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ के मुख्य आतिथ्य में हुआ। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर विशेष अतिथि थे। उपराष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि यह समापन समारोह संकल्प की शुरुआत है। दुनियाभर के लोगों का यहां आना, इस विषय पर चर्चा-चिंतन करना और समाधान का रास्ता दिखाना बड़ी उपलब्धि है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में उस समय की, जब इतिहास में पहली बार अलग से जल शक्ति मंत्रालय बना, जो जल संचय के लिए उनकी सोच को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में जीवन को प्रभावित करने वाले हर पहलुओं पर नीतिगत निर्णय लिए गए हैं, जिससे लोगों के जीवन में असरकारक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। इसकी शुरुआत स्वच्छता भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण से की गई। देश के हर घर में शौचालय का निर्माण किया गया। यह लोगों के आत्मसम्मान से जुड़ा मामला था। इसी तरह उज्ज्वला योजन के माध्यम से महिलाओं को रसोई के धुएं से मुक्ति दिलाई गई।

उप राष्ट्रपति श्री धनखड़ ने कहा कि जल हमारी प्राचीन संस्कृति से जुड़ा हुआ है। ऋग्वेद में व्याख्या की गई है कि जल ही अमृत है, जल ही औषधि है। सुरक्षित पेयजल तक पहुंच न केवल जीवन के लिए आवश्यक है बल्कि इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति पर पड़ता है। जल जीवन मिशन की सफलता के लिए हमें क्वालिटी, क्वांटिटी, और कम्युनिटी पर फोकस करना होगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि जल हमारे जीवन से जुड़ा हुआ है। कृषि मंत्री होने के नाते मैं जानता हूं कि जल की सबसे ज्यादा खपत कृषि के क्षेत्र में है। बिना जल के कृषि संभव नहीं है। आज जलवायु परिवर्तन के इस दौर में यह आवश्यक हो गया है कि जल को प्रबंधित कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जिस तरह स्वच्छता के लिए अभियान चला, उसी तरह से इसके लिए भी बड़ा अभियान चलाने की जरूरत है। हम सब जहां भी-जैसे भी हैं, इसे "जल बचाओ-जीवन बचाओ अभियान" के रूप में लेना चाहिए, तभी हम इस लक्ष्य को पूरा कर सकते हैं श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्रीजी के कुशल नेतृत्व में भारत सतत विकास की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। जल संरक्षण की दिशा में भी बहुत शिद्दत के साथ काम किया जा रहा है। कृषि के क्षेत्र में बड़ी सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, जिनसे कृषि क्षेत्र को पानी मिल रहा है। देश में सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाएं काम कर रही हैं। 70 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के अंतर्गत लाया गया है, वहीं देश में बड़ा क्षेत्र ऐसा भी है जहां सिंचाई वर्षा आधारित है। इन क्षेत्रों के लिए हमारे कृषि वैज्ञानिकों द्वारा ऐसे बीजों को ईजाद किया जा रहा है, जो अच्छी उपज दे सकें। वाटरशेड जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से खेती बढ़ाने का प्रयत्न किया जा रहा है। हमें सिंचाई में तकनीक और उपकरणों का उपयोग अधिकाधिक करना चाहिए ताकि पानी भी बच सकें और फसल भी अच्छी हो। उन्होंने कहा कि हम सबकी चिंता है कि आने वाले कल में खाद्य सुरक्षा का संकट न आए, इसके लिए खेती में जो तकनीक का समावेश होना चाहिए, उसके लिए प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार पूरी शिद्दत के साथ काम कर रही है। जल संचय के लिए केंद्र सरकार और कृषि का क्षेत्र चिंतित है, इसलिए मैं आश्वत करना चाहता हूं कि पांच दिवसीय मंथन में जो भी जरूरी प्रस्ताव आएं, उन पर गंभीरता से विचार कर आगे बढ़ाया जाएगा।

 

कार्यक्रम में आयोजक मंत्रालय (जल शक्ति) के मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि जल संरक्षण में जो कुछ हमने हासिल किया है, वह सबके लिए है। हम सब साथ में सोच-विचार करें ताकि सभी जीवन सुगम हो। पानी की चुनौती हम सबके समक्ष है। भारत जैसे अनेक देश विकास की दौड़ में हैं, जिनके लिए यह विषय अत्यंत महत्वपूर्ण है। जल सप्ताह-2022 के दौरान जल के भंडारण और सबको समान रूप से जलप्रदाय को लेकर मंथन किया गया है। हमारे उपयोग में किस प्रकार का दृष्टिकोण होना चाहिए, यह महत्वपूर्ण है। भारत में जल व स्वच्छता के मामले में पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम हो रहा है और देश एक रोल मॉडल के रूप में उभर रहा हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गति व समयबद्धता के साथ लक्ष्य पूर्ति के लिए तत्परता से काम किया गया है।

कार्यक्रम में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, उत्तर प्रदेश के जल संसाधन मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, केंद्रीय सचिव श्री पंकज कुमार, विशेष सचिव देबाश्री मुखर्जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।

07:30

पूसा डीकंपोजर के उपयोग से समस्या के निदान के साथ ही जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के मार्गदर्शन में, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) द्वारा धान की पराली के कुशल प्रबंधन के लिए विकसित पूसा डीकंपोजर के किसानों द्वारा बेहतर व इष्टतम उपयोग के उद्देश्य से पूसा, दिल्ली में आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में कार्यशाला आयोजित की गई, जिससे सैकड़ों किसान मौजूद थे एवं 60 कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के माध्यम से हजारों किसान वर्चुअल भी जुड़े।

पूसा संस्थान द्वारा डीकंपोजर की तकनीक यूपीएल सहित अन्य कंपनियों को ट्रांसफर की गई है, जिनके द्वारा इसका उत्पादन कर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। इनके माध्यम से गत 3 वर्षों में पूसा डीकंपोजर का प्रयोग/प्रदर्शन उ.प्र. में 26 लाख एकड़, पंजाब में 5 लाख एकड़, हरियाणा में 3.5 लाख एकड़ व दिल्ली में 10 हजार एकड़ में किया गया है, जिसके बहुत अच्छे परिणाम आए हैं। यह डीकंपोजर सस्ता है और देशभर में सरलता से उपलब्ध है।

कार्यशाला में केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि प्रदूषण से बचाव के लिए धान की पराली जलाने से रोकते हुए इसका समुचित प्रबंधन सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। संबंधित राज्य सरकारों- पंजाब, हरियाणा, उ.प्र. व दिल्ली को केंद्र द्वारा पराली प्रबंधन के लिए 3 हजार करोड़ रु. से ज्यादा की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इसमें सबसे ज्यादा लगभग साढ़े 14 सौ करोड़ रु. पंजाब को दिए गए हैं, हरियाणा को 900 करोड़ रु.से ज्यादा, 713 करोड़ रु. उ.प्र. को व दिल्ली को 6 करोड़ रु. से अधिक दिए गए हैं। इसमें से लगभग एक हजार करोड़ रु. राज्यों के पास बचे हुए हैं, जिसमें से 491 करोड़ रु. पंजाब के पास उपलब्ध है। केंद्र द्वारा प्रदत्त सहायता राशि से राज्यों को पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध कराई गई 2.07 लाख मशीनों के इष्टतम उपयोग से इस समस्या का व्यापक समाधान संभव है। साथ ही, पूसा संस्थान द्वारा विकसित पूसा डीकंपोजर इस्तेमाल किया जाएं तो समस्या के निदान के साथ ही खेती योग्य जमीन की उर्वरा शक्ति भी बढ़ेगी।श्री तोमर ने कहा कि धान की पराली पर राजनीतिक चर्चा से ज्यादा जरूरी, इसके प्रबंधन और इससे निजात पाने पर चर्चा करने की है। पराली जलाने की समस्या गंभीर है, इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप उचित नहीं है। केंद्र हो या राज्य सरकारें या किसान, सबका एक ही उद्देश्य है कि देश में कृषि फले-फूले व किसानों के घर में समृद्धि आए। पराली जलाने से पर्यावरण के साथ ही लोगों को नुकसान होता है, जिससे निपटने का रास्ता निकालना चाहिए और उस रास्ते पर चलना चाहिए। इससे मृदा तो सुरक्षित होगी हीप्रदूषण भी कम होगा और किसानों को काफी फायदा होगा।

कार्यशाला में पूसा डीकंपोजर उपयोग करने वाले, इन राज्यों के कुछ किसानों ने अपने सकारात्मक अनुभव साझा किए, वहीं लाइसेंसधारक ने भी पूसा डीकंपोजर के फायदों किसानों को बताए। केंद्रीय कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के डीडीजी (एनआरएम) डा. एस.के.  चौधरी, भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने भी कार्यशाला में संबोधित किया। श्री तोमर व पूसा आए किसानों ने प्रक्षेत्र भ्रमण करते हुए पूसा डीकंपोजर का जीवंत प्रदर्शन देखा व स्टाल्स का अवलोकन कर जानकारी ली।केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ बैठकें की- केंद्र सरकार पराली प्रबंधन के संबंध में गंभीर है और इस संबंध में सभी हितधारकों के साथ अनेक बार बैठकें की गई है। 19 अक्टूबर को केंद्रीय मंत्री श्री तोमर, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव तथा पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला की उपस्थिति में संबंधित राज्य सरकारों के साथ इस संबंध में चर्चा कर दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले 21 सितंबर को भी केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा श्री तोमर की अध्यक्षता में राज्यों के साथ बैठक की गई थी। कृषि सचिव व संयुक्त सचिव के स्तर पर भी अनेक बैठकें कर राज्यों को सलाह व निर्देश दिए गए है। आज की कार्यशाला इसी श्रंखला की एक कड़ी है, जिसमें श्री तोमर ने राज्य सरकारों, किसानों, कृषि वैज्ञानिकों को पराली प्रबंधन के लिए एक साथ शिद्दत से काम करने का आह्वान किया।

Thursday, 3 November 2022

20:27

उपचुनाव का सकुशल संपन्न हुआ मतदान, अफसरों ने ली राहत की सांस

करूणेश त्रिवेदी
लखीमपुर खीरी। गुरुवार को विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र गोला गोकरणनाथ उपचुनाव के लिए मतदान निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ। जिसमें मतदाताओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। मतदान सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। एडीजी, आईजी, डीएम, एसपी के साथ अन्य अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ती रहीं। जहां भी ईवीएम खराबी की सूचना मिली तत्काल उन्हें बदला गया। हर बूथ पर सीएपीएफ की तैनाती की गई थी।
उपचुनाव में खासकर युवाओं का जोश सर चढ़कर बोला। पहली बार बने नए मतदाता और महिलाओं ने भी मतदान करने में विशेष रुचि दिखाई। वहीं, चुनाव को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त मात्रा में फोर्स लगाई गई थी। जिले की फोर्स के साथ बाहर से आए केंद्रीय बल के जवान भी पूरी मुस्तैदी से लगे हुए थे। जिले के प्रशासनिक व पुलिस महकमा की तत्परता से चुनाव निष्पक्ष स्वतंत्र और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। 

सुरक्षा को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी, डीएम महेंद्र बहादुर सिंह और एसपी संजीव सुमन लगातार गतिशील रहे। भारी दल-बल के साथ अधिकारी द्वय ने विधानसभा क्षेत्र का भ्रमण कर दिया। जिलेभर की कुशलता पर डीएम की नजर बनी रही। डीएम-एसपी अपने अपने मोबाइल के माध्यम से पूरे विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की स्थिति पर नजर बनाए रखी। इस दौरान विभिन्न दलों के एजेंट से बातचीत कर उनका फीडबैक लिया। जिस पर उन्होंने कोई समस्या नहीं होने की बात कही।

मतदान शुरू होते ही डीएम महेंद्र बहादुर सिंह व एसपी संजीव सुमन अपनी पूरी टीम के साथ निकल गए। उन्होंने मतदान स्थल पब्लिक इंटर कॉलेज, कृषक समाज इंटर कॉलेज, गांधी स्मारक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय लाल्हापुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मणजती, प्राथमिक स्कूल लक्ष्मणजती, प्राथमिक विद्यालय मदनपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय रायपुर घुन्सी, प्राथमिक विद्यालय सिकंद्राबाद, सुभाष प्राथमिक विद्यालय नगर क्षेत्र गोला, उच्चतर प्राथमिक विद्यालय त्रिलोक गिरी नगर क्षेत्र, गुरु नानक कन्या इंटर कॉलेज सहित बड़ी संख्या में मतदान स्थलों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान डीएम बूथ के पीठासीन अधिकारी से मतदान की कुशलता की जानकारी लेते रहे। वहीं पुलिस अधीक्षक भी हर बूथ पर तैनात फोर्स से वहां की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। दोनों अफसरों ने अधीनस्थों से पूछा कि सब कुछ व्यवस्थित तो है। हां में जबाव मिलने पर अफसर संतुष्ट हुए।

मा. आयोग से नामित प्रेक्षक गोपाल मीणा ने भ्रमणसील रहकर बड़ी संख्या में मतदेय स्थलों का भ्रमण किया। एडीएम संजय कुमार सिंह ने एएसपी अरुण कुमार सिंह के संग दाऊदपुर, करसौर, गुजारा, लखहाभूड़, अलीगंज भूड समेत दर्जनों मतदेय स्थलों का भ्रमण किया। वही एडीजी बृजभूषण, आईजी लक्ष्मी सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के विभिन्न बूथों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। दो सुपर जोनल मजिस्ट्रेट ने गैर जनपदीय एएसपी संग भ्रमणशील रहे। विधान सभा उपचुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से निष्पक्ष एवं निर्विघ्नं संपन्न हुआ। अफसरों ने राहत की सांस ली है। डीएम, एसपी ने मतदाताओं का आभार जताया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अर्धसैनिक बल व पुलिस के जवानों को बधाई दी है। 

मतदान में दिव्यांग, वृद्ध मतदाताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह
विधानसभा उपचुनाव के मतदान को लेकर मतदाताओं में गजब का उत्साह है। लोकतंत्र के पर्व में दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं ने अपनी जिम्मेदारी निभाई और मतदान किया। इसके बाद दूसरे मतदाताओं को वोट करने का संदेश दिया। गोला उपचुनाव में मतदान करने के प्रति दिव्यांगों में भी भारी उत्साह दिखा। मतदान करके लौटी युवती ने कहा कि उन्हें भी क्षेत्रीय विधायक चुनने में अपना सहयोग देना है। इसी कारण दोपहर तक घर के कामकाज करने के बाद वोट डालने पहुंची हूं। उधर, दिव्यांग युवक अपने वोट डालकर बोला कि की उसे कई दिनों से मतदान करने का इंतजार था। उसे मतदान करने के बाद बेहद खुशी मिली है।

सीडीओ ने संभाली कंट्रोल रूम की कमान, वेबकास्टिंग से रखी पैनी निगाह
सीडीओ अनिल कुमार सिंह कलेक्ट्रेट में स्थापित विधानसभा उपचुनाव 2022 के कंट्रोल रूम की कमान स्वयं संभाली। उन्होंने वेबकास्टिंग कंट्रोल रूम के जरिए गोला विधानसभा उपचुनाव के मतदेय स्थलों का पर्यवेक्षण एवं अनुश्रवण किया। यही नहीं कंट्रोल में प्राप्त एक-एक शिकायत को ससमय निस्तारित कराया और सभी सूचनाओं को ससमय आयोग एवं संबंधित को प्रेषित कराया गया।

ब्लॉक में बने कंट्रोल रूम से रिटर्निंग अफसर ने रखी पैनी नजर, संभाला प्रबंधन
रिटर्निंग अधिकारी, एसडीएम अनुराग सिंह ने कुंभी ब्लॉक में संचालित कंट्रोल रूम में स्वयं मौजूद रहकर प्राप्त मा. आयोग से प्राप्त सूचनाओं एवं विभिन्न दलों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कराया। समय-समय पर निर्वाचन से संबंधित सभी गतिविधियों से जिला निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराते रहे। उन्होंने आयोग से प्राप्त निर्देशों का शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करवाया। यही नहीं उन्होंने निकटवर्ती बूथों का स्वयं भी निरीक्षण किया। उन्होंने वेबकास्टिंग कंट्रोल रूम के जरिए भी सभी बूथों का सघन अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण किया।