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Saturday, 26 September 2020

18:32

deepak tiwari मास्क नहीं पहनने का बयान देकर चर्चा में आए गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर में कोरोना की दस्तक बेटा संक्रमित मिला अस्पताल में भर्ती

भोपाल.मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर पर कोरोना ने दस्तक दी है। शनिवार को उनके बेटे सुकर्ण मिश्रा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। गृह मंत्री पिछले दिनों मास्क न पहनने के अपने बयान से चर्चा में आए थे। उन्होंने इंदौर में मास्क न पहनने का बयान दिया, इसके बाद शाम को खेद जताया और दूसरे दिन सुबह माफी मांगी कि मेरा बयान पीएम मोदी की भावनाओं के अनुरूप नहीं था। इसके बाद उसी दिन शाम को ग्वालियर और चंबल के दौरे पर गए नरोत्तम फिर से बगैर मास्क के दिखे थे।
भोपाल में आज 283 नए मरीज मिले। वहीं, संक्रमण से मरने वालों की संख्या 392 हो गई है। अब राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 17769 पहुंच चुका है। केवल सितंबर में ही करीब 7 हजार संक्रमित बढ़ गए। भोपाल में रिकवरी रेट 77 फीसदी से ज्यादा हो गया है। यहां अब तक 13606 मरीज ठीक हो चुके हैं,वहीं मध्य प्रदेश में अब तक 1 लाख 17 हजार से ज्यादा कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जबकि संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2152 हो गई है। हालांकि प्रदेश में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 80 फीसदी के करीब बना हुआ है। हर रोज ठीक होने वालों का आंकड़ा बढ़ रहा है। शुक्रवार को कोरोना प्रदेश में नए संक्रमित 2227 मिले थे, जबकि ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 2743 थी।
वीआईपी इलाके में भी कोरोना संक्रमण
राजधानी के पॉश इलाकों में संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। शनिवार को शहर में 283 नए मरीज मिले। चार इमली में निवासरत एक आईएएस अफसर की 10 साल की बेटी और 74 बंगले में निवासरत प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला की पत्नी संक्रमित मिलीं। शिवाजी नगर में रहने वाले गृह विभाग के अपर सचिव अनिल सुचारी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। राजभवन में दो नए संक्रमित मिले। लोकायुक्त कार्यालय में भी एक मरीज मिला। जवाहर लाल नेहरू कैंसर अस्पताल में तीन मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।

Wednesday, 23 September 2020

11:53

बेरोजगारों के लिए खुशखबरी जाने क्या :tap news India deepak tiwari

भोपाल.मध्य प्रदेश में आगामी 28 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव को देखते हुए भाजपा सरकार लगातार बड़ी घोषणाएं कर रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को प्रदेश में खाली पदों पर जल्द भर्ती शुरू करने के निर्देश दिए। राज्य में अलग-अलग विभागों में करीब 30 हजार पद खाली पड़े हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री ने गृह, राजस्व, जेल, लोक निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के अफसरों को दिए निर्देश में कहा कि खाली पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए।
शिवराज ने कहा कि इस संबंध में प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, राज्य लोक सेवा आयोग और विभागीय स्तर पर की जाने वाली प्रक्रिया के लिए चर्चा की जाए, जिससे भर्ती प्रक्रिया शुरू करने में तेजी लाई जा सके। इससे पहले मुख्यमंत्री चौहान प्रदेश की सरकारी नौकरियों में सिर्फ प्रदेश के ही युवाओं को मौका देने की घोषणा कर चुके हैं। फिलहाल, खाली पदों को भरे जाने के निर्देशों को उपचुनावों में युवाओं को साधने से जोड़कर देखा जा रहा है।
‘पुलिस आरक्षक से लेकर राजस्व निरीक्षक तक के पद भरे जाएंगे’
इस समय गृह विभाग के तहत पुलिस आरक्षक के 3272 पद, किसान कल्याण और कृषि विकास विभाग में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के 863 पद, गृह विभाग में आरक्षक रेडियो संवर्ग के 493 पद, राजस्व निरीक्षक के 372 पद, कौशल संचालनालय में आईटीआई प्रशिक्षण अधिकारी के 302 पद शामिल हैं। इसके अलावा, शीघ्र लेखक, सहायक ग्रेड-3, स्टेनो टायपिस्ट, स्टेनोग्राफर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, सांख्यिकी अधिकारी और भृत्य, चौकीदार, वार्ड बाय, क्लीनर, वाटरमैन कुक जैसे पदों की भर्ती की जानी है।
गृह विभाग ने की थी चार हजार आरक्षकों की भर्ती करने की घोषणा
जुलाई में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश में करीब 4 हजार आरक्षकों की भर्ती करने की घोषणा की थी, लेकिन अब तक इसकी प्रक्रिया तक शुरू नहीं हो सकी है। प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को भर्ती खुलने का इंतजार है।
शिक्षक पात्रता परीक्षा पास कर चुके शिक्षकों को नियुक्ति का इंतजार
राज्य में जो शिक्षक भर्ती हो चुके हैं, उन्हें नियुक्ति का इंतजार है। शिक्षक पात्रता परीक्षा का रिजल्ट जारी हुए एक साल पूरा हो रहा है, इसके बाद भी अब तक किसी भी अभ्यर्थी को ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। स्कूल शिक्षा विभाग और आदिम जाति कल्याण विभाग के तहत 30,594 से ज्यादा शिक्षकों की भर्ती होनी है। पात्रता परीक्षा पास कर चुके प्रदेशभर के अभ्यर्थियों ने लगातार विरोध-प्रदर्शन किए, लेकिन सरकार ने कोई प्रक्रिया शुरू नहीं की। कई चयनित उम्मीदवारों ने राज्यपाल को पत्र लिखकर इच्छामृत्यु भी मांगी है।
इधर, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के 15 हजार पदों के लिए 1 जुलाई से सत्यापन प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन परिवहन की समस्या बताकर इस प्रक्रिया को तीन दिन बाद ही रोक दिया गया, जो अब तक चालू नहीं हुई है।
शिवराज कर चुके ये बड़ी घोषणाएं...
मंगलवार को मुख्यमंत्री चौहान ने प्रदेश के किसानों को लेकर बड़ा ऐलान किया था। चौहान ने कहा था कि पीएम सम्मान निधि में किसानों को दो किस्तों में राज्य सरकार की ओर से 4 हजार रुपए और दिए जाएंगे। प्रदेश के 77 लाख किसानों को इस योजना का फायदा मिलेगा। किसानों को हर साल मिलने वाली 6 हजार रुपए की राशि बढ़कर 10 हजार रु. हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने एक हफ्ते पहले एक बड़ी घोषणा की थी। इसमें सरकार ने नगरीय क्षेत्रों में प्रॉपर्टी की बिक्री और खरीदी पर 2% सेस घटा दिया है। पहले स्टाम्प ड्यूटी पर 3% ली जाती थी, लेकिन अब सिर्फ 1% ली जाएगी। अब एक लाख रुपए की प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने पर सीधे 2 हजार रुपए तक की बचत होगी।
अगस्त में मुख्यमंत्री ने युवाओं को लेकर कहा था कि राज्य की सरकारी नौकरियां सिर्फ मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए ही होंगी। सीएम ने कहा था कि राज्य सरकार इसके लिए कानूनी पहलुओं को समझ रही है। जरूरत पड़ी तो कानून भी बनाएंगे।
मुख्यमंत्री ने 28 अगस्त को प्रदेश में बकाया बिजली के बिल माफ करने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अब लोगों को बकाया बिल के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। सरकार उसे पूरी तरह से माफ करने जा रही है। हालांकि, उन्होंने यह जोड़ा था कि अब लोगों को आने वाले समय में एक माह का ही बिजली बिल भरना होगा।
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस पर दैनिक वेतनभोगियों को नियमित करने की घोषणा की है। इससे मध्य प्रदेश के 48 हजार दैनिक वेतन भोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।

Monday, 21 September 2020

06:25

जानिए मध्यप्रदेश में लॉकडाउन लगाने पर क्या बोले गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा deepak tiwari

 September 21, 2020

भोपाल। मध्य प्रदेश में कोरोना ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए है। रोजाना ढाई हजार से अधिक नए पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। रविवार को मध्यप्रदेश में 2579 नए मरीज मिले हैं, जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 1 लाख 5 हजार 644 हो गई है। वहीं पिछले 24 घंटे 27 संक्रमितों की मौत हो गई। जिसके बाद अब मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 1970 हो गया है, ऐसे में प्रदेश में फिर से लॉकडाउन लगेगा या नहीं इसको लेकर गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है।
गृहमंत्री का कहना है कि प्रदेश में दोबारा लॉकडाउन लगाने का अभी कोई विचार नहीं है। लॉकडाउन के दुष्परिणाम हम सभी देख चुके हैं। अतः अब सभी को अपेक्षित सावधानी के साथ ही दैनिक जीवन की आदत डालनी होगी।वही मप्र में आज से लगने वाले दो दिवसीय विधानसभा सत्र को लेकर कहा कि मप्र विधानसभा का एक दिवसीय सत्र कोरोना आपदा के बीच विशेष परिस्थितियों में हो रहा है। सरकार के कई मंत्री और विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अतः आज विधानसभा में बजट और अन्य आवश्यक वित्तीय कार्य ही किए जाएंगे।कोरोना की छाया है सावधानी का नाम बुद्धिमानी है। दर्जन भर से ज्यादा मंत्री और उससे ज्यादा विधायक संक्रमित है। प्रोटेम स्पीकर ने बैठक की औऱ सर्वानुमति से यह तय हुआ है। जरूरी वित्तीय कार्य आज किये जाएंगे।
कर्जमाफी और किसानों के साथ धोखे को लेकर कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस को किसानों के साथ किए गए झूठे वादों के दुष्परिणाम तो भुगतना ही पड़ेंगे। उसे अब तो स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वो अपने वचनपत्र में किए गए वादे क्यों नहीं पूरे कर पाई। कांग्रेस ने किसान को धोखे में रखा कर्जमाफी में। नया कर्जा नही मिल पाया है, ऐसा किसान के साथ किया।
06:18

सिंधिया के मुकाबले पायलट को लाएगी कांग्रेस deepak tiwari

भोपाल। कभी अपनी ही पार्टी से बगावत कर राजस्थान की गहलोत सरकार को संकट में डालने वाले सचिन पायलट अब मध्यप्रदेश में होने वाले उपचुनाव में हुंकार भरते नजर आएंगे। वे ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर‑चंबल संभाग में कई सभाएं लेंगे। गौरतलब है कि पायलट सिंधिया के साथ लंबे समय तक काम कर चुके हैं। अब उन्हीं के खिलाफ पायलट के मैदान में उतरने से उपचुनाव काफी रोचक हो जाएगा।
युवा चेहरा…गुज्जर समुदाय को भी आकर्षित करेंगे
सचिन पायलट न केवल युवा चेहरा हैं, बल्कि कांग्रेस में सिंधिया के मुकाबले अपनी दावेदारी करते आए हंै। पायलट गुज्जर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और ग्वालियर, चंबल संभाग मेें इस समुदाय के कई लोग है, जिन्हें पायलट आकर्षित कर सकते हंै।
कमलनाथ के आग्रह पर आ रहे हैं पायलट
कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट से खासकर ग्वालियर‑चंबल क्षेत्र में पार्टी के प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने का अनुरोध किया और पायलट ने इसके लिए तुरंत अपनी सहमति दे दी है। शीघ्र ही पायलट के प्रचार का कार्यक्रम तय होगा।

Friday, 18 September 2020

15:22

दुर्गा उत्सव के लिए नई गाइड लाइन जारी जाने क्या :deepak tiwari

मध्य प्रदेश में नवरात्र पर देवी पंडाल सज सकेंगे। गृह मंत्रालय ने नई गाइडलाइन के अनुसार सभी कलेक्टर को आयोजन के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें प्रतिमाओं की ऊंचाई से लेकर पंडाल तक का आकार तय कर दिया गया है। आयोजन संचालकों के साथ छोटे स्तर पर इलाके में लगने वाली झांकियों पर 8 नियम लागू रहेंगे। इसका पालन कराना जहां प्रशासन की जिम्मेदारी रहेगी, वहीं नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और सजा का प्रावधान भी किया गया है।
शहर के कई इलाकों में पहले से ही प्रतिमाएं बन रही हैं। अब इनकी ऊंचाई तय होने से प्रतिमाओं का निमार्ण करने वालों को परेशानी होगी।
शहर के कई इलाकों में पहले से ही प्रतिमाएं बन रही हैं। अब इनकी ऊंचाई तय होने से प्रतिमाओं का निमार्ण करने वालों को परेशानी होगी।
यह नियम जारी किए गए
प्रतिमाएं अधिकतम 6 फीट ऊंची हो सकती हैं। पंडाल का साइज भी 10 बाई 10 फीट अधिकतम होगा।
सामाजिक/सांस्कृतिक एवं अन्य कार्यक्रमों के आयोजन में 100 से कम व्यक्ति ही रह सकेंगे हैं। कार्यक्रम की पूर्व से अनुमति लेनी जरूरी।
किसी भी तरह के जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। गरबा भी नहीं होगा। लाउडस्पीकर बजाने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी की गई गाइडलाइन का पालन करना अनिवार्य है।
मूर्ति विसर्जन के लिए 10 से अधिक व्यक्तियों के समूह को अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी। आयोजकों को अलग से जिला प्रशासन से लिखित अनुमति पहले से लेनी आवश्यक है।
झांकियों, पंडालों और विसर्जन के आयोजनों में श्रद्धालु फेस कवर, सोशल डिस्टेंसिंग एवं सैनिटाइजर का प्रयोग करेंगे, साथ ही शासन के द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों का भी पालन करना होगा।
सभी दुकानें रात 8:00 बजे तक खोलने की अनुमति होगी। इसमें रेस्टोरेंट, मेडिकल, राशन, भोजनालय और खानपान से संबंधित दुकानें 8:00 बजे के बाद अपने निर्धारित समय तक खुल सकती है। रात 10:30 बजे से सुबह 6:00 बजे तक बिना किसी कारण के घूमने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा विसर्जन के लिए अधिक से अधिक उपयुक्त स्थानों का चयन किया जाएगा। विसर्जन स्थल पर कम भीड़ होना चाहिए।
नियमों का पालन नहीं करने पर दुकान संचालक पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और सजा दोनों तरह का दंड होगा।

Thursday, 17 September 2020

05:57

क्या आप जानते है कि श्रीनिवास तिवारी को रीवा का सफेदशेर क्यों कहते हैं

January 17, 2020 दीपक तिवारी 
भोपाल। वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी स्वभाव से निर्भीक, गहरी राजनीतिक समझ, प्रभावी वक्ता, संसदीय ज्ञान, वचन के पक्के और समाजवाद के पोषक थे। उनके कामकाज की शैली के चलते उनके चाहने वाले उन्हें 'WHITE TIGER" कहने लगे थे। संसदीय ज्ञान के मामले में विरोधी भी उनका लोहा मानते थे। यही वजह है कि उन्हें दस साल तक विधानसभा अध्यक्ष और ढाई साल तक विधानसभा उपाध्यक्ष के तौर पर सदन संचालन का दायित्व सौंपा गया था।

ऐसा लड़ाकू नेता नहीं देखा
प्रदेश की राजनीति में कई दशकों तक श्रीनिवास तिवारी के साथी रहे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता एवं पूर्व मंत्री हजारी लाल रघुवंशी बताते हैं कि मेरे लिए वह आदरणीय रहे। उनके स्वभाव में अनेक खूबियां थीं। ऐसा लड़ाकू नेता कांग्रेस और मध्यप्रदेश को मिलना अब मुश्किल है। कई दशकों का साथ रहा। उनसे जुडे ढेरों संस्मरण हैं ।उनके जैसा दूसरा नहीं देखा। वह चले गए अब उनके बारे में और क्या कहें भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।

सिद्धांतों से समझौता नहीं
विधानसभा के प्रमुख सचिव रहे भगवानदेव इसरानी कहते हैं कि 'मैं उनकी कार्यशैली का प्रशंसक रहा।" उन्होंने बताया कि विधानसभा उपाध्यक्ष और अध्यक्ष के रूप में उनकी कार्यशैली नजदीक से देखी, शासन पर उनके प्रभाव के चलते विधानसभा में उन्होंने अनेक पद स्वीकृत कराए। कर्मचारियों को लाभ मिला। स्पीकर के रूप में उनका कार्यकाल यादगार रहा। सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया, इसी के चलते उन्होंने अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल से इस्तीफा तक दे दिया था। अपनी स्वभावगत निर्भीकता और दुस्साहसी होने के कारण लोग उन्हें 'सफेद शेर" भी कहने लगे थे।

1948 में बनाई थी समाजवादी पार्टी
श्रीनिवास तिवारी ने विद्यार्थी जीवन में स्‍वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लिया। सन 1948 में विंध्‍य प्रदेश में समाजवादी पार्टी का गठन किया तथा सन 1952 में समाजवादी पार्टी के प्रत्‍याशी के रूप में विंध्‍य प्रदेश विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित हुए। जमींदारी उन्‍मूलन के लिए अनेक आंदोलन संचालित किए तथा कई बार जेल यात्राएं की। 

कामता प्रसाद जी ने सोना गिरवी रखकर चुनाव लड़वाया
बताते हैं कि समाजवादी पार्टी से 1952 के प्रथम आम चुनाव में जब श्रीनिवास तिवारी को मनगवां विधान सभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया गया तब उनके सामने भारी आर्थिक संकट था। यह समस्या थी कि चुनाव कैसे लड़ा जाए? ऐसे में गांव के कामता प्रसाद तिवारी नाम के एक व्यक्ति उनकी मदद के लिए आगे आए थे। उन्होंने अपने घर का सोना रीवा में 500 रुपये में गिरवी रखकर रकम श्रीनिवास तिवारी को चुनाव लड़ने के लिए सौंप दी। इसी धन राशि से चुनाव लड़ा गया और जीत हासिल की।

इंदिरा गांधी ने कांग्रेस में बुलाया था
सन 1972 में समाजवादी पार्टी से मध्‍यप्रदेश विधान सभा के लिए निर्वाचित हुए। सन 1973 में इंदिरा गांधी के कहने पर कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए। सन 1977, 1980 एवं 1990 में विधान सभा के सदस्‍य निर्वाचित। सन 1980 में अर्जुन सिंह के मंत्रिमंडल में लोक स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण विभाग के मंत्री रहे।

अर्जुन सिंह सरकार से इस्तीफा दिया
1977 में विधायक चुने जाने के बावजूद विपक्षी पार्टी की सरकार बनने की वजह से उन्हें कोई बड़ा पद नहीं मिल सका। 1952 में विधायक चुने गए श्रीनिवास तिवारी पहली बार 1980 में अर्जुन सिंह मंत्रिमंडल में मंत्री पद से नवाजे गए। हालांकि, बाद में इस्तीफा देकर वह विधायक के रूप में ही सेवाएं करते रहे थे। 

दिग्विजय सिंह ने दिया सम्मान
1985 में टिकट काटने की कवायद के बावजूद विंध्य का यह 'सफेद शेर' मुश्किलों के आगे झुका नहीं। 1990 में चुनाव जीतने के बाद वह विधानसभा उपाध्यक्ष बनाए गए। 1993 में दिग्विजय सिंह के सत्ता में काबिज होने के बाद 10 साल तक वह विधानसभा अध्यक्ष रहे थे। 2008 में विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने अपनी राजनीतिक जमीन को कमजोर नहीं होने दिया था।

पहला फोन दिग्विजय का...
तिवारी के परिजनों के अनुसार निधन के पांच-सात मिनट के भीतर ही पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का फोन शोक संवेदना व्यक्त करने आ गया। वह इस समय नर्मदा की परिक्रमा पर हैं। उनके बेटे जयवर्धन भी शोक संवेदना जताने घर पहुंच गए।

Saturday, 12 September 2020

05:23

9वीं से 12वीं तक के स्कूलों की रीओपनिंग को लेकर गाइड लाइन जारीdeepak tiwari

 September 12, 2020

इंदौर। कोरोना वायरस के संक्रमण के बीच 21 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के स्कूल खुलेंगे, जहां बच्चे शिक्षक से मार्गदर्शन ले सकेंगे। इन स्कूलों के लिए शिक्षा विभाग ने रीओपनिंग गाइड लाइन जारी की है, जिसमें बच्चों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए तमाम प्रबंध स्कूल संचालकों को करना होंगे। विस्तृत गाइड लाइन आज शाम तक जारी होने की संभावना है।
सरकारी और निजी स्कूलों में कोरोना के संक्रमण के चलते ऑनलाइन पढ़ाई बच्चों को कराई जा रही है। वहीं 21 सितम्बर से 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल खुलेंगे और बच्चे स्कूल जाकर शिक्षकों से मार्गदर्शन ले सकेंगे। इधर देर रात स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी निजी और सरकारी स्कूलों की रीओपनिंग गाइड लाइन जारी की है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा भेजी गई इस गाइड लाइन को लेकर अभी आंशिक प्रबंध की बात कही गई है। आज शाम तक केंद्र सरकार की इस गाइड लाइन की विस्तृत जाकनारी स्कूलों को भेजी जाएगी। स्कूलों में बच्चों को वायरस से बचाव के लिए तमाम प्रबंध स्वयं करना होंगे।

Wednesday, 9 September 2020

01:15

कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता कोरोना पॉजिटव:deepak tiwari

भोपाल.पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी के बाद अब कांग्रेस के एक और वरिष्ठ नेता एनपी प्रजापति भी अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। बताया जाता है कि उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उन्होंने अपने संपर्क में आने वालों को तत्काल कोरोना टेस्ट कराने का अनुरोध किया है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उनके जल्दी ठीक होने की कामना की है।
लगातार लोगों के संपर्क रहे
मध्यप्रदेश के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति अभी तक लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के संपर्क में रहे। उन्होंने पीसीसी में कुछ प्रेस कांफ्रेंस भी की हैं। अंतिम पत्रकारवार्ता 29 अगस्त को की थी। इसमें उन्होंने किसानों के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरा था। इससे पहले पचौरी कोरोना के लक्षण आने के बाद अस्पताल में भर्ती हो चुके हैं।
ये प्रमुख लोग संक्रमित हो चुके
राज्य की कमलनाथ सरकार में वित्त मंत्री रहे तरुण भनोत भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुके हैं। सबसे पहले कुणाल चौधरी कोरोना संक्रमित हुए थे। प्रदेश में अब तक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी, तुलसीराम सिलावट, स्वास्थ्य शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और कांग्रेस नेता पीसी शर्मा समेत कई राजनेता कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं।

Tuesday, 8 September 2020

18:03

रीवा में है देश का इकलौता ऐसा अस्पताल, जहां इलाज नहीं ‘मौत’ मिलती है deepak tiwari

दीपक तिवारी
देश में एक ऐसा भी अस्पताल भी है, जहां इलाज नहीं मौत मिलती है?  ये हम नही कह रहे ! ये लोग कह रहे है ! यह अस्पताल मध्यप्रदेश के रीवा जिले में है. जिसकी नीव यह मानकर रखी गई थी कि विंध्य के मरीजों का इलाज हो सकेगा ! हमेशा विवादो के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाला संजय गाँधी मेमोरियल चिकित्सालय महज एक अस्पताल नहीं बल्कि सीधे श्यामशाह मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध है.
रीवा वासियो का कहना है कि कोरोना काल में यह अस्पताल मौत का अस्पताल बन चुका है. विंध्य के किसी भी जिले से आने वाले कोरोना मरीज यहां स्वस्थ होकर घर नहीं जाते बल्कि सीधे परलोक सिधार जाते हैं. सर्व सुविधायुक्त होने के बावजूद भी यह अस्पताल मरीजों को सुविधा दे पाने में असमर्थ है, कारण भगवान् का रूप कहे जाने वाले स्वयं यहाँ के चिकित्सक हैं. 
रविवार 7 सितंबर और सोमवार की दरमियानी रात तडके तीन बजे तक अस्पताल में कोरोना संक्रमितों की मौत हुई है. जिन्हे भर्ती होने के बाद इलाज की महज खानापूर्ति की गई. सूत्रों की माने तो यहाँ के चिकित्सक कोरोना मरीजों को हाँथ तक नहीं लगाते, मरीज वार्ड बॉय एवं स्टाफ के जिम्मे होते हैं, जिनका एकमात्र काम है मरीज से पैसे ऐठना और मौत के दौरान उनके सामान गायब करना. 

*रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर की मौत, परिजनों ने व्यवस्था पर उठाए सवाल* 

सतना जिले के एक रिटायर्ड डिप्टी कलेक्टर बद्री प्रसाद मिश्रा की मौत रविवार की रात करीब 11 बजे संजय गाँधी अस्पताल में हुई है. हाल ही में उनका स्वास्थ्य बिगड़ा था और वे कोरोना संक्रमित पाए गए थें. उन्हें इलाज के लिए संजय गाँधी अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन रविवार को इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई. 

*वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग महज दिखावा, छूते तक नहीं चिकित्सक*

 परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में शुरू कराई गई वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग सुविधा महज एक दिखावा है. जहाँ मरीजों को अस्पताल में चल रही लापरवाही की बात न बताए जाने के लिए पहले डराया जाता है इसके बाद उन्हें वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग में शामिल किया जाता है. पहले भी अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए जा चुके हैं कि यहां चिकित्सक कोरोना संक्रमितों को छूते तक नहीं है, इलाज तो दूर की बात है. जो कोरोना के संक्रमण से स्वस्थ भी हो जाते हैं वे भी भगवान भरोसे होते हैं.
हालत ये हैं कि अगर दूसरे जिले से गंभीर मरीज के नाम पर आने वाले कोरोना पीड़ित संजय गाँधी अस्पताल में भर्ती होते हैं तो यहाँ उनकी मौत  होती है. रीवा समेत सतना, सीधी और सिंगरौली के कई मरीज यहाँ दम तोड़ते जा रहें हैं. जिनमें सतना से आने वाले मरीजों की संख्या अधिक है. अब तो इन रीवा के आलावा अन्य  जिलों से आने वाले कोरोना संक्रमितों के परिजन खुद ही यह कहने लगे हैं कि कहीं भी भेज दो बस SGMH मत भेजो. 

परिजनों के मुताबिक बद्री प्रसाद मिश्र को सांस लेने में तकलीफ जरूर थी लेकिन वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थे उन्होंने शाम को मेडिकल कॉलेज के डीन से वीडियो कांफ्रेंसिंग में बात की थी और भोजन की सराहना की थी लेकिन फिर अचानक ऐसा क्या हो गया कि श्री मिश्र की मौत हो गई . परिजनों के मुताबिक उन्हें प्यास लगी थी लेकिन अस्पताल में कोई पानी देने वाला नही था , रात में वे बाथरूम गए थे जहां उनकी मृत्यु हो गई .

गत माह संजय गाँधी अस्पताल में एक फिर बड़ा बवाल हुआ था. यहाँ एक युवक का शव एक वृद्ध से बदली कर दिया गया और बिना परिजनों को सूचित किए मृतक युवक का अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. इस पर प्रदेश स्तर तक हंगामा मचा था. जिसमें एक चिकित्सक को निलंबित कर दिया गया. बाद में मामले को लेकर रीवा कमिश्नर द्वारा कुछ स्टाफ को निलंबित कर इतिश्री कर ली गई थी और वाहवाही लूटने का प्रयास किया गया था.

Friday, 4 September 2020

08:03

स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा- deepak tiwari

 केंद्र सरकार की गाइडलाइन है, हम स्कूल नहीं खोल सकते हैं; अगर किसी बच्चे को कुछ हो गया तो जवाब हमें ही देना पड़ेगा
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने निजी स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के फीस वसूलने पर रोक लगाई है, ऐसे में वह सिर्फ ट्यूशन फीस ले सकते है। स्कूल शिक्षा मंत्री भोपाल में मीडिया से निजी स्कूलों द्वारा फीस वसूलने के मामले बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कहीं पर फीस वसूली जा रही है और उसकी शिकायत मिली तो हम स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि निजी स्कूलों पर सरकार का एकदम बहुत ज्यादा नियंत्रण नहीं है, फीस वाले मामले में खासकर, इसे लेकर हम कानून भी बनाने जा रहे हैं। जहां तक कोरोना काल की बात है तो सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्देश दिए हैं कि बच्चों के नाम न काटे जाएं। हमारी तरफ से भी ये सख्त निर्देश हैं।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है, अब सिर्फ ट्यूशन फीस स्कूल वाले ले सकते हैं और मुख्यमंत्री ने भी मामले में निर्देश दिए हैं। कोरोना काल में ऑनलाइन पढ़ाई की जा रही है, और जिन गरीब बच्चों के पास लैपटॉप या मोबाइल नहीं है, उनकी दूरदर्शन के माध्यम से टीवी के द्वारा पढ़ाई करवाई जा रही है।
कोरोना काल चल रहा है इसलिए भारत सरकार की जो गाइडलाइन है उस हिसाब से हमें चलना पड़ेगा। स्कूलों को बंद रखना पड़ेगा, क्योंकि अगर किसी बच्चे को कुछ हो गया उसका जवाब भी हमें ही देना है। इसलिए हमारी यह मजबूरी है। निजी स्कूलों के द्वारा एक तरफ जहां बच्चों से फीस वसूली जा रही है। वहीं शिक्षकों को वेतन नहीं दिया जा रहा है। इस मामले की शिकायतें पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं, लेकिन वह कलेक्टर और श्रम विभाग के अंतर्गत आता है। शिक्षक वहां पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
बता दें मंगलवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों के बच्चों की फीस वसूलने पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश जारी कर दिया था। साथ ही ये भी कहा था कि वह ट्यूशन फीस ले सकते हैं। कोर्ट ने सुनवाई की अगली तारीख 10 सितंबर तय की है।

Tuesday, 1 September 2020

02:50

मध्‍यप्रदेश कांग्रेस में 15 प्रत्याशियों के नाम तय

  deepak tiwari 
 September 1, 2020

- सांवेर से गुड्डू और बदनावर से अग्रवाल 
- 5 सीटों पर 2 नाम और 7 पर 3 नामों का पैनल
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा की 27 सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने 15 सीटों पर नाम फाइनल कर दिए हैं। इन सभी सीटों पर 1–1 नाम पार्टी हाईकमान को भेजे जा चुके हैं तो वहीं 5 सीटों पर दो नामों का और 7 सीटों पर 3 नामों का पैनल है। आज शाम तक हाईकमान से मंजूरी मिलने के बाद इनके नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि जिन सीटों पर एक-एक नाम पार्टी हाईकमान को भेजे गए हैं उनमें इंदौर राकेश पाटीदार, हाटपीपल्या, गोहद से रामनारायसिंह भांडेर से फूलसिंह बरैया, अंबा से सत्यप्रकाश, मुरैना से राकेश मावाई, दिमनी से रवीन्द्र तोमर, बमोरी से केएन अग्रवाल, ग्वालियर सुनील शर्मा, जोरा से भानूप्रतापसिंह आगर से विपीन वानखेड़े बदनावर से राजेश अग्रवाल, सुवासरा, राकेस पाटीदार, सांवेर प्रेमचंद गुड्डू, कोहरी हरिवल्लभ शुक्ला, हाटपीपल्या से राजेन्द्रसिंह बघेल के नाम शामिल है।

Monday, 31 August 2020

15:01

प्रदेश में रविवार का लॉकडाउन खत्म होटल रेस्टोरेंट और बार भी खुलेंगे


deepak tiwari 
मध्य प्रदेश  में अब किसी प्रकार का कोई लॉकडाउन  नहीं रहेगा| अब तक अलग अलग जिलों में रविवार को लागू किया जा रहा लॉकडाउन  को भी अब ख़त्म कर दिया गया है|

प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने एलान करते हुए कहा है कि आज से प्रदेश में कोई लॉकडाउन नहीं रहेगा|गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि प्रदेश में अब किसी भी प्रकार का लॉकडाउन नहीं रहेगा। अब तक हो रहे रविवार के लॉकडाउन को खत्म कर दिया गया है। अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन में पाबंदी रहेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र की अनुमति के बिना कोई भी लॉकडाउन नहीं होगा।

मंत्री डॉ मिश्रा ने कहा कि लॉकडाउन के लिए केंद्र से प्राप्त गाइडलाइन के तहत करना होगा| अगर किसी ने सीधा लॉकडाउन कर दिया तो उन पर कार्रवाई की जायेगी| उन्होंने कहा कि 21 सितंबर से प्रदेश में राजनीतिक सभाएं शुरू हो सकेंगी| 100 प्रतिशत कारोबार संचालित हो सकेंगे|

होटल और बार खुलेंगे

अनलॉक 4 की गाइडलाइंस का ऐलान भी कर दिया गया है। अब मध्य प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और बार भी खुल सकेंगे। साथ ही रिसॉर्ट्स और सिविलियन क्लब भी खोले जाएंगे। आबकारी आयुक्त ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को पत्र लिखकर कहा है कि सभी बार लायसेंस के नवीनीकरण के प्रस्ताव की औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करा ली जाएं।

Sunday, 30 August 2020

08:42

रातभर में गिरा पौने 3 इंच पानी

इंदौर.deepak tiwari शनिवार से रविवार सुबह तक तीन इंच से ज्यादा बारिश हुई। इस बारिश के साथ इंदौरियों के चेहरे भी खिल गए, क्योंकि शहर की जरूरत का पानी यानी 34 इंच से ज्यादा बारिश हो गई है। रविवार रात को ही 2.8 इंच बारिश हो गई। इसे मिलाकर 36 इंच से ज्यादा पानी बरस गया। पिछले साल की तरह इस बार भी जरूरत से बहुत ज्यादा पानी गिरने के आसार हैं। इसका अंदाज इस बात से भी लगाया जा सकता है कि इस वक्त औसत 32 फीसदी ज्यादा पानी गिर चुका है। सितंबर में भी अच्छी बारिश के आसार हैं। इसी ठोस वजह यह है कि बंगाल की खाड़ी में सिस्टम बनने की गतिविधि जारी है। सितंबर के पहले सप्ताह में भी प्रदेशभर में पानी बरसेगा।
पिछले साल के रास्ते पर मानसून
विगत 21 और 22 अगस्त को हुई 12.5 इंच बारिश ने 20 से 32 इंच तक पहुंचा दिया था। ठीक सात दिन फिर शनिवार-रविवार की रात मौसम मेहरबान हुआ तो तीन इंच से ज्यादा पानी गिर गया। पिछले साल भी ठीक इसी समय तक कुल बारिश 35 इंच हो गई थी। मानसून पिछले साल वाले ट्रैक पर ही चल रहा है। इस हिसाब से इस बार भी 40 इंच से ज्यादा पानी बरसने की पूरी संभावना है। इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, बड़वानी जिले में औसत से कहींं ज्यादा पानी बरस चुका है।
अगस्त के औसत से दो गुना बारिश हो गई
अगस्त की औसत बारिश 11 इंच मानी जाती है। अब तक इससे दोगुना यानि 21 इंच पानी गिर चुका है। 31 जुलाई की स्थिति में 14 इंच के करीब पानी बरसा था। 1 से 20 अगस्त के बीच सात इंच पानी गिरा। इसके बाद एक साथ 12.5 पानी और फिर शनिवार को पौने दो इंच। इसे मिलाकर 21 इंच के करीब अगस्त में गिर चुका है। पिछले साल के अगस्त के मुकाबले 1 इंच अधिक है। पिछले वर्ष 20 इंच पानी अगस्त में बरसा था।
फिर सात दिन पहले वाला संयोग
मौसम विशेषज्ञ एके शुुक्ला के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम का केंद्र टीकमगढ़, उज्जैन, भोपाल संभाग बना हुआ है। इंदौर तक आते-आते यह ज्यादा कमजोर, लेकिन अरब सागर से भी नमी मिलने के कारण इंदौर में यह असरदार हो गया। हालांकि इसका असर रविवार को कम हो गया। सात दिन पहले भी 12.5 इंच पानी गिरा था, तब भी इसी संयोग के चलते लगातार बारिश हुुई थी।
सोयाबीन के लिए नुकसान वाला पानी
साढ़े 12 इंच हुई बारिश का पानी अभी सोयाबीन के खेतों में सूखा ही नहीं है और फिर से ज्यादा पानी बरस गया। यह पानी फसल को नुकसान पहुंचाएगा। सोयाबीन पर पहले से ही कीट प्रकोप है।
08:32

बाढ़ में नर्मदा में फंसे लोगों को बचाने के लिए सेना ने संभाला मोर्चा

रायसेन.जिले में बरेली से 40 किमी दूर गाडरवास पंचायत के गांव भौंती नर्मदा के पानी से घिर गया। इस गांव में रहने वाले 85 लोग बाढ़ के पानी से घिर गए। नर्मदा का पानी बढ़ने लगा तो गांव के लोगों को घर की छत पर ही मचान बनाकर दो दिन तक गुजारने पड़े। जब यह जानकारी प्रशासन को लगी तो सेना की मदद से ग्रामीणों को हेलीकाप्टर से बचाकर लाया गया है। रायसेन में नर्मदा पट्टी के करीब 40 गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। जहां पर लोगों को निकाला जा रहा है। हालांकि बारिश थमने के बाद अब नर्मदा का पानी भी उतरने लगा है, जिससे थोड़ी राहत मिली है।
ग्रामीण को बचाने के लिए रेस्क्यू आपरेशन सुबह 10.30 बजे प्रारंभ हुआ है। बरेली नगर में बने हेलीपेड से हेलीकाप्टर बार-बार उडान भर रहा है और भौती गांव पहुंच कर वहां से ग्रामीणों को यहां पर ला रहा है। हैलीपेड से ग्रामीणों को सीधे अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, ताकि उनका इलाज और जांच हो सके। भौंती गांव के राम सिंह ने बताया कि चार दिन से नर्मदा नदी का पानी बढ़ रहा है। परसों तो उनके घर डूबने लगे, ऐसी स्थिति में गांव के लोगों ने मकान की छतों पर दिनरात गुजारे। मकान की छत पर तक मचान बनानी पड़ी, तब कहीं जाकर वे बच पाए हैं। एक बार में 10 से 12 लोगों को हेलीकाप्टर से लाया जा रहा है।
यहां पर सेना के ट्रक भी बुलाए गए हैं, जिसमें रेस्क्यू करके लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
नर्मदा नदी से लगे गांवों की स्थिति है ज्यादा खराब
नर्मदा किनारे बसे गांवों में स्थिति ज्यादा खराब है, जहां पर बाढ़ का पानी घुसने से प्रशासन द्वारा 700 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सेना का रेस्क्यू जारी है और नर्मदा पट्टी के दूसरे गांवों में भी बाढ़ में घिरे लोगों को निकाला जा रहा है।
08:30

मध्यप्रदेश में भारी बारिश से सब हुआ अस्तव्यस्त

भोपाल.मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के कारण अधिकांश इलाकों में बाढ़ के हालात बन गए। सबसे ज्यादा खराब स्थिति होशंगाबाद जिले की है। यहां बीते 24 घंटे में 340.4 मिमी बारिश हो चुकी है। ऐसे में नर्मदा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। जिले में लगातार भारी बारिश और तवा, बारना, बरगी बांध से पानी छोड़े जाने से नर्मदा नदी में बाढ़ की स्थिति बन रही है। प्रदेश में बाढ़ से निपटने के लिए सेना के पांच हैलीकॉप्टर बुलाए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार हरसंभव मदद करेगी।
बाढ़ से प्रदेशभर में यही हालात हैं। बस्तियां डूब गई हैं। नदियां उफान पर हैं।
बाढ़ से प्रदेशभर में यही हालात हैं। बस्तियां डूब गई हैं। नदियां उफान पर हैं।
सीएम ने कहा- मैं खुद रातभर हालात की जानकारी लेता रहा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी प्रदेश में बाढ़ के हालात के बारे में बताया। चौहान ने कहा कि प्रदेश में बाढ़ से निपटने की पूरी तैयारी है। रातभर प्रशासन और मैं स्वयं राहत और बचाव में लगा रहा। बाढ़ प्रभावित 12 जिलों के 411 गांवों के करीब 9 हजार लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। कुछ जगहों पर बचाव और राहत कार्य जारी है। सीएम ने बताया कि राहत और बचाव कार्य में तेजी आने के लिए प्रधानमंत्री से सेना के 5 हेलीकॉप्टर मांगे। सेना के हेलीकॉप्टर आने के बाद राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था।
9 जिलों के 364 में भीषण बाढ़
प्रदेश के 9 जिलों के 394 से ज्यादा गांवों में भीषण बाढ़ आई है। यहां के 7 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविर में ले जाया गया है। जहां पर रुकने, भोजन, दवाओं आदि सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रदेश के तीन जिले होशंगाबाद, सीहोर और रायसेन में कई गांव बाढ़ से घिरे हैं। छिंदवाड़ा जिले में 5 व्यक्तियों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित बचाया गया। होशंगाबाद, रायसेन और सीहोर जिलों मे बाढ़ में मदद के लिए सेना बुलाई गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बचाव कार्यों में लगी हैं।
भोपाल के ईंटखेड़ी गांव में हलाली नदी का पानी पहुंच गया। होमगार्ड भोपाल की रेस्क्यू टीम ने गांव से 30 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
भोपाल के ईंटखेड़ी गांव में हलाली नदी का पानी पहुंच गया। होमगार्ड भोपाल की रेस्क्यू टीम ने गांव से 30 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला।
प्रदेश के ज्यादा बारिश वाले जिले
बीते 24 घंटे में होशंगाबाद शहर में 340.4 मिमी हो चुकी है। यहां डोलरिया में 120 मिमी, इटारसी में 107.4 मिमी, पिपरिया में 105.8 मिमी, सोहागपुर में 103.4 मिमी बारिश हुई।
भोपाल के बैरागढ़ में 112 मिमी, भोपाल शहर में 93.1 मिमी, कोलार में 69.8 मिमी, नवीबाग में 62.8 मिमी, बैरसिया में 55.1 मिमी।
रायसेन के सुल्तानपुर में 103 मिमी, बाड़ी में 85 मिमी।
विदिशा के ग्यारसपुर में 102 मिमी, लटेरी में 86 मिमी।
इंदौर के देपालपुर में 167.7 मिमी, सांवेर में 104.4 मिमी, गौतमपुरा में 87.5 मिमी।
सीहोर के बुधनी में 276 मिमी, इछावर में 267 मिमी, रेहटी में 266 मिमी, जावर में 228 मिमी, नसरुल्लागंज में 215 मिमी, आष्टा शहर में 202 मिमी, श्यामपुर में 142 मिमी।
उज्जैन के महिदपुर में 257 मिमी, घट्टिया में 253 मिमी, तराना में 190 मिमी, नागदा में 140 मिमी, खाचरौद में 132 मिमी।
देवास के सोनकच्छ में 208 मिमी, खातेगांव में 197 मिमी, हटपीपल्या में 192 मिमी, टोंकखुर्द में 186 मिमी, कन्नौद में 171 मिमी।
आगर के बड़ौद में 220 मिमी।
रतलाम के पिपलौदा में 204 मिमी, सैलाना में 203 मिमी।
08:28

उद्घाटन से पहले ही बह गया नवनिर्मित पुल:deepak tiwari

सिवनी.मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में 9 करोड़ की लागत से वैनगंगा नदी पर बना 300 मीटर लंबा पुल बारिश में बह गया। पुल का उद्घाटन होना बाकी है, लेकिन इसका इस्तेमाल शुरू हो गया था। जिले के सुनवारा गांव में एक महीने पहले ही बनकर तैयार हुआ था। लोग निर्माण एजेंसी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे हैं।
पुल निर्माण का कार्य 1 सितंबर 2018 को शुरू हुआ था, निर्माण पूरा होने की तारीख 30 अगस्त तय की गई थी। पुल इससे पहले ही बनकर तैयार भी हो गया था और गांव के लोग करीब एक महीने से इसका इस्तेमाल भी कर रहे हैं, लेकिन इससे पहले कि इसका उद्घाटन होता। 29-30 की दरम्यानी रात भारी बारिश से आई वैनगंगा नदी में बाढ़ से पुल बह गया।
यह पुल सिवनी की केवलारी विधानसभा के तहत आता है। पुल बहने से इलाके का संपर्क टूट गया है जिससे लोगों को आने जाने में परेशानी हो रही है। असल में, संजय सरोवर बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे वैनगंगा उफान पर आ गई और करीब 80 गांव प्रभावित हुए हैं।
08:26

उज्जैन:नाला उफान पर था, गर्भवती महिला दर्द से तड़प रही थी, पुलिस ने लोगों के साथ खाट पर बैठाकर नाला पार करवाया

उज्जैन.deepak tiwari जिले में लगातार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं। इसके चलते कई जगह आवागमन बाधित हो गया है। ऐसा ही मामला कायथा में सामने आया। यहां कालीसिंध नदी उफान पर आने से पुलिया पर पानी था। इसी पुलिया से होकर रहवासी मुख्य बाजार एवं बस स्टैंड आते हैं। रविवार को आंबेडकर नगर निवासी दीपक राजोरिया की पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर डिलेवरी के लिए हॉस्पिटल ले जाना था, लेकिन छोटा बाजार की पुलिया पर पानी होने से रास्ता बंद था।
कायथा टीआई प्रदीप राजपूत ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 10:30 बजे इसकी जानकारी मिली। इस पर मौके पर जाकर देखा तो ऊपर से पानी बह रहा था। महिला को जल्द हॉस्पिटल पहुंचाना था। ऐसे में नाव आने का इंतजार नहीं कर सकते। टीआई राजपूत ने बताया थाने के जवान घासीराम, तुलसीराम, लाखन, भोनीसिंह ने गांव के लोगों की मदद से महिला को खटिया पर बैठाकर नदी पार करवाई। पुलिया के इस ओर पहले से एम्बुलेंस बुला ली गई थी। पुलिया पार कर महिला एवं उसके परिजनों को उज्जैन भेजा गया।
08:25

भोपाल में खिला ब्रह्मकमल; पांच साल पहले घर के आंगन में पौधा रोपा था, पुराणों में भी इसका महत्व deepak tiwari

भोपाल.अति दुर्लभ और पौराणिक महत्व का ब्रह्मकमल भोपाल में खिला है। तुलसी नगर में रहने वाले वीके पांडे ने इसे पांच साल पहले घर के आंगन में इसका पौधा रोपा था। उनके बेटे अनिरुद्ध ने बताया कि हिमालय में खिलने वाले इन फूलों के पौधों की काफी देखभाल करना पड़ती है। पांच साल के इंतजार के बाद इसमें 10 कलियां आई थीं, लेकिन उनमें से एक ही शनिवार रात खिल सकी। पूरे परिवार ने इसे देखा। कई परिचित भी इसे देखने आए।
वीके पांडे को इस फूल को खिलता देखने के लिए पांच साल का इंतजार करना पड़ा।
शाम करीब साढ़े 7 बजे यह खिलना शुरू हुआ। करीब ढाई घंटे बाद यह पूरी तरह खिल गया। इसके बाद पूरे घर में उसकी सुगंध फैल गई। यह खिलकर करीब एक फिट तक बड़ा हो गया। इस दुर्लभ फूल की सुंदरता देखते ही बन रही थी। इधर, कोटरा सुल्तानाबाद में रहने वाले अशोक शुक्ला के घर पर में एक साथ 4 फूल खिले। उन्होंने बताया कि यह करीब 3 से लेकर 4 घंटे पूरी तरह खिलता है।
सिर्फ रात को खिलता है
यह हिमालय की वादियों में मिलता है। इसका नाम है ब्रह्मकमल। यह फूल तीन हजार मीटर की ऊंचाई पर सिर्फ रात में खिलता है। सुबह होते ही इसका फूल बंद हो जाता है। इसे देखने दुनियाभर से लोग वहां पहुंचते हैं। इसे उत्तराखंड का राज्य पुष्प भी कहते हैं। ब्रह्मकमल को अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग नामों से जाना जाता है। उत्तरखंड में ब्रह्मकमल, हिमाचल में दूधाफूल, कश्मीर में गलगल और उत्तर-पश्चिमी भारत में बरगनडटोगेस कहा जाता है।
औषधीय गुणों के कारण संरक्षित प्रजाति में रखा गया है
ब्रह्मकमल हिमालय के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिम चीन में पाया जाता है। बदरीनाथ, केदारनाथ के साथ ही फूलों की घाटी, हेमकुंड साहिब, वासुकीताल, वेदनी बुग्याल, मद्महेश्वर, रूप कुंड, तुंगनाथ में ये फूल मिलता है। धार्मिक और प्राचीन मान्यता के अनुसार ब्रह्मकमल को भगवान महादेव का प्रिय फूल माना गया है। इसका नाम उत्पत्ति के देवता ब्रह्मा के नाम पर दिया गया है। इसकी सुंदरता और औषधीय गुणों के कारण ही इसे संरक्षित प्रजाति में रखा गया है। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में ब्रह्मकमल को काफी मुफीद माना जाता है। यह भी कहा जाता है घर में भी ब्रह्मकमल रखने से कई दोष दूर होते हैं।
07:46

बिजली समस्याओं के निराकरण हेतु निरन्तर प्रदर्शन कर रहे हैं हिनैता कला के ग्रामीणdeepak tiwari

 मध्य प्रदेश  वर्तमान में बिजली विभाग की कार्यशैली से लोग परेशान हैं कई गाँवों के ट्रान्सफार्मर खराब है जन्हें अभो तक बदला नहीं गया है।ऐसा ही हाल हिनौता कला का है जहाँ 10 दिनों से गाँव के लोग अँधेरे में रहने को विवश हैं।यहाँ ग्रामीण सर्वाङ्ग सामाजिक विकास परिषद के नेतृत्व में लगातार 4 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए श्री मिश्रा ने बताया कि ट्रान्सफार्मर खराब होने से विद्युत् आपूर्ति पूर्णरूपेण अवरुद्ध है इसके कारण कई तरह की समस्याओं का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है।मोबाईल चार्ज न होने से बच्चे ऑनलाइन क्लास अटेंड नहीं कर पा रहे हैं।उनकी पढ़ाई बुरी तरह से प्रभावित हो रही है।पंखे न चलने से मच्छरजनित बीमारियां पनप रही है लोग बीमार हो रहे हैं।ग्राम पंचायत कार्यालय का कम्प्यूटर भी इसके कारण बन्द है जिसके कारण कई शासकीय कार्य प्रभवित हो रहे है मजदूरों का मस्टर फीड न होने से निर्माण कार्य पूरी तरह ठप्प है अतः शीघ्र ही ट्रान्सफार्मर बदला जाये।शनिवार रात किये गए प्रदर्शन के दौरान राजभान पटेल सतेंन्द्र मिश्रा दिलीप पयासी सुनील रावत मायाराम रावत शुभम रावत संजय पटेल लालजी कोल पन्नेलाल रावत रामशरण कोल गोपाल शरण सूरज रावत प्रभूदयाल पटेल अनिल पटेल वंशगोपाल रजक मुनेश कोल रोहित विश्वकर्मा रोहित रावत मिथलेश विश्वकर्मा बरातीलाल साकेत मुकेश पटेल दीपक पटेल सुरेंद्र पटेल झल्लू विश्वकर्मा देवेंद्र पटेल राजेश दाहिया राहुल पयासी ब्रजेश कोल लालू विश्वकर्मा रामसुजान कोल महेंद्र रामावतार पटेल सहित भारी तादाद में ग्रामीण मौजूद रहे।

Saturday, 29 August 2020

17:16

स्कूलों में फीस वसूली व मनमानी पर मुख्यमंत्री सख्त:deepak tiwari

इंदौर.लॉकडाउन के बाद से स्कूलों द्वारा अभिभावकों पर स्कूल फीस भरने को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। कभी ऑनलाइन क्लास के नाम पर तो कभी ट्यूशन फीस के नाम पर। अभिभावक स्कूलों की मनमानी के खिलाफ अब सड़क पर उतर रहे हैं। शुक्रवार को भी कुछ महिलाओं ने इसी मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री का काफिला रोक लिया था। शनिवार को मुख्यमंत्री ने वीडियाे कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इंदौर में अधिकारियों से इस मुद्दे को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि वे महिलाएं बेहद दुखी थीं। इस मामले में प्रबंधन को बुलाकर जल्द निर्णय लें। कोई भी स्कूल संचालक ऐसी मनमानी नहीं कर सकता। इस मामले को लेकर हम एक्ट बनाने पर भी विचार कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों से स्कूल फीस वृद्धि को लेकर बात की। उन्होंने शुक्रवार को उनके काफिले को रोककर फीस मामले में बात करने वाली महिला का जिक्र करते हुए कहा कि वे बहुत दुखी थीं। क्योंकि ट्यूशन फीस ही कई गुना बढ़ा दी गई। इस मामले में नीतिगत फैसला लेते हुए मैं निर्देश देता हूं कि कोई भी स्कूल मनमानी फीस वृद्धि कर उसे वसूल नहीं सकते। फीस को लेकर हम एक्ट बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। अधिकारियों से कहा कि जल्द स्कूल प्रबंधन को बुलाकर बात करें। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल में ज्यादा बिल और स्कूल फीस मामले में आज हम बैठक कर रहे हैं।
यह है मामला
बायपास से पिपलियाहाना चौराहे की ओर शुक्रवार को सीएम शिवराज सिंह चौहान के काफिले को अग्रवाल पब्लिक स्कूल के बाहर कुछ पालकों ने रोक लिया था। पालकों ने इस दौरान सीएम को अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि मैं एक पैरेंट होने के नाते इंदौर के सभी पैरेंट्स की ओर से आपसे एक निवेदन करना चाहती हूं कि ये जो फीस का मुद्दा है। आप जल्दी से जल्दी इसको सॉल्व करें। पैरेंट काफी परेशान हैं। आज मुझे अग्रवाल पब्लिक स्कूल के बाहर खड़े होते हुए तीन घंटे हो गए। हमें स्कूल के अंदर भी घुसने नहीं दिया गया। आप इस मुद्दे को उठाइये सर। सीएम ने आश्वस्त किया था कि आप चिंता मत करिए मैं इसको दिखवाता हूं।