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Thursday, 6 August 2020

15:40

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया वृक्षारोपण

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर गुरुवार को  मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तेजराम मीना ने कार्यालय परिसर में कदम्ब का पेड़ लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया । डॉ. तेजराम मीना ने बताया कि श्रीमान् जिला कलेक्टर महोदय द्वारा दिये गये निर्देशानुसार जिले में स्थित समस्त चिकित्सा संस्थानों पर 1000 हजार पौधे लगाने का लक्ष्य प्रदान किया गया था जिस पर कार्यालयों एवं चिकित्सा केन्द्रों पर वृक्षारोपण किये जाने के आदेश प्रदान किये जा चुके है। आज कार्यालय में कदम्ब, पीपल, कंचनार, शीशम, अमलतास इत्यादि पौधे लगाये गये। वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान डॉ. कमलेश मीना जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी , जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनएचएम सुधीन्द्र शर्मा ,आशीष गौतम जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी , विनोद शर्मा जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनयूएचएम, विमलेश शर्मा जिला आशा समन्वयक सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहें। डॉ. तेजराम मीना ने परिसर क्षैत्र में पौधों की सुरक्षा व देखभाल इत्यादि व्यवस्था हेतु आशीष गौतम जिला समन्वयक पीसीपीएनडीटी को जिम्मेदारी प्रदान की ।
15:38

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाएं- मुख्यमंत्री


 जयपुर/सवाई माधोपुर @रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण शहरों के साथ-साथ गांवों में भी रोजगार का बड़ा संकट पैदा हुआ है। ऎसे में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्राम विकास से जुड़ी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय शुरू हुई महात्मा गांधी नरेगा योजना एवं राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन जैसी योजनाएं कोरोना संक्रमण के इस चुनौतीपूर्ण समय में वरदान साबित हुई हैं। अधिक से अधिक लोगों को इनसे जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराएं।

श्री गहलोत गुरूवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग की समीक्षा कर रहे थे। कॉन्फ्रेंस से सभी 33 जिलों के ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी जुड़े। मुख्यमंत्री ने जिला परिषद सीईओ एवं एसीईओ सहित अन्य अधिकारियों के साथ ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं के संबंध में सीधा संवाद किया।

स्वयं सहायता समूहाें के उत्पादों की हो बेहतर मार्केटिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की अच्छी भूमिका रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन समूहों को प्रोत्साहन देने के साथ ही इस योजना में और अधिक स्वयं सहायता समूहों के गठन को बढ़ावा दिया जाए। साथ ही इन्हें मजबूत बनाने के लिए इनके उत्पादों की बेहतर ढंग से मार्केटिंग की जाए। कोविड के इस दौर में इन्हें ई-बाजार जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी जोड़ा जा सकता है।

हर हाल में 45 दिन में जारी हों विधायक कोष के कार्यों की स्वीकृतियां

श्री गहलोत ने कहा कि विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम तथा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत होने वाले विकास कार्यों में देरी की शिकायत मिलती है। इसे दूर करने के लिए इनकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृतियां हर हाल में 45 दिन के निर्धारित समय में जारी की जाएं। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया जाए। साथ ही इनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

पंचायत सहायकों को जल्द मिलेगा मानदेय
100 करोड़ की स्वीकृति तत्काल जारी करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री के समक्ष करीब 26 हजार पंचायत सहायकों को मानदेय नहीं मिलने का मामला सामने लाया गया तो उन्होंने अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य को तत्काल प्रभाव से 100 करोड़ रूपए की स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पंचायत सहायकों को जल्द से जल्द मानदेय का भुगतान किया जाए।

नई पंचायतों और पंचायत समितियों के लिए
ग्राम विकास अधिकारी और बीडीओ के पद जल्द सृजित करें

मुख्यमंत्री ने राज्य में नवगठित 1456 नई ग्राम पंचायतों तथा 57 नई पंचायत समितियों के लिए ग्राम विकास अधिकारी एवं ब्लॉक डवलपमेंट ऑफिसर के नए पद जल्द सृजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने संवाद के दौरान कोरोना के संक्रमण के कारण आवश्यकतानुसार विद्युत शवदाह गृह के निर्माण की स्वीकृति शीघ्र जारी करने के निर्देश भी दिए।

श्री गहलोत ने बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय रूर्बन मिशन योजना, सीमान्त क्षेत्रीय विकास योजना, महात्मा गांधी जनभागीदारी विकास योजना, डांग, मगरा एवं मेवात विकास योजना सहित ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से जुड़ी अन्य योजनाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोरोना के इस दौर में ग्रामीण विकास और पंचायती राज विभाग की बड़ी भूमिका है। वह इन योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन कर लोगों को राहत प्रदान करे।

मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रदेश की ज्यादातर जनसंख्या गांव में निवास करती है। उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग अपनी जिम्मेदारी निभाए। साथ ही राजस्थान महामारी अध्यादेश के तहत आमजन को जागरूक कर हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित करवाएं, ताकि गांवों में संक्रमण नहीं फैले।

अतिरिक्त मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज श्री राजेश्वर सिंह ने विभागीय योजनाओं का प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि मनरेगा योजना के तहत प्रदेश में एक दिन में अधिकतम नियोजित श्रमिकों की संख्या 53.45 लाख है, जो गत वर्षों से 20 लाख अधिक है। इस वर्ष करीब 6 लाख नए जॉब कार्ड जारी किए गए हैं।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, निदेशक स्वच्छ भारत मिशन श्री पीसी किशन, आजीविका मिशन की निदेशक श्रीमती शुचि त्यागी तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
00:27

Rajasthan: तबादलों से हलकान हुई व्यूरोकेसी

Rajasthan: तबादलों से हलकान हुई ब्यूरोक्रेसी दीपक तिवारी/ राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने अपने पौने दो वर्ष के शासनकाल के दौरान राज्य की ब्यूरोक्रेसी (Bureaucracy) का एक नहीं बल्कि दो से तीन बार संपूर्ण चेहरा बदल डाला है. आईएएस, आईपीएस, आरएएस और आरपीएस अधिकारियों को ताश के पत्तों की तरह बार-बार फेंटा जा रहा है. प्रदेश में तबादलों का सिलसिला अनवरत जारी है. राज्य के कार्मिक विभाग द्वारा तैयार आंकड़ों के अनुसार इस अवधि में कई अधिकारियों के तो कई बार तबादले हो गये हैं. राज्य में करीब 25 दिन से चल रहे सियासी संकट में भी तबादलों की रफ्तार नहीं रुकी है._*

*_मानकों का पालन नहीं किया जा रहा_*

_हालात ये हैं कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों के तबादलों में दो साल के न्यूनतम कार्यकाल के मानक का पालन नहीं किया जा रहा है. दो साल तक एक ही जगह काम करने के बजाय अधिकारी महज कुछ माह में ही इधर से उधर किए जा रहे हैं. चाहे कलक्टर हो या फिर एसपी या सचिवालय और पुलिस मुख्यालय में लगे अधिकारी सभी का हाल एक जैसा ही है. हर स्तर पर तबादले की मार पड़ रही है. इसमें कई अफसर ऐसे हैं, जिन्हें कुर्सी संभालने से पहले या तुरंत बाद ही दूसरे पदों के लिए रवानगी कर दी जा रही है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के 17 दिसंबर 2018 को शपथ लेने के बाद से अब तक अधिकांश आईएएस, आईपीएस, आईएफएस, आरएएस, आरपीएस का तीन से चार बार तबादला हो चुका है_ 

*_तबादलों के पीछे सरकार का यह है तर्क_*

_अधिकारियों का तबादला करने की मंशा के पीछे सरकार का कहना है कि ब्यूरोक्रेसी जनघोषणा-पत्र को फील्ड में सही रूप से क्रियान्वयन नहीं कर रही है. जबकि उसके लिए जनहित सर्वोपरि है और जो अफसर जनहित के पैमाने पर खरा नहीं उतर रहा है उसी का तबादला किया जा रहा है. कारण चाहे जो भी हो इन तबादलों से ब्यूरोक्रेसी हलकान है. वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष गंगवार, दिनेश चंद्र यादव, कुंजीलाल मीणा, आर वेंकटेश्वरण समेत अन्य को कुर्सी संभालने से पहले या तुरंत बाद ही दूसरे पदों के लिए रवानगी कर दी जा रही है. अधिकारियों का भी कहना है कि बार-बार हो तबादले से वे काम कैसे कर पायेंगे 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश दरकिनार

_केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 28 जनवरी 2014 को अखिल भारतीय सेवा नियम में संशोधन करते हुए एक पद पर कम से कम दो साल कार्य करने के लिए न्यूनतम अवधि को तय किया था. केवल विशेष परिस्थिति में ही दो साल से कम अवधि में किसी अफसर का तबादला किया जा सकता है, लेकिन इस आदेश को राज्य में दरकिनार किया जा रहा है. पिछले सप्ताह जो तबादले किए गए उनमें एक दर्जन अफसरों को छह माह के भीतर ही वापस बुला लिया गया है._

Wednesday, 5 August 2020

00:18

मुख्यमंत्री ने अपनेनिवास पर कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर की समीक्षा बैठक

जयपुर/सवाई माधोपुर@ रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा।जिन जिलों में कोरोना के पॉजिटिव केसेज बढ़ रहे हैं, वहां जिला कलेक्टर आवश्यकता अनुसार सीमित क्षेत्र में लॉकडाउन, रात्रि कर्फ्यू, कन्टेनमेंट सहित अन्य पाबंदियां लगा सकते हैं। लॉकडाउन खुलने के बाद लोगों में कोरोना के प्रति सतर्कता में कमी आई है। साथ ही आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों, परिवहन एवं अन्य आवागमन के दौरान लापरवाही के कारण तेजी से मामले बढ़े हैं। ऐसे में कोरोना संबंधी प्रोटोकॉल की सख्ती से पालना ज़रूरी है। मुख्यमंत्री ने अपने
निवास पर कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। लोग हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतें। लॉकडाउन की तरह ही पूरी गम्भीरता के साथ मास्क लगाने, सोशल डिस्टेंसिंग, सार्वजनिक स्थानों पर नहीं थूंकने सहित अन्य सावधानियों का पालन करें, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार आने वाले समय में कोरोना की स्थिति और विकट हो सकती है।
आर्थिक गतिविधियों का संचालन आवश्यक है, लेकिन वहां हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सुनिश्चित कराई जाए। कार्य स्थलों एवं कार्यालयों का नियमित निरीक्षण करवाया जाए। साथ ही यह भी ध्यान रखा जाए कि किसी भी स्थान पर भीड़भाड़ नहीं हो। लोग बेवजह घरों से नहीं निकलें। होम क्वारेंटीन में रह रहा कोई व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करे तो उसे संस्थागत क्वारेंटीन में भेजा जाए।

बैठक में बताया गया कि बेसहारा एवं जरूरतमंद लोगों के लिए किए जा रहे दूसरे सर्वे में अब तक 3 लाख 23 हजार 162 परिवारों के करीब 13 लाख 76 हजार परिवारों ने पंजीयन करवाया है। यह सर्वे 15 अगस्त तक चलेगा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री अखिल अरोरा ने बताया कि अलवर, बाड़मेर, बीकानेर, कोटा, पाली आदि शहरों में रात्रिकालीन कर्फ्यू एवं सीमित क्षेत्र में कंटेनमेंट किया गया है।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया, मुख्य सचिव श्री राजीव स्वरूप, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह श्री रोहित कुमार सिंह, महानिदेशक अपराध श्री एमएल लाठर, अतिरिक्त मुख्य सचिव पीडब्ल्यूडी श्रीमती वीनू गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त श्री निरंजन आर्य, शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री हेमंत गेरा तथा सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

Tuesday, 4 August 2020

00:19

गुर्जर समाज सहित अति पिछड़ा वर्ग को न्यायिक सेवा में 5 प्रतिशत आरक्षण


सवाई माधोपुर/गंगापुर सिटी@ रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। अखिल भारतीय युवा गुर्जर महासभा के जिला अध्यक्ष मनोज कुनकटा ने बताया कि गुर्जरों सहित अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को राजस्थान न्यायिक सेवा में 1 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए राजस्थान न्यायिक सेवा नियम, 2010 में संशोधन को राज्य कैबिनेट के माध्यम से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दी है।
जिला अध्यक्ष मनोज कुनकटा ने कहा कि अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को इस संशोधन के जरिए राजस्थान न्यायिक सेवा में 1 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। गौरतलब है कि अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थी लम्बे समय से न्यायिक सेवा नियमों में संशोधन की मांग कर रहे थे, ताकि उन्हें राज्य न्यायिक सेवा में 1 प्रतिशत के स्थान पर 5 प्रतिशत आरक्षण मिल सके। 
इस पहल से गुर्जर, रायका-रैबारी, गाडिया-लुहार, बंजारा, गडरिया आदि अति पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को राजस्थान न्यायिक सेवा में नियुक्ति के अधिक अवसर मिलना संभव होगा।

Friday, 31 July 2020

21:30

विश्व आदिवासी दिवस पर 9 अगस्त को होगा सार्वजनिक अवकाश

जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आगामी 9 अगस्त को सम्पूर्ण राजस्थान में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्णय लिया है। गहलोत ने आदिवासी समाज के जनप्रतिनिधियों की काफी लम्बे समय से चली आ रही मांग पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का महत्वपूर्ण निर्णय किया है। 
उल्लेखनीय है कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस पर राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी लोग धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। आदिवासी समाज के लोग इस दिन को आदिवासी परंपराओं और रीति-रिवाजों के उत्सव के रूप में मनाते हुए अपने देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करते हैं तथा सामाजिक उत्सव के रूप में सामूहिक रूप से खुशियों का इजहार करते हैं।
वर्तमान में राज्य सरकार की ओर से आदिवासी दिवस के अवसर पर ऎच्छिक अवकाश घोषित है। मुख्यमंत्री को राजस्थान आदिवासी मीणा सेवा संघ के प्रदेशाध्यक्ष विधायक रामकेश मीना, अन्य विधायकों महेन्द्रजीत सिंह मालवीय, दयाराम परमार, रामनारायण मीणा, लाखन सिंह, श्रीमती रमीला खडिया, गोपाललाल मीणा, श्रीमती निर्मला सहरिया, लक्ष्मण मीणा, राजकुमार रोत, रामप्रसाद, गणेश घोघरा, कांति प्रसाद, रामलाल मीना, श्रीमती इन्द्रा मीना, जौहरीलाल मीणा सहित आदिवासी समाज के अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस दिन सम्पूर्ण राजस्थान में ऎच्छिक अवकाश के स्थान पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की मांग की थी। गहलोत ने आदिवासी समाज के जन-प्रतिनिधियों की इस मांग को स्वीकार करते हुए विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
21:28

अनलॉक 3 राज्य सरकार ने जारी की गाइडलाइन आगामी आदेश तक यह रहेंगे बंद स्वतंत्रता दिवस के लिए दिशा निर्देश*

जयपुर/सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। 
राज्य सरकार ने शुक्रवार को अनलॉक 3 की गाइडलाइन जारी की है। अब 5 अगस्त से योग संस्थान और व्यायाम शालाएं खुल सकेंगी। कंटेनमेंट जोन और कर्फ्यू क्षेत्र में सिर्फ जरूरी वस्तुओं और सेवाओं की आर्पूित होगी। जिला कलक्टर कंटेनमेंट जोन और बफर जोन निर्धारित करके जरूरी प्रतिबंध लगा सकेंगे। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव रोहित कुमार सिंह ने बताया कि प्रदेश से अब रात्रि कर्फ्यू हटा लिया गया है और राज्य से बाहर जाने के लिए किसी भी प्रकार के पास की जरूरत नहीं है।


*आगामी आदेश तक यह बंद रहेंगे*

गाइडलाइन के मुताबिक, आगामी आदेश तक सभी अन्तरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो रेल सेवाएं, सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक व कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रहेंगे। साथ में सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थियेटर्स, बार (होटल, रेस्टोरेंट और क्लब, जिनको पहले से ही खुला रहने की स्वीकृति प्रदान की गई है, के अलावा), ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और समान प्रकृति के स्थान बंद रहेंगे। सभी प्रकार की राजनैतिक, सामाजिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, र्धािमक कार्यक्रम और सभाएं, बड़े सामूहिक आयोजन भी बंद रहेंगे।


*अब धार्मिक स्थलों के लिए यह*

अनलॉक 2 में खोले गए ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे धार्मिक स्थलों पर अब 50 व्यक्तियों की जगह कुछ शर्तों के साथ यह दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। अब श्रद्धालुओं में छह फीट की दूरी सुनिश्चित की जाए, मास्क अनिवार्य होगा। वहीं जिला कलक्टर द्वारा जारी आदेशों की पालना की जाएगी। अन्य र्धािमक स्थल 1 सितम्बर 2020 से सशर्त खोले जा सकेंगे। इसके लिए अलग से दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।


*स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए दिशा निर्देश*

जिला, उपखंड, नगरिया निकाय एवं पंचायत स्तर पर आयोजित किए जाने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा समय-समय पर गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें विशेषकर आयोजन स्थल को भी विसंक्रमित करना, सामाजिक दूरी बनाए रखना एवं मास्क पहनने के निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी।
02:36

RNI: आरएनआई पंजीकृत प्रकाशक को 31 अगस्त तक निर्धारित प्रारूप में वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने के लिए खोला पोर्टल

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने बताया कि पंजीकृत प्रकाशन के प्रकाशकों को वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए वार्षिक विवरण दाखिल करने के लिए आरएनआई द्वारा ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है। वार्षिक विवरण दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। उन्होंने बताया कि आरएनआई ने ऐसे सभी प्रकाशनों की सूचियों को संकलित किया है जो पंजीकृत है लेकिन पिछले तीन वर्षों के दौरान वार्षिक विवरण को प्रस्तुत नहीं किया है। प्रकाशन के स्थान के आधार पर जिले से संबंधित ऐसे पंजीकृत प्रकाशनों की सूची उनके वर्तमान प्रकाशन और घोषणा की स्थिति की जांच करने और अधिनियम के अनिवार्य प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने में तथा अस्तित्व में नहीं होने वाले प्रकाशनों को निष्क्रिय करने में मदद मिलेगी। 

Wednesday, 29 July 2020

23:39

राजस्थान:मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया तो उठायेंगे कडे कदम-कलेक्टर

सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने जिले में कोरोना संक्रमण के प्रसार रोकने के लिये बुधवार को व्यापारियों, धर्म गुरूओं, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक ली। जिला कलेक्टर ने कोरोना प्रसार रोकने के लिये अब तक किये प्रयास और गत कुछ दिनों में पॉजिटिव संख्या में हुई वृद्धि के बारे में फैक्ट सामने रखे और सभी के सुझाव मांगे।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिये हैं कि कोरोना के ज्यादा मामले वाले स्थानों पर कम अवधि का लेकिन पर्याप्त मॉनिटरिंग वाला लॉकडाउन लगायें। इन बैठकों को इसी सम्बंध में समाज के प्रबुद्ध वर्ग से फीडबैक और सहयोग लेने की कवायद माना जा रहा है।
जिला कलेक्टर ने बताया कि जिले में आज तक 188 पॉजिटिव केस दर्ज हुये। समय पर पता लगने और बेहतर देखभाल से इसमें से 134 पूर्ण स्वस्थ हो गये हैं। 12 व्यक्तियों की कोरोना से मृत्यु हुई है। इनमें से अधिकतर मामलों में रोगी को समय पर अस्पताल नहीं लाया गया और मृतक अन्य गम्भीर बीमारियों से भी पीडित थे। वर्तमान में जिले में 42 एक्टिव केस हैं। कुल मिलाकर जिले की स्थिति नियंत्रण में है लेकिन व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने, समझाइश करने, जुर्माना लगाने के बाद भी काफी लोग सोशल डिस्टंेसिग, मेडिकल प्रोटोकॉल की पालना नहीं कर रहे हैं, बेवजह सडकों और चाय की थडियों पर बिना मास्क लगाये जमावडा कर रहे हैं। उन्हें न तो अपनी जान की परवाह है, न दूसरों की। ऐसे लोगों के कारण ही गत 10-12 दिन में कोरोना के काफी मामले सामने आये हैं। आजीविका चलती रहे, अर्थव्यवस्था की गति बढे, इसके लिये लॉकडाउन में छूट दी गई है लेकिन आम आदमी की जान बचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैै। कलेक्टर ने कहा कि सोशल डिस्टंसिंग तथा एडवाईजरी की पालना नहीं करने पर प्रशासन को कडे कदम उठाने पडेंगे जिससे आर्थिक गतिविधियों पर विपरीत असर पडेगा। अतः धार्मिक गुरू, व्यापारी, सामाजिक संगठन अपनी पूरी ताकत लगाकर सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क सम्ंबधी गाइडलाइन का पालन करवायें।
लगभग सभी प्रबुद्धजन ने बाजार में दुकानदारों का साप्ताहिक अवकाश रखने, दुकान खुलने का समय निश्चित करने, रात्रि मंे आवाजाही को नियंत्रित करने की मांग की। इस पर जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि साप्ताहिक अवकाश का दिन जल्द ही घोषित कर दिया जायेगा। 
चौथ माता मंदिर ट्रस्ट के श्रीदास सिंह राजावत, शहर काजी निसारउल्लाह, त्रिनेत्र गणेश मंदिर के संजय दाधीच, बजरिया गुरूद्धारा के मनजीत सिंह ने एक स्वर में बताया की कि सोशल डिस्टेंसिंग की पालना के लिये हम श्रृद्धालुओं से अपील कर रहे हैं। शहरी धार्मिक स्थल श्रृद्धालुओं के लिये बंद हैं और हमने लगातार समझाइश की है कि आगामी त्यौहार गणेश चतुर्थी, ईद उल जुहा, राखी पर बाजारों में भीड न करें, घर पर ही पूजा पाठ/इबादत करें। आम आदमी सरकार की गाइडलाइन की पालना कर रहा है। जो उल्लंघन करे, उसके खिलाफ कडी कार्रवाई हो, इसमें हम प्रशासन के साथ खडे हैं। उन्होंने जिला कलेक्टर की अपील पर आश्वासन दिया कि सोशल मीडिया और लाउडस्पीकर के माध्यम से 2 गज दूरी, बार-बार साबुन से हाथ धोने, घर पर ही इबादत/पूजा करने, सार्वजनिक स्थान पर न थूकने के लिये और अधिक समझाइश करेंगे। जब तक यह माहमारी समाप्त नहीं हो जाती, धार्मिक स्थल श्रृद्धालुओं के लिये खोलना गलत होगा। 
खाद बीज विक्रेता संघ के देवेन्द्र सिंह राठौड, वस्त्र व्यापार कमेटी के जगमोहन गोयल और रूपनारायण नामा, सब्जी मण्डी अध्यक्ष शंकरलाल माली, रेडीमेड व्यापार संघ के हरीश कप्तान, मनोज गर्ग, पदम जैन, धर्मेन्द्र कुमार और गौरीशंकर फागणा, कपड़ा व्यापार संघ के मुकेश जैन, दवा विक्रेता संघ के सुनील जैन, खाद्य व्यापार मण्डल के मोहन लाल मंगल, महेश कुमार, महेश गर्ग, एस. एस गुप्ता आदि ने जिला कलेक्टर की सलाह पर निर्णय लिया कि जिलेभर में व्यापारवाइज और बाजारवाइज समितियों  का गठन होगा जो व्यापारियों और ग्राहकों की सोशल स्टिेंसिंग की निगरानी करेगी, उल्लंघन पर प्रशासन को सूचना देकर कार्रवाई करवायेगी, साथ ही किसी व्यापारी द्वारा उल्लंघन पर उसे ऐसोसिएशन/संघ से बाहर करेगी। साप्ताहिक अवकाश की पूर्ण पालना करवाने के साथ ही अवकाश के दिन का कुछ समय कोरोना जागरूकता अभियान को समर्पित करेंगे। सभी दुकान, शोरूम के बाहर और अन्दर कोरोना जागरूकता के संबंध में आवश्यक रूप से बैनर लगाएंगे। 
जिला कलेक्टर ने नगरपरिषद आयुक्त और कृषि उपज मंडी समिति सचिव को कोरोना काल में सब्जी बेचान को विकेन्द्रकीकृत करने के निर्देश दिए। एक ही जगह के बजाय 4-5 प्वाइन्ट बनाये जायेंगे जिससे बेचने और खरीदने वालों की भीड कम हो, संक्रमण का खतरा कम हो। 
इन बैठकों के बाद जिला कलेक्टर ने प्रशासन, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, रीको, जिला उद्योग केन्द्र, परिवहन आदि विभागों के अधिकारियों की बैठक ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने सीएमएचओ और पीएमओ को निर्देश दिये कि कोरोना से रिकवर हो चुके मरीजों से सम्पर्क कर उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिये समझायें। सहमत होने पर इस आशय का सहमति पत्र भरवाकर चिकित्सा विभाग के उच्च अधिकारियों से समन्वय कर रिकवर व्यक्ति को सूचना दें कि उन्हें प्लाज्मा डोनेट करने के लिए कब और कहॉं जाना है, उनके परिवहन की भी निर्धारित नियमों के तहत अच्छी व्यवस्था करें। 18 से 60 साल आयु का कोरोना रिकवर व्यक्ति प्लाज्मा दान कर कोरोना मरीजों की जान बचा सकता है। एसएमएस अस्पताल में प्लाज्मा बैंक बनाया गया है। वर्तमान में जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर में प्लाज्मा थैरेपी की सुविधा उपलब्ध है। जिला अस्पताल पर प्लाज्मा थेरेपी से इलाज कराने के लिए राज्य सरकार प्लानिंग कर रही है। आगामी 10 दिनों में टोसिलीजूमेब इंजेक्शन एवं रेमीडेसिविर दवा जिला अस्पताल में उपलब्ध होने की सम्भावना है। इस इन्जेक्शन की 1 डोज की कीमत 40 हजार रूपये है जिसे मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने निःशुल्क उपलब्ध करवाया है।
बैठक में एडीएम बीएस पंवार, जिला परिषद सीईओ सुरेश कुमार, एएसपी गोपाल सिंह कानावत, एसडीएम रघुनाथ, अन्य अधिकारी, काजी मौहम्मद इरफान, काजी निसारूल्लाह, कुंज बिहारी अग्रवाल, श्रीदास सिंह, संजय दाधीच, मनोज खटवानी, हरिमोहन शर्मा सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संगठन, संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
23:37

राजकीय हॉस्पिटल के पीछे चूली गेट की ओर से रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के निराकरण हेतु लोगों की मांग पर पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने हॉस्पिटल का किया दौरा

  सवाई माधोपुर/ गंगापुर सिटी@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जिले के गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय पर पिछले काफी समय से राजकीय हॉस्पिटल के पीछे चूली गेट की ओर में रास्ते को लेकर चल रहे विवाद के संदर्भ में स्थानीय निवासियों के अनुरोध पर पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने हॉस्पिटल के पिछले रास्ते का दौरा किया।
पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर ने PMO से दूरभाष पर वार्ता करने पर पता चला कि वे अपने गांव कुड़ गांव में थे।पूर्व विधायक ने जब उनसे RMRS कमेटी में चर्चा कर बनाया गया है तो उन्होंने मना किया, इस पर गुर्जर ने कहा कि SDM इस कमेटी का अध्यक्ष होता है उनके द्वारा इस पर बिना चर्चा में गैस का स्ट्रकै चर रास्ते में बनाना किसी स्थिती से उचित नहीं है,SDM एवं PMO इस पर पीएमओ के पास कोई जवाब नहीं था , उन्होंने कहा कि वर्तमान रास्ते को चोडा कर नाली आदि को हटाकर रास्ता बना देने को कहा।
गुर्जर ने कहा कि यदि अस्पताल प्रशासन के पास पैसा नहीं है तो वे जन सहयोग से बनवा देंगे, किंतु रास्ता बन्द नहीं होगा चाहिए ।इस पर पीएमओ ने तीन दिन में कार्य चालू कर बनाने की बात की है।
23:34

राजस्थान दसवीं के परिणामो में भगवती शिक्षण संस्थान ने लहराया परचम

सवाई माधोपुर/गंगापुर सिटी@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जिले के गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय पर स्थित भगवती शिक्षण संस्थान ने सैकण्डरी परीक्षा परिणाम में एक बार फिर अपना परचम लहराया है। विद्यालय के छात्र अनिरूद्ध गुप्ता ने 98 प्रतिशत अंक अर्जित कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। इसी श्रेणी में छात्र विक्रम सिंह बेनीवाल ने 91.67 प्रतिशत, मंयक शर्मा ने 91 प्रतिशत, महिमा शर्मा ने 87.5 प्रतिशत, सुरेन्द्र सैन ने 87.5 प्रतिशत, कपिल गुप्ता ने 84 प्रतिशत अंक अर्जित कर गंगापुर सिटी एवं विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर विद्यालय में छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकगण को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. अनुज कुमार शर्मा एवं अनुभवी फैक्लटीज सुनील शर्मा, भारत बंधु, राजेश खण्डेलवाल, संजय सोनी, सोमदत्त शर्मा, गजेन्द्र शर्मा, राजेश मीना एवं समस्त स्टाफ सदस्यगण उपस्थित थे।
05:57

कलेक्टर पहाड़िया ने बहरावंडा कलां थाने का किया निरीक्षण, रिकॉर्ड अपडेट रखने और पेंडेंसी कम करने के दिए निर्देश


 सवाई माधोपुर/खण्डार @ रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा ।जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने मंगलवार को बहरावंडा कलां थाने का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जायजा लिया एवं थानाधिकारी को व्यवस्थाओं में सुधार करने के आवश्यक निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पुलिस थाने के मालखाने, बैरक, महिला डेस्क, हवालात एवं एचएम कार्यालय का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने थाना परिसर को पूरी तरह से स्वच्छ रखने के निर्देश भी दिए। उन्होने शौचालय की विशेष साफ- सफाई रखने के साथ- साथ  कोरोना जागरूकता तथा लोगों को कोरोना से बचाव के संबंध में बीट प्रभारियों को पूर्ण सक्रिय रखते हुये सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने कंप्यूटर कक्ष को देखा और रेकॉर्ड अपडेट रखने के बात कही। उन्होंने समन तामील करवाने और मुकदमों की पेडेंसी के संबंध में चर्चा कर निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान लाइसेंसी हथियार, कर्मचारियों की उपस्थिति सहित अन्य रेकॉर्ड की भी जांच की।

Tuesday, 28 July 2020

16:46

80.63 प्रतिशत रहा माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10 वीं का परीक्षा परिणाम


जयपुर/सवाई माधोपुर @रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा।माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम मंगलवार को शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने शिक्षा संकुल स्थित सभागार में घोषित किया।
परीक्षा परिणाम घोषित करने के बाद श्री डोटासरा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 का परीक्षा परिणाम इस बार 80.63 प्रतिशत रहा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षा परिणाम 0.78 प्रतिशत अधिक रहा है। पिछले वर्ष 10 वीं का परीक्षा परिणाम 79.85 प्रतिशत रहा था।

श्री डोटासरा ने कहा कि कोरोना संकट के बावजूद मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत की दृढ़ इच्छा शक्ति के चलते शिक्षा विभाग में शेष रही परीक्षाओं के पेपर विभाग ने करवाने की पहल की। उन्होंने कोरोना से संबंधित गाईड लाईन की पूर्ण पालना करते हुए बोर्ड की शेष रहे पेपर की परीक्षाएं करवाने और एक माह की रिकॉर्ड अवधि में पूर्ण पारदर्शिता से परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए टीम एमजूकेशन, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो.जारोली तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनकी सराहना की। उन्होंने बोर्ड की परीक्षा में सफल रहे अभ्यर्थियों को बधाई देेते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

शिक्षा राज्य मंत्री ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा में 11 लाख 78 हजार 570 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। इनमें से 11 लाख 52 हजार 201 ने परीक्षा दी। परीक्षा में 9 लाख 29 हजार 45 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण में 79.99 छात्र परीक्षार्थी और 81.41 छात्राएं परीक्षार्थी हैं।

श्री डोटासरा ने मंगलवार को ही प्रवेशिका मुख्य परीक्षा का भी परिणाम जारी किया। उन्होंने बताया कि प्रवेशिका का परीक्षा परिणाम 56.01 प्रतिशत रहा। इस परीक्षा में कुल 6 हजार 972 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे जिनमें से 6 हजार 799 ने परीक्षा दी। परीक्षा में 3 हजार 808 परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए। इनमें 56.32 प्रतिशत छात्राएं और 55.65 प्रतिशत छात्र है।
16:44

कोरोना संकट के बीच जरूरतमंद किसानों को मिली राहत

 जयपुर/सवाई माधोपुर रिपोर्ट चंद्र शर्मा। कोरोना संकट के बीच जरूरतमंद किसान को बिना किसी शुल्क के किराए पर ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की योजना ने खूब राहत पहुंचाई है। इसमें काश्तकारों को एक लाख घण्टे मुफ्त सेवा देने का आंकड़ा छू लिया है। यह सेवा आगामी 31 जुलाई तक जारी रहेगी।
कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया ने बताया कि मार्च महीने में रबी फसल की कटाई और थ्रेसिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान कोरोना महामारी की वजह से लॉक डाउन हो गया। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने ऎसी विपरीत परिस्थितियों में किसानों की मदद के लिए कई कदम उठाए। लघु एवं सीमान्त काश्तकारों के लिए विशेष मदद की जरूरत महसूस करते हुए राज्य सरकार ने टैफे कम्पनी के साथ मिलकर बिना किसी शुल्क के ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध कराने की योजना शुरू की।
श्री कटारिया ने बताया कि इस योजना के तहत रबी फसल की कटाई-थ्रेसिंग के बाद खरीफ फसलों की बुवाई के लिए जरूरतमंद पात्र किसानों की मांग अनुसार सेवा मुहैया कराई गई। अप्रेल से अब तक 27 हजार 220 पात्र किसानों के ऑर्डर प्राप्त हुए। इनमें से 27 हजार किसानों को 1 लाख 2 हजार 654 घंटों की सेवा मुहैया कराई जा चुकी है। ऑर्डर मिल चुके अन्य किसानों को निरन्तर सेवा उपलब्ध करवाई जा रही है। यह सेवा आगामी 31 जुलाई तक चलेगी।
 सीकर में सबसे ज्यादा 4500 किसानों को 21 हजार घण्टे सेवा मिली
कृषि विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री कुंजीलाल मीना ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की सक्रियता एवं किसानों की जागरूकता के चलते कई जिलों में बहुत ही उत्साहजनक परिणाम मिले हैं। सीकर जिले में सबसे ज्यादा साढ़े चार हजार किसानों को 21 हजार घण्टों की सेवा मुहैया कराई गई है। इसी प्रकार जयपुर में 3361 किसानों को 12 हजार 648, अलवर में 3201 किसानों को 9948, भरतपुर में 1789 किसानों को 6484, झुंझुनूं में 1719 किसानों को 7845 घण्टे की सेवा दी जा चुकी है। इसी तरह टोंक के 1648 काश्तकारों को 6300, जोधपुर के 1429 किसानों को 6011, नागौर के 1317 किसानों को 5548, बारां के 1238 किसानों को 3694, झालावाड़ के 1152 किसानों को 4448, अजमेर के 1151 किसानों को 3988, पाली के 1055 किसानों को 2966 तथा करौली के 1024 काश्तकारों को 3146 घण्टे की सेवा मुहैया कराई गई है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोरोना संक्रमण एवं लॉक डाउन के चलते कृषि कायोर्ं में आ रही कठिनाई को देखते हुए आर्थिक रूप से कमजोर लघु एवं सीमांत किसानों को फसल कटाई, थ्रेसिंग एवं अन्य कृषि गतिविधियों के लिए निःशुल्क ट्रेक्टर एवं कृषि यंत्र किराए पर उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए थे। इस पर कृषि मंत्री श्री लालचन्द कटारिया के निर्देशन में कृषि विभाग के आयुक्त डॉ. ओमप्रकाश एवं अन्य विभागीय अधिकारियों ने कृषि यंत्र निर्माता टैफे कम्पनी से समन्वय कर यह सुविधा शुरू करवाई थी।
16:42

मृत्युदर घटाने और रिकवरी रेशो बढ़ाने पर विशेष ध्यान-चिकित्सा मंत्री

जयपुर/सवाई माधोपुर रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने बताया कि प्रदेश में 71 फीसद से ज्यादा लोग पॉजिटिव से नेगेटिव हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मृत्युदर भी घटकर 1.68 रह गई है। आने वाले दिनों में मृत्युदर घटाने और रिकवरी रेशो बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। किसी भी आपातकाल के लिए सरकार और स्वास्थ्य विभाग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में पूरी तरह सजग और सतर्क हैं। 42 हजार 540 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता डॉ. शर्मा ने राज्य में जांच की सुविधा में इजाफा किया गया है। अब प्रदेश में 42 हजार 540 जांच प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है। अब तक 14 लाख से ज्यादा लोगों की जांच अब तक की जा चुकी है। प्रदेश में कोरोना के एक्टिव केसेज की संख्या 10 हजार है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह सजग और सतर्क है। मुख्यमंत्री स्वयं दो दिनों से अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर फीडबैक ले रहे हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।  कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में गत स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जिन जिलों में कोरोना के प्रसार में बढ़ोतरी हुई है उन जिलों के कलेक्टर्स को क्षेत्र के अनुसार स्थानीय लॉकडाउन लगाने के भी आदेश दिए जा चुके हैं। अलवर, जोधपुर सहित कुछ जिलों में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग में गति लाई जा रही है, रैंडम सैंपलिंग की जा रही है। इसके अलावा हर वह संभव प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे कोरोना के प्रसार पर नियंत्रित किया जा सके। इन क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार 40 हजार की कीमत वाला टोसिलीजूमेब इजेक्शन लगाने के भी निर्देश दिए जा चुके हैं। कोरोना से कोई भी मृत्यु ना हो इसे सुनिश्चित किया जाएगा।
02:31

17 विधायकों सहित पांच मंत्रियों पर गहलोत की पैनी नजर


जयपुर/सवाई माधोपुर @रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। अति आत्मविश्वास में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की लगातार रणनीतिक चूक और अदालत से कोई राहत नहीं मिलने के बाद राजस्थान की कांग्रेस सरकार पर संकट गहराता जा रहा है। कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि हड़बड़ाए मुख्यमंत्री गहलोत को विधायकों की बाड़ेबंदी लंबी चलने की सार्वजनिक घोषणा करनी पड़ी है। 
मुख्यमंत्री को आशंका है कि सरकार पर संकट के बादल नहीं छंटने पर भी यदि बाड़ेबंदी समाप्त कर दी गई तो 1 दर्जन से अधिक विधायक पाला बदल सकते हैं। यहां तक की 4 से अधिक मंत्री भी अभी तक पायलट के संपर्क में बताए जाते हैं। 
आलाकमान तक भी यह खबरें पहुंची है की गहलोत की बाड़ेबंदी में करीब डेढ़ दर्जन विधायक पायलट से सहानुभूति रखते हैं। इन खबरों से आलाकमान चिंतित हैं। 
सूत्रों के अनुसार बाड़ेबंदी में भी गहलोत के निजी व्यक्ति पांच मंत्रियों सहित 17 विधायकों पर विशेष नजर बनाए हुए हैं तथा इनकी सभी गतिविधियों की हर 2 घंटे में सीधे मुख्यमंत्री गहलोत को रिपोर्ट की जाती है। इन विधायकों में रघु शर्मा, प्रतापसिंह खाचरियावास, परसादीलाल मीणा, उदयलाल आंजना,राजेन्द्र यादव, जाहिदा, रोहित बोहरा, प्रशान्त बैरवा, दानिश अबरार, बाबूलाल बैरवा, रामनारायण मीणा, अमीन कागजी, गोविन्द मेघवाल, चेतन डूडी, राजेन्द्र विधूड़ी, दिव्यता मदेरणा, संदीप कुमार शामिल है। 
सूत्रों के अनुसार चिंतित आलाकमान ने एक बार फिर सचिन से बातचीत का चैनल खोला है वहीं गहलोत को निर्देश दिया गया है कि वह केंद्र सरकार को कोई मौका नहीं दें‌ इसी आधार पर राजस्थान में राजभवन के सामने प्रदर्शन टाल दिया गया है।
 *गहलोत की लगातार चूक, सीपी जोशी को भी निपटाया -* 
राजस्थान की राजनीति के अजातशत्रु माने जाने वाले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ताजा राजनीतिक संकट में पहली बार लगातार रणनीतिक चूक करते हुए नजर आ रहे हैं। 
विश्वस्त सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने अति आत्मविश्वास में पहले विधानसभा सत्र बुलाकर विश्वास मत हासिल करने के बजाए फौरी तौर पर सचिन पायलट गुट को निपटाने का प्रयास किया। 
इसके लिए स्पीकर सीपी जोशी का इस्तेमाल किया गया‌ तेजतर्रार माने जाने वाले स्पीकर सीपी जोशी इस बार गहलोत की चाल में फंस गए और उनके टूल बन गए। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि जोशी अब गहलोत पर अंधविश्वास कर पछता रहे हैं। 
जोशी जानते हैं की विधानसभा के बाहर होने वाली विधायक दल की बैठक विधाई कार्य का हिस्सा नहीं है तथा उस पर पार्टी व्हिप लागू कराने की जिम्मेदारी स्पीकर कि नहीं बल्कि पार्टी की होती है इसके बावजूद जोशी ने गहलोत की चाल में फंस कर आनन-फानन में विधायकों को नोटिस जारी कर दिए। 
यही नहीं मामला कोर्ट में गया तो गहलोत की बात मान कर ही जोशी ने अपना वकील हाई कोर्ट भेज दिया जबकि एक समानांतर संवैधानिक संस्था होने के नाते जोशी को इसकी आवश्यकता नहीं थी। 
बताया जाता है कि हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिलने पर जोशी ने अनावश्यक रूप से गहलोत की सलाह मानकर इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इस पूरे प्रकरण से जोशी की समझदार छवि को नुकसान पहुंचा। स्पीकर को सुप्रीम कोर्ट में भी कोई राहत नहीं मिली तो अब उनके पास कोई चारा नहीं बचा है। 
आमतौर पर सोच समझकर बोलने के लिए तथा मीडिया का उपयोग करने के लिए विख्यात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सरकार पर संकट की बौखलाहट में अपना संतुलन खो बैठे और पहले सचिन पायलट को नाकारा और निकम्मा कहकर अपनी भद्द  पिटवाई। 
बाद में मुख्यमंत्री और गृह मंत्री रहते राजभवन का घेराव करने एवं सरकार की जिम्मेदारी से पीछे हटने का बयान देकर बुरी तरह फस गए। हालात यह बने की शुक्रवार को राजभवन का सत्र बुलाने तक घेराव करने की घोषणा करने वाले गहलोत को ना केवल पार्टी आलाकमान से फटकार पड़ी वही केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रपति शासन की आहट मिलने पर तत्काल धरना समाप्त कर विधायकों को होटल दौड़ाना पड़ा।

Monday, 27 July 2020

15:53

बच्चों को तालाब में नहाने से रोकें-जिला कलेक्टरपानी वाले स्थानों पर लगवाएं चेतावनी बोर्ड

सवाईमाधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। मानसून के कारण कई तालाबों, पोखरों में काफी पानी आ गया है ,और बच्चों के इनमें नहाने और दुर्घटना में डूबने की राज्य के कई हिस्सों में दुखांतिका हो चुकी है।
जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाडिया ने इस सम्बंध में जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि ऐसे जल स्रोतों में नहायें नहीं, बच्चों को इनके समीप जाने से रोकें। कुछ बच्चे भेड-बकरी चराने जंगल जाते हैं तथा कौतुहलवश  तालाब, नाडी में नहाते हैं। उनको पानी की गहराई का पता नहीं होता। अभिभावक इस सम्बंध में बच्चों को जागरूक करें कि पानी के पास भी नहीं जाना है। कुछ नदी, नालों के पानी के सडक या कच्चे रास्तों के ऊपर से बहने के समय भी पानी के स्तर का पता नहीं चलता । अतः इनको पार करते समय भी सावधानी बरतें।
जिला कलेक्टर ने इस सम्बंध में सभी उपखण्ड मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिये हैं कि वे पटवारी और ग्राम सेवक को पाबंद कर ऐसे स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगवायें तथा अभिभावकों को इस सम्बंध में जागरूक करें।
15:50

बाल श्रम मुक्त राजस्थान अभियान का वीसी के माध्यम से श्रम सचिव ने किया शुभारंभ

सवाई माधोपुर रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। श्रम विभाग के शासन सचिव नीरज के. पवन ने श्रम उन्मूलन अभियान की शुरूआत विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये की। उन्होंने बताया कि बाल श्रम कानूनन अपराध है। बाल श्रमिक अधिनियम के अन्तर्गत बालश्रम पर रोकथाम हेतु सघन अभियान चलाया जा रहा है। 
शासन सचिव ने बताया कि यदि किसी औद्योगिक प्रतिष्ठान या संस्था में गैर अनुमत कार्यों में बाल श्रमिकों को लगाया जाता है तो इसकी सूचना आमजन श्रम विभाग कों दे। सूचना देने वालों का नाम गोपनीय रखा जाएगा। 
सहायक श्रम आयुक्त शिवचरण मीणा ने वीसी में बताया कि बाल श्रममुक्त राजस्थान अभियान के तहत जिले में होटल, ढाबों, चाय की स्टालों, ईट. भटटों, बस स्टैण्ड एवं समस्त व्यवसायिक प्रतिष्ठानों की जॉंच एवं निरीक्षण कार्य किया जा रहा है। यदि कोई बाल श्रमिक कार्य करता पाया जाता है तो प्रतिष्ठान/नियोजक के खिलाफ सम्बन्धित थाने में मुकदमा दर्ज करवाने के साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के तहत कार्रवाई की जा रही है। यदि किसी को भी बाल श्रमिक की जानकारी मिलती है तो चाईल्ड हैल्पलाईन-1098 पर भी जानकारी दे सकते हैं। बाल श्रम करवाने पर दो साल की जेल तथा 50 हजार का जुर्माना भी हो सकता है।
15:48

अवैध बजरी खनन के खिलाफ हो प्रभावी कार्यवाही-जिला कलेक्टर

सवाईमाधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। बजरी समेत सभी अवैध खनन और परिवहन को सख्ती से रोकने के लिये सुनियोजित और समन्वित कार्रवाई की जाए। जिला कलेक्टर नन्नूमल पहाड़िया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला टास्क फोर्स एवं एसआईटी टीम की बैठक में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। 
कलेक्टर पहाडिया ने माइनिंग विभाग के एएमई को अवैध बजरी खनन, परिवहन तथा अवैध स्टॉक के खिलाफ कडी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने बताया कि गत 3 सप्ताह में जिस कार्ययोजना और समन्वय से कार्य कर बजरी माफिया के खिलाफ कार्रवाई की गई, इसे आगे भी बनाये रखें।
बैठक में खनिज विभाग, पुलिस, राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में जब्त किए गए स्टॉकों की नीलामी की कार्रवाई 15 दिवस में करने, अतिरिक्त ड्राइवरों की व्यवस्था के लिए तैयार पैनल का उपयोग लेने, रैकी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने, मोडिफाइड वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश संबंधित अधिकारियो को दिए। 
बैठक में पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने अवैध खनन और परिवहन रोकने के लिये माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश और राज्य सरकार की गाइडलाइन के हिसाब से कार्य करने की बात कही। उन्होंने आग्रह किया कि आमजन अवैध खनन और परिवहन की हमें सूचना दें। उनका परिचय गुप्त रखा जायेगा।
बैठक में जिला परिवहन अधिकारी को मॉडिफाइड वाहनों, तेज आवाज में डेक बजाकर निकलने वाले वाहनों तथा बजरी खनन, परिवहन एवं निर्गमन की अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई करने, ऐसे वाहनों की आरसी के विरूद्ध टिप्पणी दर्ज करने एवं चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने खनिज विभाग के अभियंता को जनमानस को जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर बी.एस. पंवार, सहायक खनिज अभियन्ता ललित मंगल, जिला परिवहन अधिकारी व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
15:47

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, 10 वीं का परीक्षा परिणाम आज

अजमेर/ सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा।27 जुलाई। शिक्षा मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा मंगलवार को सांय 4 बजे शिक्षा संकुल स्थित सभागार में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10 वीं का परीक्षा परिणाम घोषित करेंगे
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष प्रो. डी.पी. जारोली ने बताया कि बोर्ड की माध्यमिक परीक्षा-2020 में 11 लाख 79 हजार 830 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। इनका परीक्षा परिणाम शिक्षा मंत्री श्री डोटासरा द्वारा घोषित किया जाएगा।