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Saturday, 30 April 2022

09:16

कारोबार में आसानी की दिशा में एक और कदम बढ़ाते हुए अनिवार्य परीक्षण में नियामक ओवरलैप हटाया गया

नई दिल्ली :इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) 'इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (अनिवार्य पंजीकरण की आवश्यकता) आदेश, 2012' के तहत निर्दिष्ट वस्तुओं (जैसे लैपटॉप, वायरलेस कीबोर्ड, पीओएस मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण) का अनिवार्य पंजीकरण करता है।

दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने दूरसंचार के लिए उपयोग किए जाने में सक्षम उपकरणों के लिए 5 सितंबर 2017 को जारी भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) नियम, 2017 के तहत दूरसंचार उपकरण (एमटीसीटीई) के अनिवार्य परीक्षण और प्रमाणन को निर्दिष्ट किया है।

प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट कैमरा इत्यादि जैसे कुछ उत्पादों के संबंध में नियामक ओवरलैप का संज्ञान लिया गया था। डीओटी और एमईआईटीई के ओवरलैपिंग क्षेत्राधिकार के संबंध में उद्योगों और उद्योग संघों से भी अभ्यावेदन प्राप्त हुए थे। जिनमें इस बात का भी उल्लेख किया गया कि इस तरह के व्यापक रूप से उपयोग किये जाने वाले नए उत्पादों को समय पर बाजार लाने के लिए यह एक बाधा है। यह उद्योग के लिए अनुपालन लागत भी बढ़ाता है।

डीओटी ने एमईआईटीवाई के परामर्श से इस मुद्दे की जांच की और अब निम्नलिखित उत्पादों को एमटीसीटीई शासन के दायरे से छूट देने का निर्णय लिया है: -

  1. मोबाइल उपयोगकर्ता उपकरण/मोबाइल हैंडसेट (मोबाइल फोन)
  2. सर्वर
  3. स्मार्ट वॉच
  4. स्मार्ट कैमरा
  5. पीओएस मशीन (प्वाइंट ऑफ सेल डिवाइस)

व्यापक रूप से उपयोग किए जाने वाले इन उत्पादों पर छूट अनुपालन बोझ को कम करेगी और उद्योग को अपने उत्पादों को तेजी से बाजार में लाने में सक्षम बनाएगी। यह आयात में होने वाले विलम्ब को कम करेगा।

यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सकारात्मक परिकल्पना के अनुरूप है कि नियामक व्यवस्था एकदम स्पष्ट और सरलीकृत होनी चाहिए। यह नियामक सुधार इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण कंपनियों के लिए कारोबार में आसानी में सुधार करेगा और भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने में योगदान देगा।

इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना नियत समय में जारी की जाएगी।

09:10

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में अब ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी

रामजी पांडेय

नई दिल्ली खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में कल से शुरू हो रही एथलेटिक्स की प्रतियोगिताओं पर अब सभी की निगाहें टिकी हैं। दिन के अंत में, 42 विश्वविद्यालयों ने स्वर्ण पदक जीते जबकि 92 विश्वविद्यालयों ने पदक तालिका में जगह बनाई।

प्रतियोगिता में आज पिस्टल और तलवारबाजी में 13 पदक जीतने का मौका मिला।

गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के चिंगखम जेटली सिंह ने अपने साथी शुभम को हराकर पुरुषों की तलवारबाजी में स्वर्ण पदक जीता। टीओपीएस योजना के खिलाड़ी जेटली आज गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के चार पदक विजेताओं में से एक थे। जेटली उन कुछ खिलाड़ियों में से एक थे जो दिन के दौरान उलट फेर का शिकार नहीं हुए।

सबसे बड़ा उलट फेर शहर के साई एनसीओई सेंटर में आयोजित निशानेबाजी प्रतियोगिताओं में रहा। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के सरताज सिंह तिवाना ने पुरुषों के 50 मीटर 3 पोजीशन के फाइनल में ओलंपियन ऐश्वर्या प्रताप सिंह तोमर को हराकर स्वर्ण पदक जीता। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले तोमर क्वालिफिकेशन के अंत तक सबसे शीर्ष स्थान पर थे।

तीरंदाजी में भी बड़े बदलाव देखने को मिले। शीर्ष स्थान के लिए संघर्ष देखने को मिला। पुरुषों के रिकर्व इवेंट में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के आदित्य चौधरी ने क्वालिफिकेशन में टॉप किया, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के निशांत से पराजित हो गए गए। महिलाओं की रिकर्व प्रतियोगिता में एडमास यूनिवर्सिटी की रूमा बिस्वास ने क्वालीफाइंग राउंड में टॉप किया।

09:07

न्यायपालिका के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए केंद्र प्रायोजित योजना का विस्तार


नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने एक सभा को संबोधित भी किया। इस अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एन वी रमना, उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति यूयू ललित, केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू और प्रो एस.पी. सिंह बघेल, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीश, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल उपस्थित थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में, न्यायपालिका की भूमिका संविधान के संरक्षक की है, जबकि विधायिका नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने कहा कि संविधान की इन दोनों शाखाओं का यह संगम और संतुलन देश में प्रभावी और समयबद्ध न्यायिक व्यवस्था का रोडमैप तैयार करेगा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के 75 वर्षों ने न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को लगातार स्पष्ट किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आवश्यकता के अनुसार देश को दिशा देने के लिए यह संबंध निरंतर रूप से विकसित हुआ है। इस सम्मेलन को संविधान की सुंदरता की जीवंत अभिव्यक्ति बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह बहुत लंबे समय से सम्मेलन में भागीदारी करते रहे हैं, पहले मुख्यमंत्री के रूप में और अब प्रधानमंत्री के रूप में।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2047 में, जब देश अपनी आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तो हम देश में किस तरह की न्यायिक व्यवस्था देखना चाहेंगे? हम अपनी न्यायिक व्यवस्था को इतना समर्थ कैसे बनाएं कि वह 2047 के भारत की आकांक्षाओं को पूरा कर सके, ये प्रश्न आज हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अमृतकाल में हमारा दृष्टिकोण ऐसी न्यायिक प्रणाली का होना चाहिए जिसमें आसान न्याय, त्वरित न्याय और सभी के लिए न्याय हो।

09:05

औद्योगिक श्रमिकों का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (2016=100) – मार्च, 2022

रामजी पाण्डे

नई दिल्ली श्रम और रोजगार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय श्रम ब्यूरो मार्च, 2022 के लिए औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) जारी कर रहा है।

मार्च, 2022 का अखिल भारत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 1.0 अंक बढ़कर 126.0 (एक सौ छब्बीस ) अंकों के स्तर पर संकलित हुआ। सूचकांक में पिछले माह की तुलना में 0.59 प्रतिशत की वृद्धि रही। सूचकांक में दर्ज वृद्धि में अधिकतम योगदान खाद्य एवं पेय समूह का रहा जिसने कुल बदलाव को 0.30 बिन्दु प्रतिशतता से प्रभावित किया। मदों में भैंस-दूध, गाय-दूध, मुर्गी/चिकन, सूरजमुखी का तेल, सोयाबीन का तेल, ताड़ का तेल, सेब, रागी, मटर, मूली, हरी मिर्च, नींबू, आलू, आम, विदेशी शराब, धनिया, जीरा/जीरा चाय पत्ती, साड़ी कपास, रसोई गैस, पेट्रोल, टेलीफोन/मोबाइल शुल्क आदि सूचकांक को बढ़ाने में जिम्मेवार रहे। हालांकि, इस वृद्धि को मुख्य रूप से प्याज, टमाटर, कुंदरू, बैंगन, गोभी, गाजर, फूलगोभी, लौकी, अंडा-मुर्गी, तरबूज, अंगूर, बीट रूट, आदि द्वारा नियंत्रित करने का प्रयास किया।

 केंद्र स्तर पर संगरूर में 6.3 अंक की अधिकतम वृद्धि दर्ज की गई, उसके बाद लाबैक-सिलचर और अंगुल-तालचर में क्रमशः 5.8 और 5.4 अंक की वृद्धि दर्ज की गई। अन्य में 2 केंद्रों में 4 से 4.9 अंक, 4 केंद्रों में 3 से 3.9 अंक, 8 केंद्रों में 2 से 2.9 अंक, 20 केंद्रों में 1 से 1.9 अंक और 39 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच वृद्धि दर्ज की गई। इसके विपरीत सलेम में सबसे ज्यादा 1.1 अंक की गिरावट दर्ज की गई। अन्य में 11 केंद्रों में 0.1 से 0.9 अंक के बीच गिरावट दर्ज की गई।

 साल-दर-साल मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.04 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने के दौरान 5.64 प्रतिशत की तुलना में 5.35 प्रतिशत रही। इसी तरह, खाद्य मुद्रास्फीति पिछले महीने के 5.09 प्रतिशत और एक साल पहले इसी महीने के 5.36 प्रतिशत के मुकाबले 6.27 प्रतिशत रही।

श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय से संबंधित कार्यालय द्वारा हर महीने औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक का संकलन सम्पूर्ण देश में फैले हुए 88 महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से एकत्रित खुदरा मूल्यों के आधार पर किया जाता है। सूचकांक का संकलन 88 औद्योगिक केंद्रों एवं अखिल भारत के लिए किया जाता है और आगामी महीने के अंतिम कार्यदिवस पर जारी किया जाता है।

सी.पी.आई.- आई.डब्ल्यू. पर आधारित मुद्रास्फीति दर (खाद्य एवं सामान्य)

 

09:00

इस बात पर बल दिया कि स्टार्टअप नवाचार भारत की तेजी से बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था का प्रमुख संचालक होगा


नई दिल्ली इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी तथा कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री श्री राजीव चंद्रशेखर ने सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन में प्रदर्शनी का दौरा किया और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की। सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन, एक 3 दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन 29 अप्रैल, 2022 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किया गया था।

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श्री राजीव चंद्रशेखर ने तकनीकी उद्यमियों के साथ उदारतापूर्वक समय बिताया ताकि उनकी वर्तमान पेशकशों, उनके उत्पाद की रूपरेखा, उनकी प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोगों और उपयोगिताओं और उनके अत्याधुनिक नवाचारों के जमीनी स्तर पर होने वाले प्रभाव को समझा जा सके। अपनी बातचीत में, उन्होंने उनसे नीतिगत समर्थन, राजकोषीय प्रोत्साहन और सरकार की अन्य आवश्यकताओं पर अपने विचार साझा करने का भी आग्रह किया।

मंत्री महोदय ने एक दशक के दौरान भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा देने के लिए भारतीय स्टार्टअप की क्षमता के बारे में दृढ़ता से समर्थन किया। अपने सोशल मीडिया मंच पर मंत्री महोदय ने ट्वीट करते हुए लिखा, "सेमीकॉन स्टार्टअप वास्तव में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर ईकोसिस्टम में तेज़ी से वृद्धि कर रहे हैं। मैं इनकी तेज़ी से वृद्धि की कामना करता हूँ। मुझे विश्वास है कि अगला यूनिकॉर्न इसी क्षेत्र से होगा।"

सेमीकॉनइंडिया 2022 सम्मेलन के संचालन समिति के अध्यक्ष और केंद्रीय राज्य मंत्री से मिलने के लिए स्टार्टअप्स अत्यधिक उत्साहित थे। श्री राजीव चन्द्रशेखर अमरीका में सिलिकॉन वैली में एक पूर्व चिप डिजाइनर और खुद एक सफल तकनीकी उद्यमी रहे हैं। तेजी से बढ़ते यूनिकॉर्न क्लब में शामिल होने के लिए मंत्री महोदय के आह्वान से स्टार्टअप्स को अत्यधिक प्रोत्साहन और प्रेरणा मिली।

इससे पहले दिन में, श्री राजीव चंद्रशेखर ने इंटेल के आर्किटेक्चर, ग्राफिक्स और सॉफ्टवेयर (आईएजीएस) डिवीजन के मुख्य वास्तुकार और वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राजा कोडुरी से भी मुलाकात की, जिन्होंने "एंगस्ट्रॉम से ज़ेटा-स्केल: सिलिकॉन, सिस्टम्स और भारत में सॉफ्टवेयर" पर अपने विचार साझा किए। मंत्री महोदय ने श्री कोडुरी को भारतीय स्टार्टअप्स के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस-एआई, सिस्टम डिजाइन और मिडलवेयर में भारत में वास्तविक क्षमता के बारे में उत्कृष्ट विचार प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने इस क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स के साथ इंटेल की भागीदारी के बारे में भी भरोसा व्यक्त किया।

Friday, 29 April 2022

19:08

शांतिपूर्ण धरना रत मजदूरों पर बीएल इंटरनेशनल के प्रबंधकों ने बाउंसर, गुंडों को साथ लेकर किया हमला- गंगेश्वर दत्त शर्मा


 ग़ेटर नोएडा, मैसर्स-बीएल इंटरनेशनल कम्पनी के मैनेजर विनोद तिवारी के नेतृत्व में लोकल गुंडों, बांउसरों एवं ठेकेदार के लोगों ने शांतिपूर्ण धरना कर रहे मजदूरों पर किया हमला-कई महिला मजदूर घायल- पिछले 16 दिन से बीएल इंटरनेशनल कम्पनी उद्योग विहार, सूरजपुर में कार्यरत मजदूर अपनी वाजिब मांगों के लिए शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करते चले आ रहे हैं। 29 अप़ेल 2022 को सुबह लगभग 11:00 बजे कम्पनी के जनरल मैनेजर विनोद तिवारी के नेतृत्व में लोकल गुंडों बांउसरों एवं ठेकेदार के लोगों ने धरनारत महिला मजदूरों पर लात घूसों से हमला कर दिया जिसमें कई महिलाएं बेहोश हो गई मौके पर मजदूरों ने 108 नंबर पर कॉल कर एंबुलेंस बुलाई एवं 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस बुलाई मौके पर मौजूद पुलिस पिकेट जिसका नेतृत्व परविंदर सिंह कर रहे थे वह हमले की नियत से आ रहे लोगों को देखने के बावजूद भी मूकदर्शक बने रहे कोई कार्यवाही नहीं की उनकी आंखों के सामने मजदूरों पर हमला हुआ जिसमें महिला मजदूर नेहा राधा नीतू एवं गुड़िया गंभीर रूप से घायल हो गई है बेहोश हैं मजदूरों ने एसीपी पीपी सिंह के मौके पर पहुंचने पर घटना का ब्यौरा देकर रिपोर्ट लिख कर थाने में दी है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है एवं एसीपी के निर्देश पर महिला कॉन्स्टेबल मजरूबी चिट्ठी लेकर घायल मजदूर महिलाओं को अस्पताल लेकर गई है। सीटू के नेता मुकेश राघव, गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर, रामस्वारथ एवं धरना रत मजदूरों के नेता पूनम, धर्मेंद्र ने 30 अप़ेल 2022 को मैनेजमेंट एवं गुडो के हमले के विरोध में एवं मांगों के समर्थन में पंचायत बुलाई है सभी स्थानीय संगठनों को आमंत्रण भेजा है। घटना पर मजदूरों की मदद में ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन के मांगेराम भाटी, डॉ रुपेश वर्मा, ललित भाटी, विनोद भाटी, सुनील खटाना पहुंचे। मजदूरों को संबोधित करते हुए ऑल इंडिया लायर्स यूनियन के नेता डॉक्टर रुपेश वर्मा ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे मजदूरों को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
04:36

अटल टनल को आईबीसी बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पुरस्कार मिला


हिमाचल प्रदेश के रोहतांग में निर्मित सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के इंजीनियरिंग मार्वल अटल टनल को 28 अप्रैल, 2022 को नई दिल्ली में इंडियन बिल्डिंग कांग्रेस (आईबीसी) 'बेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट' का पुरस्कार प्राप्त हुआ।

प्रतिष्ठित पुरस्कारों के लिए तीस से अधिक अत्याधुनिक अवसंरचनाओं को नामांकित किया गया था, इस रणनीतिक सुरंग को 2021 में बेस्ट प्रोजेक्ट्स फ़ॉर एक्सीलेंस इन ब्युल्ट एनवायरनमेंट के तौर पर आईबीसी की जूरी द्वारा चुना गया था।
बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी ने मनाली को लाहौल-स्पीति घाटी से जोड़ने वाले इस इंजीनियरिंग चमत्कार के निर्माण में बीआरओ की शानदार उपलब्धि के लिए आईबीसी के 25 वें वार्षिक सम्मेलन के दौरान यह पुरस्कार प्राप्त किया।

उन्होंने इस अवसर पर कहा कि महत्वपूर्ण लद्दाख क्षेत्र को वैकल्पिक संपर्क प्रदान करके सशस्त्र बलों को रणनीतिक लाभ प्रदान करने के अलावा यह सुरंग हिमाचल प्रदेश में लाहौल और स्पीति जिले के निवासियों के लिए भी एक वरदान रही है।
इस क्षेत्र में पर्यटकों के आगमन में अभूतपूर्व वृद्धि देखी गई है, और एक वर्ष से थोड़ा अधिक समय में, घाटी और राज्य ने सामाजिक-आर्थिक डोमेन में तेज़ी से वृद्धि देखी है और अटल सुरंग क्षेत्र के भविष्य के विकास में एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए नियत है।

न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड (एनएटीएम) का उपयोग करके बनाई गई सुरंग को 03 अक्टूबर, 2020 को प्रधान मंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किया गया था। इसे एक सेमी-ट्रांसवर्स वेंटिलेशन सिस्टम से लैस किया गया है, जहाँ बड़े पंखे अलग से पूरी सुरंग में हवा प्रसारित करते हैं। आपात स्थिति के दौरान निकासी के लिए मुख्य कैरिजवे के नीचे सुरंग क्रॉस-सेक्शन में एक आपातकालीन सुरंग को एकीकृत किया गया है। सुरंग के अंदर आग की स्थिति में आग को 200 मीटर के क्षेत्र में नियंत्रित किया जाएगा और पूरी सुरंग में विशिष्ट स्थानों पर अग्नि शामक उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रदूषण सेंसर सुरंग में हवा की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करते हैं एवं यदि सुरंग में हवा की गुणवत्ता वांछित स्तर से नीचे है, तो सुरंग के प्रत्येक तरफ दो भारी भरकम पंखों के मदद से ताजी हवा को सुरंग में प्रवाहित किया जाता है।

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04:33

सामुदायिक भागीदारी और सशक्तिकरण ही जल जीवन मिशन की आत्मा है जो उसे सफलता की ओर ले जाएगी


जयपुर: केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने आज जयपुर में राजस्थान के 17 सांसदों और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी (पीएचईडी) के अधिकारियों के साथ जल जीवन मिशन (जेजेएम) पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक का उद्देश्य राज्य में मिशन के क्रियान्वयन को गति देना था। सभी एक्जीक्यूटिव इंजीनियर/सुपरिंटेंडेन्ट इंजीनियर वर्चुअल  माध्यम से हिस्सा ले रहे थे। बैठक राजस्थान पीएचईडी के एसीएस के स्वागत भाषण से शुरू हुई। उसके बाद अपर सचिव और राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के निदेशक ने एक संक्षिप्त प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें मिशन का परिचय तथा राष्ट्रीय औसत के मद्देनजर राजस्थान के विभिन्न जिलों में क्रियान्वयन की स्थिति के बारे में बताया गया। उन्होंने योजना की स्थिति तथा मिशन के क्रियान्वयन में सांसदों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।

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दिन भर चलने वाली समीक्षा बैठक में सक्रिय भागीदारी करने पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री ने राजस्थान के सभी संसदों को धन्यवाद दिया। उन्होंने उनकी चिंताओं और मूल्यवान सुझावों की भी प्रशंसा की, जो सांसदों ने मिशन के क्रियान्वयन को तेज करने के लिये दिये थे। उन्होंने सबको कार्य की गुणवत्ता के प्रति आश्वस्त किया। जीवन में आमूल बदलाव लाने के लिये केंद्र सरकार द्वारा किये जाने वाले कामों का उल्लेख करते हुये उन्होंने कहा कि गरीबों और वंचितों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है तथा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ‘कोई भी पीछे न छूट जाये।’ उन्होंने राजस्थान जैसे राज्य के संदर्भ में जल जीवन मिशन के महत्‍व को रेखांकित किया। श्री शेखावत ने कहा कि सामुदायिक भागीदारी और सशक्तिकरण ही जल जीवन मिशन की आत्मा है, जो उसे सफलता की ओर ले जायेगी। इसलिये, राज्य को स्थानीय ग्रामीण समुदायों को मिशन कार्य में संलग्न करना चाहिये तथा जल जीवन मिशन को ‘जन आंदोलन’ बनाने के लिये सांसदों की सक्रिय भूमिका भी सुनिश्चित करना चाहिये।

श्री शेखावत ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों से अपील की कि वे नियमित निगरानी और खामियों को दूर करने के उपायों के जरिये काम की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दें। उन्होंने आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार द्वारा निधि की कमी नहीं होगी और केंद्र राज्य को पूरा सहयोग देगा, ताकि तय समय सीमा में ‘हर घर जल’ का लक्ष्य पूरा हो जाये। उन्होंने राज्य पीएचईडी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों से आग्रह किया कि राज्य में पेयजल आपूर्ति से जुड़े किसी भी मुद्दे पर वे लोग कभी भी उनसे संपर्क कर सकते हैं।

अंत में उन्होंने पेयजल स्रोत में सुधार की बात की, ताकि ग्रामीण घरों में जलापूर्ति में व्यवधान न आने पाये। उन्होंने एमजीएनआरईजीएस, 15वें वित्त आयोग समर्थित अनुदान, डीएमडीएफ आदि, जैसे स्रोतों को मद्देनजर रखते हुये ग्रामीण स्तर पर विभिन्न योजनाओं की पड़ताल करने पर जोर दिया।

राजस्थान के पीएचईडी मंत्री ने कहा कि नल से जल सुविधा कायम रखने और ‘ढाणी’ नामक दूर-दराज की तमाम छोटी-छोटी बस्तियों तक पानी पहुंचाने में राज्य को भौगोलिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राज्य के लिये मिशन के कार्यान्वयन को तेज करने की जरूरत है और साथ में काम की गुणवत्ता भी सुनिश्चित करनी है।

अगस्त, 2019 में मिशन की शुरुआत के बाद से राज्य के 105.69 लाख ग्रामीण घरों में से केवल 11.74 लाख घरों तक ही नल से जल पहुंचा था, जो अब तक 25.61 लाख घर (24.23 प्रतिशत) हो गया है। राज्य को केंद्रीय अनुदान के रूप में लगभग 11,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराये गये हैं, जो 15वें वित्त आयोग की पेयजल तथा स्वच्छता सम्बंधी सिफारिशों पर दिये गये हैं। यह अनुदान आरएलबी/पीआरआई के सम्बंध में है। राज्य की योजना है कि 2022-23 में 32.64 लाख ग्रामीण घरों तक नल से जल पहुंचा दिया जाये। इसके लिये वार्षिक कार्य योजना को जल शक्ति मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है।

04:30

आरईसी ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत तीन राज्यों में 'बिजली उत्सव' का आयोजन किया

रामजी पांडेय

नई दिल्ली :भारत की आजादी के 75 साल होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे 'आजादी का अमृत महोत्सव' के तहत- ग्रामीण विद्युतीकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) ने मणिपुर, ओडिशा और छत्तीसगढ़ में 'बिजली उत्सव' का आयोजन किया। आरईसी, विद्युत मंत्रालय के तहत एक सार्वजनिक क्षेत्र की बुनियादी ढांचा वित्तीय कंपनी है। इस आयोजन के लिए विशेष रूप से 28 अप्रैल, 2022 को तय किया गया, क्योंकि यह दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डीडीयूजीजेवाई) के तहत सभी गांवों तक सफलतापूर्वक विद्युत अवसंरचना पहुंचाने की चौथी वर्षगांठ का दिन है। इस अवसर पर मणिपुर का लीसांग गांव में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस गांव को 28 अप्रैल, 2018 को डीडीयूजीजेवाई योजना के तहत ग्रिड से जोड़ा गया था। यह ग्रिड से जुड़ने वाले आखिरी गांवों में से एक था। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने देश के इस ग्रामीण विद्युतीकरण अभियान को सबसे बड़ी सफलता की कहानियों में से एक के रूप में मान्यता दी गई थी।

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इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्तियों ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इसके अलावा आस-पास के गांवों और जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। गणमान्य व्यक्तियों ने बिजली के लाभों, ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण के दौरान सामने आने वाली चुनौतियों और बिजली तक पहुंच के साथ जीवन की गुणवत्ता में सुधार को रेखांकित किया। इस कार्यक्रम में डीडीयूजीजेवाई योजना के कई लाभार्थी भी शामिल हुए। इन सब को मंच पर अपने अनुभव को साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था।

04:28

फलों की मक्खियों में क्रोनिक लार्वा क्राउडिंग बड़े और तेजी से अंडे सेने की दिशा में क्रमिक विकास को प्रेरित करती है

रामजी पांडे

नई दिल्ली वैज्ञानिकों ने पाया है कि उन कीटों की आबादी जो क्रोनिक लार्वा क्राउडिंग का अनुभव करती है, बड़े और तेजी से अंडे सेने की दिशा में क्रमिक विकास को प्रेरित करती है, भले ही अन्य अनुकूलनों में उनमें अंतर हो।

वर्ष 2003 तक ऐसा माना जाता था कि लार्वा क्राउडिंग के लिए अनुकूलित फलों की मक्खियों में अधिक प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित होती थी जो अनिवार्य रूप से उच्चतर लार्वा फीडिंग दर तथा अमोनिया एवं यूरिया जैसे मेटोबोलिक अपशिष्ट उत्पादों के विषाक्त स्तर के लिए अधिक वयस्क-पूर्व सहिष्णुता के संयोजन के विकास के माध्यम से होती थी।

इस समझ के एक आदर्श बदलाव में, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्तशासी संस्थान जवाहर लाल नेहरू उन्नत अनुसंधान केंद्र (जेएनसीएएसआर) के शोधकर्ताओं द्वारा पिछले 15 वर्षों में किए गए पहले के अध्ययनों में पाया कि जिस प्रकार के लक्षण विकसित हुए, वे न केवल समग्र लार्वा घनत्व पर निर्भर करते थे, बल्कि भोजन की मात्रा तथा अंडों की संख्या जिस पर क्रोनिक क्राउडिंग का अनुभव किया गया था, उसके विशिष्ट संयोजन पर भी निर्भर करते थे।

अब, जर्नल ऑफ जेनेटिक्स में प्रकाशित हाल के एक अध्ययन में शोधकर्ताओं के इस समूह ने प्रदर्शित किया है कि एक विशिष्ट अनुकूलन- बड़े और तेज गति से अंडे सेने- क्राउडिंग का अनुभव करने वाली फलों की मक्खियों की सभी आबादियों के लिए सामान्य हैं, भले ही उनका भोजन की कितनी ही मात्रा तथा अंडों की संख्या का अनुभव या उनका संपर्क हो।

यह टीम जो फलों की मक्खियों के क्रमिक विकास तथा प्रतिस्पर्धी क्षमता की पारिस्थितिकी को समझने में विश्व भर में अग्रणी है, ने प्रदर्शित किया कि फलों की मक्खियों की आबादी के तीन अलग-अलग समूहों (ड्रोसोफिला मेलानोगैस्टर), जिन्होंने मामूली रूप से अलग पारिस्थितिकी परिप्रेक्ष्यों में क्रोनिक लार्वा क्राउडिंग का अनुभव किया तथा इसके परिणामस्वरूप क्राउडिंग के पृथक अनुकूलनों से विकसित हुए थे, उन्होंने भी एक सामान्य क्रमिक विकास अनुकूलन को साझा किया। उन सभी ने उनके सामान्य पैतृक नियंत्रण आबादियों की तुलना में बडे़ और तेजी से सेने वाले अंडों का उत्पादन किया।

इस अध्ययन के लिए, वैज्ञानिकों ने प्रयोगशाला में चयन के माध्यम से शोधकर्ताओं द्वारा विकसित अनूठी आबादियों का उपयोग किया-वैसी आबादियों का जो विश्व में और कहीं उपलब्ध नहीं हैं।

यह अनुमान लगाते हुए कि दुर्लभ लार्वा भोजन के लिए प्रतिस्पर्धा में लाभ प्राप्त करने का एक तरीका दूसरों की तुलना में अंडों को पहले सेना आरंभ करना तथा उन्हें भोजन देना हो सकता है, एस वेंकिटाचलम, एस. दास, ए. दीप तथा ए. जोशी ने जांच की कि अन्य अनुकूलनों के अतिरिक्त, जिसका उन्होंने अवलोकन किया था, क्या ऐसा ‘हेड-स्टार्ट’ तंत्र उनके किसी क्राउडिंग अनुकूलित आबादी में विकसित हुआ था? उन्होंने पाया कि उनमें से सभी बड़े तथा तेजी से सेने वाले अंडे विकसित कर चुके थे, भले ही वे क्राउडिंग के अन्य अनुकूलनों में अलग थे। इससे संकेत मिलता है कि तेजी से सेने तथा बड़े आकार में होने के कारण लार्वा द्वारा प्राप्त आरंभिक लाभ या हेड-स्टार्ट अन्य कई लक्षणों के विपरीत क्राउडेड स्थितियों के तहत अनुकूली है।

यह अध्ययन उन्हीं आबादियों पर किए गए अध्ययनों की श्रृंखला का एक हिस्सा है जिनके कारण घनत्व-निर्भर चयन तथा फलों की मक्खियों में क्राउडिंग के अनुकूलन की समझ में आदर्श परिवर्तन परिवर्तन आया है।

प्रकाशन के लिए लिंक : https://www.ias.ac.in/article/fulltext/jgen/101/0013

एक क्राउडेड शीशी यानी वायल में फलों की मक्खियों के लार्वा की फीडिंग

04:26

वेल्डिंग कार्य को तेज, ऊर्जा कुशल और पर्यावरण अनुकूल बनाने के लिए नई स्मार्ट मशीन का आगाज

रामजी पांडे

नई दिल्ली शोधकर्ताओं ने पारंपरिक फ्यूजन वेल्डिंग या ठोसावस्था प्रक्रियाओं की तुलना में फेरस ट्यूबों की तेजी से वेल्डिंग करने के लिए स्मार्ट आईओटी आधारित मशीन विकसित की है। वर्तमान समय में इस मशीन का उपयोग ऊर्जा की कम खपत के साथ किया जाता है। मैन्यूफैक्चरिंग उद्योगों के उन्नत प्रौद्योगिकियों की ओर बढ़ने के साथ ऊर्जा खपत कम करने तथा मानव प्रेरित त्रुटियों से बचने के लिए वेल्डिंग प्रक्रिया को स्वचालित बनाना तथा पर्यावरण अनुकूल तरीके से उत्पादों का तेजी से निर्माण करना आवश्यक होता है।

दयानंद सागर विश्वविद्यालय बेंगलुरू के स्कूल ऑफ इंजिनियरिंग इलेक्ट्रॉनिक्स तथा संचार विभाग के प्रोफेसर डॉ. एस. अरुंगलई वेंदन ने इंटरनेट ऑफ थिंक्स (आईओटी) एकीकृत मशीन विकसित की है। इसका नाम “मैग्नेटिकली इमपेल्ड आर्क बट वेल्डिंग इक्विमेंट है।” वेल्डिंग की गुणवत्ता का अनुमान व्यक्त करने के उद्देश्य से डेटा निकालने के लिए प्रोसेसर के साथ ध्वनि, कंपन, चाप प्रकाश की तीव्रता, तापमान के साथ-साथ धुंए के लिए मशीन सेंसर के साथ लगी होती है। कम लागत वाली आईओटी एकीकृत मशीन को विज्ञान और प्रौद्योगिक विभाग द्वारा समर्थन दिया गया।

एमआईएवी वेल्डिंग में पीएचडी प्राप्त डॉ. वेंदन ने दबाव भाग प्रयोगों के लिए इस प्रक्रिया की खोज विल्डिंग रिसर्च इंस्टिच्यूट, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, तिरुचिरापल्ली में की। विभिन्न औद्योगिक एप्लीकेशनों के लिए फेरस ट्यूबों में शामिल करने की प्रक्रिया की अपार क्षमता को देखते हुए अन्वेषक ने फेरस ट्य़ूबों को शामिल करने के लिए एक कम लागत वाली आईओटी एकीकृत एमआईएवी मशीन का विचार प्रस्तुत किया।

चुंबकीय दृष्टि से प्रेरित आर्क बट (एमआईएवी) वेल्डिंग में दो समाक्षीय रूप से रखी गई ट्यूबों के बीच एक चाप का प्रहार होता है। इसके बाद चाप धारा के अक्षीय घटक और चुंबकीय क्षेत्र के रेडियल घटक की परस्पर क्रिया होती है, जो लोरेंत्ज बल नामक बल का कारण बनती है। यह बल चाप पर कार्य करता है और इसे संयुक्त रेखा के चारों ओर 200m/s अनुमानित रैखिक गति के साथ धकेलता है, जो समान रूप से अधिकतम तापमान तक ट्यूब की सतहों को गर्म करता है, जिस पर यह ठोस (ठोस तापमान) होता है। नरम ट्यूब के किनारों (बट सिरों) को फिर वेल्ड करने के लिए फोर्जिंग से प्रवेश में मजबूत किया जाता है।

 

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एफबीए-लॉरेंज फोर्स; एफबीआर-रेडियल दिशा में बल;  बी-चुंबकीय क्षेत्र घनत्व; आई-धारा; आईआर-रेडियल दिशा में धारा

 

विकसित किए गए उपकरण को तीन बाहरी ब्यासों- 21.5 एमएम, 22.5 एमएम और 27 एमएम क्रमशः 2-3 एमएम मोटाई के लिए हल्के स्टील/कम कार्बन स्टील ट्यूबों की वेल्डिंग के अनुरूप बनाया जाता है, जो सामान्यतः मोटरवाहन और संरचनात्मक एप्लीकेशनों में लगाए जाते हैं। वैज्ञानिक दो आश्रित मानकों-चाप वेग और चक्रीय ध्वनि के लिए नए समीकरण स्थापित करने की प्रक्रिया में हैं, जिसके आधार पर वेल्डिंग के बारे में सही अनुमान व्यक्त किया जा सकता है।

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कार्यरत टैक्नोलॉजी (विभिन्न चरण)

04:24

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 से पहले योग उत्सव आयोजित

रामजी पांडे

नई दिल्ली :स्वस्थ जीवन के लिए योगाभ्यास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्युत मंत्रालय ने आज नेहरू पार्क में योग उत्सव का आयोजन किया। यह आयोजन 21 जून को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की उलटी गिनती के रूप में किया गया। 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 मनाया जाएगा। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के योग गुरुओं के निर्देशन में सामान्य योग प्रोटोकॉल्स (सीवाईपी) आसनों का लाइन डिमॉन्सट्रेशन किया गया।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री आर.के. सिंह, विद्युत राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल, विद्युत मंत्रालय तथा आरईसी, पीएफसी, एनटीपीसी, टीएचडीसी, पीजीसीआईएल तथा एनएचपीसी जैसी सरकारी क्षेत्र की विभिन्न कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। एक घंटे का यह योग उत्सव प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक मनाया गया और इसमें सक्रिय रूप से 400 से अधिक व्यक्तियों ने भाग लिया।

आजादी का अमृत महोत्सव के परिप्रेक्ष्य में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2022 से पूर्व इस योग उत्सव का आयोजन किया गया।

 

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Thursday, 28 April 2022

06:45

निगरानी पोर्टल पर डाटा अपलोड करने के लिए राज्य के अधिकारियों एवं एजेंसियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए

रामजी पांडे

नई दिल्ली जनजातीय मामलों का मंत्रालय (एमओटीए) अपनी 'आउटरीच पहल' के हिस्से के रूप में जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के निष्पादन से जुड़े प्रमुख हितधारकों से जुड़ रहा है।

इसी क्रम में, एमओटीए ने 27 और 28 अप्रैल 2022 को एडीआईजीआरएएमएस यानी आदिग्राम (आदिवासी अनुदान प्रबंधन प्रणाली) पर झारखंड राज्य के प्रमुख पदाधिकारियों के लिए दो दिवसीय व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का आयोजन झारखंड राज्य के जन जातीय मंत्रालय के रांची स्थित 'परियोजना भवन' में किया गया था। आदिवासी योजना कार्यान्वयन से जुड़े राज्य भर के सभी 24 जिलों की परियोजना प्रबंधन इकाई (पीएमयू) के साथ-साथ जिला कल्याण अधिकारियों, आईटीडीए के अधिकारियों जैसे 66 प्रमुख अधिकारियों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्हें डाटा अपलोड करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

जनजातीय मामलों के मंत्रालय में संयुक्त सचिव डॉ. नवल जीत कपूर ने बताया कि आदिग्राम एक अनूठा पोर्टल है जो मंत्रालय द्वारा राज्यों को दिए गए अनुदान की भौतिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी करता है और धन के वास्तविक उपयोग का पता लगा सकता है। लाभार्थियों का विवरण भी इस पोर्टल पर अपलोड किया जाता है और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को जियोटैग किया गया है। जब इसमें 2017-18 से 2021-22 तक का डेटा अपलोड हो जाएगा तब उसके बाद अपलोड की गई जानकारी सबके लिए सुलभ कर दी जाएगी जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी। जन जातीय मामलों के मंत्रालय ने इसी तरह के कार्यक्रम महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, मेघालय में आयोजित किए हैं, जहां एमओटीए और यूएनडीपी के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने प्रशिक्षण देने का काम किया।

 

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06:43

भारत ऐसी सफलता हासिल करने वाला एशिया प्रशांत क्षेत्र का पहला देश बन गया

रामजी पांडे

नई दिल्ली :भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने आज राजस्थान में किशनगढ़ हवाई अड्डे पर गगन (जीपीएस एडेड जीईओ ऑगमेंटेड नेविगेशन) आधारित एलपीवी संचालन प्रक्रियाओं का उपयोग करके सफलतापूर्वक हल्का परीक्षण किया। यह सफल परीक्षण भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र के इतिहास में एयर नेविगेशन सर्विसेज (एएनएस) के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि और प्रमुख मील का पत्थर है। भारत एशिया प्रशांत क्षेत्र का ऐसा पहला देश बन गया है जिसने इस तरह की उपलब्धि हासिल की है।

एलपीवी (लोकलाइजेशन परफॉर्मेंस विद वर्टिकल गाइडेंस) विमान निर्देशित पद्धति की अनुमति देता है जो जमीन आधारित उड़ान संबंधी बुनियादी ढांचे की आवश्यकता के बिना परिचालन रूप से कैट-आईआईएलएस के बराबर है। यह सेवा इसरो द्वारा शुरू किए गए जीपीएस और गगन भू-स्थिर उपग्रहों (जीसैट-8, जीसैट-10 और जीसैट-15) की उपलब्धता पर निर्भर करती है।

गगन एक भारतीय उपग्रह आधारित संवर्धन प्रणाली (एसबीएएस) है जिसे एएआई और इसरो ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह भूमध्यरेखीय क्षेत्र में भारत और इसके पड़ोसी देशों के लिए विकसित इस तरह की पहली प्रणाली है। गगन सिस्टम को डीजीसीए ने 2015 में एप्रोच विद वर्टिकल गाइडेंस (एपीवी 1) और एन-रूट (आरएनपी 0.1) संचालन के लिए प्रमाणित किया था। भारत (जीएजीएएन-गगन), अमेरिका (डब्ल्यूएएएस), यूरोप (ईजीएनओएस) और जापान (एमएसएएस) नाम से दुनिया में केवल चार अंतरिक्ष-आधारित संवर्धन प्रणालियां उपलब्ध हैं। भूमध्यरेखीय क्षेत्र में भारत और पड़ोसी देशों के लिए विकसित गगन ऐसी पहली प्रणाली है।

इंडिगो एयरलाइंस ने अपने एटीआर विमान का उपयोग करते हुए गगन सेवा के जरिए 250 फीट के एलपीवी मिनिमा के साथ एक इंस्ट्रूमेंट एप्रोच प्रोसीजर (आईएपी) उड़ाया है। राजस्थान के किशनगढ़ हवाई अड्डे पर यह परीक्षण प्रारंभिक गगन एलपीवी उड़ान परीक्षणों के हिस्से के रूप में डीजीसीए टीम की देख-रेख में किया गया था। डीजीसीए की अंतिम मंजूरी के बाद, वाणिज्यिक उड़ानों के उपयोग के लिए यह प्रक्रिया उपलब्ध होगी।

एलपीवी एक उपग्रह आधारित प्रक्रिया है जिसका उपयोग विमान ने आज किशनगढ़ हवाई अड्डे (राजस्थान) पर उतरने के उद्देश्य से किया है। एलपीवी पद्धति से उन हवाई अड्डों पर उतरना संभव हो जाएगा जहां विमान उतारने की महंगी प्रणाली (इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम) नहीं हैं, इसमें कई छोटे क्षेत्रीय और स्थानीय हवाई अड्डे शामिल हैं। विमान उतारने का फैसला लेने की 250 फीट तक की ऊंचाई खराब मौसम और कम दृश्यता की स्थिति में परिचालन का पर्याप्त लाभ प्रदान करती है। इस प्रकार, कोई भी हवाई अड्डा जिसे अब तक उच्च दृश्यता मिनिमा की आवश्यकता होगी, वह ऐसे विमान को स्वीकार करने में सक्षम होगा जो दूरस्थ हवाई अड्डों को लाभान्वित करता है और सटीक क्षमता वाले उपकरणों से रहित हैं।

गगन आधारित एलपीवी उपकरण पद्धति प्रक्रियाओं के विकास के लिए क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना (आरसीएस) के तहत आने वाले हवाई अड्डों सहित कई अन्य हवाई अड्डों का सर्वेक्षण किया जा रहा है ताकि लैंडिंग के दौरान बेहतर सुरक्षा, ईंधन की खपत में कमी, देरी, दिशा में बदलाव, और रद्दीकरण आदि में कमी लाने के लिए उपयुक्त रूप से सुसज्जित विमान अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें।

भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (आईएनसीओआईएस) के समन्वय में एएआई ने गगन संदेश सेवा (जीएमएस) लागू की है जिसके माध्यम से बाढ़, भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाओं की स्थिति में मछुआरों, और आपदा प्रभावित लोगों को अलर्ट संदेश भेजे जाएंगे। रेलवे, सर्वेक्षण, कृषि, बिजली क्षेत्र, खनन आदि जैसे गैर-विमानन क्षेत्र में गगन का उपयोग करने के लिए इसकी अतिरिक्त क्षमताओं का भी पता लगाया जा रहा है।

गगन प्रक्रियाओं के डिजाइन के लिए हवाईअड्डे के पर्यावरण परिवेश और सतही बाधाओं के सावधानीपूर्वक सर्वेक्षण की आवश्यकता होती है। ये डेटा जटिल विमान पद्धति युद्धाभ्यास के साथ सहसंबद्ध हैं और डिजाइन की गई प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसे एक सॉफ्टवेयर में लगाया गया है। इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की मदद के बिना लैंडिंग के लिए इन प्रक्रियाओं को भारत के किसी भी हवाई अड्डे के लिए विकसित किया जा सकता है। इस प्रकार की प्रक्रियाएं विमान को कम दृश्यता की स्थिति में लगभग श्रेणी -1 इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) के बराबर बनाती हैं। वर्तमान में इंडिगो (35), स्पाइसजेट (21), एयर इंडिया (15), गो फर्स्ट (04), एयर एशिया (01) और अन्य एयरलाइंस के बेड़े में इन एलपीवी प्रक्रियाओं का उपयोग करने में सक्षम विमान हैं। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने 22 ऐसी प्रक्रियाएं विकसित की हैं और संचालन के लिए कुछ वाणिज्यिक उड़ान डीजीसीए से अनुमोदन की प्रक्रिया में हैं। आत्म-निर्भर भारत की केंद्र सरकार की पहल के अनुरूप भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र को और अधिक आत्म-निर्भर बनाने के लिए सभी नागरिक हवाई अड्डों के लिए एलपीवी प्रक्रियाओं को विकसित किया जा रहा है।

एएआई भारत में इस तरह के तकनीकी विकास के जरिए हवाई संचालन (एयर नेविगेशन) सेवाओं की उपलब्धता,निरंतरता और अखंडता सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है। इसके साथ ही भारत एशिया का पहला देश बन गया है जिसके पास उपग्रह आधारित लैंडिंग प्रक्रिया है।

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण 2002 के बाद से गगन कार्यक्रम को डिजाइन और कार्यान्वित करने के लिए इसरो की ईमानदारी से सराहना करना चाहता है। डीजीसीए गगन के संचालन को सुनिश्चित करने में अत्यधिक सक्रिय था। एएआई किशनगढ़ में सुरक्षित उड़ान परीक्षण करने के लिए इंडिगो एयरलाइंस के सहयोग की भी सराहना करता है।

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06:40

धरती को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने में भी यह उद्योग अग्रणी भूमिका निभाएगा - श्री राम चन्द्र प्रसाद सिंह

रामजी पांडे

नई दिल्ली केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री राम चन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा है कि “आयरन और स्टील उद्योग ने भारत के इतिहास में मगध जैसे साम्राज्यों की प्रगति में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और मुझे विश्वास है कि वर्तमान युग में  धरती माँ को प्रदूषण से मुक्ति दिलाने में भी  यह उद्योग अग्रणी भूमिका निभाएगा | हम सबको मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि हम जिस जल, वायु और भोजन का सेवन करते हैं वो स्वास्थ्यवर्धक हो | हमें  क्लीन और ग्रीन-स्टील, डी-कार्बोनाइजेशन और  कार्बन-न्यूट्रल पर भविष्य में सुनियोजित तरीके से काम करना होगा | प्लास्टिक-वेस्ट का उपयोग, कोकिंग और नॉन-कोकिंग, दोनों कोयला के स्थान पर किया जा सकता है जिससे वेस्ट को वेल्थ में सतत रूप से बदला जा सकता है | दो-दिवसीय एशिया स्तर की प्लास्टिक रिसाइक्लिंग कॉन्फ्रेंस का आज सुबह गुरुग्राम, हरियाणा में दीप प्रज्जवलित कर उद्घाटन किया गया । इसमें देश-विदेश से आये प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।

 

 

श्री राम चन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा प्लास्टिक हर जगह फ़ैल गया है, सड़कों से लेकर समुद्र की तलहटी तक | हमें प्लास्टिक रीसाइक्लिंग को इतना उपयोगी बनाना होगा कि लोग प्लास्टिक के कचरे को भी लोहे और कागज़ की तरह रीसाइक्लिंग में मदद करें |  रीसाइक्लिंग से फायदा यह है कि प्लास्टिक का विघटन नहीं होगा और  प्रदूषित पदार्थ वातावरण में नहीं मिलेंगे | उन्होंने कहा “भारत ने औद्योगिक क्रांति से भले ही लाभ न उठाया हो, पर आईये हम सब मिलकर प्लास्टिक रीसाइक्लिंग से स्टील क्षेत्र में ऊर्जा से एक नयी क्रांति को जन्म दें | इससे जुड़े सभी लोगों का हित होगा और सबकी जीत होगी | प्लास्टिक रीसायकल होने  से प्रदूषण कम होगा, स्टील उद्योग को कोकिंग कोल  आयात कम करने में मदद मिलेगी और नए रोज़गार के अवसर उत्पन्न  होंगे |”

06:38

ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अपने प्रतिष्ठानों में छात्रों के अध्ययन दौरों का आयोजन किया

रामजी पांडे

नई दिल्ली ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल), जोकि भारत की दूसरी सबसे बड़ी राष्ट्रीय अन्वेषण और उत्पादन कंपनी है, ने कंपनी के फील्ड इंजीनियरिंग विभाग के तहत लॉजिस्टिक्स एवं आईसीई कार्यशाला में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), लाहोवाल- ओआईएल के उत्कृष्टता केंद्र - के छात्रों के लिए अध्ययन दौरों का आयोजन किया। छात्रों को तेल एवं गैस उद्योग के बारे में देने के लिए इन दौरों का आयोजन 25- 28 अप्रैल, 2022 के दौरान विभिन्न बैचों में आजादी का अमृत महोत्सव के तहत चल रहे समारोहों के एक भाग के रूप में किया गया था।

    

छात्रों को विभिन्न हाइड्रोलिक्स एवं न्यूमेटिक्स सिस्टम, आईसीई और तेल एवं गैस उद्योगों में उपयोग किए जाने वाले अन्य इंजनों से परिचित कराने के लिए कार्यशालाओं का दौरा कराया गया। ओआईएल के इंजीनियरों ने छात्रों को इन मशीनरियों और इसके कार्यों के बारे में जानकारी दी।

06:35

भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के 99 अनाम नायकों के जन्म स्थान से जुड़े हुए हैं


नई दिल्ली आज़ादी से अंत्योदय तक, 28 राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों के 75 जिलों को 09 केंद्रीय मंत्रालयों की लाभार्थी योजनाओं के साथ संतृप्त करने के मिशन के साथ एक 90-दिवसीय अभियान आज माननीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री, श्री गिरिराज सिंह द्वारा शुरू किया गया। साल भर चलने वाले आज़ादी के अमृत महोत्सव (AKAM) की भावना का जश्न मनाते हुए, पहचाने गए जिलों को 99 स्वतंत्रता सेनानियों के जन्म स्थान के साथ जोड़ा गया है, जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए अपने संघर्ष के दौरान राष्ट्र के लिए अंतिम बलिदान दिया था।

 

 

अभियान का लक्ष्य 17 चुनिंदा योजनाओं को सीधे लाभार्थियों को संतृप्ति मोड में सहायता के साथ शुरू करना है। प्रत्येक भाग लेने वाले मंत्रालयों / विभागों द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे पिछली पंक्ति में बैठे हुए व्याक्ति तक पहुंचना है।

विकास मानकों में पिछड़े 75 जिलों को एमपीसीई (मासिक प्रति व्यक्ति संकेतक) और डी5/डी7 एसईसीसी-2011 (सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना) डेटा के माध्यम से शॉर्टलिस्ट किया गया है।

00:56

मजदूर दिवस की पूर्व संध्या पर बीएल इंटरनेशनल कम्पनी पर होगी बड़ी मजदूर किसान महापंचायत - गंगेश्वर दत्त शर्मा

 नोएडा मैसर्स- बी.एल.इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर- 38, जी, उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा के कम्पनी प्रबंधकों द्वारा गैरकानूनी तरीके से कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के विरोध में 28  अप्रैल 2022 को 14 वें दिन भी सीटू के बैनर तले कर्मचारियों का कम्पनी के गेट पर धरना प्रर्दशन जारी है।
  कल दिनांक 27-04- 2022 को उप श्रम आयुक्त श्रीमती वंदना गुप्ता जी ने कम्पनी पर पहुंचकर दोनों पक्षों में वार्ता कराकर समझौता कराने का प्रयास किया लेकिन देर शाम तक घंटों चली वार्ता मे बी एल कम्पनी के प्रबंधकों की हठधर्मिता के चलते समझौता नहीं हो सका। नाराज श्रमिकों ने आंदोलन को तेज करने की घोषणा किया।
 सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए मई दिवस की पूर्व संध्या पर 30 अप्रैल 2022 को शाम 4:00 बजे कम्पनी के समक्ष धरना स्थल पर बड़ी सभा आयोजित की जाएगी जिसे सीटू के राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के नेताओं के साथ-साथ जनपद के विभिन्न मजदूर यूनियनों व किसान संगठनों के नेतागण संबोधित करेंगे।


Wednesday, 27 April 2022

05:46

श्रमिकों को कार्य पर नहीं लिया तो बीएल इंटरनेशनल कम्पनी के मुख्यालय समेत सभी यूनिटों पर होंगे धरना प्रदर्शन - गंगेश्वर दत्त शर्मा

रामजी पांडेय
 नोएडा, मैसर्स- बी.एल.इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर- 38, जी, उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा के कम्पनी प्रबंधकों द्वारा गैरकानूनी तरीके से कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के विरोध में 26 अप्रैल 2022 को 11वें दिन भी सीटू के बैनर तले कर्मचारियों का कम्पनी के गेट पर धरना प्रर्दशन जारी रहा।
 धरना /प्रदर्शन को किसान सभा जिला प़वक्ता डा. रुपेश वर्मा, एडवोकेट मुफ्ती अनवर हैदर अली, सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, कोषाध्यक्ष रामस्वारथ, सह सचिव मुकेश कुमार राघव, अनमोल एंप्लाइज यूनियन के नेता सुखलाल, जोगेंद्र सैनी, एच-1 इंडिया एम्पलाइज यूनियन के नेता ओमप्रकाश, रामप्रवेश, अमीचंद, श्रमिक नेता पूनम, धमेंद्र, अर्चना, चादंनी, शिवानी आदि ने  संबोधित किया।
 वही समस्याओं के समाधान हेतु उप श्रम आयुक्त श्रीमती वंदना गुप्ता जी ने दोनों पक्षों को बुलाकर श्रम कार्यालय सेक्टर- 3, नोएडा पर वार्ता कराई। लेकिन वार्ता में कोई समाधान नहीं निकला। कल दिनांक 27-04- 2022 को दोपहर 2:30 बजे संस्थान स्तर पर वार्ता होगी। श्रमिक नेताओं ने बताया कि यदि कल संस्थान स्तर पर होने वाली वार्ता में कोई सम्मानजनक समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को तेज करते हुए बीएल इंटरनेशनल कम्पनी के मुख्यालय व अन्य सहयोगी कम्पनियों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।


05:09

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन हुआ


नई दिल्ली मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय आजादी का अमृत महोत्सव तथा किसान भागीदारी प्राथमिक हमारी अभियान के हिस्से के रूप में विभाग की उद्यमिता योजनाओं एवं अन्य लाभार्थी सर्वोत्कृष्ट फ्लैगशिप परियोजनाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। यह कार्य नागरिक सेवा केंद्रों के नेटवर्क के माध्यम से देश भर में ग्राम स्तर के 8000 शिविर लगाकर किया जा रहा है। यह अभियान 25 अप्रैल से 28 अप्रैल 2022 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें देश भर में नागरिक सेवा केंद्रों के माध्यम से हर दिन एक लाख किसान शामिल हो रहे हैं।

मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री श्री संजीव कुमार बाल्यान ने कल शिविरों के माध्यम से जुड़े किसानों को संबोधित किया और उन्हें बताया कि राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) और राष्ट्रीय गोकुल मिशन (आरजीएम) योजनाओं में अब ब्रीडर फार्म उद्यमी तथा चारा उद्यमी भी इसके अंग बन चुके हैं। उत्तर पूर्वी क्षेत्र के राज्यों बिहार, ओडिशा व पश्चिम बंगाल के एक लाख किसानों ने इन शिविरों में भाग लिया। राष्ट्रीय पशुधन मिशन, ग्रामीण उद्यमिता के निर्माण में मदद करेगा और बेरोजगार युवाओं एवं पशुपालकों के लिए पशुधन, डेयरी, मुर्गी पालन, भेड़, बकरी व सुअर पालन तथा पशुओं हेतु चारा क्षेत्र में आजीविका के बेहतर अवसर पैदा करने में मदद करेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मार्ग प्रशस्त करेगा। श्री बाल्यान ने प्रजनन की उन्नत तकनीकों को अपनाने और जमीनी स्तर पर इसके कार्यान्वयन के महत्व पर बल दिया। उन्होंने किसानों से विभिन्न मौजूदा केंद्रीय योजनाओं का लाभ उठाने के लिए कृत्रिम गर्भाधान (एआई) और साइलेज (सुरक्षित हरा चारा) बनाने को बढ़ावा देने का भी अनुरोध किया।

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सचिव (डीओएफ एवं डीएएचडी आई/सी) श्री जतिंद्र नाथ स्वैन ने किसानों को प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) और मत्स्य पालन व एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (एफआईडीएफ) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि देश के कोने-कोने से मछुआरे और मत्स्य किसान मत्स्य पालन विभाग की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि असंगठित क्षेत्र में उपलब्ध उत्पाद के उद्देश्य से इसके आगे और पीछे की कड़ी बनाने तथा इसे संगठित क्षेत्र से जोड़ने के लिए मंत्रालय की इन उद्यमिता योजनाओं से उद्यमिता के विकास में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर विभागों की उद्यमिता योजनाओं, पीएमएमएसवाई आदि पर विवरण, गर्मी के मौसम के दौरान पशुधन प्रबंधन पर सूचनात्मक सत्र और चारा प्रबंधन तथा सफलता की गाथाओं पर प्रस्तुतियां दी गईं। उपस्थित लोगों को इन योजनाओं के बारे में पूरी जानकारी दी गई है और साथ ही सीएससी के माध्यम से ही योजना पोर्टल पर आवेदन कैसे करें, इसके बारे में भी बताया गया।

05:04

मिश्रित ब्लॉकों के निर्माण के लिए कोयले की राख का उपयोग किया जाएगा

रामजी पांडे

नई दिल्ली एनटीपीसी लिमिटेड भारत में सबसे बड़ी बिजली उत्पादन उपयोगिता है, ने आज एनर्जी वॉल्ट होल्डिंग्स, इंक. (एनवाईएसई: एनआरजीवी, एनआरजीवी डब्ल्यूएस) (“एनर्जी वॉल्ट) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने की घोषणा की। समझौता ज्ञापन का उद्देश्य है एक संयुक्त व्यवहार्यता अध्ययन के परिणाम के आधार पर एनर्जी वॉल्ट की ईवीएक्‍सटीएम गुरुत्वाकर्षण-आधारित ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकी और सॉफ्टवेयर समाधानों की तैनाती के लिए एक दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को सहयोग और औपचारिक बनाना। प्रौद्योगिकी समग्र ब्लॉकों के निर्माण के लिए कोयले की राख के लाभकारी उपयोग की भी पेशकश करती है। एनर्जी वॉल्ट की गुरुत्वाकर्षण आधारित ऊर्जा भंडारण प्रणाली।

एनटीपीसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गुरदीप सिंह ने कहा, "एक बड़े, एकीकृत बिजली उत्पादक के रूप में, एनटीपीसी के लिए भारत की अर्थव्यवस्था को डीकार्बोनाइज करने के लिए एक विविध स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो होना महत्वपूर्ण है। हमने भारत के ऊर्जा परिवर्तन का नेतृत्व करने के लिए अपने नवीकरणीय क्षमता वृद्धि लक्ष्यों को बढ़ाया है। लक्ष्य और हम लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सौर, पवन, आरटीसी और हाइब्रिड परियोजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। एनर्जी वॉल्ट के साथ सहयोग से एनटीपीसी को समग्र ब्लॉकों के निर्माण के लिए कोयले की राख का उपयोग करके एक स्थायी दृष्टिकोण के माध्यम से अपने ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह सहयोग एक वृत्ताकार अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा।"

एनर्जी वॉल्ट के सह-संस्थापक और सीईओ रॉबर्ट पिकोनी ने कहा, "हम एनटीपीसी के साथ साझेदारी करने और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में भारत की सबसे बड़ी बिजली उपयोगिता का समर्थन करने के लिए उत्साहित हैं।" एनर्जी वॉल्ट का मिशन टिकाऊ, कार्बन मुक्त ऊर्जा को वास्तविकता बनाना है।" और यह घोषणा ऊर्जा के लिए सबसे बड़े वैश्विक बाजारों में से एक में विस्तार के साथ उस लक्ष्य की ओर और प्रगति का प्रतीक है। एनटीपीसी के साथ हमारा सहयोग कई महाद्वीपों में पहले घोषित वाणिज्यिक विस्तार पर आधारित है क्योंकि हमने इस साल की शुरुआत में एक सार्वजनिक कंपनी में संक्रमण किया था। "

05:01

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में सर्वश्रेष्ठों में मुकाबला है: बॉक्सर अक्षय कुमार सिवाच

रामजी पांडे

नई दिल्ली हरियाणा की भूमि 21वीं सदी की शुरुआत से ही भारतीय मुक्केबाजी में श्रेष्‍ठ प्रतिभाओं को जन्‍म देने वाली बड़ी भूमि रही है। राज्‍य के विजेंदर सिंह, विकास कृष्ण यादव, पूजा रानी, अमित पंघाल और कई अन्य सितारों के नाम आज घर-घर में प्रसिद्ध नाम बन गए हैं। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में बनने वाला ऐसा ही एक सितारा युवा अक्षय ‘कुमार’ सिवाच है, जो भिवानी (हरियाणा) का रहने वाला है।

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इस 20 वर्षीय मुक्‍केबाज अक्षय का नाम बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार के नाम पर रखा गया था। अपने नाम के बारे में एक किस्सा साझा करते हुए, अक्षय ने कहा कि मेरे परिवार का नाम वास्तव में सिवाच है, लेकिन मुझे आमतौर पर मेरे दोस्तों और परिवार में अक्षय कुमार के रूप में जाना जाता है। जब मैं पैदा हुआ तो मेरी मां ने मेरा नाम अक्षय रखा था और मेरे पिताजी ने उसमें ‘कुमार’ नाम जोड़ा दिया था क्योंकि वह इसी नाम के सिनेमा अभिनेता के बहुत बड़े प्रशंसक थे। इस प्रकार मुझे यह नाम मिला है।

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अक्षय कुमार खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में 63.5 किलोग्राम के भार वर्ग में मुकाबला कर रहे हैं, जहां वह ओपीजेएस विश्वविद्यालय, राजस्थान का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वे पहले ही इस प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुके हैं, जहां उनका मुकाबला बुधवार को हर्षदीप के साथ होगा।

खेलो इंडिया मंच के बारे में अक्षय ने कहा कि यह मंच युवा एथलीटों को पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों के खिलाफ प्रतियोगिता की पेशकश करने में मदद करेगा। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स देश के सर्वश्रेष्ठ युवा एथलीटों के बीच एक तरह की परीक्षा है, क्योंकि इस चरण के लिए क्‍वालिफाई करने के लिए एथलीटों को पहले ही राज्य और विश्वविद्यालय स्तर की क्‍वालिफाइंग प्रतियोगिताओं के माध्यम से आगे आना पड़ता है।

 इन खेलों का आयोजन भारत सरकार की एक अच्छी पहल है। सरकार युवा एथलीटों की जरूरतों को समझती है और उन्हें अपनी-अपनी संबंधित विधा में आगे बढ़ने का मौका देती है। मैं यहां आने वाले एथलीटों को जो खुराक दी जा रही है उससे बहुत खुश हूं। हमें ठीक मात्रा में सही खुराक दी जा रही है। प्रशिक्षण के अलावा, एथलीटों के सुधार के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण पहलू भी है। आवास सुविधाएं भी बहुत अच्छी हैं, इसलिए हम खेलों में अपने प्रदर्शन पर पूरा ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं। हमें इस बात की चिंता नहीं कि संसाधन कहां से आएंगे।

युवा अक्षय सिवाच के लिए मुक्केबाजी स्वाभाविक रूप से आई है, क्योंकि वह उस परिवार से ताल्‍लुक रखते हैं जिसकी खेल में समृद्ध विरासत है। उनके दो चाचा और एक बड़े भाई ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा की है। अक्षय का मानना ​​​​है कि उसे भाग्‍य से कम उम्र में ही खेलों को अपनाने का मौका मिला। हालांकि, उनकी प्रेरणा का स्रोत एक अन्य जाना-माना नाम था। अक्षय ने कहा कि मैं विकास कृष्ण यादव को अपना आदर्श मानता हूं और उनका अनुसरण करने की कोशिश करता हूं, मैं भी उनकी तरह बाएं हाथ से काम करने वाला (साउथपॉ) हूं और हम दोनों भिवानी से हैं। वह एक महान मुक्केबाज हैं और उनका सबसे बड़ा गुण यह है कि वह प्रत्येक मुकाबले में अपना दिमाग इस्‍तेमाल करते हैं। उन्होंने यह दिखाया है कि मुक्केबाजी केवल शारीरिक खेल नहीं है, बल्कि मानसिक लड़ाई भी है।

Tuesday, 26 April 2022

03:18

भारत ने बनाया गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड एक साथ लहराए गए 78 हज़ार 220 तिरंगे

रामजी पांडे

नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की मौजूदगी में भारत ने एक साथ सबसे ज़्यादा राष्ट्रीय ध्वज लहराने का रिकॉर्ड बनाया है। 23 अप्रैल 2022 को बिहार के भोजपुर के जगदीशपुर स्थित दुलौर मैदान में वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव कार्यक्रम में 78 हज़ार 220 तिरंगे झंडों को एक साथ लहराकर भारत ने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया।

 

 

मौका था जगदीशपुर के तत्कालीन राजा वीर कुंवर सिंह का अंग्रेजों के खिलाफ विजय प्राप्त करने का, जिन्हें 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक माना जाता है। यह कार्यक्रम भारत की स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत गृह मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय ने आयोजित किया था।

गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों के सामने बनाये गए इस रिकॉर्ड के लिए कार्यक्रम में उपस्थित लोगों की भौतिक पहचान के लिए बैंड पहनाए गए थे और पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी।

केंद्रीय गृह मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कल्पना की है कि 2047 में पूरी दुनिया में हर क्षेत्र में भारत शीर्ष पर होना चाहिए और वीर कुंवर सिंह जी जैसे सभी वीर सेनानियों को यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि हो सकती है। बाबू कुंवर सिंह जी बहुत बड़े समाज सुधारक भी थे और उन्होंने पिछड़े और दलितों का कल्याण करने का एक विचार उस जमाने में देश के सामने रखा। इतिहास ने बाबू कुंवर सिंह के साथ अन्याय किया, उनकी वीरता, योग्यता, बलिदान के अनुरूप उन्हें इतिहास में स्थान नहीं दिया गया, लेकिन आज बिहार की जनता ने बाबू जी को श्रद्धांजलि देकर वीर कुंवर सिंह का नाम एक बार फिर इतिहास में अमर करने का काम किया है

बाबु वीर कुंवर सिंह 1857 के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख नेता के रूप में उभरे, जिन्होंने लगभग 80 वर्ष की उम्र में भी विदेशी हुकूमत का डट कर मुकाबला किया। वे जगदीशपुर के परमार राजपूतों के उज्जयिनी वंश के परिवार से संबंधित थे, जो वर्तमान में भोजपुर जिले, बिहार, भारत का एक हिस्सा है। 80 साल की उम्र में, उन्होंने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की कमान के तहत सैनिकों के खिलाफ सशस्त्र सैनिकों के एक चयनित बैंड का नेतृत्व किया। वह बिहार में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई के मुख्य नायक थे। उन्हें वीर कुंवर सिंह के नाम से जाना जाता है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की उपस्थिति में इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री श्री आरके सिंह, श्री अश्विनी चौबे और श्री नित्यानंद राय मौजूद रहे। इनके अलावा उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद और रेणु देवी की भी उपस्थिति रही। सभी ने हज़ारों की तादाद में जुटे आमजन के साथ मिलकर एक साथ पांच मिनट तक तिरंगा लहराया और राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' का गायन किया।

02:46

देश के प्रिंट मीडिया के पत्रकारों प्रकाशकों की समस्याओं को लेकर विस्तृत ज्ञापन

  नई दिल्ली: वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, देश के मीडियाकर्मियों का शीर्ष संगठन है। हमारी यूनियन, विश्व की सबसे बड़ी ट्रेड यूनियन, भारतीय मजदूर संघ(बीएमएस) से सम्बद्ध है। हमारी यूनियन पत्रकारो की समस्याओं को लेकर समय समय पर सत्ता के गलियारों से लेकर सड़को पर सक्रिय रहती है। मान्यवर, आज हम आपको देश के प्रिंट मीडिया के पत्रकारों/प्रकाशकों की समस्याओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन दे रहे है। देश की आज़ादी के आंदोलन व देश मे लगे आपातकाल में प्रिंट मीडिया का अहम रोल रहा है। पर आज प्रिंट मीडिया की हालात काफी खस्ता है। हम आपको प्रिंट मीडिया की समस्याओं को लेकर सिलसिलेवार बता रहे है ।
1. प्रिंट मीडिया की खस्ता हालात - आपको अवगत कराना है कि समाचार पत्र उद्योग  को जबसे जीएसटी के दायरे में लाया गया है, तबसे समाचार पत्रों के प्रकाशन करने में काफी लागत बढ़ गई है । कारण साफ है कि अखबारी कागज पर जीएसटी लागू होने से अखबारों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है । जबकि पहले अखबारी कागज रियायती दरों पर सरकार उपलब्ध कराती थी । अखबार में प्रयुक्त होने वाले कागज की जीएसटी की दरों में विसंगतियों की वजह से छोटे अखबार वाले बहुत ज्यादा ही पीड़ित है । क्योंकि अखबारी कागज सीधे मिल से लेने पर जीएसटी की दर 5% है और वही अखबारी कागज बाजार से लेने पर जीएसटी की दर 12% है । अखबारों के प्रकाशन में आने वाली वस्तुओं के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि हुई है । कागज की कीमतों में दोगुनी वृद्धि हुई है । एल्मुनियम प्लेट, इंक व केमिकल्स के मूल्यों में भी अनाप शनाप बढ़ोत्तरी होने से इस अखबारी उद्योग की कमर टूट गई है । साथ ही ट्रांसपोर्टेशन व कोरोना से बचाव के लिए सेनेटिराईजेसन पर काफी व्यय हो रहा है । ऐसी स्थिति में लोक संपर्क ब्यूरो (DAVP) की विज्ञापन दरों में अविलम्ब दोगुनी वृद्धि आवश्यक हो गई है । रेट स्ट्रक्चर कमेटी के नाम पर समय व्यतीत किया जा रहा है । सरकार के पास सारे आँकड़े मौजूद रहते हैं । मूल्य सूचकांक के आधार पर भी विज्ञापन दरों का निर्धारण हो सकता है । जिस प्रकार से सरकार मँहगाई भत्ता अपने अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्धारित करती है उसी नीति व रीति से DAVP की विज्ञापन दरों को पुनर्निर्धारण किया जाना चाहिए । यूनियन का  सुझाव है कि छोटे व मझौले अखबारों की दयनीय स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए 10 हजार की प्रसार संख्या तक रुपये 30 प्रति वर्ग सेमी. व 25 हजार की प्रसार संख्या तक रुपये 50 प्रति वर्ग सेमी. की विज्ञापन दर निर्धारित किया जाना उचित होगा । इससे प्रसार संख्या की जांच कराने की भी आवश्यकता नहीं रहेगी ।

2.*प्रेस कौंसिल द्वारा पत्रकारो/ प्रकाशकों का उत्पीड़न*-  कृपया अवगत हो कि प्रेस कौंसिल के कार्यालय द्वारा अनेकों समाचार पत्रों के प्रकाशकों को बकाया लेवी फीस के नाम पर रिकवरी भेजकर उत्पीड़ित किया जा रहा है । आखिर इतनी पुरानी बकाया लेवी फीस वसूला जाना न्यायसंगत है ? जबकि भारतीय प्रेस परिषद अपने उद्देश्यों के विपरीत ही काम कर रही है । काफी समय से हजारों परिवाद लंबित है । परिवादों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है । तब वर्तमान परिस्थितियों में बकाया लेवी फीस की वसूलयाबी उचित है ? 
DAVP द्वारा विगत अगस्त 2021 से 25 हजार से अधिक प्रसार वाले अखबारों को CA के अधिक प्रसार के प्रमाण पत्र के बाद भी 25 हजार तक प्रसार के आधार पर विज्ञापन दर निर्धारित कर दी गई है । प्रेस परिषद को अब RNI द्वारा प्रेषित प्रसार की सूचना पर लेवी फीस लेने का कोई भी नैतिक अधिकार नहीं है । जब प्रकाशक को वार्षिक विवरण के आधार पर कोई लाभ नहीं दिया जा रहा हो तब PCI कैसे लेवी वसूल कर सकती है ? अब PCI को DAVP की सूचना के आधार पर ही लेवी फीस लेनी चाहिए ।
PCI आज तक अपने प्रस्तावों के पारित होने के बाद भी जीएसटी कॉउन्सिल से प्रकाशकों के हित में  कोई कार्यवाही नहीं करा सकी है ।
DAVP द्वारा वर्ष 2016 की विज्ञापन नीति से भी प्रकाशकों का उत्पीड़न किया गया था । फिर पुनः वर्ष 2020 में नई विज्ञापन नीति बनाकर समाचार पत्रों के प्रकाशकों को उत्पीड़ित किया जा  रहा है । 
आज तक DAVP व GST Council ने भारतीय प्रेस परिषद की अनुशंसा को नहीं माना गया है । ऐसी परिस्थिति में भारतीय प्रेस परिषद को कोई भी लेवी फीस वसूली का कोई भी नैतिक अधिकार नहीं है । भारतीय प्रेस परिषद में कोई भी अध्यक्ष ही नहीं है तब प्रशासनिक फैसले किस नियम और अधिकार से प्रेस काउंसिल द्वारा लिए जा रहे है ?
आपसे यूनियन समाचार पत्रों के प्रकाशकों के हित में अनुरोध करती है  कि आप तत्काल ही लेवी फीस की वसूली की रिकवरी कार्यवाही को स्थगित करवाये।

3. *RNI से संबंधित समस्याए*- 1. पिछले 2 वर्षों से समाचार पत्रों के पंजीकरण,  शीर्षक स्वीकृति व संशोधन पंजीकरण प्रमाणपत्र के प्रकरण अप्रत्याशित देरी से निष्पादित किए जा रहे हैं। लंबित सभी प्रकरणों को समयबद्ध निष्पादन करने की तत्काल व्यवस्था की जाए।
2. हजारों समाचार पत्रों का डाटा RNI की वेबसाइट पर प्रदर्शित नहीं हो रहा जिसके कारण संबंधित प्रकाशक अनिश्चिता की स्थिति में है। कृपया समाचार पत्रों का डाटा अपडेट किए जाने की व्यवस्था की जाए।
3. समाचार पत्रों के पंजीकरण प्रमाण पत्र में दर्शाये विवरण व RNI के डाटाबेस में काफी भिन्नताएं हैं। जिससे वार्षिक रिटर्न भरने अथवा संशोधित पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त करने में प्रकाशकों को काफी दिक्कत आ रही है। यद्यपि इसे संशोधित कराने के लिए RNI ने एडवाइजरी जारी की है किंतु यह जटिल है।  न्यूनतम प्रपत्रों के साथ ऐसे आवेदन स्वीकार किए जाएं तथा इनका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
4. समाचार पत्रों के प्रकाशकों से बिना किसी टोकन या फॉर्मेलिटी के प्रतिदिन DPR/APR स्तर की मुलाकात की व्यवस्था की जाए।
5. टाइटल की स्वीकृति के बाद शीर्षक पंजीकरण कराने के लिए पूर्व की भांति ही न्यूनतम 2 वर्ष की अवधि ही रखी जाए.
6. जिन समाचार पत्रों को वार्षिक विवरण जमा ना करने पर ब्लॉक कर दिया है उन्हें एक बार न्यूनतम विलंब शुल्क के साथ जमा करने का अंतिम अवसर दिया जाय।

4. *मीडिया कॉउन्सिल की स्थापना की जाए*- देश मे जिस समय सिर्फ प्रिंट मीडिया था, उस समय मीडियाकर्मियों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर , प्रेस कॉउन्सिल ऑफ इंडिया की स्थापना की गयी थी। प्रेस कॉउन्सिल की स्थापना के बाद आल इंडिया रेडियो, दूरदर्शन, टीवी चैनल्स व अब डिजिटल मीडिया वर्चस्व में आया है। इस नए मीडिया से जुड़े पत्रकारों से जुड़ा कोई मामला होता है, तो वह प्रेस कॉउन्सिल के अधिकार क्षेत्र में नही आता है, इसलिये इस नए मीडिया से जुड़े पत्रकारों के लिये कोई भी आधिकारिक फैसले प्रेस कॉउन्सिल नही ले पाता है  । यूनियन का मानना है कि प्रेस काउंसिल के स्थान पर मीडिया कॉउन्सिल की स्थापना की जाए। ये कॉउन्सिल केंद्र से लेकर राज्य व जिला स्तर तक बनाया जाए व उन्हें ज्यादा से ज्यादा अधिकार दिए जाएं।
5. *ई- पेपर को मान्यता दी जाए*- केंद्र सरकार डिजिटल भारत की बात करती है। ये तभी संभव है, जब सभी क्षेत्रों में डिजिटल को बढ़ावा दिया जाए। देश मे कोरोना महामारी के दौरान आम लोगो ने समाचार पत्रों को पढ़ना काफी कम कर दिया। ज्यादातर समाचार पत्र जो प्रतिदिन 50 पेज के छपते थे वे सिमटकर 12 से 16 पेज पर आ गए। ज्यादातर समाचार पत्र विदेशों से आने वाले कागज पर छपते है, स्याही भी विदेशों से आती है, जो कोरोना काल में आनी बंद हो गयी। जिनके पास इन दोनों का स्टॉक था, उन्होंने अपने प्रकाशन के पेज संख्या घटाकर समाचार पत्र प्रकाशित करते रहे। अन्य पब्लिकसे ने ई-पेपर निकालने शुरू कर दिए और अपने रीडर्स तक मोबाइल या कंप्यूटर के जरिये उसे भेजना शुरू कर दिया। उसकी देखा देखी ज्यादातर पब्लिकसे ने भी अपने संस्करण डिजिटल भी  निकालने शुरू कर दिए। बाद में तो कई बड़े मीडिया घरानों ने तो उसे सब्सक्राइब भी करना शुरू कर दिया ओर पाठकों को  भी वह भाने लगा। विदेशों में तो ई पेपर को तो पूरी मान्यता है। यूनियन का मानना है कि हमारे देश मे भी उसे मान्यता देनी चाहिये और सरकार को उसे लेकर कोई पालिसी तैयार करनी चाहिये।
6. *मीडिया में एक देश-एक नीति,की मांग*-  देश मे केंद्र सरकार की मीडिया को लेकर अलग नीतियां है व राज्यो की अलग अलग नीतियां है। यूनियन की मांग है कि एक देश-एक नीति होनी चाहिये। जिसका पालन सभी राज्य सरकारें करे। लेबर कोड्स में मीडिया व मीडियाकर्मियों को लेकर जो भी विसंगतियां है, उन्हें दूर किया जाए। मीडिया में पहले की तरह वेज बोर्ड होना चाहिये, जिसका प्रत्येक पांच साल बाद गठन होना चाहियें।

मान्यवर, हमें उम्मीद है कि हमारी यूनियन, वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया के इस ज्ञापन पर आप गौर
करेंगे व कोई इन समस्याओं का कोई हल निकालेंगे 
 सधन्यवाद,

Monday, 25 April 2022

06:45

विश्व मलेरिया दिवस 2022 के उपलक्ष्य में नई दिल्ली, लखनऊ वनेश्वर और नागपुर रेलवे स्टेशन रोशनी से जगमगाएंगे


नई दिल्ली मलेरिया के नियंत्रण और उसकी रोकथाम के बारे में "न केवल निदान और उपचार बल्कि हमारे व्यक्तिगत और सामुदायिक परिवेश में स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता मलेरिया के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई और 2030 तक देश से मलेरिया को खत्म करने के हमारे लक्ष्य को पूरा करने के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण है।" केन्‍द्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज विश्व मलेरिया दिवस 2022 के उपलक्ष्य में अपने संबोधन के दौरान यह बात कही। उन्‍होंने जोर देकर कहा, "आवश्यकता स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने की प्रणाली के प्रगतिशील सुदृढ़ीकरण पर जोर देने और बहु-क्षेत्रीय समन्वय और सहयोग में सुधार करने की है।"

हर साल, 25 अप्रैल को 'विश्व मलेरिया दिवस' के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष की विषय वस्‍तु है "वैश्विक मलेरिया रोग के बोझ को कम करने और जीवन बचाने के लिए नवाचार का दोहन" है।

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डॉ. मांडविया ने राष्ट्रीय और उप-राष्ट्रीय प्रयासों के माध्यम से मलेरिया उन्मूलन को प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने से भारत की मलेरिया उन्मूलन योजना को आगे बढ़ाने के लिए विशेष समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी और बेहतर स्वास्थ्य, जीवन की गुणवत्ता और गरीबी उन्मूलन में योगदान मिलेगा। उन्होंने कहा कि निदान, समय पर और प्रभावी उपचार और वेक्टर नियंत्रण उपायों के बारे में जन जागरूकता पैदा करने के लिए सहयोगी संगठनों के साथ आशा, एएनएम सहित जमीनी स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को मिलकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि निजी क्षेत्र सहित प्राइवेट डॉक्‍टर अपने मलेरिया मामलों के प्रबंधन और जानकारी तथा संबंधित कार्यों को राष्‍ट्रीय कार्यक्रम से जोड़ सकते हैं। उन्होंने कहा, “जैसा कि हम नवीन प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ आगे बढ़ रहे हैं, भारत की "ई-संजीवनी" ने टेली-परामर्श और टेली-रेफरेंसिंग का मार्ग दिखाया है जिसका मलेरिया सहित विभिन्न स्वास्थ्य देखरेख समस्‍याओं के निदान और उपचार के लिए जमीनी स्तर पर व्‍यापक पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।”

06:41

वैज्ञानिक प्रशासकों ने अनुसंधान मूल्यांकन को अधिक मजबूत बनाने के तरीकों के बारे में विचार-विमर्श किया

रामजी पांडेय

नई दिल्ली भारतीय वित्त पोषण एजेंसियों में अनुसंधान मूल्यांकन प्रथाओं के बारे में आयोजित कार्यशाला में विभिन्न मंत्रालयों के वैज्ञानिक प्रशासकों ने अनुसंधान मूल्यांकन तरीकों को मजबूत तथा समावेशी बनाने के तरीकों के बारे में विचार-विमर्श किया ताकि भारत के लिए प्रासंगिक नए विचारों को प्रोत्साहित किया जा सके और युवा प्रतिभाओं को अवसर उपलब्ध हो सकें।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ एस. चंद्रशेखर ने कहा कि अनुसंधान का मूल्यांकन विश्व में एक ज्वलंत चुनौती बन गया है और दुनिया के विशेषज्ञ इससे निपटने के तरीकों को तलाशने में लगे हुए हैं। भारत को अनुसंधान परियोजनाओं, उनके निष्कर्षों और परिणामों का आकलन करने की अपनी ऐसी पद्धति विकसित करनी चाहिए जो देश के अनुकूल हों। उन्होंने स्वतंत्र मूल्यांकन के लाभों पर प्रकाश डाला- जहां समीक्षक उस व्यक्ति या संस्थान को जाने बिना ही प्रस्तावक की परियोजनाओं का मूल्यांकन करता है। डॉ. चंद्रशेखर ने समीक्षकों को संवेदनशील बनाने के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इस एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा किया गया था और इसमें विभिन्न स्तरों के ऐसे वैज्ञानिक प्रशासकों ने भाग लिया था, जिन्होंने अनुसंधान मूल्यांकन की मौजूदा स्थिति का आकलन करने और उनमें सुधार करने के उपाय सुझाने में मदद करने से संबंधित गतिविधियों में भाग लिया था।

डीएसटी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. अखिलेश गुप्ता ने ऐसे जिम्मेदार अनुसंधान मूल्यांकन पर जोर दिया जो भूगोल, लिंग, संसाधनों तक पहुंच, संस्थागत सुविधाओं आदि के मामले में भारत की विशाल विविधता को ध्यान में रखता हो। उन्होंने समीक्षकों के एक विषयगत क्लब की स्थापना की जरूरत और समीक्षा प्रक्रिया की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए समीक्षकों को मानदेय का भुगतान करने के बारे में प्रकाश डाला।

इस कार्यशाला और पैनल चर्चा का आयोजन डीएसटी के पॉलिसी कोऑर्डिनेशन एंड प्रोग्राम मैनेजमेंट (पीसीपीएम) डिविजन द्वारा डीएसटी पॉलिसी फेलो के साथ किया था। इसका उद्देश्य भारत की वित्त पोषित एजेंसियों की मौजूदा इन्ट्राम्युरल और एक्सट्राम्युरल अनुसंधान मूल्यांकन प्रक्रियाओं उनकी ताकत और कमजोरियों को समझने के लिए अनुसंधान इकोसिस्टम हितधारकों के साथ संवाद मूलक प्रक्रियाओं और विचार-विमर्शों का उपयोग करते हुए इनमें सुधार लाने के तरीके खोजना है।

विज्ञान प्रशासकों ने यह विचार-विमर्श किया था कि अनुसंधान प्राथमिकताएं और चुनौतियों में समय के साथ-साथ बदलाव आ रहा है।  प्रोत्साहन या संकेतकों पर निर्मित और मुख्य रूप से पत्रिका-आधारित मैट्रिक्स पर आधारित मौजूदा प्रथाओं पर फिर से विचार किए जाने की जरूरत है, जैसा कि भारत की 5वीं एसटीआई नीति के मसौदे में सिफारिश की गई थी कि अनुसंधान विषय सूची में सुधार लाने के लिए अनुसंधान मूल्यांकन ढांचे के बारे में दोबारा काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया में जिम्मेदार मेट्रिक्स आंदोलन, जैसे कि लीडेन मेनिफेस्टो, डीओआरओ घोषणा आदि अनुसंधान मूल्यांकन के वैकल्पिक समग्र मैट्रिक्स के बारे में जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण हैं। एक भारत केंद्रित अनुसंधान मूल्यांकन प्रक्रिया समय की जरूरत थी।

डीएसटी, जैव-प्रौद्योगिकी विभाग, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद, विज्ञान और इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और अन्य वैज्ञानिक वित्त पोषण एजेंसियों के अधिकारियों ने इस कार्यशाला और पैनल चर्चा में भाग लिया।

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06:35

सभी कृषि विज्ञान केन्‍द्रों पर एक दिवसीय किसान मेला का आयोजन

रामजी पांडे

नई दिल्ली:केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर 26.04.2022 को 'किसान भागीदारी प्रथमिकता हमारी' अभियान के तहत कृषि एवं किसान कल्याण कार्यों का उद्घाटन करेंगे। किसान भागीदारी प्रथमिकता अभियान 'आजादी का अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 25 से 30 अप्रैल, 2022 तक आयोजित किया जा रहा है।

कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय अन्य मंत्रालयों के सहयोग से कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय और अन्य संबद्ध मंत्रालयों यानी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, पशुपालन मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय और सहकारिता मंत्रालय की योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में देश भर में बड़ी संख्या में किसानों के बीच जागरूकता पैदा करने और प्रचार करने के लिए क्रियाकलापों का आयोजन करेगा।

'किसान भागीदारी प्राथमिक हमारीअभियान के एक भाग के रूप में, 26.04.2022 को, कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन एजेंसी (एटीएमए) के सहयोग से देश भर के सभी कृषि विज्ञान केन्‍द्रों (केवीके) में एक दिवसीय किसान मेला का आयोजन किया जाएगा, किसानों के बीच केन्‍द्र और राज्‍य सरकार की योजनाओं से जुड़ी योजनाओं के बारे में प्रचार किया जाएगा। प्रगतिशील और नवोन्‍मेषी किसानों का अभिनंदन, छोटे और मध्यम किसानों, महिला किसानों और एफपीओ के लिए प्राकृतिक खेती के बारे में क्षेत्रीय प्रदर्शनियां, किसान-वैज्ञानिक बातचीत आदि आयोजित की जाएंगी। डीए और एफडब्ल्यू के विभिन्न प्रभाग जैसे एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन, फसल प्रभाग, आरकेवीवाई, कृषि विपणन, बागवानी, राष्ट्रीय बागवानी मिशन 26.04.2022 को अभियान के दौरान अपने क्रियाकलापों का आयोजन करेगा।

सप्ताह भर चलने वाले अभियान के दौरान केन्‍द्रीय कृषि मंत्री सामान्य सेवा केन्‍द्र (सीएससी) द्वारा आयोजित फसल बीमा पर देशव्यापी कार्यशाला का भी शुभारंभ करेंगे। ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ डीएवाई-एनआरएलएम के तहत कृषि पर्यावरण और पशुधन कार्य प्रणालियों पर एक संवाद आयोजित किया जाएगा। सप्‍ताह के दौरान वाणिज्‍य मंत्रालय और खाद्य प्रसंस्‍करण मंत्रालय एक जिला एक उत्‍पाद (ओडीओपी) पर एक वेबिनार भी होगा। 75 चयनित किसानों और उद्यमियों का राष्ट्रीय आत्मनिर्भर भारत सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

इस अभियान में प्रत्यक्ष (ऑफ़लाइन) और वर्चुअल (ऑनलाइन) माध्यम से देश भर के 1 करोड़ से अधिक किसानों और हितधारकों के भाग लेने की उम्मीद है।

06:17

प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए देशभर में अभियान- राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत


 

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देशव्यापी अभियान प्रारंभ किया है और इस दिशा में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी मिशन मोड में कार्य करने जा रहा है। कृषि संबंधी पाठ्यक्रमों में भी प्राकृतिक खेती का विषय शामिल करने को लेकर बनाई गई समिति ने भी काम शुरू कर दिया है। श्री तोमर ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से हमारा प्रकृति के साथ तालमेल बढ़ेगा, जिसके कृषि क्षेत्र में- गांवों में ही रोजगार बढ़ने सहित देश को व्यापक फायदे होंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने यह बात आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में नीति आयोग द्वारा नवोन्वेषी कृषि विषय पर आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कही। कार्यशाला में गुजरात के राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत भी शामिल हुए, वहीं केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन व डेयरी मंत्री श्री परषोत्तम रूपाला वर्चुअल जुड़े थे। तकनीकी सत्रों में उ.प्र. के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी व उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी तथा प्रमुख कृषि विशेषज्ञों ने उद्बोधन दिया।

 श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी अपनी दूरदृष्टि से परिस्थितियों का आभास करते हुए जनकल्याण के लिए योजनाओं का सृजन करते रहते हैं। रसायनिक खेती के दुष्प्रभावों का आंकलन करते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का निश्चय किया है। श्री तोमर ने कहा कि यह हमारी देशी प्राचीन पद्धति ही है, जिसमें खेती की लागत कम आती है और प्राकृतिक संतुलन स्थापित होने से किसानों को फायदा पहुंचता है। प्राकृतिक खेती रसायनमुक्त व पशुधन आधारित है, जिससे लागत में कमी के साथ ही किसानों की आय में वृद्धि व स्थिर पैदावार होगी तथा पर्यावरण व मृदा स्वास्थ्य सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि कृषि मंत्रालय द्वारा भारतीय प्राकृतिक कृषि पद्धति (बीपीकेपी) की उप-योजना के माध्यम से किसानों को प्रेरित-प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप प्राकृतिक खेती का रकबा बढ़ रहा है, जो अभी लगभग चार लाख हेक्टेयर क्षेत्र तक पहुंच चुका है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कहा कि हमारी परंपराएं हैं, हमारे सिद्धांत है लेकिन युग के साथ चलना भी हमें आता है। हम लकीर के फकीर नहीं है। सभी को आगे बढ़ने की ललक है। समय के साथ हम अपने-आप को दुरुस्त करें, यह बात देश में आध्यात्मिक व व्यापारिक दृष्टि से स्थापित रही है, जो अब कृषि क्षेत्र में भी प्राकृतिक खेती को अपनाने के रूप में होना चाहिए। प्रकृति से संतुलन बैठाने वाली पद्धति के माध्यम से हम तेजी के साथ आगे बढ़ सकेंगे, जो समयानुकूल भी है। आज आवश्यकता इस बात की भी है कि कृषि क्षेत्र के माध्यम से रोजगार की उपलब्धता बढ़ें, पढ़े-लिखे युवाओं को गांवों में ही रोजगार मिलें। प्राकृतिक खेती के माध्यम से भूमि की सेहत तो ठीक होगी ही, नए रोजगार भी सृजित होंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री रूपाला ने कहा कि  कोरोना के कारण लोगों के खान-पान में बदलाव आ रहा है और आर्गेनिक उत्पादों की मांग बढ़ रही है, जिसकी पूर्ति के लिए संज्ञान लिया जाना चाहिए। खेती के सामने कई चुनौतियां हैं, उन पर फोकस करते हुए किसानों को नई मांग के अनुरूप प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने आर्गेनिक रकबा बढ़ाने के लिए लागू किए गए लार्ज एरिया सर्टिफिकेशन सिस्टम हेतु कृषि मंत्री श्री तोमर को धन्यवाद दिया, जिसके तहत सदैव रसायनमुक्त रही भूमि को आर्गेनिक घोषित किया जाता है। श्री रूपाला ने कहा कि प्राकृतिक खेती के माध्यम से हमें अपनी परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिला है। यह पद्धति भारत को विश्व में अग्रणी बनाने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

Sunday, 24 April 2022

05:41

वेंडर्स का उत्पीड़न बंद किया जाए गंगेश्वर दत्त शर्मा - श्रमिक नेता

रामजी पांडे

 नोएडा, प्राधिकरण के वर्क सर्किल संख्या- 8, नोएडा के अधिकारी/ कर्मचारियों द्वारा सेक्टर- 137 नोएडा की सोसाइटियों के आसपास वेंडर्स को पिछले कई दिनों से दुकान लगाने से रोक रहे हैं। पीड़ित परेशान वेंडर्स ने पथ विक्रेताओं के प्रतिनिधियों को जानकारी दिया। मौके पर पहुंचे टीवीसी सदस्य गणेश कुमार, पूनम देवी, सोनिया चौहान, विनोद पंजियार, पथ विक्रेता कर्मकार यूनियन सीटू के महामंत्री गंगेश्वर दत्त शर्मा को मौके पर मौजूद प्राधिकरण के कर्मचारियों ने बताया कि कि उन्हें ऊपर से आदेश मिले हैं वेंडर्स को हटाने के लिए पूछने पर उन्होंने बताया कि पैरामाउंट सोसायटी मे रहने वाले अभीष्ट गुप्ता नाम के व्यक्ति द्वारा माननीय मुख्यमंत्री व उच्च अधिकारियों को वेंडर्स को हटाने के संबंध में शिकायत की गई है। इसलिए यह कार्रवाई की जा रही है। उक्त पर मौजूद वेंडर्स ने अधिकारियों/ कर्मचारियों को बताया कि पैरामाउंट सोसायटी में रहने वाला अभिषेक गुप्ता नाम का व्यक्ति वेंडर से अवैध उगाई करता था हम लोगों ने उसे अवैध उगाही देना बंद कर दिया इसलिए वह फर्जी शिकायत कर हमें परेशान करवा रहा है। सेक्टर 137 नोएडा की सोसाइटी में हजारों हजार लोग रहते हैं लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं है इसका समर्थन वहां मौजूद सोसाइटी के कई नागरिकों ने भी किया। विवाद बढ़ता देख अथॉरिटी के कर्मचारी वहां से चले गए। उसके बाद वेडर्स ने दुकान लगाई।
 कामगारों के नेता व सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, मुख्य कार्यपालक अधिकारी नोएडा प्राधिकरण व अन्य उच्च अधिकारियों से अभीष्ट गुप्ता द्वारा की गई शिकायत को रद्द करने और झूठी फर्जी शिकायत व सरकार अधिकारियों को गुमराह करने आदि के लिए अभीष्ट गुप्ता के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग किया साथ ही नोएडा प्राधिकरण वर्क सकिल संख्या- 8 के अधिकारियों/ कर्मचारियों को वेंडर्स को दुकान लगाने देने के लिए आदेश/ निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया।
  वेंडर्स व उनके प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ और वेडर्स को दुकान लगाने से रोका तो इस मामले में लेकर आंदोलन किया जाएगा।


05:31

नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद में 5,569 करोड़ रुपये की 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया


नई दिल्ली केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने औरंगाबाद जिले के विकास को एक नया आयाम देने की दिशा में एक और कदम उठाया है। उन्होंने आज 5,569 करोड़ रुपये की 7 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन किया है। औरंगाबाद, महाराष्ट्र के प्रमुख औद्योगिक और शैक्षिक केंद्रों में से एक है।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि औरंगाबाद जिले में पर्यटन केंद्रों के विकास के लिए शहर में सड़क परिवहन महत्वपूर्ण है, जो कि राज्य का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है। मंत्री ने कहा कि इन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण से परिवहन के साथ-साथ औरंगाबाद जिले के विकास में तेजी आएगी। शहर में यातायात में सुधार से दुर्घटनाओं और पर्यावरण प्रदूषण की संख्या को कम करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आगे कहा कि जिले के ग्रामीण इलाकों से शहर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।

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श्री गडकरी ने कहा कि जल संकट से जूझ रहे औरंगाबाद जिले में सड़क परियोजनाओं के माध्यम से जल संकट को दूर करने के प्रयास किए गए हैं। उन्होंने बताया कि सड़कों के निर्माण में बुलढाणा पैटर्न के अनुरूप कई तालाबों का निर्माण किया गया है और सड़कों के निर्माण में मिट्टी और पत्थरों का उपयोग किया गया है।

मंत्री ने आगे कहा कि इसके माध्यम से अडगांव-गंधेली, वाल्मी व नक्षत्रवाड़ी क्षेत्र, तीसगांव और साजापुर गांव क्षेत्रों में बनाए गए तालाबों से निकाली गई मिट्टी का दोहरा लाभ मिला है। गहरीकरण ने हर एक क्षेत्र में तालाब के निर्माण को संभव बनाया है। श्री गडकरी ने कहा कि वह भूजल स्तर में बढ़ोतरी कर जल संकट को कम करने में सहायता करेंगे। उन्होंने आगे बताया कि जिले में ऐसे तालाबों के निर्माण के चलते अब भूजल की क्षमता बढ़कर 14 लाख क्यूबिक मीटर हो गई है।

05:29

श्री अरविंद की कल्पना का भारत बनना मुश्किल नहीं है अमित शाह


 रामजी पांडेय

नई दिल्ली :केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह आज पुद्दुचेरी में श्री अरविंद के 150वें जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में शामिल हुए। श्री अमित शाह ने अरविंद आश्रम में महान बुद्धिजीवी और आध्यात्मिक पुरोधा श्री अरविंद को श्रद्धा सुमन अर्पित किये। श्री शाह ने कहा कि श्री अरविंद ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में चिरस्थायी योगदान दिया। उनके कार्य और विचार सभी के लिए प्रासंगिक हैं और वे हमेशा हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

श्री अरविंद के 150वें जयंती समारोह को संबोधित करते हुए केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगर भारत की आत्मा को समझना है तो श्री अरविंद को सुनना और पढ़ना होगा। इसी प्रकार का जीवन श्री अरविंद ने जिया और अगर उनके साहित्य को ध्यान से पढ़ें और उनके संदेश को समझें, तो उन्होंने एक अलग प्रकार के भारत की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि दुनिया के सारे देश जियो-पॉलिटिकल हैं लेकिन भारत एकमात्र ऐसा देश है जो जियो-कल्चर है। अगर भारत को जियो-कल्चर देश के नाते समझने की शुरूआत करेंगे तो आज की सभी समस्याओं का समाधान अपने आप हो जाएगा। कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से बंगाल तक कहीं ना कहीं एक ही संस्कृति हम सबको बांधे हुए है। संविधान हम सबके लिए सम्मानयोग्य है लेकिन बॉंडिंग अगर है तो वो ये संस्कृति है जो भारत की आत्मा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि श्री अरविंद ने भारतीय संस्कृति की चिरपुरातन चेतना की नदी के प्रवाह को नई चेतना, ऊर्जा, गति और दिशा प्रदान करने का काम किया और ऐसे समय पर किया जब सब ओर अंधकार था और देश अंग्रेज़ों का ग़ुलाम था। उन्होंने कहा कि जब तक श्री अरविंद के विचारों को हम नई पीढ़ी को नहीं सौंपते, उनके मन में इन्हें जानने की उत्सुकता पैदा नहीं करते, तब तक श्री अरविंद की 150वीं जयंती को मनाने के उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो सकती। श्री अरविंद का गुजरात से गहरा रिश्ता रहा है, काफ़ी समय तक गायकवाड़ सरकार ने उन्होंने शिक्षा पर काम किया और कई गुजरातियों ने उनसे प्रभावित होकर उनके जीवन संदेश को ही अपना जीवन बना लिया। बहुत कम लोग जानते होंगे कि के एम मुंशी श्री अरविंद के शिष्य रहे और आगे के जीवन में श्री कन्हैया लाल मुंशी ने भारत के संविधान की रचना में बहुत बड़ा योगदान दिया और संविधान में भारतीय विचार प्रमुख हों, इसके पुरोधाओं में श्री के एम मुंशी थे। कई लोगों ने श्री अरविंद के साथ जुड़कर पूरा जीवन उनके संदेश को दुनियाभर में पहुंचाने के लिए काम किया।

02:33

नया भारत नया संकल्प विषय पर सम्मेलन में इंडिया 100 के

नई दिल्ली :योजित संकल्प से सिद्धि: नया भारत नया संकल्प विषय पर सम्मेलन में "इंडिया @ 100 के लिए स्वयंसेवियों को जोड़ने की रणनीति" पर सत्र को संबोधित किया। संस्कृति मंत्रालय, भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) और इंडिया@75 फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से आज नई दिल्ली में इस सम्मेलन का आयोजन किया।

अपने संबोधन के दौरान, श्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि महामारी ने हमें इस बात पर पुनर्विचार करने और फिर से सोचने पर मजबूर कर दिया है कि हमें महामारी के बाद के युग में कैसे रहना है। जब पूरा देश लॉकडाउन में था, यह स्वयंसेवा की भावना थी जिसके बल पर हमारे युवा स्वयंसेवकों द्वारा पूरे देश में पीएमजीकेवाई के तहत स्थानीय क्षेत्रों और गरीबों के घरों में राशन व अस्थायी रसोई स्थापित करके जरूरतमंदों तक गर्म भोजन गरीबों तक पहुंचाया गया। 

 

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श्री ठाकुर ने नया भारत-नया संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्र तभी स्वस्थ हो सकता है, जब उसके युवा हिस्सेदारी लें और विकास की पहल में शामिल हों। युवाओं को देश के स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान एवं बलिदान को सदैव याद रखना चाहिए। श्री ठाकुर ने कहा कि आपको बलिदान करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन युवाओं को अपना योगदान देना होगा।

श्री ठाकुर ने कहा कि अब चूंकि भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है, तो ऐसे में हमें संकल्प लेना चाहिए तथा हमें प्रतिबद्ध होना चाहिए कि हम क्या हासिल करने जा रहे हैं और हम इसके अमृत काल के दौरान जो योगदान करने जा रहे हैं, वह अब से लेकर इंडिया@100 तक होगा। उन्होंने कहा कि इस देश का वर्तमान और भविष्य बनाना पूरी तरह से युवाओं के हाथ में है।

Saturday, 23 April 2022

09:51

दीदी की रसोई ट्रस्ट ने जरूरतमंदों को कराया निशुल्क भोजन- गंगेश्वर दत्त शर्मा


 नोएडा, जरूरतमंद लोगों की सेवा में रात दिन लगी दीदी की रसोई ट्रस्ट ने 23 अप्रैल 2022 को ट्रस्ट की अध्यक्ष रितु सिन्हा व कोषाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा के नेतृत्व में शनि मंदिर सेक्टर- 14, नोएडा पर गरीब जरूरतमंद लोगों को निशुल्क भोजन का वितरण किया।
इस अवसर पर दीदी की रसोई ट्रस्ट की अध्यक्ष व समाजसेवीका रितु सिन्हा, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि हमारी संस्था लगातार गरीब जरूरतमंद लोगों की सेवा में लगी रहती है और संस्था की ओर से अलग-अलग स्थानों पर प्रतिदिन गरीब जरूरतमंद लोगों, बच्चों को भोजन का वितरण किया जाता है और हमारा यह प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
 आज के भोजन का प्रबंध आम्रपाली सेक्टर- 76 नोएडा  निवासी पूजा कुमारी ने किया। तथा भोजन वितरण में टीम की कार्यकर्ता रेखा चौहान, गुड़िया देवी आदि ने सहयोग किया। 

02:52

श्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के जलगांव में 2 460 करोड़ रुपये की 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया

 महाराष्ट्र: सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के जलगांव में 2,460 करोड़ रुपये की 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केला, कपास और गन्ना उत्पादन के एक महत्वपूर्ण केंद्र जलगांव जिले में कृषि वस्तुओं के परिवहन और मिलिंग के लिए सड़क संपर्क महत्वपूर्ण है और यहाँ देश में सबसे अधिक केले का उत्पादन होता है।

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श्री नितिन गडकरी ने कहा कि जिले में इन सड़क परियोजनाओं से गुजरात, महाराष्ट्र, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए संपर्क में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि इससे मुक्ताईनगर, वरनगांव, नसीराबाद, जलगांव में यातायात के भार को कम करने में मदद मिलेगी।

श्री गडकरी ने कहा कि इन परियोजनाओं से परिवहन में तेजी आएगी और ईंधन और समय की बचत होगी और जलगांव शहर में ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीमेंट-कंक्रीट की ये सड़कें गड्ढों से भी राहत दिलाएंगी। उन्होंने कहा कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से संपर्क में सुधार किया जाएगा और इस परियोजना के तहत पुलों के निर्माण से नागरिकों की यात्रा आसान और सुरक्षित हो जाएगी।

02:49

वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने वाशिंगटन डी.सी. में पूर्ण विकास समिति की 105वीं बैठक में भाग लिया

रामजी पांडे

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त और कॉर्पोरेट मामले मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज वाशिंगटन डी सी में विकास समिति के पूर्ण सत्र की 105वीं बैठक में भाग लिया। बैठक में डिजिटलीकरण और विकास, विकास और व्यापक आर्थिक स्थिरता के लिए ऋण और यूक्रेन में युद्ध के वैश्विक प्रभावों के प्रति विश्व बैंक समूह की प्रतिक्रिया: एक प्रस्तावित प्रारूप जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।

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इस सत्र में अपने संबोधन में, वित्त मंत्री ने कहा कि चालू वर्ष में भारत की आर्थिक वृद्धि सभी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत और उच्चतम है और यह भारत की उदार नीति और मजबूत रिकवरी को दर्शाती है।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारत ने बेहद सक्षमता के साथ कोविड-19 महामारी संकट का सामना किया और टीकाकरण में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अब तक लोगों को 1.85 बिलियन से अधिक कोविड-19 वैक्सीन की खुराक दी हैं।

वित्त मंत्री ने उल्लेख किया कि भारत ने स्वेच्छा से सभी देशों को कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (कोविन) प्लेटफॉर्म की पेशकश की और वह इस प्रमाणित और महत्वपूर्ण रूप से उपयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म के महत्व को पहचानते हुए अन्य सार्वजनिक-वस्तुओं के प्लेटफॉर्म के लिए भी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है।

वित्त मंत्री ने बैठक में मौजूद विशिष्ट लोगों से श्रीलंका की संकटपूर्ण स्थिति की भी चर्चा की और आशा व्यक्त की कि श्रीलंका को निर्णायक राहत मिलेगी ताकि वे संकट से बाहर आ सकें।

02:47

इस परियोजना के तहत आम जनता को लगभग 15,000 करोड़ रुपये की बचत हुई है

रामजी पांडे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना (पीएमबीजेपी) की कार्यान्वयन एजेंसी फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (पीएमबीआई) ने प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (पीएमबीजेके) खोलने के लिए व्यक्तियों, बेरोजगार फार्मासिस्टों, सरकार द्वारा नामित संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों, ट्रस्ट, सोसायटी आदि से आवेदन मांगे गए हैं। एक ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से ये आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक आवेदक पीएमबीआई की वेबसाइट janaushadhi.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। पात्र आवेदकों को "पहले आओ पहले आओ" के आधार पर पीएमबीजेपी के नाम पर ड्रग लाइसेंस लेने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी।

आम आदमी विशेषकर गरीब जनता के लिए सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, सरकार ने मार्च 2024 तक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) की संख्या को 10000 तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। 31.03.2022 तक औषधि केंद्रों की संख्या बढ़कर 8610 हो चुकी है। पीएमबीजेपी के तहत देश के सभी 739 जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है। इन 406 जिलों के 3579 प्रखंडों को कवर करने के लिए नए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। छोटे शहरों और प्रखंड मुख्यालयों के निवासी भी अब जन औषधि केंद्र खोलने के अवसर का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना महिलाओं, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति, पहाड़ी जिलों, द्वीप जिलों और पूर्वोत्तर राज्यों सहित विभिन्न श्रेणियों को बढ़ावा/विशेष प्रोत्साहन प्रदान करती है। इससे देश के कोने-कोने में लोगों तक सस्ती दवा की पहुंच आसान होगी। पीएमबीजेपी केंद्र खोलने और विभिन्न श्रेणियों के लिए प्रोत्साहन योजना के विस्तृत नियमों एवं शर्तों को पीएमबीआई की वेबसाइट यानी janaushadhi.gov.in पर देखा जा सकता है।

पीएमबीजेपी के उपलब्ध औषध समूह में 1616 दवाएं और 250 सर्जिकल उपकरण शामिल हैं, जो देश भर में संचालित 8600 से अधिक प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्रों (पीएमबीजेके) के माध्यम से बिक्री के लिए सुलभ हैं। इसके अलावा, कुछ आयुष उत्पादों जैसे आयुष किट, बलरक्षा किट और आयुष- 64 टैबलेट को प्रतिरोधक क्षमता बूस्टर के रूप में इस परियोजना से जोड़ा गया है, जिसे चयनित केंद्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। औषधियों की विस्तृत श्रृंखला में सभी प्रमुख चिकित्सीय समूहों जैसे कार्डियोवास्कुलर, एंटी-कैंसर, एंटीडायबिटिक, एंटी-इंफेक्टिव, एंटी-एलर्जी, गैस्ट्रो-इंटेस्टाइनल दवाएं, न्यूट्रास्यूटिकल्स आदि को शामिल किया गया है। इसके अलावा, पीएमबीआई एफएसएसएआई के तहत फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (एफएमसीजी) वस्तुओं एवं खाद्य उत्पादों के लॉन्च पर कार्य किया जा रहा है और पीएमबीजेपी के तहत अत्यधिक मांग वाले आयुर्वेदिक उत्पादों को अपनी विस्तृत श्रृंखला में विस्तार देने के लिए भी काम हो रहा है।

पीएमबीआई ने गुरुग्राम, चेन्नई, गुवाहाटी और सूरत में चार भंडार गृह स्थापित करके आपूर्ति श्रृंखला प्रणाली को मजबूत किया है। इसके अलावा, देश के हर हिस्से में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरे भारत में 39 वितरकों का एक मजबूत वितरक नेटवर्क भी उपलब्ध है।

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खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का डीडी स्पोर्ट्स पर सीधा प्रसारण

रामजी पांडे

नई दिल्ली भारत, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 का इंतजार कर रहा है। ऐसे में खेल में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह अच्छी खबर है कि डीडी स्पोर्ट्स 24 अप्रैल, 2022 से शुरू होने वाले इस कार्यक्रम को सभी टीवी और मोबाइल पर लाइव दिखाएगा।

भारत में खेल संस्कृति को पुनर्जीवित करने के लिए खेलो इंडिया गेम्स के हिस्से के रूप में 2020 में शुरू किया गया, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स का दूसरा आयोजन 24 अप्रैल से 3 मई, 2022 तक किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन समारोह 24 अप्रैल को होगा और समापन समारोह 3 मई को होगा।

भारत में विभिन्न खेलों के लिए एक सशक्त बुनियादी सुविधा तैयार करने के उद्देश्य से, खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स एक राष्ट्रीय स्तर का अनेक खेलों वाला वार्षिक आयोजन है, जिसमें देश भर के विभिन्न खेल क्षेत्रों के एथलीट विभिन्न खेल आयोजनों में प्रतिस्पर्धा करते हैं। यह देश में सबसे बड़ी विश्वविद्यालय स्तर की खेल प्रतियोगिता है जिसका उद्देश्य ओलंपिक और एशियाई खेलों के लिए 18 से 25 वर्ष के आयु वर्ग के एथलीटों की पहचान करना और उन्हें प्रशिक्षित करना है।

भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से, डीडी स्पोर्ट्स ने इस आयोजन में विभिन्न खेलों के व्यापक कवरेज के लिए विस्तृत व्यवस्था की है, जिसमें 175 से अधिक विश्वविद्यालयों के 3800 से अधिक एथलीटों के भाग लेने की उम्मीद है। एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, तैराकी, बास्केटबॉल, भारोत्तोलन, कुश्ती, कबड्डी, कराटे और योगासन का डीडी स्पोर्ट्स पर सीधा प्रसारण किया जाएगा, जबकि जूडो, टेनिस, मल्लखंभ, तीरंदाजी, तलवारबाजी, फुटबॉल, टेबल टेनिस, बैडमिंटन, हॉकी, शूटिंग और बॉक्सिंग का रिकॉर्ड किए गए प्रारूप में सीधा प्रसारण किया जाएगा। इस आयोजन में 20 खेल शामिल किए जा रहे हैं, जबकि इसके पहले वाले आयोजन में 18 खेल शामिल किए गए थे। इस आयोजन में पहली बार दो स्वदेशी विषयों - योगासन और मल्लखंभ को पहली बार शामिल किया गया है।

टीवी प्रसारण के अलावा, दर्शकों के लिए कई खेलों के सीधा प्रसारण के लिए, डीडी स्पोर्ट्स की 4 लाइव स्ट्रीम प्रसार भारती स्पोर्ट्स यूट्यूब चैनल पर एक साथ उपलब्ध होंगी। अंग्रेजी और हिंदी कमेंट्री और आकर्षक ग्राफिक्स के साथ प्रसारण किया जाएगा।

खेलों का प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक लाइव/आस्थगित लाइव आधार पर किया जाएगा। इसके बाद आधे घंटे के हाइलाइट्स/सांख्यिकी आधारित शो और युवा प्रतिभाओं पर एक और आधे घंटे का शो होगा।

दैनिक हाइलाइट्स और महत्वपूर्ण कार्यक्रम दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों पर भी उपलब्ध होंगे। डीडी स्पोर्ट्स और डीडी नेशनल पर उद्घाटन और समापन समारोह का सीधा प्रसारण किया जाएगा।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में प्रतिदिन की ताजा जानकारी को लेकर सभी अपडेट के लिए डीडी स्पोर्ट्स (@ddsportschannel) और ऑल इंडिया रेडियो स्पोर्ट्स (@akashvanisports) के ट्विटर हैंडल से जुड़े रहें।

ऊपर बताए गए प्रसार भारती स्पोर्ट्स यूट्यूब चैनल पर 4 लाइव-स्ट्रीम देखने के लिए, नीचे दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें।

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02:43

59,000 से अधिक आभा स्वास्थ्य पहचान पत्र बनाये गए 17,000 पीएमजेएवाई गोल्डन कार्ड जारी किए गए 28,000 टेलीकंसल्टेशन और 12000 तपेदिक की जांच की गईं


नई दिल्ली स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के सहयोग से 16 अप्रैल से 22 अप्रैल 2022 तक आजादी का अमृत महोत्सव के तहत आयुष्मान भारत स्वास्थ्य और कल्याण केन्द्रों की चौथी वर्षगांठ मना रहा है। इस अवसर पर,पूरे देश में पूर्ण उत्साह और जोश के साथ समारोहों का आयोजन किया जा रहा है। इस मौके पर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के स्वास्थ्य मंत्री, सांसद, विधायक, केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव/स्वास्थ्य सचिव, राज्य स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्यों नेएबी-एचडब्ल्यूसी का दौरा करते हुए सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने में एबी-एचडब्ल्यूसी के महत्व के प्रति जनता को जागरूक बनाने का कार्य किया।

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18 से 22 अप्रैल 2022 तक, देश भर के राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक जिले के कम से कम एक ब्लॉक में एक लाख से अधिक एबी-एचडब्ल्यूसी में ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया गया। प्रत्येक ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य मेले का आयोजन एक दिवसीय होगा और इसके तहत राज्य/केन्द्र शासित प्रदेशों के प्रत्येक ब्लॉक को कवर किया जाएगा।

स्वास्थ्य मेले के पांचवें दिन देश भर में 4 लाख 53 हजार से अधिक लोगों ने भाग लिया और लगभग 496 ब्लॉकों ने इन स्वास्थ्य मेलों का आयोजन किया। इसके अलावा, 59,000 से अधिक आभा स्वास्थ्य पहचान पत्र बनाए गए और 17,000 पीएमजेएवाई गोल्डन कार्ड जारी किए गए, साथ ही उच्च रक्तचाप,मधुमेह,तपेदिक आदि के लिए हजारों लोगों की जांच की गई।

16 अप्रैल 2022 को आयुष्मान भारत- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (एबी-एचडब्ल्यूसी)में एक दिन में ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म के माध्यम से रिकॉर्ड 3 लाख टेलीकंसल्टेशन किए गए। यह एक ही दिन में एबी-एचडब्ल्यूसीपर होने वाला अब तक का सबसे अधिक टेलीकंसल्टेशन रहा है और इसने प्रति दिन 1.8 लाख टेलीकंसल्टेशन के अपने पहले रिकॉर्ड को पार कर लिया है। 22 अप्रैल 2022 को पूरे देश में 28,000 से अधिक टेलीकंसल्टेशन किए गए।


Friday, 22 April 2022

23:06

बीएल इंटरनेशनल कम्पनी पर सीटू के बैनर तले कर्मचारियों का धरना जारी- गंगेश्वर दत्त शर्मा


 नोएडा, मैसर्स- बी.एल.इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड प्लॉट नंबर- 38, जी, उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा के कम्पनी प्रबंधकों द्वारा गैरकानूनी तरीके से कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के विरोध में 22 अप्रैल 2022 को सीटू के बैनर तले कर्मचारियों का कम्पनी के गेट पर धरना प्रदर्शन जारी रहा।
 वही श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा कल संस्थाएं स्तर पर कराई गई वार्ता विफल हो जाने के बाद उप श्रम आयुक्त श्रीमति वंदना गुप्ता ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिनांक:- 25 -04- 2022 को प्रातः 11:00 बजे श्रम कार्यालय सेक्टर- 3, नोएडा पर बुलाया है 
 धरना /प्रदर्शन को सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, कोषाध्यक्ष रामस्वारथ, सह सचिव मुकेश कुमार राघव, श्रमिक नेता पूनम, धमेंद्र, अर्चना आदि ने  संबोधित किया।