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Friday, 31 January 2020

21:19

गणेश प्रसाद पाण्डेय का निधन अंत्येष्टि सन्नेही में सम्पन्न भावभीनी शोक श्रद्धांजलि अर्पित



 सिंगरौली रीवा  संयुक्त श्रमजीवी पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष रमेन्द्र कुमार पाण्डेय पत्रकार के पिताजी श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय का परमधाम महाप्रयाण हो गया है ।अंत्येष्टि ग्राम सन्नेही में सम्पन्न हुई।उपस्थित जनों ने अश्रुपूरित अंतिम विदायी दी।इससे पहले एस जी एम एच रीवा के आई सी सी यू में उपचार के दौरान अत्यन्त दु:खद असामयिक देहावसान पश्चात पार्थिव देह रमेन्द्र कुमार पाण्डेय के घोघर रीवा स्थित निवास और डा. ब्रजेन्द्र कुमार पाण्डेय के लखौरी बाग रीवा स्थित निवास में अंतिम दर्शनार्थ ले जाये जाने के बाद पुस्तैनी  गृह ग्राम सन्नेही (तहसील अमरपाटन जिला सतना) में शोकाकुल क्षेत्रवासियों ने बड़ी भारी संख्या में अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।डा. ब्रजेन्द्र कुमार पाण्डेय ने मुखाग्नि दी।87वर्षीय श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय धर्म पत्नी श्रीमती तारादेवी पाण्डेय, एक सुपुत्री श्रीमती चित्रा शुक्ला,दामाद इंजी. सभा कान्त जी शुक्ला, चार पुत्र राघवेन्द्र, डा. ब्रजेन्द्र, पत्रकार रमेन्द्र तथा सत्येन्द्र, पुत्र बधुओं श्रीमती कनक, श्रीमती विनोद कुमारी, श्रीमती राजेश्वरी एवं श्रीमती ऊषा सहित पौत्र - पौत्रियों सुधीर-रानी, पूजा-विवेक, परम-जया व विकास - दीपा एवं नातिनों मंजूषा राहुल, निहारिका मनीष, नाती निखार शुभ्रा व पंती  विभू आयुष अनंत अमृत  पंतिन श्रीमौलि जया आराध्या हृदा  अमृतांजलि आदिनाती-पोतों तथा भरा-पूरा परिवार नात-रिश्तेदार सगे - सम्बन्धी और हजारों चाहने - मानने वालों को शोकाकुल कर गये। श्री गणेश चतुर्थी को जन्मे श्री गणेश प्रसाद विनायक चतुर्थी को ही परमधाम गवन किये।28जनवरी को स्वर्गवास, २९जनवरी को दाह संस्कार, १फरवरी को प्रात:७बजे से अस्थि संचय व प्रयागराज के लिए रीवा होकर प्रस्थान।
शुद्ध ७फरवरी, एकादशाह(करम) ८फरवरी,१०फरवरी को त्रयोदशाह (तेरही)है ।
सत्य धर्म न्याय नीति पर आजीवन अडिग रहकर समाज और क्षेत्र की सेवा एवं जन कल्याण कार्यों में समर्पित रहे श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय का जन्म 25दिसम्बर 1933को माता श्रीमती सुधा देवी एवं पिता श्री द्वारिका प्रसाद पाण्डेय के ज्येष्ठ पुत्र के रूप में हुआ।रीवा राज्य के प्रतिष्ठित पवाईदार श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय रीवा और काशी में शिक्षा प्राप्त करते हुए महात्मा गांधी जी और पं. जवाहर लाल नेहरू जी के नेतृत्व में जारी स्वाधीनता आंदोलन तथा नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के आजाद हिंद आवाहन में हर प्रकार से अग्रणी भूमिका निभाने लगे एवं कांग्रेस सेवादल के स्वयंसेवक तैयार कर नव युवक मण्डल बनाये तथा स्वयं और साथियों सहित सामूहिक  श्रमदान अभियान से सड़क निर्माण कराया। महाराजा सर गुलाब सिंह जी से आनंद गढ़ दरबार में अपने चाचा राधा रमण प्रसाद एवं भीमसेन मास्टर साहब सहित जाकर स्कूल की मंजूरी लेकर अपने निवास में आवासीय विद्यापीठ स्थापित किया, महाराजा द्वारा स्कूल चलाने व भवन निर्माण हेतु दी नगदी राज कोष में छात्र सहायता मद बावत जमा कराकर स्वयं व युवा - जन श्रम सहयोग से भव्य भवन बनवाया, जो उन्नयन होकर आज हायर सेकेण्ड्री स्कूल के रूप में संचालित है। स्वतंत्रता के बाद समाज सुधार तथा जन चेतना जगाने के अग्रणी समाजसेवी श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय निर्विरोध सरपंच लगातार लम्बे वक्त तक रहे एवं न्याय पंचायत सभापति, मार्केटिंग सोसायटी डायरेक्टर और भूमि विकास बैंक अध्यक्ष पदों पर रह कर सेवाएं दीं।पूर्वं मुख्य मंत्री पं. शम्भूनाथ शुक्ला ठाकुर दादू गोविंद नारायण सिंह, पूर्वं राज्यपाल बैरिस्टर गुलशेर अहमद तथा पूर्वं मंत्री शत्रुघ्न सिंह तिवारी जी आदि से अच्छे सक्रिय साथ के चलते ठाकुर दादू और बैरिस्टर साहब का दद्दा जी के पास सन्नेही आना-जाना बैठना रुकना बना ही रहता था। चारोधाम तीर्थाटन के साथ सक्रिय दलीय राजनीति और पद त्याग दिया।
श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय समूचे अंचल में ध्वजारोहण, वार्षिकोत्सव, पुरस्कार समारोहों व सार्वजनिक कार्यक्रमों के मुख्य अतिथि तथा अध्यक्षीय गौरव होते थे।उनके वाणी विचार संवोधन यादगार हैं, चिंतामणि वैद बाबा का प्रहलाद दास बाबा वाला वैद्यक ज्ञान था, खादी प्रिय सच्चे गांधी वादी थे। श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय के देहावसान पर गहरा दु:ख व गहन शोक व्यक्त कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत महान आत्मा की चिर शांति एवं मुक्ति-मोक्ष  और शोक संतप्त परिवार जनों और स्वजनों को सहन शक्ति प्रदान करने  की परमात्मा से विशेष प्रार्थना की गई है।
श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय का सम्पूर्ण जीवन कृतित्व व्यक्तित्व सेवा और योगदान सदैव लोगों को आदर्श प्रेरणास्रोत के रूप में सही दिशा व दृष्टि देता रहेगा।एक महापुरुष का अवसान समूचे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति है । व युग पुरुष थे। श्री चरणों में शत कोटिशः नमन।
के सी शर्मा
21:01

नोएडा में बन्दी, छंटनी, तालाबन्दी से बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ सीटू के नेतृत्व 4 फरवरी से मजदूर करेंगे आन्दोलन



रामजी पांडे की रिपोर्ट
नोएडा, शासन प्रशासन की गलत नीतियों से लगातार उद्योगों की तालाबन्दी, छंटनी के कारण मजदूरों को नौकरी से निकाला जा रहा है। श्रम व कारखाना अधिनियमों का खुला उल्लंघन कर मालिकान मजदूरों को नौकरी से निकाल रहे और मजदूरों/यूनियनों द्वारा शिकायत करने पर श्रम विभाग द्वारा कोई कार्यवाही नहीं हो रही है तथा श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन बढ़ रहा है। दर्जनों कारखानों में लम्बे समय से विवाद चल रहा है, लेकिन श्रम विभाग द्वारा मजदूरों को न्याय नहीं दिलवाया जा रहा है।यह कहना है सीटू जिलाध्यक्ष का उन्होंने बताया कि नोएडा में अभी हाल ही में सेमटेक्स डिजाईन प्रा0लि0 ए-36, हौजारी काॅम्पलैक्स फैस-2, नोएडा के मालिकान ने कारखाने को गैर कानूनी तरीक से बन्द कर सैकड़ों मजदूरों को बेरोजगार करने के खिलाफ सीटू के बैनर तले धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरने को सम्बोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, महासचिव रामसागर, कोषाध्यक्ष रामस्वारथ ने ऐलान करते हुए कहा कि श्रम कानूनों का प्रतिपालन करवाने और लेआॅफ क्लोजर छंटनी कें खिलाफ 4 फरवरी 2020 को हौजरी काॅम्पलेक्स फेस-2 नोएडा से पैदल जनमार्च शुरू किया जायेगा जो सैक्टर-3 नौएडा उपश्रम आयुक्त कार्यालय पर पहुंच कर विशाल धरना प्रदर्शन में बदल जायेगा जो समस्याओं का समाधान होने तक रात-दिन जारी रहेगा। उन्होंने उक्त आन्दोलन में मजदूरों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील किया।


20:40

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण नाथ के भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत द्वारा लगभग 5 करोड़ का घोटाला सामने आया

 लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्ण नाथ के भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत द्वारा लगभग 5 करोड़ का गोलमाल किया गया हैआपको बताते चलें भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में खाताधारकों के खाते से करोड़ों का बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा  किया गया घोटाला खाताधारकों को इस बात की जानकारी तब हुई जब उनके खाते से पैसा निकल कर मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ खाताधारक न समय गमाते हुए भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को प्रार्थना पत्र के माध्यम से अवगत कराया परंतु जब उसमें शाखा प्रबंधक ही लिप्त पाया गया तो खाताधारकों के प्रार्थना पत्र पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई क्योंकि खाताधारक बैंक द्वारा व्यवसाय करने के लिमिट बनवाते हैं उस लिमिट के अनुसार जितने रुपए की आवश्यकता होती है उतना रुपए निकालकर अपने व्यवसाय में लगाते हैं क्योंकि उस पैसे को खाताधारक को ही जमा करना पड़ता है परंतु यहां पर बैंक के अधिकारी व कर्मचारी की मिलीभगत द्वारा खाताधारकों की लिमिट की धनराशि निकाल कर उसे किसी दूसरे स्थान पर परिवर्तित करके आपस में बंदरबांट करने का प्रयास था परंतु समय पर बैंक के अधिकारी व कर्मचारियों की पोल खुल गई तथा खाताधारकों द्वारा थाना गोला में प्रार्थना पत्र के माध्यम द्वारा पुलिस को सूचित किया उस प्रार्थना पत्र में कुछ इस प्रकार लिखा हुआ था कि भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया गोला में चल रहे ऋण खाताधारकों के खाते से ग्राहकों की बिना जानकारी के बैंक द्वारा करोड़ों रुपए निकाल लिए गए हैं जिसकी जानकारी खाताधारकों को नहीं दी गई तथा जब बैंक से जानकारी ली गई तब पता चला कि खाताधारकों के खाते से पैसा निकल चुका है जोकि करोड़ों रुपए की धनराशि है निकली हुई करोड़ों रुपए की जानकारी शाखा प्रबंधक को दी गई परंतु शाखा प्रबंधक द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई इसी प्रकार कुछ वर्ष पूर्व एचडीएफसी शाखा गोला से किसान क्रेडिट कार्ड से शाखा प्रबंधक व कर्मचारियों द्वारा किसानों की धनराशि निकाली गई थी पुलिस ने खाताधारकों का प्रार्थना पत्र लेकर उचित कार्यवाही करने का अस्वाशन 
दिया है
   
              गोला से आशीष राठौर की रिपोर्ट
13:16

कल्पना चावला पुण्यतिथि पर विशेष-के सी शर्मा हमारे रियल हीरो



1फरवरी कल्पना चावला पुण्यतिथि पर  विशेष-के सी शर्मा*

*भारत की बेटी – कल्पना चावला* का जन्म 17 मार्च 1962 को करनाल, पंजाब, में हुआ जो अभी हरयाणा,भारत में है। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा टैगोर बाल निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, करनाल से और बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) 1982 में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ से पूरी की। वे संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए 1982 में चली गयी और 1984 में वैमानिक अभियांत्रिकी (एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग) में विज्ञान स्नातक की उपाधि टेक्सास विश्वविद्यालय आरलिन्गटन से प्राप्त की। फिर उन्होंने ने ठान लिया की उन्हें अन्तरिक्ष यात्री बनना है जबकि उस समय उनके जीवन में उस समय बहुत सी आपदाएँ आयी थी, 1986 में कल्पना  ने दूसरी विज्ञानं स्नातक की उपाधि पायी और 1988 में कोलोराडो विश्वविद्यालय बोल्डर से वैमानिक अभियांत्रिकी में विद्या वाचस्पति (PhD) की उपाधि पायी।
1988 के अंत में उन्होंने नासा (Nasa) के एम्स अनुसंधान केंद्र के लिए ओवेर्सेट मेथड्स इंक के उपाध्यक्ष के रूप में काम करना शुरू किया, उन्होंने वहा वी/एसटीओएल (Short Takeoff And Landing Concepts) में सीएफडी (Computational Fluid Dynamics) पर अनुसंधान किया। कल्पना  को हवाई जहाजो, ग्लाइडरो व व्यावसायिक विमानचालन के लाइसेंसो के लिए प्रमाणित उड़न प्रशिक्षक का दर्जा हासिल था। उन्हें एकल व बहु इंजन वयुयानो के लिए व्यावसायिक विमानचालक के लाइसेंस भी प्राप्त थे। अन्तरिक्ष यात्री बनने से पहले वो एक सुप्रसिद्ध नासा की वैज्ञानिक थी।
अप्रैल 1991 में वे एक देशियकृत संयुक्त राज्य अमेरिका की नागरिक बनी। कल्पना जी मार्च 1995 में नासा के अन्तरिक्ष यात्री कोर में शामिल हुई और उन्हें 1996 में अपनी पहली उडान के लिए चुना गया था। अन्तरिक्ष के सफ़ेद आसमान की यात्रा करते समय ये शब्द उन्होंने कहे थे। “आप ये आप ही की बुद्धि का परिणाम हो”। कल्पना जी ने अपने पहले मिशन में 10.67 मिलियन किलोमीटर का सफ़र तय कर के, पृथ्वी की 252 परिक्रमाये की।

उनका पहला अन्तरिक्ष मिशन 19 नवम्बर 1997 को छह-अन्तरिक्ष यात्री दल के हिस्से के रूप में अन्तरिक्ष शटल कोलंबिया की उडान एसटीएस-87 से शुरू हुआ। कल्पना  अन्तरिक्ष में उड़ने वाली प्रथम भारत में जन्मी महिला थी और अन्तरिक्ष में उड़ने वाली भारतीय मूल की दूसरी व्यक्ति थी। राकेश शर्मा ने 1984 में सोवियत (Soyuz T-11) अन्तरिक्ष यान में उडान भरी थी। कल्पना  ने अपने पहले मिशन में अन्तरिक्ष में 360 से अधिक घंटे बिताए। एसटीएस-87 के दौरान स्पार्टन उपग्रह को तैनात करने के लिए भी जिम्मेदारी थी, इस ख़राब हुए उपग्रह को पकड़ने के लिए विस्टन स्कॉट और तकाओ दोई को अन्तरिक्ष में चलना पड़ा था। पाँच महीने की तफ्तीश के बाद नासा ने कल्पना चावला को इस मामले में पूर्णतया दोषमुक्त पाया, त्रुटिया तन्त्रांश व यान कर्मचारियो तथा जमीनी नियंत्रकों के लिए परिभाषित विधियों में मिली।

एसटीएस-87 की उडानोपरांत गतिविधियों के पूरा होने पर कल्पना जी ने अन्तरिक्ष यात्री कार्यालय में, तकनिकी पदों पर काम किया, उनके यहाँ के कार्यकलाप को उनके साथियों ने विशेष पुरस्कार दे के सम्मानित किया।

1 फरवरी 2003 को कोलंबिया अंतरिक्षयान पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश करते ही टूटकर बिखर गया। देखते ही देखते अन्तरिक्ष यान और उसमे सवार सातो यात्रियों के अवशेष टेक्सास नामक शहर पर बरसने लगे और सफल कहलाया जाने वाला अभियान भीषण सत्य बन गया।

कल्पना चावला निश्चित ही आज के लडकियों की आदर्श है। आज की लडकियों को ये सोचना चाहिये की जब कल्पना चावला एक माध्यम वर्गीय परिवार से होने के बावजूद इतना सब कर सकती है तो वे क्यू नहीं? जिस समय भारत का तंत्रज्ञान ज्यादा मजबूत नहीं था, जिस समय लोगो को अन्तरिक्ष की समझ भी नहीं थी उस समय कल्पना चावला ने अन्तरिक्ष में जाके पूरे विश्व जगत में भारत का परचम लहराया।

कल्पना चावला को मिले मरणोपरांत सम्मान-
1) कांग्रेशनल अंतरिक्ष पदक के सम्मान।
2) नासा अन्तरिक्ष उडान पदक।
3) नासा विशिष्ट सेवा पदक।
13:08

राजस्थान: भामाशाह सम्मान समारोह आज, लक्खी मेला कल।



सवाई माधोपुर/टोंक@रिपोर्टर चंद्रशेखर शर्मा। टोंक जिले के निवाई कस्बे में राजस्थान के सुप्रसिद्ध लोक देवता एवं गुर्जर समुदाय के प्रमुख आराध्य देव भगवान देवनारायण का मेला 1 फरवरी ( शनिवार) से शुरू होगा। देवनारायण जी के  जन्मोत्सव पर लगने वाले मेले को लेकर मंदिर ट्रस्ट द्वारा  तैयारिया पूर्ण कर ली गई है। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष सुरज्ञान सिंह खाटरा ने बताया की इसको लेकर बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम निवाई  ने  मौके पर पहुंचकर मेला व्यवस्थाओं का जायजा लिया ।अध्यक्ष ने बताया कि वर्ष में दो बार लक्खी मेले का आयोजन होता है,जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं। मेले की पूर्व संध्या पर शुक्रवार 31 जनवरी को शाम 8 बजे भामाशाह का सम्मान समारोह, उसके बाद 9 बजे  अतिथियों का सम्मान समारोह आयोजित  किया जाएगा । उसके बाद देवनारायण जी के भोपा द्वारा नृत्य कर कांसे की थाली में  कमल पुष्प में देवनारायण जी के दर्शन करवाए जाएंगे। मुख्य मेले का आयोजन1 फरवरी को को होगा। मेले में कई प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा जिसमें ऊंट दौड़  ,घोड़ी दौड़,  मानव दौड़,  नाल आदि प्रतियोगिताएं शामिल है । मेले को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है, पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जगह-जगह सीसीटीवी कैमरा से नजर रखी जाएगी। ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था ना हो।
06:44

किशनगढ़ राजस्थान: सीपी हॉस्पिटल गंगापुर सिटी मैं मनाया गया चौथा स्थापना दिवस ।


चंद्रशेखर शर्मा। गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय स्थित सीपी हॉस्पिटल का  चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह बसंत पंचमी को आयोजित किया गया। जयपुर रोड स्थित सीपी हॉस्पिटल के सफल संचालन के 4 वर्ष पूर्ण होने पर बसंत पंचमी महोत्सव के साथ ही चतुर्थ स्थापना दिवस समारोह की विधिवत शुरुआत हॉस्पिटल के डॉ. सीपी गुप्ता एवं प्रबंध निदेशक डॉक्टर क्षितीज गुप्ता, मोहित गुप्ता सहित डॉ. आरके मेहता, डॉ. देवेंद्र बैरवा, मैनेजर कुल प्रीत कौर द्वारा सम्मिलित रूप से मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष माल्यार्पण कर एवं दीप प्रज्वलन की गई। समारोह को संबोधित करते हुए डॉ सीपी गुप्ता नेहॉस्पिटल की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि विगत 4 वर्षों में सीपी हॉस्पिटल गंगापुर सिटी द्वारा तकरीबन एक हजार से अधिक निःशुल्क चिकित्सा शिविरों आयोजन कर एवं सीपी हॉस्पिटल मुख्यालय पर भी पूरी ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा के साथ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराते हुए मरीजों के प्रति अपना मानवीय धर्म निभाया है। गुप्ता के अलावा अनेक वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया और बताया कि डॉ सीपी गुप्ता ने महिला शिक्षा के क्षेत्र में संपूर्ण राजस्थान में अपने उत्कृष्ट सेवाओं के लिए अपना नाम रोशन किया है,उन्होंने यह भी कहा कि गुप्ता ने राजकीय सेवा से सेवानिवृत्ति के पश्चात सीपी हॉस्पिटल की स्थापना कर सुदूरवर्ती गांवों एवं शहरी क्षेत्रों में आमजन को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के माध्यम से एवं अन्य एनजीओ के साथ मिलकर चिकित्सा परामर्श सेवाओं के जरिए मरीज एवं जनता की सेवा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी है। इसी का परिणाम है ,कि ईश कृपा से सीपी हॉस्पिटल में आज अत्याधुनिक मशीनों के साथ साथ उच्चतम स्तर के ऑपरेशन के संसाधन उपलब्ध हैं। जिनके माध्यम से गंगापुर सिटी क्षेत्र के मरीजों को सस्ती चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जा रही है। वर्तमान में हॉस्पिटल में सिटी स्कैन, डायलिसिस, ब्लड बैंक, न्यूरो थेरेपी से लेकर फिजियोथेरेपी तक की सेवाएं उपलब्ध है। समय-समय पर वरिष्ठ विशेषज्ञ द्वारा अभी साप्ताहिक/मासिक रूप से विभिन्न प्रकार के मरीजों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं दवा वितरण  किया जाता है। इस अवसर पर श्रेष्ठ सेवा प्रदान करने वाले चिकित्सकों एवं अन्य कर्मचारियों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया।


06:37

राजस्थान: बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की आराधना



 चंद्रशेखर शर्मा। गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय पर स्थित अरिहंत उच्च माध्यमिक विद्या मंदिर ,  में बसंत पंचमी महोत्सव बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया | मुख्य डाकघर के पीछे स्थित विद्या मंदिर में आयोज्य बसंत पंचमी महोत्सव कार्यक्रम में सर्वप्रथम वीणा वादिनी देवी मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन कर व उनके चरणों में पिले पुष्पों का अर्पण किया गया। विद्या की देवी मां सरस्वती की उपासना में सरस्वती वन्दना भी गाई गई । इस अवसर पर सारांश जैन द्वारा सभी विधार्थियो को बसंत पंचमी के महत्व और सरस्वती माँ के प्राकट्योत्सव के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए उपस्थित सभी विधार्थियो को  उचित ज्ञान प्राप्त कर जीवन में सद्मार्ग पर चलकर सफलता प्राप्त करने हेतु प्रेरणा को सीख दी गई | अंत में सभी विधर्थियो को प्रसाद वितरण कर बसंत पंचमी की शुभकामनायें प्रेषित की गई ||

06:25

गोविंदपुर में गोष्ठी आयोजित कर मनायी गयी गाँधी जी की पूर्णतिथि



*सैकड़ो लोगो ने संविधान के मूल उददेश्यो के साथ साथ गांधी विचारों पे चलने का लिया संकल्प*

*गोविंन्दपुर/से बाबू लाल शर्मा की रिपोर्ट*

म्योरपुर कस्बे में स्थित कालेज  विड़ला विद्या मंदिर के परिसर में आज सामाजिक संस्था बनवासी सेवा  आश्रम के सानिध्य में गांधी जी के पूर्ण तिथि को लेकर गोष्टि का आयोजन किया गया।आयोजित गोष्टि में आये लोगो ने संविधान के मूल उद्देश्यों को लेकर संकल्प लिया और गांधी विचारों पर चलने की बात कही।ऐसी दौरान पर्यावरण की बिगड़ती स्थिति,शुद्ध पानी,और वनों को बचाने को लेकर नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया।गोष्ठी को संबोधित करते हुए आश्रम की मुखिया शुभा प्रेम ने कहा की गांधी कोई व्यक्ति नही अपितु विचार है।गांधी विचार से ही मानव और सृष्ठि का भला हो सकता है।आयोजित कार्यक्रम को गौरी शंकर सिंह,प्रधानाचार्य दयाशंकर विष्वकर्मा और ग्राम प्रधान लालता जायसवाल ने संबोधित किया।और लोगो आपसी तालमेल से रहने का आव्हान किया।कार्यक्रम में डॉ फिरोज आबेदीन,दीपक सिंह,अमरकेश सिंह,जगत नारायण विश्वकर्मा,अमिता विश्वकर्मा,मोनिका यादव,चांदतारा,विमल सिंह,दिनेश गुप्ता,हृदय नारायण,  स्वम सहायता समूह की बहने और सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।कार्यक्रम का संचालन शिवशरण सिंह ने जबकि अध्यक्षता लालता जायसवाल ने किया।

Thursday, 30 January 2020

18:59

दिल्ली चुनाव में आप के कार्यकर्ताओं ने झोंकी ताकत



 दिल्ली विधानसभा चुनाव 2020 में जहाँ एक ओर भाजपा के देश भर के बड़े बड़े नेता मुख्यमंत्री और मंत्री अपने सांसदों संग दिल्ली में अपनी पार्टी को जिताने के लिए दिल्ली में डेरा जमा चुके है तो वही दूसरी ओर उनका मुकाबला आम आदमी पार्टी के आम कार्यकर्ताओ से होने वाला है इसी के तहत गौत्तमबुद्ध नगर के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में जी जान से मेहनत कर रहे है पार्टी के कई कार्यकर्ताओं ने 8 फरवरी तक अपने ऑफिस से छुट्टी ले रखी है और दिल्ली के अलग अलग विधानसभाओं में काम कर रहे है गौत्तमबुद्ध नगर की एक टीम जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन के नेतृत्व में  दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के विधानसभा क्षेत्र पटपड़ गंज में घर घर जा कर पार्टी का प्रचार कर रही है।।       
           जिला महासचिव एवं पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम ने बताया कि प्रचार में लोगों को आम आदमी पार्टी की सरकार द्वारा पिछले पाँच वर्षो में किये गये शिक्षा,स्वास्थ, बिजली,पानी जैसे महत्वपूर्ण कामों के साथ- साथ महिलाओँ के लिये शुरू की गई फ्री बस सेवा,दुर्घटना पीड़ितों के लिये चलाई जा रही फ़रिश्ते योजना,राशन वितरण की होम डेलिवरी, प्राइवेट स्कूलों की फीस पर लगाई गई लगाम, आदि के फायदे जनता को बता कर आम आदमी पार्टी के चुनाव चिन्ह झाड़ू पर आगामी आठ फरवरी को वोट करने की अपील कर रहे है प्रचार करने वालो में के पी सिंह,संजीव निगम,ए के सिंह,राहुल सेठ,प्रशांत रावत,राकेश सिसोदिया,एस सी शर्मा, वीरेन सिंह ,अजय कुमार,राजेश बेनीवाल,गुड्डू यादव, आकाश जैन,राकेश चंदेल,सुनील चंदेल व रामजी पांडे आदि मौजूद होते है।


12:49

बसन्त पंचमी पर माँ मैहर के प्रधान पुजारी का ओबरा शारदा मंदिर पर हुआ आगमन*


*ओबरा*-बसन्त पंचमी के शुभ अवसर पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी माँ शारदा शक्ति पीठ धाम हंसवाहिनी नगर ओबरा में माँ मैहर धाम मध्यप्रदेश के प्रधान पुजारी श्री श्री 108 श्री देवी प्रसाद जी महाराज के आगमन से माता के जयकारे से समूचा नगर गुंजामय हो गया।माँ शारदा शक्तिपीठ मैहर के प्रधान पुजारी श्री श्री 108 श्री देवी प्रसाद महाराज ने कहा कि आध्यात्म ही जीवन का आधार है।मनुष्य आध्यात्मिक शक्ति व प्रेम के माध्यम से ईश्वर की कृपा प्राप्त कर सकता है।सुबह से ही शारदा मंदिर पर भक्तों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन पूजन को उमड़ पड़ी,भक्तो ने श्री देवी प्रसाद जी का दर्शन पूजन किया व आशीर्वचन लिया।जिसके साथ ही विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।बताते चले कि बुधवार की देर रात मिर्जापुर से प्रधान पुजारी श्री श्री 108 श्री देवी प्रसाद जी महाराज का आगमन ओबरा में हुआ।जिसके साथ ही शाम को गुरुवाणी व भजन कार्यक्रम होना है।इस दौरान माँ मैहर के पुजारी पवन महाराज जी,श्रीवास्तव जी,मिलन अग्रहरि,अजय वैश्य,जेपी केशरी,हरेंद्र केशरी,ओमप्रकाश केशरी,वीरेंद्र सिंह बैरागी,उमाशंकर पांडेय,सूर्यनारायण अग्रहरि,लक्ष्मी नारायण अग्रहरि,प्रदीप अग्रहरि,उमा अग्रहरि,राकेश अग्रहरि आदि व्यवस्था में लगे रहे।
07:17

30 जनवरी 2020 का दैनिक राशिफल



पंडित जी की कलम से
मेष -----प्रयास सफल रहेंगे। कार्य को सुचारु रूप से पूर्ण कर पाएंगे। कार्य की प्रशंसा होगी। मित्र व संबंधियों का सहयोग मिलेगा। मान-सम्मान मिलेगा। झंझटों में न पड़ें। बेचैनी रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। बड़ा कार्य करने का मन बनेगा। लाभ होगा।


वृष -----घर में अतिथियों का आगमन होगा। उत्साहवर्धक सूचना प्राप्त होगी। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। किसी मांगलिक कार्य की योजना बनेगी। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। मान बढ़ेगा। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। आय में वृद्धि होगी। सेहत कमजोर रहेगी।

मिथुन ------रोजगार प्राप्ति के प्रयास सफल रहेंगे। पार्टनरों से सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। भाग्य का साथ मिलेगा। अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। सट्टे व लॉटरी से दूर रहें। व्यस्तता रहेगी। पारिवारिक चिंता रहेगी।

कर्क----- मेहनत अधिक होगी। किसी अपने के व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंचेगी। फिजूलखर्ची होगी। अपेक्षित कार्यों में विलंब होगा। तनाव रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। जल्दबाजी न करें।

सिंह -----सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। यात्रा लाभदायक रहेगी। बड़ा काम करने का मन बनेगा। झंझटों से दूर रहें। लाभ के अवसर हाथ आएंगे। व्यस्तता रहेगी। घर-परिवार का सहयोग मिलेगा। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। प्रमाद न करें।

कन्या ------कार्यस्थल पर परिवर्तन संभव है। योजना फलीभूत होगी। नया काम प्रारंभ करने का मन बनेगा। छोटे भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। उत्साह व प्रसन्नता बने रहेंगे। नए अनुबंध हो सकते हैं। तत्काल लाभ नहीं होगा। जल्दबाजी न करें। आय बढ़ेगी। जोखिम न लें।

तुला ------पूजा-पाठ में मन लगेगा। सत्संग का लाभ मिलेगा। देव-दर्शन की योजना बनेगी। राजकीय बाधा दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। सामाजिक कार्य करने का अवसर मिलेगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी। जोखिम लेने का साहस कर पाएंगे। प्रमाद न करें।

वृश्चिक ------वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। विवाद को बढ़ावा न दें। मेहनत अधिक होगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। कीमती वस्तुएं गुम हो सकती है। कुसंगति से बचें। वरिष्ठजनों की सलाह मानें। लाभ होगा। व्यवसाय ठीक चलेगा। जोखिम न उठाएं।

धनु -----दांपत्य जीवन सुखमय होगा। राजकीय सहयोग प्राप्त होगा। आय में वृद्धि होगी। मातहतों का सहयोग प्राप्त होगा। जोखिम उठाने का साहस कर पाएंगे। घर-बाहर मांगलिक कार्य हो सकता है। प्रसन्नता रहेगी। दूसरों की बातों में न आएं। लेन-देन में सावधानी रखें। लाभ होगा।


मकर ------नौकरी में अधिकार बढ़ सकते हैं। संपत्ति के बड़े सौदे बड़ा लाभ दे सकते हैं। रोजगार मिलेगा। परीक्षा व प्रतियोगिता आदि में सफलता प्राप्त होगी। भाग्य का साथ रहेगा। कई दिनों से अटके काम अब पूर्ण होंगे। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। विवाद को बढ़ावा न दें।

कुंभ ------रचनात्मक कार्य सफल रहेंगे। पार्टी व पिकनिक का आनंद मिलेगा। मनपसंद भोजन का आनंद प्राप्त होगा। व्यवसाय मनोनुकूल लाभ देगा। मित्र व संबंधियों का सहयोग व मार्गदर्शन मिलेगा। कार्य का विस्तार हो सकता है। जरूरी कागजों को ध्यान से पढ़ें।

मीन ---किसी के अनुचित व्यवहार से स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। विवाद को बढ़ावा न दें। दु:खद समाचार मिल सकता है। दूसरों से अपेक्षा न करें। स्वयं का कार्य खुद करें। जोखिम व जमानत के कार्य टालें। व्यवसाय लाभदायक रहेगा। धैर्य रखें।
07:02

30 जनवरी मंगल पांडे के जन्म दिवस पर विशेष हमारे रियल हीरो


*मंगल पाण्डे जी का जन्म दिवस पर विशेष-के सी शर्मा अंग्रेजी शासन के विरुद्ध चले लम्बे संग्राम का बिगुल बजाने वाले पहले क्रान्तिवीर मंगल पांडे का जन्म 30 जनवरी, 1831 को ग्राम नगवा (बलिया, उत्तर प्रदेश) में हुआ था। कुछ लोग इनका जन्म ग्राम सहरपुर (जिला साकेत, उ0प्र0) तथा जन्मतिथि 19 जुलाई, 1927 भी मानते हैं। युवावस्था में ही वे सेना में भर्ती हो गये थे।

उन दिनों सैनिक छावनियों में गुलामी के विरुद्ध आग सुलग रही थी। अंग्रेज जानते थे कि हिन्दू गाय को पवित्र मानते हैं, जबकि मुसलमान सूअर से घृणा करते हैं। फिर भी वे सैनिकों को जो कारतूस देते थे, उनमें गाय और सूअर की चर्बी मिली होती थी। इन्हें सैनिक अपने मुँह से खोलते थे। ऐसा बहुत समय से चल रहा था; पर सैनिकों को इनका सच मालूम नहीं था।

मंगल पांडे उस समय बैरकपुर में 34 वीं हिन्दुस्तानी बटालियन में तैनात थे। वहाँ पानी पिलाने वाले एक हिन्दू ने इसकी जानकारी सैनिकों को दी। इससे सैनिकों में आक्रोश फैल गया। मंगल पांडे से रहा नहीं गया। 29 मार्च, 1857 को उन्होंने विद्रोह कर दिया।

एक भारतीय हवलदार मेजर ने जाकर सार्जेण्ट मेजर ह्यूसन को यह सब बताया। इस पर मेजर घोड़े पर बैठकर छावनी की ओर चल दिया। वहां मंगल पांडे सैनिकों से कह रहे थे कि अंग्रेज हमारे धर्म को भ्रष्ट कर रहे हैं। हमें उसकी नौकरी छोड़ देनी चाहिए। मैंने प्रतिज्ञा की है कि जो भी अंग्रेज मेरे सामने आयेगा, मैं उसे मार दूँगा।

सार्जेण्ट मेजर ह्यूसन ने सैनिकों को मंगल पांडे को पकड़ने को कहा; पर तब तक मंगल पांडे की गोली ने उसका सीना छलनी कर दिया। उसकी लाश घोड़े से नीचे आ गिरी। गोली की आवाज सुनकर एक अंग्रेज लेफ्टिनेण्ट वहाँ आ पहुँचा। मंगल पांडे ने उस पर भी गोली चलाई; पर वह बचकर घोड़े से कूद गया। इस पर मंगल पांडे उस पर झपट पड़े और तलवार से उसका काम तमाम कर दिया। लेफ्टिनेण्ट की सहायता के लिए एक अन्य सार्जेण्ट मेजर आया; पर वह भी मंगल पांडे के हाथों मारा गया।

तब तक चारों ओर शोर मच गया। 34 वीं पल्टन के कर्नल हीलट ने भारतीय सैनिकों को मंगल पांडे को पकड़ने का आदेश दिया; पर वे इसके लिए तैयार नहीं हुए। इस पर अंग्रेज सैनिकों को बुलाया गया। अब मंगल पांडे चारों ओर से घिर गये। वे समझ गये कि अब बचना असम्भव है। अतः उन्होंने अपनी बन्दूक से स्वयं को ही गोली मार ली; पर उससे वे मरे नहीं, अपितु घायल होकर गिर पड़े। इस पर अंग्रेज सैनिकों ने उन्हें पकड़ लिया।

अब मंगल पांडे पर सैनिक न्यायालय में मुकदमा चलाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अंग्रेजों को अपने देश का भाग्यविधाता नहीं मानता। देश को आजाद कराना यदि अपराध है, तो मैं हर दण्ड भुगतने को तैयार हूँ।’’

न्यायाधीश ने उन्हें फाँसी की सजा दी और इसके लिए 18 अप्रैल का दिन निर्धारित किया; पर अंग्रेजों ने देश भर में विद्रोह फैलने के डर से घायल अवस्था में ही 8 अप्रैल, 1857 को उन्हें फाँसी दे दी। बैरकपुर छावनी में कोई उन्हंे फाँसी देने को तैयार नहीं हुआ। अतः कोलकाता से चार जल्लाद जबरन बुलाने पड़े।

मंगल पांडे ने क्रान्ति की जो मशाल जलाई, उसने आगे चलकर 1857 के व्यापक स्वाधीनता संग्राम का रूप लिया। यद्यपि भारत 1947 में स्वतन्त्र हुआ; पर उस प्रथम क्रान्तिकारी मंगल पांडे के बलिदान को सदा श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाता है।
06:58

संस्कारो की सफलता के लिए युवाओ में नैतिक शिक्षा भी जरूरी - संतोष गंगेले छतरपुर

छतरपुर भारतीय संस्कृति और संस्कारों का समाज में दिनोंदिन हो रहे पतन पर चिंतन करते हुए बुंदेलखंड के कर्मयोगी सन्तोष गंगेले जी ने बुन्देलखण्ड की युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के प्रति सजग करने का अनुकरणीय बीड़ा उठाया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र में संचालित शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत बच्चों को श्री गंगेले द्वारा नैतिक ज्ञान देने का कार्य गत समय से सफलतापूर्वक किया जा रहा है।इसी क्रम में बुधवार  को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अलीपुरा  स्कूल में नैतिकता सम्बन्धी विचार गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन गया। संस्था के प्राचार्य श्री खान साहब जी अतिथि को मैडल पहना कर उनका स्वागत और सम्मान किया।  शिक्षक श्री हृदेश कुशवाहा ने संचालन किया।

        विद्यालय में अध्ययनरत कन्याओं के श्री संतोष गंगेले जी ने पाँवपूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की।इसके बाद छात्र-छात्राओं को ज्ञानवर्धक पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया।

  कार्यक्रम के आयोजक कर्मयोगी सन्तोष गंगेले ने उपस्थित  बच्चों को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान परिवेश में बड़े-बुजुर्गों के सम्मान में युवा पीढ़ी द्वारा शर्म महसूस की जाती है,जी कि युवा पीढ़ी के पतन का मुख्य कारण है।हम आप जानते हैं कि इतिहास के पन्नों में इस बात के प्रमाण दर्ज हैं कि  अपनी संस्कृति और संस्कारों के कारण सम्पूर्ण विश्व भर में भारत जाना है।उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश युवा पीढ़ी पर पश्चिमी संस्कृति की छाप का असर पड़ने से भारत अपनी विशिष्ट पहचान को खोता जा रहा है।



         माँ से बढ़कर इस दुनिया में कोई नही

     

सामाजिक कार्यकर्ता श्री संतोष गंगेले कर्मयोगी  ने बच्चों को बताया कि माता-पिता से बढ़कर इस दुनिया में कोई नही है।माँ को प्रथम गुरू बताते हुए उन्होंने जन्म देने वाले माता-पिता को सर्वोच्च बताया।कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों से उन्होंने प्रतिदिन माता-पिता के चरण छूकर आशीर्वाद लेने को कहा और बच्चियों से रोजाना नमस्ते करने को बोला।इसके साथ ही उन्होंने सभी से अपने से बड़ों का सम्मान करने की अपील की।

  उन्होंने बच्चियों को सृष्टि का रचयिता बताते हुए लड़कों से श्रेष्ठ बताया।उनने कहा कि लड़के तो सिर्फ एक कुल का ही दीपक होते हैं जबकि बच्चियाँ दो कुलों मायके और ससुराल दोनों की लाज होती है। माँ की कहानी सुनकर माँ के कदमो  जन्नत स्वर्ग बताया। प्राचार्य की घडी की प्रेरणादाई कहानी सभी को जीवन बदलने बाली थी।

     

         कर्म से भाग्य को बदला जा सकता है

     

कर्मयोगी श्री संतोष गंगेले छात्र-छात्राओं को बताया कि नैतिकता ही सफलता की कुंजी है।यदि आप सभी लोग अपने जीवन में नैतिकता को समाहित कर लें तो आपको सफलता स्वमेव ही प्राप्त हो जावेगी।उन्होंने कर्म को प्रधान बताते हुए बच्चों की सीख दी कि कर्म से हम-आप भाग्य को बदल सकते हैं।सफलता के शिखर पर पहुँचने वाले सभी लोगों की जीवनी पर नजर डालें तो ज्ञात होता है कि सफल हस्तियों ने जीवन के शुरूआती दिनों में विपरीत परिस्थितियों के साथ ही भारी अभाव के बावजूद भी अपने कर्म की बदौलत सफलता अर्जित की।श्री गंगेले ने बच्चों से मोबाइल का दुरूपयोग न करने की अपील करते हुए गूगल में किसी भी महापुरुष की जीवनी को सर्च कर सिर्फ दस मिनट ही पड़ने का आग्रह किया।उन्होंने कहा कि इससे निश्चित ही आप लोगों के मन में सफलता प्राप्त करने के लिए दृढ़ शक्ति पैदा होगी।



         मानवता के लिए की  मंगलमय कामना

       

श्री संतोष  गंगेले ने उपस्थित सभी लोगों को ताउम्र निरोगी रहने के लिए नियम-संयम से जीवन जीने को कहा।उन्होंने सभी के लिए मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कर्मयोगी जीवन जीने,घर-परिवार,समाज, बेसहारा,पीड़ित परेशान,प्राकृतिक प्रकोप से पीड़ित जनों की सहायता करने में सामर्थ्य के अनुसार मदद की सभी से अपील की।

         समाज सेवा के लिए की   विद्यालय परिवार ने किया आभार व्यक्त

               सभी शिक्षकों ने बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी के निस्वार्थ भाव से परोपकारी जीवन की खुलकर सराहना की शाला परिवार की ओर से उनका आभार व्यक्त किया गया
06:52

चोपन में नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के समर्थ में हुई भाजपाइयों की बैठक



चोपन।भारतीय जनता पार्टी चोपन मंडल की महत्वपूर्ण बैठक ग्रामवासी सेवा आश्रम चोपन में मंडल अध्यक्ष सुनील सिंह के अध्यक्षता में संपन्न हुआ | बैठक में सर्वप्रथम पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण  दीप प्रज्वलन एवं वंदे मातरम के गान से बैठक प्रारंभ हुआ | बैठक में बतौर मुख्य अतिथि क्षेत्रीय  महामंत्री किसान मोर्चा श्री गोविंद यादव जी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 भारत के लिए ऐतिहासिक निर्णय हैं  जो भारत के पड़ोसी मुस्लिम देश पाकिस्तान बांग्लादेश एवं अफगानिस्तान में पीड़ित व जान बचाकर भारत आए अल्पसंख्यक हिंदू बौद्ध जैन सिख एवं पारसी नागरिकों को सम्मान के साथ भारत में रहने का अधिकार देने का कानून है इस कानून से भारत में रहने वाले किसी भी नहीं नागरिक को कोई क्षति नहीं होने वाला है | वहीं बैठक में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे भाजपा युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष विशाल पांडे जी ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में युवा मोर्चा का एक-एक कार्यकर्ता गांव गांव में जाकर सपा बसपा  कांग्रेस एवं वामपंथियों के झूठे दुष्प्रचार को ध्वस्त कर के इस कानून के बारे में लोगो को बतायेंगे |निवर्तमान मण्डल अध्यक्ष राजेश अग्रहरी ने अपने सम्बोधन मे कहा कि चोपन मण्डल के सभी गांव एवं नगरो मे कार्यकर्ता नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन के दुसरे चरण मे न्यूनतम सौ घरो मे जाकर नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में 8866288662 पर मिस कॉल कर समर्थन का प्रपत्र भर के मण्डल मे जमा करे |  बैठक में प्रमुख रूप से पूर्व मंडल अध्यक्ष राजेंद्र जैन महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष मंजू गिरी तेजवंत पांडे संजय जैन सोनी रावत घनश्याम चौधरी महेंद्र केसरी संतोष साहनी दिव्य विकास सिंह बिट्टू सत प्रकाश तिवारी सत्यदेव पांडे प्रेम पटेल संदीप पांडे जुगैल प्रधान प्रभुनाथ खरवार मनाकी देवी उर्मिला देवी संतोष गुप्ता विनोद सिंह बंटी विकास चौबे हिमांशु सूर्य प्रदीप गिरी सुभाष साहनी राम कुमार मोदनवाल शहीद चोपन मंडल के बूथ अध्यक्ष सेक्टर संयोजक मंडल कार्यसमिति के सदस्य एवं वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित रहे |बैठक का संचालन मंडल महामंत्री विकास पटेल ने किया |

Wednesday, 29 January 2020

11:10

गणेश जयंती पर विशेष रिपोर्ट के सी शर्मा की कलम से



 सर्वप्रथम तो प्रथमपूज्य, विघ्नहर्ता, विनायक श्री गणेश जयंती की सभी को शुभकामनाएं।
 हर साल माघ मास की शुक्‍ल पक्ष चतुर्थी को ये पर्व मनाया जाता है गणेश जयंती को माघ शुक्‍ल चतुर्थी (Magha Shukla Chaturthi), तिलकुंड चतुर्थी (Tilkund Chaturthi) और वरद चतुर्थी (Varad Chaturthi) भी कहा जाता है।
 मान्‍यता के अनुसार इस दिन श्रीगणेश का जन्‍मदिवस है। इस तिथि पर की गई गणेश पूजा अत्याधिक लाभ देने वाली होती है। अग्निपुराण में भी भाग्य और मोक्ष प्राप्ति के लिए तिलकुंड चतुर्थी के व्रत का विधान बताया गया है। इस चतुर्थी पर चंद्रदर्शन निषेध है और देखने पर मानसिक विकार उत्‍पन्‍न होते हैं, ऐसा कहा गया है।
 गणेश जी ने अनेकों असुरों का संहार कर धर्म रक्षा की आइये हम भी प्रभु श्री गणेश की जयंती पर संकल्पित हों धर्म रक्षा के लिए और असुरों के संहार के लिए।

जय विघ्नहर्ता श्री गणेश!
08:51

जाने कैसे होते हैं अमावस्या में जन्मे व्यक्ति



*अमावस्या जन्म – विश्लेषण और उपाय- के सी शर्मा*


अमावस्या अथवा कृष्णपक्ष की चतुर्दशी को हुआ जन्म , अशुभ जन्म समझा जाता हैं । अमावस्या पर हुआ जन्म , कुण्डली में उपस्थित अनेकों शुभयोगों (जैसे राजयोग , धनयोग आदि) का नाश करनेवाला होता हैं । शास्त्रज्ञों ने अमावस्या पर हुए जन्म के अनेकानेक दुष्परिणाम
गिनाये हैं ।
जब तुलाराशी के नक्षत्र/नवांशों में सूर्य-चन्द्र की युति हों तब तो यह दोष और भी अधिक विषाक्त और अशुभ फलप्रद हों जाता हैं । ऐसी स्थिति अधिकांशतः दीपावली को बनती हैं ।
महर्षि पाराशर अपनी “बृहत् पाराशर होराशास्त्रम्” के 88वें अध्याय के प्रथम 4 श्लोकों में जिन 17 अशुभ जन्मों का उल्लेख किया हैं उनमें “दर्श जन्म” (अमावस्या का जन्म) प्रमुख और सर्वप्रथम हैं । आज अमावस्या जन्म के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेंगे :-

*1अमावस्या जन्म किसे कहेंगे ?*

जब सूर्य और चन्द्र एक नक्षत्र में हों तब अमावस्या जन्म समझा जाता हैं । जब सूर्य और जन्द्र , एक नक्षत्र के साथ साथ एक ही नवांश में भी हों उस समय अमावस्या जन्म के अधिकाँश दुष्परिणाम देखने में आते हैं और जब एक नक्षत्र , एक नवांश और एक ही षष्ठ्यांश में हों तब तो अशुभ फल पूर्ण रूप से अपना रंग दिखाता हैं ।

जब-जब ऐसे जातकों के (जिनका जन्म अमावस्या को हुआ हैं) जन्म-नक्षत्रों पर ग्रहण आया करता हैं तब तब ग्रहण से लगाकर छः महीने उनके लिए भयंकर कष्ट देनेवाले होते हैं । यदि जन्मनक्षत्र के साथ ही साथ जन्मकालिक नवांश भी ग्रहण की चपेट में हुआ (जब सूर्य और चन्द्र एक ही नवांश में हों तो) तब तो जातक को मृत्यतुल्य कष्ट प्राप्त होता हैं ।

*2अमावस्या पर हुआ जन्म अशुभ क्यों हैं ?*

ज्योतिष-शास्त्रों में सबसे प्रमुख सूर्य और चन्द्र को माना गया हैं । सूर्य को जहां जातक की आत्मा वहीँ चन्द्र को जातक का मन/मस्तिष्क माना जाता हैं । सूर्य और चन्द्र को सदैव शुभ माना जाता हैं , यहाँ तक की अष्टमेश के दोष से भी यह दोनों मुक्त हैं ।
अमावस्या को चन्द्र पूर्ण-अस्त समझा जाता हैं । चन्द्र के पूर्णतः अस्त होने से चन्द्र का शुभत्व जातक के लिए गौण हों जाता हैं वहीँ चन्द्र के साथ होने से सूर्य के शुभ फलों का भी महत्त्वपूर्ण ह्रास होता हैं ।
मोटे तौर पर कुछ यों समझ लें की सूर्य और चन्द्र के शुभफल जातक को नगण्य अनुपात में प्राप्त होते हैं । चूँकि सारे शुभ-राज-धन योगों की पूर्णता में सूर्य और चन्द्र के शुभत्व का योगदान रहता हैं अतएव बड़े-बड़े योग कुंडली मं् उपस्थित होने पर भी उनका प्रभाव निष्फल हों जाता हैं ।

*3 उपाय*

जिस नक्षत्र में सूर्य और चन्द्र हैं , उस नक्षत्र के मन्त्रों से (उसी नक्षत्र के आनेपर) हवनात्मक अनुष्ठान करवाना चाहिए (जन्म के दो वर्षों के भीतर) । सदैव (जीवनभर) ऐसे नक्षत्र के प्राप्त होनेपर व्रत करना चाहिए और नक्षत्र के अनुरूप सामग्री का दान देना चाहिए । नक्षत्र की शान्ति और रवि-चन्द्र योग के अशुभ्त्व के नाश के लिए अपने इष्ट के अनुष्ठान जीवनभर करना चाहिए ।

कोई भी अशुभत्व ऐसा नहीं जो प्रभुकृपा से शांत न हों सके । अतएव सदैव प्रभु का ध्यान एवम् भगवद्भक्ति श्रेयस्कर हैं ।

Tuesday, 28 January 2020

19:40

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर विशाल रैली एवं आम सभा का आयोजन



 चंद्रशेखर शर्मा
 राजस्थान के सवाई माधौपुर जिले के गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय पर  देशहित के लिए उमड़ा राष्ट्र भक्तों का जनसैलाब। नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में हुई विशाल रैली एवं आमसभा में उपस्थित होकर CAA के पक्ष में पूर्ण समर्थन किया प्रदान। पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के नेतृत्व में जिले के वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने  पुरानी अनाज मंडी में देश की अस्मिता के लिए भरी हुंकार।
CAA के समर्थन में विशाल रैली एवं आमसभा के दौरान मिला अपार जनसमर्थन..   गंगापुर शहर में नागरिकता संशोधन अधिनियम के समर्थन में आयोजित विशाल रैली एवं गंगापुर शहर स्थित पुरानी अनाज मंडी मैं विशाल आमसभा के कार्यक्रम में सवाई माधोपुर बजरिया मंडल के अध्यक्ष अनिल शर्मा के नेतृत्व में सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लिया भाग ।

19:34

चेंज मैनेजमेंट’ पर एनसीएल में हुई एक दिवसीय कार्यशाला



*सीनियर अधिकारियों ने सीखे प्रबंधन के नुस्खे*

विश्व की सबसे बड़ी कोयला कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड, भारत सरकार के 1 बिलियन टन कोयला उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने का पुरज़ोर प्रयास कर रही हैं । इसी दिशा में कदम उठाते हुए कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनी नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) ने अपने सीनियर अधिकारियों के लिए चेंज मैनेजमेंट’ पर एनसीएल के सीईटीआई (केन्द्रीय उत्तखन्न एवं प्रशिक्षण संस्थान) में एक दिवसीय कार्यशाला का हाल ही में आयोजन किया ।

कार्यशाला में एनसीएल के निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री गुणाधर पाण्डेय भी शरीक हुए। उन्होने प्रतिभागियों के बीच अपने विचार रखते हुए ‘चेंज मैनेजमेंट’ को कंपनी के कोयला उत्पादन, उत्पादकता व दैनिक ऑफिस कार्य में अहम बताया।

कार्यशाला में निवर्तमान आईएएस श्री कृष्ण मोहन ने कंपनी के 38 महाप्रबंधकों व मुख्यप्रबंधकों को  ‘चेंज मैनेजमेंट’ के गुर सिखाए । उन्होने समय के बदलाव के साथ कार्य स्थल पर नए दृष्टिकोण व नीतिगत फैसलों को लागू करने में लोगों व समूह का समर्थन व सहायता पर प्रकाश डाला । श्री कृष्ण मोहन देश के विभिन्न नामी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूटस, विश्वविध्यालया में नैतिकता मूल्यों, ई-गवर्नेस मैनेजमेंट के गुणों पर कार्यशाला व व्याख्यान आयोजित करते रहते हैं ।

अलग-अलग संवर्गों के विभागों अधिकारियों के लिए एनसीएल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम में सामान्य व सॉफ्ट स्किल्स में प्रशिक्षण प्रदान करने के प्रति हमारे प्रयासों का प्रतिबिंब है।
17:56

आदर्श कार्य संस्कृति के लिए कर्मियों का आध्यात्मिक विकास जरूरी’ : श्री गौर गोपाल दास*

 ‘संतुलित एवं सुखद जीवन के लिए गतिशील और सामंजस्यपूर्ण कार्य संस्कृति का होना जरूरी हैl कर्मचारियों के भौतिक विकास के साथ साथ आध्यात्मिक विकास द्वारा ही आदर्श कार्य संस्कृति, हासिल की जा सकती है l’

ये उद्गार है, अंतराष्ट्रीय स्तर के विख्यात जीवन मार्गदर्शक और मोटिवेशनल स्पीकर श्री गौर गोपाल दास की, जिन्होंने रविवार को एनसीएल की निगाही परियोजना स्थित अधिकारी क्लब में अपने व्याख्यान में ये बातें कहीं l
इस अवसर पर नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक (सीएमडी) श्री प्रभात  कुमार सिन्हा, बतौर मुख्य अतिथि और  निदेशक (तकनीकी/संचालन) श्री गुणाधर पाण्डेय,  निदेशक (वित्त) श्री एन॰ एन॰ ठाकुर, कृति महिला मंडल, एनसीएल की अध्यक्षा श्रीमती संगीता सिन्हा एवं उपाध्यक्षा श्रीमती प्रतिमा पाण्डेय व श्रीमती नीलू ठाकुर बतौर विशिष्ट अतिथि  उपस्थित थे। साथ ही अलग-अलग  परियोजनाओं/इकाइयों  के महाप्रबन्धक और मुख्यालय के विभागाध्यक्ष भी मौजूद थे l

अपने व्याख्यान  के दौरान  श्री गौर गोपाल दास ने दूसरों से तुलना करने से बचते हुए आत्म-निरीक्षण और स्व-विवेचना पर बल दिया l उन्होने खुशहाल जीवन जीने के गुण को विस्तार से समझाते हुए , तनाव और तनाव के प्रभाव पर प्रकाश डाला व इसके दुष्परिणामों को रेखांकित करते हुए इससे बचने के उपाय बताए l 

गौरतलब है कि श्री गौर गोपाल दास ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे से पूरी करने के कुछ ही समय बाद अपना जीवन एक प्रेरक वक्ता के रूप में समर्पित कर दिया l  वर्तमान में  एक अंतर्राष्ट्रीय  जीवन मार्गदर्शक और प्रेरक गुरू के रूप में श्री दास , भारत सहित  दुनिया भर के प्रतिष्ठित कंपनियों ,कॉलेजों और संस्थानों में आदर्श जीवन  के गुण सीखा रहे हैं l
17:50

सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर का हुवा उद्घाटन



शक्तिनगर सोनभद्र*
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ एन.टी.पी.सी परिसर शक्तिनगर सोनभद्र में राष्ट्रीय सेवा योजना के इकाई -प्रथम का सात दिवसीय विशेष शिविर के प्रथम दिन उद्घाटन ग्राम पंचायत चिल्काटांड पंचायत भवन पर आयोजित हुआ ।
 जिसमे  कार्यक्रम अधिकारी डॉ प्रदीप कुमार यादव ने विषय की रूपरेखा बताते हुए बताया कि एन.एस.एस स्वैच्छिक समुदाय सेवा के माध्यम से छात्रों के व्यक्तित्व और चरित्र के विकास के प्राथमिक उद्देश्य के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना को शुरू किया ।
NSS  की वैचारिक उन्मुक्तता  महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित है एन.एस.एस का आदर्श वाक्य not  me but you  है ऐसे स्वयंसेवी स्वयं से पहले समुदाय को स्थान देता है , यह शिक्षा के तीसरे आयाम का हिस्सा है अर्थात मूल्यवर्धन शिक्षाएं जो कि तेजी से महत्वपूर्ण बनती जा रही है ।स्वयं के व्यक्तित्व को विकसित करने की अलावा एन.एस.एस समाजसेवियों ने समाज के प्रति महत्वपूर्ण योगदान दिया है ।स्वयंसेवी स्वच्छ भारत मिशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं क्षेत्र पंचायत सदस्य रंजीत कुशवाहा ने स्वयंसेवकों को बताएं कि निस्वार्थ भाव से की जाने वाले राष्ट्र की सेवा ही राष्ट्रीय सेवा योजना का मुख्य उद्देश्य है इसके द्वारा ही हम सामाजिक कुरीतियों को दूर कर सकते हैं चाहे वह स्वच्छता अभियान हो या बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सब की सफलता में इन स्वयंसेवकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है ।सिद्धांत शुक्ला ने बताया कि एन.एस.एस हमेशा से देश हित , समाज हित में काम करता रहा और शिक्षा के क्षेत्र में जरूरत है कि विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ नैतिक शिक्षा सामाजिक कौशल भी विकसित किया जाए रवि केशरी राठौर ने बताया कि एन.एस.एस प्रजातांत्रिक माध्यम है , जो निस्वार्थ सेवा की आवश्यकता का समर्थन करता है मनुष्यों के कल्याण के लिए कार्य करना चाहिए ताकि मानवता की सेवा की जा सके ऐसे ही वह संगठन है जो महात्मा गांधी व विवेकानंद के विचारों से प्रमाणित हो सामाजिक कल्याण की भावना को विकसित करता है , स्वयंसेवकों में उपस्थित थे कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ प्रदीप कुमार यादव ने  किया ।
17:44

बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी ने निष्पक्ष पत्रकारिता और समाज सेवा में राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की- पंडित गोविंद तिवारी



 छतरपुर 28 जनवरी 2020 असफलता यह सिद्ध करती है कि सफलता का पत्र पूरे मन लगने से नहीं किया गया है लेकिन यहां हमें ऐसे एक शख्सियत की बात कर रहे हैं जिन्होंने किसान मजदूर परिवार में जन्म लेने के बाद वर्ष 1980 से पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश करने के साथ ही सामाजिक समरसता सरोकार के कार्य किए जिससे उनका नाम  राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच चुका है ऐसे बुंदेलखंड के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्म योगी द्वारा अपने जीवन में निष्पक्ष निडर और ईमानदारी से पत्रकारिता करते हुए जो समाज सेवा की है उसे कभी क्षेत्र के लोग भुला नहीं सकते हैं उपरोक्त विचार नौगांव नगरपालिका के वरिष्ठ अधिवक्ता पूर्व पालिका उपाध्यक्ष पंडित गोविंद तिवारी एडवोकेट  ने नगरपालिका कार्यालय में गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर अपने विचार  रखें  l

       नगर पालिका नौगांव के सीएमओ श्री बसंत चतुर्वेदी द्वारा नागरिक सम्मान देने पर कहे इस अवसर पर सेवानिवृत्त श्री डी डी तिवारी ने कहा कि संतोष गंगेले ने अपने जीवन में निष्पक्ष पत्रकारिता एवं समाज सेवा में ख्याति प्राप्त की है l उनकी समाजसेवा पूर्ण रूप से परोपकारी समाज हित और देश के लिए जीवन समर्पित है।  ऐसे व्यक्ति को प्रदेश सरकारों और भारत सरकार को उच्च पुरुष्कार से सम्मानित करना चाहिए।

      राजा स्टेडियम  मैं आज गणतंत्र दिवस के अवसर पर  स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी नौगांव अनुभवी अधिकारी श्री बीवी गंगेले तहसीलदार श्री बी पी सिंह मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरीश केसरवानी नगर निरीक्षक श्री बैजनाथ शर्मा  जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुधा नत्थू यादव पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती अभिलाषा -धीरेन्द्र शिवहरे श्री राजेंद्र सिंह राठौर श्री अशोक साहू ,प्राचार्य श्रीमती रचना मिश्रा प्राचार्य श्रीमती ममता चतुर्वेदी , शासकीय नवीन महाविद्द्यालय के प्राचार्य श्री एन पी निरंजन इंजीनियर महाविद्ध्यलय प्राचार्य श्री एम् एल वर्मा जी   सनराइज महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर एलएन रावत जी सांसद प्रतिनिधि  धीरेंद्र शिवहरे जी विधायक प्रतिनिधि श्री अरविंद यादव जी व्यापारी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय गुप्ता जी  श्री सुनील जैन पप्पू भैया महाविद्यालय छात्र संघ के अध्यक्ष  पूर्व श्री आशीष गुप्ता जी भाजपा जिला महामंत्री पंडित हरीश चंद्र वेदी हरशु महाराज भाजपा मंडल पूर्व अध्यक्ष श्री रवि रिछारिया जी  समानता दल के प्रदेश अध्यक्ष  श्री महेश कुशवाहा जी मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव श्री गगन यादव नगर अध्यक्ष शिवानंद तिवारी शासकीय उच्चतर उत्कृष्ट बालक विद्यालय नौगांव के प्राचार्य श्री बृजगोपाल अहिरवार बुंदेलखंड प्रेस क्लब के अध्यक्ष श्री लोकेंद्र मिश्रा सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिकों पत्रकार और समाजसेवियों ने गणेश शंकर विधार्थी प्रेस क्लब के संस्थापक अध्यक्ष राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी को जयपुर राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय मैत्री विविधता में एकता सम्मान से सम्मानित होने पर उन्हें बधाई और सम्मानित किया गया बुंदेलखंड क्षेत्र के  मानस मर्मज्ञ कथावाचक पंडित दीनबंधु दास जी वृंदावन मानस मर्मज्ञ पंडित श्री राम कृपाल पाठक जी इनके द्वारा अपने अपने निजी विचार  रखते हुए  सामाजिक क्षेत्र में काम करने की खुले मंच से सराहना की गई नगर व क्षेत्र में ऐसा कोई व्यक्ति निस्वार्थ भाव से परोपकारी जीवन जीने वाला नहीं है जो 64 वर्ष की उम्र में भारतीय संस्कृति संस्कार और नैतिक शिक्षा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ स्वच्छ भारत अभियान नशा मुक्ति दहेज एक कलंक है दुर्घटना रोकने के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं
12:23

जानिये काल सर्प दोष के बारे में पन्डित विष्णु जोशी के



*जानिये काल सर्प दोष के बारे में पन्डित विष्णु जोशी के साथ7905156547*


*कालसर्प दोष कितने प्रकार का होता है?*

*ज्योतिष ग्रंथों में 12 प्रकार के कालसर्प योगों का वर्णन किया गया है*

*1- अनंत कालसर्प योग।*
*2- कुलिक कालसर्प योग।*
*3- वासुकि कालसर्प योग।*
 *4- शंखपाल कालसर्प योग।*
*5- पद्म कालसर्प योग।*
*6- महापद्म कालसर्प योग।*
*7- तक्षक कालसर्प योग।*
*8- कर्कोटक कालसर्प योग।*
*9- शंखनाद कालसर्प योग।*
*10-पातक कालसर्प योग।*
*11- विषाक्त कालसर्प योग।*
*12- शेषनाग*

 *कालसर्प योग।*

*अनंत काल सर्प योग*
*यदि जातक के जन्‍मांग के प्रथम भाव में राहु और सप्‍तम भाव में केतु हो तो अनंत काल सर्प योग होता हे। इसकी वजह से जातक के घर में कलह होती रहती है। परिवार वालों या मित्रों से धोखा मिलने की आशंका हमेशा बनी रहती है। मानसिक रूप से व्‍यक्ति परेशान रहता है, हालांकि ऐसे लोग सिर्फ अपने मन की ही करते हैं।*

*कुलिक काल सर्प योग*
*यदि जातक के जन्‍मांग के द्वितीय भाव में राहु और अष्‍टम भाव में केतु हो तो यह कुलिक काल सर्प योग होता है। इस वजह से जातक गुप्‍त रोग से जूझता रहता है। इनके शत्रु भी अधिक होते हैं परिवार में परेशानी रहती है और वाणी में कटुता रहती है।*

*वासुकि काल सर्प योग*
*यदि जातक के जन्‍मांग में राहु तृतीय और केतु भाग्‍य भाव यानि 9वें भाव में हो तो वासुकि काल सर्प योग होता है। ऐसे लोगों को भाईयों से कभी सहयोग नहीं मिलता। ऐसे लोगों का स्‍वभाव चिड़चिड़ा होता है। ये लोग कितना भी कष्‍ट क्‍यों न आ जाये, किसी से कहते नहीं।*

*शंखपाल काल सर्प योग*
*यदि जातक के जन्‍मांग में मातृ यानि चतुर्थ स्‍थान पर राहु और पितृ यानि 9वें भाव में केतु दोनों हों तो शंखपाल काल सर्प योग माना जाता है। ऐसे लोगों का माता-पिता से हमेशा झगड़ा होता रहता है और परिवार में कलह बनी रहती है। ऐसे लोगों को दोस्‍तों से भी नहीं बनती है।*

*पद्म काल सर्प योग*
*जिन लोगों की कुंडली में पांचवें सथान पर राहु और ग्‍यारहवें भाव में केतु हो तो उस स्थिति में पद्म काल सर्प योग होता है। ऐसे लोग बुद्धिमान होते हैं, जमकर मेहनत करते हैं, लोगों से उनका व्‍यवहार काफी अच्‍दा होता है और प्रतिष्ठित पदों तक पहुंचते हैं। लेकिन अनावश्‍यक चीजों को लेकर उनके मान-सम्‍मान को हानि पहुंचना आम बात होती है। एक के बाद एक परेशानियां बनी रहती हैं। इनका पहला पुत्र कष्‍टकारी होता है।*

*शेषनाग काल सर्प योग*
*यदि किसी की कुंडली के बारहवें भाव में राहु और छठे भाव में केतु के अंतर्गत सभी ग्रह विद्यमान हों तो शेषनाग काल सर्प योग होता है। ऐसे लोगों के खिलाफ लोग तंत्र-मंत्र का इस्‍तेमाल ज्‍यादा करते हैं। इन्‍हें मानसिक रोग लगने की आशंका ज्‍यादा रहती है। यदि राहु के साथ मंगल है तो इनके सारे शत्रु परस्‍त हो जाते हैं। यानी इनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाता है। विदेश यात्रा से लाभ मिलते हैं, लेकिन साझेदारी के व्‍यापार में हानि उठानी पड़ती है।*

*विषाक्‍त काल सर्प योग*
*यदि व्‍यक्ति की कुंडली के ग्‍यारहवें भाव में राहु और पांचवें भाव में केतु सभी ग्रहों को समेटे हुए हो तो विषाक्‍त काल सर्प योग होता है। ऐसे लोग अच्‍छी विद्या हासिल करते हैं। इन्‍हें पुत्र की प्राप्ति होती है। ये उदारवादी होते हैं, लेकिन कभी-कभी पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ता है। ये कभी भी किसी पर मेहरबान हो सकते हैं।*

*पातक काल सर्प योग*
*पातक काल सर्प योग तब बनता है, जब कुंडली के 10वें भाव में राहु और चतुर्थ भाव में केतु हो। ऐसे लोगों के वैवाहिक जीवन में तनाव बना रहता है। पै‍तृक संपत्ति जल्‍दी नहीं मिल पाती है। ऐसे लोग नौकरी या व्‍यापार के लिये हमेशा परेशान रहते हैं। कर्ज भी बहुत जल्‍दी चढ़ जाता है। हृदय और सांस के रोग की परेशानी बनी रहती है।*

*शंखनाद काल सर्प योग*
*यदि कुंडली में सातों ग्रहों को लेकर राहु भाग्‍य यानि 4 स्‍थान पर हो और केतु 10 भाव में हो तो यह शंखनाद काल सर्प योग होता है। इसके अंतर्गत भाग्‍य अच्‍छा होते हुए और कड़ी मेहनत के बावजूद मनमाफिक फल नहीं मिलते। ऐसे लोगों के शत्रु गुप्‍त होते हैं। इनमें सहने की शक्ति बहुत होती है और लोग इनका नाजायज फायदा उठाने की कोशिश में रहते हैं।*

*कार्कोटक काल सर्प योग*
*कार्कोटक काल सर्प योग उस स्थिति में बनता है जब कुंडली में 8वें भाव में राहु और द्वितीय भाव में केतु हो। ये दोनों मिलकर सभी ग्रहों को निगलने के प्रयास करते रहते हैं। ऐसे व्‍यक्ति हर छोटी-छोटी चीज के लिये छटपटाते रहते हैं। इन्‍हें खाली बैठना पसंद नहीं होता। जीवन पर्यंत पैसे की चिंता बनी रहती है। ये अपनी इंद्रियों पर काबू नहीं रख पाते हैं और बहुत जल्‍दी शराब आदि का नशा लग जाता है।*

*महापद्म काल सर्प योग*
*महापद्म काल सर्प योग उ‍स स्थिति में बनता है* *जब कुंडली के रोग और शत्रु यानि छठे भाव में राहु और 12वें भाव में केतु सहित सातों ग्रह हों। ऐसे लोग जीवन भर परेशान रहते हैं। मानसिक तनाव बना रहता है। इनके हर काम में कोई न कोई अढ़चन जरूर आती है।*

*तक्षक काल सर्प योग*
*यदि जन्‍मांग के 7वें भाव में राहु और लग्‍नस्‍थ यानि* *प्रथम भाव में केतु* *विद्यमान तक्षक काल सर्प योग बनता है। ऐसे जातक जीवन भर घर परिवार, मान सम्‍मान, धन आदि के लिये जीवन भर संघर्ष करते रहते हैं। ऐसे लोग जिन पर विश्‍वास करते हैं, उनसे धोखा निश्चित तौर पर उठाना पड़ता है। लेकिन यह अपनी परेशानी किसी से कह नहीं पाते हैं।*
12:17

क्या आप जानते हैं की कथा 7 दिन ही क्यों होती है


के सी शर्मा की प्रस्तुति
.(महात्म्य​) 2
हम सात दिन की कथा सुनके अपने जीवन के सभी सातो दिनों को पवित्र कर लेते हैं! पाप रहित बनें!  राजा परीक्षित को सात दिन का शाप मिला तो तुरंत अपने पुत्र जनमेजय को  सौंपकर चलपड़े! पर मन में एक प्रश्न है? जीवन में प्रश्नो का होना बहुत महत्वपूर्ण है, अबोध बालक जो कुछ नहीं जनता वह भी एक दिन में न जाने कितने सारे प्रश्न करता है! फिर हम भी तो परमात्मा के विषय में अबोध हैं, कुछ जानते नहीं, हमारे पण्डित जी ने जो कहा उसी के आधार पर हमारी पूजा बढ़ जाती है!

तो हमें अपनी पूजा नहीं बढा़नी हमें तो श्रद्धा बढा़नी है, जब तक जानकारी नहीं  होगी, तब तक श्रद्धा भी नहीं बढे़गी! इसलिए परमात्मा की प्रीति के लिए प्रश्न जरूरी है, परन्तु प्रश्न करने से पहले ध्यान दें की हम प्रश्न किससे कर रहे है! और प्रश्न कहां कर रहे हैं! दूसरी बात हम जिनसे प्रश्न करते हैं! उनके प्रती आदर भाव आवश्यक है! महाभारत में जब अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से प्रश्न किया, तो प्रश्न के पहले अर्जुन ने अपने आपको शिष्य माना! इसलिए आप जब शिष्य भाव से प्रश्न करेंगे, तो आपको प्रश्नों के उत्तर अवश्य मिलेंगे! राजा परीक्षित के जीवन में भी प्रश्न आया, और प्रश्न था की अब तक तो मैं जिया, खूब ऐश्वर्य भी पाया, पर अब मेरी जिन्दगी सिर्फ सात दिन की है, और मुझे मरना भी होगा? पर मैं मरूं कैसे? और मरने बाले को करना क्या चाहिए? अपनी मृत्यु को सुधारने के लिए राजा, राज्य को त्याग​कर गंगा नदी के तट पर अनसन में बैठगया! और शुक देव जी ने उसे मरने की विधी बताई!

पहले वर्तमान सुधारो, राजा परीक्षित अपना भूत भूलगया और वर्तमान को सुधारने का प्रयास किया!  भविष्य की चिन्ता मत करो यदी वर्तमान अच्छा है, तो भविष्य भी उज्वल होगा, वर्तमान की चिन्ता करते जो बैठा रहता है, वह मूर्ख है! दूसरी बात की ठाकुर जी की बड़ी कृपा है की हम अन्धे नहीं हैं! हमारे पास एक नहीं पूरी दो आंखें हैं हम बहुत भाग्यशाली हैं, परन्तु आंख है पर द्रष्टी नहीं है! आंख तो भगवान ने दी, पर द्रष्टी हमें सत्संग से मिलती है! हम इन सात दिन के सत्संग से दृष्टी प्राप्त करें,
अरे दृष्टी होगी तभी तो दर्शन प्राप्त होगा!

देखने में और दर्शन में अन्तर है! हम देखते हैं जगत को और दर्शन जगदीश का करें, देखने के लिए आंख की आवश्यकता है पर दर्शन के लिए दृष्टी जरूरी है! यदी दृष्टी नहीं तो दर्शन नहीं! तो हम दृष्टी श्रीमद्भागवत कथा से प्राप्त करें!
12:17

भारतीय संस्कृति और संस्कारो को बचाने प्रत्येक परिवारों में नैतिक शिक्षा आवश्यक - संतोष गंगेले -कर्मयोगी



भारतीय संस्कृति और संस्कारो को बचाने प्रत्येक परिवारों में नैतिक शिक्षा आवश्यक - संतोष गंगेले -कर्मयोगी

नौगांव [छतरपुर ] गत दिवस -देश भक्त लोक कल्याण समिति , नौगाव जिला छतरपुर मध्य प्रदेश द्वारा आयोजित शिक्षक और स्वास्थ्य कर्मचारी सेमिनार सम्मान समारोह का आयोजन श्रीराम लीला प्रांगण मंच नौगांव पर विशाल भव्य आयोजन कुमारी रानू चतुर्वेदी ने किया।   इस आयोजन में सरस्वती ज्ञान मंदिर बीरेंद्र कालोनी स्कूल के संचालक श्री वेद प्रकाश प्रजापति ध्येय कोचिंग सेंटर नौगांव के संचालक श्री आशीष पाठक जी के मार्गदर्शन में आयोजन हुआ। जिसमे मुख्य वक्ता बुन्देलखण्ड के समाजसेवी राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित श्री संतोष गंगेले कर्मयोगी ने अपने विचार रखते हुए कहा की आज  भारतीय संस्कृति और संस्कारो को बचाने प्रत्येक परिवारों में नैतिक शिक्षा आवश्यक हो गया।  इस आयोजन के मुख्य अथिति मानस मर्मज्ञ कथा वाचक पंडित श्री रामकृपाल पाठक ]सिंगरावनकाला ] रहें।  आयोजन की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य श्री आर पी राय ने की।  संचालन श्री आशीष पाठक ने ही किया।  इस अवसर पर बच्चो ने संस्कृति प्रस्तुतियां दी।  बृँद्रावन से आये कलाकारों ने श्रीकृष्ण लीला और श्री शंकर भगवान् -पार्वती की लीलाओ को अपने ढंग से प्रस्तुत किया।  मंच पर नवोदय विद्द्यालय के शिक्षक श्री पी के  गुप्ता जी का जन्मदिन भी धूमधाम से उपस्थित जनसमुदाय के बीच मनाया।  आयोजन पर कुमारी रानू चतुर्वेदी ने प्रकाश डाला।   आयोजन समिति द्वारा मुख्य वक्ता संतोष गंगेले कर्म योगी का मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मान कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई

                                    कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों , स्वास्थ्य कर्मचारियों समाजसेविओ का सम्मान किया गया. 
12:10

पंजाब केसरी लाला लाजपतराय जी के जन्म दिवस पर विशेष-के सी शर्मा*




के  सी शर्मा*
(पंजाब नेशनल बैंक के संस्थापक)

‘‘यदि तुमने सचमुच वीरता का बाना पहन लिया है, तो तुम्हें सब प्रकार की कुर्बानी के लिए तैयार रहना चाहिए। कायर मत बनो। मरते दम तक पौरुष का प्रमाण दो। क्या यह शर्म की बात नहीं कि कांग्रेस अपने 21 साल के कार्यकाल में एक भी ऐसा राजनीतिक संन्यासी पैदा नहीं कर सकी, जो देश के उद्धार के लिए सिर और धड़ की बाजी लगा दे...।’’

इन प्रेरणास्पद उद्गारों से 1905 में उत्तर प्रदेश के वाराणसी नगर में हुए कांग्रेस के अधिवेशन में लाला लाजपतराय ने लोगों की अन्तर्रात्मा को झकझोर दिया। इससे अब तक अंग्रेजों की जी हुजूरी करने वाली कांग्रेस में एक नये समूह का उदय हुआ, जो ‘गरम दल’ के नाम से प्रख्यात हुआ। आगे चलकर इसमें महाराष्ट्र के बाल गंगाधर तिलक और बंगाल से विपिनचन्द्र पाल भी शामिल हो गये। इस प्रकार लाल, बाल, पाल की त्रयी प्रसिद्ध हुई।

लाला जी का जन्म पंजाब के फिरोजपुर जिले के एक गाँव में 28 जनवरी, 1865 को हुआ था। अत्यन्त कुशाग्र बुद्धि के लाला लाजपतराय ने कलकत्ता विश्वविद्यालय से फारसी की तथा पंजाब विश्वविद्यालय से अरबी, उर्दू एवं भौतिकशास्त्र विषय की परीक्षाएँ एक साथ उत्तीर्ण कीं। 1885 में कानून की डिग्री लेकर वे हिसार में वकालत करने लगे।

उन दिनों पंजाब में आर्यसमाज का बहुत प्रभाव था। लाला जी भी उससे जुड़कर देशसेवा में लग गये। उन्होंने हिन्दू समाज में फैली वशांनुगत पुरोहितवाद, छुआछूत, बाल विवाह जैसी कुरीतियों का प्रखर विरोध किया। वे विधवा विवाह, नारी शिक्षा, समुद्रयात्रा आदि के प्रबल समर्थक थे। लाला जी ने युवकों को प्रेरणा देने वाले जोसेफ मैजिनी, गैरीबाल्डी, शिवाजी, श्रीकृष्ण एवं महर्षि दयानन्द की जीवनियाँ भी लिखीं।

1905 में अंग्रेजों द्वारा किये गये बंग भंग के विरोध में लाला जी के भाषणों ने पंजाब के घर-घर में देशभक्ति की आग धधका दी। लोग उन्हें ‘पंजाब केसरी’ कहने लगे। इन्हीं दिनों शासन ने दमनचक्र चलाते हुए भूमिकर व जलकर में भारी वृद्धि कर दी। लाला जी ने इसके विरोध में आन्दोलन किया। इस पर शासन ने उन्हें 16 मई, 1907 को गिरफ्तार कर लिया।

लाला जी ने 1908 में इंग्लैण्ड, 1913 में जापान तथा अमरीका की यात्रा की। वहाँ उन्होंने बुद्धिजीवियों के सम्मुख भारत की आजादी का पक्ष रखा। इससे वहाँ कार्यरत स्वाधीनता सेनानियों को बहुत सहयोग मिला।

पंजाब उन दिनों क्रान्ति की ज्वालाओं से तप्त था। क्रान्तिकारियों को भाई परमानन्द तथा लाला लाजपतराय से हर प्रकार का सहयोग मिलता था। अंग्रेज शासन इससे चिढ़ा रहता था। उन्हीं दिनों लार्ड साइमन भारत के लिए कुछ नये प्रस्ताव लेकर आया। लाला जी भारत की पूर्ण स्वाधीनता के पक्षधर थे। उन्होंने उसका प्रबल विरोध करने का निश्चय कर लिया।

30 अक्तूबर, 1928 को लाहौर में साइमन कमीशन के विरोध में एक भारी जुलूस निकला। पंजाब केसरी लाला जी शेर की तरह दहाड़ रहे थे। यह देखकर पुलिस कप्तान स्कॉट ने लाठीचार्ज करा दिया। उसने स्वयं लाला जी पर कई वार किये। लाठीचार्ज में बुरी तरह घायल होने के कुछ दिन बाद 17 नवम्बर, 1928 को लाला जी का देहान्त हो गया। उनकी चिता की पवित्र भस्म माथे से लगाकर क्रान्तिकारियों ने इसका बदला लेने की प्रतिज्ञा ली।

ठीक एक महीने बाद भगतसिंह और उनके मित्रों ने पुलिस कार्यालय के बाहर ही स्कॉट के धोखे में सांडर्स को गोलियों से भून दिया।
08:32

जाने अरिष्ट शनि शांति में पीपल पूजा का महत्त्व



*जाने अरिष्ट शनि शांति में पीपल पूजा का महत्त्व*


जब किसी इंसान पर शनिदेव की महादशा चल रही होती है तो उसे पीपल की पूजा का उपाय जरूर बताया जाता है।
कई बार मन में यह सवाल उठता है कि ब्रम्‍हांड के सबसे शक्तिशाली और क्रूर ग्रह शनि का क्रोध मात्र पीपल वृक्ष की पूजा करने से कैसे शान्‍त हो जाता है।?

आज हम आपको बताने जा रहे हैं शनि और पीपल से सम्‍बंधित वह पौराणिक कथा जिसके बारे में आपने शायद ही पहले कभी सुना हो।
पुराणों की माने तो एक बार त्रेता युग मे अकाल पड़ गया था । उसी युग मे एक कौशिक मुनि अपने बच्चो के साथ रहते थे । बच्चो का पेट न भरने के कारण मुनि अपने बच्चो को लेकर दूसरे राज्य मे रोज़ी रोटी के लिए जा रहे थे ।
रास्ते मे बच्चो का पेट न भरने के कारण मुनि ने एक बच्चे को रास्ते मे ही छोड़ दिया था । बच्चा रोते रोते रात को एक पीपल के पेड़ के नीचे सो गया था तथा पीपल के पेड़ के नीचे रहने लगा था। तथा पीपल के पेड़ के फल खा कर बड़ा होने लगा था। तथा कठिन तपस्या करने लगा था ।

एक दिन ऋषि नारद वहाँ से जा रहे थे । नारद जी को उस बच्चे पर दया आ गयी तथा नारद जी ने उस बच्चे को पूरी शिक्षा दी थी तथा विष्णु भगवान की पूजा का विधान बता दिया था।
अब बालक भगवान विष्णु की तपस्या करने लगा था । एक दिन भगवान विष्णु ने आकर बालक को दर्शन दिये तथा विष्णु भगवान ने कहा कि हे बालक मैं आपकी तपस्या से प्रसन्न हूँ । आप कोई वरदान मांग लो।
बालक ने विष्णु भगवान से सिर्फ भक्ति और योग मांग लिया था । अब बालक उस वरदान को पाकर पीपल के पेड़ के नीचे ही बहुत बड़ा तपस्वी और योगी हो गया था।

एक दिन बालक ने नारद जी से पूछा कि हे प्रभु हमारे परिवार की यह हालत क्यो हुई है । मेरे पिता ने मुझे भूख के कारण छोड़ दिया था और आजकल वो कहा है।

नारद जी ने कहा बेटा आपका यह हाल शानिमहाराज ने किया है । देखो आकाश मे यह शनैश्चर दिखाई दे रहा है । बालक ने शनैश्चर को उग्र दृष्टि से देखा और क्रोध से उस शनैश्चर को नीचे गिरा दिया । उसके कारण शनैश्चर का पैर टूट गया । और शनि असहाय हो गया था।

शनि का यह हाल देखकर नारद जी बहुत प्रसन्न हुए । नारद जी ने सभी देवताओ को शनि का यह हाल दिखाया था । शनि का यह हाल देखकर ब्रह्मा जी भी वहाँ आ गए थे । और बालक से कहा कि मैं ब्रह्मा हूँ आपने बहुत कठिन तप किया है।

आपके परिवार की यह दुर्दशा शनि ने ही की है । आपने शनि को जीत लिया है । आपने पीपल के फल खाकर जीवंन जीया है । इसलिए आज से आपका नाम पिपलाद ऋषि के नाम जाना जाएगा।और आज से जो आपको याद करेगा उसके सात जन्म के पाप नष्ट हो जाएँगे।

तथा पीपल की पूजा करने से आज के बाद शनि कभी कष्ट नहीं देगा । ब्रह्मा जी ने पिपलाद बालक को कहा कि अब आप इस शनि को आकाश मे स्थापित कर दो । बालक ने शनि को ब्रह्माण्ड मे स्थापित कर दिया ।

तथा पिपलाद ऋषि ने शनि से यह वायदा लिया कि जो पीपल के वृक्ष की पूजा करेगा उसको आप कभी कष्ट नहीं दोगे । शनैश्चर ने ब्रह्मा जी के सामने यह वायदा ऋषि पिपलाद को दिया था।

उस दिन से यह परंपरा है जो ऋषि पिपलाद को याद करके शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करता है उसको शनि की साढ़े साती , शनि की ढैया और शनि महादशा कष्ट कारी नहीं होती है ।
शनि की पूजा और व्रत एक वर्ष तक लगातार करनी चाहिए । शनि कों तिल और सरसो का तेल बहुत पसंद है इसलिए तेल का दान भी शनिवार को करना चाहिए । पूजा करने से तो दुष्ट मनुष्य भी प्रसन्न हो जाता है।
तो फिर शनि क्यो नहीं प्रसन्न होगा ? इसलिए शनि की पूजा का विधान तो भगवान ब्रह्मा ने दिया है।
जय महादेव।

Monday, 27 January 2020

14:41

राजस्थान: मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा समारोह से पूर्व विशाल शोभायात्रा का आयोजन



चंद्र शेखर शर्मा किशनगढ़ राजस्थान: सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। मलारना डूंगर उपखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुख्यालय मलारना चौड़ स्थित श्री रामदेव मंदिर, सियाराम बाबा आश्रम में न्याय के देवता श्री शनि महाराज का मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा  समारोह सोमवार को आयोजित होगा।शनि महाराज के मूर्ति प्राण- प्रतिष्ठा समारोह को लेकर कस्बे में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।जो की कोटा-सवाईमाधोपुर मेघा हाईवे पर स्थित भगवान श्री बाबा रामदेव  मंदिर (सियाराम बाबा आश्रम मलारना चौड़ ) से प्रारंभ होकर कस्बे के मुख्य मार्गों से गुजरती हुई अंत में दुर्गा माता मंदिर पहुंची। शोभा यात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं एवं आमजन द्वारा भव्य स्वागत किया गया। शोभायात्रा में शामिल लोग भजन - संकीर्तन करते हुए तथा शनि महाराज की जय- जय कार के  उदघोष लगाते हुए चल रहे थे हैं। पुरुषों के साथ-साथ  बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु भी शामिल थी। सोमवार को विद्वान पंडितों द्वारा बाबा लक्ष्मण दास महाराज के सानिध्य में सियाराम आश्रम में शनि महाराज मंदिर के गर्भ गृह में शनि देवता की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा विधिः विधान पूर्वक की जायेगी।

09:02

जाने कैसे मुक्तिदायिनी है श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनना-के सी शर्मा*



*जाने कैसे मुक्तिदायिनी है श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनना-के सी शर्मा*


श्रीमद्भागवत कथा सुनना और सुनाना दोनों ही मुक्तिदायिनी है तथा आत्मा को मुक्ति का मार्ग दिखाती है। भागवत पुराण को मुक्ति ग्रंथ कहा गया है, इसलिए अपने पितरों किकी शांति के लिए इसे हर किसी को आयोजित कराना चाहिए। इसके अलावा रोग-शोक, पारिवारिक अशांति दूर करने, आर्थिक समृद्धि तथा खुशहाली के लिए इसका आयोजन किया जाता है।

श्रीमद्भागवत कथा जीवन-चक्र से जुड़े प्राणियों को उनकी वास्तविक पहचान करता है, आत्मा को अपने स्वयं की अनुभूति से जोड़ता हैं तथा सांसारिक दुख, लोभ-मोह- क्षुधा जैसी तमाम प्रकार की भावनाओं के बंधन से मुक्त करते हुए नश्वर ईश्वर तथा उसी का एक अंश आत्मा
से साक्षात्कार कराता है।

भागवत कथा का आयोजन करने तथा सुनने के अनेक लाभ हैं जिनमें कुछ इस प्रकार हैं…

1. इसे सुनने मात्र से हजारों अश्वमेघ यज्ञ आयोजनों के बराबर पुण्य की प्राप्ति होती है।

2. गंगा, गया, काशी, पुष्कर या प्रयाग जैसे तीर्थों की यात्रा से भी अधिक पुण्यकारी है भागवत कथा का पाठ या इसे सुनना। इसे सुनने वालों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

3. इसे सुनने वाले पर स्वयं श्रीहरि विष्णु की कृपा रहती है, इसलिए उसके जीवन की सभी समस्याओं का निवारण होता है।

4. जगत के पालनहार की कृपा दृष्टि मिलने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में प्रगति, खुशहाली तथा समृद्धि के द्वार खुलते हैं।

5. इसे आयोजित कराने तथा सुनने वाले व्यक्तियों-परिवारों के पितरों को शांति तथा मुक्ति मिलती है। यह व्यक्ति को सभी प्रकार के पितृ-दोषों से निजात दिलाता है।

6. इस कथा को सुनने मात्र से व्यक्ति के जीवन से जुड़ा हर दोष नष्ट होता है, उसकी नकारात्मकता जाती रहती है और हर प्रकार से वह सकारात्मक हो जाता है। उसे स्वास्थ्य, समृद्धि मिलती है तथा भाग्य में वृद्धि होती है।

7. इसे सुनने के क्रम में आत्मिक ज्ञान की प्राप्ति करते हुए आप सांसारिक दुखों से निकल पाते हैं। मनोकामना पूर्ति होती है।

8. श्रीहरि के कृपापात्रों को संसार में कोई भयभीत नहीं कर सकता। इसलिए ऐसे व्यक्तियों को बुरी नजर, भूत-प्रेत बाधा आदि से भी मुक्ति मिलती है। पारिवारिक-मानसिक अशांति, क्लेश का नाश होता है, शत्रुओं पर विजय मिलता है तथा उनका शमन होता है।

9. रोजगार के नए अवसर मिलते हैं तथा समाज में प्रसिद्धि-सम्मान की प्राप्ति होती है।

10. दरिद्रता का नाश, दुर्भाग्य तथा सभी प्रकार से क्रोध-शोक का नाश होता है।

11.भागवत कथा को सुनना जितना पुण्य प्राप्ति का माध्यम है उतना ही इसका आयोजन करना भी।
08:56

गुप्त सिद्धियां पाने का समय गुप्त नवरात्रि-के सी शर्मा*


*गुप्त सिद्धियां पाने का समय गुप्त नवरात्रि-के सी शर्मा*


आषाढ़ शुक्ल प्रतिपदा से नवमी के बीच के काल को गुप्त नवरात्रि कहा गया है। आश्विन और चैत्र के बीच माघ शुक्ल प्रतिपदा भी गुप्त नवरात्रि होती है।
देवी भागवत के अनुसार जिस तरह वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं और जिस प्रकार नवरात्रि में देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है, ठीक उसी प्रकार गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की साधना की जाती है। गुप्त नवरात्रि विशेषकर तांत्रिक क्रियाएं, शक्ति साधना, महाकाल आदि से जुड़े लोगों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दौरान देवी भगवती के साधक बेहद कड़े नियम के साथ व्रत और साधना करते हैं। इस दौरान लोग लंबी साधना कर दुर्लभ शक्तियों की प्राप्ति करने का प्रयास करते हैं। हिन्दू धर्म में नवरात्रि मां दुर्गा की साधना के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। नवरात्र के दौरान साधक विभिन्न तंत्र विद्याएं सीखने के लिए मां भगवती की विशेष पूजा करते हैं। इस नवरात्रि के बारे में बहुत ही कम लोगों को जानकारी होती है।
ऐसे कीजिए कलश स्थापना :
एक चौकी पर मिट्टी का कलश पानी भरकर मंत्रोच्चार सहित रखा जाता है। मिट्टी के दो बड़े कटोरों में मिट्टी भरकर उसमे गेहूं-जौ के दाने बो कर ज्वारे उगाए जाते हैं और उसको प्रतिदिन जल से सींचा जाता है। दशमी के दिन देवी-प्रतिमा व ज्वारों का विसर्जन कर दिया जाता है।
महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की मूर्तियां बनाकर उनकी नित्य विधि सहित पूजा करें और पुष्पों को अर्ध्य दें। इन नौ दिनों में जो कुछ दान आदि दिया जाता है उसका करोड़ों गुना मिलता है। नवरात्रि व्रत से अश्वमेघ यज्ञ का फल मिलता है। कन्या पूजन -नवरात्रि के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। अष्टमी के दिन कन्या-पूजन का महत्व है जिसमें 5, 7,9 या 11 कन्याओं को पूज कर भोजन कराया जाता है।
गुप्त नवरात्रि पूजा विधि :
मान्यतानुसार गुप्त नवरात्रि के दौरान अन्य नवरात्रि की तरह ही पूजा करनी चाहिए। नौ दिनों के उपवास का संकल्प लेते हुए प्रतिप्रदा यानि पहले दिन घटस्थापना करनी चाहिए। घटस्थापना के बाद प्रतिदिन सुबह और शाम के समय मां दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। अष्टमी या नवमी के दिन कन्या पूजन के साथ नवरात्रि व्रत का उद्यापन करना चाहिए।

 एवं मां दुर्गा के 108 नामों का स्मरण करना चाहिए

अम्बिकाष्टोत्तरशतनामावली.......
ॐ अस्यश्री अम्बिकामहामन्त्रस्य मार्कण्डेय ऋषिः उष्णिक् छन्दः
अम्बिका दुर्गा देवता ॥

[ श्रां - श्रीं इत्यादिना न्यासमाचरेत् ]
*ध्यानम्*
या सा पद्मासनस्था विपुलकटतटी पद्मपत्रायताक्षी
गम्भीरावर्तनाभिः स्तनभरनमिता शुभ्रवस्त्रोत्तरीया ।
लक्ष्मीर्दिव्यैर्गजेन्द्रैर्मणिगणखचितैः स्नापिता हेमकुम्भैः
नित्यं सा पद्महस्ता मम वसतु गृहे सर्वमाङ्गल्ययुक्ता ॥

मन्त्रः - ॐ ह्रीं श्रीं अम्बिकायै नमः ॐ ॥

॥अम्बिकाष्टोत्तरशतनामावली॥

ॐ अम्बिकायै नमः ।
ॐ सिद्धेश्वर्यै नमः ।
ॐ चतुराश्रमवाण्यै नमः ।
ॐ ब्राह्मण्यै नमः ।
ॐ क्षत्रियायै नमः ।
ॐ वैश्यायै नमः ।
ॐ शूद्रायै नमः ।
ॐ वेदमार्गरतायै नमः ।
ॐ वज्रायै नमः ।
ॐ वेदविश्वविभागिन्यै नमः । १०
ॐ अस्त्रशस्त्रमयायै नमः ।
ॐ वीर्यवत्यै नमः ।
ॐ वरशस्त्रधारिण्यै नमः ।
ॐ सुमेधसे नमः ।
ॐ भद्रकाल्यै नमः ।
ॐ अपराजितायै नमः ।
ॐ गायत्र्यै नमः ।
ॐ संकृत्यै नमः ।
ॐ सन्ध्यायै नमः ।
ॐ सावित्र्यै नमः । २०
ॐ त्रिपदाश्रयायै नमः ।
ॐ त्रिसन्ध्यायै नमः ।
ॐ त्रिपद्यै नमः ।
ॐ धात्र्यै नमः ।
ॐ सुपथायै नमः ।
ॐ सामगायन्यै नमः ।
ॐ पाञ्चाल्यै नमः ।
ॐ कालिकायै नमः ।
ॐ बालायै नमः ।
ॐ बालक्रीडायै नमः । ३०
ॐ सनातन्यै नमः ।
ॐ गर्भाधारायै नमः ।
ॐ आधारशून्यायै नमः ।
ॐ जलाशयनिवासिन्यै नमः ।
ॐ सुरारिघातिन्यै नमः ।
ॐ कृत्यायै नमः ।
ॐ पूतनायै नमः ।
ॐ चरितोत्तमायै नमः ।
ॐ लज्जारसवत्यै नमः ।
ॐ नन्दायै नमः । ४०
ॐ भवायै नमः ।
ॐ पापनाशिन्यै नमः ।
ॐ पीतम्बरधरायै नमः ।
ॐ गीतसङ्गीतायै नमः ।
ॐ गानगोचरायै नमः ।
ॐ सप्तस्वरमयायै नमः ।
ॐ षद्जमध्यमधैवतायै नमः ।
ॐ मुख्यग्रामसंस्थितायै नमः ।
ॐ स्वस्थायै नमः ।
ॐ स्वस्थानवासिन्यै नमः । ५०
ॐ आनन्दनादिन्यै नमः ।
ॐ प्रोतायै नमः ।
ॐ प्रेतालयनिवासिन्यै नमः ।
ॐ गीतनृत्यप्रियायै नमः ।
ॐ कामिन्यै नमः ।
ॐ तुष्टिदायिन्यै नमः ।
ॐ पुष्टिदायै नमः ।
ॐ निष्ठायै नमः ।
ॐ सत्यप्रियायै नमः ।
ॐ प्रज्ञायै नमः । ६०
ॐ लोकेशायै नमः ।
ॐ संशोभनायै नमः ।
ॐ संविषयायै नमः ।
ॐ ज्वालिन्यै नमः ।
ॐ ज्वालायै नमः ।
ॐ विमूर्त्यै नमः ।
ॐ विषनाशिन्यै नमः ।
ॐ विषनागदम्न्यै नमः ।
ॐ कुरुकुल्लायै नमः ।
ॐ अमृतोद्भवायै नमः । ७०
ॐ भूतभीतिहरायै नमः ।
ॐ रक्षायै नमः ।
ॐ राक्षस्यै नमः ।
ॐ रात्र्यै नमः ।
ॐ दीर्घनिद्रायै नमः ।
ॐ दिवागतायै नमः ।
ॐ चन्द्रिकायै नमः ।
ॐ चन्द्रकान्त्यै नमः ।
ॐ सूर्यकान्त्यै नमः ।
ॐ निशाचरायै नमः । ८०
ॐ डाकिन्यै नमः ।
ॐ शाकिन्यै नमः ।
ॐ हाकिन्यै नमः ।
ॐ चक्रवासिन्यै नमः ।
ॐ सीतायै नमः ।
ॐ सीतप्रियायै नमः ।
ॐ शान्तायै नमः ।
ॐ सकलायै नमः ।
ॐ वनदेवतायै नमः ।
ॐ गुरुरूपधारिण्यै नमः । ९०
ॐ गोष्ठ्यै नमः ।
ॐ मृत्युमारणायै नमः ।
ॐ शारदायै नमः ।
ॐ महामायायै नमः ।
ॐ विनिद्रायै नमः ।
ॐ चन्द्रधरायै नमः ।
ॐ मृत्युविनाशिन्यै नमः ।
ॐ चन्द्रमण्डलसङ्काशायै नमः ।
ॐ चन्द्रमण्डलवर्तिन्यै नमः ।
ॐ अणिमाद्यै नमः । १००
ॐ गुणोपेतायै नमः ।
ॐ कामरूपिण्यै नमः ।
ॐ कान्त्यै नमः ।
ॐ श्रद्धायै नमः ।
ॐ पद्मपत्रायताक्ष्यै नमः ।
ॐ पद्महतयै नमः ।
ॐ पद्मासनस्थायै नमः ।
ॐ श्रीमहालक्ष्म्यै नमः । १०८
॥ॐ॥
नारायणी नमोस्तुते  नमो नारायण
08:47

हमारे रियल हीरो मील के पत्थर नॉर्मन बोरलॉग



नॉर्मन अर्नेस्ट बोरलॉग (25 मार्च 1914 - 12 सितम्बर 2009) नोबेल पुरस्कार विजेता एक अमेरिकी कृषिविज्ञानी थे, जिन्हें हरित क्रांति का पिता माना जाता है। बोरलॉग उन पांच लोगों में से एक हैं, जिन्हें नोबेल शांति पुरस्कार, स्वतंत्रता का राष्ट्रपति पदक और कांग्रेस के गोल्ड मेडल प्रदान किया गया था। इसके अलावा उन्हें भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण प्रदान किया गया था। बोरलॉग की खोजों से दुनिया के करोड़ों लोगों की जीवन बचा है।
प्रसिद्धि
हरित क्रांति में अपनी भूमिका को लेकर, रोगमुक्त उच्च उत्पादकता वाले गेहूं की किस्मों के विकास में भूमिका और विश्व खाद्य पुरस्कार के संस्थापक के रूप में।
उल्लेखनीय सम्मान
नोबल शांति पुरस्कार, स्वतंत्रता का राष्ट्रपति पुरस्कार, कांग्रेसनल गोल्ड मेडल, विज्ञान का राष्ट्रीय पुरस्कार, पद्म विभूषण और रोटरी इंटरनेशनल पुरस्कार

उनके नवीन प्रयोगों ने अनाज की समस्या से जूझ रहे भारत सहित अनेक विकासशील देशों में हरित क्रांति का प्रवर्तन करने में महत्वपूर्ण योगदान किया।अगर बोरलॉग न होते तो हम में से बहुत से लोग भूख से मर गए होते। आप पूछेंगे कि क्यों, तो मैं उत्तर दूँगा–हमारा गेहूँ खत्म हो गया था। हम और पाकिस्तान दोनों अमेरिकी दया पर ज़िन्दा थे। तब बोरलॉग साहब, जिन्होंने मेक्सिको में एक नए किस्म के छोटे गेहूँ का प्रयोग किया था, जिसमें घुन नहीं लगती थी, 1963 में भारत आए। उनके पास नए गेहूँ के नमूने थे। उन्होंने लुधियाना एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के हमारे वैज्ञानिकों को इस गेहूँ की शिक्षा दी और कहा कि वे अपनी प्रयोगशालाएँ छोड़कर गाँवों में जाएँ और किसानों से यह गेहूँ पैदा करने को कहें। पाकिस्तान में भी उन्होंने यही किया। दस साल के भीतर दोनों देश खाने के मामले में आत्मनिर्भर हो गए–उन्होंने चावल और मक्का के भी नए नमूने तैयार किए। इसे हम हरितक्रान्ति कहते हैं। यह जैसे जादू था। वे सचमुच जादुई आदमी थे, हमारे युग के विष्णु अवतार।

इन्होंने मेक्सिको में बीमारियों से लड़ सकने वाली गेहूं की एक नई किस्म विकसित की थी। इसके पीछे उनकी यह समझ थी कि अगर पौधे की लंबाई कम कर दी जाए, तो इससे बची हुइ ऊर्जा उसके बीजों यानी दानों में लगेगी, जिससे दाना ज्यादा बढ़ेगा, लिहाजा कुल फसल उत्पादन बढ़ेगा। बोरलॉग ने छोटा दानव (सेमी ड्वार्फ) कहलाने वाले इस किस्म के बीज (गेहूं) और उर्वरक विभिन्न देशों को भेजा, जिनसे यहां की खेती का पूरा नक्शा ही बदल गया। उनके कीटनाशक व रासायनिक खादों के अत्यधिक इस्तेमाल और जमीन से ज्यादा पानी सोखने वाली फसलों वाले प्रयोग की पर्यावरणवादियों ने कड़ी आलोचना की। वे दुनिया को भुखमरी से निजात दिलाने के लिए जीन संवर्धित फसल के पक्ष में भी रहे। उनका मत था कि भूख से मरने की बजाय जीएम अनाज खाकर मर जाना कहीं ज्यादा अच्छा है। पर्यावरणवादियों के ऐतराज का भी जवाब उन्होंने यह कहकर दिया कि अगर कम जमीन से ज्यादा उपज ली जाती है, तो इससे प्रकृति का संरक्षण ही होता है।
07:50

किशनगढ़ ब्लॉक के शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहने पर दिया गया शर्मा को सम्मान



 चंद्र शेखर शर्मा किशनगढ़ राजस्थान: किशनगढ़। पीटीएस ग्राउंड किशनगढ़ में आयोजित ब्लॉक स्तरीय 71 वें गणतंत्र दिवस समारोह कार्यक्रम में रविवार को मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित किया गया। गणतंत्र दिवस समारोह में उपखंड अधिकारी किशनगढ़ देवेंद्र कुमार ( प्रशिक्षु आईईएस) एवं नगर परिषद सभापति सीताराम साहू द्वारा प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया। संदर्भ व्यक्ति ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि संपूर्ण अजमेर जिले में राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के क्रियान्वयन एवं पर्यवेक्षण में किशनगढ़ ब्लॉक कुछ समय पूर्व कुल 9 ब्लॉकों में से छठवें नंबर पर था। लेकिन मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा के कुशल नेतृत्व में संपूर्ण कार्यालय कर्मियों,ग्राम पंचायत शिक्षा अधिकारियों, प्रधानाचार्यो,माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापकों तथा समस्त शालाओं के संस्था प्रधानों द्वारा परस्पर सहयोग प्रदान कर राज्य सरकार एवं शिक्षा विभाग की संपूर्ण गतिविधियों में बेहतर प्रदर्शन किया गया। जिसके चलते विगत माह एवं इस माह (अनवरत दो महीने ) किशनगढ़ ब्लॉक संपूर्ण जिले में प्रथम स्थान पर रहा। विशेष रुप से मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा को शाला दर्पण पोर्टल एवं विभिन्न नवा चारों एवं सरकार और  शिक्षा विभाग तथा समग्र शिक्षा अभियान के लक्ष्य को निर्धारित समय सीमा में अर्जित करने के चलते रविवार को हजारों लोगों की उपस्थिति में यह सम्मान प्रदान किया गया। इसके अलावा शिक्षा विभाग की ओर से  राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय रलावता में पद स्थापित व्याख्याता (चित्रकला) रविंद्र दोसाया, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय मोहनपुरा में कार्यरत शा. शिक्षिका गीता जड़िया एवं राजकीय संस्कृत विद्यालय मेहनत नगर के  प्रधानाध्यापक नंदकिशोर शर्मा को भी शिक्षा के क्षेत्र में, श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम, बालक- बालिकाओं के नामांकन एवं ठहराव तथा वृक्षारोपण जैसे सराहनीय कार्यों में विशेष योगदान एवं भामाशाह प्रेरक के रूप में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने पर गणतंत्र दिवस समारोह में सम्मानित किया गया। ओके ब्लॉक शिक्षा अधिकारी राजेंद्र कुमार शर्मा को उपखंड स्तर पर सम्मानित होने पर संपूर्ण शिक्षा जगत ने बधाइयां प्रेषित की है।
07:47

सवाई माधौपुर जिला मुख्यालय पर कई हस्तियों को किया गया सम्मानित



रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय पर आयोजित 71 वें गणतंत्र दिवस समारोह में रविवार को विशिष्ट सेवाओं एवं उत्कृष्ट योगदान के लिए कई हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में गंगापुर सिटी उपखंड मुख्यालय स्थित शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,उदेई मोड़ को भी पुरस्कार से नवाजा गया।  शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उदेई मोड, गंगापुर सिटी को सवाई माधोपुर में जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में "कायाकल्प" स्वच्छता एवं संक्रमण मुक्त वातावरण में सांत्वना पुरस्कार के तहत प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिला प्रशासन की ओर से की ओर से यह सम्मान संस्था के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉक्टर शिवकुमार  गुप्ता को भेंट किया गया। पुलिस लाइन मैदान में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह में   महिला एवं बाल विकास विभाग  राज्यमंत्री  ममता भूपेश व जिला कलेक्टर डॉ एस. पी. सिंह द्वारा डॉ गुप्ता को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ।संस्था के पब्लिक हेल्थ मैनेजर भंवर सिंह ने बताया कि इसके अंतर्गत संस्था का राज्य स्तरीय टीम द्वारा निरीक्षण किया गया था। जिसके चलते राज्य स्तरीय टीम द्वारा संस्था का कायाकल्प पुरस्कार हेतू निर्धारित मापदंड अनुसार चयन किया गया था। संस्था को कायाकल्प पुरस्कार मिलने पर चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ शिवकुमार गुप्ता को अपने इष्ट मित्रों, परिवारजनों एवं कार्यालय कर्मियों ने बधाई प्रेषित की है।

Sunday, 26 January 2020

19:17

युवा देशभक्तों से ऊर्जा, जीवन बनाएं बहुमूल्य: अनुशेखर


युवा देशभक्तों से ऊर्जा, जीवन बनाएं बहुमूल्य: अनुशेखर
उझानी: श्री ओमप्रकाश शर्मा इंटर कालेज अब्दुल्लागंज में 71वें गणतंत्र दिवस पर बच्चों ने देशभक्तों और लघुनाटिकाओं की शानदार प्रस्तुति दी। सर्वश्रेष्ठ स्थान पाने वाले बच्चों को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि प्रधान अनुशेखर पाठक ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया। उन्होंने कहा युवाशक्ति देशभक्तों, क्रांतिकारियों और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपना लक्ष्य निर्धारित करें।
प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि समय और शक्ति का सही उपयोग करने वाले ही कठिन चुनौतियों का सामना करने में समक्ष होते हैं।
विशिष्ठ अतिथि कमलाकांत महाराज, राजीव लोचन, काॅलेज उपाध्यक्ष ममता शर्मा, प्रबंधक धर्मेंद्र कुमार शर्मा, पूर्व प्रधान रवेंद्र सक्सेना, पंकज सक्सेना, वीरेश शर्मा ने उत्कृष्ट बच्चों को सम्मानित किया। प्रधानाचार्य आरपी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर रवीश शर्मा, कुशलकांत राठौर, मनोज कुमार, सुरेश पाल सिंह, अजब सिंह यादव, दुर्गेश राठौर, निधि शर्मा, रश्मि यादव, संदीप कुमार, रेनू शर्मा, सुमन सक्सेना, अश्मि उपाध्याय, पूर्णिमा सक्सेना, सीमा गुप्ता, पूजा साहू, शिवानी पाल, रामस्नेही, नीलोफर, विदुषी, विपिन राठौर, स्नेहा सिंह, दीपिका यादव, नेमप्रकाश, जसवीर, नीरज आदि मौजूद रहे।
19:00

हरियाणा के पानीपत में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर आयोजित कवि सम्मेलन में मुख्य अतिथि पहुंचे आप नेता अनिल पांडे


हरियाणा के पानीपत में 26 जनवरी के सुभ अवसर पर आर्य PG कालेज पानीपत में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें में बतौर  मुख्य अतिथि AAP हरियाणा नेता अनिल पाण्डेय (पानीपत) उपस्थित होकर विशिष्ट कवियों को सम्बोधित व स्वलिखित कविता पाठ किये। उन्होंने कहा आज महान विद्वान कवियों के साथ गणतंत्र दिवस मनाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अनिल पाण्डेय ने बताया कि भारतीय साहित्य के तमाम भाषाओं, अलंकार,छंद,समास इत्यादि से सुसज्जित विद्वानों की लेखनी को प्रेम रस,वीर रस,करुण रस इत्यादि व व्यंग्य पर आधारित कविताओं को लिखने की स्वतंत्रता है।प्रसिद्ध समाज सेवी व वैद्य श्री केशर कमल शर्मा के नेतृत्व में हुये इस कवि सम्मेलन में बहुत सारे कवियों ने हिंदी व उर्दू साहित्य से अलंकृत बहुत सारी कविताओं से कॉलेज के प्रांगण को सुसज्जित किया। आज का कवि सम्मेलन शिक्षा,रोजगार,स्वस्थ्य, सामाजिक व राजनैतिक तथ्यों से अलंकृत रहा। इस मौके पर AAP पानीपत से दीपेंद्र वत्स,देवेंद्र बंसल,विजय गर्ग,कृष्ण यादव प्रभाकर वत्स व मुकेश शर्मा जी उपस्थित रहे
15:29

आम आदमी पार्टी ने जनता के बीच पहुँच कर ध्वजा रोहण कर मनाया गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस पर नई दिल्ली में ध्वजारोहण करते आप संयोजक अरविंद केजरीवाल।
आईटीओ आफिस आप मुख्यालय पर ध्वजारोहण करते
आप नेता संजय सिंह।




नई दिल्ली आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के 71 वें गणतंत्र दिवस पर जनता के बीच जाकर ध्वजारोहण किया और उनके साथ मुलाकात की मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली विधानसभा में अपने विधानसभा में जाकर आम जनता के बीच ध्वजारोहण किया इसके अलावा आम आदमी पार्टी के हेड क्वार्टर आईटीओ पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद और कई राज्यों के प्रभारी संजय सिंह ने भी ध्वजारोहण कर 71 वां गणतंत्र दिवस मनाया इसी कड़ी में आदमी पार्टी गौतमबुद्ध नगर इकाई ने भी सेक्टर  18 नोएडा पार्टी कार्यालय में गणतंत्र दिवस मनाया 71 वें गणतंत्र दिवस पर जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने  ध्वजारोहण किया वहाँ पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते भूपेंद्र जादौन ने कहा कि 70 साल आज ही के दिन संविधान लागू हुआ था । हमारे पूर्वजों ने बहुत संघर्षों से एवं बलिदान से यह आज़ादी प्राप्त की है हम सब की जिम्मेदारी है कि देश के लिए रक्षा एवं सम्मान के लिए हम सभी को तैयार रहना चाहिए
   इस अवसर पर जिला महासचिव व पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम ने बताया कि इस अवसर पर परशुराम चौधरी,  ए के सिंह,दिलदार अंसारी,राहुल सेठ,गुड्डू यादव,राजेश बेनीवाल,प्रशांत रावत, अजय कुमार,प्रदीप सुनाईया, जयकिशन,वीरेन चौधरी राजकुमार प्रसाद, केशव उपाध्याय,यामीन अंसारी आदि मौजूद रहे
14:43

नोएडा में सीटू कार्यकर्ताओं ने झंडारोहण कर मनाया गणतंत्र दिवस संविधान की रक्षा करना ही सर्वोच्च देशभक्ति- "गंगेश्वर दत्त शर्मा- जिलाध्यक्ष, सीटू"



नोएडा, 26 जनवरी 2020, 71 वां गणतंत्र दिवस का पर्व सीटू कार्यकर्ताओं ने बिशनपुरा सेक्टर 58 नोएडा सीटू कार्यालय पर हर्षोल्लास के साथ मनाया कार्यक्रम की शुरुआत सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा, महासचिव राम सागर, जिला सचिव विनोद कुमार व भरत डेंजर, जिला उपाध्यक्ष लता सिंह, वरिष्ठ सीटू कार्यकर्ता सपना देवी, मंजू राय, धर्मेंद्र गौतम, रामदीन, योगेश वर्मा, सौरभ, मुकेश श्रीवास्तव, सुनील कुमार द्वारा झंडारोहण व  राष्ट्रगान के साथ हुई वक्ताओं ने गणतंत्र दिवस के महत्व और उसके इतिहास को रेखांकित कर आजादी के आंदोलन में शहीद हुए क्रांतिकारियों को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए सीटू की ओर से जनपद वासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी।
इस अवसर पर लोगों को संबोधित करते हुए सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि सरकार की मजदूर विरोधी, जन विरोधी नीतियों और बढ़ती महंगाई बेरोजगारी, निजी करण, भुखमरी तथा सी ए ए,  एनआरसी व एनपीआर तथा श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव आदि के जरिए संविधान और जनतंत्र पर आज हमले किए जा रहे हैं हमलो का विरोध करने वाले सभी लोगों को देशद्रोही, पाकिस्तानी करार दिया जा रहा है और उनके ऊपर सत्ता के सरंक्षण में हमले कराए जा रहे हैं उन्होंने कहा कि अंग्रेजी राज की तरह निर्दोष लोगों पर पुलिस लाठियां बरसा रही है और उनके ऊपर फर्जी मुकदमे बनाए जा रहे हैं उत्तर प्रदेश में ही पुलिस के उत्पीड़न की घटनाओं में दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं उन्होंने कहा कि वर्तमान हालात में संविधान की रक्षा करना ही सर्वोच्च देशभक्ति है और हम गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने की रक्षा करने का संकल्प लें।

12:34

किशनगढ़ राजस्थान: मतदाता दिवस का समारोह पूर्वक आयोजन।




चंद्र शेखर शर्मा किशनगढ़ राजस्थान: सवाई माधोपुर@रिपोर्ट चंद्रशेखर शर्मा। जिला स्तरीय  राष्ट्रीय मतदाता दिवस समारोह पूर्वक आयोजित किया गया । जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ. एस.पी. सिंह के मुख्य आतिथ्य तथा जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी की उपस्थिति में शनिवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मानटाउन में आयोजित 10 वें मतदाता दिवस समारोह की मुख्य थीम थी “कोई मतदाता छूटे नही”। मतदाता साक्षरता कार्यक्रम में उपजिला निर्वाचन अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला कलेक्टर कैलाश चन्द्र, जिला परिषद  मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश कुमार, एसडीएम रघुनाथ, तहसीलदार गोपाल सिंह हाड़ा सहित अन्य अधिकारीगण एवं बीएलओ सहित तमाम सुपरवाईजर भी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर डॉ.एस.पी. सिंह ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मतदान के महत्व समझें। अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि नवीन मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों में जोड़े जाए, इसके लिए बूथ लेवल अधिकारी एवं सुपरवाईजरों को विशेष हिदायत दी गई और कहा गया कि विशेष प्रयास के तहत  जागरूकता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने मतदाताओं को इस संबंध में शपथ भी दिलाई। उन्होंने कहा कि निर्वाचन में नागरिकों की भागीदारी मतदाता सूची में नाम जुड़वाने से प्रारंभ होती है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा सभी श्रेणी के मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने तथा उनमें जागरूकता पैदा करने के लिए कई प्रकार की पहल की है।
इस मौके पर जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने भी विचार रखे। वहीं उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम कैलाश चन्द्र ने निर्वाचन आयोग का संदेश पढ़कर सुनाया।
*उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ एवं सुपरवाइजर हुए सम्मानित-* कार्यक्रम में नव मतदाताओं को माला पहनाकर सम्मानित किया गया। वहीं श्रेष्ठ कार्य करने पर वाले बीएलओ एवं सुपरवाईजर राजेश कुमार योगी, नरेन्द्र सिंह राजावत, सीताराम गौतम, प्रभुलाल खटीक एवं योगेश मीना, खण्डार से विपिन बिहारी मथुरिया, कमलेश गर्ग एवं रमाकान्त जैन को, गंगापुर सिटी से राजेश कुमार गुप्ता, गौरव कुमार मीना, विरेन्द्र कुमार शर्मा एवं अशोक गुप्ता को तथा बामनवास से रामेश्वर प्रसाद गुर्जर, उमेश कुमार पंचोली, सियाराम गुर्जर, उदय सिंह मीना एवं हंसराम गुर्जर को जिला निर्वाचन अधिकारी (कलेक्टर) डॉ. एस.पी. सिंह एवं अतिथियों द्वारा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।