Tap news india

Hindi news ,today news,local news in india

Breaking news

गूगल सर्च इंजन

Saturday, 30 July 2022

23:25

दुनिया हमेशा सफल व्यक्ति को नहीं बल्कि बड़े व्यक्तियों को याद रखती है और बड़ा वो बनता है जो अपने लिए परिश्रम ना करे बल्कि दूसरों के लिए करे

 गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज चंडीगढ़ के मौलीजागरां में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक श्री बनवारीलाल पुरोहित और केन्द्रीय गृह सचिव सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001BNCZ.jpg


 

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित बच्चों को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का उदाहरण देते हुए कहा कि किस प्रकार वे कई कठिनाईयों के बावजूद अपने जीवन में लोगों की सेवा का संकल्प करके, देश के विकास के लक्ष्य को मन में रखकर सतत परिश्रम करती रहीं और आज दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के संविधान की संरक्षक बनकर राष्ट्रपति पद पर हैं। श्री शाह ने बच्चों से कहा कि हमारा संविधान सबको ये मौक़ा देता है और आप भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री बन सकते हो। उन्होंने बच्चों से कहा कि आप सभी भाग्यवान हो कि आपकी शिक्षा-दीक्षा अब राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत होने वाली है। इस नीति को बहुत बारीकी से बनाया गया है और मोदी जी द्वारा लाई गई ये नीति रटे-रटाए कोर्स के बग़ैर बच्चे को सर्वज्ञ बनाना, उसके व्यक्तित्व, मानसिक क्षमता का विकास करना, विश्वभर में उसके सामने उपलब्ध संभावनाओं को समझाकर उसे स्वयं अपना रास्ता चुनने लायक़ बनाने वाली है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002ORTU.jpg  

श्री अमित शाह ने संस्कृत का एक श्लोक उद्धत करते हुए बच्चों से कहा कि आप किसी भी क्षेत्र में जाइए परिश्रम की पराकाष्ठा का कोई विकल्प नहीं है। अगर सफल व्यक्ति बनना है तो परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। जो नित्य परिश्रम का संकल्प करेगा उसे कभी कोई पराजित नहीं कर सकता। दुनिया हमेशा सफल व्यक्ति को नहीं बल्कि बड़े व्यक्तियों को याद रखती है और बड़ा वो बनता है जो अपने लिए परिश्रम ना करे, बल्कि दूसरों के लिए करे। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि जो ‘स्व’ से ऊपर उठ कर ‘पर’ यानी दूसरों का विचार करना शुरू कर दे वही ज्ञानी होता है। सफल व्यक्ति बनने का मूल मंत्र परिश्रम है और बड़ा व्यक्ति बनने का मूल मंत्र दूसरों के बारे में सोचना है। महाराजा रंजीत सिंह जी हों, गुरू गोविंद सिंह जी हों, महात्मा गांधी हों, शिवाजी महाराज हों या महाराणा प्रताप हों, इन सबका नाम सैकड़ों सालों के बाद आज भी सम्मान से लिया जाता है। इन सब महान लोगों ने अपना जीवन ख़ुद के लिए नहीं बल्कि दूसरों के लिए जिया था। सफल व्यक्ति बनने के साथ-साथ बड़ा व्यक्ति बनने का भी लक्ष्य रखना चाहिए।

08:03

दिल्ली और देवघर के बीच सीधी उड़ान सेवा का शुभारंभ किया गया TAP NEWS

रामजी पांडे

नई दिल्ली नागरिक विमानन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री (जनरल) डॉक्टर वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज दिल्ली और देवघर के बीच इंडिगो की सीधी उड़ान सेवा का वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में झारखंड सरकार के पर्यटन मंत्री श्री हाफिजुल हसन, श्री निशिकांत दुबे, सांसद (लोकसभा) गोड्डा, झारखंड, श्री नारायण दास, विधान सभा सदस्य, देवघर, श्री सुनील सोरेन, विधान सभा सदस्य, दुमका, श्री राजीव बंसल, सचिव, नागरिक विमानन मंत्रालय तथा नागरिक विमानन मंत्रालय, झारखंड सरकार और इंडिगो के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।

इंडिगो एयरलाइन ने इस मार्ग पर 180-सीटर ट्विन टर्बोफैन इंजन वाले ए-320 नियो यात्री विमान को तैनात कर रही है और इसका मुख्य रूप से घरेलू मार्गों पर उपयोग किया जाता है। इस नई उड़ान सेवा के साथ, देवघर से दैनिक प्रस्थान करने वाली उड़ानों की कुल संख्या 11 हो जाएगी।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा, देवघर में बाबा बैद्य नाथ धाम एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक विरासत है और मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि मेरे मंत्रालय ने लाखों तीर्थयात्रियों को देवघर पहुंचाने में मदद की है। देश की मज़बूत आर्थिक शक्ति के साथ-साथ हमें देश की सॉफ्ट पावर को भी जोड़ने की जरूरत है। यही कारण है कि अयोध्या अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डेकुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और अब देवघर हवाई अड्डे जैसी जगहों पर प्रमुख विमानन बुनियादी ढांचे का निर्माण किया गया है। मैं देश के छोटे शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए इंडिगो को भी बधाई देना चाहता हूं और वह दिन दूर नहीं जब नागरिक विमानन सेवा भारत में यात्रा का प्राथमिक स्रोत बन जाएगी। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 12 जुलाई को घोषणा की थी कि दिल्ली से देवघर हवाई सेवा से जुड़ जाएगा और आज यह सच हो रहा है। इस विमान के कप्तान श्री राजीव प्रताप रूडी हैं।

नागरिक विमानन मंत्री ने कहा, हमने 655 एकड़ में फैले देवघर हवाई अड्डे का निर्माण किया है और यह हवाई अड्डा 400 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसके तैयार होने से यह रांची के बाद झारखंड का दूसरा हवाई अड्डा बन गया है। हम झारखंड में और हवाई अड्डों बोकारोजमशेदपुर और दुमका में बनाने की दिशा में भी काम कर रहे हैंजिससे झारखंड में कुल हवाई अड्डों की संख्या हो जाएगी। हमने झारखंड को जोड़ने वाले 14 नए मार्गों की घोषणा की हैजिनमें से मार्ग देवघर-कोलकाता और दिल्ली-देवघर  पर काम करना शुरू कर दिया है और आने वाले दिनों में हम देवघर को रांची तथा पटना से जोड़ देंगे। इसके साथ ही हम दुमका को रांची और कोलकाता से जोड़ेंगे। बोकारो हवाईअड्डा तैयार होने के बाद पटना और कोलकाता से जुड़ जाएगा।

मंत्री महोदय ने कहा, "उड़ान योजना के अंतर्गत 425 मार्ग और 68 हवाई अड्डेहेलीपोर्टजल एरोड्रम का संचालन किया गया है और करोड़ से अधिक लोगों ने इसका लाभ उठाया है। इनमें ज्यादातर पहली बार हवाई यात्रा करने वाले लोग शामिल हैं। इस योजना के अंतर्गत लाख 90 हजार से अधिक उड़ानें संचालित की जा चुकी हैं। नागरिक विमानन मंत्रालय ने पिछले वर्षों में 66 हवाई अड्डों का निर्माण किया है। इससे पहले वर्ष 2014 में हवाई अड्डों की संख्या केवल 74 थी। हम 220 नए हवाई अड्डों के निर्माण की योजना बना रहे हैं जिसमें अगले वर्षों में जल एरोड्रम और हेलीपोर्ट शामिल हैं।''

नागरिक विमानन राज्य मंत्री (जनरल) डॉक्टर वी. के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा, "देवघर में हवाई अड्डे का निर्माण करने की मांग लंबे समय से चली आ रही थी जिसका उद्घाटन इस साल 12 जुलाई को हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। इससे पहले देवघर केवल कोलकाता से ही जुड़ा था लेकिन अब यह सीधे दिल्ली से जुड़ जाएगा। इससे बाबा बैद्य नाथ धाम में आने वाले तीर्थयात्रियों की निर्बाध आवाजाही में मदद मिलेगी। इससे झारखंड में पर्यटन बढ़ेगाऔर मुझे उम्मीद है कि अन्य एयरलाइंस भी देवघर के लिए और अधिक उड़ानों के लिए उसी मार्ग को अपनाएंगी

08:00

योग शब्द का अर्थ होता है 'जोड़ना' और प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के जरिए दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने का काम किया है : आयुष मंत्री

रामजी पांडे

मुंबई केंद्रीय आयुष और बंदरगाह, नौवहन व जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज नवी मुंबई के खारघर में एक आयुष भवन परिसर का उद्घाटन किया। इस नए भवन में केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद (सीसीआरएच) के अंतर्गत क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान (आरआरआईएच) और केंद्रीय यूनानी चिकित्सा विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरयूएम) के अंतर्गत क्षेत्रीय यूनानी चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आरआरआईयूएम) स्थित होंगे।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/AYUSH1.JPEGJES1.jpg

 

1999.82 वर्ग मीटर के क्षेत्र में निर्मित, इस तीन मंजिला भवन परिसर में चिकित्सा के साथ-साथ अनुसंधान सुविधाएं भी हैं। ये संस्थान यहां बाल चिकित्सा, जराचिकित्सा और सामान्य आबादी के लिए ओपीडी परामर्श, दवाएं, नियमित रुधिरविज्ञान और बायोकैमेस्ट्री के लिए लैब जैसी सुविधाएं प्रदान करेंगे। यहां होम्योपैथी और यूनानी के अलग-अलग प्रभारी होंगे।

इस अवसर पर श्री सोनोवाल ने कहा कि भारतीय पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियां कई सदियों से मानव जीवन को समृद्ध करने में अपना असर साबित करती आ रही हैं। उन्होंने कहा, “आधुनिक चिकित्सा के साथ पारंपरिक और गैर-पारंपरिक प्रणालियों के लाभों को शामिल करने के विचार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रोत्साहित किया है।” उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने क्षेत्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान को एलर्जी विकारों के लिए होम्योपैथी संस्थान के रूप में विकसित करने और यूनानी चिकित्सा के क्षेत्रीय अनुसंधान संस्थान को इलाज-बित-तदबीर यानी रेजिमेंटल थेरेपी के उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है।

श्री सोनोवाल ने कहा, “इस नए इन्फ्रास्ट्रक्चर के उद्घाटन के साथ आयुष मंत्रालय भारतीय पारंपरिक औषधीय प्रथाओं के प्रचार और प्रयोग को प्रोत्साहित करने के अपने उद्देश्य के एक कदम और करीब पहुंच गया है।” उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि मुंबई और महाराष्ट्र के लोग इन संस्थानों से बड़े पैमाने पर लाभान्वित होंगे।”

आयुष मंत्री ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भारत में 22 करोड़ से ज्यादा लोगों ने योग किया। उन्होंने कहा “योग शब्द का अर्थ है 'जोड़ना' और प्रधानमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से दुनिया भर के लोगों को एकजुट करने का काम किया है।”

Friday, 29 July 2022

05:00

केंद्र सरकार द्वारा पूंजीपतियों के हित मे बनाई नीतियों से बढ़ी महंगाई :सूरज प्रधान

रामजी पांडे
लखनऊ। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद एवं उत्तर प्रदेश प्रभारी संजय सिंह के आह्वान पर प्रदेश के सभी जिलों में आम आदमी पार्टी ने कल जिला मुख्यालयों में महंगाई के खिलाफ प्रदर्शन किया। अवध प्रांत अध्यक्ष सूरज प्रधान ने स्वयं लखनऊ में मोर्चा सम्हाल रखा था । यहाँ पर सूरज प्रधान की पुलिस अधिकारियों से काफी नोक-झोंक भी हुईं। सूरज प्रधान ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चल रहीं भाजपा की सरकार ने पिछले दिनों खाने-पीने सहित अन्य आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी लगाकर आटा, दाल, दूध, अस्पताल के कपड़ें जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों का मूल्य बढ़ाने का कार्य किया हैं, पहले से ही कमर तोड़ महंगाई की मार झेल रहीं आम जनता को मोदी जी के इस दमन कारी फैसले ने हिला कर रख दिया             

        सूरज प्रधान ने आगे बताया कि डीजल, पेट्रोल, गैस के बढ़े हुए मूल्य से पहले से ही परेशान जनता को सरसों का तेल 250/--रुपये लीटर तक खाने को मजबूर किया गया और अब बच्चों के दूध पर भी जीएसटी लगा दिया गया।  गरीबों, मजदूरों, किसानों,छोटे- मध्यम व्यापारियों के लिये यह सरकार कार्य नही कर रहीं हैं, बल्कि सरकार पूंजीपतियों के लिये कार्य करती दिख रहीं हैं। कार्पोरेट टैक्स को घटाकर 30℅ से 22℅ कर दिया।  महंगाई कम करने के लिए मोदी सरकार के पास पैसा नहीं, किसानों के लिए मोदी सरकार के पास पैसा नहीं, बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए मोदी सरकार के पास पैसा नहीं l लेकिन अपने चंद पूंजीपतियों मित्रों के लिए मोदी सरकार ने ₹11 लाख करोड़ चंदा माफ कर दिया l आज डॉलर की कीमत 80 रुपये के बराबर हैं और इसका फायदा चंद पूँजीपति भष्ट्राचारियों को ही मिलेगा।

           पार्टी के अवध प्रांत मीडिया प्रभारी संजीव निगम ने जानकारी देते हुए बताया कि पर्यवेक्षक के रूप में कानपुर में वो स्वयं और प्रांत सचिव एवं कानपुर जिला प्रभारी एडवोकेट अनुज शुक्ला,अमेठी में प्रांत महासचिव अतुल सिंह राजावत, लखीमपुर खीरी में प्रांत उपाध्यक्ष रवि तिवारी और रायबरेली में प्रांत सचिव नूर सिद्दीकी मौजूद रहे ।संजीव निगम ने आगे बताया कि आम आदमी पार्टी बढ़ती महंगाई पर चुप नहीं बैठेंगी और इस कुव्यवस्था पर आवाज बुलंद करती रहेगी एवं आगे गरीब विरोधी सरकार के खिलाफ संघर्ष और तेज करेगी ।  यदि बढ़ती हुई महंगाई को रोकने हेतु कोई ठोस सार्थक कदम सरकार द्वारा अविलंब नहीं उठाया गया तो वृहद स्तर पर आगे भी आंदोलन किया जायेगा।

Thursday, 28 July 2022

10:55

नोएडा में एनसीआर में हार्ट के सबसे बड़े अस्पताल समूह मेट्रो ग्रुप के दो अस्पतालो पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी

विक्रम पांडे
नोएडा : नोएडा  और एनसीआर के आधा दर्जन बड़े हॉस्पिटल एक बार फिर इनकम टैक्स विभाग के निशाने पर हैं.   सुबह इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नोएडा में मेट्रो ग्रुप के दो हॉस्पिटल्स पर छापेमारी की है, इसके अलावा आयकर विभाग की छापेमारी फरीदाबाद के भी हॉस्पिटल से चल रही है.  

नोएडा और एनसीआर में हार्ट के सबसे बड़े अस्पताल समूह के सेक्टर 11 और सेक्टर 12 में स्थित मेट्रो हॉस्पिटल पर इनकम टैक्स विभाग के एक दर्जन से ज्यादा अधिकारी बुधवार की सुबह ही पहुंच गए अस्पताल के प्रवेश द्वारों वह बंद कर पुलिस का पहरा लगा दिया गया लेकिन इस दौरान इस बात का भी ध्यान रखा गया कि अस्पताल में भर्ती या आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो, अधिकारी कागजों की जांच पडताल करने में जुटे है. कार्रवाई के बारे में अधिकारी कुछ कहने से बच है, उनका कहना है कि कार्रवाही पूरी होने पर जानकारी साझा की जाएगी. 

इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के अनुसार मेट्रो अस्पताल पर अकाउंटेड कैश रिसीव, अनअकाउंटेड इन्वेस्टमेंट और अकाउंट बुक में मैनिपुलेशन के इनपुट मिलने के बाद यह कार्रवाई की जा रही है. छापेमारी की कार्रवाई के दौरान काफी सारे दस्तावेजों की जांच की जा रही है और काफी सारे दस्तावेज आयकर विभाग ने अपने कब्जे में लिए हैं. उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले नोएडा में इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई पहले भी पहली बार नहीं हुई है इससे पहले भी इनकम टैक्स विभाग ने 2019 में न्यू हॉस्पिटल समेत कई डॉक्टरों पर छापेमारी की कार्रवाई की थी.
10:53

एमिटी के स्टूडेन्ट की बेकाबू स्कार्पियो कार ने 3 कार को मारी टक्कर, एक युवक को रौंधा अस्पताल में हुई मौत

विक्रम पांडे

नोएडा : सेक्टर 126 स्थित तिराहे पर स्कार्पियो सवार एमिटी यूनिवर्सिटी के स्टूडेन्ट ने तेज रफ्तार से कार को चलाते हुए 3 कारों में टक्कर मार दी, तीनों कारें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इसके बाद वहां से गुजर रहे एक युवक को रौंध दिया. घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरो ने उसे मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने आरोपी स्टूडेन्ट को गिरफ्तार कर,  मेडिकल के लिए भेजा है. पुलिस के अनुसार मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि छात्र नशे में था या नहीं.

दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हुई कारों की हालत को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है स्कॉर्पियो स्टूडेन्ट कार की रफ्तार कितनी तेज रही होगी.  एडीजीपी नोएडा ज़ोन-1 रणविजय सिंह ने बताया कि सेक्टर 126 के तिराहे पर स्कॉर्पियो कार में सवार साहिल शर्मा पुत्र हेमचंद शर्मा ने तेज रफ्तार से गाड़ी को चलाते हुए पहले तीन गाड़ियों को टक्कर मार क्षतिग्रस्त कर दिया,  फिर स्कॉर्पियो बेकाबू होकर फुटपाथ में जा रहे एक युवक को को रौंध दिया. जो बुरी तरह घायल हो गया और उसे सेक्टर 128 स्थित जेपी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.  

एडीसीपी ने बताया कि युवक की पहचान 36 वर्षीय लालजी चौहान पुत्र हेमचंद के रूप में हुई जो सेक्टर 124 एटीएस में कारपेंटर का काम करता था और वहीं पर रहता था. पुलिस ने लालजी चौहान के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. एडीसीपी ने बताया कि एक्सीडेंट करने वाली स्कॉर्पियो कार को चला रहे हैं साहिल शर्मा पुत्र हेमचंद शर्मा, जो दिल्ली के जसोला का निवासी है और एमिटी यूनिवर्सिटी से एलएलबी फोर्थ ईयर का छात्र है,  उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है साहिल पुलिस मेडिकल करवा रही है और मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल पाएगा कि उसने नशा कर रखा था या नहीं.
05:21

कोई भी पीछे नहीं छूटना चाहिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा पर बोले श्री भूपेन्द्र यादव

रामजी पांडे

नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन 28 और 29 जुलाई को नई दिल्ली में अपने पहले "श्रम प्रवासन पर परामर्श: भारत में लचीलीसमावेशी और टिकाऊ नीतियों और संस्थानों को आगे बढ़ानासभी के लिए अच्छे काम को बढ़ावा देना" वार्ता की मेजबानी कर रहा है। लाखों की संख्या में श्रमिक बेहतर आर्थिक अवसरों की तलाश में आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर माइग्रेट करते हैं और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करने के लिए ये उनकी एडेप्ट करने की रणनीति होती है, और ये बात किसी भी देश के लिए श्रम प्रवासन को एक प्रमुख नीतिगत प्राथमिकता बना देता है।

केंद्रीय श्रम, रोजगार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने आज इस उद्घाटन सत्र में परामर्श वार्ता को संबोधित किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रवासन और गतिशीलता दरअसल व्यापक वैश्विक आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और तकनीकी बदलावों से जुड़े हुए हैं। काम का डिजिटलीकरण कोविड-19 की परेशानी के दौरान उभरा, और अब इस चीज में तब्दीली हो चुकी है कि हम काम कैसे करते हैं। सरकार द्वारा श्रम सुधारों के लिए एक प्रगतिशील ढांचा अपनाया गया है। ये एक सुरक्षित और स्वस्थ कामकाजी माहौल, सभी के लिए सभ्य काम और प्रत्येक कामगार के लिए सामाजिक सुरक्षा के संबंध में जिनेवा में आईएलओ सम्मेलन में हुए चर्चा के अनुरूप है।


05:14

कर्मचारी का दर्जा मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष के नारे के साथ आंगनवाड़ी कर्मियों का धरना हुआ समाप्त- गंगेश्वर दत्त शर्मा "सीटू" नेता


 नोएडा, आंगनवाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स को सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, पेंशन देनी होगी, बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के साथ खिलवाड़ करना बंद करो,आईसीडीएस के लिए पर्याप्त बजट का आवंटन करना होगा, ट्रेड यूनियन रंजिश के चलते बर्खास्त आंगनवाड़ी कर्मचारियों को पुनः बहाल करना होगा, कर्मचारी का दर्जा मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा के जोरदार नारों के साथ 26 जुलाई 2022 से जंतर मंतर नई दिल्ली पर अखिल भारतीय आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर फेडरेशन (आइफा) सम्बध्द- सी.आई.टी. यू. के बैनर तले चल रहा आंगनवाड़ी कर्मियों का धरना समाप्त हुआ।
 धरने में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स ने हिस्सा लिया। धरने में नोएडा से सीटू नेता लता सिंह, राम स्वारथ, रेखा चौहान, सरस्वती, गंगेश्वर दत्त शर्मा, रामसागर के नेतृत्व में आंगनवाड़ी कर्मचारियों ने हिस्सा लिया, दिल्ली से मोनिका, कामरेड  कमला के नेतृत्व में सैकड़ों आंगनवाड़ी कर्मियों ने हिस्सा लिया।
 आंदोलन की जानकारी देते हुए सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि देश में लगभग 27 लाख आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका हैं। 25 अप्रैल 2022 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने आंगनवाड़ी कर्मियों को कर्मचारी के रूप में मानते हुए उन्हें ग्रेजुएटी के भुगतान अधिनियम 1972 के तहत उन्हें ग्रेच्युटी के भुगतान करने उनके द्वारा प्राप्त मानदेय को मजदूरी/ वेतन के रूप में माने जाने का आदेश दिया साथ ही यह भी कहा कि सरकार को उन्हें बेहतर सेवा शर्ते प्रदान करने के लिए नए तौर तरीके तलाशने चाहिए। उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर धरने का मकसद यही था कि सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश निर्देश की रोशनी में आंगनवाड़ी कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा, कर्मचारी का दर्जा, न्यूनतम वेतन, ग्रेजुएटी आदि सुविधाएं देने के लिए कानून बनाएं। साथ ही उन्होंने बताया कि अगर सरकार ने ऐसा नहीं हुआ तो मार्च 2023 में देशव्यापी हड़ताल की जाएगी। 
 28 जुलाई 2022 के धरने का नेतृत्व सम्बोधन आइफा व सीटू की राष्ट्रीय नेता कामरेड ए आर सिंधु, सीटू के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एम एल मनकोटिया, राष्ट्रीय सचिव मंडल सदस्य कामरेड ए के पदमनाभन, सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य अध्यक्ष कॉमरेड वीरेंद्र गौड़, सचिव सिद्धेश्वर  शुक्ला आदि ने किया।

 
05:11

पहली बार कृषि संगणना के लिए डाटा संग्रह स्मार्ट फोन और टैबलेट पर किया जाएगा TAP

रामजी पांडे

नई दिल्ली देश में ग्यारहवीं कृषि संगणना (2021-22) का शुभारंभ आज केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किया। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि इस संगणना से भारत जैसे विशाल और कृषि प्रधान देश में व्यापक लाभ होगा। श्री तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों की आमदनी बढ़ाने के साथ ही उनका जीवन स्तर बदलने, छोटे किसानों को संगठित कर उनकी ताकत बढ़ाने, उन्हें महंगी फसलों की ओर आकर्षित करने तथा उपज की गुणवत्ता वैश्विक मानकों के अनुरूप करने पर जोर दिया जा रहा है।


कार्यक्रम में श्री तोमर ने कृषि संगणना के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा उठाए गए ठोस कदमों का प्रतिफल कृषि क्षेत्र को मिल रहा है। हमारा देश तेजी से डिजिटल एग्रीकल्चर की ओर बढ़ रहा है। यह समय इस संगणना में टेक्नालाजी का भरपूर उपयोग करने का है। उन्होंने कहा कि कृषि संगणना को लेकर आगे और व्यापक फलक पर सोचना चाहिए। कृषि संगणना फसलों की मेपिंग में भी योगदान कर सकें, ताकि देश को इसका लाभ मिलें। श्री तोमर ने केंद्रीय विभागों, राज्य सरकारों व संबंधित संस्थानों से इस संगणना को पूरे मनोयोग से करने को कहा।

श्री तोमर ने राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के उपयोग के लिए संगणना हेतु प्रचालनात्मक दिशा-निर्देशों से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया, साथ ही डाटा संग्रह पोर्टल/ ऐप का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे व श्री कैलाश चौधरी, कृषि सचिव श्री मनोज अहूजा, अतिरिक्त सचिव व वित्तीय सलाहकार श्री संजीव कुमार तथा राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


कृषि संगणना 5 वर्ष में की जाती है, जो कोरोना महामारी के कारण अब होगी। कृषि संगणना का फील्ड वर्क अगस्त 2022 में शुरू होगा। कृषि संगणना अपेक्षाकृत बारीक स्तर पर विभिन्न प्रकार के कृषि मापदंडों पर सूचना का मुख्य स्रोत है, जैसे प्रचालनात्मक जोत की संख्या और क्षेत्र, उनके आकार वर्ग-वार वितरण, भूमि उपयोग, किराएदारी व फसलन पद्धति इत्‍यादि। यह पहला अवसर है जब कृषि संगणना के लिए डाटा संग्रह स्मार्ट फोन और टैबलेट पर किया जाएगा, जिससे कि समय पर डाटा उपलब्ध हो सके। अधिकांश राज्यों ने अपने भू-अभिलेखों और गिरदावरी का डिजिटलीकरण किया है, जिससे कृषि संगणना के आंकड़ों के संग्रहण में और तेजी आएगी। डिजिटलीकृत भूमि रिकॉर्ड का उपयोग और डाटा संग्रह के लिए मोबाइल ऐप के उपयोग से देश में प्रचालनात्‍मक जोत धारकों का डाटाबेस तैयार किया जा सकेगा।

05:00

सपा नेता ने किया कलाम साहब को याद

लखीमपुर खीरी एपीजे अब्दुल कलाम भारत के सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रपतियों में से एक थे. उन्हें 'भारत के मिसाइल मैन' के रूप में भी जाना जाता है. उन्हें अब तक के सबसे महान शिक्षकों एक के रूप में भी याद किया जाता है. उन्होंने भारत के रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 27 जुलाई, 2015 को शिलांग में भारतीय प्रबंधन संस्थान में व्याख्यान देते हुए अंतिम सांस ली. आज उनकी 7वीं पुण्यतिथि है ।पुण्यतिथि को गोला गोकरननाथ में जिला पंचायत सदस्य  व समाजसेवी वारिस अली अंसारी के आवास पर मनाई गई। एवम मिसाईल मैन के जीवन पर प्रकाश डाला गया।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम देश के सबसे प्रतिभाशाली दिमागों में से एक थे. उन्होंने SLV-III पर काम किया, जो पहला उपग्रह प्रक्षेपण यान था, इसने रोहिणी उपग्रह को पृथ्वी के चारों ओर कक्षा में स्थापित किया था. वह एकीकृत निर्देशित मिसाइल विकास कार्यक्रम के पीछे भी मुख्य व्यक्ति थे, जिसके बाद उन्हें भारत के मिसाइल मैन के रूप में जाना जाने लगा।
एक एयरोस्पेस वैज्ञानिक होने के साथ ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने भारत के 11 वें राष्ट्रपति रहें।
इस मौके पर एडवोकेट लियाकत हुसैन , रितेश गुप्ता , सर्वेश गौतम , अमीर हसन, महताब आलम, सरताज अंसारी , लाल मोहम्मद अंसारी और बहुत से उपस्थित रहे

Wednesday, 27 July 2022

06:55

इस समारोह के दौरान ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में वर्ष 2047 के लिए भारत की उपलब्धियों तथा दूरदर्शिता को दर्शाया जाएगा

रामजी पांडे

नई दिल्ली भारत सरकार का विद्युत मंत्रालय और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय सभी केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के ऊर्जा उपक्रमों तथा राज्य डिस्कॉम के सहयोग से देश भर में 25 से 30 जुलाई 2022 तक "आज़ादी का अमृत महोत्सव" (एकेएएम) के अंतर्गत भारत सरकार की "उज्ज्वल भारत, उज्ज्वल भविष्य - पावर @2047" पहल का जश्न मना रहा है।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर दोनों के परिप्रेक्ष्य में आम जनता के लिए विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों में उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा और वर्ष 2047 के लिए इन क्षेत्रों में भारत के व्यापक दृष्टिकोण को भी दर्शाया जायेगा। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा, क्यूंकि भारत उस समय अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष पूरे करेगा। दक्षिणी दिल्ली जिले में जिला प्रशासन द्वारा 28 और 29 जुलाई 2022 को इस कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (पीओएसओसीओ) लिमिटेड एक समन्वयक सीपीएसई के रूप में दक्षिणी दिल्ली में होने वाले कार्यक्रमों का संचालन कर रहा है।

सांसद श्री रमेश बिधूड़ी 28 जुलाई को नई दिल्ली में महरौली के सर्वोदय को-एड सीनियर सेकेंडरी स्कूल आयोजित होने वाले कार्यक्रम में मुख्य अतिथि होंगे। 29 जुलाई को समारोह नई दिल्ली में पुष्प विहार के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में संपन्न होगा, और दक्षिण दिल्ली की जिलाधिकारी डॉ. मोनिका प्रियदर्शिनी इसकी मुख्य अतिथि होंगी।

06:47

श्रमिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं: श्री भगवंत खुबा

रामजी पांडे

नई दिल्ली केंद्रीय रसायन और उर्वरक व स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने आज नई दिल्ली में "कार्यस्थल पर रसायनों के सुरक्षित उपयोग" विषयवस्तु पर आयोजित एक संगोष्ठी की अध्यक्षता की। वहीं, रसायन और उर्वरक व नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री भगवंत खुबा ने इस कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस संगोष्ठी का आयोजन रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग (डीसीपीसी) और अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने किया। इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय रासायनिक सुरक्षा कार्ड (आईसीएससी) को अपनाने के लिए केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया की उपस्थिति में डीसीपीसी और आईएलओ के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0023NII.jpg

 

डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और मानवीय व्यवहार भारत की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। हमने अपने नागरिकों के विकास और कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए विश्व के सर्वश्रेष्ठ अभ्यासों को व्यापक तौर पर स्वीकार किया है। उन्होंने आगे कहा, “रासायनिक उद्योग, वृद्धिशील भारतीय अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण और अभिन्न अंग है। यह हमारी आधारभूत व विकासात्मक जरूरतों को पूरा करने और हमारे दैनिक जीवन की गुणवत्ता में सुधार करने में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है।"

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003W3LB.jpg

 

 

उन्होंने आगे रेखांकित किया कि आम तौर पर उचित सुरक्षा उपायों की कमी के कारण रसायनों से संबंधित विनाशकारी दुर्घटनाएं हो सकती हैं। डॉ. मांडविया ने कहा कि यह वैश्विक सुरक्षा मानकों और अभ्यासों के अनुपालन का आह्वाहन करता है। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, "यह महत्वपूर्ण है कि आईएलओ की ओर से विकसित अंतरराष्ट्रीय मानकों को भारत की ओर से अपनाया जाए, क्योंकि यह न केवल औद्योगिक दुर्घटनाओं को कम करेगा, बल्कि वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यासों के साथ आगे बढ़ना सुनिश्चित करेगा।" उन्होंने सभी हितधारकों से यह सुनिश्चित करने का आह्वाहन किया कि न केवल इन आईसीएससी, बल्कि सुरक्षा नियमों की जानकारी भी श्रमिकों को पर्याप्त रूप से दी जाए। मंत्री ने कहा, “भंडारण और प्रसंस्करण के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों का अनुपालन करके, सबसे सुरक्षित व कुशल प्रक्रियाओं को लागू करके, मजबूत तकनीकों को स्थापित करके उद्योग की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। यह प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से जागरूकता फैलाने और श्रमिकों के बीच क्षमता निर्माण करके सुनिश्चित किया जा सकता है।”

डॉ. मांडविया ने सरकारी अधिकारियों, विशेषज्ञों और उद्योग जगत की हस्तियों सहित विभिन्न हितधारकों से विचार-मंथन सत्र में शामिल होने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के हितधारक परामर्श से अभिनव विचार सामने आएंगे, जिनका उपयोग भविष्य के कानूनों और पहलों के आधार के रूप में किया जा सकता है।

वहीं, रसायन और उर्वरक व नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री भगवंत खुबा ने कहा कि रासायनिक क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर भारत का कद बढ़ा है और इस प्रकार यह एक आवश्यकता बन गई है कि हम इस क्षेत्र को न केवल उत्पादन के आधार पर बल्कि सुरक्षा के पहलुओं से भी देखें। उन्होंने कहा कि औद्योगिक श्रमिकों को निचले स्तर से लेकर प्रबंधकीय स्तर तक कार्यस्थल पर संभावित खतरों से अवगत कराया जाना चाहिए और उन्हें किसी भी आपात स्थिति में उनसे निपटने के लिए पर्याप्त जानकारी से युक्त होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण सत्र और सुरक्षा मॉक ड्रिल न केवल श्रमिकों की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि हमारे पर्यावरण के लिए भी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा उन्होंने सभी प्रतिभागियों को धन्यवाद दिया और इस आवश्यकता को रेखांकित किया कि सभी हितधारकों को एक साथ सीखना और आगे बढ़ना चाहिए, क्योंकि केवल यह सुनिश्चित कर सकता है कि हमारे उद्योग बिना किसी नुकसान और खतरे के किसी की जान गंवाए बिना काम करें। उन्हें उम्मीद व्यक्त की कि डीसीपीसी और आईएलओ के बीच यह समझौता ज्ञापन देश में सुरक्षा नियमों को लागू करने के हमारे प्रयासों को और आगे बढ़ाएगा।

 

06:42

पश्चिमी बेड़े का वार्षिक पुरस्कार समारोह फ्लीट इवनिंग 2022 या फ़्लिंग

रामजी पांडे

नई दिल्ली पश्चिमी बेड़े (डब्‍ल्‍यूएफ) का वार्षिक पुरस्कार समारोह, फ्लीट इवनिंग 2022, या 'फ़्लिंग', जिसे भारतीय नौसेना के 'स्‍वोर्ड आर्म' की उपलब्धियों की स्मृति में लोकप्रिय कहा जाता है, पिछले एक वर्ष से नौसेना डॉकयार्ड, मुंबई में 24 जुलाई, 2022 को आयोजित किया गया।

पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ वाइस एडमिरल अजेंद्र बहादुर सिंह, पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल समीर सक्सेना द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। समारोह के दौरान फ्लीट ऑपरेशंस ऑफिसर ने पिछले वर्ष के दौरान बेड़े की गतिविधियों/उपलब्धियों का विवरण देते हुए वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की ।

फ़्लिंग 22 ने पश्चिमी बेड़े और उनके परिवारों द्वारा पूरी तरह आंतरिक प्रतिभा से बनाए गए एक शानदार मनोरंजन कार्यक्रम का प्रदर्शन किया। फ्लीट पुरस्कार समारोह में, कुल 21 ट्राफियां, समुद्री संचालन के विभिन्न आयामों का प्रतिनिधित्व करने वाले मेधावी जहाजों को प्रदान की गईं। आईएनएस चेन्नई - सर्वश्रेष्ठ जहाज, आईएनएस तलवार - सबसे उत्साही जहाज और आईएनएस आदित्य - टैंकरों और ओपीवी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ जहाज रहा। सभी पुरस्कार अलग-अलग जहाजों और वीर चालक दल की समग्र उत्कृष्टता और मूल्यवान योगदान को मान्यता देते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में निरंतर सतर्कता बनाए रखी है।

बेड़े ने लाल सागर, फारस की खाड़ी के पश्चिमी किनारों, गुजरात में गहरे जल चैनल, अंडमान और निकोबार द्वीपों तक अपने पदचिह्न का विस्तार किया। इन तैनातियों में मिशन आधारित तैनाती, एंटी-नारकोटिक्स मिशन, उपस्थिति और निगरानी मिशन, साथ ही ईईजेड निगरानी शामिल थी। बेड़े ने सभी डोमेन में फायरिंग की एक रिकॉर्ड सेटिंग संख्या शुरू की। डब्ल्यूएफ जहाजों ने बड़े पैमाने पर समुद्री साझेदारी अभ्यास और आईओआर और उसके बाहर अनेक द्विपक्षीय अभ्यासों में भाग लिया, जिसमें रॉयल नेवी के साथ कोंकण, फ्रांसीसी नौसेना के साथ वरुण और रॉयल नेवी की क्वीन एलिजाबेथ कैरियर स्ट्राइक के साथ पासेक्स समूह शामिल थे।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/Pix(2)ZS8R.jpeg


Tuesday, 26 July 2022

10:55

आइफा व सीटू के आव्हान पर जंतर मंतर नई दिल्ली पर चार दिवसीय आंगनवाड़ी अधिकार महापड़ाव शुरू- गंगेश्वर दत्त शर्मा

 नोएडा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को श्रमिक के रूप में मान्यता, न्यूनतम वेतन का अधिकार, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा और ट्रेड यूनियन अधिकार जैसी कई मांगों को लेकर अखिल भारतीय आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हेल्पर्स फेडरेशन सम्बध्द सी.आई. टी.यू. के आव्हान पर 26 जुलाई 2022 को प्रातः 10:00 बजे से जंतर- मंतर नई दिल्ली पर केरल, कर्नाटक, जम्मू- कश्मीर, दिल्ली, पंजाब, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आंगनवाड़ी कर्मियों ने चार दिवसीय आंगनवाड़ी अधिकार महापडा़व शुरू कर दिया।
 महापड़ाव को सीटू के राष्ट्रीय महासचिव कामरेड तपन सेन, सीटू दिल्ली एनसीआर राज्य अध्यक्ष वीरेंद्र गौड, महासचिव अनुराग सक्सेना, आंगनवाड़ी कर्मियों की राष्ट्रीय नेता ए आर सिंधु सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित करते हुए केंद्र व प्रदेश सरकारो की श्रमिक विरोधी नीतियों को रेखांकित किया।
 आंगनवाड़ी अधिकार महापड़ाव की जानकारी देते हुए सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि अपने हक अधिकारियों को हासिल करने के लिए देश के कोने-कोने से आंगनवाड़ी कर्मियों ने आज से जंतर-मंतर पर महापड़ाव शुरू किया है जो 29 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने कहा कि कुपोषण को मिटाने के लिए जिन आंगनवाड़ी कर्मियों से पूरा काम सरकारें लेती है लेकिन उन्हें न्यूनतम वेतन तक नहीं देती है। वेतन के नाम पर कुछ मानदेय दिया जाता है जो नाकाफी है, देखा जाए तो सरकार की गलत नीतियों के कारण आंगनवाड़ी खुद कुपोषण की शिकार है और इस नाइंसाफी के खिलाफ अगर वें आवाज उठाती हैं तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाता है जिसका ताजा उदाहरण हरियाणा और दिल्ली में देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि शोषण के खत्म होने तक और आंगनवाड़ी कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा मिलने तक सीटू का संघर्ष जारी रहेगा।

Sunday, 24 July 2022

05:45

अंडमान सागर में भारतीय नौसेना और जापान मेरीटाइम सेल्फ डिफेंस फ़ोर्स के बीच समुद्री साझेदारी अभ्यास

रामजी पांडे

नई दिल्ली जापान मेरीटाइम सेल्फ डिफेंस फ़ोर्स और भारतीय नौसेना के बीच अंडमान सागर में दिनांक 23 जुलाई 2022 को एक समुद्री साझेदारी अभ्यास (एमपीएक्स) आयोजित किया गया । एक अपतटीय गश्ती पोत आईएनएस सुकन्या और मुरासम क्लास डेस्ट्रोयर जेएस समदर ने अभियानगत अभ्यास के अंतर्गत सीमेनशिप गतिविधियों, एयरक्राफ्ट ऑपरेशन्स और सामरिक युद्धाभ्यास किए। दोनों देश समुद्री समूह को मजबूत करने के लिए हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में नियमित अभ्यास कर रहे हैं। इस अभ्यास का उद्देश्य अंतःक्रियाशीलता और सुव्यवस्थितता और संचार प्रक्रियाओं को बेहतर करना है। यह अभ्यास हिंद महासागर क्षेत्र में सुरक्षित अंतरराष्ट्रीय शिपिंग और व्यापार सुनिश्चित करने के लिए दोनों नौसेना के बीच चल रहे प्रयासों का हिस्सा है।



05:41

राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान एनआईयूएम गाजियाबाद आयुष स्वास्थ्य सेवाओं को मुख्यधारा में लाने और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के साथ जोड़ने में मदद करेगा: आयुष मंत्री

नई दिल्ली केंद्रीय आयुष तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने आज उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम) के नवनिर्मित परिसर का निरीक्षण किया। एनआईयूएम, गाजियाबाद राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, बैंगलोर का एक सैटेलाइट संस्थान है और भारत के उत्तरी क्षेत्र में स्थापित होने वाला अपनी तरह का पहला संस्थान होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह और आयुष मंत्रालय के अधिकारी श्री सोनोवाल के साथ उपस्थित थे।

इस अवसर पर श्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी राष्ट्रीय नीति में अन्य बातों के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवा में आयुष को मुख्य धारा में लाने और स्वास्थ्य सेवा वितरण के सभी स्तरों में शिक्षा, अनुसंधान के क्षेत्रों में इन प्रणालियों को एकीकृत करने की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि आयुष मंत्रालय ने यूनानी चिकित्सा में अनुसंधान एवं विकास और नवाचार को प्रोत्साहित करने, शिक्षा के लिए शीर्ष संस्थानों को विकसित करने और अनुसंधान के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, "मुझे विश्वास है कि यह यूनानी चिकित्सा संस्थान आयुष प्रणाली को लोकप्रिय बनाएगा और देश के उत्तरी क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा।"

1 मार्च, 2019 को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान (एनआईयूएम) की आधारशिला रखी गई थी। यह संस्थान यूनानी चिकित्सा की विभिन्न धाराओं में उच्च गुणवत्ता वाले पेशेवरों को तैयार करेगा। इस संस्थान में 14 विभाग होंगे और यूनानी चिकित्सा के विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट पाठ्यक्रम प्रदान करेगा। संस्थान मूलभूत पहलुओं, औषधि विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, सुरक्षा मूल्यांकन और यूनानी चिकित्सा और तौर-तरीकों के वैज्ञानिक सत्यापन पर भी ध्यान केंद्रित करेगा। संस्थान शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अनुसंधान में बेंचमार्क मानक स्थापित करेगा।

राष्ट्रीय यूनानी चिकित्सा संस्थान, गाजियाबाद का निर्माण 381 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है और यह यूनानी चिकित्सा में वैश्विक प्रचार और अनुसंधान के लिए एक अंतरराष्ट्रीय सहयोग केंद्र के रूप में भी कार्य करेगा। अंतरराष्ट्रीय ख्याति के विश्वविद्यालयों/अनुसंधान संगठनों के साथ द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग करने में संस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

05:37

हमारा लोकसभा क्षेत्र देश के सबसे विकसित लोकसभा क्षेत्रों में शामिल होगा-अमित शाह


रामजी पांडे     

गुजरात  केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज गुजरात के अहमदाबाद में ‘वंदे गुजरात विकास यात्रा’ के अंतर्गत अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (AUDA) द्वारा लगभग 210 करोड़ रूपए की विभिन्न विकास योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। श्री अमित शाह ने AUDA द्वारा निर्मित जलापूर्ति योजना और अफ़ोर्डेबल आवास का उद्घाटन करने के साथ-साथ मिशन मिलियन ट्री के अंतर्गत वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। केन्द्रीय गृह मंत्री स्वामीनारायण संस्था के प्रमुख स्वामी महाराज के जन्म शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ के दौरान कलश स्थापना समारोह में भी शामिल हुए।

अपने सम्बोधन में श्री अमित शाह ने कहा कि आज यहां 200 करोड रूपए से ज्यादा के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। इनमें वृक्षारोपण, आवास, पेयजल उपलब्धता और कई अन्य प्रकार के काम गांधीनगर लोकसभा के अलग-अलग इलाक़ों में शुरू किए गए हैं। यह परंपरा गुजरात में देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने शुरु की है। अभी 77 करोड रूपए के खर्च से बोपल और घुमा के हर घर में नर्मदा का पानी पहुंचे, इस योजना का लोकार्पण हुआ। डेढ़ साल पहले मैंने इस योजना का भूमिपूजन किया था और आज 13 हजार लोगों के घरों में पीने का पानी पहुँच गया है, तेज़ गति से काम करने का यह एक उत्कृष्ट उदाहरण है। अहमदाबाद में पानी की योजनाएं थी लेकिन 11 अलग-अलग नगरपालिका और कई गाँव बोरवेल से पानी खींचते थे और वैसा ही पानी लोगों को पीने के लिए मिलता था। लेकिन जब श्री नरेन्द्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब उनके द्वारा समग्र औडा क्षेत्र में शुद्ध नर्मदा का पानी मिलने की शुरुआत हुई। जासपुर में दुनिया का अत्याधुनिक जल शुद्धिकरण प्लान्ट लगाया गया और आज बोपल और घुमा भी उस कड़ी में जुड़ गये है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात के विकास को कई आयामों में गतिशीलता देने का काम किया है। पहाड़ों, जंगलों में रहने वाले जनजातीय भाई-बहन हों, समुद्र के किनारे रहने वाले मछुआरे भाई-बहन हों, ग्रामीण या शहरी विकास हो, औद्योगिक पूंजी लाना हो, इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाना हो, सड़कों और फ्लाईओवर का जाल बुनना हो, मेट्रो रेल लानी हो, पर्यावरणमित्र की बसें लानी हों, हर क्षेत्र में नरेन्द्र मोदी जी ने गुजरात को देश में प्रथम स्थान पर लाने का काम किया है।

Saturday, 23 July 2022

05:21

जबलपुर अब देश के 10 शहरों से जुड़ गया है


नई दिल्ली नागर विमानन उड्डयन मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया और नागर विमानन राज्य मंत्री जनरल वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने आज स्पाइसजेट द्वारा जबलपुर और कोलकाता के बीच सीधी उड़ान का शुभारंभ किया।

 इस कार्यक्रम में संसद सदस्य (लोकसभा) श्री राकेश सिंह, संसद सदस्य (राज्य सभा) श्री विवेक के. तन्खा, जबलपुर छावनी के विधानसभा सदस्य श्री अशोक रोहानी, नागर विमानन मंत्रालय के सचिव श्री राजीव बंसल, और स्पाइसजेट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अजय सिंह की उपस्थिति के साथ-साथ कई अन्य गणमान्य व्यक्ति वर्चुअल तौर पर उपस्थित थे।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001JLVC.jpg

 

 

एयरलाइन इस रूट पर दैनिक उड़ानों का संचालन करेगी और कम दूरी की उड़ानों के लिए डिजाइन किए गए अपने क्यू400,78-सीटर टर्बो प्रोप विमान को तैनात करेगी। उड़ान का यह नया रूट 26 नई घरेलू उड़ानों का एक हिस्सा है जिसे स्पाइसजेट आज लॉन्च कर रही है।

 

इस अवसर पर अपने संबोधन में, श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने कहा कि पिछले एक साल में देश में हवाई सेवाओं में व्यापक विस्तार हुआ है, खासकर मध्य प्रदेश में जहां जुलाई 2021 में प्रति सप्ताह 554 विमानों का आवागमन हो रहा था और अब यह आंकड़ा 980 तक चला गया है। उन्होंने कहा कि जबलपुर अब 10 शहरों से जुड़ गया है, और विमानों का आवागमन बढ़कर 182 हो गया है। इसी तरह, ग्वालियर जुलाई, 2021 में 56 विमानों के आवागमन के साथ 4 शहरों से जुड़ा था, और यह आंकड़ा बढ़कर एक सौ हो गया है। इंदौर में 308 विमानों का आवागमन हो रहा था जो बढ़कर 468 हो गया है और अब यह 20 शहरों से जुड़ा है। राज्य की राजधानी भोपाल, जिसका जुलाई 2021 में 5 शहरों के साथ हवाई संपर्क था, अब 13 शहरों से जुड़ गया है और इसमें 226 विमानों का आवागमन हो रहा है। खजुराहो हवाई अड्डा भी दिल्ली से जुड़ा है और यहां से प्रति सप्ताह 4 उड़ानें संचालित हैं।

 

05:15

खाद्य सुरक्षा के मामले में भारत व मॉरीशस अन्य देशों के साथ मिलकर और मजबूती से करेंगे काम

रामजी पांडे

नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर की आज नई दिल्ली में मॉरीशस के कृषि उद्योग व खाद्य सुरक्षा मंत्री श्री मनीष गोबिन के साथ बैठक हुई। इस दौरान, इस बात पर सहमति हुई कि खाद्य सुरक्षा के मामले में दोनों देश, अन्य देशों के साथ मिलकर और मजबूती से काम करेंगे।

बैठक में श्री तोमर ने कहा कि मॉरीशस के साथ भारत के संबंध काफी प्रगाढ़ रहे हैं और ये संबंध केवल राजनीतिक व व्यापारिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी हैं। श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार काफी गंभीर है और इसे आगे बढ़ाने के लिए अनेक ठोस कदम उठाए गए हैं तथा भारत ने खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करते हुए घरेलू के साथ ही अन्य देशों में भी आपूर्ति की है।

श्री गोबिन ने कहा कि भारत के साथ उनका खून का रिश्ता है और लगभग साठ प्रतिशत लोग भारतीय मूल के हैं। उन्होंने खाद्य सुरक्षा के मामले में एक अलायंस बनाने का आग्रह किया, जैसा कि सौर ऊर्जा के संबंध में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किया गया है। श्री गोबिन ने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के कार्यों की तारीफ करते हुए उसके साथ एक समझौता किए जाने का अनुरोध भी किया। श्री तोमर ने भारतीय कृषि के विकास में आईसीएआर की भूमिका का उल्लेख करते हुए उससे सम्बद्ध कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके), कृषि विश्वविद्यालयों तथा 100 से ज्यादा अन्य संस्थानों की जानकारी प्रदान की, साथ ही एमओयू के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा, ताकि उस पर विचार किया जा सकें।

04:57

तीन साल से कम समय में 100 प्रतिशत घरों में पाली, 2019 में यह संख्‍या सिर्फ 37 प्रतिशत

रामजी पांडे

नई दिल्ली मध्य प्रदेश में 'दक्षिण का दरवाजा' के नाम से मशहूर बुरहानपुर जिला देश का पहला 'हर घर जल' प्रमाणित जिला बन गया है। बुरहानपुर देश का एकमात्र जिला है जहां 254 गांवों में से प्रत्येक गांव के लोगों ने ग्राम सभाओं द्वारा पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से अपने गांव को 'हर घर जल' घोषित किया है, जो यह प्रमाणित करता है कि गांवों में सभी लोगों को नल से सुरक्षित पेयजल उपलब्ध है, यह सुनिश्चित करता है कि 'कोई भी छूटा नहीं है'।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001ZJXL.jpg

जल जीवन मिशन के 15 अगस्त 2019 को शुभारंभ के समय बुरहानपुर में कुल 1,01,905 घरों में से केवल 37,241 ग्रामीण परिवारों (36.54 प्रतिशत) के पास नल कनेक्शन के माध्यम से पीने योग्य जल था। कोविड-19 महामारी के कारण विभिन्न बाधाओं और चुनौतियों का सामना करने के बावजूद पंचायत प्रतिनिधियों, पानी समितियों और बुरहानपुर के जिला अधिकारियों के निरंतर प्रयासों से 34 महीनों की अवधि के भीतर इसके सभी 1,01,905 ग्रामीण घरों में नल के पानी के चालू कनेक्शन का प्रावधान किया गया। घरों के साथ-साथ सभी 640 स्‍कूलों, 547 आंगनवाड़ी केन्‍द्रों और 440 अन्‍य सार्वजनिक संस्थानों में भी नल कनेक्‍शन हैं। 440 सार्वजनिक संस्थानों में 167 ग्राम पंचायत, 50 स्वास्थ्य केन्‍द्र, 109 सामुदायिक केन्‍द्र, 45 आश्रमशालाएं, 2 सामुदायिक शौचालय और 67 अन्य सरकारी कार्यालय शामिल हैं।

जल जीवन मिशन की मार्गदर्शिका में प्रमाणीकरण की प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है जिसके अनुसार सबसे पहले फील्ड इंजीनियर ग्राम सभा की बैठक के दौरान पंचायत को जलापूर्ति योजना के पूरा होने के संबंध में एक प्रमाणपत्र प्रस्तुत करता है। गाँव इस बात की पुष्टि करते हैं कि हर घर में निर्धारित गुणवत्ता के पानी की नियमित आपूर्ति हो रही है और गांव में वितरण पाइपलाइन से कोई रिसाव नहीं हो रहा है, और पानी की पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सभी सड़कों को जलापूर्ति कार्य पूरा होने पर बहाल कर दिया गया है।

Friday, 22 July 2022

05:56

अनमोल इंडस्ट्रीज में श्रमिक यूनियन व प्रबंधकों के मध्य हुआ समझौता विवाद खत्म- गंगेश्वर दत्त शर्मा

 नोएडा, मैसर्स- अनमोल इंडस्ट्रीज लिमिटेड प्लॉट नंबर- 38 ए, उद्योग विहार ग्रेटर नोएडा गौतम बुध नगर के प्रबंधकों एवं श्रमिकों के मध्य पिछले 18 माह से चला आ रहा श्रम विवाद पक्षों में आपसी कई दौर की वार्ताओं के बाद समझौता संपन्न हुआ समझौता के पंजीयन हेतु 22 जुलाई 2022 को उप श्रम आयुक्त श्री धर्मेंद्र कुमार व सहायक श्रम आयुक्त श्री शंकर लाल जी के समक्ष श्रम कार्यालय सेक्टर- 3, नोएडा में प्रस्तुत किया। समझौते पर कम्पनी की ओर से महाप्रबंधक नंदलाल स्वामी, एचआर मैनेजर राकेश मेहरा, प्रोडक्शन मैनेजर सत्य प्रकाश सिसोदिया, असिस्टेंट मैनेजर स्टोर मनीष शर्मा और श्रमिकों की ओर से अनमोल इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष मुकेश कुमार राघव, महामंत्री गंगेश्वर दत्त शर्मा, मंत्री मनोज वेश्य, कोषाध्यक्ष सुखलाल, कार्यकारिणी सदस्य ईश्वर दत्त, रामप्रकाश व सीटू जिला महासचिव राम सागर एवं श्रम विभाग की ओर से सहायक श्रम आयुक्त श्री शंकर लाल जी ने हस्ताक्षर किए।
 संपन्न समझौते के अनुसार सेवायोजक महंगाई भत्ता के अतिरिक्त  8.5% वेतन वृद्धि श्रमिकों के वेतन में करेंगे तथा बोनस का भुगतान 20% की दर से किया जाएगा और पूर्व समझौते के अनुसार एक टी-शर्ट, 2 जोड़ी वर्दी, गुण, चाय, नींबू, साबुन, लोन आदि की सुविधाएं यथावत जारी रहेगी तथा श्रमिकों के प़थम पुत्र या पुत्री की शादी में प्रबंधकों की ओर से ₹7000 उपहार स्वरूप दिया जाएगा तथा इसी तरह अन्य कई सुविधाएं श्रमिकों को दिए जाने की बात समझौते में लिखी गई है। साथ ही श्रमिकों ने भी कम्पनी के नियम कानूनों के पालन व उत्पादन को बढ़ाने का आश्वासन कम्पनी प्रबंधकों को दिया है।
 यूनियन के महामंत्री व सीटू जिलाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि संपन्न समझौता श्रमिकों के एकताबध्द संघर्ष की जीत है जिसके लिए सीटू जिला कमेटी अनमोल इंडस्ट्रीज के श्रमिकों को बधाई देती है। और उम्मीद करती हैं कि पक्ष समझौते का ईमानदारी के साथ पालन करेंगे और आपसी तालमेल बनाकर कम्पनी के विकास के लिए काम करेंगे।

01:21

बावर्ची फिल्म के अंदाज में घरों मे खाना बनाने की नौकरी हासिल की घर की डुप्लीकेट चाबी बनाई और चुरा लिए गहने कैश आरोपी गिरफ्तार

विक्रम पांडे
नोएडा : कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने घरों में चोरी करने के आरोप में एक कुक को गिरफ्तार किया। जो एक जो ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म बावर्ची ही अंदाज में लोगों के घरों मे खाना बनाने की नौकरी हासिल कर प्रवेश करता था और घर की डुप्लीकेट चाबी बनाकर जेवर और कैश चोरी कर फरार हो जाता था.  पुलिस ने आरोपी कुक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से तीन लाख की ज्वेलरी अनूप के पास तीन लाख से अधिक की जूलरी समेत अन्य सामान बरामद किया गया है।पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.  

पुलिस की गिरफ्त में अनूप कुमार बनर्जी पर आरोप है कि उसने घरों मे कुक बनकर प्रवेश किया और फिर काम करने के दौरान घरों की चाबी फोटो खींचकर का डुप्लीकेट चाबी बनाकर  घर से नकदी और जेवर चोरी कर फरार हो गया. एडीसीपी नोएडा ज़ोन रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-39 पुलिस ने अशोक नगर से अनूप कुमार बनर्जी को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोसाइटी, फ्लैट और घरों में जाकर खाना बनाने का काम करता है। खाना बनाने के दौरान वह मोबाइल से घरों की चाबी की फोटो खींच लेता था। इसके बाद फोटो के आधार पर दूसरी चाभी बनवा लेता। जब उस घर कोई नहीं होता था तो आरोपी ताला खोलकर घर से जूलरी और नकदी लेकर भाग जाता था। कुक होने की वजह से पड़ोसियों को उस पर शक नहीं होता था।  
बाइट : रणविजय सिंह एडीसीपी नोएडा ज़ोन-1

रणविजय सिंह लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की गई तो चोरी करने तरीके से पता चला कि चोरी करने वाला डुप्लीकेट चाबी का इस्तेमाल कर रहा है, इसलिये वह आवश्य घर का जानकार है जिस घर में चोरी हुई थी उसने भी अपने कुक पर शक जताया था। छानबीन के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पता चला कि आरोपी पहले भी कई वारदात कर चुका है।
बाइट : रणविजय सिंह एडीसीपी नोएडा ज़ोन-1

एडीसीपी नोएडा ने बताया कि आरोपी घर से केवल नकद और गहने ही चुराता था। कई बार इस सफाई से वारदात करता था कि एक-दो दिन बाद मालिक को इसकी जानकारी होती थी। आरोपी के पास से पुलिस ने चोरी का एक एप्पल आइपेड, चांदी की एक थाली, एक कटोरी, पांच हाथ के कंगन, दो पायल, सात चाबियां और चार साड़ी बरामद की है

Thursday, 21 July 2022

08:03

भारत के खिलाफ काम करने वाली 747 वेबसाइटों और 94 यूट्यूब चैनलों पर 2021-22 के दौरान रोक लगाई गई: केंद्रीय मंत्री श्री अनुराग ठाकुर

रामजी पांडे

नई दिल्ली केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग ठाकुर ने आज कहा कि 2021-22 में मंत्रालय ने देशहित के खिलाफ काम करने वाले यूट्यूब चैनलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। राज्य सभा में एक प्रश्न के उत्तर में, श्री ठाकुर ने कहा कि मंत्रालय ने 94 यूट्यूब चैनलों, 19 सोशल मीडिया अकाउंट और 747 यूआरएल के खिलाफ कार्रवाई की है और उन्हें रोक दिया गया है। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 69ए के तहत की गई है।

मंत्री ने आगे कहा कि सरकार ने फर्जी खबरें फैलाकर और इंटरनेट पर दुष्प्रचार करके देश की संप्रभुता के खिलाफ काम करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।

07:57

कर्नाटक मणिपुर और चंडीगढ़ नीति आयोग के


नई दिल्ली  सूचकांक आज नीति आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी ने सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत, सीईओ परमेश्वरन अय्यर और वरिष्ठ सलाहकार नीरज सिन्हा और प्रतिस्पर्धात्मकता संस्थान के अध्यक्ष डॉ. अमित कपूर की उपस्थिति में जारी किया गया।

यद्यपि कर्नाटक 'प्रमुख राज्यों' की श्रेणी में फिर से शीर्ष पर है, मणिपुर 'पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों' की श्रेणी में आगे है और चंडीगढ़ 'केन्‍द्र शासित प्रदेशों और शहर राज्यों'  की श्रेणी में शीर्ष प्रदर्शन करने वाला है।

डॉ. सारस्वत ने कहा, "नवाचार स्‍थायी और समावेशी विकास की कुंजी है। यह हमारे समय की सबसे बड़ी चुनौतियों: लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने, आजीविका के अवसर पैदा करने और आत्मनिर्भर भारत का मार्ग प्रशस्त करने का समाधान करने में हमारी मदद कर सकता है।"

श्री अय्यर ने कहा, "मैं इंडिया इनोवेशन इंडेक्‍स के माध्यम से भारत में नवाचार की स्थिति की निगरानी के लिए नीति आयोग की निरंतर प्रतिबद्धता की पुष्टि करना चाहता हूं। हम राज्यों और अन्य हितधारकों के साथ साझेदारी में देश भर में नवाचार इकोसिस्‍टम में सुधार करने का प्रयास करते हैं।"

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स क्या है?

नीति आयोग और प्रतिस्पर्धात्मकता संस्थान द्वारा तैयार किया गया, इंडिया इनोवेशन इंडेक्स देश के इनोवेशन इकोसिस्‍टम के मूल्यांकन और विकास का एक विस्‍तृत साधन है। यह राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को उनके नवाचार प्रदर्शन पर क्रम में रखता है ताकि उनके बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे।

तीसरा संस्करण ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स के ढांचे को आकर्षित करके देश में नवाचार विश्लेषण के दायरे पर प्रकाश डालता है। संकेतकों की संख्या 36 (इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2020 में) से बढ़कर 66 (इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2021 में) हो गई है। संकेतक अब 16 उप-स्तंभों में वितरित किए गए हैं, जो बदले में, सात प्रमुख स्तंभ बनाते हैं।

इंडिया इनोवेशन इंडेक्स 2021: सम्‍पूर्ण रैंकिंग

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image00108LQ.jpg

07:52

एनटीपीसी ने नेट जीरो जीएचजी उत्सर्जन रोडमैप विकसित करने के लिए नीति आयोग के साथ आशय के वक्तव्य पर हस्ताक्षर किया


https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001GRDV.jpg

 रामजी  पांडे।एनटीपीसी लिमिटेड ने नेट जीरो जीएचजी उत्सर्जन रोडमैप विकसित करने के लिए कल नीति आयोग के साथ एक आशय के वक्तव्य (एसओआई) पर हस्ताक्षर किए। यह देश के विद्युत क्षेत्र को हरित बनाने की दिशा में मार्ग प्रशस्त करते हुए एसओआई पक्षों में सहयोग के एक ढांचे को औपचारिक रूप देने का प्रयास है ताकि एनटीपीसी को अपने उत्पादन मिश्रण के विविधीकरण पर रणनीतियों की सुविधा मिल सके और अंततः वह कार्बन उपस्थिति को कम कर सके और 2070 तक नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में भारत के प्रयास का समर्थन किया जा सके।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002S42A.jpg

जैसा कि भारत सरकार ने सीओपी 26 के दौरान 'पंचामृत' लक्ष्यों की घोषणा की है, नीति आयोग 2070 तक नेट ज़ीरो हासिल करने के लिए विभिन्न परिदृश्यों/मार्गों को विकसित करने का काम कर रहा है। 17 प्रतिशत स्थापित उत्पादन क्षमता के साथ एनटीपीसी लगभग 24 प्रतिशत देश की बिजली आवश्यकता को पूरा करती है। इस सहयोग से एनटीपीसी निम्नलिखित कार्यों के लिए नीति आयोग की ऊर्जा टीम की विशेषज्ञता का उपयोग करने में सक्षम होगा :

• भारत सरकार के 'पंचामृत' लक्ष्यों के साथ जुड़ने के लिए एनटीपीसी के लिए नेट जीरो जीएचजी उत्सर्जन रोडमैप का विकास।

• 2030, 2037, 2047 और 2070 के लिए परिदृश्यों के विकास सहित उत्सर्जन और ऊर्जा (पोर्टफोलियो मिक्स) मॉडलिंग।

• एनटीपीसी में कार्बन प्रबंधन इकाई (सीएमयू) की स्थापना में सहायता ताकि जीएचजी कटौती संबंधी पहलों को एक स्थान पर एकीकृत किया जा सके।

07:48

मध्य प्रदेश के छात्रों ने ईबीएसबी स्टूडेंट एक्सचेंज टूर प्रोग्राम के माध्यम से नागाओं की अनूठी संस्कृति, व्यंजनों और परंपराओं के बारे में जाना

रामजी पांडे

नई दिल्ली आजादी का अमृत महोत्सव-एक भारत श्रेष्ठ भारत (एकेएएम-ईबीएसबी) के तहत मध्य प्रदेश और नागालैंड के बीच पांच दिवसीय छात्र आदान-प्रदान यात्रा कार्यक्रम 20 जुलाई, 2022 को सम्‍पन्न हो गया। समापन समारोह राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) चुमौकेदिमा, नागालैंड में आयोजित किया गया था।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001U0FA.jpg

स्टूडेंट्स एक्सचेंज टूर प्रोग्राम आजादी का अमृत महोत्सव-एक भारत श्रेष्ठ भारत (एकेएएम-ईबीएसबी) के तहत आयोजित किया गया था। पांच दिन की यात्रा के दौरान, छात्रों को नागाओं की समृद्ध संस्कृति व परंपराओं का अनुभव करने और उसकी खोज करने के लिए विभिन्न स्थानों पर ले जाया गया। मध्य प्रदेश के छात्रों ने नागालैंड के छात्रों के साथ संवाद सत्र भी किया और उन्हें निकट भविष्य में मध्य प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002BQKK.jpg

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image003UXYV.jpg

अपने प्रवास के दौरान, छात्रों को कोहिमा जिले के खोनोमा ले जाया गया, जो भारत का पहला हरित गांव है। छात्रों ने अपने अनुभव साझा किए और हरित गांव के बारे में प्रतिक्रिया दी, और कहा कि यह स्थान "सुंदरता से बहुत आगे" है। उन्होंने यह भी कहा कि इसकी प्राकृतिक सुंदरता, प्राकृतिक वातावरण और ताजी हवा के साथ, यह एक ऐसा अनुभव था जिसे वे जीवन भर याद रखेंगे। छात्रों को खाना पकाने की पारंपरिक विधि से परिचित कराया गया, जो उन्हें दिलचस्प लगी क्योंकि वे चकित थे कि प्रमुख मसालों को डाले बिना भी भोजन का स्वाद इतना अच्छा हो सकता है, जिनका उनके राज्य में खाना पकाने के लिए अवश्य इस्‍तेमाल किया जाता है।

टीम, जिसने नागालैंड के हथकरघा और हस्तशिल्प के बारे में भी सीखा, ने कहा कि वे विभिन्न रंगों और पैटर्न से मोहित थे, और उन्‍हें इसके पीछे की कहानियां पसन्‍द आईं। इस दौरे के एक भाग के रूप में, छात्रों ने दीमापुर में सोविमा में चोंपू संग्रहालय का भी दौरा किया, उन्होंने कहा कि प्राचीन काल की सभी वस्‍तुओं को देखकर वे आश्‍चर्य में पड़ गए। नागालैंड में रहने वाले वहां के लोगों के बारे में, छात्रों की राय है कि नागालैंड के लोग बहुत मिलनसार, विनम्र, सादगी से परिपूर्ण और मददगार हैं। छात्रों ने अपनी यात्रा को अद्भुत, यादगार और आंखें खोलने वाला बताते हुए कहा कि अगर उन्हें मौका मिला तो निश्चित रूप से वे एक बार फिर नागालैंड आएंगे।

07:46

चिकित्सीय एमिसिस द्वारा आयुर्वेद उपचार अब सरल और सुविधाजनक

रामजी पांडे

नई दिल्ली आयुष क्षेत्र लगातार विभिन्न आयुर्वेद उपचारों के लिए प्रौद्योगिकी और नए नवोन्‍मेषों का उपयोग करने का प्रयास कर रहा है। चिकित्सीय उल्‍टी (एमिसिस) के लिए एक उन्नत स्वचालित प्रणाली या उपकरण विकसित किया गया है, जो इस चिकित्सा को सरल और सुविधाजनक बना देगा। भारतीय चिकित्सा प्रणाली के लिए राष्ट्रीय आयोग (एनसीआईएसएम) में बोर्ड ऑफ आयुर्वेद के अध्यक्ष डॉ. बी. श्रीनिवास प्रसाद और आविष्कारक की उनकी टीम को भारत सरकार के पेटेंट नियंत्रक द्वारा चिकित्सीय उल्‍टी के लिए उन्नत स्वचालित प्रणाली या उपकरण विकसित करने के लिए एक पेटेंट प्रदान किया गया।

आयुर्वेद में पंचकर्म प्रमुख उपचार पद्धति हैं। पंचकर्म को रोकथाम, प्रबंधन, इलाज के साथ-साथ कायाकल्प उद्देश्य के लिए किया जाता है। वामन (चिकित्सीय उल्‍टी), विरेचना (चिकित्सीय शुद्धिकरण), बस्ती (चिकित्सीय एनीमा), नास्या (नाक के रास्‍ते चिकित्‍सा और रक्तमोक्षना (रक्तस्राव चिकित्सा) पंचकर्म के तहत पांच प्रक्रियाएं हैं।

वामन यानी, एक चिकित्सीय प्रक्रिया जो मौखिक मार्ग के माध्यम से अशुद्धियों या दोषों को बाहर निकालती है। रोगी और पंचकर्म विशेषज्ञ सलाहकार दोनों के लिए प्रभाव में लाने की प्रक्रिया कठिन है। इसके अलावा उल्टी को स्वच्छता से संभालना एक बड़ी चुनौती है। अब तक प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कोई भी तकनीक विकसित नहीं हुई है।

पेटेंट वाले वर्तमान 'उन्नत स्वचालित उपकरण या चिकित्सीय उल्‍टी की प्रणाली' को कठिन वमन प्रक्रिया को आराम से कराने के लिए विकसित किया गया है। यह तकनीक प्रक्रिया के दौरान रोगियों के महत्वपूर्ण डेटा की निगरानी के लिए मॉनीटर से लैस है। उल्‍टी को स्‍वच्‍छता से और जैव चिकित्‍सकीय कचरा प्रबंधन नीति के अनुसार संभालने के लिए प्रावधान है। इसे आपातकालीन किट के साथ प्रदान किया जाता है जिसकी प्रक्रिया की जटिलताओं का प्रबंधन करने के लिए आवश्यकता होती है। प्रक्रिया का आकलन करने के लिए आवश्यक नैदानिक ​​​​मापदंड भी स्वचालित हैं। कुल मिलाकर यह तकनीक वामन प्रक्रिया को आराम से कराने के लिए पूर्ण समाधान है। 

इस उत्पाद को केएलई आयुरवर्ल्ड के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम अयुरटेक इनक्यूबेशन सेंटर और बेलगावी, कर्नाटक में केएलई इंजीनियरिंग कॉलेज ने विकसित किया है। प्रौद्योगिकी आईआईसीडीसी 2018 और एनएसआरसीईएल, आईआईएम बैंगलोर में इनक्यूबेट में शीर्ष 10 में थी और डीएसटी और टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स द्वारा सहायता प्राप्‍त थी।

यह उन्नत स्वचालित प्रणाली आयुर्वेद बिरादरी को प्रौद्योगिकी के उपयोग के साथ आयुर्वेद को पढ़ाने और अभ्यास करने में मदद करेगी। आगे चलकर इस आविष्कार के व्यावसायीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है, ताकि इसे देश के सभी अस्पतालों में इस्तेमाल किया जा सके।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001KDKJ.jpg


07:40

दीदी की रसोई ट्रस्ट ने किया भंडारे का आयोजन- रितु सिन्हा


रामजी पांडे
 नोएडा, दीदी की रसोई ट्रस्ट ने शिव नगरी सेक्टर- 17, नोएडा पर मंदिर का निर्माण कराया जिसमें देवी देवताओं की स्थापना का कार्यक्रम पिछले कई दिनों से चल रहा था जिसका आज  एडिशनल पुलिस कमिश्नर श्री रणवीर सिंह जी की उपस्थिति में विधि विधान के साथ समापन किया गया।
 समापन के अवसर पर भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सैकड़ों लोगों ने भोजन ग्रहण किया। कार्यक्रम में पहुंचे एडिशनल पुलिस कमिश्नर श्री रणविजय सिंह का ट्रस्ट की अध्यक्ष रितु सिन्हा के नेतृत्व में टीम की वरिष्ठ पदाधिकारी मंजू शर्मा, आशा गुप्ता, अमित आदि ने फूलों का गुलदस्ता देकर शॉल उड़ाकर उन्हें सम्मानित किया इस अवसर पर उन्होंने दीदी की रसोई ट्रस्ट की टीम के सामाजिक कार्यों व जरूरतमंद लोगों की मदद करने की सराहना किया।
 इस अवसर पर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि हमारी संस्था हमेशा गरीब जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए तैयार रहती है तथा हमारी संस्था द्वारा रोज अलग-अलग स्थानों पर गरीब जरूरतमंद लोगों को भोजन का वितरण किया जाता है और आगे भी यह कार्य जारी रहेगा उक्त कार्य में सहयोग करने के लिए उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया।
 कार्यक्रम में आए सभी गणमान्ययो का ट्रस्ट की अध्यक्ष रितु सिन्हा ने सभी का स्वागत सम्मान करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

Wednesday, 20 July 2022

09:32

झुग्गी वासियों ने किया प्रदर्शन जहां झुग्गी वही मकान स्कीम को लागू करें नोएडा प्राधिकरण- गंगेश्वर दत्त शर्मा


 नोएडा, प्रधानमंत्री मोदी जी एवं  मुख्यमंत्री योगी जी की घोषणा जहां झुग्गी वही मकान स्कीम को लागू कराने की मांग को लेकर झुग्गी वासियों ने नोएडा झुग्गी झोपड़ी संयुक्त पुनर्वास मंच के बैनर तले प्रदर्शन कर माननीय प्रधानमंत्री व माननीय मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन प्राधिकरण के अधिकारियों को सौंपा।
 मंच द्वारा पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार झुग्गी वासी प्रातः 11:00 बजे बांस बल्ली मार्केट सेक्टर -10, नोएडा पर प्रदर्शन में जाने के लिए इकट्ठा हुए तो थाना फेस वन पुलिस ने धारा 144 लागू होने का हवाला देते हुए मंच के नेताओं को नोटिस दिया जिस पर मंच के नेताओं ने कहा कि प्राधिकरण पर प्रदर्शन करके अपना ज्ञापन जरूर देंगे उक्त पर पुलिस के अधिकारियों ने मंच के नेताओं से वार्ता किया कि प्राधिकरण के अधिकारियों को बांस बल्ली मार्केट पर बुलाकर वार्ता करा कर ज्ञापन दिलवा देंगे। उक्त पर बनी सहमति के बाद नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी श्री अविनाश त्रिपाठी जी प्रदर्शनकारियों से वार्ता करने बांस बल्ली मार्केट पर पहुंचे और समस्याओं को सुनकर उन्होंने ज्ञापन लिया तथा ज्ञापन में उठाए गए सभी मुद्दों का समाधान करने का आश्वासन प्रदर्शनकारियों को दिया।
 
09:21

भारत इकलौता ऐसा देश है जहां प्रधानमंत्री किसी खेल प्रतिस्पर्धा से पहले निजी तौर पर एथलीटों से बात करते हैं और उन्हें प्रेरित करते हैं: श्री अनुराग ठाकुर


नई दिल्ली प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में हिस्सा लेने जा रहे भारतीय दल के साथ आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इसमें एथलीट के साथ-साथ उनके कोच भी उपस्थित थे। केंद्रीय युवा मामले एवं खेल और सूचना एवं प्रसारण मंत्री श्री अनुराग सिंह ठाकुर, युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्री निशिथ प्रमाणिक और खेल सचिव श्रीमती सुजाता चतुर्वेदी भी इस अवसर पर मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री ने आज अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस के मौके पर राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं। शतरंज ओलंपियाड 28 जुलाई से तमिलनाडु में हो रहा है। उन्होंने कामना की कि वे भारत को उसी प्रकार गौरवान्वित करेंगे जैसे उनके पूर्ववर्तियों ने पहले किया है। उन्होंने बताया कि पहली बार 65 से ज्यादा एथलीट राष्ट्रमंडल खेल में भाग ले रहे हैं और उनके द्वारा जबरदस्त असर छोड़ने की कामना की। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी कि वे "पूरा दिल लगाकर खेलें, जोरद़ार तरीके से खेलें, पूरी ताकत लगाकर और बग़ैर किसी तनाव के खेलें"।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के एथलीट श्री अविनाश साबले से बात की और सियाचिन में भारतीय सेना में सेवाएं देने के उनके अनुभव के बारे में पूछा। साबले ने कहा कि उन्हें भारतीय सेना में अपने 4 साल के कार्यकाल से बहुत कुछ सीखने को मिला है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना से उन्हें जो अनुशासन और प्रशिक्षण मिला है, उससे वे जिस भी क्षेत्र में जाएंगे वहां उन्हें अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि उन्होंने सियाचिन में काम करते हुए स्टीपलचेज फील्ड को क्यों चुना। अविनाश साबले ने कहा कि स्टीपलचेज में बाधाओं को पार करना होता है और सेना में उन्होंने इसी तरह का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रधानमंत्री ने उनसे पूछा कि उन्होंने इतना तेजी से वजन कैसे कम किया। साबले ने कहा कि सेना ने उन्हें खेलों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया और उन्हें खुद को प्रशिक्षित करने के लिए अतिरिक्त समय मिला और इससे वजन कम करने में मदद मिली।

09:17

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री, श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने गैबॉन के उद्योग राज्य मंत्री श्री पाकोम मौबेलेट बौबेया से मुलाकात की


नई दिल्ली केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने आज गैबॉन गणराज्य के उद्योग मंत्री, राज्य मंत्री श्री पाकोम मौबेलेट-बौबेया से मुलाकात की, जो भारत-अफ्रीका विकास साझेदारी पर 17वें सीआईआई - एक्जिम (ईएक्सआईएम)  बैंक सम्मेलन (कॉन्क्लेव)  में भाग लेने के लिए नई दिल्ली के दो दिवसीय दौरे पर आए  हैं। मंत्री मौबेलेट-बौबेया के साथ दस सदस्यों का एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी है, जिसमें गैबॉन गणराज्य  के निवेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी मंत्री श्री ह्यूग्स जुडिकेल मबडिंगा मडिया और उप-विदेश मंत्री सुश्री योलांडे क्रिस्टियन न्योंडा शामिल हैं।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001NRCE.jpg

दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार, वाणिज्य, आर्थिक और निवेश संबंधों के सभी पहलुओं को समाहित  करते हुए भविष्योन्मुखी और सार्थक विचार-विमर्श  किया। उन्होंने सक्रिय आर्थिक जुड़ाव पर भी चर्चा की और विशेष रूप से खनन, रक्षा, कृषि, स्वास्थ्य देखभाल, फार्मास्यूटिकल्स और नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग के लिए नए क्षेत्रों की पहचान की। दोनों मंत्रियों ने बढ़ते द्विपक्षीय व्यापार पर संतोष व्यक्त किया  जो महामारी के बावजूद वर्ष 2021-22 में 12 अरब अमरीकी डालर को पार कर गया थाI साथ ही उन्होंने  व्यापार डलिया (ट्रेड  बास्केट) के विविधीकरण और द्विपक्षीय निवेश में गहन सहयोग की आवश्यकता को भी स्वीकार किया।

 गैबॉन के मंत्री मौबेलेट-बौबेया ने भारतीय राज्य मंत्री को गैबॉन में विशेष रूप से गैबॉन विशेष आर्थिक क्षेत्र (जीएसईजेड) में निवेश के उन अवसरों के बारे में अवगत कराया जिनमें 54 भारतीय कंपनियों ने फार्मा, लकड़ी, खनन, इस्पात और खाद्य प्रसंस्करण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विनिर्माण इकाइयां स्थापित की हैं। दोनों पक्षों ने गुणवत्ता मानकों सहित सभी प्रमुख क्षेत्रों में कौशल विकास/प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण में सहयोग की आवश्यकता का उल्लेख किया।

 वाणिज्य राज्य मंत्री ने "इमर्जेंट गैबॉन विजन 2025" योजना की सराहना की और गैबॉन के आमूलचूल परिवर्तन और उसकी अपनी अर्थव्यवस्था के विविधीकरण में भारत के पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सुश्री पटेल ने हाल ही में जिनेवा में आयोजित विश्व व्यापार संगठन के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारत और अफ्रीका समूह के संयुक्त प्रयासों की भी सराहना की। दोनों मंत्रियों ने संयुक्त राष्ट्रसंघ  (यूएन) और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) सहित विभिन्न बहुपक्षीय संगठनों में आपसी सहयोग जारी रखने पर अपनी सहमति जताई है।

09:15

भारत की कहानी, मीनाक्षी लेखी की जुबानी" के 50 एपिसोड पूरे किए


नई दिल्ली संस्कृति और विदेश राज्यमंत्री श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आज "भारत की कहानी, मीनाक्षी लेखी की जुबानी" नामक पॉडकास्ट सीरीज़ का 50वां एपिसोड पूरा कर लिया है।

श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आज़ादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत "भारत की कहानी, मीनाक्षी लेखी की जुबानी" नामक पॉडकास्ट सीरीज़ की शुरुआत की थी, जिसमें भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों से संबंधित कहानियां 75 दिनों की अवधि में सुनाई जा रही हैं, जो 75वें स्वतंत्रता दिवस पर पूरी होंगी।

ये पॉडकास्ट 01 जून, 2022 को शुरू किया गया था और केंद्रीय मंत्री इसमें रोज़ भारत के अलग अलग कोने के अलग-अलग गुमनाम नायकों की एक नई कहानी सुनाती हैं।

इन 75 कहानियों को अमृत महोत्सव की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ स्पॉटिफाई, गूगल पॉडकास्ट, साउंडक्लाउड और खबरी जैसे प्लेटफॉर्म पर उनके आधिकारिक हैंडल पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

अब तक जो कड़ियां आई हैं उनमें नीरा आर्य जैसे गुमनाम नायकों की कहानियां हैं जो भारत की पहली महिला जासूस थीं। उन्होंने सुभाष चंद्र बोस की रक्षा के लिए पूरा दम लगा दिया था। उनके अलावा झलकारी बाई, रानी अब्बक्का, अहिल्या बाई होल्कर और खुदीराम बोस जैसे नायकों की कहानियां शामिल हैं।

ये पहल बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि इतने दशकों से ये माना जाता रहा है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सिर्फ कुछ ही लोगों का योगदान रहा है।

ये पॉडकास्ट सीरीज़ इन्हीं गुमनाम नायकों के जीवन और योगदान पर प्रकाश डालने की एक पहल है जो भारत के लिए जिए और मर गए।

जैसा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि 21वीं सदी का भारत आजादी का अमृत महोत्सव के माध्यम से 20वीं सदी में की गई भूलों को सुधार रहा है। ये पहल इस आजादी का अमृत महोत्सव में उन अनसुने और अज्ञात नायकों के जीवन को सेलिब्रेट करने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप ही है।

इस सीरीज़ के माध्यम से केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी इन गुमनाम नायकों के योगदान और कहानियों को सामने लाना चाहती हैं ताकि आने वाली पीढ़ी उनके नाम और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके महत्वपूर्ण योगदान को न भूलें।

ये पॉडकास्ट सीरीज़ ऐसी अनूठी कहानियों का एक डिजिटल भंडार निर्मित करती है जो हमेशा हमारे तमाम नागरिकों के लिए एक मार्गदर्शन करने वाला प्रकाश साबित होगी, खासकर उन छात्रों के लिए जो इन बहादुरों के जीवन से प्रेरणा ले सकते हैं।

साल 2022 का अत्यधिक महत्व है क्योंकि इस साल भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। ये देश आजादी का अमृत महोत्सव को राष्ट्र और उसके लोगों की उपलब्धियों के उत्सव के रूप में मना रहा है।

09:13

कृषि क्षेत्र में भूटान को हर संभव मदद करता रहेगा भारत श्री तोमर


नई दिल्ली  कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर व भूटान के आर्थिक मामलों के मंत्री श्री लोकनाथ शर्मा के बीच आज नई दिल्ली में बैठक में अनेक मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान श्री तोमर ने कहा कि कृषि क्षेत्र में भूटान को भारत ने काफी सहयोग किया है और आगे भी हरसंभव मदद करता रहेगा।

       श्री तोमर ने भूटान के मंत्री श्री शर्मा सहित प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों पर प्रसन्नता जताई, साथ ही कहा कि श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद विदेशों में सबसे पहले भूटान की ही यात्रा की, जिससे यह बात और भी मजबूती से प्रकट होती है।

                “इस मैत्री को बढ़ाने के लिए भारत उदारतापूर्वक सहयोग करता रहा है। दोनों देशों के बीच व्यापारिक साझेदारी भी बढ़ी है तथा भारत इस बात का पक्षधर है कि इसे और प्रगाढ़ होना चाहिए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय तथा अन्य मंत्रालय भूटान के प्रति सहानुभूतिपूर्वक विचार कर निर्णय लेते रहे हैं। हम भूटान से विभिन्न कृषि उत्पादों के लिए भारतीय बाजार खोलने पर भी काम कर रहे हैं। भूटान के अनुरोध पर उसे भारत में अदरक निर्यात एवं एक और वर्ष के लिए आलू निर्यात की अनुमति प्रदान की गई है,” श्री तोमर ने कहा ।

                उन्होंने आश्वासन दिया कि दोनों देश कृषि क्षेत्र में साथ काम करते रहेंगे एवं आंतरिक व बाहरी विषयों को ध्यान में रखते हुए, हम भूटान के अनुरोध पर जब भी जरूरत हो, सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे।

       भूटान के मंत्री श्री शर्मा ने भूटान को चीनी की आपूर्ति सहित विभिन्न मामलों में सहयोग करने के लिए भारत को धन्यवाद दिया। श्री शर्मा ने कहा कि कृषि के मुद्दे हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं वे दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ाने के लिए भारत आए हैं। उन्होंने अदरक व आलू निर्यात के संबंध में भूटान के अनुरोध पर भारत द्वारा समर्थन के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। श्री शर्मा ने अनुरोध किया कि भारत को सुपारी निर्यात के संबंध में हमारे अनुरोध पर जल्द से जल्द विचार किया जाएं व फल-सब्जियों के संबंध में व्यापार एक- दूसरे के लिए वर्तमान रूप में जारी रखा जाएं तथा मुक्त व्यापार के जरिये एक-दूसरे को सहयोग बढ़ाया जाएं

09:10

केन-बेतवा लिंक परियोजना की संचालन समिति की दूसरी बैठक संपन्न हुई


नई दिल्ली केन-बेतवा लिंक परियोजना (एससी-केबीएलपी) की संचालन समिति की दूसरी बैठक आज विज्ञान भवन, नई दिल्ली में जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों और विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और नीति आयोग के अधिकारियों ने भाग लिया।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001UBWY.jpg

जल शक्ति मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के सचिव ने अपने उद्घाटन भाषण में जोर देकर कहा कि केन-बेतवा लिंक परियोजना बुंदेलखंड क्षेत्र की जल सुरक्षा और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस परियोजना को अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करके समयबद्ध तरीके से कार्यान्वित किया जाना चाहिए और परियोजना से प्रभावित लोगों और क्षेत्र के संरक्षण, विशेष रूप से पन्ना टाइगर रिजर्व के लैंडस्केप पर निर्भर प्रजातियों के संरक्षण की विधिवत देखभाल को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

बैठक के दौरान, पहली बैठक में लिए गए निर्णयों पर अनुवर्ती कार्रवाई, वर्ष 2022-23 के लिए कार्य योजना, परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवा की बहाली, भूमि अधिग्रहण और प्रभावित गांवों के पुनर्स्थापन और पुनर्वास, केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण के कार्यालयों की स्थापना सहित, ग्रेटर पन्ना के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा तैयार एकीकृत लैंडस्केप प्रबंधन योजना के कार्यान्वयन, केबीएलपीए की वित्तीय शक्तियां, किए गए व्यय पर राज्य को प्रतिपूर्ति आदि विभिन्न एजेंडा मदों पर विचार-विमर्श किया गया।

विभिन्न योजना और तकनीकी मामलों पर प्राधिकरण की समीक्षा और सलाह देने के लिए केन बेतवा लिंक परियोजना (केबीएलपी) हेतु एक तकनीकी सलाहकार समूह का गठन करने का भी प्रस्ताव किया गया। पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पुनर्स्थापन और पुनर्वास योजना के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक आर एंड आर समिति का गठन करने का प्रस्ताव किया गया। परियोजना के लैंडस्केप प्रबंधन योजना (एलएमपी) और पर्यावरण प्रबंधन योजना (ईएमपी) के कार्यान्वयन के लिए एक ग्रेटर पन्ना लैंडस्केप परिषद का गठन करने का भी प्रस्ताव किया गया।

Tuesday, 19 July 2022

04:30

पीएमएफएमई के तहत स्वयं सहायता समूहों को नया व्‍यवसाय शुरू करने के लिए आवश्‍यक सहायता के रुप में जारी


नई दिल्ली भारत की आजादी के 75 वें वर्ष में, ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार "आजादी का अमृत महोत्सव" मना रहा है। इसके तहत ग्रामीण विकास मंत्रालय की दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम) ने 1 से 15 जुलाई, 2022 तक देश भर में "उद्यमिता पखवाड़ा" आयोजित किया। सचिव (आरडी) ने 1 जुलाई, 2022 को पखवाड़े का वर्चुअली उद्घाटन किया। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में सचिव, आईआईएम कलकत्ता इनोवेशन पार्क के अध्यक्ष, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों और एसआरएलएम के एसएमडी/सीईओ ने अपनी-अपनी टीमों के साथ कार्यक्रम में हिस्‍सा लिया। इस उद्यमिता पखवाड़ा का उद्देश्य देश भर के ग्रामीण क्षेत्रों में गैर-कृषि आजीविका के तहत उद्यम विकास और उद्यमिता विकास के महत्व को उजागर करना था। इस दौरान देश भर में स्‍टार्ट-अप ग्राम उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी), वन स्टॉप सुविधा ( ओएसएफ), क्लस्टरों, इनक्यूबेटरों, स्‍वयं सहायता समूहों के उत्पादों के विपणन, पीएमएफएमई योजना का आयोजन किया गया।

 

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001902U.jpg

इस अवधि के दौरान, उद्यम प्रोत्साहन और ग्रामीण उद्यमिता से संबंधित विभिन्न योजनाओं पर 1400 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए गए। स्टार्ट-अप ग्रामीण उद्यमिता कार्यक्रम (एसवीईपी) और वन स्टॉप सुविधा (ओएसएफ) के तहत सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों - उद्यम संवर्धन (सीआरपी-ईपी) ने 3,512 व्यावसायिक योजनाएं तैयार की। इसके अलावा, सामुदायिक संस्थानों के माध्यम से इन उद्यमों को सामुदायिक उद्यम कोष (सीईएफ) के लिए 11.91 करोड़ रुपये वितरित किए गए। डीएवाई-एनआरएलएम एमओएफपीआई की पीएमएफएमई योजना के तहत सहायता के लिए एसएचजी व्यक्तिगत लाभार्थियों और समूहों को जुटाने की सुविधा भी दे रहा है। इसके अनुसार पीएमएफएमई के तहत नया व्‍यवसाय शुरू करने के लिए आवश्‍यक सहायता हेतु राज्‍य नोडल एजेंसियों को कुल 6753 आवेदन दिए गए हैं। इसके अलावा, उद्यमिता पखवाड़ा के दौरान, नया व्‍यवसाय शुरू करने के लिए आवश्‍यक सहायता के लिए पीएमएफएमई के तहत एसएचजी को 10.8 करोड़ रुपये जारी किए गए। क्लस्टर और इनक्यूबेटर योजनाओं के तहत भी राज्यों में कार्य शुरू किए गए हैं। क्षमता निर्माण पर ध्यान देने के परिणामस्वरूप 115 मास्टर सीआरपी-ईपी का मूल्यांकन और प्रमाणीकरण एनएसक्यूएफ मानदंडों के अनुसार हुआ है।

04:27

कृषि व खाद्य क्षेत्र में भारत के काम की वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के कार्यकारी निदेशक ने की सराहना


नई दिल्ली केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के कार्यकारी निदेशक श्री डेविड बेस्ली के बीच आज नई दिल्ली में बैठक हुई। इस दौरान श्री बेस्ली ने कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में भारत के कामकाज की खुलकर सराहना करते हुए अपेक्षा व्यक्त की कि वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ मिलकर दुनिया में खाद्यान्न की सुचारू आपूर्ति के लिए भारत अपना सहयोग प्रदान करता रहे।  

श्री तोमर ने श्री बेस्ली सहित वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत व डब्ल्यूएफपी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि क्षेत्र में 1968 से घनिष्ठता से काम कर रहे हैं। श्री तोमर ने किसानों के कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से सरकार ने कोरोना महामारी के संकटकाल में भारत की 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज वितरित किया, वहीं वसुधैव कुटुम्बकम् की भारत की प्राचीन परंपरा व महत्व को दर्शाते हुए श्री तोमर ने कहा कि भारत ने अपनी घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति करने के अलावा दुनिया के अनेक देशों को भी खाद्यान्न उपलब्ध कराया है।

04:24

पीपीपी संचालकों के जरिये सभी प्रमुख बंदरगाहों पर माल की लदाई-उतराई का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 85 प्रतिशत निर्धारित

रामजी पांडे

नई दिल्ली भारतीय बंदरगाहों में निवेश की निजी-सार्वजनिक भागीदारी (पीपीपी) प्रणाली ने पिछले 25 वर्षों के दौरान उल्लेखनीय प्रगति की है। इसकी शुरूआत जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपी) से की गई। परिणामस्वरूप क्षमता और उत्पादकता में बढ़ोतरी व सुधार हुआ। पीपीपी प्रणाली के तहत रियायत देने वाले प्राधिकार और रियायत पाने वाले के बीच पहला समझौता सफल रहा, जिसने इस वर्ष जुलाई में 25 वर्ष पूरे कर लिये। प्रमुख बंदरगाहों के मद्देनजर पीपीपी परियोजनाओं के विकास पर इस समझौते का जबरदस्त असर देखा गया। अब जेएनपी देश का ऐसा पहला बंदरगाह बन गया है, जहां सभी गोदियों का संचालन पीपीपी प्रणाली से हो रहा है और बंदरगाह की अवसंरचना पर प्राधिकरण का शत प्रतिशत मालिकाना हक रहेगा तथा उसी के नियमों का पालन होगा।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image001PUCE.jpg

जेएनपी देश का अग्रणी कंटेनर बंदरगाह है तथा विश्व के 100 बंदरगाहों में 26वें नंबर पर आता है, जैसा कि लॉयड लिस्ट टॉप 100 पोर्ट्स 2021 रिपोर्ट में दर्ज है। इस समय, जेएनपी में पांच कंटेनर टर्मिनल काम कर रहे हैं, जिसमें से केवल एक बंदरगाह के स्वामित्व में है। अपनी शानदार सुविधाओं की बदौलत जेएनपी अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरता है, वहां का माहौल उपयोग करने वालों के अनुकूल है तथा दूर-दराज के इलाकों से वह रेल व सड़क के माध्यम से जुड़ा है। सीएफएस, आईसीटी के साथ कनेक्टिविटी, सम्पूर्ण कस्टम हाउस, हवाई अड्डा, होटल, मुम्बई, पुणे, नासिक से निकटता तथा औद्योगिक पट्टी के कारण यह अनोखा कंटेनर टर्मिनल बन जाता है।

https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image002QKO4.jpg

 

जवाहरलाल नेहरू पोर्ट कंटेनर टर्मिनल (जेएनपीसीटी) के पास दो गोदियां हैं, जिनकी लंबाई 680 मीटर और तली 15 मीटर है। इन गोदियों को इस पीपीपी संविदा के तहत सौंप दिया जायेगा। इसके तहत 54.74 सहायक रकबा भी शामिल है। यह संविदा 30 वर्ष के लिये है। जेएनपीसीटी इस समय 9000 टीईयू क्षमता वाले जहाजों की संभाल करता है। उसकी क्षमता में इजाफा करने के बाद अब वह 12200 टीईयू क्षमता वाले जहाजों की संभाल कर सकता है। यह भी प्रस्ताव किया गया है कि पटरी पर जलने वाली जहाजी क्रेन (आरएमक्यूसी) की चौड़ाई 20 मीटर से बढ़ाकर 30.5 मीटर कर दी जाये। इस परियोजना के लिये निवेश रियायत प्राप्तकर्ता करेगा, जिसकी लागत 872 करोड़ रुपये होगी। रियायत देने वाला प्राधिकार इस टर्मिनल का उन्नयन, संचालन, रख-रखाव करेगा तथा पीपीपी आधार पर इसे स्थानांतरित कर देगा। इस परियोजना को दो चरणों में क्रियान्वित किया जायेगा।

  • पहले चरण में, 400 मीटर लंबी गोदी का उन्नयन करके उसे 12,200 टीईयू क्षमता वाले जहाजों (15 मीटर तली और 56.4 ऊंचे मस्तूल वाले 370 एलओए जहाज) की संभाल करने लायक बनाया जायेगा। जेएनपीए ने लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) जेएम बख्शी पोर्ट्स एंड लॉजिस्टिक्स लि. तथा सीएमए टर्मिनल को 28 जून, 2022 को प्रदान किया है। रियायत सम्बंधी समझौते पर 27 जुलाई, 2022 को हस्ताक्षर किये जायेंगे। सभी शर्तों को 180 दिनों में पूरा करने के बाद रियायत प्रदान कर दी जायेगी। प्रथम चरण की अवधि रियायत समझौता मिलने की तारीख से 18 महीने तक की होगी। पहले चरण की लागत 591.99 करोड़ रुपये है।
  • दूसरे चरण में 280 मीटर लंबाई वाली गोदी को उन्नत किया जायेगा, ताकि वह 12,200 टीईयू क्षमता वाले जहाजों की संभाल कर सके। दूसरे चरण का विकास 1.02 मिलियन टीईयू प्राप्त करने या सात वर्षों में, जो भी पहले हो, उस दौरान चालू होगा। दूसरे चरण को 18 महीने की अवधि में पूरा करना होगा और उसकी लागत 280.17 करोड़ रुपये आयेगी।

Monday, 18 July 2022

09:43

खीरी पहुची कमिश्नर बाढ़ बचाव हेतु किए कार्यों का किया निरीक्षण LMP


लखीमपुर खीरी । सोमवार की सुबह करीब 10:30 बजे लखनऊ मंडल, लखनऊ की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब जनपद खीरी पहुंची, उनके जनपद आगमन पर डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया।

कमिश्नर ने मोहम्मदाबाद के अमृत सरोवर व धौरहरा तहसील क्षेत्र में कटाव निरोधक कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उसके बाद उन्होंने चौका नदी के सन्निकट बसे एक गांव पहुँची, जहां उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत करके उनका फीडबैक जाना।

*आयुक्त ने किया अमृत सरोवर का निरीक्षण, किया पौधरोपण*
कमिश्नर ने लखीमपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत मोहम्मदाबाद में निर्माणाधीन अमृत सरोवर का निरीक्षण किया, उनमें जिला पंचायत से कराए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। अफसरों से जानकारी ली, संबंधित को निर्देश दिए। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि जिलेभर में 116 अमृत सरोवर बनाए जा रहे, जिन पर कार्य प्रगति पर है। शासन द्वारा तय समय सीमा के भीतर सभी अमृत सरोवरों के निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा।

सीडीओ अनिल सिंह ने बताया कि 15वें वित्त आयोग योजना से जिला पंचायत द्वारा ब्लाक लखीमपुर की ग्राम मोहम्मदाबाद के कैनी तालाब पर अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा, उन्होंने तालाब के क्षेत्रफल, जल ग्रहण क्षेत्र, जल निकास क्षेत्र एवं जल क्षमता के संबंध में जानकारी दी। जनपद के एंट्री प्वाइंट पर निर्माणाधीन अमृत सरोवर को पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। कमिश्नर ने डीएम संग अमृत सरोवर परिसर में छायादार, फलदार, शोभादार पौधों का रोपण किया। इस मौके पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय कुमार सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत ओम प्रकाश, अध्यक्ष प्रतिनिधि, जिपं नरेंद्र सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जागन सिंह, अभियंता अरविंद कुमार राय मौजूद रहे।

*तेज धूप में आयुक्त ने देखे कटाव निरोधक कार्य, ग्रामीणों से लिया फीडबैक*

*कमिश्नर बोली, अच्छा हुआ काम, शेष काम को जल्दी पूरा करें, करें रिपोर्ट*

आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने चिलचिलाती धूप में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के साथ तहसील व ब्लाक धौराहरा के शारदा नदी के बाएं किनारे पर स्थित गांव समूह नोवापुर, मठियापुरवा, घुरघुटटा की सुरक्षा के लिए कटाव निरोधक कार्य एवं स्पिल बंद करने की परियोजना का निरीक्षण किया। कमिश्नर के पूछने पर अधिशासी अभियंता (बाढ़ खंड) राजीव कुमार ने बताया कि 950 मी. लंबाई में लांचिंग एप्रेन के साथ जिओ ट्यूब लगाकर बैंक बनाने का कार्य किया गया। कार्य सुरक्षित स्तर तक पूर्ण कर लिया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण कार्य बाधित है।

कमिश्नर ने सर्वप्रथम नक़्शे से पूरी परियोजना समझी। उन्होंने पूरी परियोजना का पैदल भ्रमण कर परियोजना के तहत कराए कार्य, उसकी गुणवत्ता देखी। उन्होंने निर्देश दिए कि जलस्तर बढ़ने पर इसकी सतत निगरानी की जाए। काम के दौरान विभाग स्थानीय ग्रामीणों से संवाद बनाए रखे, कराए जाने वाले कार्यों की जानकारी दें। मौजूद ग्रामीणों से फीडबैक लिया। निर्देश दिए कि परियोजना के शेष कार्य को पूर्ण कर 07 दिन में उन्हें रिपोर्ट करें। ग्रामीणों ने परियोजना के अंतिम छोर पर कुछ काम कराने की मांग की, जिसपर कमिश्नर ने एक्सईएन (बाढ़ खंड) को निर्देश दिए कि वहां बाढ़ बचाव के लिए आवश्यकतानुसार अस्थाई अनुरक्षण कार्य कराए। इस दौरान उनके साथ डीएम महेंद्र बहादुर सिंह, सीडीओ अनिल कुमार सिंह, एडीएम संजय सिंह, एक्सईएन बाढ़ खंड राजीव कुमार, एसडीएम श्रद्धा सिंह, धीरेंद्र सिंह सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

*नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्रामवासी आवागमन में सतर्कता, एहतियात बरतें : आयुक्त*
इसके बाद कमिश्नर डॉ रोशन जैकब ने डीएम महेंद्र बहादुर सिंह संग सदर तहसील, ब्लॉक नकहा की ग्राम पंचायत बिल्होरा के मजरा घोसियाना पहुचे, जहां उन्होंने चौका नदी के सन्निकट बसे इस गांव के वाशिंदो से बातचीत की। नदी के जलस्तर बढ़ने से ग्राम वासियों को होने वाली असुविधाएं जानी।

आयुक्त से बातचीत के दौरान ग्रामीणों ने बताया कि नौउवापुर व घोसियाना के बीच आवागमन का एकमात्र साधन नाव है। उन्होंने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने पर ग्राम वासी आवागमन के दौरान सतर्कता, एहतियात बरतें। वही क्षमता से अधिक व्यक्ति नाव पर सवार होकर नदी पार न करें।

Sunday, 17 July 2022

22:24

मोदी व योगी जी की घोषणा को साकार करवाने के लिए 20 जुलाई को प्राधिकरण पर प्रदर्शन करेंगे झुग्गी वासी- गंगेश्वर दत्त शर्मा


 नोएडा, झुग्गी झोपड़ी के नागरिकों की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर नोएडा झुग्गी झोपड़ी संयुक्त पुनर्वास मंच ने 20 जुलाई 2022 को प्रातः 10:00 बजे नोएडा प्राधिकरण कार्यालय सेक्टर- 6, नोएडा पर प्रदर्शन करने की घोषणा कर दी है। और उक्त की तैयारी के लिए मंच के पदाधिकारी रमाकांत सिंह, गंगेश्वर दत्त शर्मा, मुन्ना आलम, शहाबुद्दीन, उपदेश श्रीवास्तव आदि नेता झुग्गी वासियों से जगह-जगह जनसंपर्क व नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से प्रदर्शन को सफल बनाने की अपील कर रहे हैं।
 प्रदर्शन के मुद्दों की जानकारी देते हुए मंच के संयोजक गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि जिन झुग्गी वासियों ने प्राधिकरण की पुनर्वास स्कीम के तहत सेक्टर- 122, नोएडा में फ्लैट लिया वे प्राधिकरण में व्याप्त अनियमितताओं की मार झेल रहे हैं क्योंकि उक्त फ्लैट मरम्मत के अभाव में झज्जर अवस्था में पहुंच गए तथा रहने योग्य नहीं है और प्राधिकरण द्वारा उनकी मरम्मत, वायरिंग आदि कार्य नहीं कराए जा रहे हैं तथा सीलिंग करने, पानी व बिजली के कनेक्शन करने के कार्य में जबरदस्त अवैध वसूली की जा रही है।
 साथ ही उन्होंने बताया कि जिन लोगों को फ्लैट लेना था उन्होंने ले लिया शेष बचे हुए झुग्गी झोपड़ी के नागरिकों के लिए संपूर्णतया में एक समग्र आवासीय योजना बनाकर 131 वीं बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत 26- 26 वर्ग मीटर के भूखंड दिए जाएं। या जहां झुग्गी वहीं मकान माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी व मुख्यमंत्री योगी जी के घोषणा/स्कीम को नोएडा प्राधिकरण साकार करें। और जब तक यह नहीं होता है तब तक प्राधिकरण झुग्गी बस्तियों में सभी मूलभूत जन सुविधा उपलब्ध कराएं तथा सेक्टर- 16, 17, 18, 11 सहित सेक्टर- 4, 5, 8, 9, 10 आदि में सर्वे से वंचित झुग्गी वासियों का सर्वे कराकर सूची बंद कराकर समग्र योजना में शामिल किया जाए।