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Saturday, 31 October 2020

23:59

मिर्जापुर 2 से हटाया गया ये जबरदस्त सीन सुरेंद्र मोहन पाठक की चेतावनी के बाद प्रोडक्शन हाउस ने हटाया deepak tiwari


मिर्जापुर 2 में सुरेंद्र मोहन पाठक की किताब वाला सीन हटाया गया।

क्राइम फिक्शन बेस्ड नॉवेल लिखने के लिए दुनियाभर में मशहूर लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक इस बात से बहुत दुखी हुए कि मिर्जापुर वेब सीरीज में उनकी किताब धब्बा को गलत तरीके से परिभाषित करने की कोशिश की गई जिससे उनकी और उस किताब की छवि को नुकसान हुआ है. सुरेंद्र ने प्रोडक्शन हाउस को चेतावनी दी कि अगर उस सीन को सीरीज से नहीं हटाया गया तो वे मिर्जापुर वेब सीरीज के खिलाफ वैधानिक एक्शन भी ले सकते है. हालांकि सीरीज में से अब सीन को हटा दिया गया है और राइटर से प्रोडक्शन हाउस ने माफी भी मांगी है।

मिर्जापुर 2 की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जहां एक ओर मिर्जापुर के इस नए सीजन को खूब पसंद किया जा रहा है वहीं दूसरी तरफ ये वेब सीरीज कंट्रोवर्सी का भी हिस्सा बनती जा रही है. इस वेब सीरीज में एक सीन आता है जहां पर कुलभूषण खरबंदा अपने सत्यानंद त्रिपाठी के किरदार में होते हैं और हाथ में सुरेंद्र मोहन पाठक की किताब धब्बा पकड़े हुए होते हैं. इस किताब के साथ वे जो डायलॉग बोलते हैं उससे सुरेंद्र मोहन पाठक को आपत्ती हुई और उन्होंने इसे हटाने की मांग की थी ।
इसके बाद एक्सल एंटरटेनमेंट ने ना सिर्फ उस सीन को ही वेब सीरीज से हटाया बल्कि सोशल मीडिया पर एक लेटर लिखकर राइटर से माफी भी मांगी. लेटर में कहा कि- प्यारे सुरेंद्र मोहन पाठक जी, हम अपनी इस गलती के लिए क्षमा मांगते हैं और ये भी साफ कर देना चाहते हैं कि ऐसा करने में हमारी मंशा ये बिल्कुल भी नहीं थी कि किसी भी तरह से आपकी छवि को ठेस पहुंचे. हम इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि आप हिंदी प्राइम फिक्शन के एक बड़े राइटर हैं और आपके काम की काफी प्रशंसा की जाती है.

3 हफ़्तों का समय मांगा ।

लेटर में आगे कहा गया कि- हम आपको ये जानकारी देना चाहते हैं कि हमारी तरफ से आपकी इच्छानुसार उस सीन को हटा दिया गया है. हम सीन से बुक कवर को ब्लर कर देंगे और 3 हफ्ते के अंदर वॉइस ओवर को भी हटा देंगे. कृपया इस गलती के लिए हमें माफ कर दें. बता दें कि 23 अक्टूबर को मिर्जापुर 2 का नया सीजन रिलीज हुआ है. इसे दर्शकों ने खूब पसंद किया है ।
23:57

मुकेश खन्ना (शक्तिमान) के बारे में आई ऐसी खबर deepak tiwari

मुंबईः ‘महाभारत’ में ‘भीष्म पितामह’ और सुपर पावर बेस्ड ‘शक्तिमान’ से घर-घर में पहचान बनाने वाले मुकेश खन्ना इन दिनों अपने एक विवादित बयान के चलते खासे सुर्खियों में हैं। मुकेश खन्ना के एक पुराने इंटरव्यू में से एक क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वह मीटू मूवमेंट पर अपने विचार रखते दिख रहे हैं। वायरल वीडियो में मुकेश खन्ना महिलाओं के घर से बाहर निकलकर काम करने पर आपत्ति जताते दिख रहे हैं और मर्द और महिला के कामों पर अपनी राय दे रहे हैं। इस वीडियो को लेकर अब मुकेश खन्ना ट्रोल्स के निशाने पर आ गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए लोग मुकेश खन्ना की महिलाओं के प्रति सोच को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कुछ यूजर्स ट्विटर पर मुकेश खन्ना को यह कहकर ट्रोल कर रहे हैं कि ‘वह शक्तिमान नहीं, बल्कि किलविश हैं।’ वीडियो में मुकेश खन्ना कहते हैं- ‘मर्द अलग होता है औरत अलग होती है। औरत की रचना अलग होती है और मर्द की अलग होती है। औरत का काम होता है घर संभालना, जो माफ करना मैं कभी-कभी बोल जाता हूं कि प्रॉब्लम कहां से शुरू हुई है मी-टू की जब औरतों ने भी काम करना शुरू कर दिया। आज औरत मर्द के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बात करती हैं।’ ‘लोग वुमन लिव की बात करेंगे, लेकिन मैं आपको बता दूं कि प्रॉब्लम यहीं से शुरू होती है। सबसे पहला जो मैम्बर सफर करता है, वह घर का बच्चा होता है, जिसको मां नहीं मिलती। आया के साथ बैठकर क्योंकि सास भी कभी बहू देख रहा होता है वो, जबसे शुरुआत हुई, उसके बीच में यह शुरुआत हुई कि मैं भी वही करूंगी, जो मर्द करता है। नहीं, मर्द, मर्द है औरत, औरत है।’ हालांकि, इस वीडियो के वायरल होने के बाद मुकेश खन्ना ने अपने इंटरव्यू का पूरा वीडियो भी शेयर किया है।
23:55

1 नवम्बर से बदल रहे कई जरूरी नियम tap news India deepak tiwari

1️⃣ एक नवंबर से LPG सिलेंडर की डिलिवरी का सिस्टम बदल जाएगा. तेल कंपनियां एक नवंबर से डिलिवरी ऑथेंटीकेशन कोड (DAC) सिस्टम लागू करेंगी. यानी गैस की डिलिवरी से पहले उपभोक्ता के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP भेजा जाएगा. जब सिलेंडर आपके घर आएगा तो उस OTP को डिलिवरी ब्वॉय के साथ शेयर करना होगा. जब OTP सिस्टम से मैच होगा तभी आपको सिलेंडर की डिलिवरी होगी.


2️⃣ अगर किसी कस्टमर का मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो डिलीवरी ब्वॉय के पास के ऐप होगा, जिसके जरिए तत्काल ही अपना नंबर अपडेट करवा सकेंगे. अगर किसी ग्राहक का पता, नाम जैसी जानकारियां अपडेट नहीं हैं तो उन्हें भी 1 नवंबर से पहले ये सभी चीजें अपडेट करवानी होंगी नहीं तो सिलेंडर डिलिवरी में दिक्कत आ सकती है.

3️⃣ दरअसल गैस चोरी को रोकने के लिए तेल कंपनियों ने डिलिवरी का पूरा सिस्टम ही बदल दिया है. ये सिस्टम पहले 100 स्मार्ट सिटी में लागू होगा, फिर धीरे धीरे पूरे देश में लागू कर दिया जाएगा. ये सिस्टम सिर्फ घरेलू गैस सिलेंडरों की डिलिवरी के लिए है, कमर्शियल LPG सिलेंडरों पर ये सिस्टम लागू नहीं होगा.


4️⃣ एक नवंबर से इंडेन ग्राहकों के लिए गैस बुक करने का नंबर बदल जाएगा.  इंडियन ऑयल ने बताया कि पहले रसोई गैस बुकिंग के लिए देश के अलग-अलग सर्किल के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर होते थे. अब देश की सबसे बड़ी पेट्रोलियम कंपनी ने सभी सर्किल के लिए एक ही नंबर जारी किया है, अब देश भर के ग्राहकों को एलपीजी सिलेंडर बुक कराने के लिए 7718955555 पर कॉल या एसएमएस भेजना होगा.


5️⃣ बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) खाताधारकों के लिए बुरी खबर है. 1 नवंबर से बैंक ऑफ बड़ौदा ग्राहकों से एक तय सीमा से ज्याद पैसा जमा करने और निकालने दोनों पर चार्ज वसूलेगा. बैंक ऑफ बड़ौदा ने चालू खाता, कैश क्रेडिट लिमिट और ओवरड्राफ्ट अकाउंट से जमा-निकासी के अलग और बचत खाते से जमा-निकासी के अलग-अलग चार्ज तय किए हैं. लोन अकाउंट के लिए महीने में तीन बार के बाद जितनी बार ज्यादा पैसा निकालेंगे, 150 रुपये हर बार देने पड़ेंगे. बचत खाते में तीन बार तक जमा करना मुफ्त होगा, लेकिन इसके बाद चौथी बार जमा किया तो 40 रुपये देने होंगे.

6️⃣ हालांकि जन-धन खाताधारकों को इस फीस में हल्की राहत दी गई है. उन्हें डिपॉजिट पर कोई चार्ज नहीं चुकाना होगा, लेकिन पैसे निकालने पर 100 रुपये देने होंगे. वरिष्ठ नागरिकों को भी चार्ज से कोई राहत नहीं दी गई है.
बाकी बैंक्स जैसे बैंक ऑफ इंडिया, पीएनबी, एक्सिस और सेंट्रल बैंक भी जल्द ही इस तरह के चार्ज लगाने पर फैसला लेंगे.


7️⃣ 1 नवंबर से SBI के भी कुछ अहम नियमों में बदलाव होने जा रहा है. SBI के बचत खातों पर कम ब्याज मिलेगा. अब 1 नवंबर से जिन सेविंग्स बैंक अकाउंट में 1 लाख रुपए तक की राशि जमा है उस पर ब्याज की दर 0.25 परसेंट घटकर 3.25 परसेटं रह जाएगी. जबकि 1 लाख रुपए से ज्यादा की जमा पर अब रेपो रेट के अनुसार ब्याज मिलेगा.


8️⃣ एक  नवंबर से अब पचास करोड़ रुपए से अधिक टर्नओवर वाले कारोबारियों के लिए डिजिटल पेमेंट लेना अनिवार्य होगा. RBI का यह नियम भी एक नवंबर से लागू हो जाएगा. नई व्यवस्था के मुताबिक, ग्राहक या मर्चेंट्स से डिजिटल पेमेंट के लिए कोई भी शुल्क या मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं वसूला जाएगा. ये नियम सिर्फ 50 करोड़ रुपये से ज्यादा वाले टर्नओवर पर ही लागू होगा.


9️⃣ एक नवंबर से महाराष्ट्र में बैंकों का नया टाइम लागू होने जा रहा है. अब राज्य के सभी बैंक एक ही समय पर खुलेंगे और एक समय पर बंद होंगे. महाराष्ट्र में सभी बैंक्स सुबह 9 बजे से खुलकर शाम 4 बजे तक बंद होंगे. यह नियम सभी पब्लिक सेक्टर बैंक्स पर लागू होगा. हाल ही में वित्त मंत्रालय ने देश में बैंकों के कामकाज का समय एक जैसा करने का निर्देश दिया था. यह नियम उसी के बाद लागू किया जा रहा है.


🔟 ट्रेन से सफर करने जा रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. 1 नवंबर से भारतीय रेल पूरे देश की ट्रेनों के टाइम टेबल को बदलने जा रही है. पहले ट्रेनों का टाइम टेबल 1 अक्टूबर से बदलने वाला था, लेकिन इस तारीख को आगे बढ़ा दिया गया. 1 नवंबर से ट्रेनों का नया टाइम टेबल जारी हो जाएगा. इस कदम से 13 हजार यात्री और 7 हजार मालभाड़ा ट्रेनों के टाइम बदल जाएंगे. देश की 30 राजधानी ट्रेनों के टाइम टेबल भी 1 नवंबर से बदल जाएंगे.


1️⃣1️⃣ 1 नंवबर से बुधवार को छोड़कर चंडीगढ़ से न्यू दिल्ली के बीच तेजस एक्सप्रेस चलेगी. गाड़ी संख्या 22425 न्यू दिल्ली-चंडीगढ़ तेजस एक्सप्रेस न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से प्रत्येक सेामवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार रविवार को सुबह 9.40 पर चलेगी और दोपहर 12.40 पर चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। यानी आप 3 घंटे में चंडीगढ पहुंच जाएंगे.
21:23

इस दीपावली पर बनेगा धन कारक दुर्लभ योग :deepak tiwari

शनिवार, 14 नवंबर को दीपावली मनाई जाएगी। इस बार ये पर्व शनिवार को आने से तंत्र पूजा के लिए खास रहेगा। इस दीपावली पर गुरु ग्रह अपनी राशि धनु में और शनि अपनी राशि मकर में रहेगा। शुक्र ग्रह कन्या राशि में नीच का रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार, दीपावली पर इन तीन बड़े ग्रहों का ये दुर्लभ योग 499 साल बाद बन रहा है।
2020 से पहले 1521 में गुरु, शुक्र और शनि का ये योग बना था। उस समय 9 नवंबर को दीपावली मनाई गई थी। गुरु और शनि व्यक्ति की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले कारक ग्रह माने जाते हैं। ये दो ग्रह दीपावली पर अपनी राशि में होने से धन संबंधी कामों में कोई बड़ी उपलब्धि मिलने का समय रहेगा।
14 को रहेगी चतुर्दशी और अमावस्या तिथि
14 नवंबर को चतुर्दशी तिथि दोपहर 1.16 बजे तक रहेगी। उसके बाद से अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। दीपावली पर लक्ष्मी पूजा खासतौर पर संध्या काल और रात में ही की जाती है। 15 नवंबर को अमावस्या तिथि सुबह 10.16 तक ही रहेगी। इसीलिए दीपावली 14 नवंबर को मनाया जाना श्रेष्ठ है। 15 तारीख को केवल स्नान-दान की अमावस्या मनाई जाएगी।
दीपावली पर श्रीयंत्र की पूजा करने की परंपरा
दीपावली पर देवी लक्ष्मी के साथ ही श्रीयंत्र की भी पूजा करने की परंपरा है। इस बार गुरु धनु राशि में रहेगा। ऐसी स्थिति में श्रीयंत्र का पूरी रात कच्चे दूध से अभिषेक करना बहुत शुभ रहेगा।
शनि अपनी राशि मकर में रहेगा, शनिवार और अमावस्या का योग भी रहेगा। इस योग में दीपावली पर तंत्र-यंत्र पूजा करने का शुभ योग रहेगा।
दीपावली पर करें ये शुभ काम
दीपावली पर हनुमानजी, यमराज, चित्रगुप्त, कुबेर, भैरव, कुलदेवता और पितरों का पूजन जरूर करना चाहिए।
लक्ष्मीजी के साथ भगवान विष्णु का भी पूजन करना बहुत शुभ रहता है।
पूजन में श्री सूक्त का पाठ करना चाहिए।
चाहें तो विष्णुसहस्रनाम, गोपाल सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं।
21:19

75 हजार रु. किलो बिकने वाली गोल्ड चायपत्ती की कहानी जानिए हर साल यह क्यों रिकॉर्ड बनाती है deepak tiwari

असम में खास तरह की दुर्लभ प्रजाति वाली चायपत्ती ने फिर रिकॉर्ड बनाया है। मनोहारी गोल्ड टी खास तरह की चायपत्ती है, जिसे गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र पर 75 हजार रुपए प्रति किलो की कीमत पर बेचा गया है। यह असम में इस साल दर्ज चाय की सबसे ऊंची कीमत है।
इस चायपत्ती की पैदावार करने वाले मनोहारी टी स्टेट का कहना है, इस साल इसकी केवल 2.5 किलो पैदावार हुई। इसमें से 1.2 किलो की नीलामी हुई है। महामारी के बीच चाय की इतनी कीमत मिलना इंडस्ट्री के लिए राहत की बात है।
ये तो हुई नीलामी की बात अब ये भी समझ लीजिए कि यह चायपत्ती इतनी खास क्यों है...
चाय को तोड़ने का तरीका भी है अलग
मनोहारी टी स्टेट के डायरेक्टर राजन लोहिया कहते हैं, ये खास तरह की चायपत्ती होती है जिसे सुबह 4 से 6 बजे के बीच सूरज की किरणें जमीन पर पड़ने से पहले तोड़ा जाता है। इसका रंग हल्का मटमैला पीला होता है। यह चायपत्ती अपनी खास तरह की खुशबू के लिए जानी जाती है। इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं।
ऐसे तैयार होती है
पिछले 63 साल से असम की टी-इंडस्ट्री से जुड़े चंद्रकांत पराशर कहते हैं, इस खास तरह की चायपत्ती की पैदावार 30 एकड़ में की जाती है। पौधों से पत्तियों के साथ कलियों को तोड़ा जाता है। फिर इन्हें फर्मेंटेशन की प्रोसेस से गुजारा जाता है। फर्मेंटेशन के दौरान इनका रंग ग्रीन से बदलकर ब्राउन हो जाता है। बाद में सुखाने पर इसका रंग गोल्डन हो जाता है। इसके बाद इसे पत्तियों से अलग किया जाता है।
1 हजार करोड़ के घाटे से जूझ रहा चाय का कारोबार
डेक्कन हेराल्ड की एक रिपोर्ट के मुताबिक, लॉकडाउन, मानसून और बाढ़ का सीधा असर असम की चायपत्ती की पैदावार पर हुआ है। टी-इंडस्ट्री इस साल 1 हजार करोड़ के घाटे से जूझ रही है। लेकिन हाल ही में नीलामी ने कुछ राहत पहुंचाई है।
राजन लोहिया कहते हैं, ढाई किलो में से 1.2 किलो की नीलामी हुई है। बची हुई चायपत्ती यहां के नीलामी केंद्र पर मिलेगी। इसे गुवाहाटी की विष्णु टी कम्पनी ने खरीदा है। यह कम्पनी ई-कॉमर्स वेबसाइट के जरिए दुनियाभर तक पहुंचाते हैं।
21:17

इंदौर में 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया 89 नए संक्रमित मिले अब तक 4 लाख से ज्यादा लोगों की हुई जांच deepak tiwari

इंदौर.इंदाैर में काेराेना काे लेकर राहतभरी खबराें का आना जारी है। तीन दिनाें तक लगातार माैत का आकड़ा शून्य आने के बाद शुक्रवार रात काे 89 दिनों बाद संक्रमिताें का आंकड़ा 100 से कम आया। देर रात 89 संक्रमित मिले, जबकि एक मरीज के मौत की पुष्टि हुई। इसके पहले 2 अगस्त को 91 और 3 अगस्त को एक ही दिन में 89 नए पाजीटिव निकले थे। एक और अच्छी बात यह भी है कि महीनों बाद एक्टिव मरीजाें की संख्या 3 हजार से कम हुई है। वहीं, सबसे ज्यादा संक्रमित मरीज इसी महीने 1 अक्टूबर मिले थे। दिन दिन 495 नए मरीज मिले थे। साथ ही 6 मरीजों की जान भी गई थी। वहीं, अब तक 4 लाख से ज्यादा सैंपलों की जांच हो चुकी है।
शुक्रवार देर रात 4097 सैंपलाें की जांच रिपाेर्ट आई, जिसमें 3994 की रिपोर्ट निगेटिव आई। अब तक जिले में 4 लाख 3 हजार 741 सैंपलों की जांच हो चुकी है। इनमें 34042 संक्रमित मरीज मिले हैं। अब तक 30,531 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। जबकि 682 मरीजों की जान जा चुकी है। अभी भी जिले में 2829 एक्टिव मरीज हैं। वहीं, रैपिड एंटीजन सैंपल की संख्या 1 लाख 16 हजार 11 हो गई है। अक्टूबर महीने में अब तक 9463 पाजीटिव मरीज मिले हैं, जिसमें आखिरी छह दिनों में सिर्फ 725 ही नए पाॅजीटिव आए हैं। वहीं इस महीने अब तक 109 लोगों की जान गई है।
56 क्षेत्रों में मिले पॉजिटिव, स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रणित
देर रात 56 क्षेत्रों से संक्रमित सामने आए। इसमें स्कीम नंबर - 54 सबसे ज्यादा संक्रमित क्षेत्र रहा। यहां पर 9 पॉजिटिव मरीज मिले। इसके अलावा विजय नगर, स्कीम नंबर, 114 और 74 में 8, सुदामा नगर में 4, केंट एरिया महू में 4, कनाड़िया में 4, जूनी इंदौर में 3, बिलानी पार्क में 3, खजराना, गोयल विहार में 2, नेहरू नगर में 2, परदेशीपुरा में 2, बख्तावर रामनगर में 2, वसंत विहार कॉलोनी में 2, शिवधाम कॉलोनी में 2, शालीमार टाउनशिप में 2, सर्व सुविधा नगर में 2, तेजाजी नगर में 2 और आशीष नगर में दो मामले सामने आए हैं। इसके अलावा 41 क्षेत्रों में 1-1 मरीज मिले हैं।
21:14

पुष्कर के नए रंग जी मंदिर के खुले कपाट श्रद्धालुओं ने 7 महीने बाद किए दर्शन deepak tiwari

तीर्थ नगरी पुष्कर के रमा बैकुंठ मंदिर (नया रंगजी मंदिर) 7 महीने के लंबे अंतराल के बाद शनिवार को खोला गया। पुष्कर के ब्रह्मा मंदिर सहित पांच प्रमुख में से एक रंग जी मंदिर के कपाट कोरोना के चलते बंद थे, अब कपाट खुलने से श्रद्धालुओं ने भगवान बैकुंठ नाथ के दर्शन किए। श्रद्धालुओं को मंदिर में कोरोना गाइडलाइन की पालना करनी पड़ रही है।
मंदिर के व्यवस्थापक सत्यनारायण रामावत ने बताया कि कोरोना के चलते 20 मार्च को मंदिर श्रद्धालुओं के लिए बंद किया गया था। शनिवार को सुबह 8:15 बजे विशेष मुहूर्त में मंदिर फिर से खोला गया। दोपहर 12:00 से 4:00 बजे तक विश्राम के दौरान मंदिर में कपाट बंद रहेंगे। शाम 4:00 से 7:00 बजे तक मंदिर खुला रहेगा।
सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के मुताबिक यहां व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं में 2 गज की दूरी रखी जा रही है। मंदिर के प्रवेश द्वार पर गोले बनाए गए है, ताकि दूरी बनी रहे। बिना मास्क प्रवेश की अनुमति नहीं दी रही है। मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालु आना शुरू हो गए है।
श्रद्धालु किरण पाराशर ने बताया कि पुष्कर में ब्रह्मा मंदिर सहित पांच प्रमुख मंदिरों में से रंग जी मंदिर एक है और लंबे अंतराल के बाद दर्शन कर अच्छा लगा।
21:12

छत्तीसगढ़ में कल से बंटेगा आयरन और विटामिन वाला चावल, कोण्डागांव से शुरुआतरायपुर.deepak tiwari

 राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर को आयरन और विटामिन से युक्त फोर्टिफाईड राइस वितरण की नई योजना का शुभारंभ करेंगे। भोजन में आवश्यक तत्वों की पूर्ति और कुपोषण के नियंत्रण के लिए यह योजना राज्य के कोण्डागांव जिले में पायलट प्रोेजेक्ट के रूप में शुरू होगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वर्ष 2020-21 के अपने बजट भाषण में इस योजना की घोषणा की थी। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा 5 करोड़ 80 लाख रुपए का बजट प्रावधान भी किया गया है। फोर्टिफाईड चावल का वितरण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उचित मूल्य के दुकानों से किया जाएगा।
इस चावल का वितरण कोण्डागांव जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) और अन्य योजनाओं के तहत किया जाएगा। इस चावल को भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण (एफएसएसआई) द्वारा निर्धारित मापदण्डों के अनुसार वितरण किया जाना है। फोर्टिफाईड राईस तैयार करने लिए दो राईस मिलों को राईस ब्लेडिंग कार्य सौंपा गया है।
फोर्टिफाईड राईस में लौह तत्व, विटामिन बी-12 तथा फोलिक एसिड युक्त फोर्टिफाईड राईस करनेल (एफआरके) का मिश्रण होता है। जो लोगों को खुराक में आवश्यक पोष्टिक तत्वों की पूर्ति के साथ ही कुपोषण और एनिमिया के नियंत्रण में काफी मददगार साबित होगा।
एक लाख 34 हजार से अधिक राशन कार्ड
कोण्डागंाव जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एक लाख 11 हजार 217 राशनकार्ड तथा राज्य योजना के तहत 23 हजार 204 राशनकार्ड इस तरह कुल एक लाख 34 हजार 421 राशनकार्ड प्रचलित है।
इस जिले में चावल का कुल वार्षिक आबंटन 60 हजार 188 टन है जिसमें पीडीएस चांवल का 55 हजार 068 टन है और कल्याणकारी योजना, मध्यान्ह भोजन, पूरक पोषण आहार आदि योजनाओं का वार्षिक आबंटन 5 हजार 120 टन है।
21:10

मुंबई में बड़ी दुर्घटना टली जाने क्या :deepak tiwari

मुंबई.शहर के दहिसर के कंधारपाड़ा इलाके में एक कोविड-19 आईसीयू सेंटर में हादसा हो गया। यहां एक मरीज का इलाज करते वक्त उसके बगल में लगी मशीन में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। हालांकि, नर्सों की सतर्कता के चलते आग पर तुरंत काबू पा लिया गया और एक बड़ा हादसा टल गया। इस घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है। इसमें वार्ड में अचानक आग लगते हुए नजर आ रही है।
जानकारी के मुताबिक, कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए दहिसर कंधारपाड़ा में 100 बेड का एक हॉस्पिटल बनाया गया है। केंद्र में एक मरीज के लिए एक एचएफएनसी (हाई फ्लो नोजल कैनुला) संयंत्र गुरुवार दोपहर 2 बजे स्थापित किया गया। इसी में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी।
नर्स की सतर्कता से बची कइयों की जान
आग लगते ही मरीज के पास मौजूद नर्स अनुपमा तिवारी ने तेजी दिखाते हुए बिस्तर से मशीन को हटा दिया। प्लांट को बिजली की आपूर्ति काट दी गई। आसपास की अन्य नर्सों, चिकित्सा अधिकारी डॉ. रवि, वार्ड ब्वॉय जतिन और अन्य कर्मचारी पास के आग बुझाने वाले यंत्र को ले आए और जलते हुए मेडिकल प्लांट को एक पल में बुझा दिया। परिश्रम के साथ आग को बुझाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
नर्सों और डॉक्टर्स की आदित्य ठाकरे ने की तारीफ
इन नर्सों, डॉक्टर व मेडिकल स्टाफ की राज्य के पर्यावरण, पर्यटन मंत्री तथा मुंबई उपनगर जिला के पालक मंत्री आदित्य ठाकरे, मुंबई की महापौर किशोरी पेडणेकर, महानगरपालिका आयुक्त इकबाल सिंह चहल समेत अन्य लोगों ने तारीफ की है।
13:00

लगातार असफलता मिल रही है तो धैर्य बनाए रखना चाहिए क्योंकि समय बदलते देर नही लगतीdeepak tiwari

कुछ लोगों को कभी-कभी कड़ी मेहनत के बाद भी लगातार असफलता मिलती है, ऐसी स्थिति में हमें धैर्य बनाए रखना चाहिए और लक्ष्य की ओर धीरे-धीरे आगे बढ़ते रहना चाहिए। सही दिशा में आगे बढ़ते रहने से देर से ही सही, लेकिन सफलता जरूर मिलती है। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है।
प्रचलित कथा के अनुसार एक व्यक्ति बहुत मेहनत कर रहा था, लेकिन उसकी परेशानियां खत्म ही नहीं हो रही थीं, उसे किसी भी काम सफलता नहीं मिल रही थी। असफलता और धन की कमी की वजह से वह हताश हो गया था।
एक दिन वह अपने गांव के विद्वान संत के पास पहुंचा और संत को अपनी परेशानियां बता दीं। संत ने उसकी सारी बातें ध्यान से सुनी और कहा कि तुम्हें अभी धैर्य का साथ नहीं छोड़ना चाहिए।
संत ने एक कथा सुनाई। संत बोले की पुराने समय में किसी बच्चे ने बांस और कैक्टस का पौधा एक ही समय पर लगाया। बच्चा रोज दोनों पौधों को बराबर पानी देता और जरूरी देखभाल करता था। काफी समय बीत गया। कैक्टस पनप गया, लेकिन बांस का पौधे में कुछ प्रगति नहीं हुई थी।
बच्चे को थोड़ी निराशा हुई, लेकिन उसने पौधों की देखभाल करना नहीं छोड़ी। अब कैक्टस तेजी से बढ़ने लगा था, लेकिन बांस का पौधा वैसा का वैसा ही था।
लड़का ने कुछ दिन और देखभाल की। अब बांस के पौधे में थोड़ी सी उन्नति होने लगी थी, ये देखकर बच्चा खुश हो गया। कुछ और दिन निकल गए। अब बांस का पौधा बहुत तेजी से बढ़ रहा था। कैक्टस का पौधा छोटा रह गया।
इस कथा के माध्यम से संत ने दुखी व्यक्ति को समझाया कि कभी-कभी कुछ कामों में देरी हो जाती है, लेकिन हम धैर्य बनाए रखेंगे तो हमें सफलता जरूर मिल सकती है। इसीलिए निराश होने से बचें और सही दिशा में आगे बढ़ते रहें।
12:57

गुर्जर फिर आंदोलन की राह पर जाने क्योंdeepak tiwari

जयपुर.एमबीसी को बैकलॉग व प्रक्रियाधीन भर्तियों में पूरे पांच प्रतिशत आरक्षण सहित 6 सूत्रीय मांगों को लेकर एक नवम्बर से प्रस्तावित गुर्जर आंदोलन को लेकर सरकार की हार्ट-बीट बढ़ गई है। गुर्जरों ने अब सरकार का वार्ता प्रस्ताव ठुकरा दिया है और आंदोलन की राह थाम ली है। उधर, भरतपुर जिला कलेक्टर ने अगले आदेश तक जिले के सभी कर्मचारियों-अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। राज्य सरकार ने 23 आरएएस अधिकारियों की अलग-अलग जिलों में तैनाती की है, वहीं पांच तहसीलों में इंटरनेट सेवा आज शाम से बंद करने का आदेश दिया है।
गुर्जर आरक्षण आंदोलन से निपटने के लिए सरकार ने की तैयारियां
राज्य सरकार ने 23 आरएएस अधिकारियों की अलग-अलग जिलों में तैनाती की है। वहीं जयपुर जिले की पांच तहसीलों में भी इंटरनेट सेवा को आज शाम पांच बजे से बंद करने का आदेश दिया है। जानकारी के मुताबिक एचएम ढाका, जगदीश प्रसाद बुनकर, औंकारमल, राजेंद्र कुमार वर्मा, श्याम सिंह शेखावत की करौली में लगाई ड्यूटी है। इनकी सेवाएं करौली कलेक्टर को सौंपी गई है। इसके अलावा 4 आरएएस अखिलेश कुमार पीपल, रामस्वरूप चौहान, संजय शर्मा रामानंद शर्मा को लगाया अलवर लगाया है,वहीं जगदीश आर्य, बालकृष्ण तिवाड़ी, कैलाश गुर्जर, राजेंद्र शर्मा को भरतपुर, जगदीश सिंह मोंगा, सेवाराम स्वामी, सोहनलाल चौधरी और कृष्ण कुमार गोयल को धौलपुर, महेंद्र खींची, सत्तार खान को दौसा, गोविंद सिंह राणावत की बूंदी और मुकेश मीणा, मुनीदेव यादव, प्रवीण लेखरा की ड्यूटी सवाई माधोपुर लगाई है।
पांच तहसीलों में इंटरनेट सेवा आज शाम
जिला संभागीय आयुक्त ने एक आदेश जारी कर जमवारामगढ, पावटा, शाहपुरा, विराटनगर और कोटपूतली तहसील क्षेत्र में प्रशासन ने आज शाम 6 बजे शनिवार शाम 6 बजे तक इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश जारी किया है। ये सभी तहसील के क्षेत्र गुर्जर समाज के आंदोलन से प्रभावित माने जाते हैं।
गुर्जरों ने सरकार के वार्ता प्रस्ताव का न्यौता ठुकराया
करौली जिला कलेक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने गुरुवार को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के किरोड़ी सिंह बैंसला एवं विजय बैंसला सहित अन्य सदस्यों से मिलकर उन्हें राज्य सराकार द्वारा निर्धारित की गई समझौता वार्ता में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। समिति ने इस आमंत्रण को अस्वीकार कर दिया। हालांकि सरकार ने गुर्जर आरक्षण संबंधी मंत्रीमण्डलीय समिति की बैठक में तीन प्रमुख मांगों पर सकारात्मक फैसला किया है।
ये किए फैसले
1. गुर्जर आन्दोलन के दौरान घायल हुए व्यक्तियों में से कैलाश गुर्जर, मानसिंह गुर्जर एवं बद्री गुर्जर की कुछ वर्षों बाद मृत्यु हो गई थी। इनके परिवार को सामाजिक स्तर पर सहायता जुटाकर युवा एवं खेल मामलात राज्यमंत्री अशोक चांदना द्वारा 5 लाख रुपए प्रत्येक परिवार को सहायता के रूप में दिए जाएंगे।
2. अति पिछड़ा वर्ग के जिन 12.2 अभ्यर्थियों का परिवीक्षाकाल पूर्ण हो चुका है, उन सभी अभ्यर्थियों को राज्य सरकार द्वारा परिवीक्षावधि पूर्ण होने पर रेगुलर पे स्केल दी जाएगी।
3. राज्य सरकार (कार्मिक विभाग) द्वारा अति पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण से संबंधित प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए पूर्व में भारत सरकार को 22 फरवरी 2019 एवं 21 अक्टूबर 2020 को लिखा गया है। इसके लिए पुनः भारत सरकार को उक्त आरक्षण प्रावधान को नौवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए राज्य सरकार द्वारा तत्काल लिखा जाएगा।
गुर्जरों की ये हैं प्रमुख मांगें
आरक्षण को केन्द्र की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए।
बैकलॉग की भर्तियां निकालनी जाएं। भर्ती में गुर्जरों को 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।
एमबीसी कोटे से भर्ती हुए 1200 कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
आंदोलन के सभी शहीदों के परिजन को सरकार के वादे के मुताबिक नौकरी, मुआवजा दी जाए।
आंदोलन के दौरान दर्ज सभी मुकदमों को वापस लिया जाए।
गुर्जर कर रहे नुक्कड़ नाटक
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के सदस्यों ने गुर्जर नेता भूरा भगत के नेतृत्व में तहसील इलाके के एक दर्जन गुर्जर बाहुल्य गांवों का दौरा कर समाज के लोगों से एक नवम्बर को भरतपुर जिले में पीलूपुरा-कारबारी स्मारक स्थल पर पहुंचने का आव्हान किया है।
सभाओं को संबोधित करते हुए भूरा भगत ने आंदोलन को समाज के अस्तित्व की लड़ाई बताते हुए लोगों से अपने बच्चों के भविष्य के लिए एक नवम्बर को हर हाल में अपने मित्रों व रिश्तेदारों के साथ स्मारक स्थल पर पहुंचने को कहा है। गुर्जरों का आरोप है कह सरकार दोहरी नीति अपना कर समाज की आवाज को दबाना चाह रही है।
12:55

पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस में बदलने की तैयारी तेज deepak Tiwari

नई दिल्ली. इंडियन रेलवे अब अपने लाखों यात्रियों को नई सौगात देने की तैयारी कर रहा है, जिसके बाद लंबा सफर महज कुछ ही घंटों तक का हो जाएगा. दरअसल, रेलवे अब लंबी दूरी की पैसेंजर ट्रेनों को अब एक्सप्रेस ट्रेन में बदलने की तैयारी कर रहा है. दिल्ली से अलग-अलग शहरों की ओर जाने वाली पैसेंजर ट्रेनें जल्द ही आने वाले समय में एक्सप्रेस के रूप में ट्रैक पर दौड़ती हुई नजर आएंगी. हालांकि रेल यात्रियों को जेब थोड़ी ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी.
181 पैसेंजर ट्रेन बनेंगी एक्सप्रेस
इंडियन रेलवे ने फिलहाल देश की 181 पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस के रूप में बदलने का फैसला किया है. सबसे ज्यादा दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway) में 23 पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाया जाएगा. इसी तरह उत्तर पश्चिम रेलवे (North Western Railway) में 22 पैसेंजर ट्रेनें एक्सप्रेस के रूप में दौड़ेंगी. ऐसे ही उत्तर रेलवे (Northern Railway) में लंबी दूरी तय करने वाली 10 पैसेंजर ट्रेन एक्सप्रेस बनाई जाएंगी. जब नया टाइम टेबल आएगा, उसमें यात्रियों को बदलाव दिख सकता है.
12:53

छत्तीसगढ़ में मौसम ने ली करवट:deepak tiwari

रायपुर.मानसून की विदाई के साथ ही दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने लगा है। सरगुजा क्षेत्र में रात का तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला गया है। यह ठंड की दस्तक है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी ठंड को लेकर पूर्वानुमान जारी नहीं किया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कुछ भौगोलिक परिघटनाओं की वजह से प्रदेश के सामान्य तापमान में बड़ी गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। इस वर्ष ठंड का मौसम लंबा रहेगा. यह पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले ज्यादा ठंडा होगा। राजधानी रायपुर का तापमान 10 डिग्री तक पहुंच सकता है।
रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी डॉ. एचपी चंद्रा ने बताया छत्तीसगढ़ में ठंड का मौसम सामान्य तौर पर 15 दिसम्बर से 12 फरवरी तक रहता है। जनवरी के पहले सप्ताह में यह चरम पर होता है। इस साल मानसून 11 जून से आया और अभी विदा हुआ है। उत्तर दिशा से ठंडी हवाएं चल रही हैं। ऐसे में रात के तापमान में गिरावट दिखने लगी है, यह अस्थायी है। पश्चिमी विक्षोभ की वजह से उत्तरी हवाओं का प्रभाव खत्म होगा. ऐसे में तापमान फिर बढ़ जाएगा. नवम्बर मध्य के बाद ठंड शुरू हो सकती है जो फरवरी मध्य तक रहेगी।
दिसम्बर में प्रशांत महासागर में ला-नीना सक्रिय हो रहा है। यह ठंडी जलधारा है, जिससे भारत का तापमान गिरता है। वहीं इंडोनेशिया जैसे क्षेत्रों में भारी बरसात होती है। छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी ला-नीना का असर दिखेगा. पिछले वर्षों की अपेक्षा ज्यादा ठंड लगेगी और यह कुछ अधिक देर तक रहेगा।
ऐसे समझें ला-नीना का प्रभाव
प्रशांत महासागर में पानी और हवा के सतही तापमान से ही बारिश, गर्मी और ठंड का पैटर्न तय होता है। ला-नीना प्रभाव से प्रशांत महासागर में दक्षिणी अमेरिका से इंडोनेशिया की तरफ हवाएं चलती हैं, जो सतह के गरम पानी को उड़ाने लगती हैं। इसका असर ये होता है कि सतह पर ठंडा पानी उठने लगता है। इससे सामान्य से ज्यादा ठंडक पूर्वी प्रशांत क्षेत्र के पानी में देखी जाती है। ला नीना प्रभाव के चलते ठंड में हवाएं तेज चलती हैं। इससे भूमध्य रेखा के पास सामान्य से ज़्यादा ठंड हो जाती है। इसी का असर मौसम पर पड़ता है।
उत्तरी क्षेत्रों में ही पाला
डॉ. एचपी चंद्रा ने बताया, लंबाई में फैले होने की वजह से छत्तीसगढ़ में ठंड का असर उत्तरी, मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों पर अलग- अलग होता है। पाले का असर उत्तरी छत्तीसगढ़ के सरगुजा क्षेत्र में ही दिखता है. इसबार भी उसके क्षेत्र में विस्तार की कोई संभावना नहीं दिख रही.
09:36

सत्ता में आने पर लोकपाल बिल लाएंगे- पप्पू यादव


पटना,  31 अक्टूबर: जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पप्पू यादव ने प्रशासन पर आरोप लगाते कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है लेकिन विपक्ष के नेताओं की सुरक्षा पर किसी का ध्यान नहीं होता। आज मैं बाल-बाल बचा हूं। मेरे और मेरे पार्टी के साथियों के साथ आज कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी। 

आपको बता दें कि मुज़फ्फरपुर में अचानक मंच टूट जाने से पप्पू यादव को चोट लग गई और उनके दायें हाथ में फ्रैक्चर में हो गया। जिस वक्त मंच टूटा उस वक्त पप्पू यादव मीनापुर में एक चुनावी सभा को संबोधित कर रहे थे। घटना के तुरंत बाद पप्पू यादव का स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार कराया गया।

मंच टूटने के कारणों की जांच की मांग करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि इस घटना की अच्छी तरह से जांच होनी चाहिए। क्या यह किसी सोची-समझी साजिश के तहत किया गया? चोट के बाद भी पप्पू यादव ने चुनाव सभाओं को संबोधित किया। 

लोकपाल पर बोलते हुए पप्पू यादव ने कहा कि हम सरकार में आने के बाद लोकपाल बिल लाएंगे। इससे सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और अधिकारियों और नेताओं की जवाबदेही तय की जा सकेगी। 

आशा और जीविका का जिक्र करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि यदि हम सत्ता में आते हैं तो आशा, जीविका, ममता, विकास मित्र और टोला सेवकों के मानदेय में वृद्धि की जाएगी।  ममता आसा और  जीविका दीदियों  की सैलरी 9000 करेगी। साथ ही समान काम के लिए समान वेतन को भी लागू किया जाएगा। सभी नियोजित और संविदा  शिक्षकों को स्थायी किया जाएगा। वित्तरहित शिक्षकों को सरकार सम्मान के साथ वेतन देगी।  बिहार में जनवितरण प्रणाली के दुकानदारों को मानदेय देगी।
05:18

नगर पालिका में राष्ट्रीय एकता दिवस पर दिलाई शपथ TAP NEWS INDIA

गोला गोकर्णनाथ। आज दिनांक 31.10.2020 को नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर देष की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर माल्यार्पण कर शपथ दिलाई।
नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती मीनाक्षी अग्रवाल, अधिषासी अधिकारी श्री प्रदीप नारायण दीक्षित ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माता प्रथम गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल की आज जयंती है। उन्होंने देष में एकता बनाए रखने के लिए 562 रियासतों को भारत संघ में विलय कराया। इनके योगदान को देष कभी भुला नहीं पाएगा।
नगर के श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, महर्षि वाल्मीकि मंदिर, षिव मंदिर सहित नगर के प्रमुख मंदिरों पर विषेष साफ सफाई कराते हुए विद्युत लड़ियों से सजाया गया। शिव मंदिर को सेनिटाइज कराया गया। श्री संकट मोचन हनुमान मंदिर, महर्षि वाल्मीकि मंदिर पर महर्षि वाल्मीकि रामायण सुन्दरकाण्ड का पाठ कराया गया।  
इस अवसर पर अधिषासी अधिकारी प्रदीप नारायण दीक्षित, पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अरविंद पाण्डेय, सफाई एवं स्वास्थ्य निरीक्षक संदीप कुमार वर्मा, श्रीषचंद त्रिपाठी, अमित श्रीवास्तव, अजय कुमार वर्मा, विवेक पाण्डेय मोहित गिरि, अवधेष कुमार, संजीव कुमार, शिवम सिंह, अशोक कुमार, प्रभात श्रीवास्तव, महेंद्र वर्मा रितेष कुमार, रवि कुमार, करुणाकान्त, मुन्नी त्रिपाठी, मीरा मिश्रा, माया देवी आदि मौजूद रहे।
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राष्ट्रीय एकता शपथ-

‘‘...मैं सत्य निष्ठा से शपथ लेता हूं कि मैं राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का प्रयत्न करुंगा. मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूं. जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल, उनकी दूरदर्शिता और कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका. मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुरक्षित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्य निष्ठा से संकल्प करता हूं.’’ भारत माता की जय
डिस्टिक इंचार्ज
कमलेश कुमार
05:14

शादी के बंधन में बंधीं अभिनेत्री काजल अग्रवाल deepak tiwari

मुंबई। सिंघम फिल्म से सभी का दिल जीतने वाली एक्ट्रेस काजल अग्रवाल शादी के बंधन में बंध गई हैं। उन्होंने अपने बॉयफ्रेंड गौतम किचलू संग शादी मुंबई के होटल में शादी रचाई। कोरोना की वजह से उनकी शादी में बहुत कम लोग शामिल हुए. केवल घरवालों की मौजूदगी में ये शादी हुई।

काजल और गौतम की वरमाला की फोटो सामने आ गई है। दोनों की इस ड्रीम वेडिंग की लंबे समय से चर्चा थी. अब दोनों ने अपनी नई जर्नी शुरू कर दी है।
दुल्हन के जोड़े में काजल बेहद सुंदर लग रही हैं। उन्होंने शादी के लिए रेड कलर के लहंगे को चुना. माथा पट्टी, कमरबंद और हैवी नेकलेस उनके लुक को कंप्लीट कर रहे हैं।
वहीं गौतम की बात की जाए तो वो व्हाइट कलर की शेरवानी में नजर आए। दोनों की वरमाला का रंग भी व्हाइट है. दोनों साथ में मेड फॉर इच अदर लग रहे हैं।
उनके वेडिंग वेन्यू की तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल है। वेडिंग वेन्यू की सजावट भी सफेद फूलों से की गई है। सब कुछ बहुत क्लासी लुक दे रहा है।
बता दें कि काजल की शादी से पहले संगीत सेरेमनी हुई। काजल के संगीत, मेहंदी रस्म की तस्वीरें फैंस के बीच खूब पसंद की गई थीं। काजल की शादी के बाद उनकी वेडिंग फोटो वायरल हो गई है।
काजल के पति गौतम किचलू की बात करें तो वो एक एंटरप्रेन्योर और डिस्सर्न लिव‍िंग डिलजाइन शॉप के फाउंडर और एक इंटीर‍ियर डिजाइनर हैं। हाउस डिजाइन के अलावा गौतम किचलू की कंपनी फर्नीचर, डेकोर आइटम्स, पेंट‍िंग्स और अन्य हाउसहोल्ड सामान सेल करती है
05:11

दिग्विजयसिंह को प्रियंका में दिखी इंदिराजी की झलक लोगों ने किया ट्रोलdeepak tiwari

नई दिल्‍ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की अपनी दादी इंदिरा गांधी से तुलना नई नहीं है। नाक से लेकर साड़ी पहनने के अंदाज में भी राजनीतिक विशेषज्ञ समानताएं ढूंढते रहे हैं। कांग्रेस के भीतर भी प्रियंका को इंदिरा की तरह देखने वाले कम नहीं। वरिष्‍ठ कांग्रेसी दिग्विजय सिंह ने इंदिरा गांधी की पुण्‍यतिथि पर एक तस्‍वीर साझा की है। इसमें शक्ति स्‍थल पर प्रियंका दिख रही हैं। दिग्विजय लिखते हैं कि उन्‍हें प्रियंका में इंदिरा की झलक दिखाई देती है। इसके बाद वह इंदिरा को नमन कर उन्‍हें श्रद्धांजलि देते हैं। यह ट्वीट यूजर्स के लिए दिग्विजय को ट्रोल करने की ताजा वजह बन गया है।
 
दिग्विजय के इस ट्वीट को कई यूजर्स ने ‘चाटुकारिता’ करार दिया। दिग्विजय ने एक तरफ प्रियंका में इंदिरा की झलक देखी, दूसरी तरफ उसी ट्वीट में इंदिरा को श्रद्धांजलि दी। इस पर कुछ यूजर्स ने मजे लेने की कोशिश की। कुछ लोगों ने राजवंश से आने वाले दिग्विजय को ‘क्षत्रिय धर्म’ का पालन करने की सलाह भी दी। कई ने लिखा कि सिर्फ नाक मिलती है, बाकी चेहरा अलग है। कुछ ने दिग्विजय को प्रियंका के दादा फीरोज गांधी की याद भी दिलाई।

मेरी नाक दादी से मिलती है’
प्रियंका गांधी खुद भी कह चुकी हैं कि उनका चेहरा दादी से काफी मिलता-जुलता है। 2009 में लोकसभा चुनावों के लिए प्रचार करते वक्‍त उन्‍होंने कहा था, ‘मैं उनके जैसी दिखती हूं। मेरी नाक वैसी है।’ 2019 में उत्‍तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में प्रचार करने उतरीं प्रियंका की तस्‍वीरें भी खूब वायरल हुई थीं। तब भी उन्‍हें कई लोगों ने इंदिरा गांधी जैसा बताया था। उसी साल प्रियंका ने कहा था कि लोग उनमें इंदिरा की झलक इसलिए देखते हैं क्‍योंकि वो उनकी दादी को अब भी याद करते हैं।
05:03

आप नोएडा ने बढ़ती मंहगाई के विरोध में किया प्रदर्शन

 उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बढ़ रही बेतहाशा महंगाई के विरोध में आम आदमी पार्टी गौतमबुद्ध नगर इकाई के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओ ने जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन के नेतृत्व में सिटी मजिस्ट्रेट सेक्टर 19 नोएडा कार्यालय के बाहर  जोरदार प्रदर्शन किया  और भारत के राष्ट्रपति के नाम सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा कार्यालय को दिया।

              जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र जादौन ने प्रदर्शन में बोलते हुये कहा कि केन्द्र सरकार की जनविरोधी नीतियों के कारण आज आम आदमी के दैनिक उपयोग की लगभग सभी आवश्यक वस्तुओं आलू,प्याज सहित तमाम सब्जियों के दाम आसमान को छू रहे हैं एक तरफ लोग कोरोना काल के आर्थिक संकट से आजीविका चलाने के लिये संघर्ष कर रहे है वहीँ पेट्रोल डीजल के अंतराष्ट्रीय बाजार में मूल्य कम होने के बाबजूद देश मे पेट्रोल डीजल के दाम कम नही हो रहे है जिसकी बजह से हर चीज के दाम बढ़े है और इससे आम आदमी के खाने-पीने की वस्तुओं तक के दाम इतने बढ़ गए हैं,कि इसमें सरकार का तत्काल हस्तक्षेप आवश्यक है | आम आदमी पार्टी का ये मानना है कि इन हालातों के जिम्मेदार मोदी सरकार द्वारा उठाये गए कुछ बेहद जनविरोधी कदम हैं |
                जिला महासचिव एवं पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम ने कहा कि हाल ही में पास हुआ कृषि बिल देश की पूरी कृषि अर्थव्यवस्था के लिए बेहद घातक है |  और पूंजीपतियों के माध्यम से बिकने वाली कृषि उपज आम उपभोक्ता तक बेहद महंगी हो कर पहुँच रही है | साफ़ दिखाई पड़ रहा है कि  केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों के लिए किसानों से सस्ते में अनाज, दाल और सब्जी आदि खरीद के जमा करके उसको बाजार में महंगे दामों में बेचने की खुली छूट दे रखी है ।जमाखोरी को खुली छूट देने वाले इस बिल को तत्काल वापस लिया जाये |
             प्रदर्शन व ज्ञापन देने वालो में जिला उपाध्यक्ष परशुराम चौधरी, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष दिलदार अंसारी, नोएडा महानगर अध्यक्ष प्रशांत रावत,दादरी प्रभारी हरदीप भाटी तथा विधानसभा अध्यक्ष सुमित भाटी,जेवर विधानसभा अध्यक्ष अनिता चौधरी, संगठन मंत्री केशव उपाध्याय,जिला कार्यकारिणी  सदस्यों से राजेन्द्र तोमर,जयकिशन जायसवाल,मुन्नू चौधरी, एडवोकेट अमित भारद्वाज, ईसरहुल, फ़िरोज़ रहीमुद्दीन, पीयूष चौहान, रणधीर कुमार सिंह, धनंजय कुमार,धीरज सिंह,आनंद सिंह, अब्दुल अजीज, रमज़ान,इलियास खान,हरिओम आदि मौजूद रहे
  
संजीव निगम

00:59

मेहंदी आर्टिस्ट और ब्यूटी पार्लर कर्मियों का आज से होगा कोरोना टेस्ट tap news india

कोरोना को रोकना है:deepak tiwari 
लखनऊ.चार नवंबर को महिलाओं का सबसे बड़ा त्योहार करवा चौथ है। उसके 10 दिन बाद दिवाली भी है। इन दोनों त्योहारों पर महिलाएं मेहंदी लगवाती हैं। सुंदर दिखने के लिए ब्यूटी पार्लर भी जाती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के सभी मेहंदी लगाने वालों और ब्यूटीपार्लर में कार्यरत लोगों की कोविड-19 जांच कराने का निर्णय लिया है। वहीं, अब प्रदेश के राजकीय मेडिकल कॉलेज व चिकित्सा संस्थानों में 1500 रुपए के बजाय 600 रुपए में कोरोना का टेस्ट किया जाएगा। इसके अलावा थैलेसीमिया व हीमोपीलिया के मरीजों व तीमारदारों की कोरोना जांच निशुल्क की जाएगी।
डायलिसिस व कैंसर मरीज के लिए 300 रुपए फीस
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ. रजनीश दुबे ने बताया कि प्रदेश के सभी राजकीय मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सा संस्थानों में कोरोनावायरस की जांच के लिए अब 600 रुपए ही फीस देने होंगे। इससे पहले 15 सौ रुपए फीस दी जा रही थी। उन्होंने बताया कि, डायलिसिस व कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के मरीजों और इनके सिर्फ एक जिम्मेदार की आईडी पीसीआर की जांच 300 रुपए में होगी। इसके अलावा थैलेसीमिया व हीमोपीलिया के मरीजों व तीमारदारों की कोरोना जांच निशुल्क की जाएगी।
उत्तर प्रदेश ने कोरोना के हालात
यूपी में बीते 24 घंटे में 1,979 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले, जबकि 2465 लोगों को डिस्चार्ज किया गया और 25 मरीजों की मौत हो गई। वर्तमान में प्रदेश में 24,858 एक्टिव मरीज रह गए हैं और 17 सितंबर के चरम से अब तक मरीजों में 63.57 प्रतिशत की कमी आई। अब तक कुल 6,983 मरीजों की मौत हो चुकी है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद 4,46,054 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। इस तरह प्रदेश में मरीजों के ठीक होने की दर 93.33 प्रतिशत हो गई है।
00:56

महाराष्ट्र में 30 नवंबर तक बढ़ा लॉकडाउन:deepak tiwari

मुंबई.महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है। इसके बावजूद राज्य में लॉकडाउन की सीमा को 30 नवंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में नई गाइडलाइन्स अगले एक से दो दिनों में जारी हो सकती हैं। माना जा रहा है कि इनमें मंदिर और धार्मिक स्थलों को खोलने और लोकल ट्रेनों में सभी को यात्रा की अनुमति भी संभव है। राज्य में कंटेनमेंट जोन के लिए नियमों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। यह भी माना जा रहा है कि स्कूलों को खोलने पर भी अभी कोई निर्णय नहीं होने वाला है।
गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि लॉकडाउन को 30 नवंबर तक बढ़ाया जा रहा है। लोकल ट्रेनों को पूरी क्षमता के साथ खोलने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से मंजूरी भी मांगी है।
राज्य में 1 लाख 30 हजार एक्टिव केस
महाराष्ट्र कोविड-19 के 130,286 एक्टिव केस के साथ टॉप पर बना हुआ है। पिछले 24 घंटों में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 6,738 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 16,60,766 हो गई। इसी दौरान राज्य में कोविड-19 से 91 और मरीजों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में मृतक संख्या बढ़कर 43,554 हो गई है।
स्टेशन पर बिना मास्क के घूमने वालों को देना होगा जुर्माना
महाराष्ट्र सरकार ने गवर्नमेंट रेल पुलिस को लोकल ट्रेन में और स्टेशन पर बिना मास्क लगाए, चलने वाले लोगों पर जुर्माना करने का निर्देश दिया है। जीआरपी (GRP) के आयुक्त रवींद्र शेनगांवकर को लिखे पत्र में राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक अभय यावलकर ने कहा है कि ग्रेटर मुंबई नगर निगम (एमसीजीएम) द्वारा नौ सितंबर या इसके बाद नगर निकाय की तरफ से जारी परिपत्र के मुताबिक जुर्माना किया जाए।
एमसीजीएम वर्तमान में सार्वजनिक स्थानों पर बिना मास्क लगाए लोगों पर 200 रुपये का जुर्माना करता है।
00:54

deepak tiwari चुनाव आयोग ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा छीना

नई दिल्ली.चुनाव प्रचार के दौरान आचार संहिता के उल्लंघन के लिए चुनाव आयोग ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता कमलनाथ पर एक्शन लिया है। EC ने कमलनाथ का स्टार प्रचारक का दर्जा छीन लिया है। कमलनाथ ने पिछले दिनों शिवराज कैबिनेट की मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा था।
इस पर कमलनाथ से जवाब मांगा गया था, पर उनके जवाब से EC संतुष्ट नहीं है। इसके बाद ही यह एक्शन लिया गया। EC ने कहा है कि अब अगर कमलनाथ किसी के लिए भी प्रचार करते हैं, तो उसका पूरा खर्च वो कैंडिडेट उठाएगा, जिसके लिए प्रचार किया जा रहा है।
कमलनाथ ने कहा था- बयान का गलत मतलब निकाला गया
आइटम वाले बयान पर चुनाव आयोग से मिले नोटिस के जवाब में कमलनाथ ने कहा था कि उनके बयान का गलत मतलब निकाला गया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने ट्वीट करके कमलनाथ का जवाब शेयर किया था। कमलनाथ ने लिखा था कि भाजपा हार के डर से मुद्दा बदलने की कोशिश कर रही है। कमलनाथ ने अपनी 40 साल के निष्कलंक लोक सेवा के इतिहास का भी जिक्र किया था।
कमलनाथ ने मंत्री इमरती देवी को आइटम कहा था
18 अक्टूबर को एक चुनावी सभा में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि हमारे राजे (कांग्रेस प्रत्याशी) तो सीधे-सादे और सरल हैं। ये उसके जैसे नहीं हैं। मैं क्यों उसका नाम लूं। इतने में लोग बोले- इमरती देवी। इस पर हंसते हुए कमलनाथ बोले- आप लोग मेरे से ज्यादा उसको पहचानते हैं। आप लोगों को तो मुझे पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि वह क्या आइटम है।
00:52

ब्याज के ब्याज पर सरकार का नया फैसला:deepak tiwari

ब्याज के ब्याज पर सरकार का नया फैसला:deepak tiwari फसल और ट्रैक्टर के लिए लोन लिया है तो इस पर एक्स ग्रेशिया का फायदा नहीं मिलेगा
लोन मोरेटोरियम के लिए आरबीआई ने 27 मार्च को घोषणा की थी। इस स्कीम के जरिए सरकार को 6,500 करोड़ रुपए करीबन खर्च करने पड़ सकते हैं
लोन मोरेटोरियम पर 2 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी है
5 नवंबर से पहले इसे बैंकों और NBFC को इसे लागू करना है
खेती और इससे जुड़े कामकाज के लिए अगर आपने कर्ज लिया है तो आप को सरकार की ओर से एक्स ग्रेशिया का फायदा नहीं मिलेगा। यानी ब्याज पर ब्याज और साधारण ब्याज के बीच जो अंतर है, वह आपको नहीं मिलेगा। वित्त मंत्रालय ने इस बात को स्पष्ट कर दिया है।
वित्त मंत्रालय ने सवाल-जवाब जारी किए
वित्त मंत्रालय ने सवाल-जवाब जारी कर कहा कि कृषि से संबंधित गतिविधियों जैसे ट्रैक्टर और फसल पर राहत नहीं दी जाएगी। सरकार ने फैसला किया है कि आपने लोन पर मोरेटोरियम लिया है या नहीं, उस पर जो भी ब्याज पर ब्याज होगा और साधारण ब्याज के बीच अंतर होगा, वह आपको मिलेगा।

Friday, 30 October 2020

03:40

जाति और लिंग के आधार पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ जनवादी महिला समिति ने की बैठक- आशा यादव

नोएडा, जाति और लिंग के आधार पर बढ़ती हिंसा के खिलाफ और हाथरस की बेटी को न्याय दिलाने के लिए चलाए जा रहे अभियान "हम अगर उठे नहीं तो" के तहत अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति नोएडा कमेटी ने सेक्टर 8 नोएडा कार्यालय पर बैठक का आयोजन किया बैठक में उत्तर प्रदेश और देश में बलात्कार और हत्या की क़ूर घटना व महिलाओं पर बढ़ती यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर रोष व्यक्त किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जनवादी महिला समिति की जिला सचिव आशा यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है और अपराधी बेखौफ है हाथरस कांड के दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के बजाय प्रदेश सरकार अपराधियों को ही संरक्षण देती दिखाई दे रही है और न्यायके लिए आवाज उठाने वालों को ही उल्टा निशाना बनाया गया उन्होंने सरकार से कानून व्यवस्था दुरुस्त कर महिलाओं व बच्चों पर बढ़ती हिंसा व यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग किया।
बैठक में जनवादी महिला समिति की नेता मंजू राय, किरण देवी, फुल लहर, कमला देवी, विमला, शकुंतला, सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, मदन प्रसाद, भरत डेंजर आदि ने संबोधित किया।

03:35

Lakshmi Bomb: बढ़ते विवाद के बीच अक्षय कुमार ने बदला फिल्म का नाम deepak tiwari

मुंबई। अक्षय कुमार की फिल्म लक्ष्मीबॉम्ब के नाम को लेकर चल रहे जबरदस्त विवाद के बाद फिल्म के मेकर्स ने आखिरकार इस फिल्म का टाइटल बदल दिया है। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अगले महीने रिलीज होने जा रही इस फिल्म का नाम अब लक्ष्मी रखा गया है। अक्षय की इस फिल्म को पिछले कुछ समय में कई विवाद झेलने पड़े हैं।

 
इस फिल्म को पहले अपने टाइटल लक्ष्मीबॉम्ब के लिए ट्रोल किया गया था फिर इस फिल्म पर लव जिहाद को प्रमोट करने का आरोप लगा। इसके बाद फिल्म के मेकर्स को श्रीराजपूत करणी सेना द्वारा एक लीगल नोटिस भेजा गया था। इस नोटिस में डिमांड की गई है कि इस फिल्म के टाइटल को बदला जाए।
इस लीगल नोटिस के मुताबिक, फिल्म का टाइटल ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ मां लक्ष्मी को लेकर काफी अपमानजनक है। इस नोटिस में कहा गया है कि लक्ष्मी का नाम बॉम्ब के साथ जोड़ने से हिंदू धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। वही वरिष्ठ एक्टर मुकेश खन्ना ने भी इस फिल्म की आलोचना करते हुए कहा था कि क्या अल्लाह या जीसस के नाम को किसी फिल्म के टाइटल के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है?
बता दें कि ये फिल्म साल 2011 में आई तमिल फिल्म कंचना का रीमेक है। इस फिल्म का टाइटल क्यों बदला गया इस पर बात करते हुए डायरेक्टर राघव लॉरेंस ने कहा था कि- तमिल फिल्म का टाइटल फिल्म के लीड कैरेक्टर कंचना पर रखा गया था। कंचना का मतलब सोना होता है जिसका सीधा कनेक्शन मां लक्ष्मी से रहा है।
अक्षय निभा रहे हैं इस फिल्म में किन्नर का रोल
उन्होंने आगे कहा कि हम पहले उसी नाम के साथ जाना चाहते थे फिर हमें लगा कि कुछ ऐसा नाम होना चाहिए जिससे हिंदी पट्टी के दर्शक खुद को कनेक्ट कर सके। इसके आगे बॉम्ब इस लिए लगाया गया क्योंकि ये शब्द फिल्म के पावरफुल ट्रांसजेंडर कैरेक्टर से मेल खाता है। गौरतलब है कि इस फिल्म में अक्षय ने पहली बार एक किन्नर का रोल निभाया है और इससे पहले भी हॉरर जॉनर फिल्म भूलभुलैया में काम कर चुके हैं
03:33

पुणे में नवजात की हत्या की कोशिश :deepak tiwari

पुणे.पुणे में गुरुवार को किसानों ने एक नवजात को बचाया, जिसे दो लोग जिंदा ही गाड़ने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी बच्चे को आधा जमीन में गाड़ भी चुके थे, लेकिन बच्चा रोने लगा। रोना सुनकर किसान वहां पहुंचे और आरोपियों को पकड़ लिया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी किसानों को धक्का देकर फरार हो गए।
नवजात को सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, उसकी तबीयत फिलहाल ठीक है। बच्चे को आरोपी साड़ी में लपेटकर लाए थे।
किसान ने कहा- कुछ सेकंड की देरी होती तो दफन हो जाता बच्चा
घटना पुणे के पुरंदर के अंबोड़ी इलाके की है। प्रकाश पांडुरंग नाम के किसान ने बताया कि दोनों आरोपी बच्चे को आधा गाड़ चुके थे और अगर कुछ सेकंड की देरी होती तो वह उसे पूरी तरह दफन कर देते। मिट्टी में दबने के कारण वह तेज आवाज में चीख रहा था।
सासवड़ पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डीएस हाके ने बताया- हमें फोन से घटना की जानकारी मिली और हमने एक टीम को मौके पर भेजा। बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है। आरोपी बाइक से आए थे। आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे जब्त कर लिए गए हैं। उनके जरिए बाइक का नंबर ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।
वाखड़ में भी कूड़े के ढेर में मिली थी बच्ची
एक दिन पहले पुणे के वाखड़ इलाके में एक चौराहे के पास कूड़े के ढेर में एक दिन की बच्ची बिलखती हुई मिली थी। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे देखा और पुलिस को इसकी सूचना दे दी। फिलहाल बच्ची का पुणे के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज जारी है।
03:31

79 साल की उम्र में शुरू किया चाय मसाले का बिजनेस deepak tiwari

79 साल की हैं कोकिला पारेख। मुंबई के सांताक्रूज वेस्ट में रहती हैं। सालों से घर आए मेहमानों को अपनी स्पेशल मसाला चाय पिलाती रही हैं। जो चाय पीता था, वही पूछता था कि आखिर इसमें डाला क्या है। लॉकडाउन में बेटा, बहू घर पर ही थे तो प्लान किया कि क्यों न मां के हाथों का टेस्ट पूरी दुनिया तक पहुंचाया जाए।
इस तरह घर से ही शुरू हो गया चाय मसाला बेचने का बिजनेस। महीनेभर के अंदर ही दिनभर में 700 से 800 ऑर्डर मिलने लगे। पढ़ें कोकिला पारेख की सक्सेस की कहानी...
रिलेटिव, फ्रेंड्स को फ्री में देती थीं
कोकिला बताती हैं कि मैं अहमदाबाद की रहने वाली हूं, शादी के बाद मुंबई में बस गई। गुजराती फैमिली में चाय में मसाला डाला ही जाता है। हमारे घर तो पीढ़ियों से चाय मसाला बनते आ रहा है। मुंबई आने के बाद मैं यहां भी मसाला बनाया करती थी। हम बहुत से रिलेटिव, फैमिली फ्रेंड्स को यूं ही मसाला दिया भी करते थे। कुछ लोग तो खास तौर पर मसाला लेने ही आते थे।
कोकिला पारेख सालों से चाय मसाला बनाती आ रही हैं, लेकिन पहले उन्होंने कभी इसे कमर्शियल तौर पर लॉन्च करने का नहीं सोचा था।
कोकिला पारेख सालों से चाय मसाला बनाती आ रही हैं, लेकिन पहले उन्होंने कभी इसे कमर्शियल तौर पर लॉन्च करने का नहीं सोचा था।
वो कहती हैं- लॉकडाउन में बेटे तुषार का काम घर से ही चल रहा था। एक दिन बातों-बातों में ही ये बात निकली कि क्यों न इस चाय मसाले को कमर्शियल किया जाए। बेटे और बहू प्रीति ने पैकेजिंग, डिजाइनिंग और वेंडर तक मसाला पहुंचाने की जिम्मेदारी ली। मुझे सिर्फ अच्छा मसाला तैयार करवाना था। हमने सोचा कोशिश करने में क्या बुराई है।
वॉट्सऐप ग्रुप पर पोस्ट किया
हमने सितंबर में ये सब प्लान किया और अक्टूबर के पहले वीक में ज्यादा क्वांटिटी में मसाला तैयार किया। बहू और बेटे ने वॉट्सऐप ग्रुप में मसाले के बारे में पोस्ट किया। जो लोग पहले से ले जाते रहे हैं, उन्हें भी बताया कि हमने कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू किया है, आप चाहें तो ऑर्डर कर सकते हैं।
पोस्ट करते ही हमें अच्छा रिस्पॉन्स मिला। सितंबर के आखिर तक हर रोज 250 ऑर्डर तक पहुंच चुके थे। न कहीं प्रमोशन किया, न विज्ञापन दिया। बस वॉट्सऐप ग्रुप और फैमिली फ्रेंड्स तक मैसेज फॉरवर्ड किया था।
वो बताती हैं, "माउथ पब्लिसिटी से ही मुंबई के साथ ही गुड़गांव, दिल्ली, अहमदाबाद से भी ऑर्डर मिलने लगे। जब ऑर्डर बढ़े तो एक हेल्पर रख लिया, लेकिन मसाले की मिक्सिंग का काम अब भी मैं ही करती हूं। प्रोडक्शन का पूरा काम बहु ने अपने हाथों में ले लिया और बेटा ऑर्डर से जुड़े काम देखने लगा। अब दिन के 700 से 800 ऑर्डर मिल रहे हैं। हम कुरियर के जरिए सीधे घर तक मसाला पहुंचा रहे हैं। इस मसाले से टेस्ट तो बढ़ता ही है, साथ ही यह इम्यूनिटी और डाइजेशन को भी इम्प्रूव करता है।"
पैकेजिंग और लोगो पर काम किया
बहू प्रीति बताती हैं- मां को जब हमने बोला कि मसाला कमर्शियल लॉन्च करना है तो वो बहुत खुश हो गईं। वो इस बात से खुश थीं कि उनका मसाला देशभर में जाएगा। कमर्शियल लॉन्चिंग के पहले हमने पैकेजिंग और लोगो पर काफी काम किया। पैकिंग के लिए एयरटाइट पैकेट चुना, ताकि मसाला खराब न हो और महक न जाए।
उन्होंने बताया- शुरुआत में रेग्युलर मिक्सर ग्राइंडर ही इस्तेमाल कर रहे थे, जब प्रोडक्शन बढ़ा तो कमर्शियल मिक्सिंग यूनिट खरीद ली। हमने केटी चाय मसाला के नाम से अपनी कंपनी रजिस्टर्ड करवा ली है। अभी काम घर से ही चल रहा है, लेकिन जल्द ही एक छोटी कमर्शियल यूनिट शुरू करेंगे, जहां से पूरा काम होगा। डिस्ट्रीब्यूटरशिप के जरिए काम कर रहे हैं। बिना किसी पब्लिसिटी के श्रीनगर से लेकर अंडमान तक के ऑर्डर आ रहे हैं।
03:29

बालिकाओं की शिक्षा से परिवार स्वर्ग और वातावरण सुगंधित होता है: धर्मेंद्र


उझानी: नगर के समीपवर्ती गांव अब्दुल्लागंज स्थित बड़ा हनुमान मंदिर परिसर में पूजा अर्चना के बाद संपूर्ण गांव की देवकन्याओं और मातृशक्तियों को भोजन कराया गया। दान-दक्षिणा और उपहार दिए गए।
बड़ा हुनमान मंदिर महंत कमलाकांत महाराज और राजीव लोचन महाराज ने वेदमंत्रोच्चारण कर मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना की। मुख्य यजमान धर्मेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि बालिकाएं आदिशक्ति हैं। साक्षात मां दुर्गा, मां काली और मां सरस्वती का स्वरूप हैं। परिवार को स्वर्ग और आसपास के वातावरण को सुगंधित बनाने के लिए बालिकाओं के शैक्षिक स्तर को ऊँचा उठाएं। ममता शर्मा, आरती शर्मा ने मुख्य दीप प्रज्ज्वलित किया। देवकन्याओं के चरण धोए, तिलक वंदन कर चुनरी ओढ़ाई। श्री ओम प्रकाश शर्मा इंटर काॅलेज के शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रसाद वितरित किया। संपूर्ण गांव की देवकन्याओं और मातृशक्तियों को भोेजन कराने से पूर्व गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने गायत्री मंत्र का उच्चारण कराया। मुद्रिका, दान-दक्षिणा, फल और उपहार भेंट किए गए। 
इस मौके पर गुनगुन, सूर्यांश, आरपी सिंह, शालिनी शर्मा, अजब सिंह, सुरेश पाल सिंह, विपिन मिश्रा, शिवानी पाल, रेनू शर्मा, संदीप कुमार, नेमप्रकाश, पूजा साहू, जसवीर, अतिवीर सिंह, रामस्नेही आदि मौजूद रहीं।

Thursday, 29 October 2020

06:12

केजरीवाल की ईमानदारी के आगे फिर हारे बेईमान TAP NEWS INDIA


नई दिल्ली :हम लोग हमेशा सुनते आए हैं कि सत्यमेव जयते यानि सच्चाई की हमेशा जीत होती है और यही बात एक बार फिर चरितार्थ हुई है।

आपको याद होगा कि भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने साल 2017 में  अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। 

कपिल मिश्रा के अनुसार केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के बीच 2 करोड़ नकद का लेनदेन उसकी आँखों के सामने हुआ जिसका कहीं कोई हिसाब नहीं रखा गया था। यह बात मिश्रा ने प्रेसवार्ता करके कही थी और उसके बाद बेहोशी का नाटक भी किया था। साथ ही मिश्रा ने भाजपा नेताओं के समर्थन से इस मामले में CBI जाँच के लिए भी आवेदन किया था।

कपिल मिश्रा के बयान और इस घटनाक्रम के बाद पूरा मीडिया और भाजपा - काँग्रेस के नेता केजरीवाल को भ्रष्ट कहने लगे गए थे और इस्तीफ़े की माँग करने लगे थे। हर रोज़ न्यूज़ चैनल वाले इसको ही दिखाने लगे और उनके शीर्षक ऐसे थे ईमानदारी का गुब्बारा फूटा।

लेकिन पुरानी कहावत है कि साँच को आँच नहीं और इसी को मानते हुए सत्येंद्र जैन ने कपिल मिश्रा के खिलाफ़ मानहानि का केस कर दिया। CBI ने तो बहुत पहले ही कह दिया था कि कपिल मिश्रा ने उन्हें कोई पुख्ता सूबूत नहीं दिए जिनके आधार पर कोई भ्रष्टाचार सिद्ध हो सके।यहाँ तक कि मिश्रा उस तथाकथित नकद लेनदेन की तारीख़ तक CBI को नहीं बता सके।

जनता ने भी केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर 2020 के चुनाव में अपना विश्वास जताकर देखा दिया कि मिथ्या आरोपों से ईमानदारी को दागदार नहीं किया जा सकता।

अब मानहानि केस में कपिल मिश्रा ने झूठे आरोप लगाने के लिए सत्येंद्र जैन से माफ़ी माँगी है और कोर्ट से केस को बंद करने की मांग की है।

लेकिन यकीन मानिए कि यह खबर आपको अधिकांश न्यूज़ चैनलों पर एक दिन भी दिखाई नहीं देगी। आरोप लगने के बाद जिन चैनलों ने 8 - 10 दिन तक इसको चलाया था वो अब आरोप झूठे साबित होने के बाद इस मुद्दे पर चुप्पी साध लेंगें। 

यही तो हर बार होता है कि खबरों को सनसनीखेज बनाया जाता है चाहे वो झूठ की बुनियाद पर क्यों ना टिकी हों। यही करके मीडिया विपक्षी पार्टियों और नेताओं की छवि खराब करती है ताकि जनता के मन में केवल वैसी छवि बने जो मीडिया चाहती है।

केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के विधायकों पर बार-बार झूठे आरोप लगाए गए और दिल्ली पुलिस द्वारा अनेकों झूठे केस दर्ज किए गए लेकिन न्यायालय में सभी खारिज हो गए और पुलिस को फटकार मिली।

मीडिया नहीं दिखाएगा लेकिन आप सच को अपने मित्रों-रिश्तेदारों के बीच में सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप के जरिए अवश्य फैलाएं ताकि उन्हें भी वो सच्चाई पता लगे जो मीडिया छुपाना चाहता है।

05:14

पंजाब जाने वाली ट्रेनें रद्द करोड़ों का नुकसान किसान यूनियन ने किया विरोध deepak tiwari

चंडीगढ़। देश में किसानों की ओर से लगातार मोदी सरकार के लाए गए कृषि कानूनों का विरोध किया जा रहा है। पंजाब में भी किसान लगातार मोदी सरकार के कृषि से जुड़े कानून को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। इस बीच कृषि अधिनियमों के खिलाफ आंदोलन को देखते हुए पंजाब की तरफ जाने वाली तमाम ट्रेनों को रद्द किए जाने के केंद्र के फैसले के खिलाफ सत्ताधारी कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल, किसान यूनियन भी केंद्र सरकार के खिलाफ आ गए हैं।

पंजाब में भारतीय रेलवे के जरिए मालगाड़ियों की आवाजाही बंद किए जाने को लेकर हंगामा मचा हुआ है। किसान संगठनों का कहना है कि केंद्र की बीजेपी सरकार पंजाब के किसान संगठनों और पंजाब सरकार के साथ बदले की कार्रवाई के तहत मालगाड़ियों को आने नहीं दे रही ताकि पंजाब के लोग परेशान हों। केंद्रीय कृषि अधिनियमों के खिलाफ किसान संगठनों और किसानों के समर्थन में आने वाली पंजाब सरकार से बदला लेने की ये केंद्र की कोशिश है।
पंजाब के बड़े किसान संगठन भारतीय किसान यूनियन राजेवाल के अध्यक्ष बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जल्द ही पंजाब के लिए मालगाड़ियों की आवाजाही शुरू नहीं की तो ऐसे में बीजेपी के पंजाब के तमाम नेताओं के घर के बाहर धरना दिया जाएगा और इन नेताओं को उनके घर से बाहर भी आने नहीं दिया जाएगा। बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि किसान संगठनों ने रेलवे ट्रैक खाली कर रखे हैं और मालगाड़ियों की आवाजाही में रुकावट पैदा नहीं कर रहे, फिर भी केंद्र सरकार जानबूझकर माल गाड़ियों की आवाजाही रोक रही है ताकि पंजाब के लोग परेशान हों।
मालगाड़ियों की आवाजाही बंद होने के बाद पंजाब के थर्मल प्लांट्स में कोयले के खत्म होने का संकट भी गहरा गया है। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी पीएसपीसीएल के चेयरमैन ए. वेणुगोपाल ने कहा कि मालगाड़ियों के पंजाब में न आने की वजह से कोयले की सप्लाई नहीं हो पा रही है और कुछ थर्मल प्लांट्स में कोयला खत्म होने की कगार पर है और कुछ में खत्म हो चुका है। पंजाब के पास सिर्फ 2 से 3 दिन का कोयला ही बचा है और हर दिन पंजाब को 1000 मेगावाट बिजली बाहर से एक्सचेंज के तौर पर खरीदनी पड़ रही है। पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पंजाब के वित्तमंत्री से 200 करोड़ रुपये बिजली बोर्ड को तुरंत प्रभाव से रिलीज करने की मांग की है।
मालगाड़ियों की आवाजाही न होने से पंजाब की इंडस्ट्री में भी कोहराम मचा हुआ है। पंजाब की औद्योगिक नगरी लुधियाना ओर पंजाब के व्यापारी चिंतित है कि उनका अब तक 15000 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। व्यपारियों का कहना है कि अगर हालात इसी तरह बने रहे तो जिस तरह से किसान आत्महत्या कर रहे थे, आने वाले समय में उसी रास्ते पर पंजाब का व्यापारी भी चल पड़ेगा। अगर पंजाब में मालगाड़ियों का आवागमन नहीं शुरू हुआ तो माल की सप्लाई दूसरे राज्यों में न होने से पंजाब की इंडस्ट्री को अभी और नुकसान उठाना पड़ेगा।
रेलवे विभाग के जरिए पंजाब में मालगाड़ियां बंद करने पर देश का मेनचेस्टर कहे जाने वाले लुधियाना के व्यापारियों की हालत दिन प्रतिदिन खस्ता हो रही है। इसके अलावा विदेशों में एक्सपोर्ट किया जाने वाला हौजरी का सामान और अन्य सामान वहीं पर पड़ा सड़ रहा है और व्यापारियों को करोड़ों रुपये का रोजाना नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी तरह पंजाब में जो दूसरे देशों और राज्यों से स्क्रैप आता था, उसके न आने पर पर भी व्यापारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की किसानों के साथ आपसी खींचतान के कारण व्यापारी वर्ग बहुत ही निराश और क्रोधित है। उनका कहना था कि पहले पंजाब की इंडस्ट्री कोरोना और लॉकडाउन की वजह से मंदी की मार झेल रही थी और अब इस तरह से केंद्र सरकार ने मालगाड़ियों की आवाजाही रोकने का फैसला लेकर पंजाब की इंडस्ट्री को डुबोने का काम किया है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने पंजाब सरकार को कहा है कि अगर पंजाब सरकार पंजाब में आने वाली मालगाड़ियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेती है तभी भारतीय रेलवे पंजाब के ट्रेक पर मालगाड़ियों को भेजेगी। इसी वजह से ये मामला केंद्र और पंजाब सरकार के बीच उलझा हुआ है। हालांकि कुछ महीने पहले तक केंद्र की सहयोगी रहे और एनडीए का अलायंस अकाली दल भी अब रेलवे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधने में लगा है और उन्होंने भी कांग्रेस पार्टी की तरह ही केंद्र के खिलाफ मोर्चा खोला है।
05:12

सर्विस रोड पर एक साथ लटकते मिले युवक व युवती के शव इलाके में हड़कंप deepak tiwari


इंदौर। सुपर कॉरिडोर के पास सर्विस रोड पर आज सुबह एक युवक और युवती के शव पेड़ पर टंगे हुए मिले हैं। दोनों ने अलग-अलग कपड़ों से फांसी लगाई। युवक-युवती कौन है फिलहाल उनकी पहचान नहीं हो पाई है। मौके पर आला अधिकारी जांच के लिए पहुंचे हैं ।

दरअसल सुबह सफाई कर्मी जब झाड़ू लगा रहे थे तभी उन्होंने ब्रिज के नजदीक सर्विस रोड के अंदर एक युवक और युवती का शव टंगा हुआ देखा। पेड़ों के बीच में एक पेड़ पर ही दोनों ने फांसी लगाई थी। युवक पीछे की तरफ था जबकि युवती आगे थी । दोनों के कपड़ों से ऐसा लग रहा था कि वह मध्यमवर्गीय परिवार से जुड़े हुए हैं। फिलहाल आशंका प्रेम प्रसंग में खुदकुशी करने की लग रही है । हालांकि पुलिस ऑनर किलिंग के एंगल पर भी जांच कर रही है ।

चौकीदार परिवार के निकले लड़का-लड़की
पुलिस ने लाशों को उतरवाकर तलाशी ली तो लड़के की जेब से पर्स निकला उसमें मिले आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान दिलीप पिता विक्रम पवार मूल निवासी ग्राम लोहारदा कांटा फोड़ के रूप में हुई बताया जा रहा है निपानिया के पास हरि कृष्ण विहार कॉलोनी में चौकीदारी का काम करता है वही लड़की की पहचान दुर्गा के रूप में हुई है वह भी चौकीदार परिवार से ही जुड़ी हुई है बताया जा रहा है दोनों कल एक साथ भाग गए थे। जहां मिले हैं उसे थोड़ी ही दूरी पर मोटरसाइकिल नंबर एमपी 41 एमके 8795 भी मिली है
05:08

सपा को हराने के लिए किसी को भी करूंगी सपोर्टः मायावती deepak tiwari

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत नया मोड़ लेती दिख रही है। राज्यसभा चुनाव (UP Rajyasab­ha Elec­tion) में हुई उठापटक और सियासी दांवपेंच के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने समाजवादी पार्टी (Sama­jwa­di Par­ty) पर हल्ला बोला है। मायावती ने कहा कि मुलायम सिंह यादव के बाद अखिलेश की भी बुरी गति होगी। उन्होंने समाजवादी पार्टी को हराने के लिए किसी भी पार्टी को सपॉर्ट करने की बात कही। मायावती ने सपा के संपर्क में आए 7 विधायकों को निलंबित कर दिया है। मायावती ने कहा है कि इन विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी यदि वे सपा में शामिल होते हैं।

 
मायावती ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के दौरान सांप्रदायिक ताकतों से मुकाबला करने के लिए हमारी पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया था। लेकिन उनके परिवार में चल रही आंतरिक कलह की वजह से उन्हें बीएसपी के साथ गठबंधन का अधिक फायदा नहीं मिल सका। चुनाव के बाद उनकी तरफ से प्रतिक्रिया मिलनी बंद हो गई, जिस वजह से हमने रास्ते अलग करने का फैसला लिया।’
BSP सुप्रीमो ने कहा, ‘मैं यह खुलासा करना चाहती हूं कि जब हमने लोकसभा चुनाव साथ लड़ने का फैसला किया था, तब पहले दिन से ही हमने कड़ी मेहनत की। लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष पहले दिन से ही सतीश चंद्र मिश्रा से कहते रहे कि अब जबकि एसपी-बीएसपी ने हाथ मिला लिया है, तो मुझे जून 1995 के केस को वापस ले लेना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार की बजाय सपा मुखिया मुकदमा वापसी कराने में लगे थे। 2003 में मुलायम ने बसपा तोड़ी उनकी बुरी गति हुई, अब अखिलेश ने यह काम किया है, उनकी बुरी गति होगी।
राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी के विधायकों में हुई सेंधमारी पर मायावती ने कहा, ‘लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद जब हमने समाजवादी पार्टी के व्यवहार को देखा, तभी समझ में आ गया कि हमने 2 जून 1995 के केस को वापस लेकर बड़ी गलती कर दी है। हमें उनके साथ हाथ नहीं मिलाना चाहिए था और इस संबंध में गहराई से सोचना चाहिए था।’
उन्होंने कहा, ‘हमने फैसला कर लिया है कि यूपी में आगामी एमएलसी चुनाव में सपा के प्रत्याशी को हराने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएंगे। अगर हमें बीजेपी प्रत्याशी या फिर किसी दूसरी पार्टी के कैंडिडेट को वोट देना होगा तो वो भी करेंगे।’ मायावती ने कहा कि 1995 के गेस्ट हाउस कांड का मुकदमा वापस लेना गलती थी।
इससे पहले बीएसपी के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि खरीद फरोख्त समाजवादी पार्टी की पुरानी प्रथा है। विधायकों के खिलाफ ऐक्शन पर पार्टी फैसला करेगी। विधायकों ने किसके दबाव में गलत बयान दिया यह उन्हें ही बताना चाहिए। राज्यसभा की 10 सीटों पर हो रहे चुनाव में बुधवार को दिनभर चली उठा-पटक के बीच एसपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी प्रकाश बजाज का पर्चा खारिज हो गया। बीएसपी प्रत्याशी रामजी गौतम के प्रस्तावकों में ही सेंधमारी कर उनका पर्चा खारिज करवाने की एसपी की रणनीति पर अंतत: बीएसपी भारी पड़ गई।
05:01

स्वदेशी जागरण मंच की पदयात्रा दिलीपपुर बाजार पहुंचने पर चीनी वस्तुओं का हुआ पुतला दहन TAP NEWS


 दिलीपपुर /प्रतापगढ़ स्वदेशी जागरण मंच के संस्थापक राष्ट्रऋषि दत्तोपंत ठेंगड़ी जी के जन्मशताब्दी वर्ष 10 नवंबर 2019 से 10 नवंबर 2020 के उपलक्ष्य में स्वदेशी जागरण मंच प्रयाग विभाग पूर्वी उत्तर प्रदेश के द्वारा समाज में स्वदेशी,  स्वरोजगार, समरसता, समता और बंधुता के भाव को जागृत करते हुए राष्ट्र को आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाने के लिये  जन-जागरण कर संकल्प दिलाने हेतु  महात्मा बुद्ध की साधना स्थली कौशांबी से पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयन्ती 25 सितम्बर से प्रारम्भ होकर 10 नवम्बर को महर्षि भारद्वाज आश्रम प्रयागराज तक प्रस्तावित 45 दिवसीय स्वदेशी पदयात्रा कौशाम्बी, प्रतापगढ़, अमेठी, सुल्तानपुर जनपदों  के विभिन्न गांवों, बाजारों का भ्रमण कर जन-जागरण करते हुये  दिलीपपुर पहुची ।
उक्त यात्रा में मुख्य राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक व स्वदेशी जागरण मंच उत्तर प्रदेश उत्तराखण्ड के क्षेत्रीय संगठन मन्त्री तथा विचार विभाग प्रमुख अजय जी का स्वदेशी जागरण मंच जिला कार्यसमिति सदस्य कौशलेंद्र पति त्रिपाठी के नेतृत्व में माल्यार्पण कर स्वदेशी मिट्टी का गुल्लक भेंट कर जोरदार स्वागत किया गया । इसके बाद बाजार भ्रमण कर लोगो को स्वदेशी सामान प्रयोग करने के लिए जागरूक किया  चौराहे पर चीनी राष्ट्रपति व विदेशी वस्तुओं का पुतला दहन किया गया। इस अवसर पर जिला संयोजक दत्तात्रेय पांडेय प्रयागराज विभाग प्रचारक  बृजेन्द्र शुक्ला  अनिल पांडेय एडवोकेट धर्मेश तिवारी अंशुमान सिंह अवधेश पांडेय बाबुल पटेल अनिल पांडेय पंकज दुबे अशुल्क दास महराज बबलू पांडेय सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे ।
04:58

NOIDA मृतक का शव सड़क पर रख परिजनों ने किया हंगामा

नोएडा के ग्राम निठारी नोएडा निवासी जिस युवक कमल शर्मा की मृत्यु सड़क दुर्घटना में बताई गई थी बाद में पोस्टमार्टम से पता चला कि मृत्यु की वजह गोली लगना है इसके पश्चात परिवार एवं ग्राम निठारी के लोग मृतक के शव को सेक्टर 31/25 के चौराहे पर पुलिस प्रशासन व उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया  व शामिल अपराधियों को पकड़कर सजा देने की मांग करने लगे।

        घटना की जानकारी मिलते ही आम आदमी पार्टी के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन व जिला महासचिव एवं पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम भी धरनास्थल पर तुरंत पहुँच गये। जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने कमल शर्मा की हत्या पर दुख व्यक्त करते हुए  कहा कि ब्राम्हणों की हत्याएं प्रदेश में लागातर बढ़ती ही जा रही है जिलाध्यक्ष भूपेंद्र जादौन ने जिला प्रशासन एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की है मृतक कमल शर्मा के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है क्योंकि परिवार में मात्र यही एक कमाने वाला था इसलिए मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता राशि एवं परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी की व्यवस्था की जाए तथा अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाय।

      पार्टी प्रवक्ता संजीव निगम ने कहा कि शहर में अपराध बढ़ते ही जा रहे है और पुलिस इन्हें रोकने में बिल्कुल नाकामयाब हो चुकी है। पुलिस कमिशनरेट बनने के बाद भी बदमाशो में पुलिस का जरा भी भय नही है।इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष कैलाश शर्मा, जयकिशन जायसवाल व रंजीत शर्मा भी मौजूद रहे।

संजीव निगम
00:45

पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा अहमद ने कहा-हमले के खौफ से अभिनंदन को छोड़ा था deepak tiwari

नई दिल्ली। पाकिस्तान में एक बार फिर से भारत और मोदी सरकार का खौफ देखने को मिला है। ताजा मामले में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने खुलासा करते हुए कहा है कि भारत के फायटर प्लेन पायलट अभिनंदन वर्धमान को भारत के खौफ के कारण पाकिस्तान ने छोड़ा था।

पाकिस्तान की संसद में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने भारत से डर का खुलासा करते हुए कहा है कि भारत के खौफ के कारण पिछले साल विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान की रिहाई हुई थी। भारत को खुश करने के लिए अभिनंदन को छोड़ा गया था।
वहीं पाकिस्तान असेंबली के पूर्व स्पीकर अयाज सादिक ने कहा, ‘उस समय पाकिस्तान को डर था कि कहीं भारत उस पर हमला न कर दे। भारत के हमले की आशंका से उस समय पाकिस्तान के सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना आ रहा था। बाजवा को भारत के हमले का डर सता रहा था।’
अयाज सादिक ने कहा, ‘विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी कांप रहे थे। अभिनंदन को लेकर वो कह रहे थे कि खुदा के वास्ते उसे जाने दें। पाकिस्तान को डर था कि अगर फायटर प्लेन पायलट अभिनंदन को रात 9 बजे तक रिहा नहीं किया गया तो भारत पाकिस्तान पर हमला करेगा।’

वहीं इस मामले पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने ट्वीट करते हुए लिखा, ‘राहुल जी, आप सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठा रहे थे ना? जरा देखिए मोदी जी का क्या खौफ है पाकिस्तान में सरदार अयाज सादिक बोल रहे है पाकिस्तान की नेशनल असेंबली में की पाक के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के पैर कांप रहे थे और चेहरे पर पसीना था, कहीं भारत अटैक न कर दे! समझें?’
बता दें कि फरवरी 2019 में पाकिस्तान ने हमले के लिए अपने फाइटर जेट भारत में भेजे थे, जिसका जवाब देने के लिए भारतीय वायु सेना के विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान ने मिग‑21 में उड़ान भरी थी। इस दौरान अभिनंदन का विमान क्रैश हो गया और पीओके में जा गिरे। जहां उनको पाकिस्तान की सेना ने पकड़ लिया था। हालांकि इसके बाद पाकिस्तान पर काफी दबाव बनाया गया, जिसके बाद अभिनंदन को अटारी-वाघा बॉर्डर से भारत वापस लौटाया गया था।

Wednesday, 28 October 2020

20:43

R.T.O की सीट बेल्ट और हेल्मेट न लगाने के विरुद्ध चालानी कार्यवाही

Tap news India deepak tiwari 
।रीवा ।आर टी ओ (उड़नदस्ता ) फ़्लाइंग स्कवाड रीवा ने की सीट बेल्ट और हेल्मेट न लगाने के विरुद्ध चालानी कार्यवाही।
माननीय परिवहन आयुक्त महोदय के आदेशानुशार रीवा आर टी ओ महोदय के नेतृत्व में फ़्लाइंग स्क्वाड प्रभारी अलीम खान ने अपने हमराह स्टाफ़ के साथ बायपास, नेशनल हाईवे पर विशेष तौर से सीट बेल्ट और हेल्मेट के विरुद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया। जिसमें चार पहिया और दो पहिया सहित लगभग 160वाहनो की चेकिंग कीं गई । जिसमें 25 वाहन बिना सीट बेल्ट लगाए वाहन चलाते पकड़े गए । ऐसे वाहनो के विरुद्ध चालानी कार्यवाही कीं जाकर मौक़े पर ही ₹ 18000/-का राजस्व वशूला गया । साथ ही दो पहिया चालकों के ख़िलाफ़ भी चेकिंग की गयी । जिसमें 13 दो पहिया चालकों को बिना हेलमेट के वाहन चलाते पाया गया जिनके ऊपर चालानी कार्यवाही की गई । हेलमेट और अन्य धराओ में 13000 ₹ का राजस्व वशूल किया गया। इस तरह 22 एवं 23 /10/2020 की इस चालानी कार्यवाही से 26500 ₹ का कुल राजस्व वशूल किया गया।वही यात्री बसो पर किराया सूची न पाए जाने पर 6 बसो का चालान बनाया गया कार्यवाही अभी निरंतर जारी रहेगी।
20:39

deepak tiwari स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां होंगी कम

राजस्थान:deepak tiwari स्कूलों में सर्दी की छुट्टियां कम होगी, सत्र 15 मई तक संभव; 60 फीसदी पाठ्यक्रम भी पूरा होना मुश्किल
कोविड 19 की भेंट चढ़ चुके शिक्षा सत्र को बचाने के लिए शिक्षा विभाग दो बड़े निर्णय करने जा रहा है। इस साल शीतकालीन अवकाश जहां कम हो जायेंगे, वहीं शिक्षा सत्र अब मार्च में नहीं बल्कि 15 मई तक चलेगा। ऐसे में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं भी मार्च में होगी। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने इस संबंध में विस्तृत कार्य योजना बनाकर शिक्षा मंत्री गोविंद डोटासरा को भेज दी है, जहां से मुख्यमंत्री को भेजी गई है।
उम्मीद की जा रही है कि आजकल में ही यह निर्देश जारी होंगे। सूत्रों की मानें तो इस बार दीपावली व शीतकालीन सत्र महज तीन दिन के होंगे। जो पहले एक सप्ताह से अधिक के होते थे। वहीं, शिक्षा सत्र को भी आगे बढ़ा दिया गया है। पंद्रह मई तक स्कूल नियमित रूप से खुलेंगे। इसके बाद बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा। ऐसे में मई के अंतिम सप्ताह में शुरू होने वाली परीक्षा जून के प्रथम सप्ताह तक आयोजित हो सकती है।
150 दिन पूरे करने हैं
दरअसल, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षाओं के लिए स्कूलों के 150 दिन खुलने की बाध्यता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो शून्य सत्र घोषित करना होगा। निदेशालय ने इसी कारण शीतकालीन अवकाश कम करने का प्रस्ताव दिया है।
75 फीसदी उपस्थिति बाध्यता की कैसे होगी पालना
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की परीक्षा के लिए 75 फीसदी उपस्थिति जरूरी है। अगर दो नवम्बर से इन बच्चों को स्कूल बुलाया भी जाता है तो उन्हें 15 मई तक सिर्फ 25 फीसदी दिन ही अवकाश मिलेगा। कोरोना काल में अगर कोई बच्चा कोविड पॉजीटिव आ गया तो उसे 15 दिन तो सरकार ही आइसोलेट कर देती है। वहीं अभिभावक कोविड के भय से स्कूल भेजने को तैयार नहीं हुए तो उपस्थिति के लिए भी बोर्ड को विशेष छूट देनी पड़ेगी।
पढ़ाई फिर भी पूरी नहीं होगी
अगर विद्यालय संचालकों का मानें तो 60 फीसदी पाठ्यक्रम पूरा करना भी अब मुश्किल होगा। दरअसल, बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए तैयार नहीं है। दसवीं कक्षा के बच्चों को मार्गदर्शन के लिए स्कूल आने की छूट थी, लेकिन 90 फीसदी स्कूलों में कोई बच्चा मार्गदर्शन लेने नहीं आया।
शिक्षक कमलेश शर्मा का कहना है कि कोरोना का भय इतना अधिक है कि अभिभावक स्वयं बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहते। शिक्षा विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक विजय शंकर आचार्य का कहना है कि कोरोना के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बिल्कुल पढ़ाई नहीं हुई है। वहां ऑनलाइन पढ़ाई का कोई जरिया ही नहीं है।
अब शुरू से इन बच्चों को पढ़ाकर 60 फीसदी कोर्स करवाना मुश्किल है। सरकार को और पाठ्यक्रम कम करना चाहिए। शिक्षक नेता रवि आचार्य का कहना है कि सरकारी स्कूलों में भी मार्गदर्शन वाले बच्चों की संख्या नगण्य रही। ऐसे में दो नवम्बर से कक्षाएं शुरू होगी तो भी बच्चों को अभिभावक नहीं भेजेंगे।
20:34

जब 1 रुपए वाले मटर के पैकेट का बिजनेस शुरू किया तो लोगों ने बनाया मजाक दूसरे महीने कमाई 50 हजार पहुंची अब खुद की फैक्ट्री deepak tiwari

जयपुर.राजस्थान के टोंक जिले में रहने वाले अंशुल गोयल ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है, लेकिन काम स्नैक्स बेचने का कर रहे हैं। कॉलेज में एंटरप्रेन्योरशिप के एक प्रोजेक्ट के दौरान ही उन्होंने सोच लिया था कि बिजनेस ही करना है।
घरवालों के कहने पर डेढ़ साल सरकारी नौकरी की तैयारी भी, लेकिन मन नहीं लगा तो बंद कर दी। तीन साल में अपने पार्टनर के साथ मिलकर एक से डेढ़ लाख रुपए तक की मंथली इनकम पर पहुंच चुके हैं। वही बता रहे हैं, उन्होंने ये सब कैसे किया।
एक सैलरी पर बंधकर काम नहीं करना चाहता था
अंशुल कहते हैं- इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे महसूस हुआ कि नौकरी के बजाए मुझे बिजनेस में जाना चाहिए। मैं एक सैलरी पर बंधकर काम नहीं करना चाहता था, बल्कि खुद अपने काम का बॉस बनना चाहता था। कॉलेज में थर्ड ईयर में एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम में पार्टिसिपेट किया।
एक बिजनेस प्रोजेक्ट पर काम किया। तब दिमाग में ये बात घर कर गई कि बिजनेस ही करना है। घरवाले चाहते थे कि मैं पढ़ाई करके नौकरी करूं। सरकारी नौकरी की तैयारी भी की, लेकिन कुछ दिन बाद मन नहीं लगा और बिजनेस के बारे में सोचने लगा।
वो बताते हैं, "मैं मार्केट में बिजनेस सर्च कर रहा था कि आखिर क्या कर सकता हूं। मेरे ज्यादातर रिश्तेदार बिजनेसमैन ही हैं। उनसे भी कंसल्ट कर रहा था। मुसीबत ये थी कि बिजनेस शुरू करने के लिए बहुत पैसा नहीं था। जो भी करना था, छोटे बजट में ही करना था। मैं देख रहा था कि कोई प्रोडक्ट कितना बिक सकता है। उसकी मार्केट में क्रेडिट कितने दिनों की होती है। सबसे ज्यादा कौन लोग उसे खरीदते हैं। कई चीजें देखने के बाद मुझे हरे मटर का काम समझ में आया।"
अंशुल कहते हैं- मैंने देखा कि एक रुपए में फ्राई मटर बेचे जाते हैं। ये पैकेट खासतौर पर बच्चों को टारगेट कर मार्केट में उतारे जाते हैं। रिसर्च करने पर मुझे पता चला कि इस काम में बहुत ज्यादा इंवेस्टमेंट भी नहीं था और रिटर्न आने की संभावना पूरी थी। 2017 में मैंने जयपुर से ही डेढ़ लाख रुपए में ये काम शुरू किया। मेरे करीब 60 से 70 हजार रुपए प्रिंटिंग में खर्च हुए, क्योंकि प्रिंटिंग का ऑर्डर बल्क में देना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि पचास हजार रुपए में पैकिंग की एक सेकंड हैंड मशीन खरीदी। इसके अलावा मंडी से दौ सो किलो सूखी मटर खरीदी। शुरू के एक महीने काफी दिक्कतें आईं। अनुभव न होने के चलती कभी हमारी मटर पूरी तरह फ्राई नहीं हो पाती थी। कभी क्रिस्पी नहीं होती थी।
कभी तेल ज्यादा हो जाता था तो कभी मसाला अच्छे से लग नहीं पाता था। मैंने अपने जानने वाले दुकानदारों को सैम्पलिंग के लिए पैकेट दिए थे। सभी ने फीडबैक दिया। फिर पता चला कि तेल सुखाने के लिए भी मशीन आती है। मसाला लगाने के लिए भी मशीन आती है और भी कई छोटी-छोटी बातें पता चलीं।
डेढ़ महीने में ही शुरू हो गई कमाई
वो कहते हैं- एक महीने की लर्निंग के बाद मैं जान गया था कि बढ़िया क्रिस्पी मटर कैसे तैयार किए जाते हैं। हम अच्छा माल तैयार करने लगे। महीनेभर बाद ही ऑर्डर बढ़ना शुरू हो गया। पहले टोंक जिले के गांव में ही मैं पैकेट पहुंचा रहा था। दूसरे महीन से ही मेरी 45 से 50 हजार रुपए की बचत होने लगी। ये काम 6 महीने तक चलता रहा।
फिर दुकानदारों ने ही बोला कि इसके साथ जो स्नैक्स के दूसरे प्रोडक्ट आते हैं, वो भी बढ़ाओ। उन प्रोडक्ट्स की भी काफी डिमांड होती है। मैंने भी सोचा कि प्रोडक्ट्स बढ़ाऊंगा नहीं तो काम कैसे फैलेगा। मटर के काम में मैंने एक बंदा मटर फ्राई करने के लिए रखा था और दूसरा पैकिंग के लिए था। मार्केटिंग का काम मैं खुद देख रहा था।
मार्केट से 50 लाख उठाए, आधे चुका भी दिए
अंशुल ने बताया कि मेरे पास बहुत से प्रोडक्ट्स लॉन्च करने के लिए पैसा नहीं था। फिर अपने साथ एक पार्टनर को जोड़ा। हमने सबसे पहले फर्म रजिस्टर्ड करवाई। मार्केट और बैंक से करीब 50 लाख रुपए उठाए और एक साथ 11 प्रोडक्ट लॉन्च कर दिए। टोंक के साथ ही जयपुर और दूसरे एरिया में भी हम डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए प्रोडक्ट्स पहुंचाने लगे।
उन्होंने कहा- कोरोना के पहले हमारी मंथली इनकम एक से डेढ़ लाख थी। मार्केट से जो पैसा उठाया था, उसका 50% चुका भी दिया। कोरोना के चलते 6 महीने का ब्रेक लग गया था। अब फैक्ट्री फिर से शुरू कर दी है। आज मेरे पास करीब 30 लाख रुपए की मशीनें हैं। आठ से दस वर्कर हैं। पैकिंग से लेकर ड्राय करने तक की मशीनें हैं।
अब हम दिवाली के बाद चिप्स लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। जो लोग अपना काम शुरू करना चाहते हैं, उन्हें यही कहना चाहता हूं कि जो भी काम करो, पहले उसके बारे में रिसर्च करो। उस प्रोडक्ट के मार्केट को समझो। कॉम्पीटिशन बहुत हाई है, यदि सही प्लानिंग से नहीं गए तो नुकसान हो सकता है। अंशुल यूट्यूब पर कामकाजी चैनल के जरिए लोगों को बिजनेस एडवाइज भी देते हैं।
20:30

उदयपुर में कोरोना के खिलाफ जंग तेज :deepak tiwari

उदयपुर.कोरोनावायरस के प्रकोप को रोकने के लिए अब उदयपुर नगर निगम के सफाई कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया है। यह शहर को स्वच्छ रखने के साथ अब आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को नगर निगम से जागरूकता रैली की शुरुआत हुई। इसे उपमहापौर पारस सिंघवी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस रैली के दौरान बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी मौजूद रहे। इनके हाथ में कोरोना से बचाओ के स्लोगन लिखी तख्तियां थी। वार्ड पार्षद और स्थानीय लोग भी इसमें शामिल रहे। सफाई कर्मचारियों की यह रैली वार्ड स्तर पर निकाली गई। हर वार्ड में बुधवार और रविवार के दिन सफाई कर्मचारी अपने वार्ड के गणमान्य लोगों और पार्षदों के साथ मिल घर-घर जाकर आम लोगों को कोरोना से बचाव की जानकारी देंगे।
ऐसा करने वाला उदयपुर पहला शहर
राजस्थान में उदयपुर ऐसा पहला शहर है, जहां पर सफाई कर्मचारियों द्वारा आम जनता को कोरोना के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इससे पूर्व उदयपुर नगर निगम द्वारा लोक कलाकारों द्वारा स्थानीय भाषा में जागरूकता अभियान चलाया गया था।
उदयपुर के उपमहापौर और सफाई समिति के अध्यक्ष पारस सिंघवी ने बताया कि आम जनता कोरोनावायरस संक्रमण के प्रति लापरवाही बरत रही है। ऐसे में त्यौहारी सीजन में जनता को जागरूक करने के लिए अब शहर को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारी जनता को स्वास्थ्य की जानकारी देंगे। जिससे आम जनता को बढ़ते संक्रमण के प्रति समय रहते जागरूक किया जा सके।
20:28

deepak tiwari बिहार में पहले चरण में 71 में से 48 सीटों पर 50% से अधिक वोट पड़े वोंट

पहला चरण संपन्न:deepak tiwari 71 में से 48 सीटों पर 50% से अधिक वोट पड़े; जमुई में सबसे अधिक 57.41 प्रतिशत वोटिंग, मुंगेर में सबसे कम वोटिंग हुई
पटना.बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 71 सीटों पर हो रहा मतदान खत्म हो गया है। शाम पांच बजे तक के मतदान प्रतिशत के अनुसार 48 विधानसभा क्षेत्रों में पचास प्रतिशत से अधिक वोटिंग हुई है। जमुई में सबसे अधिक 57.41 प्रतिशत वोट पड़े हैं तो सबसे कम वोटिंग वाला जिला मुंगेर (43.64) रहा है। इन 71 में से चार सीटों पर मतदान 3 बजे ख़त्म हो गया था, जबकि 26 सीटों पर शाम 4 बजे और 5 सीटों पर मतदान शाम 5 बजे ख़त्म हो गया। शेष बची 36 सीटों पर शाम 6 तक मतदान हुआ है।
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान आज सुबह सात बजे शुरू हो गया है। आज 16 जिलों की 71 विधानसभा सीटों पर मतदान हो रहा है। जिन जिलों में मतदान हो रहा है, वे हैं - भागलपुर, बांका, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, पटना, भोजपुर, बक्सर, कैमूर (भभुआ), रोहतास, अरवल, जहानाबाद, औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई। कुल 1066 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 952 पुरुष और 114 महिलाएं हैं।
20:25

यूपी के हमीरपुर में अजब-गजब जमकर झूमे लोग :deepak tiwari

हमीरपुर.किसी शख्स के यहां यदि बच्चा जन्म ले तो खुशियों का इजहार करना स्वाभाविक है। लेकिन, जब कोई बेजुबान (जानवर) बच्चे को जन्म दे और बधाई गीत गाए जाएं, ढोलक की थाप पर लोग थिरके तो यह घटना खबर बन जाती है। कुछ ऐसा ही मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में देखने को मिला। यहां एक व्यक्ति के यहां उसकी पालतू कुतिया ने पांच बच्चों को जन्म दिया तो पालक की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उसने भोज का आयोजन कराया। जिसमें पूरे गांव के लोग शामिल हुए। पिल्लों के साथ सेल्फी भी खिंचाई गई।
यह मामला राठ कोतवाली क्षेत्र के सिकंदरपुरा मोहल्ले का है। यहां रहने वाले संतोष सैनी पशु प्रेमी हैं। उन्होंने कुतिया पाल रखा है। उसने एक साथ पांच पिल्लों को जन्म दिया। इस खुशी का इजहार करने के लिए संतोष ने भोज कार्यक्रम का आयोजन किया। जिसमें मोहल्ले भर के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान ढोलक-मंजीरे की थाप पर लोग जमकर थिरके। संतोष ने कुआं पूजन की रस्म भी निभाई। इस दौरान लोग कुत्तों के साथ सेल्फी लेते भी दिखाई दिए। संतोष सैनी ने कहा कि मैंने कुआं पूजन कराया। 100 लोगों के लिए खाने का इंतजाम कराया था।
20:23

किसानों के लिए बना नया कानून:deepak tiwari

रायपुर.छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने कृषि उपज मंडी कानून में बदलाव कर दिया है। विधानसभा से पारित यह विधेयक राज्यपाल को भेजा जा रहा है। अगर राज्यपाल अनुसूईया उइके ने विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिए तो वह कानून बन जाएगा।
नए कानून में सरकार ने निजी मंडियों, गोदामों और खाद्य प्रसंस्करण कारखानों को डीम्ड मंडी घोषित करने का प्रावधान कर दिया है। इस नई व्यवस्था से निजी मंडियों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ जाएगा। सरकार की कोशिश है कि जहां कहीं भी कृषि उपजों की खरीद बिक्री हो, वहां मंडी कानून लागू हो ताकि किसानों को धोखाधड़ी से बचाया जा सके।
विधेयक पेश करते हुए कृषि एवं जल संसाधन मंत्री रविंद्र चौबे ने दावा किया है कि केंद्र सरकार के नए कानूनों से कृषि व्यवस्था में पूंजीपतियों का नियंत्रण बढ़ जाएगा। इसकी वजह से महंगाई बढ़ने, समर्थन मूल्य में धान खरीदी और सार्वभौमिक वितरण प्रणाली के प्रभावित होने की आशंका है। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी कानून में प्रस्तावित संशोधन से गरीबों, मजदूरों और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सकेगी।
हालांकि, विशेषज्ञों की राय कुछ और आ रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार केंद्र के जिन प्रावधानों को छत्तीसगढ़ में निष्प्रभावी करने के दावे के साथ यह विधेयक लाई है, उन्हें तो छुआ तक नहीं गया है। छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के तेजराम विद्रोही, रूपन चंद्राकर, जुगनू चंद्राकर ने भी दावा किया है कि यह विधेयक किसानों को बहलाने के लिए लाया गया है। बेहतर होता कि पंजाब की तर्ज पर न्यूनतम समर्थन मूल्य में खरीदी को लेकर एक कड़ा कानून लाया जाता, जिसमें एमएसपी से कम की खरीदी पर संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठान, कारपोरेट और मंडी अधिकारियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने का प्रावधान होता।
छत्तीसगढ़ स्वाभिमान मंच के अध्यक्ष राजकुमार गुप्त ने कहा, डीम्ड मंडी घोषित करने, उपजों के परिवहन की निगरानी और जब्ती करने, निजी मंडी के भंडारण की जांच करने, जानकारी छुपाने या गलत जानकारी देने पर 3 माह की सजा का प्रावधान करने से किसानों को कोई लाभ नहीं होगा। मंच ने कहा, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी न देकर सरकार ने किसानों की भावनाओं को आहत किया है। मंच ने न्यूनतम मूल्य की स्पष्ट गारंटी देने वाले कानूनी प्रावधानों की मांग की है।
हम टच नहीं कर सकते: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को कहा- संघीय व्यवस्था है। इसके तहत संसद में जो कानून पारित होता है तो समवर्ती सूची वाले विषयों पर केंद्र का कानून ही मान्य होगा, हम उसे टच नहीं कर रहे हैं। हमारी कोशिश है कि उन कानूनों से छत्तीसगढ़ के किसानों का नुकसान न हो।
मंडी संशोधन विधेयक में यह प्रावधान
राज्य सरकार कृषि उपज के क्रय-विक्रय, प्रसंस्करण या विनिर्माण, कोल्ड स्टोरेज, साइलोज, भण्डागार, इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग तथा लेन-देन प्लेटफार्म और ऐसे अन्य स्थान अथवा संरचनाओं को डीम्ड मंडी घोषित कर सकेगी।
मण्डी समिति का सचिव या बोर्ड या मण्डी समिति का कोई भी अधिकारी या सेवक और राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित अधिकारी या सेवक, किसी ऐसे व्यक्ति से, जो किसी भी किस्म की अधिसूचित कृषि उपज का व्यापार करता हो उसके रजिस्टर और व्यापार से जुड़े दस्तावेज मांग सकता है।
ऐसे अधिकारी व्यापारी के कार्यालय, व्यापार के स्थान, भण्डागार, स्थापना, प्रसंस्करण या विनिर्माण इकाई या वाहनों का निरीक्षण कर सकेंगे।
ऐसे अधिकारी को अगर संदेह है कि संबंधित व्यापारी ने निर्धारित प्रारूप में लेखे एवं दस्तावेज नहीं रखे हैं अथवा गलत लेखा रख रहा है तो दस्तावेजों को जब्त कर सकेगा।
ऐसा अधिकारी किसी भी व्यापार के स्थान, भण्डागार, कार्यालय, स्थापना, गोदाम, प्रसंस्करण या विनिर्माण इकाई या वाहन में, जिसके संबंध में ऐसे अधिकारी या सेवक के पास यह विश्वास करने का कारण हो कि उनमें ऐसा व्यक्ति अपने व्यापार के लेखे, रजिस्टर या दस्तावेज, प्रारूप या अपने व्यापार के संबंध में अधिसूचित कृषि उपज के स्टॉक रखता है या उस समय रखा है में तलाशी ले सकेगा।
अधिसूचित कृषि उपज के क्रय-विक्रय से संबंधित लेखा पुस्तकें या अन्य दस्तावेज, प्रारूप गलत पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध सक्षम अधिकारी वाद दायर कर सकेगा।
राज्य सरकार, अधिसूचित कृषि उपज के विक्रय में कृषकों को अपने उत्पाद को स्थानीय मंडी के साथ-साथ प्रदेश की अन्य मंडियों तथा अन्य राज्यों के व्यापारियों को गुणवत्ता के आधार पर पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के माध्यम से बेचकर बेहतर कीमत प्राप्त करने तथा समय पर आनलाईन भुगतान हेतु इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफार्म की स्थापना कर सकेगी।
लेखा-पुस्तकें या अन्य दस्तावेज, प्रारूप में संधारित मात्रा से अधिक या कम अधिसूचित कृषि उपज रखता हो, तो वह दोष सिद्धि पर 3 महीने का कारावास अथवा पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों से दंडित होगा.दोबारा ऐसा होने पर छह महीने का कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने का प्रावधान होगा।
तीन केंद्रीय कानूनों में ऐसी व्यवस्था
कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य - संवर्धन और सरलीकरण कानून - पैन कार्ड धारक कोई भी व्यक्ति, कम्पनी, सुपर मार्केट किसी भी किसान का माल किसी भी जगह पर खरीद सकते हैं. कृषि माल की बिक्री मंडी परिसर में होने की शर्त हटा दिया गया है. कृषि माल की जो खरीद मंडी से बाहर होगी, उस पर किसी भी तरह का टैक्स या शुल्क नहीं लगेगा। खरीदार को तीन दिन के अंदर किसानों का भुगतान करना होगा. विवाद होने पर एसडीएम इसका समाधान करेंगे. पहले बातचीत से समाधान की कोशिश होगी. एसडीएम के आदेश की अपील कलेक्टर के यहां होगी।
आवश्यक वस्तु अधिनियम - 1955 में इस कानून से व्यापारियों द्वारा कृषि उत्पादों के एक सीमा से अधिक भंडारण पर रोक लगा दी गयी थी. अब आलू, प्याज़, दलहन, तिलहन व तेल के भंडारण पर लगी रोक को हटा लिया गया है।
कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार कानून - इस कानून से किसानों और निजी कंपनियों के बीच में कांट्रेक्ट फार्मिंग का रास्ता खोला गया है।
राज्य सरकार का विधेयक केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए 3 नए किसान कानूनों का ना केवल अनुमोदन करता है बल्कि उससे आगे बढ़कर निजी-कार्पोरेट्स मंडियों को शासकीय मान्यता देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। विधेयक राज्य सरकार को निजी मंडियों से टैक्स वसूलने, जांच करने, रिकार्ड देखने, लेखा-जोखा की जांच करने के बहाने सरकारी छापा मारने का अधिकार देता है, लेकिन किसानों को किसी भी तरह के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज विक्रय की कोई गारंटी नहीं देता। यह कांट्रैक्ट फार्मिंग को औपचारिक स्वरूप देता है। जिन तीन कानूनों की खिलाफत मुख्यमंत्री कर रहे हैं उन तीनों पर यह विधेयक मौन है और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर भी इसी तरह चुप्पी बरकरार है। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों को कोई फायदा होता नहीं दिख रहा है।
- डॉ. संकेत ठाकुर, कृषि वैज्ञानिक और सरकार के पूर्व कृषि सलाहकार