Saturday, June 15, 2019

जाने क्यों दही में नमक डालकर नही खाना चाहिए-श्री कांत वैद्य

कभी भी आप दही को नमक के साथ मत खाईये. दही को अगर खाना ही है, तो हमेशा दही को मीठी चीज़ों के साथ खाना चाहिए, जैसे कि चीनी के साथ, गुड के साथ, बूरे के साथ आदि.इस क्रिया को और बेहतर से समझने के लिए आपको बाज़ार जाकर किसी भी साइंटिफिक इंस्ट्रूमेंट की दूकान पर जाना है, और वहां से आपको एक लेंस खरीदना है, अब अगर आप दही में इस लेंस से देखेंगे तो आपको छोटे-छोटे हजारों बैक्टीरिया नज़र आएंगे |ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में आपको इधर-उधर चलते फिरते नजर आएंगे. ये बैक्टीरिया जीवित अवस्था में ही हमारे शरीर में जाने चाहिए, क्योंकि जब हम दही खाते हैं तो हमारे अंदर एंजाइम प्रोसेस अच्छे से चलता है |दही को आयुर्वेद की भाषा में जीवाणुओं का घर माना जाता है, अगर एक कप दही में आप जीवाणुओं की गिनती करेंगे तो करोड़ों जीवाणु नजर आएंगे | अगर आप मीठा दही खायेंगे तो ये बैक्टीरिया आपके लिए काफ़ी फायदेमंद साबित होंगे वहीं अगर आप दही में एक चुटकी नमक भी मिला लें तो एक मिनट में सारे बैक्टीरिया मर जायेंगे |* और उनकी लाश ही हमारे अंदर जाएगी जो कि किसी काम नहीं आएगी अगर आप 100 किलो दही में एक चुटकी नामक डालेंगे तो दही के सारे बैक्टीरियल गुण खत्म हो जायेंगे क्योंकि नमक में जो केमिकल्स है वह जीवाणुओं के दुश्मन है |आयुर्वेद में कहा गया है कि दही में ऐसी चीज़ मिलाएं, जो कि जीवाणुओं को बढाये ना कि उन्हें मारे या खत्म करे | दही को गुड़ के साथ खाईये, गुड़ डालते ही जीवाणुओं की संख्या मल्टीप्लाई हो जाती है और वह एक करोड़ से दो करोड़ हो जाते हैं थोड़ी देर गुड मिला कर रख दीजिए |

15 जून 2019 का दैनिक राशिफल कामिनी पांडेय संग

मेष--- कोई नया रोग परेशानी का कारण बन सकता है। खान-पान का ध्यान रखें। वाहन व मशीनरी के प्रयोग में लापरवाही न करें। कोई विवाद की आशंका है। स्वाभिमान को ठेस पहुंच सकती है। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। धनार्जन होगा।

वृष ----प्रेम-प्रसंग में अनुकूलता रहेगी। भेंट व उपहार देने पर व्यय होगा। बाहर जाने का मन करेगा। कानूनी अड़चन दूर होकर लाभ की स्थिति बनेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। किसी उलझन में फंस सकते हैं। आय में वृद्धि होगी। प्रसन्नता रहेगी।

मिथुन ----शत्रुभय रहेगा। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। व्यस्तता के चलते थकान रहेगी। भूमि व भवन इत्यादि के काम लाभदायक रहेंगे। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास सफल रहेंगे। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। उत्साह बना रहेगा।

कर्क ----प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। तनाव रहेगा। लेन-देन में सावधानी रखें। विद्यार्थी वर्ग सफलता हासिल करेगा। किसी मनोरंजक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। स्वादिष्ट भोजन का आनंद प्राप्त होगा। घर-बाहर प्रसन्नता रहेगी। लाभ होगा।

सिंह ---बेवजह विवाद हो सकता है। पुराना रोग उभर सकता है। क्रोध व उत्तेजना पर नियंत्रण रखें। कीमती वस्तुएं संभालकर रखें। जल्दबाजी में निर्णय न लें। व्यापार-व्यवसाय अच्‍छा चलेगा। आय बनी रहेगी। मित्र सहयोग करेंगे।

कन्या---- प्रयास सफल रहेंगे। कार्यसिद्धि होगी। प्रसन्नता व उत्साह से कार्य कर पाएंगे। नए काम मिल सकते हैं। किसी मित्र की सहायता करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यावसायिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। प्रसन्नता बनी रहेगी।

तुला---- स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी लंबी यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। घर में अतिथियों का आगमन होगा। शुभ समाचार प्राप्त होंगे। प्रसन्नता का वातावरण निर्मित होगा। धन प्राप्ति सुगम होगी। पारिवारिक सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक---- थकान व कमजोरी रहेगी। शत्रु सक्रिय रहेंगे। चोट व रोग से बचें। बेरोजगारी दूर करने के प्रयास किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति के सहयोग से सफल रहेंगे। नौकरी में अधिकारी प्रसन्न रहेंगे। किसी बड़ी समस्या से मुक्ति मिलेगी।

धनु ----अचानक कोई बड़ा व्यय होगा। दूसरों से अपेक्षा न करें। किसी अपने से ही विवाद हो सकता है। लेन-देन में सावधानी रखें। शारीरिक कष्ट संभव है। प्रतिद्वंद्विता में वृद्धि होगी। कारोबार अच्‍छा चलेगा। नौकरी में चैन रहेगा।

मकर ----शत्रुओं का पराभव होगा। वाणी पर नियंत्रण रखें। घर-‍परिवार की किसी समस्या के बारे में चिंता रहेगी। बकाया वसूली के प्रयास सफल रहेंगे। व्यापार-व्यवसाय अच्छा चलेगा। नौकरी में उच्चाधिकारी प्रसन्न रहेंगे।

कुंभ--- आर्थिक उन्नति के लिए नई योजना बनेगी। तत्काल लाभ नहीं होगा। व्यावसायिक यात्रा सफल रहेगी। कारोबार में वृद्धि के योग हैं। नौकरी में प्रभाव बढ़ेगा। व्यावसायिक मतभेद दूर होकर नए काम मिलेंगे। प्रसन्नता बनी रहेगी।

मीन ---पूजा-पाठ में मन लगेगा। किसी धार्मिक कार्य पर व्यय होने की संभावना है। असहाय लोगों की सहायता करने की प्रेरणा प्राप्त होगी। यात्रा सफल रहेगी। कुसंगति से बचें। कारोबार अच्‍छा चलेगा। लाभ होगा।

तिहाड़ जेल में ओम प्रकाश चौटाला की बैरंग से फोन बरामद

तिहाड़ जेल के अधिकारियों के औचक निरीक्षण के दौरान हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला के सेल से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। तिहाड़ के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार के अनुसार गुरूवार को एक औचक निरीक्षण के दौरान एक मोबाइल फोन, एक चार्जर, एक पाउच खैनी और एक तार जेल के कमरे से बरामद किया गया।अधिकारियों ने बताया कि चौटाला के उसी सेल में बंद रमेश ने दावा किया कि यह सामान उसका है। उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ को सौंप दिया गया है और जांच में फोन द्वारा किए गए कॉल का पता चलेगा।बता दें कि चौटाला दिल्ली के तिहाड़ जेल में 10 साल की सजा काट रहे हैं। उन्हें शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में दोषी करार दिया गया है। फरलो पर 21 दिन तक बाहर रहने के बाद चौटाला बुधवार को जेल लौटे हैं।

योगी का मिशन 2022 आज करेंगे प्राधिकरणों की समीक्षा


मिशन 2022 की तैयारियों में जुटे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज तीनों प्राधिकरण की समीक्षा बैठक कर विगत 2 वर्षों में प्राधिकरण ने जिन कार्यों को कराया है उसका विवरण लेंगे, साथ ही 2022 तक जो कार्य होने हैं उनकी रुपरेखा तय करेंगे। यह समीक्षा बैठक एक  घंटे तक चलेगी। नौवीं बार जिले में आ रहे योगी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण आकर समीक्षा करने तीनों प्राधिकरणों व पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं। पिछली बार जब एक्वा मेट्रो रेल उद्घाटन के दौरान जो अव्यवस्था हुई थी, उससे मुख्यमंत्री काफी खफा थे अधिकारी इस बात का कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, इसीलिए इस बार व्यवस्था काफी कड़ी और सुदृढ़ की जा रही है। इसके लिए ट्राफिक विभाग ने एडवीजरी भी जारी की है।  मुख्यमंत्री के दौरे के कारण न सिर्फ प्राधिकरण के दफ्तर को चमकाया जा रहा है, बल्कि शहर को भी चमकाने में कर्मचारी जुटे हैं। एक्सपो मार्ट से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक के रास्ते को चमका दिया गया है। इसी बहाने पेड़ों को भी पानी नसीब हो गया है। झाड़ियों को काटकर पौधे लगा दिए गए हैं। रंगाई-पुताई का काम पूरा हो चुका है। इस बैठक में मुख्यमंत्री नोएडा एयरपोर्ट की समीक्षा प्राधिकरण के अधिकारियों के स्थानांतरण सीएजी जांच जैसे मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब तलब कर सकते हैं इसके अलावा मुख्यमंत्री उद्यमियों से भी मिलेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे मुख्यमंत्री के एजेंडे में बायर्स और बिल्डर इस समस्याओं पर भी फोकस होगा वे यहां के किसानों और सामाजिक संगठनों से भी के लोगों से भी मुलाकात कर सकते हैं।मुख्यमंत्री के आगमन को ले कर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई हैं एक्वा मेट्रो रेल उद्घाटन के दौरान जो अव्यवस्था हुई थी, उससे मुख्यमंत्री काफी खफा थे अधिकारी इस बात का कोई जोखिम नहीं लेना चाहते हैं, इसीलिए इस बार व्यवस्था काफी कड़ी और सुदृढ़ की जा रही है। वाहनो की चेकिंग की जा रही डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते लगाकर सीएम के आने से पहले सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से ग्रेटर नोएडा में जांच की जा रही है इसके लिए ट्राफिक विभाग ने एडवीजरी भी जारी की है। जिसके अनुसार शाम 5 बजे से मैट्रों स्टेशन डिपो गोलचक्कर, ग्रेटर नोएडा से परीचौक तक तथा परीचौक से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस वे पर डीएनडी तक वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान यातायात को डायवर्ट किया जाने की बात काही गई है ।

मन से सभी तरह के विचार उतपन्न होते है

मन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के विचार उत्पन्न होते हैं। हमारा शरीर व इन्द्रियॉ हमारे मन द्वारा संचालित होती है। मन जैसा सोचेगा शरीर और इन्द्रियॉ उसी के अनुरूप कार्य करेगी। दुनिया में सारे अच्छे कार्य कुशल विचारों से उत्पन्न होते हैं। जब हमारे सोचने का ढंग अच्छा होगा तो हमारे जुबान से अच्छी बात निकलेगी। जैसा हम सोचते हैं लगभग वैसा ही बोलते हैं। हमारी बोली में हमारे विचार का विशेष योगदान है। अच्छे कार्य के लिए अच्छा विचार का होना जरूरी है । बुरे कार्य, बुरे विचारों (घृणा और विद्वेष) का परिणाम है।  जब तक मन में घृणा ईर्ष्या और विद्वेष भरा रहेगा प्रेम दया करुणा भाव पैदा नहीं होगी . विचार का श्रोत मन है और विचार चिन्तन और मनन का परिणाम है।

Friday, June 14, 2019

कार्य की शिथिलता पर नाराज पुलिस अधीक्षक ने दो को क्या निलम्बित

गोण्डा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
पिछले कुछ समय से जनपद में पुलिस द्वारा जनता से दुर्व्यवहार, अनुशासनहीनता व अवैध वसूली की शिकायतें प्राप्त हो रही थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा आर0पी0 सिंह द्वारा लगातार नाराजगी जाहिर की जा रही थी तथा उन शिकायतों को दूर करने के लिए समस्त राजपत्रित व थाना प्रभारियों की गोष्ठी आयोजित कार्य प्रणाली में सुधार करने के कड़े दिशा निर्देश जारी किये थे तथा इसके अतिरिक्त भी समय-समय पर दोषी पुलिस कर्मियों को दण्डित करते हुए भविष्य में कार्यप्रणाली में सुधार करने की चेतावनी जारी की थी परन्तु पुलिस कर्मियों द्वारा निरन्तर पुलिस की छवि धूमिल करने वाले कार्य किये जाते रहे है। जिस पर पुलिस अधीक्षक गोण्डा ने पुनःसख्त रुख इख्तेयार करते हुए मुख्य आरक्षी ब्यास राय एवं मुख्य आरक्षी शौकत अली थाना कटरा बाजार को अपने क्षेत्र में सतर्क दृष्टि नहीं रखने व गौकशी जैसी घटना कारित होने के कारण निलम्बित किया तथा साथ ही उ0नि0 गंगा प्रसाद थाना को0 नगर, उ0नि0 अरुण कुमार पाटिल थाना कटरा बाजार, मुख्य आरक्षी मुन्ना यादव, थाना वजीरगंज, आरक्षी मोहम्मद इमरान थाना को0 नगर, आरक्षी अनुज वर्मा, आरक्षी सतवंत शर्मा, आरक्षी अजीत यादव स्वाट टीम को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के कारण लाइन हाजिर किया है। पुलिस अधीक्षक गोण्डा ने उक्त कार्यवाही कर जनपद के अन्य पुलिस कर्मियों को पुनः चेताया है कि आगे भी किसी भी पुलिस कर्मी के विरुद्ध जनता से दुर्व्यवहार, कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता व अवैध वसूली जैसी कोई भी शिकायत आयी तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्यवाही की जाएगी।

जिले के नोडल अधिकारी ने अस्पताल और तहसील का किया निरीक्षण

गोंडा ब्यूरो पवन कुमार द्विवेदी
शासन से नामित जिले के नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण सुधीर गर्ग ने शुक्रवार को जनपद पहुंचकर विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया तथा जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की।नोडल अधिकारी श्री गर्ग सबसे पहले जिला महिला अस्पताल पहुंचे। वहां पर पहुंचते ही उन्होने सीएमएस ए0पी0 मिश्र से संस्थागत प्रसवों के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होने भोजनालय, औषधि भण्डार तथा जननी सुरक्षा योजना कार्यालय का निरीक्षण किया। वहां पर उन्होने दवाओं की उपलब्धता और डिमाण्ड के बारे में गहन पूछताछ की तथा रजिस्टर चेक किया। इसके बाद वे सीधे ओपीडी कक्ष पहुंचे। वहां पर उन्होने रजिस्ट्रेशन कक्ष, पैथालोजी रिपोर्ट प्राप्ति काउन्टर पर मौजूद कर्मियों से पूछताछ की तथा वहीं पर उन्होने मरीजों व तीमारदारों से भी बात कर व्यवस्थाओं की हकीकत जानने का प्रयास किया। कुछ तीमरादारों द्वारा रैन बसेरा न खुलने की शिकायत की गई जिस पर उन्होने सीएमओ को निर्देश दिए कि हर हाल में रैन बसेरा खुलना चाहिए और तीमारदारों के बैठने का समुचित प्रबन्ध करने के सख्त निर्देश दिए। अस्पताल परिसर में एक जर्जर भवन को उन्होने ध्वस्त कराने के निर्देश सीएमएस को दिए हैं। इसके बाद उन्होने शौचालय, वाश बेसिन, दवा वितरण काउन्टर का निरीक्षण किया। दवा वितरण कक्ष में दवा वितरण रजिस्टर मेनटने नहीं मिला। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होने तत्काल दवा वितरण रजिस्टर बनाते हुए वितरण व उपलब्ध स्टाॅक का मिलान कराकर रोजाना रिपोर्ट तैयार कराने के निर्देश दिए। टीकाकरण कक्ष में मौजूद कर्मचारी उन्हे टीकारकण के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी और संस्थागत प्रसव के सापेक्ष टीकाकरण नहीं मिला। अल्ट्रासाउण्ड कक्ष में बताया गया कि रोजाना ढाई सौ के आस-पास अल्ट्रासाउण्ड किया जाता है जिस पर वे संतुष्ट नही दिखे। सैम्पलिंग कक्ष में प्रमुख सचिव ने मौजूद कर्मी से सैम्पलिंग के बारे में पूछा और स्वयं का खून निकलवाकर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। 102 व 108 इमरजेन्सी सेवा के बारे में भी उन्होने विधिवत जानकारी ली और रिस्पान्स टाइम बेहतर बनाने के निर्देश दिए। उन्होने 102 व 108 सेवा की पूरी रिपोर्ट सीएमओ से मांगी है। बताया गया कि अस्पताल में रेडियोलाजिस्ट न होने की वजह से अल्ट्रासाउण्ड में दिक्कत आ रही है। उन्होने सीएमओ को निर्देश दिए कि अगले निरीक्षण के पहले वे सभी खामियों को दूर करा लें और स्वास्थ्य सेवाओं को दुरूस्त करा दें।
इसके बाद प्रमुख सचिव सीधे तहसील सदर पहुंचे। वहां पर अभिलेखागार में पान की पीचें देखकर वे नाराज हो गए। उन्होने साफ चेतावनी दी कि कार्यालयों में गन्दगी फैलाने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्यवाही की जाय और हर हाल में सरकारी दफ्तरों को साफ-सुथरा रखा जाए। तहसील में उन्हें अभिलेखों का रखरखाव ठीक नहीं मिला उन्होने तत्काल सुधार कराने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय में ही संचालित आपूर्ति विभाग के कार्यालय में महत्वपूर्ण दस्तावेजों को उन्होने वहां से हटवाकर डीएसओ कार्यालय में सुरक्षित रखवाने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम कोर्ट पर पहुंचकर उन्होने मुकदमा व पत्रावलियों के निस्तारण का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान डीएम डा0 नितिन बंसल, एसपी आर0पी0 सिंह, सीडीओ आशीष कुमार, सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राकेश सिंह, एसडीएम सदर नितिन गौर, सीएमएस डा0 ए0पी0 मिश्र, सीओ सिटी महावीर सिंह, सीओ करनैलगंज जितेन्द्र दूबे व अन्य मौजूद रहे।नोडल अधिकारी ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यक्रमों की परखी हकीकत निरीक्षण के बाद प्रमुख सचिव ने कलेक्ट्रेट मीटिंग हाॅल में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों की विभागवार समीक्षा की। उन्होने मीटिंग शुरू होने से पहले सभी अधिकारियों का परिचय लिया और उन्हें साफ संदेश दे दिया कि सरकार विकासपरक व जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को लेकर बेहद संवेेदनशील है और जीरो टाॅलरेन्स की नीति पर काम कर रही है।  इसलिए वे सब व्यक्तिगत रूचि लेकर कार्यक्रमों को धरातल पर लागू करें। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बीज व उर्वरकों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। प्रोबेशन व समाज कल्याण विभाग में लम्बित पेंशन आवेदनों को एक माह के अन्दर शून्य करने की चेतावनी दी है। पाइप्ड पेयजल योजनाओं के सही व सुचारू संचालन के निर्देश एक्सईएन जल निगम को दिए हैं। उन्होने कहा कि सरकार का लख्य है कि जल्द से जल्द हर घर को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जायं इसलिए करोड़ों की लागत से बन रही पाइप्ड पेयजल योजनाओं पर तेजी से और गुणवत्तापरक काम किया जाय। एआरटीओ को सख्त निर्देश दिए कि जिले में डग्गामार, कन्डम वाहनों एवं बिना परमिट के चल रहेे वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर ऐसे सभी वाहनों को दस दिन के अन्दर सीज करने की कार्यवाही करें तथा यह भी सुनिश्चित करें कि आरटीओ दफ्तर में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार न होने पावे। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फरेन्दा-जरवल मार्ग पर निर्माणाधीन फोरलेन सड़क का काम जल्द से जल्द पूरा कराएं। एक्सईएन विद्युत को निर्देश दिए प्रत्येक दशा में विद्युत चोरी रोकी जानी चाहिए। ओर विद्युतीकरण योजना में युद्धस्तर पर काम किया जाय। उपश्रमायुक्त उद्योग से वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट की संतोषजनक स्थिति नहीं मिली। कुक्कुट उद्योग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए और एलडीएम को सख्त निर्देश दिए कि उद्योग लगाने के इच्छुक आवेदकों को बिना कियी परेशानी के लोन दिलाएं। बेसिक शिक्षा अधिकारी को नसीहत दी कि वे समय से पाठ्य पुस्तकों व पाठन सामग्रियों का वितरण सुनिश्चित कराएं। छात्रों की उपस्थिति पंजीकरण के सापक्ष सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि समय से पशुओं का टीकाकरण करा दिजया जाय तथा गौ आश्रय केन्द्रांें पर पशुओं के लिए समुचित प्रबन्ध कराएं जिससे पश्ुाओं की हानि न हो। एक्सईएन बाढ़ वी0एन0 शुक्ला सेया एल्गिन-चरसड़ी बांध के निर्माण की रिपोर्ट ली और बाढ़ आने से पहले बंधे का निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
         स्वच्छता कार्यक्रमों की समीक्षा में उन्होने सभी अधिशासी अध्किारियों की जमकर क्लास ली। उन्होने स्पश्ट किया कि नगरीय क्षेत्रों में कहीं भी गन्दगी न मिले। अभियान चलाकर सफाई कराई जाय। ठोस अपशिष्ट प्रबन्धन के लिए भी ठोस कदम उठाने तथा लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होने कहा कि अगला निरीक्षण वे नगर निकायों का करेगें इसलिए अभी से तैयारी कर लें। अन्त में उन्होने एसपी सेे कानून व्यवस्था ककी विधिवत जानकारी ली।। उन्होने निर्देश दिए कि कोई भी मजिस्ट्रेट अपने न्यायालयों पर छः माह से ज्यादा मुकदमों का न लटकाएं।
          बैठक में डीएम डा0 नितिन बंसल, एसपी आर0पी0 सिंह, सीडीओ आशीष कुमार, सीआरओ राजितराम प्रजापति, सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव, नगर मजिस्ट्रेट राकेश सिंह, एसडीएम सदर नितिन गौर,सीएमओ डा0 संतोष श्रीवास्तव सहित सभी एसडीएम, सीओ सिटी महावीर सिंह, डीपीआरओ, डीपीओ, पीडी, डीसीओ, एआरटीओ, एलडीएम, डीडी एग्रीकल्चर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

अस्पताल में भर्ती मरीज को एमआरआई के लिए दिया ढाई महीने का समय मरीज की मौत

दिल्‍ली के सबसे बड़े सरकारी अस्‍पताल सफरजंग हॉस्‍पिटल की लापरवाही के चलते एक महिला को अपनी जान गंवानी पड़ी। 47 साल की विमला कोमा में थीं और सफदरजंग में भर्ती थीं। वो जिंदगी और मौत से जूझ रही थीं। उनके ब्रेन का MRI होना था। भर्ती होने के बावजूद एमआरआई के लिए उन्‍हें 26 अगस्‍त का टाइम दिया गया।खराब हालत के चलते विमला इतना लंबा इंतजार कर नहीं पाई और उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि जांच के अभाव में इलाज प्रभावित हुआ, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। यही नहीं ऐेसा ही एक और मामला सामने आ रहा है जब अन्य महिला मरीज को एमआरआई के लिए 12 नवंबर की डेट मिली है।आपको बता दें कि विमला सफदरजंग के न्यूरॉलजी विभाग में ऐडमिट थीं। परिजनों का आरोप है कि वह बोल तक नहीं पा रही थीं, कोमा वाली स्थिति में थीं। उन्होंने कहा कि इलाज करने वाले डॉक्टर ने खुद एमआरआई ब्रेन की जांच कराने को लिखा था, बावजूद इसके अस्पताल के रेडियॉलजी विभाग ने 26 अगस्त का समय दिया था।
परिजनों ने बताया कि हमें तो यही डर था कि बिना जांच के इलाज कहीं इस कदर प्रभावित न हो जाए कि हमें इसका बड़ा खामियाजा हमें भुगतना पड़े। रिश्तेदार ने एक अखबार से बातचीत में बताया कि जब मरीज ऐडमिट हो जाता है तो उसके इलाज की जरूरत के अनुसार जल्दी जांच होती है, ताकि इलाज सही तरीके से हो सके। यहां तो ऐडमिट मरीज को भी ओपीडी की तरह डेट दी जा रही थी।

देश मे मासूम बच्चियों के साथ होती अनहोनी और लम्बी न्यायिक प्रक्रिया

मनुष्य का एक रूप ही देव मानव का तो मनुष्य का ही दूसरा रूप नर पशु और  नर पिशाच का माना जाता है। दोनों इस धरती पर आम मानव के रूप में पैदा होते एवं मरते खाते पीते हैं किंतु पैदा होने के बाद दोनों अपनी अपनी प्रवृत्तियों व कार्यशैली के अनुसार देव और दानव हो जाते हैं। मनुष्य अपने कर्म से मानव से महामानव और देवमानव तथा नर से नरपशु नर पिशाच यानी इंसानियत से लाखों कोस दूर शैतान बन जाता है लेकिन इन दोनों में एक खूबी यह है कि यह दोनों अपनी-अपनी मान मर्यादाओं एवं कुदरत के निजाम में रहकर अपना अपना जीवन अपने अपने हिसाब से जीते हैं और दोनों विधि के विधान या कुदरत के खिलाफ काम नहीं करते हैं। मनुष्य जीवन में काम क्रोध मद लोभ से कोई नहीं बचा और जो बच गया है वह ईश्वर समान हो गया है इसीलिए कामवासना की तृप्ति के लिए कुदरत द्वारा परिपक्वता की समय सीमा निर्धारित की गई है जिसके तहत महिला पुरुष के संबंध पति पत्नी के रूप में निर्धारित किए गये हैं। इतना ही नहीं बल्कि कामवासना की दोनों की एक उम्र भी तय की गई है इस निर्धारित अवधि के पहले कामवासना करना कुदरत के ही खिलाफ नहीं बल्कि कानून के भी खिलाफ होता है। हम भारत जैसे देश में रहते हैं जहां पर बालिका को मासिक धर्म आने के पहले तक देवी स्वरूप कन्या मानकर उसकी पूजा की जाती हैं। जिस देश में कन्याओं को देवी माना जाता हो उस देश में कन्याओं के साथ असमय दुष्कर्म होना या कामवासना की नजर से कामुक होकर देखना देवी शक्ति एवं कुदरत के निजाम का अपमान करने जैसा होता है। इन अपरिपक्व कुंवारी कन्याओं के साथ  दुष्कर्म को रोकने की अनुमति किसी भी काल में नहीं दी गई है और वर्तमान समय में भी  कानून बने हुए हैं। लेकिन यहां पर सवाल कानून बनने या लागू होने का नहीं है बल्कि सवाल इस बात का है कि जिस उम्र में बालिकाओं को देवी स्वरूपा देखा जाना चाहिए उस उम्र में उसके साथ दुष्कर्म  करने  की बात मनुष्य के दिमाग में कैसे पैदा होने लगी है?क्या ऐसे लोगों को इंसान कहा जा सकता है? इधर देवी स्वरूपा बच्चियों के साथ असमय दुष्कर्म करके उनकी हत्या करने की घटनाओं की जैसे बाढ़ सी आ गई है। बच्चियों के साथ दुष्कर्म एवं हत्या की घटनाएं देश के विभिन्न राज्यों खासतौर से उत्तर प्रदेश में हो रही हैं। अलीगढ़ घटना के बाद से एक तूफान सा खड़ा हो गया है और पूरे देश में इस घटना की निंदा की जा रही है। उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ हो रही घटनाओं को लेकर जहां जनमानस उद्वेलित एवं आक्रोशित है तो विपक्षी दल भी सरकार पर हमलावर हैं। वही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी प्रशासनिक आला अधिकारियों की मीटिंग बुलाकर उनके पेंच कस कर अन्य अपराधों के साथ इन शर्मनाक घटनाओं पर लगाम लगाने के कड़े निर्देश भी दे चुके हैं।फिलहाल अब तक बच्चियों के साथ हुई घटनाओं के आरोपियों को पकड़कर  कानून के हवाले किया जा चुका है।इसके बावजूद घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। कहा जाता है कि लोगों के मन के अंदर कानून का भय तब खत्म हो जाता है जबकि उस कानून को लागू कराने वाले  लापरवाह  हो जाते हैं। यह बात सही है कि शासन सत्ता चलाने के लिए सरकार या उसकी पुलिस का इकबाल बुलंद होना आवश्यक होता है क्योंकि अपराधियों के दिलों के अंदर कानून का खौफ तभी व्याप्त होता है जब पुलिस का इकबाल बुलंद होता है और लोग अपराध करने से भय खाते हैं। बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वालों को न तो मानव और न ही दानव ही कहा जा सकता है ऐसे लोगों को  विवेकहीन पागल जरूर कहा जा सकता है। हमारे यहां एक परंपरा है कि जब विवेकहीन कुत्ता पागल हो जाता है और काटने लगता है तब उसे गोली मार दी जाती है।देवी स्वरूपा बच्चियों के साथ दुष्कर्म करने वाले कुदरत के अपराधी हैं और ऐसे अपराधियों को कुत्ता की मौत की सजा देना भी कम होगा क्योंकि कुदरत से छेड़छाड़ करने का मतलब खुद अपनी मौत को दावत देना होता है। समाज में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर व्यक्ति के अंदर कानून तोड़ने पर प्रतिफल भुगतने का भय बना होना चाहिए क्योंकि अपराधी भयमुक्त होकर तभी घिनौने कृत्य को करता हैं जब कानून का भय खत्म हो जाता है और जंगल राज कायम हो जाता है। कुदरत के नियमों और सिद्धांतों के साथ खिलवाड़ करने वालों के साथ कानूनी अदालती दंड के साथ समाजिक दंड भी आवश्यक है।सरकार को ऐसे कुदरती अपराधियों के लिए ऐसे कानून बनाने चाहिए या कानूनों को लागू करना चाहिए जिसे देख कर लोगों की रूह कांप जाए और कोई ऐसे कुकृत्य करने की भविष्य में कोशिश तो क्या दिमाग में सोच भी न सके। गतवर्षो कठुआ में एक बच्ची के साथ हुये सामूहिक दुष्कर्म एवं निर्मम हत्या के मामले अदालती फैसला आने में एक लम्बा समय लगा है। जब तक सख्ती के साथ ऐसे कुदरत के अपराधियों के साथ पेश नहीं आया जाएगा तब तक ऐसे कुदरत विरोधी शैतानों और  शैतानियत भरी हरकतों को रोका नहीं जा सकता है।रामायण में भी कहा गया है कि-" अनुज वधू भगिनी सुत नारी ते सब कन्या समचारी, इन्हें कुदृष्टि विलोकै जोई ताहि वधे कुछ पाप न होई"। दुनिया के कुछ देश इस बात के लिए गवाह है जहां अपराधियों को लंबी अदालती प्रक्रिया से न गुजार कर प्रमाणिकता सिद्ध होने पर तत्काल सरेआम सरेबाजार एवं खुले आम ऐसी कठोर सजा दी जाती है जिसके कारण वहां पर कोई कानून तोड़ने की हिम्मत नहीं कर सकता है और वह देश आज भी दुनिया में मिसाल बने हुए हैं। लोकतंत्र की यही खूबी है इसमें किसी को अपराधी घोषित करने के लिए एक लंबी अदालती प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और न्याय देने में साक्ष्य को मुख्य आधार माना जाता है।मासूम बच्चियों के साथ हो रही दुष्कर्म की घटनाओं के आरोपियों  को  ईमानदारी के साथ एक सप्ताह में  सुनवाई करके मामले को निपटाकर अकल्पनीय सजा देने की जरूरत है। जो घटनाएं सरेआम सरे चर्चा और सारे जहान होती हैं और दुनिया जानती है कि यह घटना किसने की है उनमे लम्बी प्रक्रिया अख्तियार करना अपराधियों को बढ़ावा देने जैसा है ।दुनिया में वियतनाम अमेरिका जैसे कुछ ऐसे भी देश हैंं जहां पर कुदरत के विधान के विरुद्ध बच्चियों से दुष्कर्म करने वालों को अदालती सजा के साथ ही उन्हें नपुंसक बना दिया जाता है जिससे वह भविष्य में ऐसी घिनौनी हरकतों की पुनरावृत्ति न कर सके।धन्यवाद।। भूलचूक गलती माफ।।सुप्रभात/वंदेमातरम/गुडमार्निंग/नमस्कार/अदाब/शुभकामनाएं।। ऊँ भूर्भुवः स्वः-----/ऊँ नमः शिवाय।।।
   भोलानाथ मिश्र
वरिष्ठ पत्रकार/समाजसेवी
रामसनेहीघाट, बाराबंकी यूपी